Author: bharati

  • 26/11 हमले के मास्टरमाइंड राणा के पसंदीदा वकील कौन-कौन? जानिए पूरी लिस्‍ट

    26/11 हमले के मास्टरमाइंड राणा के पसंदीदा वकील कौन-कौन? जानिए पूरी लिस्‍ट


    मुंबई। मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा ने पैरवी के लिए अपनी पसंद के वकीलों के नाम की सूची अदालत को सौंप दी है। यह लिस्ट पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए अदालत में पेश की गई। विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा की अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को निर्देश दिया है कि वह सूची में शामिल वकीलों से संपर्क कर यह पता लगाए कि उनमें से कौन राणा की ओर से पेश होने के लिए सहमत है और उनकी लिखित सहमति प्राप्त करें।
    राणा ने दिल्ली और राजधानी के बाहर के करीब 10 वकीलों के नाम सूची में दिए हैं।

    सुनवाई के दौरान तहव्वुर राणा ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह अपनी पसंद का वकील नियुक्त करना चाहता है। अदालत ने एनआईए को आवश्यक निर्देश जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च को तय की है, ताकि वकीलों की सहमति से अदालत को अवगत कराया जा सके। इससे पहले, अदालत ने राणा को अपने परिवार से वकील की नियुक्ति को लेकर बातचीत के लिए कॉल सुविधा देने की इजाजत दी थी। फिलहाल राणा को लीगल एड काउंसिल के तौर पर अधिवक्ता पीयूष सचदेवा उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन राणा ने अपनी पसंद के वकील रखने की इच्छा जताई थी।
    आतंकी हमले में राणा के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल

    इसके बाद, पीयूष सचदेवा को मामले से मुक्त कर दिया गया है। राणा फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए से अदालत में पेश किया गया। पेशी के दौरान उसने अधिवक्ता एमएस खान का नाम विशेष रूप से अपनी पसंद के वकीलों में शामिल बताया। एनआईए ने आतंकी हमले के मामले में राणा के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर रखा है। मुख्य आरोपपत्र दिसंबर 2011 में दाखिल किया गया था, जबकि जुलाई 2025 में एक पूरक आरोपपत्र पेश किया गया था।

  • लाश के टुकड़े करके ड्रम में छिपाने की एक और घटना, दम्‍पत्ति गिरफ्तार

    लाश के टुकड़े करके ड्रम में छिपाने की एक और घटना, दम्‍पत्ति गिरफ्तार

    लुधियाना। पंजाब के लुधियाना में पुलिस ने 35 वर्षीय व्यक्ति की निर्मम हत्या के आरोप में पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव जालंधर बाईपास के पास एक सुनसान जगह से बरामद किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि मृतक की पहचान दविंदर के रूप में हुई है, जो मुंबई में प्रिंटिंग और ग्राफिक डिजाइन की दुकान में काम करता था। वह मुंबई से कुछ ही दिन पहले लौटा था और अपने घर पर करीब 15 मिनट ठहरने के बाद बाहर चला गया, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा।
    अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (DSP) समीर वर्मा के अनुसार, मुख्य आरोपी शमशेर, दविंदर का मित्र था और उन्होंने बुधवार को साथ में नशीले पदार्थों का सेवन किया था। उन्होंने बताया कि दोनों के बीच किसी बात को लेकर कथित तौर पर बहस हुई। उन्होंने बताया कि बहस के बाद शमशेर ने मौके पर मौजूद धारदार हथियार से दविंदर पर कथित रूप से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। शमशेर बढ़ई का काम करता है।
    अपराध को छिपाने के प्रयास में शमशेर और उसकी पत्नी ने शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए, अवशेषों को बोरी में भरा और उन्हें अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने लगा दिया।
    ड्रम के अंदर मिले शव के टुकड़े

    पुलिस ने बताया कि व्यक्ति का शव कई टुकड़ों में कटा हुआ मिला, जिसके कुछ अवशेष गुरुवार को सलेम तबरी क्षेत्र में एक ड्रम के अंदर पाए गए। शव का एक अंग, ड्रम से करीब एक किलोमीटर दूर मिला था और ये सड़ना शुरू हो गया था। अधिकारी ने बताया कि अपराध के बाद इसके उजागर होने के कथित तौर पर डर के कारण उसकी पत्नी भी शव को ठिकाने लगाने में शामिल हो गई। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।

  • ट्रैक्टर रैली से ट्रैफिक डायवर्जन, भारत भवन में सजेगा विचारों का मंच…

    ट्रैक्टर रैली से ट्रैफिक डायवर्जन, भारत भवन में सजेगा विचारों का मंच…


    नई दिल्ली ।आज राजधानी भोपाल में साहित्यसंस्कृतिप्रशासन और किसान हितों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। रविवार को शहर एक ओर जहां विचारों और कला की खुशबू से महकेगावहीं दूसरी ओर ट्रैक्टरों की गूंज से सड़कों पर हलचल बढ़ेगी। भारत भवन में चल रहे भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल 2026 का आज समापन दिवस हैजबकि मध्यप्रदेश सरकार कृषक कल्याण वर्ष 2026 की औपचारिक शुरुआत विशाल ट्रैक्टर रैली के साथ करेगी। इन बड़े आयोजनों के कारण शहर की यातायात व्यवस्था में भी अहम बदलाव किए गए हैं।प्रशासन के अनुसार रविवार सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक भोपाल के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन रहेगा। कोकता बायपासमिसरोद–सलैया रोडखजूरी कलापटेल नगरलांबाखेड़ाबागसेवनियाअशिमा मॉलएम्स रोड और जंबूरी मैदान के आसपास यातायात का दबाव अधिक रहने की संभावना है। नागरिकों से अपील की गई है कि गैर-जरूरी यात्रा से बचें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करेंताकि जाम की स्थिति न बने।

    भारत भवन में आयोजित भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल का आज फिनाले है। समापन दिवस पर संविधानइतिहासपर्यावरणवैश्विक राजनीतिसिनेमा और समकालीन साहित्य जैसे विषयों पर केंद्रित सत्र होंगे। देश के प्रख्यात लेखकचिंतक और कलाकार अपने विचार साझा करेंगे। इसके साथ ही कविता पाठसंवाद सत्र और आर्ट परफॉर्मेंस के जरिए सांस्कृतिक रंग भी बिखरेंगे। साहित्य प्रेमियों के लिए यह दिन विचारों के उत्सव जैसा रहेगा।शहर में आज अन्य सांस्कृतिक गतिविधियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। जनजातीय संग्रहालय में दोपहर 12 बजे शलाका चित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ होगाजिसमें पारंपरिक और समकालीन कला का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। वहीं भेल स्थित चंद्रप्रभु जैन मंदिर परिसर में जैन शिरोज भोपाल द्वारा कार्निवाल 3.0 की शुरुआत होगीजहां सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ फूड फेस्टटैलेंट हंट और महिला उद्यमिता से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

    इसी बीच राज्य सरकार किसानों को समर्पित कृषक कल्याण वर्ष 2026 की शुरुआत भी आज करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोकता बायपास स्थित आरटीओ कार्यालय के पास लगभग 1101 ट्रैक्टरों की रैली को हरी झंडी दिखाएंगे। यह रैली जंबूरी मैदान पहुंचेगीजहां राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित होगा। मुख्यमंत्री किसानों को वर्ष भर चलने वाली योजनाओंनवाचारों और कृषि रोडमैप की जानकारी देंगे। सरकार का फोकस उद्यानिकीपशुपालनडेयरीमत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण पर रहेगाताकि खेती को तकनीक आधारितरोजगारोन्मुख और अधिक लाभकारी बनाया जा सके।

    उधरभोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के चुनाव को लेकर भी आज सरगर्मी तेज रहेगी। अध्यक्ष पद के लिए नामांकन की आज अंतिम तिथि है। पूर्व अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पालीवरिष्ठ नेता गोविंद गोयल और आकाश गोयल के मैदान में उतरने से मुकाबला रोचक हो गया है। आने वाले दिनों में नामांकन जांच और नाम वापसी के बाद तस्वीर और साफ होगी।

    कुल मिलाकर आज का दिन भोपाल के लिए विचारसंस्कृतिकिसान शक्ति और सियासी हलचल से भरा हुआ रहने वाला है।

  • US: महिला की हत्या के बाद फूटा गुस्सा, ट्रंप के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग.. कई शहरों में तनाव

    US: महिला की हत्या के बाद फूटा गुस्सा, ट्रंप के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग.. कई शहरों में तनाव


    वाशिंगटन।
    अमेरिका (America) में इमिग्रेशन अधिकारियों (Immigration officials) द्वारा 37 साल की महिला की गोली मारकर हत्या के बाद हालात संगीन हो गए हैं। गोली लगने के बाद ही रेनी गुड (Renee Good) नाम की महिला की मौत हो गई थी। इसके बाद अमेरिका के कई शहरों में लोगों को गुस्सा फूट पड़ा है। लॉस एंजेल्स, वॉशिंगटन से लेकर कंसास और मिसौरी तक लोग इस घटना के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। इस घटना के बाद डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन (Donald Trump administration) पर भी दबाव बढ़ गया है।

    सरकार के अधिकारियों के मुताबिक पहले आईसीई के एजेंट महिला की कार के पास पहुंचे थे। महिला ने जैसे ही कार आगे बढ़ाई कि अधिकारियों ने उसपर गोली चला दी। रेनी गुड आईसीई विरोधी गुट में भी शामिल नहीं थीं। इस गटना के बाद ट्रंप प्रशासन ने मिनेसोटा में भारी तैनाती कर दी है। जानकारी के मुताबिक महिला अमेरिकी ही थी और वह इमिग्रेशन अभियान का टारगेट भी नहीं थी।

    इस घटना के बाद मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ड ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की इस तरह की खौफ और हेडलाइन पैदा करने वाले ऐक्शन लोगों की जान लेने के अलावा कुछ नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि यहां टीवी स्टाइल में सरकार चल रही है और इसकी कीमत लोगों को जान देकर चुकानी पड़ रही है।

    मिनियापोलिस के मेयर जैकब फ्रे ने भी कहा कि यह गोली आत्मरक्षा में नहीं चलाई गई बल्कि जानबूझकर हत्या करने के लिए चलाई गई थी। उन्होंने कहा कि आईसीई को शहर छोड़ देना चाहिए और यहां के लोगों को शांति से रहने देना चाहिए। न्यूयॉर्क के नए मेयर ममदानी ने भी कहा कि आईसीई देशभर में हिंसा के लिए जिम्मेदार है।

    अमेरिका में भारी बवाल
    अमेरिका के सिविल ऐक्टिविस्ट अब सड़कों पर उतर चुके हैं। रविवार को कई समूहों ने रैली निकाली। ऐसे में अमेरिका में संघीय सरकार और राज्य सरकारों के बीच तनाव बढ़ गया है। इसी बीच पोर्टलैं में यूएस बॉर्डर पट्रोल एजेंट ने दो लोगों को गोली मार दी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एक हफ्ते के भीतर शूटिंग की दो घटनाएं हो चुकी हैं। इससे पता चलता है कि डोनाल्ड ट्रंप की नजर में किसी की जान की कोई कीमत नहीं है।

  • J&K: अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन से गिराई गई हथियारों की खेप, पिस्तौल, कारतूस और ग्रेनेड बरामद

    J&K: अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन से गिराई गई हथियारों की खेप, पिस्तौल, कारतूस और ग्रेनेड बरामद


    श्रीनगर।
    जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के सांबा जिले (Samba district) में अंतरराष्ट्रीय सीमा (International Border) के पास पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के जरिए गिराई गई हथियारों की खेप बरामद की गई है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2 पिस्तौल, 3 मैगजीन, 16 कारतूस और एक ग्रेनेड सहित अन्य सामान बरामद किया गया है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह (Republic Day celebrations) को बाधित करने के आतंकवादियों के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

    अधिकारियों ने बताया कि सीमा पार से ड्रोन की संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने के बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) की एक संयुक्त टीम ने शुक्रवार देर रात घगवाल क्षेत्र के पलोरा गांव में तलाश अभियान शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी दल को एक नाले के किनारे पीले रंग की टेप में लिपटा पैकेट मिला, जिसे बम निरोधक दस्ते की मदद से खोला गया। उन्होंने बताया कि पैकेट से हथियार बरामद किए गए। अधिकारियों ने बताया कि अंतिम सूचना मिलने तक तलाश अभियान जारी था।


    ढलान से गिरने से सेना के 2 कुलियों की मौत

    दूसरी ओर, उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के गुलमर्ग सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास ढलान से फिसलकर गिरने से सेना के 2 नागरिक कुलियों की मौत हो गई और उनके शवों को बरामद किया गया। अधिकारियों ने कहा दोनों कुलियों की पहचान लियाकत अहमद दीदार और इशाक अहमद खटाना के रूप में हुई है। दोनों बारामूला के चंदूसा के रहने वाले थे। दोनों कुली गुरुवार दोपहर एक अग्रिम क्षेत्र से फिसलकर एक नाले में गिर गए थे। घटना के तुरंत बाद श्रीनगर स्थित 15 कोर के नियंत्रण में आने वाले गुलमर्ग सेक्टर में बचाव अभियान शुरू किया गया। खोज अभियान को जम्मू क्षेत्र के पुंछ सेक्टर तक बढ़ाया गया क्योंकि यह दुर्घटनास्थल के निकट है। नियंत्रण रेखा का पुंछ क्षेत्र सेना की नगरोटा स्थित व्हाइट नाइट (16) कोर के अधिकार क्षेत्र में आता है।

  • HIV की चपेट में देश का यह राज्य… प्रसार दर 2.75 प्रतिशत, राष्ट्रीय औसत से कई गुना अधिक

    HIV की चपेट में देश का यह राज्य… प्रसार दर 2.75 प्रतिशत, राष्ट्रीय औसत से कई गुना अधिक


    नई दिल्ली।
    मिजोरम (Mizoram) में निवारक उपायों (Preventive measures) में सुधार के बावजूद वयस्कों में HIV प्रसार दर देश में सबसे अधिक 2.75 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 0.20 प्रतिशत से काफी ज्यादा है। मिजोरम राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी (Mizoram State AIDS Control Society) की परियोजना निदेशक डॉ. जेन आर राल्टे ने कहा कि राज्य में 2018 से एचआईवी संक्रमण के नए मामलों (New cases of HIV infection) में गिरावट दर्ज की जा रही है। उन्होंने बताया कि मिजोरम राष्ट्रीय एचआईवी रोकथाम रैंकिंग में वर्ष 2025-26 में दो पायदान चढ़कर तीसरे स्थान पर आ गया है जबकि 2024-25 में यह पांचवें स्थान पर था।

    राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन के अनुसार, एड्स निवारक उपायों और इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों के मामले में मिजोरम ने अभूतपूर्व प्रगति की है। नए एचआईवी संक्रमण के मामलों में साल 2018 से लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘इस सकारात्मक रुझान के बावजूद, मिजोरम अब भी देश में सबसे अधिक वयस्क एचआईवी प्रसार दर (2.75 प्रतिशत) वाला राज्य बना हुआ है, जो 0.20 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है।’ राल्टे ने बताया कि अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के बीच 1.4 लाख से अधिक रक्त नमूनों का परीक्षण किया गया, जिनमें से कम से कम 3,257 में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई। इन संक्रमित व्यक्तियों में 179 गर्भवती महिलाओं समेत 953 महिलाएं शामिल थीं।


    अब तक कुल 33,781 मामले सामने आए

    डॉ. राल्टे ने बताया कि एचआईवी के सर्वाधिक मामले 25-34 वर्ष के आयु वर्ग में पाए गए हैं। मिजोरम में एचआईवी का पहला मामला अक्टूबर 1990 में सामने आया था और अब तक कुल 33,781 मामले सामने आ चुके हैं। एमएसएसीएस के एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल राज्य में लगभग 26,321 लोग HIV से संक्रमित हैं। राल्टे ने यह जानकारी भी दी कि अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के बीच सामने आए 3,257 नए एचआईवी मामलों में से 70.4 प्रतिशत में संक्रमण का कारण यौन संबंध था। उन्होंने बताया कि इसके अलावा मादक पदार्थों का सेवन करने और विभिन्न लोगों द्वारा एक ही सुई से इंजेक्शन लगाने के कारण 27.3 प्रतिशत, माता-पिता से बच्चों में संक्रमण फैलने के 1.8 प्रतिशत, और अज्ञात कारणों से संक्रमण फैलने के 0.8 प्रतिशत मामले सामने आए।


    HIV संक्रमण की उच्च दर को करो नियंत्रित

    स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई ने कहा कि राज्य सरकार HIV संक्रमण की उच्च दर को नियंत्रित करने के लिए कई ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि मिजोरम में 14 एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां फिलहाल 18,355 संक्रमित मरीजों को मुफ्त उपचार किया जा रहा है। मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार अब गिरजाघरों के साथ मिलकर विवाह से पहले एचआईवी का परीक्षण कराने के लिए जागरूकता फैलाने पर विचार कर रही है ताकि लोग अपनी सेहत को लेकर अधिक सतर्क और जिम्मेदार बनें।

  • मध्य प्रदेश: CM मोहन यादव ने 2 साल बाद भूपेंद्र के क्षेत्र का किया पहला दौरा; राजपूत भी रहे मौजूद

    मध्य प्रदेश: CM मोहन यादव ने 2 साल बाद भूपेंद्र के क्षेत्र का किया पहला दौरा; राजपूत भी रहे मौजूद

    भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव शनिवार को खुरई पहुंचे, यह उनका अपने पद संभालने के दो साल बाद भूपेंद्र सिंह के क्षेत्र का पहला दौरा था। इस अवसर पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव भी यादव के साथ मौजूद रहे। खुरई में आयोजित रोड शो और जनसैलाब ने मुख्यमंत्री को काफी भावुक कर दिया।

    मुख्यमंत्री यादव ने खुरई के लिए 312 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की घोषणा की। यादव ने स्वागत और उत्साह देख कर कहा कि वह यहां ठहरने का मन कर रहे थे। यादव ने पिछले दो सालों में लगभग सभी भाजपा विधायकों के क्षेत्रों का दौरा किया है, लेकिन भूपेंद्र सिंह इस दौरान ज्यादातर दौरों में अनुपस्थित रहे।

    राजनीतिक माहौल पर नजर डालें तो सागर में पिछले दो साल से भूपेंद्र और गोविंद के बीच सियासी प्रतिस्पर्धा जारी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने हाल ही में सागर दौरे के दौरान दोनों नेताओं को एक मंच पर लाने की कोशिश की थी। इस दौरे के दौरान दोनों नेताओं को एक साथ मंच पर देखा गया।

    राजपूत का भाषण विवाद

    कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री यादव को भाषण के बाद फोन किया। लेकिन इसके बावजूद गोविंद सिंह राजपूत ने अपना भाषण दे दिया। भूपेंद्र ने समय की कमी का हवाला दिया, बावजूद इसके राजपूत ने अपनी बात रखी, जिससे हल्का विवाद देखने को मिला।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव का खुरई दौरा दो वर्षों के बाद भूपेंद्र सिंह के क्षेत्र में विकास योजनाओं की घोषणाओं और राजनीतिक समीकरणों को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मंच पर दोनों नेताओं की उपस्थिति और राजपूत का भाषण विवाद इस दौरे की चर्चा का प्रमुख हिस्सा बना।

  • सोमनाथ में 'शौर्य यात्रा' से पहले गूंजे वैदिक मंत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर रहे कलाकारों में दिखा उत्साह

    सोमनाथ में 'शौर्य यात्रा' से पहले गूंजे वैदिक मंत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर रहे कलाकारों में दिखा उत्साह

    नई दिल्ली। सोमनाथ में ‘स्वाभिमान पर्व’ के तहत आयोजित ‘शौर्य यात्रा’ की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। वैदिक मंत्रों की गूंज के बीच विभिन्न राज्यों के कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ इस पर्व को विशेष बना रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी रविवार को इस शौर्य यात्रा में हिस्सा लेंगे और सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना करेंगे। इस अवसर पर मणिपुर, केरल, राजस्थान सहित कई राज्यों के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। मणिपुर से आए कलाकारों ने यहां ‘वसंत रास’ और मयूर नृत्य प्रस्तुत किया, तो गुजरात के कलाकार गरबा और देवी दुर्गा की झांकियों के माध्यम से धार्मिक एवं सांस्कृतिक रंग भर रहे हैं।

    कलाकारों की उत्साही प्रस्तुतियां और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति सम्मान

    कलाकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के सामने प्रस्तुति देना उनके लिए गर्व का क्षण है। मणिपुर से आए कलाकारों ने बताया कि वे पहले भी प्रधानमंत्री से मिल चुके हैं और इस बार भी उनसे मिलने के लिए बेहद उत्साहित हैं। देवी दुर्गा की प्रस्तुति देने वाले कलाकारों ने इसे श्रद्धा का अवसर बताया। इसी प्रकार, गुजरात के कलाकारों ने गरबा प्रस्तुत कर स्थानीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व किया। तीर्थयात्रियों का उत्साह भी देखने योग्य है। एक तीर्थयात्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आगमन से सोमनाथ में माहौल और भी उत्साहित हो गया है और बड़ी संख्या में लोग इस ऐतिहासिक यात्रा को देखने पहुंचे हैं।

    शौर्य यात्रा और 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक महत्व

    सोमनाथ में आयोजित शौर्य यात्रा का आकर्षण 108 घोड़े बने हुए हैं। यह औपचारिक शोभा यात्रा प्राचीन काल के वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि देने के लिए निकाली जाती है। 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस वीरता, बलिदान और शौर्य का संदेश देता है। यात्रा के दौरान घोड़ों की रवानगी और भव्य झांकियां दर्शकों का मन मोह रही हैं। यह यात्रा सोमनाथ मंदिर की रक्षा और ऐतिहासिक गौरव को याद दिलाने का प्रतीक भी है।

    प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम और जनसभा

    शौर्य यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वे एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर भी व्यापक तैयारियां की गई हैं। धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व से जुड़ा यह पर्व स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर विशेष उत्साह का केंद्र बना हुआ है।

  • ट्रंप की धमकी पर ग्रीनलैंड के सियासी दलों की दो-टूक, बोले- कोई दूसरा तय नहीं करेगा हमारे देश का भविष्य

    ट्रंप की धमकी पर ग्रीनलैंड के सियासी दलों की दो-टूक, बोले- कोई दूसरा तय नहीं करेगा हमारे देश का भविष्य


    नूक (ग्रीनलैंड)।
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने जब से ग्रीनलैंड (Greenland) पर कब्जे की बात कही है, खलबली मची हुई है। अब ग्रीनलैंड की संसद (Greenland Parliament) के तमाम नेताओं ने संयुक्त वक्तव्य जारी किया है। इसमें ग्रीनलैंड के नेताओं ने कहा है कि उनके देश का भविष्य कोई दूसरा नहीं तय करेगा, बल्कि खुद यहां के लोग करेंगे। इंसारत्तूस में प्रतिनिधित्व करने वाली सभी पांच पार्टियों के नेताओं द्वारा साइन किए गए एक बयान में, अमेरिका या डेनमार्क के नियंत्रण के किसी भी सुझाव को अस्वीकार कर दिया। इस बयान में कहा गया है कि हम अमेरिकन नहीं बनना चाहते हैं। हमें डैनिश नहीं होना चाहते। हम सिर्फ ग्रीनलैंड वाले बनकर रहना चाहते हैं।

    गौरतलब है कि तीन जनवरी को की गई कार्रवाई में वेनेजुएला के नेतृत्व को सफलतापूर्वक उखाड़ फेंकने के बाद, अमेरिका सरकार का हौसला बढ़ गया है। अब वह सीधे ग्रीनलैंड को अपने कब्जे में लेने की बात कर रही है। विभिन्न यूरोपीय नेताओं ने अपनी चिंता व्यक्त की है, लेकिन वे एक कथित सहयोगी द्वारा किए गए विश्वासघात पर कोई सुसंगत प्रतिक्रिया देने में सक्षम नहीं हो पाए हैं।

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका को रूस और चीन को ग्रीनलैंड पर कब्जा करने से रोकने के लिए उस पर अपना नियंत्रण करना चाहिए। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में तेल इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर हम ग्रीनलैंड नहीं लेते हैं, तो रूस या चीन आपके पड़ोसी बन जाएंगे। ऐसा नहीं होने वाला है। मैं आसानी से डील करना चाहता हूं। लेकिन अगर हम इसे आसानी से नहीं करते हैं, तो हम इसे मुश्किल तरीके से करेंगे। उन्होंने डेनमार्क के एक स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड पर डेनमार्क की संप्रभुता पर सवाल उठाया और इस विशाल, संसाधन से भरपूर द्वीप पर ऐतिहासिक दावों को खारिज कर दिया।

    ट्रंप ने कहा कि मैं डेनमार्क का प्रशंसक हूं, लेकिन, आप जानते हैं, सिर्फ इसलिए कि 500 साल पहले उनका एक जहाज वहां उतरा था, इसका मतलब यह नहीं है कि वे उस जमीन के मालिक हैं। यह टिप्पणियां अमेरिका और कई नाटो सहयोगियों के बीच बढ़ते तनाव के बीच आई हैं। डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने ऐसे किसी भी कदम को साफ तौर पर खारिज कर दिया है। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने चेतावनी दी है कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी हमला नाटो और दूसरे विश्व युद्ध के बाद की सुरक्षा व्यवस्था का अंत होगा।

  • Iran में उग्र प्रदर्शनों के बीच क्राउन प्रिंस का घर वापसी का ऐलान, शहरों पर कब्जा करने की अपील

    Iran में उग्र प्रदर्शनों के बीच क्राउन प्रिंस का घर वापसी का ऐलान, शहरों पर कब्जा करने की अपील


    तेहरान।
    ईरान में उग्र होते प्रदर्शनों (Iran’s Escalating Protests) के बीच निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी (Exiled Crown Prince Reza Pahlavi) ने घर वापसी का ऐलान कर दिया है। इसके अलावा उन्होंने ईरान के लोगों से अपील की है कि वे अब सिर्फ सड़कों पर ना उतरें बल्कि शहरों के सिटी सेंटर्स को अपने कब्जे में ले लें। उन्होंने कहा है कि अगर खूनी सत्ता के शीर्ष पर बैठे अली खामेनेई को उतार फेंकना है तो और ज्यादा संगठित होकर प्रदर्शन को तेज करना होगा।

    बता दें कि पूर्व शाह के बेटे रजा पहलवी ने महंगाई और आर्थिक बदहाली को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसके बाद यह प्रदर्शन उग्र होता चला गया। वहीं ईरान की इस्लामिक सरकार ने भी ऐक्शन के आदेश दे दिए और सेना की गोलीबारी में कई प्रदर्शनकारी मारे गए। अब तक इन प्रदर्शनों में 2017 लोगों के मारे जाने की खबर है। हालांकि सरकारी आंकड़ों में केवल 65 मौतें ही बताई गई हैं।


    खामेनेई ने दी मृत्युदंड की चेतावनी

    ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई (86) ने प्रदर्शनकारियों को मृत्युदंड तक की चेतावनी द है। तेहरान में अपने परिसर में समर्थकों से कहा कि प्रदर्शनकारी अमेरिका के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने (ट्रंप ने) कहा है कि वह उनकी (प्रदर्शनकारियों की) मदद के लिए आगे आएंगे। इसके बजाय उन्हें अपने खुद के देश के हालात पर ध्यान देना चाहिए।”

    ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसिनी-इजेई ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को कोई कानूनी नरमी बरते बिना निर्णायक और अधिकतम सजा दी जाएगी। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान में प्रदर्शनकारियों को मारा गया तो अमेरिका ईरान पर हमला करेगा। वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई के बाद ट्रंप की इस चेतावनी को काफी गंभीरता से लिया जा रहा है।


    ईरान पर हमले को तैयार बैठे हैं ट्रंप?

    ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि अगर अमेरिका हमला करता है तो इसका मतलब यह नहीं होगा कि सैनिक जमीन पर भेजे जाएंगे, बल्कि इसका मतलब होगा कि दुश्मन को बहुत जोरदार तरीके से वहीं चोट पहुंचाई जाएगी जहां सबसे ज्यादा असर हो। ट्रंप ने कहा, “मैं ईरान के नेताओं से कहता हूं कि गोलियां चलाना शुरू मत करना, क्योंकि अगर तुमने ऐसा किया तो हम भी (तुम्हारे खिलाफ) करेंगे।”

    एसोसिएटेड प्रेस को मिले एक वीडियो में उत्तरी तेहरान के सादत आबाद इलाके में विरोध प्रदर्शन होते दिख रहे हैं और सड़कों पर हजारों लोग नजर आ रहे हैं इस दौरान एक व्यक्ति को खामेनेई मुर्दाबाद कहते हुए सुना गया है।