Author: bharati

  • ई-स्कूटर योजना से दमोह की सायरा बी बनीं आत्मनिर्भर, बदली जिंदगी की रफ्तार

    ई-स्कूटर योजना से दमोह की सायरा बी बनीं आत्मनिर्भर, बदली जिंदगी की रफ्तार

    भोपाल । भोपाल से सामने आई एक प्रेरणादायक सफलता कहानी में यह स्पष्ट हुआ है कि श्रम विभाग द्वारा संचालित ई-स्कूटर अनुदान योजना 2024 किस तरह श्रमिक वर्ग के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है दमोह की रहने वाली सायरा बी इस योजना का जीवंत उदाहरण बनकर उभरी हैं जिन्होंने इस सहायता के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है

    हाल ही में आयोजित महिला सशक्तिकरण सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सायरा बी को ई-स्कूटर की चाबी सौंपी इस अवसर ने उनके जीवन में एक नई शुरुआत की नींव रखी अब उन्हें रोजमर्रा के कामकाज के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और वे अपने कामों को समय पर और स्वतंत्र रूप से पूरा कर पा रही हैं

    भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल भोपाल द्वारा संचालित इस योजना के अंतर्गत सायरा बी को 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई इस सहयोग से उनके लिए आवागमन न केवल आसान हुआ है बल्कि समय और श्रम की बचत भी होने लगी है जिससे उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है

    यह योजना विशेष रूप से श्रमिक परिवारों और खासकर महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है क्योंकि इससे उनकी दैनिक जीवन की कठिनाइयां कम होती हैं और वे आत्मनिर्भर बनकर समाज में अपनी पहचान मजबूत कर पाती हैं सायरा बी की कहानी इसी बदलाव की प्रतीक बनकर सामने आई है जहां एक छोटी सी सहायता ने उनके जीवन की दिशा बदल दी

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की योजनाएं महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देती हैं और ग्रामीण तथा अर्ध शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान करती हैं जब महिलाओं को संसाधन और अवसर मिलते हैं तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं

    ई-स्कूटर अनुदान योजना 2024 श्रमिकों के जीवन में सुविधा आत्मनिर्भरता और सम्मान का नया अध्याय जोड़ रही है यह पहल श्रमिक सशक्त समृद्ध देश विकसित मध्यप्रदेश की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखी जा रही है

    सायरा बी की यह सफलता कहानी इस बात का प्रमाण है कि सही समय पर मिला सहयोग किसी भी व्यक्ति के जीवन को नई दिशा दे सकता है और उसे आत्मनिर्भर बनाकर आगे बढ़ने का हौसला दे सकता है

  • DIY पैर की देखभाल: घर बैठे करें Pedicure और दें पैरों को नई जान

    DIY पैर की देखभाल: घर बैठे करें Pedicure और दें पैरों को नई जान


    नई दिल्ली। आज के समय में पार्लर जाना सबसे बड़ा खर्च समझ में आता है। पार्लर जाने का मतलब आप घर से बाहर निकलो फिर धूप हो या ठंड। फिर पार्लर में बैठकर काफी टाइम बिताओ और ऊपर से पार्लर के इतने सारे खर्चे होते हैं कि आपको काफी ज्यादा सेविंग करना पड़ता है तब जाकर वह सारी चीजें हो पाती है। लेकिन अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। अगर आप अपने पैरों को खूबसूरत बनाना चाहती हैं और टैनिंग को दूर करना चाहती हैं। तो किसी भी वीकेंड पर आप घर पर पार्लर जैसा पेडिक्योर कर सकती हैं।

    बस करें ये काम
    महिलाएं अपने पैरों को खूबसूरत बनाने के लिए पार्लर में जाकर पेडिक्योर करवाती हैं। इसका जेब खर्च पर भी असर दिखने लगता है। अगर आप भी घर पर पेडिक्योर करने की सोच रही हैं। तो चलिए इसके बारे में सारी जानकारी आपको देते हैं।

    इस प्रकार पैरों को बनाए खूबसूरत
    घर पर पेडिक्योर करने के लिए एक टब में हल्का गर्म पानी लें।जब तक पानी गर्म हो, तब तक अगर आपके पैरों में नेलपेंट लगी है, तो इसको रिमूव कर दें।फिर हल्के गुनगुने पानी में थोड़ा बेकिंग सोडा, शैंपू, आधा चम्मच नमक और थोड़ा सा नींबू का रस मिक्स करें।इसमें एप्पल साइडर विनेगर भी मिला लें।फिर पैरों को 30 मिनट तक पानी में रखें।अब हल्के हाथों से पैरों की मसाज करें।स्क्रब का इस्तेमाल करके पैरों की मसाज कर सकती हैं। मसाज के दौरान नाखून, एड़ी और तलवों की सफाई करें।अच्छे से सफाई के बाद अपने पैरों को दूसरे टब में रखें औऱ साफ पानी से पैरों को धो लें।

    पैरों को साफ पानी से धो लें और इनको साफ कपड़े से पोंछकर सुखा लें।आप चाहें तो किसी खास तेल की मदद से पैरों की मसाज भी कर सकती हैं।इसके बाद नाखूनों को शेप में काटकर नेलपेंट लगाएं।नेलपेंट लगने के बाद आप पैरों पर अच्छी फुट क्रीम या लोशन लगा सकती हैं।

  • Divyanka Tripathi के बेबी शॉवर में नजर आए कई सेलेब्स, पति विवेक दहिया ने किया डांस

    Divyanka Tripathi के बेबी शॉवर में नजर आए कई सेलेब्स, पति विवेक दहिया ने किया डांस


    नई दिल्ली। एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी (Divyanka Tripathi) जल्दी ही मां बनने वाली हैं। जब से उन्होंने इस खुशखबरी को अपने फैंस के साथ शेयर किया हैं हर किसी की नजर पर उन पर ही टिकी हुई है। कुछ दिन पहले ही उन्होंने ये खुशखबरी फैंस के साथ शेयर की है। अब हाल ही में उनका बेबी शावर हुआ है। जिसकी फोटोज भी उनके दोस्तों ने शेयर की हैं।इस बेबी शावर में दिव्यांका बेहद प्यारी लग रही थीं। तो वहीं टीवी इंडस्ट्री के कई बड़े नाम भी इस बेबी शावर पार्टी में शामिल होने पहुंचे थे।

    दिव्यंका त्रिपाठी का बेबी शावर
    बेबी शावर के दौरान दिव्यंका विवेक दहिया की कई सारी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है दिव्यंका ने भी अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर इन तस्वीरों को शेयर किया है। अपने बेबी शावर में दिव्यांका ने व्हाइट कलर का फ्लोई गाउन पहना था जिसमें वो बेहद प्यारी लग रही थीं। इस गाउन के साथ एक्ट्रेस ने बालों को हाफ पिन-अप किया, नीचे के बालों को सॉफ्ट कर्ल्स रखा तो वहीं ज्वेलरी में केवल बड़े सिल्वर ईयरिंग्स पहने थे।

    बेबी शावर में डांस का धमाल
    रिपोर्ट्स और तस्वीरों के अनुसार यह पता चल रहा है कि इस फंक्शन में कई सारे गेम्स भी हुए हैं।इसके कुछ वीडियोज दिव्यांका के दोस्तों ने शेयर किए हैं।इसमें से एक गेम में पतियों के हाथ बांध दिए गए और पत्नियों को बॉल पीछे फेंकना थी। इस गेम को धीरज धूपर और विन्नी अरोड़ा धूपर ने जीता, इसका वीडियो भी इन दोनों ने ही शेयर भी किया है। इसके अलावा इस फंक्शन में होने वाले पापा यानी विवेक दहिया (Vivek Dahiya) ने जमकर डांस भी किया है। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है उनके साथ दिव्यंका भी डांस करती नजर आईं।

    10 साल पहले हुई थी शादी
    बता दें कि, दिव्यांका और विवेक शादी के करीब 10 साल बाद पैरेंट्स बनने जा रहे हैं। इन दोनों की शादी जुलाई 2016 में भोपाल से हुई थी। दोनों की मुलाकात भी ‘ये हैं मोहब्बतें’ के सेट पर हुई थी।यहीं से इन दोनों का प्यार परवान चढ़ा और दोनों शादी के बंधन में बंध गए। अब जल्दी ही दोनों पैरेंट्स बनने वाले हैं।

  • थाना सुरखी की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा जुआ खिलाड़ी, 21 आरोपी हिरासत में

    थाना सुरखी की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा जुआ खिलाड़ी, 21 आरोपी हिरासत में


    सागर ।मध्यप्रदेश में पुलिस ने जंगल में संचालित जुआ फड़ पर छापामार कार्रवाई कर 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और लगभग 45 लाख रुपये की मशरूका बरामद की है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, थाना सुरखी प्रभारी प्रशिक्षु आईपीएस दीपांशु के नेतृत्व में बहेरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रुसल्ला के जंगल में संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। थाना और क्षेत्र की चौकियों से गठित पुलिस दल ने जुए के अड्डे पर दबिश दी और आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा।

    पुलिस ने बताया कि जुआ फड़ में उच्च स्तर पर सट्टेबाजी हो रही थी और इस अड्डे का संचालन लंबे समय से जारी था। कार्रवाई में मौके से बड़ी मात्रा में नकद राशि बरामद की गई है, जिसे आगे की जांच के लिए जब्त किया गया है।

    अधिकारियों ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस मामले में जुआ फड़ संचालकों और संभावित आपराधिक नेटवर्क की पहचान के लिए जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा।

    स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अवैध जुआ गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि ऐसे अपराध पर समय पर नियंत्रण लगाया जा सके।

    इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि पुलिस अवैध जुआ और सट्टेबाजी के मामलों में कोई छूट नहीं देगी और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता जारी रखेगी।

  • वॉर्निंग टू केकेआर! चहल IPL में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने

    वॉर्निंग टू केकेआर! चहल IPL में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 (आईपीएल 2026) में सोमवार को कोलकाता के इडन गार्डेन्स में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) और पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के बीच अहम मुकाबला खेला जाएगा। इस मैच में केकेआर को युजवेंद्र चहल से खासतौर पर सावधान रहने की जरूरत है।

    केकेआर की शुरुआत रही कमजोर
    सीजन की शुरुआत केकेआर के लिए अनुकूल नहीं रही है। टीम ने अपने शुरुआती दोनों मैच गंवा दिए हैं और अंक तालिका में नौवें स्थान पर खड़ी है। अपने घरेलू मैदान पर जीत हासिल कर दो अंक जोड़ना टीम का मकसद रहेगा। इस मिशन में पंजाब किंग्स के लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं।

    चहल का केकेआर के खिलाफ रिकॉर्ड
    युजवेंद्र चहल लंबे समय से आईपीएल में सक्रिय हैं। आरसीबी और राजस्थान रॉयल्स के साथ लंबी और सफल पारी निभाने के बाद 2025 से वह पंजाब किंग्स का हिस्सा हैं। चहल केकेआर के खिलाफ हमेशा चुनौतीपूर्ण साबित हुए हैं। 2011 से अब तक आईपीएल में चहल ने केकेआर के खिलाफ 24 मैचों में 33 विकेट लिए हैं।

    इस दौरान चहल ने एक बार 5 विकेट और दो बार 4 विकेट लेने का कारनामा किया। आईपीएल में चहल के नाम कुल 176 मैचों में 224 विकेट हैं, जो उन्हें इतिहास के सबसे सफल लेग स्पिनरों में शामिल करता है।

    आईपीएल 2026 में चहल का प्रदर्शन
    इस सीजन में चहल ने दो मैचों में 3 विकेट अपने नाम किए हैं। उनकी गेंदबाजी के सामने बल्लेबाजों को हमेशा सतर्क रहने की जरूरत है।

    केकेआर के खिलाफ अन्य खतरनाक गेंदबाज
    केकेआर के खिलाफ चहल के अलावा आरसीबी के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार भी कारगर साबित हुए हैं। भुवी ने 30 मैचों में 32 विकेट हासिल किए हैं। आईपीएल में भुवनेश्वर के कुल आंकड़े भी शानदार हैं—192 मैचों में 202 विकेट।

    चहल की रणनीति और खतरा
    चहल अपने लेग स्पिन और बदलती गेदों के साथ केकेआर के बल्लेबाजों को परेशान कर सकते हैं। उनकी गेंदबाजी के दौरान विकेट लेने की क्षमता और अचानक तेजी से मैच पर पकड़ बनाए रखना उन्हें केकेआर के लिए सबसे खतरनाक विकल्प बनाता है।

    आईपीएल 2026 में केकेआर को युजवेंद्र चहल से विशेष सावधानी बरतनी होगी। चहल केकेआर के खिलाफ सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं और उनका अनुभव पंजाब के लिए अहम साबित हो सकता है। दो मैचों में तीन विकेट के साथ चहल अपनी लय में दिख रहे हैं। केकेआर के लिए यह मैच जीतना आसान नहीं होगा, क्योंकि चहल और भुवनेश्वर जैसे गेंदबाज दोनों टीम के लिए निर्णायक मोड़ ला सकते हैं।

  • मार्केट अपडेट: मिनटों में लाल निशान, निवेशकों में चिंता बढ़ी, Sensex-Nifty गिरावट में

    मार्केट अपडेट: मिनटों में लाल निशान, निवेशकों में चिंता बढ़ी, Sensex-Nifty गिरावट में


    नई दिल्ली। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सकारात्मक रही, लेकिन यह तेजी ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई। बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों के भीतर ही बिकवाली हावी हो गई और सूचकांक लाल निशान में आ गए।

    चंद मिनट में हरे से लाल हुआ बाजार
    शुरुआती कारोबार में BSE Sensex 157 अंकों की बढ़त के साथ 73,477 के स्तर पर पहुंच गया था। वहीं, Nifty 50 भी 67 अंकों की तेजी के साथ 22,723 पर खुला। लेकिन जल्द ही बाजार में गिरावट शुरू हो गई और सेंसेक्स 377 अंक टूटकर 72,942 पर आ गया, जबकि निफ्टी 66 अंक गिरकर 22,642 के स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में इस गिरावट की मुख्य वजह ग्लोबल संकेतों का कमजोर होना है। एशियाई बाजारों में जहां कुछ सूचकांक बढ़त में रहे, वहीं कई प्रमुख बाजार छुट्टियों के कारण बंद रहे, जिससे निवेशकों में स्पष्ट दिशा की कमी नजर आई।

    अमेरिकी बाजार से मिले कमजोर संकेत
    वहीं, अमेरिकी बाजार से भी नकारात्मक संकेत मिले हैं। डाऊ जोन्स, S&P 500 और नैस्डैक के फ्यूचर्स में गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी बाजार के सेंटीमेंट पर असर डाला है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल भी बाजार के लिए बड़ा फैक्टर बना हुआ है। ब्रेंट और WTI क्रूड दोनों ही 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रहे हैं, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका और कंपनियों की लागत बढ़ने का डर बना हुआ है। इसके अलावा डॉलर की मजबूती ने भी बाजार पर दबाव बनाया है। US Dollar Index (DXY) में बढ़त दर्ज की गई है, जिससे विदेशी निवेशकों के रुख पर असर पड़ सकता है। बाजार की शुरुआत भले ही अच्छी रही हो, लेकिन वैश्विक अनिश्चितता और बढ़ती लागत के दबाव ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय हालात और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी।

  • बैतूल में संस्कृति का संगम: आदि रंग महोत्सव में कलाकारों ने बिखेरी अद्भुत प्रस्तुतियां

    बैतूल में संस्कृति का संगम: आदि रंग महोत्सव में कलाकारों ने बिखेरी अद्भुत प्रस्तुतियां


    बैतूल। मध्यप्रदेश के घोड़ाडोंगरी विकासखंड में सतपुड़ा ग्राउंड पर आयोजित तीन दिवसीय आदि रंग महोत्सव में जनजातीय संस्कृति की समृद्ध और जीवंत परंपराओं की झलक देखने को मिली। इस महोत्सव का आयोजन जनजातीय कार्य विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

    महोत्सव के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उईके, जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह और घोड़ाडोंगरी विधायक गंगा सज्जन सिंह उईके रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और कलाकारों की प्रस्तुतियों का अवलोकन किया।

    कार्यक्रम में विभिन्न जनजातीय नृत्य, संगीत और लोक कलाओं का समावेश किया गया, जिससे दर्शकों ने परंपरागत संस्कृति के अद्भुत रंगों का अनुभव किया। महोत्सव में कलाकारों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनों का मन मोह लिया और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रखा।

    अतिथियों ने महोत्सव में कलाकारों की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन जनजातीय संस्कृति को प्रोत्साहित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जिला प्रशासन ने कहा कि यह महोत्सव न केवल सांस्कृतिक交流 का अवसर है बल्कि पर्यटन और स्थानीय रोजगार के लिए भी एक मंच प्रदान करता है।

    महोत्सव के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यशालाओं का भी आयोजन किया गया, जिससे युवा कलाकारों को अपने कौशल और प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। आयोजन में उपस्थित नागरिकों ने उत्सव के शानदार आयोजन और सांस्कृतिक विविधता की प्रशंसा की।

    जिला प्रशासन और जनजातीय कार्य विभाग ने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसे आयोजनों की संख्या बढ़ाई जाएगी और स्थानीय जनजातीय कलाकारों के लिए नए मंच उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि उनकी कला और संस्कृति को और मजबूती मिले।

  • शराब के नशे में चढ़ा शख्स बोला- 20 हजार में खरीदी थी बाइक, पकड़े जाने पर खुला चोरी का राज

    शराब के नशे में चढ़ा शख्स बोला- 20 हजार में खरीदी थी बाइक, पकड़े जाने पर खुला चोरी का राज


    नई दिल्ली। जबलपुर के छोटी लाइन चौराहा पर रविवार रात एक चोरी की बाइक का पर्दाफाश हुआ, जिसने ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता और थोड़ी शराबी हरकतों की वजह से उजागर हुआ। रात करीब 10 बजे, ट्रैफिक टीम रूटिन चेकिंग कर रही थी, तभी एक युवक शराब पीकर दुकान से बाहर निकला और उसकी बाइक नो पार्किंग में खड़ी मिली।

    युवक की जल्दबाजी पुलिस को लगी संदिग्ध
    पुलिस ने जब चालान काटने के लिए रोककर पूछा, तो युवक बिना बहस किए तुरंत चालान भरने को तैयार हो गया। यह अजीब व्यवहार आरक्षक वीरेंद्र की नजर में संदिग्ध लगा। युवक को पकड़कर टीआई इंदिरा ठाकुर के पास ले जाया गया। युवक ने अपना नाम विजय, निवासी गढ़ा बताया और बताया कि उसने बाइक रामपुर क्षेत्र के राजेश से 20 हजार रुपए में खरीदी थी, लेकिन उसके पास कोई दस्तावेज नहीं थे।

    नंबर प्लेट की गड़बड़ी ने खोला पूरा खेल
    जांच में पता चला कि बाइक की नंबर प्लेट (MP20 MX 737) में गड़बड़ी थी—जहां चार अंक होने चाहिए थे, वहां सिर्फ तीन अंक थे। पुलिस ने तुरंत वाहन की डिटेल निकाली और पाया कि रजिस्ट्रेशन फर्जी था।

    चेसिस नंबर से सच्चाई सामने आई
    चेसिस नंबर के आधार पर असली मालिक का पता चला। उसने बताया कि यह बाइक दो साल पहले रामपुर से चोरी हुई थी और इसकी शिकायत पहले ही दर्ज कराई जा चुकी थी। इस तरह, शराब के नशे में युवक की जल्दबाजी ने चोरी का पूरा खेल उजागर कर दिया।

    बाइक जब्त, आरोपी थाने हवालात में
    पुलिस ने मौके पर बाइक जब्त कर युवक विजय को गोरखपुर थाना भेज दिया, जहां उसके खिलाफ चोरी और फर्जी दस्तावेजों के मामले दर्ज किए गए हैं।

    टीम की सक्रियता
    यह कार्रवाई एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश पर डीएसपी बीएन प्रजापति, टीआई इंदिरा ठाकुर, सूबेदार मनीष प्यासी और आरक्षक वीरेंद्र की टीम ने की।

  • ₹1.75 करोड़ का घोटाला! कागजों में सफाई, मरीजों के अधिकारों की अनदेखी, जबलपुर अफसरों की मिली लूट

    ₹1.75 करोड़ का घोटाला! कागजों में सफाई, मरीजों के अधिकारों की अनदेखी, जबलपुर अफसरों की मिली लूट


    नई दिल्ली। जबलपुर में मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस योजना का मकसद गरीबों को घर के पास मुफ्त इलाज और दवाएं उपलब्ध कराना था, लेकिन अफसरों ने इसे भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और डिप्टी कलेक्टर आरएस मरावी की जांच में खुलासा हुआ कि कई क्लीनिकों में न कंप्यूटर है, न बीपी मशीन, और पिछले दो साल से पुताई तक नहीं हुई, फिर भी रिकॉर्ड में करोड़ों का भुगतान दिखाया गया।

    जांच में चौंकाने वाले तथ्य
    डिप्टी कलेक्टर की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार ₹93 लाख का सामान न स्टोर में है और न क्लीनिक तक पहुँचा, जबकि भंडार रजिस्टर में फर्जी एंट्री कर दी गई। कई क्लीनिकों में अलमारियां गायब हैं, लेकिन उनके लिए भुगतान हो चुका है। कुछ सेंटरों पर जांच शुरू होने से तीन दिन पहले प्रिंटर भिजवाए गए, जबकि वहां कंप्यूटर तक नहीं थे।

    फर्जीवाड़ा 5 पॉइंट में:

    फर्जी बिलिंग: 13 फर्जी बिलों के जरिए ₹1.75 करोड़ का भुगतान हुआ, जबकि सामान कभी केंद्रों तक नहीं पहुंचा।
    कागजी मरम्मत: पुताई और मेंटेनेंस के लिए लाखों खर्च किए गए, लेकिन दीवारों पर सालों से चूना तक नहीं लगा।
    गायब उपकरण: बीपी मशीन, ग्लूकोज मशीन, हीमोग्लोबिनोमीटर और वेट मशीन केवल कागजों में खरीदी गई।
    जांच का डर: डिप्टी कलेक्टर की टीम की जांच शुरू होने पर अफसरों ने आनन-फानन में सेंटरों पर प्रिंटर भेजे।
    निजी उपकरण से इलाज: डॉक्टरों को अपने पर्सनल टैबलेट और मशीन से मरीजों की जांच करनी पड़ रही है।

    डॉक्टरों का दर्द:
    गोरैया घाट क्लीनिक की डॉ. सौम्या अग्रवाल ने बताया कि वे 2 साल से अपनी ड्यूटी कर रही हैं, लेकिन कंप्यूटर या जरूरी उपकरण नहीं मिले। उन्होंने अपनी पर्सनल टैबलेट से मरीजों की एंट्री की। बीपी मशीन और अन्य उपकरण 4-5 महीनों से मांगने के बावजूद अब भेजे जा रहे हैं।

    केंद्रों की स्थिति:
    जबलपुर में करीब 50 संजीवनी क्लीनिक हैं, लेकिन अधिकतर में बुनियादी उपकरण तक मौजूद नहीं हैं। भुगतान केवल कागजों में हुआ। जांच शुरू होने के बाद केवल प्रिंटर भेजे गए।

    घोटाले का अनुमान:
    डिप्टी कलेक्टर के अनुसार, अभी तक 93 लाख रुपये का फर्जी भुगतान प्रमाणित हो चुका है। सूत्रों के अनुसार, 2021 से अब तक की पूरी जांच के बाद यह घोटाला 10 करोड़ तक पहुंच सकता है। साथ ही ज्वाइंट डायरेक्टर हेल्थ डॉ. संजय मिश्रा की निजी पैथोलॉजी लैब में हिस्सेदारी और आय से अधिक संपत्ति भी जांच के दायरे में है।

    अधिकारियों पर कार्रवाई:
    मुख्य आरोपी डॉ. संजय मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा डीपीएमयू के अधिकारियों को हटाया गया, एक फार्मासिस्ट निलंबित और संविदा फार्मासिस्ट के खिलाफ कार्रवाई की गई।

  • भिण्ड में खनिज माफिया ने घेरा, टीम की कार्रवाई पुलिस के साथ सफल

    भिण्ड में खनिज माफिया ने घेरा, टीम की कार्रवाई पुलिस के साथ सफल


    भिण्ड । भिण्ड मध्यप्रदेश में खनिज विभाग की टीम पर माफिया द्वारा दबाव डालने और पीछा करने का मामला सामने आया जिला खनिज अधिकारी पंकज ध्वज मिश्रा अपनी टीम के साथ गोहद अनुभाग के चितौरा-मौ मार्ग पर देर रात जांच कर रहे थे इसी दौरान टीम ने गिट्टी से भरा एक डंपर रोका

    जांच में पाया गया कि डंपर ओवरलोड था और वाहन पर नंबर प्लेट नहीं थी साथ ही चेसिस नंबर भी स्पष्ट नहीं था, जिससे यह मामला संदिग्ध लग रहा था जैसे ही टीम ने कार्रवाई शुरू की, खनिज माफिया ने टीम को घेरने की कोशिश की और दबाव डालना शुरू कर दिया

    स्थिति बिगड़ने पर जिला पुलिस को सूचना दी गई और पुलिस टीम के सहयोग से खनिज विभाग की टीम को सुरक्षित निकाला गया अधिकारी बताते हैं कि इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया कि खनिज नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा

    भिण्ड खनिज विभाग ने कहा कि जांच अभियान लगातार जारी रहेगा और सभी ओवरलोड और अवैध खनन गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी ऐसे मामलों में टीम और पुलिस के समन्वय से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी

    स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध खनन या संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ समय पर कार्रवाई की जा सके

    इस घटना से यह स्पष्ट हुआ कि खनिज माफिया अपनी अवैध गतिविधियों को दबाने के लिए दबाव डाल सकता है लेकिन खनिज विभाग और पुलिस के सहयोग से ऐसी परिस्थितियों में भी टीम सुरक्षित और प्रभावी कार्रवाई कर सकती है