Author: bharati

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोहड़ी पर्व की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोहड़ी पर्व की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं


    भोपाल! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई फसल के स्वागत और हर्ष व उल्लास के पावन पर्व 
    लोहड़ी की  शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा  कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, सौभाग्य और खुशहाली लेकर आए तथा समाज में प्रेम, एकता और सद्भाव के भाव को और सुदृढ़ करे, यही मंगलकामना है।

  • भोपाल में शुरू हुई 'जल सुनवाई', लोगों ने लगाया कार्बाइड वाले पानी का आरोप

    भोपाल में शुरू हुई 'जल सुनवाई', लोगों ने लगाया कार्बाइड वाले पानी का आरोप



    भोपाल। शहर के 85 वार्डों में मंगलवार को पहली बार ‘जल सुनवाई’ आयोजित की गई। यह सुनवाई सुबह 11 बजे से शुरू होकर दोपहर 1 बजे तक चली। इस दौरान आमजन ने पानी से जुड़ी अपनी शिकायतें सीधे नगर निगम अधिकारियों के सामने रखीं।
    ब्रिज विहार और निशातपुरा के रहवासियों ने निगम के आईएसबीटी स्थित कार्यालय में पहुंचकर नाराजगी जताई। उनका आरोप था कि नगर निगम उन्हें कार्बाइड का जहरीला पानी पीने को मजबूर कर रहा है। मोहल्ले के लोगों ने अपने मांगपत्र के साथ कार्यालय के बाहर नारेबाजी भी की।
    प्रदेश में पानी की समस्या गंभीर होती जा रही है।
    इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से लगभग 23 लोगों की मौत हो चुकी है। भोपाल के आदमपुर छावनी, वाजपेयी नगर और खानूगांव जैसे क्षेत्रों में भी पानी दूषित पाया गया है, जिसके चलते भूजल के उपयोग पर रोक लगा दी गई है।
    सरकार ने इस समस्या को देखते हुए हर मंगलवार को ‘जल सुनवाई’ आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस दौरान अधिकारी और एक्सपर्ट्स मिलकर लोगों की शिकायतें सुनेंगे और जल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देंगे।
    जल सुनवाई में क्या होगा शामिल
    जल के नमूनों का परीक्षण विभिन्न मानकों के आधार पर किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं
    रंग, स्वाद, गंध
    पीएच, कुल क्षारीयता, क्लोराइड
    कुल कठोरता, कैल्शियम कठोरता, मैग्नेशियम कठोरता
    टीडीएस, टरबीडिटी
    रेसिडुअल क्लोरीन, कोलीफार्म, ई-कोलाई

    हर वार्ड में होगी सुनवाई
    नगर निगम के कमिश्नर संस्कृति जैन ने निर्देश दिया है कि सभी वार्ड कार्यालय में जल सुनवाई आयोजित की जाए। लोग अपने पानी के नमूने भी संबंधित वार्ड कार्यालय में जमा करवा सकेंगे।
    इस पहल से जनता को यह सुविधा मिलेगी कि वे सीधे अधिकारियों को अपनी शिकायतें बता सकें और जल की गुणवत्ता पर निगरानी रख सकें। यह कदम भोपाल में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

  • मध्यप्रदेश पुलिस की चोरी, डकैती एवं नकबजनी केविरूद्ध बड़ी सफलताएं

    मध्यप्रदेश पुलिस की चोरी, डकैती एवं नकबजनी केविरूद्ध बड़ी सफलताएं


    भोपाल
    । मध्यप्रदेश पुलिस ने विगत चार दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में संपत्ति संबंधी गंभीर अपराधों पर त्वरित, प्रभावीएवंसमन्वितकार्रवाईकरतेहुए उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने चोरी, डकैती, नकबजनीएवं संगठित आपराधिक गिरोहों का पर्दाफाश करते हुए लगभग 89 लाख 40 हजार रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की हैं। यह उपलब्धियां न केवल पुलिस की सतर्कता, बल्कि आधुनिक तकनीक, मजबूत मुखबिर तंत्र एवं जमीनी स्तर पर किए गए सतत प्रयासों का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।

    विदिशा

    जिले की कोतवाली पुलिस ने अरिहंत ज्वैलर्स डकैती कांड का सफल खुलासा किया। 260 से अधिक सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण, 180 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ एवं 08 विशेष टीमों की संयुक्त कार्रवाई के परिणामस्वरूप 03 आरोपियों एवं 02 विधि विरुद्ध बालकों को गिरफ्तार किया। इस प्रकरण में लगभग 13 लाखरूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

    छतरपुर

    जिला के थाना लवकुश नगर क्षेत्र में ग्राम प्रतापपुरा की चोरी का पुलिस ने24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 2.6 तोला सोना, 1.435 किलोग्राम चांदी एवं नगद राशि सहित लगभग 5 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

     इंदौर

    शहर में थाना हीरानगरपुलिस ने मोबाइल टावरों से 5G नेटवर्क उपकरण चोरी करने वाली गैंग का पर्दाफाश कर चोरी किए गए नेटवर्क उपकरण एवं घटना में प्रयुक्त वाहन सहित लगभग 9 लाख 30हजार का सामान बरामद किया है। इसी प्रकार एक अन्‍य कार्यवाही में थाना द्वारकापुरी पुलिस ने नकबजनी की 04 वारदातों में संलिप्त शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लगभग 5 लाख 20हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

     देवास

    जिलेमें ऑपरेशन “त्रिनेत्रम” के अंतर्गत लगे सीसीटीवी कैमरों की सहायता से सूने घरों को निशाना बनाने वाले गिरोह का देवास पुलिस ने पर्दाफाश कर 03 चोरी की घटनाओं का खुलासा किया। इन घटनाओं को अंजाम देने वाले 04 आरोपियों एवं 01 नाबालिग को पुलिस ने गिरफ्तार कर 10 लाखरूपए के सोने-चांदी के आभूषण एवं नगद राशि जब्‍त की है।

     उज्जैन

    पुलिस ने लॉकर चोरी की घटना पर त्‍वरित कार्यवाही करते हुए 24 घंटे के भीतरएक आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 35 लाखरूपए230 ग्राम सोना जब्‍त कियाहै।

     सीहोर

    जिले के थाना रेहटी पुलिस द्वारा ग्राम कोसमी से चोरी हुई धान से भरी ट्रैक्टर–ट्रॉली को मात्र तीन दिनों के भीतर बरामद करते हुए लगभग 10 लाख रूपए की संपत्ति शत-प्रतिशत जब्‍त की गई।

     मुरैना

    जिले की थाना पोरसा पुलिस ने क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 80 हजार रूपए के चोरी किए सोने–चांदी के आभूषणजब्त किए।  

    मंडला

    थाना कोतवाली पुलिस ने केबल वायर चोरी के आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 1लाख 10हजार रूपएका चोरी गया सामान जब्‍त किया है।

    इन कार्यवाहियों से यह स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस गंभीर अपराधों पर नियंत्रण एवं अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी के प्रति पूर्णतः सक्रिय, तत्पर और संवेदनशील है। तकनीकी संसाधनों के उपयोग, उत्कृष्ट टीम वर्क और त्वरित फील्ड एक्शन के माध्यम से पुलिस ने अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। ऐसी कार्यवाहियाँ प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ एवं नागरिकों के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत बना रही हैं।

  • दिल्ली एयरपोर्ट पर 6 दिन तक उड़ानें प्रभावित, गणतंत्र दिवस सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत एयरस्पेस बंद

    दिल्ली एयरपोर्ट पर 6 दिन तक उड़ानें प्रभावित, गणतंत्र दिवस सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत एयरस्पेस बंद


    नई दिल्ली । दिल्ली एयरपोर्ट पर अगले कुछ दिनों में हवाई यात्रियों के लिए एक और मुश्किलें आ सकती हैं क्योंकि गणतंत्र दिवस की सुरक्षा तैयारियों के चलते दिल्ली के ऊपर एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद किया जाएगा। इस एयरस्पेस बंद के कारण 21 जनवरी से शुरू होकर 6 दिन तक उड़ानों में देरी और रद्द होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। सरकार ने मंगलवार को एक नोटिस टू एयरमेन जारी किया है जिसके तहत दिल्ली एयरस्पेस रोज़ाना सुबह 10:20 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक बंद रहेगा। लगभग 2 घंटे 25 मिनट के इस बंद के दौरान हजारों उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं खासकर कनेक्टिंग फ्लाइट्स में रुकावटें आ सकती हैं। यह अस्थायी एयरस्पेस बंद गणतंत्र दिवस के सुरक्षा प्रोटोकॉल और ड्रेस रिहर्सल के तहत होता है, जिसमें परेड, वायुसेना का फ्लाईपास्ट, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, और सैन्य साजो-सामान का प्रदर्शन होता है। इस दौरान होने वाली हवाई गतिविधियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एयरस्पेस बंद किया जाता है।

    उड़ानों पर प्रभाव और बदलाव

    एविएशन एनालिटिक्स कंपनी सिरियम के आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में 600 से अधिक उड़ानों पर असर पड़ने की संभावना है। यह समय दिल्ली एयरपोर्ट के सबसे व्यस्त स्लॉट्स में से एक होता है, जब यात्री विभिन्न घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचते हैं। इसलिए, उड़ानों के रद्द होने, री-शेड्यूलिंग और ऑपरेशनल रुकावटों से हजारों यात्रियों की यात्रा प्रभावित हो सकती है। कम समय में सूचना मिलने की वजह से एयरलाइंस को अपने शेड्यूल में बदलाव करने में परेशानी हो सकती है, और यात्रियों को वैकल्पिक रूट्स, टिकट रिफंड और री-शेड्यूलिंग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इससे एयरलाइंस पर अतिरिक्त खर्च का बोझ भी पड़ेगा।

    क्यों किया जा रहा है एयरस्पेस बंद

    गणतंत्र दिवस के दौरान दिल्ली में होने वाले फ्लाईपास्ट और सुरक्षा प्रोटोकॉल को देखते हुए, दिल्ली के ऊपर एयरस्पेस को अस्थायी रूप से बंद किया जाता है। यह पूरी प्रक्रिया कर्तव्य पथ पर होने वाली सैन्य परेड, वायुसेना के फ्लाईपास्ट और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को सुरक्षित बनाने के लिए की जाती है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि उड़ानें पूरी तरह से रद्द हो जाएंगी। ज्यादातर उड़ानों के समय में बदलाव किया जाएगा, और यात्रियों को अन्य उड़ानों में समायोजित किया जाएगा।

    यात्रियों के लिए सुझाव

    अगर आपकी फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट से तय तारीख और समय पर आ रही या जा रही है, तो यह जरूरी है कि आप अपनी कॉन्टैक्ट डिटेल्स जैसे मोबाइल नंबर और ईमेल एयरलाइंस के रिकॉर्ड में अपडेट रखें ताकि किसी भी बदलाव या कैंसलेशन की स्थिति में एयरलाइंस आपसे तुरंत संपर्क कर सके। अगर उड़ान रद्द होती है तो एयरलाइंस आमतौर पर यात्रियों को वैकल्पिक फ्लाइट या रिफंड का विकल्प देती है। हालांकि अंतिम समय में टिकट के बदलाव या नई बुकिंग में हवाई किराया पहले की तुलना में अधिक हो सकता है। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे उपलब्ध वैकल्पिक फ्लाइट्स को प्राथमिकता दें और यात्रा से पहले एयरलाइंस की अद्यतन जानकारी जरूर जांच लें।

  • 10 मिनट में डिलीवरी का दावा खत्म, गिग वर्कर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता: Blinkit और अन्य कंपनियों को सरकार का आदेश

    10 मिनट में डिलीवरी का दावा खत्म, गिग वर्कर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता: Blinkit और अन्य कंपनियों को सरकार का आदेश


    नई दिल्ली। देशभर के गिग वर्कर्स की सुरक्षा और उनके काम के दबाव को देखते हुए अब 10 मिनट में डिलीवरी का दावा समाप्त कर दिया गया है। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया के हस्तक्षेप के बाद क्विक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Blinkit ने अपने सभी ब्रांडों से यह दावा हटा लिया है। इसके साथ ही मंत्री ने अन्य बड़ी कंपनियों जैसे Zepto, Swiggy और Zomato के प्रतिनिधियों से भी स्पष्ट कहा कि वे अपने ब्रांड प्रचार में तय समय सीमा वाली डिलीवरी का उल्लेख न करें और कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

    देशभर में गिग वर्कर्स की हड़ताल और लगातार उठ रही सुरक्षा चिंताओं के बाद यह कदम उठाया गया है।

    अब आम ग्राहक 10 मिनट के भीतर डिलीवरी की सुविधा की उम्मीद नहीं कर सकते। हालांकि इससे डिलीवरी की गति में बदलाव हो सकता है, लेकिन सरकार का मानना है कि यह कर्मचारियों के हित में सबसे जरूरी निर्णय है।

    स्रोतों के अनुसार Blinkit जल्द ही अपने सभी विज्ञापन और प्रचार सामग्री से ‘10 मिनट में डिलीवरी’ का दावा हटा देगी। इसके बाद अन्य कंपनियों द्वारा भी इसी तरह का ऐलान आने की संभावना है। यह कदम डिलीवरी कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव कम करने और उनके काम करने के सुरक्षित माहौल को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
     मंत्री ने कहा कि कम समय में डिलीवरी का दबाव कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा करता है।

    गिग वर्कर्स के संगठन लंबे समय से इस क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की स्थितियों, डिलीवरी के दबाव और सोशल सिक्योरिटी की कमी जैसे मुद्दे उठाते आ रहे हैं। उनका कहना है कि तय समय सीमा के कारण कई बार कर्मचारी स्वास्थ्य और सुरक्षा की अनदेखी करने को मजबूर होते हैं। इस निर्णय से यह सुनिश्चित किया गया है कि गिग वर्कर्स की सुरक्षा प्राथमिकता में रहे।

    क्विक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Blinkit ने बयान जारी कर कहा कि यह कदम सरकार की सलाह और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।

    कंपनी जल्द ही अपने सभी प्रचार और विज्ञापन से ‘10 मिनट में डिलीवरी’ का दावा हटा रही है। इससे पूरे देश में गिग वर्कर्स की सुरक्षा और कार्यस्थल की स्थिति बेहतर होगी।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम गिग वर्कर्स के अधिकारों की दिशा में बड़ा सुधार है। अब कंपनियों को ग्राहकों की सुविधा के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा का संतुलन बनाना होगा। यह संदेश भी जाता है कि व्यवसायिक सफलता केवल तेज डिलीवरी तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि कर्मचारियों की भलाई और सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

    कुल मिलाकर, सरकार का यह कदम गिग वर्कर्स के हित में एक महत्वपूर्ण सुधार है। अब 10 मिनट में डिलीवरी का दावा खत्म हो गया है और कंपनियों को कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश मिल गए हैं। इससे यह स्पष्ट संदेश भी जाता है कि तेजी से सेवा देना महत्वपूर्ण है, लेकिन कर्मचारियों की सुरक्षा और उनका भला प्राथमिकता में होना चाहिए।

  • Republic Day 2026 Weekend: भीड़ से दूर, इन 6 ऑफबीट डेस्टिनेशन पर करें घूमने का मजा

    Republic Day 2026 Weekend: भीड़ से दूर, इन 6 ऑफबीट डेस्टिनेशन पर करें घूमने का मजा

    नई दिल्ली। कोई हवाई यात्रा नहीं, कोई लंबी छुट्टियां नहीं. बस अपना बैग पैक करें, अपनी कार में बैठें और सड़क पर निकल पड़ें. गणतंत्र दिवस के लिए आने वाले लंबे वीकेंड के साथ, हैदराबाद से ये छोटी रोड ट्रिप एक क्विक, स्ट्रेस-फ्री छुट्टी के लिए एकदम सही हैं. आइए आपको बताते हैं यहां के कुछ खास जगहों के बारे में विस्तार से.
    अनंतगिरी हिल्स, तेलंगाना (80 km): बस थोड़ी ही दूर, फिर भी एक अलग ही दुनिया. कोहरे से ढकी सड़कें, कॉफी के बागान, जंगल के रास्ते और शांत मंदिर—अनंतगिरी बिना किसी खास प्लानिंग के आराम से लंबा वीकेंड बिताने के लिए एकदम सही जगह है.
    बीदर, कर्नाटक (145 km): एक शांत और ऐतिहासिक शहर जहाँ समय रुका हुआ लगता है. बीदर किले के फ़ारसी स्टाइल के मेहराबों में घूमें, पुराने मदरसों को देखें, और किले की दीवारों से सूर्यास्त देखते हुए अपना दिन खत्म करें. यह उन लोगों के लिए एकदम सही है जो भीड़ से दूर एक ऐतिहासिक अनुभव चाहते हैं.
    मेडक (100 km): थोड़ी ही ड्राइव पर, शानदार नज़ारे. मेडक कैथेड्रल शानदार और शांत है, खासकर सर्दियों की रोशनी में यह बहुत सुंदर लगता है. इसके साथ एक आरामदायक दिन की यात्रा, लोकल खाने के ऑप्शन और शांत ग्रामीण माहौल का मज़ा लें.
    नागार्जुन सागर (165 km): खुला पानी, पथरीला इलाका और सुहावना सर्दियों का आसमान. विशाल बांध, नागार्जुनकोंडा तक नाव की सवारी, और जलाशय के किनारे शांत शामें इसे शहर की भागदौड़ से एक आसान और ताज़ा करने वाला ब्रेक बनाती हैं.
    श्रीशैलम (215 km): घने नल्लामाला जंगलों में बसा एक आध्यात्मिक ठिकाना.
    मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के दर्शन करें, कृष्णा नदी के नज़ारों का आनंद लें, और सुंदर घाट सड़कों का मज़ा लें जो यात्रा को मंज़िल जितना ही मज़ेदार बनाती हैं.
    कुरनूल (210 km): इतिहास पसंद करने वालों और गुफाओं को खोजने वालों के लिए. भारत की सबसे लंबी गुफा प्रणालियों में से एक बेलम गुफाओं को देखें, और मनोरम दृश्यों के लिए कोंडारेड्डी किले में जाएं. यह रोमांच, विरासत और शांतिपूर्ण खोज का एक अनोखा संगम है.
  • SIR प्रक्रिया से डर या प्रशासनिक दबाव? ममता बनर्जी का दावा, 77 मौतें हो चुकीं

    SIR प्रक्रिया से डर या प्रशासनिक दबाव? ममता बनर्जी का दावा, 77 मौतें हो चुकीं


    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन SIR प्रक्रिया के कारण हुई मौतों के आरोप अब बढ़ते जा रहे हैं। राज्य के विभिन्न इलाकों से यह खबरें सामने आ रही हैं कि इस प्रक्रिया से जुड़े मानसिक दबाव और तनाव के कारण कुछ लोगों की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मामले पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि SIR से जुड़ी चिंता के कारण राज्य में अब तक 77 मौतें हो चुकी हैं। उनके मुताबिक, यह स्थिति गंभीर होती जा रही है, और इससे लोगों के जीवन पर गहरा असर पड़ रहा है।

    कोलकाता के विभिन्न हिस्सों और अन्य जिलों से सामने आई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि SIR के नोटिस मिलने के बाद मानसिक तनाव और चिंता की वजह से दो लोगों की मौत हो गई। इनमें से एक मामला उत्तर दिनाजपुर जिले के कालियागंज क्षेत्र का है जहां 50 वर्षीय लक्ष्मीकांत राय की सोमवार को अचानक मौत हो गई। उनके परिजनों का कहना है कि उन्हें हाल ही में SIR के तहत सुनवाई के लिए नोटिस मिला था जिसके बाद वे गहरे मानसिक दबाव में थे। राय के बेटे हीरू राय ने कहा नोटिस मिलने के बाद से पापा खाना-पीना छोड़ चुके थे और काम पर भी नहीं जा रहे थे। उन्हें डर था कि उनका नाम मतदाता सूची से हट सकता है और इस कारण उनका वोटिंग अधिकार छिन सकता है।

    दूसरी घटना उत्तर 24 परगना जिले के बसीरहाट इलाके की है जहां अनीता बिस्वास नामक बुजुर्ग महिला की स्ट्रोक के कारण मौत हो गई। उनके परिवार का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के तहत सुनवाई में शामिल होने के बाद वह मानसिक रूप से परेशान हो गई थीं। अनीता की मौत के बाद उनके बेटे काशीनाथ बिस्वास ने बताया कि उनकी मां का नाम 1995 की मतदाता सूची में था लेकिन 2002 की सूची में उनका नाम गायब था। 5 जनवरी को दस्तावेज जमा करने के बावजूद कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिलने से वह तनाव में रहने लगीं और अंतत स्ट्रोक के कारण उनकी मौत हो गई।

    इस पूरे मामले पर राजनीति भी गर्मा गई है। तृणमूल कांग्रेस के नेता निताई वैश्य ने चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया और इस प्रक्रिया को निरर्थक और दमनकारी बताया। वहीं बीजेपी युवा नेता गौरांग दास ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित करार दिया और कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक विरोध का हिस्सा है। पुलिस ने बताया कि इन मौतों का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा, लेकिन फिलहाल प्रशासन इस मुद्दे को लेकर कोई ठोस कदम उठाने में विफल नजर आ रहा है।

    कोलकाता में बूथ लेवल ऑफिसर कर्मचारियों ने भी प्रदर्शन किया है और आरोप लगाया है कि अत्यधिक काम के दबाव के कारण कई कर्मचारियों की भी मौत हो चुकी है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस से झड़पों की भी खबरें आईं। इसने इस मुद्दे को और भी गंभीर बना दिया है और सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह प्रशासनिक प्रक्रिया आम नागरिकों पर अत्यधिक दबाव डाल रही है।

  • झारखंड BJP अध्यक्ष का ऐलान 14 जनवरी को, 13 जनवरी को होगा चुनाव और नामांकन प्रक्रिया

    झारखंड BJP अध्यक्ष का ऐलान 14 जनवरी को, 13 जनवरी को होगा चुनाव और नामांकन प्रक्रिया


    झारखंड । झारखंड भारतीय जनता पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा 14 जनवरी को की जाएगी। 13 जनवरी को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद के सदस्य के लिए नामांकन प्रक्रिया होगी, और उसके बाद दोपहर 2 बजे से 3 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच होगी। फिर दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक नामांकन वापस लिए जा सकेंगे। अगर कोई चुनाव की आवश्यकता पड़ी तो 14 जनवरी को दोपहर 2 बजे के बाद प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। इस दौरान यदि मतदान की प्रक्रिया होती है, तो उसे भी पूरा किया जाएगा। फिलहाल, बाबूलाल मरांडी झारखंड बीजेपी के अध्यक्ष हैं, और वह विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी हैं। हालांकि, पार्टी में कई बदलावों की संभावनाएं हैं, और इस बार आदित्य साहू का नाम सबसे आगे चल रहा है। आदित्य साहू अभी झारखंड बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष हैं और राज्यसभा के सांसद भी हैं, जिससे उनकी अध्यक्ष बनने की संभावना प्रबल मानी जा रही है।

    झारखंड में बीजेपी के संगठनात्मक चुनाव

    9 जनवरी को झारखंड बीजेपी के 23 सांगठनिक जिलों के निर्वाचित जिलाध्यक्षों के नाम घोषित कर दिए गए हैं। प्रदेश चुनाव अधिकारी, बीजेपी के महामंत्री और सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा के अनुसार, इन चुनावों की प्रक्रिया प्रदेश स्तर से नियुक्त चुनाव अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की निगरानी में संपन्न कराई गई। खास बात यह है कि इन जिलाध्यक्षों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं, और सामाजिक दृष्टि से चार जिलाध्यक्ष अनुसूचित जनजाति वर्ग से, एक अनुसूचित जाति वर्ग से, और बाकी पिछड़ा और सामान्य वर्ग के नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा आठ जिलाध्यक्ष ऐसे भी हैं जिन्हें दोबारा निर्वाचित किया गया है।

    बीजेपी संगठन चुनाव का महत्व

    झारखंड, उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, हरियाणा, दिल्ली और त्रिपुरा जैसे राज्यों में बीजेपी के संगठन चुनाव लंबे समय से लटके हुए थे। इनमें से यूपी और गुजरात को नए अध्यक्ष मिल चुके हैं, और राष्ट्रीय स्तर पर भी नितिन नबीन को कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है। अब, झारखंड, कर्नाटका, हरियाणा, दिल्ली और त्रिपुरा जैसे राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष बनने का इंतजार है, और 13-14 जनवरी को होने वाली चुनाव प्रक्रिया के बाद इन राज्यों में भी संगठनात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।

  • सुशील कुमार ने सागर धनखड़ हत्याकांड में नियमित जमानत की याचिका दायर की, बदल चुकी परिस्थितियों का हवाला

    सुशील कुमार ने सागर धनखड़ हत्याकांड में नियमित जमानत की याचिका दायर की, बदल चुकी परिस्थितियों का हवाला


    नई दिल्ली । पहलवान सुशील कुमार ने सागर धनखड़ हत्याकांड मामले में नियमित जमानत के लिए एक नई याचिका दायर की है। याचिका में उन्होंने बदल चुकी परिस्थितियों का हवाला देते हुए अदालत से जमानत की अपील की है। उनका कहना है कि रोहिणी कोर्ट में मामले के सभी अहम गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं, जिससे अब गवाहों पर दबाव डालने या सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोई आशंका नहीं रही है। सुशील कुमार ने अदालत में अपनी याचिका में दावा किया है कि अभियोजन पक्ष के सभी महत्वपूर्ण गवाहों से पूछताछ पूरी हो चुकी है। अब चूंकि मामले में कोई भी नया तथ्य सामने आने की संभावना नहीं है इसलिए नियमित जमानत दी जाए।
    उनके वकील आर.एस. मलिक ने यह भी बताया कि सुशील कुमार का स्वास्थ्य लंबे समय से जेल में रहने के कारण बिगड़ने लगा है और अब न्यायिक हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं रह गया है। कभी सुशील कुमार को 2021 में सागर धनखड़ हत्याकांड में गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली के मॉडल टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज इस मामले में उनका नाम आरोपियों में था। इस मामले में पहलवान सुशील कुमार और उनके साथियों पर आरोप है कि 4-5 मई 2021 की रात सागर धनखड़ को अगवा कर दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम के पार्किंग क्षेत्र में ले जाकर उन पर हमला किया था जिससे उनकी मौत हो गई थी।

    इसके बाद, मार्च 2025 में दिल्ली हाई कोर्ट से सुशील कुमार को नियमित जमानत मिल गई थी, लेकिन 13 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने यह जमानत रद्द कर दी थी। कोर्ट ने कहा था कि इस मामले के सभी अहम गवाहों से पूछताछ पूरी नहीं हुई थी इसलिए जमानत नहीं दी जा सकती थी। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि जब तक गवाहों के बयान दर्ज नहीं होते, तब तक आरोपी को जमानत नहीं मिल सकती। हालांकि कोर्ट ने यह संभावना भी जताई थी कि यदि परिस्थितियां बदलती हैं तो आरोपी फिर से जमानत की याचिका दायर कर सकता है।

    अब, सुशील कुमार की ओर से दाखिल की गई नई याचिका में यह तर्क दिया गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक परिस्थितियां अब बदल चुकी हैं। अब तक 222 गवाहों में से 42 अहम गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं जिसमें घायल पक्ष के सदस्य भी शामिल हैं। याचिका में यह भी कहा गया है कि मामले में अब अभियोजन पक्ष के साक्ष्य दर्ज किए जा रहे हैं और इस दौरान सबूतों से छेड़छाड़ या गवाहों को प्रभावित करने का कोई कारण नहीं रह गया है। रोहिणी कोर्ट में मंगलवार को इस याचिका पर सुनवाई हो सकती है और अदालत से उम्मीद की जा रही है कि सुशील कुमार को जमानत मिलने की संभावना है खासकर जब उनका स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है। अदालत इस याचिका पर अगली सुनवाई के दौरान फैसला ले सकती है।

  • संक्रांति के बाद मध्य प्रदेश में मौसम बदलेगा करवट, उत्तर में मावठे के आसार

    संक्रांति के बाद मध्य प्रदेश में मौसम बदलेगा करवट, उत्तर में मावठे के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में शीतलहर का असर अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड के बीच मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि संक्रांति के बाद मौसम की चाल बदल सकती है। भारतीय मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 जनवरी से उत्तरी हिमालय क्षेत्र में नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी इलाकों में दो से तीन दिन बाद मावठे की स्थिति बन सकती है।
    इस बीच ग्वालियर, चंबल, रीवा और सागर संभाग में तेज सर्दी के साथ मध्यम स्तर का कोहरा छाए रहने की संभावना है। मंगलवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा जिलों में कोहरे का असर दर्ज किया गया। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, खजुराहो, गुना, शिवपुरी, शाजापुर और सीहोर में भी सुबह के समय धुंध देखने को मिली। अधिकतर क्षेत्रों में दृश्यता घटकर 1 से 2 किलोमीटर के बीच रही।

    उत्तरी भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के सीधे असर के चलते प्रदेश के उत्तर हिस्सों में ठंड और ज्यादा तीखी हो गई है। ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है, वहीं दतिया और श्योपुर में भी सर्दी का असर बरकरार है। राजधानी भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में रात का पारा लगातार 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया जा रहा है।

    रविवार और सोमवार की रात बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। भोपाल में 9 डिग्री, इंदौर में 9.6 डिग्री, उज्जैन में 9.4 डिग्री और जबलपुर में 9.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। वहीं शहडोल जिले के कल्याणपुर में प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस रहा। दतिया में 5.4 डिग्री, राजगढ़ और पचमढ़ी में 5.6 डिग्री, मंडला में 5.9 डिग्री और खजुराहो में 6.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है।

    दिन के तापमान की बात करें तो सोमवार को दतिया सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 21.8 डिग्री, पचमढ़ी में 21.2 डिग्री, नौगांव में 21.6 डिग्री, रीवा में 22.2 डिग्री, खजुराहो और श्योपुर में 22.6 डिग्री तथा मलाजखंड में 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    नए साल की शुरुआत से ही प्रदेश में घना कोहरा और तेज ठंड का दौर जारी है, जिसका सीधा असर रेल सेवाओं पर पड़ रहा है। दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। इनमें मालवा एक्सप्रेस सबसे अधिक प्रभावित बताई जा रही है। इसके अलावा पंजाब मेल, जनशताब्दी, झेलम और सचखंड एक्सप्रेस सहित करीब एक दर्जन ट्रेनें अपने तय समय से विलंब से पहुंच रही हैं।