Author: bharati

  • मध्यप्रदेश में रेल क्रांति, डबल इंजन सरकार का नया कीर्तिमान, 5,200 किमी तक बढ़ी ट्रैक लंबाई

    मध्यप्रदेश में रेल क्रांति, डबल इंजन सरकार का नया कीर्तिमान, 5,200 किमी तक बढ़ी ट्रैक लंबाई


    भोपाल। मध्यप्रदेश में पिछले दो सालों में रेल सेवाओं और बुनियादी ढांचे का विस्तार अभूतपूर्व रूप से हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अथक प्रयासों और केंद्र सरकार के सहयोग के कारण प्रदेश अब भारत का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क बन चुका है। राज्य में रेलवे ट्रैक की कुल लंबाई बढ़कर 5,200 किलोमीटर हो गई है, जो देश के कुल रेल नेटवर्क का 7.6 प्रतिशत है। बेहतर रेल संपर्क से राज्य के दूर दराज़ इलाक़ों को भी राजधानी और अन्य बड़े शहरों से जोड़ा जा रहा है।

    रेलवे बजट में पिछले वर्षों के मुकाबले भारी वृद्धि हुई है। इस वर्ष 15,188 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं जबकि पिछले वर्ष यह राशि 14,745 करोड़ रुपये थी। वर्ष 2009 से 2014 के बीच केवल 632 करोड़ रुपये वार्षिक बजट थे। वर्तमान में राज्य में 1,18,379 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न रेल परियोजनाएँ अलग अलग चरणों में चल रही हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जबलपुर गोंदिया रेलवे लाइन और इंदौर मनमाड रेलवे लाइन के दोहरीकरण तथा अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं को मंजूरी दी। राज्य में रेल लाइनों का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण भी पूरा हो चुका है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कटनी दक्षिण, नर्मदापुरम, ओरछा, सिवनी, शाजापुर और श्रीधाम स्टेशनों का पुनर्विकास जारी है। इसके अलावा पूरे राज्य में 80 स्टेशनों को अपग्रेड किया जा रहा है। यात्रियों के लिए 3,163 करोड़ रुपये की आधुनिक सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं।

    वंदे भारत ट्रेनें भी मध्यप्रदेश के लिए वरदान साबित हुई हैं। भोपाल नई दिल्ली, इंदौर नागपुर, भोपाल रीवा और खजुराहो बनारस के मार्ग पर वंदे भारत सेवा चल रही है। इंदौर और भोपाल में मेट्रो ट्रेनें शहरी आबादी को बड़ी राहत दे रही हैं। रायसेन ज़िले के उमरिया गाँव में 1,800 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक रेल कोच निर्माण इकाई बनाई जा रही है, जिससे लगभग 5,000 लोगों को रोजगार मिलेगा।

    जबलपुर गोंदिया रेल लाइन के दोहरीकरण से महाकौशल क्षेत्र में आर्थिक बदलाव आएगा। पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। इंदौर मनमाड रेल लाइन 18,036 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही है। इन परियोजनाओं से मध्यप्रदेश के लिए बड़े आर्थिक लाभ की उम्मीद है।

    यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नई ट्रेन सेवाएँ शुरू की गई हैं। रीवा से पुणे, जबलपुर से रायपुर और ग्वालियर से बेंगलुरु ट्रेनें चल रही हैं। केंद्रीय मंत्रीमंडल ने मुंबई और इंदौर के बीच 309 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन को भी मंजूरी दी है। यह परियोजना महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के छह जिलों को कनेक्ट करेगी और लगभग 1,000 गांवों तथा 30 लाख लोगों को लाभान्वित करेगी।

    मध्यप्रदेश में वर्ष 2014 से 2025 तक 2,651 किलोमीटर नई रेल पटरियाँ बिछाई गई हैं, जबकि 2009 से 2014 के बीच यह केवल 145 किलोमीटर थी। वर्तमान में 4,740 किमी के रेल प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनकी अनुमानित लागत 89,543 करोड़ रुपये है। अब तक 2,092 किमी पर काम पूरा हो चुका है, जिस पर 41,401 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

    मध्यप्रदेश में इन प्रोजेक्ट्स से न केवल बेहतर कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाएँ सुनिश्चित होंगी बल्कि आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। डबल इंजन सरकार की यह पहल राज्य को देश के प्रमुख रेल हब में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

  • हार्दिक पांड्या का बड़ा बयान: वैभव की बल्लेबाजी में दिखती है निडरता

    हार्दिक पांड्या का बड़ा बयान: वैभव की बल्लेबाजी में दिखती है निडरता


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के 13वें मुकाबले में Rajasthan Royals ने दमदार प्रदर्शन करते हुए Mumbai Indians को 27 रन से हरा दिया। गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में बारिश के चलते मैच 11-11 ओवर का कर दिया गया था, लेकिन इस छोटे फॉर्मेट में भी राजस्थान के बल्लेबाजों ने मुंबई के गेंदबाजों पर पूरी तरह दबदबा बनाए रखा। मैच के बाद मुंबई इंडियंस के कप्तान Hardik Pandya ने हार को स्वीकार करते हुए अपनी टीम की कमजोरियों पर खुलकर बात की और साथ ही राजस्थान के युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi की जमकर तारीफ की।

    “वैभव को खेलते देखना शानदार अनुभव”

    हार्दिक पांड्या ने वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए कहा, “जिस तरह से वैभव ने बल्लेबाजी की, उसे देखना बेहद दिलचस्प था। उसकी निडरता, उसके शॉट्स और खेलने का अंदाज कमाल का है। ऐसे खिलाड़ी भविष्य के लिए काफी अहम होते हैं। मैं उसे शुभकामनाएं देता हूं कि वह अपनी गलतियों से सीखता रहे और लगातार आगे बढ़े।” हार्दिक के इस बयान से साफ है कि वैभव ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से विपक्षी कप्तान को भी प्रभावित किया।

    हार की असली वजह- गेंदबाजी की नाकामी

    हार्दिक पांड्या ने मैच के बाद हार का ठीकरा बल्लेबाजों पर नहीं, बल्कि गेंदबाजों पर फोड़ा। उन्होंने साफ कहा कि टीम की गेंदबाजी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। “मुझे लगता है कि हमने वैसी गेंदबाजी नहीं की जैसी हमें करनी चाहिए थी। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की, लेकिन हमारे गेंदबाजों को जिम्मेदारी लेनी होगी। एक यूनिट के तौर पर हम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। मैं बल्लेबाजों को दोष नहीं दूंगा, यह पूरी तरह गेंदबाजी की असफलता थी,” हार्दिक ने स्वीकार किया।

    “कुछ सही गेंदें होतीं, तो मैच बदल सकता था”

    हार्दिक ने आगे कहा कि टी20 क्रिकेट में छोटी-छोटी चीजें बड़ा फर्क पैदा करती हैं। “अगर आप 27 रन के अंतर को देखें, तो यह सिर्फ कुछ सही गेंदों का मामला है। अगर हम पांच अच्छी गेंदें डालते और कुछ छक्के रोक लेते, तो मैच का नतीजा अलग हो सकता था। टी20 में हमेशा सही लाइन-लेंथ और दबाव बनाना जरूरी होता है,” उन्होंने समझाया।

    राजस्थान के ओपनर्स ने मचाया तूफान

    मैच में मुंबई इंडियंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन Yashasvi Jaiswal और वैभव सूर्यवंशी की जोड़ी ने इस फैसले को पूरी तरह गलत साबित कर दिया। दोनों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और पहले विकेट के लिए सिर्फ 5 ओवर में 80 रन जोड़ दिए। वैभव ने 14 गेंदों में 39 रन बनाए, जिसमें 5 छक्के शामिल थे, जबकि जायसवाल ने 32 गेंदों पर नाबाद 77 रन की शानदार पारी खेली। कप्तान Riyan Parag ने भी 10 गेंदों पर 20 रन का योगदान दिया, जिससे राजस्थान ने 3 विकेट पर 150 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया।

    मुंबई की बल्लेबाजी फिर रही नाकाम

    151 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत बेहद खराब रही। रिकल्टन, रोहित शर्मा, Suryakumar Yadav और खुद हार्दिक पांड्या जल्दी आउट हो गए, जिससे टीम दबाव में आ गई। हालांकि Naman Dhir (25 रन) और Sherfane Rutherford (25 रन) ने कुछ संघर्ष जरूर किया, लेकिन टीम 11 ओवर में 123 रन ही बना सकी और 27 रन से मैच हार गई।

    गेंदबाजों ने दिलाई जीत

    राजस्थान की ओर से Jofra Archer और Tushar Deshpande ने 1-1 विकेट लिया, जबकि Nandre Burger, Sandeep Sharma और Ravi Bishnoi ने 2-2 विकेट झटके। वहीं शानदार पारी के लिए जायसवाल को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

  • भारत के लिए गुड न्यूज है सीजफायर, LPG पर पड़ेगा बड़ा असर; कितने दिन खुलेगा होर्मुज

    भारत के लिए गुड न्यूज है सीजफायर, LPG पर पड़ेगा बड़ा असर; कितने दिन खुलेगा होर्मुज


    वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर हालात सामान्य हो सकते हैं। एक ओर जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो सप्ताह के युद्ध विराम का ऐलान किया है। वहीं, ईरान ने भी होर्मुज जलमार्ग खोलने पर सहमति जता दी है। अब यह घोषणा भारत के लिए भी खुशखबरी साबित हो सकती है, क्योंकि पश्चिम एशिया में तनाव के बीच देश में ईंधन संकट गहराता जा रहा था।
    कब तक मिलेगी राहत

    ट्रंप ने लिखा, ‘पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर से हुई बातचीत के आधार पर, जिसमें उन्होंने मुझसे ईरान पर आज रात होने वाले विनाशकारी हमले को रोकने का अनुरोध किया था। साथ ही ईरान के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरा, तत्काल और सुरक्षित तरीके से खोलने के मद्देनजर मैं दो सप्ताह के लिए ईरान पर दो हफ्ते के लिए बमबारी और हमले रोकने के लिए तैयार हो गया हूं।’

    एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान भी सीजफायर के लिए तैयार हो गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने माना है कि तेहरान की तरफ से मांगें स्वीकार कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि ईरानी बलों के समन्वय के साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से इन दो सप्ताह के लिए जहाजों को सुरक्षित तरीके से निकलने दिया जाएगा।
    भारत पर क्यों पड़ा था होर्मुज बंद होने का असर

    युद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का ऐलान कर दिया था। अब इसके चलते भारत में ईंधन सप्लाई को बड़ा झटका लगा था।

    खबरें हैं कि भारत का 40 फीसदी कच्चा तेल आयात, 50 प्रतिशत से ज्यादा LNG यानी लिक्विफाइड नेचुरल गैस और 90 प्रतिशत LPG इस स्ट्रेट के जरिए ही पश्चिम एशिया से आता था।
    भारत को दे दी थी अनुमति

    होर्मुज जलमार्ग ईरान की तरफ से बंद किए जाने के बाद यहां जहाजों का आवागमन करीब 95 प्रतिशत गिर गया था। हालांकि, इसके कुछ समय बाद ईरान ने भारत समेत कुछ देशों को मित्र करार दिया और होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी थी। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची की तरफ से जारी बयान के अनुसार, चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान को गुजरने की अनुमति दी गई थी।
    कितने भारतीय जहाज अटके

    पश्चिम एशिया संकट के बीच भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर भारतीय बंदरगाहों की तरफ बढ़ रहे हैं, जबकि 16 अन्य मालवाहक जहाज अब भी फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

    बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि 46,650 टन एलपीजी से लदा टैंकर ‘ग्रीन सानवी’ सात अप्रैल को भारत पहुंचेगा। जबकि 15,500 टन गैस लेकर ‘ग्रीन आशा’ टैंकर नौ अप्रैल को भारतीय तट पर पहुंचेगा।

    फिलहाल फारस की खाड़ी में फंसे जहाजों में एक एलएनजी पोत, दो एलपीजी टैंकर, छह कच्चा तेल ले जाने वाले जहाज, तीन कंटेनर पोत, एक ड्रेजर, एक रसायन ले जाने वाला पोत और दो थोक मालवाहक शामिल हैं।

    वरिष्ठ अधिकारी ने इस स्ट्रेट को पार करने के लिए ईरान द्वारा शुल्क लिए जाने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘हमें इस तरह के भुगतान की कोई जानकारी नहीं है।’

    भारतीयों को मिलेगी राहत

    भारत रसोई गैस की अपनी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत आयात से पूरा करता है, जिसमें से करीब 90 प्रतिशत आपूर्ति पश्चिम एशिया से होती है। ऐसे में इन टैंकरो का आगमन देश में एलपीजी आपूर्ति पर दबाव को कम करने में मदद करेगा। वहीं, अब जब होर्मुज दो सप्ताह के लिए खुलने जा रहा है, तो भारत आने वाले जहाजों में तेजी आएगी। ऐसे में भारत को बड़ी राहत मिल सकती है। दरअसल, भारत की सालाना एलपीजी खपत 33 मिलियन टन से ज्यादा की है।

  • मानती वारंट पर रोक लगने के बाद अब उन्हें 13 अप्रैल को आयोग में पेश होने की जरूरत नहीं।

    मानती वारंट पर रोक लगने के बाद अब उन्हें 13 अप्रैल को आयोग में पेश होने की जरूरत नहीं।


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को पान मसाला विज्ञापन मामले में राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जयपुर जिला उपभोक्ता आयोग-II द्वारा उनके खिलाफ जारी जमानती वारंट पर कोर्ट ने रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद अब सलमान खान को 13 अप्रैल को उपभोक्ता आयोग के सामने पेश होने की जरूरत नहीं है। यह तारीख पहले अंतिम मौका के रूप में निर्धारित की गई थी, और अगर वह पेश नहीं होते तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा सकता था।

    यह मामला योगेंद्र सिंह बडियाल द्वारा दायर शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने राजश्री पान मसाला और इसके ब्रांड एंबेसडर सलमान खान पर गुमराह करने वाले विज्ञापन चलाने का आरोप लगाया था। इन उत्पादों का प्रचार ‘केसर-युक्त इलायची’ और ‘केसर-युक्त पान मसाला’ के रूप में किया गया था। 6 जनवरी 2026 को उपभोक्ता आयोग ने इन विज्ञापनों पर अंतरिम रोक लगा दी थी, लेकिन 9 जनवरी को जयपुर, कोटा और अन्य शहरों में होर्डिंग्स लगे पाए जाने के कारण आयोग ने इसका उल्लंघन माना।

    कोर्ट ने इस मामले में कहा कि मशहूर हस्ती होने का अर्थ यह नहीं है कि कोई कानून से ऊपर हो। आयोग ने बार-बार पेश न होने को न्याय व्यवस्था के प्रति जनता के भरोसे को कमजोर करने वाला बताया। आयोग ने सलमान खान के खिलाफ पहले चार बार जमानती वारंट जारी किए, लेकिन उन्हें तामील नहीं कराया जा सका। हालिया सुनवाई में आयोग ने इस पर नाराजगी जताई और सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

    सलमान खान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर.पी. सिंह, जी.एस. बाफना, दिवेश शर्मा, वरुण सिंह और शिवांग्शु नवल ने अदालत में दलीलें पेश कीं। जस्टिस अनूप सिंघी की बेंच ने सुनवाई के बाद सलमान खान और अन्य याचिकाकर्ताओं के पक्ष में राहत देने का आदेश दिया। कोर्ट के इस आदेश से सलमान खान पर फिलहाल आयोग के समक्ष पेश होने का दबाव कम हुआ है।

    इस मामले में उपभोक्ता संरक्षण कानून और विज्ञापन नियमों की संवेदनशीलता उजागर हुई है। न्यायपालिका ने स्पष्ट किया कि ब्रांड एंबेसडर या कोई मशहूर हस्ती होने के बावजूद कानून से ऊपर नहीं है और नियमों का पालन करना अनिवार्य है। इस फैसले से अदालत ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों में कानूनी प्रक्रिया का पालन अनिवार्य रहेगा।

  • मल्लिकार्जुन खरगे ने क्या कह दिया कि तिलमिला उठी भाजपा? EC और पुलिस दोनों में शिकायत

    मल्लिकार्जुन खरगे ने क्या कह दिया कि तिलमिला उठी भाजपा? EC और पुलिस दोनों में शिकायत

    नई दिल्‍ली। केंद्र और चुनावी राज्य असम की सत्ताधारी पार्टी भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) ने मंगलवार को असम में एक चुनावी रैली के दौरान “हेट स्पीच” देने के आरोप में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ चुनाव आयोग और स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
    पार्टी के अनुसार, खरगे ने ऐसी टिप्पणियां की हैं जो हिंदू मान्यताओं का अपमान करने वाली हैं और सामाजिक सौहार्द के लिए खतरनाक हैं। असम BJP के प्रवक्ता प्रांजल कलिता ने एक बयान में कहा कि जहां कांग्रेस नेता बार-बार संविधान का पालन करने का दावा करते हैं, वहीं उनके काम “संवैधानिक स्वतंत्रता और सभी धर्मों के प्रति सम्मान की मूल भावना के बिल्कुल विपरीत होते हैं।”

    उन्होंने बताया कि एक शिकायत गुवाहाटी के वशिष्ठ पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई है, और दूसरी शिकायत चुनाव आयोग में दी गई है। कलिता ने कहा कि “खरगे की ओर से RSS-BJP पर प्रतिबंध लगाने की हालिया मांग न केवल राजनीतिक असहिष्णुता को दर्शाती है, बल्कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की बौद्धिक दिवालियापन को भी उजागर करती है।”

    उन्होंने आगे कहा, “असम प्रदेश भारतीय जनता पार्टी 6 अप्रैल को श्रीभूमि जिले के नीलाबाजार में एक चुनावी रैली के दौरान की गई बेहद आपत्तिजनक और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियों की कड़ी निंदा करती है। ये टिप्पणियां हिंदू मान्यताओं और परंपराओं का सीधा अपमान थीं।”
    खरगे ने क्या कहा था?

    कलिता ने कहा कि ऐसे बयान न केवल निंदनीय हैं, बल्कि “सामाजिक सौहार्द के लिए खतरनाक भी हैं।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस जानबूझकर “सनातन संस्कृति को कमजोर करने” की कोशिश कर रही है, जबकि “अन्य धर्मों को श्रेष्ठ दिखाने” का प्रयास कर रही है। ऐसा वह केवल राजनीतिक लाभ उठाने के लिए कर रही है। उन्होंने दावा किया कि इस तरह के विभाजनकारी रवैये को असम की जनता और पूरे देश ने पहले ही खारिज कर दिया है। बता दें कि खरगे ने चुनाव प्रचार के अंतिम दिन श्रीभूमि जिले के नीलमबाजार में एक रैली के दौरान भाजपा और आरएसएस की विचारधारा को “जहरीला” बताया था और उनकी तुलना “जहरीले सांप” से की थी। इसके अलावा खरगे ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को “अत्यधिक भ्रष्ट और अहंकारी” बताया।

    भाजपा बोली- बयान भड़काऊ और विभाजनकारी

    कलिता ने कहा, “इस भड़काऊ और विभाजनकारी बयानबाजी का गंभीर संज्ञान लेते हुए, असम BJP ने गुवाहाटी के वशिष्ठ पुलिस स्टेशन में एक औपचारिक FIR दर्ज कराई है और असम राज्य चुनाव आयोग के समक्ष भी एक शिकायत प्रस्तुत की है।” उन्होंने बताया कि सत्ताधारी पार्टी ने चुनावी अभियान के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ और सामाजिक रूप से अशांति फैलाने वाले बयान देने के लिए खड़गे के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की है। असम विधानसभा की 126 सीटों के लिए चुनाव 9 अप्रैल को होंगे और वोटों की गिनती 4 मई को होगी।
    खरगे से माफी की मांग

    दूसरी तरफ, भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में खरगे से माफी की मांग करते हुए उनके बयान को “अशोभनीय और आपत्तिजनक” बताया। पार्टी ने खरगे के गुजरात के लोगों के अनपढ़ वाले बयान पर तीखा हमला बोलकर घेरा।

    प्रसाद ने कहा कि किसी राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष द्वारा पूरे राज्य को “अनपढ़” कहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सवाल किया कि क्या महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, विक्रम साराभाई और मोरारजी देसाई जैसे महान व्यक्तित्व भी अनपढ़ थे। उन्होंने कहा कि गुजरात देश की महान भूमि है, जिसने कई महापुरुषों को जन्म दिया और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

    प्रसाद ने कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और नेता प्रियंका गांधी वाड्रा से इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख बताने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने अध्यक्ष के बयान से खुद को अलग करना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए। प्रसाद ने खरगे के एक अन्य बयान का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इस तरह की भाषा देश में सांप्रदायिक तनाव पैदा कर सकती है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान अल्पसंख्यक समाज को भड़काने और धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने वाले हैं।

  • यशस्वी जायसवाल बोले- टीम की जरूरत के मुताबिक खेलता हूं, नए शॉट्स पर लगातार का

    यशस्वी जायसवाल बोले- टीम की जरूरत के मुताबिक खेलता हूं, नए शॉट्स पर लगातार का


    नई दिल्ली।आईपीएल 2026 के 13वें मुकाबले में Rajasthan Royals ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Mumbai Indians को 27 रन से हराया। गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में बारिश के चलते मैच को 11-11 ओवर का कर दिया गया था, लेकिन इस छोटे प्रारूप में भी राजस्थान के बल्लेबाजों ने मुंबई पर पूरी तरह दबदबा बनाए रखा। टीम की जीत के हीरो रहे युवा सलामी बल्लेबाज Yashasvi Jaiswal, जिन्हें उनकी विस्फोटक पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

    पावरप्ले में ही तय कर ली थी रणनीति

    मैच के बाद जायसवाल ने अपनी पारी को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि छोटा मैच होने के कारण पावरप्ले बेहद अहम था। “पावरप्ले सिर्फ 3 ओवर का था, इसलिए मैंने पहले ही तय कर लिया था कि किस गेंदबाज को निशाना बनाना है। जब Deepak Chahar पहला ओवर लेकर आए, तो मैंने उन्हें अटैक करने का प्लान बनाया। इसके बाद वैभव ने Jasprit Bumrah पर दबाव बनाया, जिससे हमें तेजी से रन बनाने में मदद मिली,” जायसवाल ने कहा।

    लगातार नए शॉट्स पर काम, यही सफलता का राज

    जायसवाल ने अपनी बल्लेबाजी के पीछे की सोच भी साझा की। उन्होंने कहा कि वह हर मैच में पूरी तरह फोकस रहते हैं और लगातार नए शॉट्स पर काम करते हैं। “मैं हमेशा यही सोचता हूं कि किस गेंदबाज के खिलाफ कौन सा शॉट खेलना है। अलग-अलग पिचों के हिसाब से खुद को ढालने की कोशिश करता हूं। अगर किसी खास समय पर अलग शॉट की जरूरत होती है, तो मैं बिना झिझक उसे खेलने की कोशिश करता हूं। मेरा मकसद सिर्फ टीम की जरूरत के मुताबिक खेलना होता है,” उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा।

    वैभव सूर्यवंशी के साथ शानदार तालमेल

    जायसवाल ने अपने ओपनिंग पार्टनर Vaibhav Suryavanshi की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “वह बेहतरीन खिलाड़ी है और काफी मेहनत कर रहा है। हम दोनों के बीच अच्छी बातचीत होती है और हम एक-दूसरे को सकारात्मक बनाए रखते हैं। मैं उसे ज्यादा सलाह नहीं देता, क्योंकि वह खुद समझदार है और खेल को अच्छे से समझता है।”

    विस्फोटक ओपनिंग से खड़ा किया बड़ा स्कोर

    मैच में मुंबई इंडियंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन राजस्थान के ओपनर्स ने इस फैसले को गलत साबित कर दिया। जायसवाल और वैभव ने तेज शुरुआत देते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। वैभव सूर्यवंशी ने 14 गेंदों में 39 रन बनाए, जिसमें 5 छक्के और 1 चौका शामिल था। वहीं जायसवाल ने 32 गेंदों में 77 रन की नाबाद पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। उनकी इस पारी की बदौलत राजस्थान ने 3 विकेट पर 150 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया।

    मुंबई की बल्लेबाजी फिर रही फ्लॉप

    151 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की टीम कभी मुकाबले में नजर नहीं आई। बल्लेबाजी क्रम लगातार दबाव में रहा और टीम 11 ओवर में 9 विकेट खोकर 123 रन ही बना सकी। राजस्थान की ओर से Jofra Archer और Tushar Deshpande ने 1-1 विकेट लिया, जबकि Nandre Burger, Sandeep Sharma और Ravi Bishnoi ने 2-2 विकेट झटके।

    जीत के साथ मजबूत हुई राजस्थान की दावेदारी

    इस शानदार जीत के साथ राजस्थान रॉयल्स ने टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। वहीं मुंबई इंडियंस की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।

  • ईरान युद्ध के बीच दिल्ली के पास आ रहा ढाका; बांग्लादेशी मंत्री संग डोभाल की डिनर डिप्लोमेसी

    ईरान युद्ध के बीच दिल्ली के पास आ रहा ढाका; बांग्लादेशी मंत्री संग डोभाल की डिनर डिप्लोमेसी

    नई दिल्‍ली। मिडिल ईस्ट में तनाव जारी है। इजरायल और अमरिका की ओर से ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी है। इस बीच बांग्लादेश के विदेश मंत्री भारत पहुंच चुके हैं। भारत-बांग्लादेश संबंधों में नई शुरुआत और आपसी विश्वास बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ढाका के विदेश मंत्री डॉ खलीलुर रहमान से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात डिनर टेबल पर होगी।
    इस दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती प्रदान करने, हाल के दिनों में उत्पन्न तनाव को दूर करने और साझा हितों पर आधारित स्थिर तथा दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने पर विस्तृत चर्चा करेंगे। यह मुलाकात प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी सरकार द्वारा दोनों देशों के बीच ‘नए रिश्ते’ की नींव रखने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा मानी जा रही है। विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि इस उच्चस्तरीय बैठक में सीमा प्रबंधन, व्यापार, सुरक्षा सहयोग और जल संसाधनों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है।

    मोहम्मद यूनुस के अंतरिम सरकार में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रह चुके अनुभवी राजनयिक खलीलुर रहमान फरवरी में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की भारी जीत के बाद भारत आने वाले पहले वरिष्ठ मंत्री हैं। उनके साथ प्रधानमंत्री तारिक रहमान के करीबी सलाहकार हुमायून कबीर भी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, हाल के वर्षों में बांग्लादेश के साथ संबंधों को मजबूत करने में एनएसए डोभाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। दोनों नेताओं की यह मुलाकात पिछले कुछ समय में उत्पन्न तनाव को दूर कर संबंधों को फिर से पटरी पर लाने का अवसर होगी।
    इनसे भी मिलेंगे बांग्लादेशी मंत्री

    बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि विदेश मंत्री रहमान अपनी भारतीय समकक्षों, जिनमें एनएसए अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर शामिल हैं, से मुलाकातों के दौरान ‘गरिमा, आपसी विश्वास, सम्मान और साझा हितों पर आधारित द्विपक्षीय संबंधों की स्थिरता तथा निरंतर विकास’ पर जोर देंगे।

    बयान में उम्मीद जताई गई है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच सहयोग को अधिक फलदायी और टिकाऊ बनाने के लिए मजबूत आधार तैयार करेगी।

    विदेश मंत्रालय के अनुसार, रहमान बुधवार को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से भी मुलाकात करेंगे।

    पुरी के साथ बैठक खासतौर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि ढाका ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से उत्पन्न ऊर्जा संकट से निपटने के लिए अतिरिक्त ईंधन, खासकर डीजल की आपूर्ति की मांग की है।
    इन मुद्दों पर चर्चा संभव

    सूत्रों का कहना है कि चर्चा के प्रमुख मुद्दों में भारतीय वीजा प्रतिबंधों में ढील (खासकर पर्यटकों और व्यापारियों के लिए), 2025 में संबंधों में आई गिरावट के बाद बंद किए गए भारतीय भूमि और समुद्री बंदरगाहों तक पहुंच बहाल करना, दिसंबर में समाप्त हो रही गंगा जल संधि के नवीनीकरण में तेजी लाना और सीमा पर बांग्लादेशी नागरिकों पर भारतीय सीमा सुरक्षा बलों द्वारा गोलीबारी शामिल हैं। वहीं, भारतीय पक्ष का कहना है कि सीमा रक्षक तस्करों और आपराधिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं, जबकि बांग्लादेशी पक्ष घातक बल के बजाय ऐसे व्यक्तियों की गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की वकालत करता है।

    बता दें कि रहमान की यात्रा से पहले भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने सोमवार को ढाका में प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की और द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की। उच्चायोग ने सोशल मीडिया पर बताया कि बैठक में दोनों देशों की राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप जन-केंद्रित सहयोग पर जोर दिया गया। वर्मा ने कहा कि भारत बांग्लादेश सरकार और लोगों के साथ ‘पारस्परिक हित और लाभ पर आधारित सकारात्मक, रचनात्मक तथा दूरदर्शी दृष्टिकोण’ अपनाते हुए काम करने का इरादा रखता है।
  • मुंबई इंडियंस के लिए बाहर के मैदान बने बुरा सपना, आंकड़े कर रहे हैरान

    मुंबई इंडियंस के लिए बाहर के मैदान बने बुरा सपना, आंकड़े कर रहे हैरान


    नई दिल्ली।इंडियन प्रीमियर लीग में Mumbai Indians और Chennai Super Kings जैसी दिग्गज टीमें हमेशा से अपनी बादशाहत के लिए जानी जाती रही हैं। दोनों के नाम 5-5 खिताब दर्ज हैं, लेकिन मौजूदा समय में इन टीमों का प्रदर्शन सवालों के घेरे में है। खासकर मुंबई इंडियंस के लिए हालात ज्यादा चिंताजनक नजर आ रहे हैं। आईपीएल 2023 के बाद से टीम का विपक्षी टीमों के घरेलू मैदानों पर प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। आंकड़े बताते हैं कि दूसरे मैदान अब मुंबई के लिए ‘बुरा सपना’ बन चुके हैं, जहां टीम लगातार संघर्ष करती दिख रही है और जीत हासिल करना मुश्किल होता जा रहा है।

    गुवाहाटी में राजस्थान ने दिखाया दम, मुंबई फिर रही बेबस

    आईपीएल 2026 में मंगलवार को Rajasthan Royals के खिलाफ खेले गए मुकाबले ने मुंबई इंडियंस की कमजोरी को एक बार फिर उजागर कर दिया। गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में बारिश के कारण मैच 11-11 ओवर का कर दिया गया, लेकिन हालात में बदलाव नहीं आया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी राजस्थान रॉयल्स ने आक्रामक अंदाज अपनाते हुए 3 विकेट पर 150 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। टीम की जीत के हीरो रहे Yashasvi Jaiswal, जिन्होंने 32 गेंदों पर नाबाद 77 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनके साथ Vaibhav Suryavanshi ने भी 14 गेंदों में 39 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। जवाब में मुंबई इंडियंस की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई और पूरी टीम 9 विकेट पर 123 रन ही बना सकी, जिससे उसे 27 रन की हार का सामना करना पड़ा।

    25 मैचों में सिर्फ 9 जीत, जीत प्रतिशत बेहद खराब

    अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति और भी गंभीर नजर आती है। आईपीएल 2023 से लेकर 7 अप्रैल 2026 तक मुंबई इंडियंस ने विपक्षी टीमों के घरेलू मैदानों पर कुल 25 मुकाबले खेले हैं। इनमें से 16 मैचों में टीम को हार का सामना करना पड़ा है, जबकि सिर्फ 9 मुकाबलों में ही जीत मिली है। इस दौरान टीम का जीत प्रतिशत महज 36% रहा है, जो लीग की अन्य टीमों की तुलना में काफी खराब है। यह आंकड़ा बताता है कि मुंबई इंडियंस अपने घर से बाहर खेलते समय रणनीति, संतुलन और आत्मविश्वास—तीनों मोर्चों पर कमजोर पड़ रही है।

    IPL 2026 में भी जारी खराब फॉर्म

    आईपीएल 2026 के मौजूदा सीजन में भी मुंबई इंडियंस की स्थिति ज्यादा बेहतर नहीं दिख रही है। टीम ने अब तक 3 मुकाबले खेले हैं, जिनमें से 2 में उसे हार झेलनी पड़ी है। एकमात्र जीत उसे Kolkata Knight Riders के खिलाफ अपने घरेलू मैदान वानखेड़े स्टेडियम में मिली। इसके अलावा Delhi Capitals के खिलाफ अरुण जेटली स्टेडियम और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ गुवाहाटी में टीम को हार का सामना करना पड़ा। अंकतालिका में मुंबई इंडियंस फिलहाल सातवें स्थान पर बनी हुई है, जो टीम के प्रदर्शन की कहानी खुद बयां करती है।

    क्या वापसी कर पाएगी मुंबई इंडियंस?

    मुंबई इंडियंस के पास अनुभव और प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन लगातार मिल रही हार ने टीम के आत्मविश्वास पर असर डाला है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या टीम इस खराब दौर से उबरकर वापसी कर पाएगी या फिर इस सीजन में भी संघर्ष जारी रहेगा। आने वाले मुकाबले मुंबई के लिए बेहद अहम होंगे, जहां उन्हें खासतौर पर विपक्षी मैदानों पर अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा।

  • ज़िंदगी से हारी उम्मीदें: ग्वालियर के सागरताल में भाई-बहनों का आत्मघाती कदम, अस्पताल में पसरा मातम

    ज़िंदगी से हारी उम्मीदें: ग्वालियर के सागरताल में भाई-बहनों का आत्मघाती कदम, अस्पताल में पसरा मातम


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक ताने-बाने को झकझोर कर रख दिया है। शहर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक सागरताल तालाब उस समय चीख-पुकार और दहशत का केंद्र बन गया, जब एक ही परिवार के तीन भाई-बहनों ने एक साथ मौत को गले लगाने के इरादे से पानी में छलांग लगा दी। “सामूहिक आत्महत्या” के इस खौफनाक प्रयास ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के वक्त जब सामान्य हलचल जारी थी, तभी इन तीनों ने बिना किसी हिचकिचाहट के गहरे पानी में छलांग लगा दी।

    मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने जैसे ही यह मंजर देखा, उन्होंने बिना समय गवाए साहस का परिचय देते हुए बचाव कार्य शुरू किया। लोगों की मुस्तैदी और शोर-शराबे के बीच तीनों को पानी से बाहर निकाला गया और तत्काल पुलिस को सूचित किया गया। आनन-फानन में पुलिस बल मौके पर पहुँचा और गंभीर अवस्था में तीनों को जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। दुर्भाग्यवश, नियति को कुछ और ही मंजूर था अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने एक भाई को मृत घोषित कर दिया, जबकि एक भाई और एक बहन का उपचार अभी भी जारी है।

    इस पूरी घटना का सबसे विचलित करने वाला पहलू अस्पताल और घर के बीच का वह दृश्य रहा, जब होश में आने के बाद एक भाई के शब्द सुनकर पुलिसकर्मी और परिजन सन्न रह गए। उसने रुंधे गले और आक्रोश के साथ कहा, हमें क्यों बचाया? हम तो मरने ही गए थे। यह बयान इस बात की तस्दीक करता है कि उनके मन में जीवन के प्रति इस कदर निराशा भर चुकी थी कि उन्हें बचाने वालों का प्रयास भी अखरने लगा। फिलहाल, पुलिस प्रशासन और तफ्तीश में जुटी टीमें इस गुत्थी को सुलझाने में लगी हैं कि आखिर वह क्या वजह थी जिसने तीन सगे भाई-बहनों को मौत के इस भयानक रास्ते पर ढकेल दिया।

    क्या यह किसी पारिवारिक कलह का नतीजा है आर्थिक तंगी का दबाव है या फिर कोई गहरा मानसिक अवसाद? इन सवालों के जवाब अभी तक गर्भ में हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बचे हुए भाई-बहनों की हालत स्थिर होने के बाद उनके बयान दर्ज किए जाएंगे जिससे इस डेथ जम्प के पीछे की असली कहानी सामने आ सकेगी। फिलहाल, पूरा ग्वालियर इस घटना से स्तब्ध है और अस्पताल के गलियारों में परिजनों का विलाप गूँज रहा है। यह घटना समाज के सामने एक बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करती है कि आखिर क्यों युवा पीढ़ी इतनी जल्दी जीवन की जंग हारकर मौत को गले लगाने को तैयार हो रही है।

  • कोलकाता एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान से टकराया कैटरिंग ट्रक, उड़ान से पहले हादसा; जांच शुरू

    कोलकाता एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान से टकराया कैटरिंग ट्रक, उड़ान से पहले हादसा; जांच शुरू


    कोलकाता। इंडिगो के एक पार्क किए गए विमान को नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर मंगलवार को हादसे का सामना करना पड़ा, जब एक कैटरिंग ट्रक विमान के इंजन से टकरा गया। टक्कर से विमान को मामूली नुकसान पहुंचा, हालांकि घटना के समय विमान खाली खड़ा था।

    बे नंबर 51 पर हुआ हादसा

    प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, एयरपोर्ट के बे नंबर 51 पर खड़ा विमान उस समय ऑपरेशन में नहीं था। इसी दौरान कैटरिंग वाहन स्टार्ट करते वक्त अचानक आगे बढ़ गया और सीधे इंजन से जा टकराया। घटना के बाद एयरपोर्ट अधिकारियों ने तुरंत स्थिति संभाल ली।

    कोई हताहत नहीं

    हादसे में किसी यात्री या स्टाफ के घायल होने की सूचना नहीं है। एयरपोर्ट अथॉरिटी और संबंधित एजेंसियों ने मौके का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है।

    इंडिगो का बयान

    इंडिगो ने कहा कि 7 अप्रैल को एप्रन पर चल रहा थर्ड-पार्टी मानव रहित वाहन खड़े विमान से टकरा गया। विमान को फिलहाल ग्राउंड कर दिया गया है और विस्तृत जांच व मरम्मत के बाद ही दोबारा उड़ान की अनुमति दी जाएगी।

    यह विमान कोलकाता से गुवाहाटी जाने वाली फ्लाइट 6E 6663 के रूप में संचालित होने वाला था। एयरलाइन ने यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक विमान की व्यवस्था कर दी है।