Author: bharati

  • 10 जनवरी महाकाल आरती: कण-कण में महादेव, मस्तक पर चंद्र अर्पित कर बाबा का भव्य श्रृंगार

    10 जनवरी महाकाल आरती: कण-कण में महादेव, मस्तक पर चंद्र अर्पित कर बाबा का भव्य श्रृंगार


    उज्जैन । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में 10 जनवरी को माघ माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर भव्य भस्म आरती का आयोजन हुआ। तड़के 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए और विशेष श्रृंगार के साथ भगवान महाकाल की भस्म आरती संपन्न हुई। इस अवसर पर महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया जिसे देखने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।मंदिर के पट खुलने के बाद, पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन किया और भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके बाद पंचामृत से अभिषेक पूजन किया गया जिसमें दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस का उपयोग किया गया। विशेष ध्यान बाबा महाकाल के मस्तक पर चंद्र अर्पित करने पर दिया गया, जो इस दिव्य श्रृंगार का अहम हिस्सा था।

    भस्म आरती की विशेषताएँ

    भस्म अर्पण से पहले प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का ध्यान किया गया। इसके बाद कपूर आरती की गई और ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्म रमाई गई। फिर शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। भगवान महाकाल को आभूषणों से सजाया गया और सुगंधित पुष्पों से उनका अलंकरण किया गया।

    श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
    इस भव्य आरती का दृश्य अत्यधिक श्रद्धा और भक्तिभाव से परिपूर्ण था। भस्म आरती के दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। कई श्रद्धालु नंदी महाराज के पास गए और उनके कान के पास जाकर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मांगा। मंदिर में बाबा महाकाल की जयकारे गूंज रहे थे, जिससे पूरा परिसर महाकाल की भक्ति से भरा हुआ था। इस दिन के आयोजन में श्रद्धालुओं ने अपने पूरे मन से बाबा महाकाल को नमन किया और उन्हें खुशहाल जीवन की कामना की। महाकाल मंदिर का वातावरण भव्यता और आस्था से ओत-प्रोत था, जो श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया।

  • सागर दौरे पर CM डॉ. मोहन यादव: खुरई में करोड़ों के विकास कार्यों का लोकार्पण, लोकपथ 2.0 एप का भी होगा उद्घाटन

    सागर दौरे पर CM डॉ. मोहन यादव: खुरई में करोड़ों के विकास कार्यों का लोकार्पण, लोकपथ 2.0 एप का भी होगा उद्घाटन


    भोपाल । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सागर जिले के खुरई में एक महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे, जहां वे 312 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले विकास कार्यों का लकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। इस दौरे का उद्देश्य स्थानीय विकास को नई गति देना और जनता से सीधे संवाद स्थापित करना है।

    मुख्यमंत्री के दौरे की शुरुआत एक रोड शो से होगी, जिसमें वे खुरई शहर में आम जनता से जुड़ेंगे और उन्हें इन विकास कार्यों की सौगातों का एहसास कराएंगे। रोड शो के बाद सीएम डॉ. यादव 165 करोड़ रुपये की लागत से 38 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। इसके अलावा, 147 करोड़ रुपये की लागत से 48 विकास कार्यों का भूमिपूजन शिलान्यास भी किया जाएगा। ये कार्य मुख्यतः सड़क, जल आपूर्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों से जुड़े होंगे, जो खुरई और आसपास के इलाकों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होंगे।

    मुख्यमंत्री का भोपाल कार्यक्रम

    खुरई दौरे से पहले, मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल में लोक निर्माण विभाग पीडब्ल्यूडी के एक प्रमुख कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से 1500 से अधिक अभियंता शामिल होंगे, जो इंजीनियरिंग कार्यों में अपनी क्षमताओं को और बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री द्वारा कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क दस्तावेज का विमोचन किया जाएगा, जो प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा। साथ ही, मुख्यमंत्री लोकपथ 2.0 एप का भी लोकार्पण करेंगे। यह एप इंजीनियरिंग कार्यों को डिजिटल और अधिक कुशल बनाने में मदद करेगा, जिससे प्रदेश में निर्माण कार्यों की निगरानी और प्रबंधन अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।

  • पुणे राजनीति में हलचल: सुप्रिया सुले–अजित पवार एक मंच पर, निकाय चुनाव का मेनिफेस्टो जारी

    पुणे राजनीति में हलचल: सुप्रिया सुले–अजित पवार एक मंच पर, निकाय चुनाव का मेनिफेस्टो जारी

    नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार को एक ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसने सबका ध्यान खींच लिया। वर्षों बाद एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले और उपमुख्यमंत्री अजित पवार एक ही मंच पर साथ नजर आए। मौका था पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निकाय चुनावों के लिए एनसीपी (एसपी) और एनसीपी द्वारा संयुक्त मेनिफेस्टो जारी करने का। राजनीतिक गलियारों में इसे स्थानीय स्तर पर एक नई रणनीतिक पहल के तौर पर देखा जा रहा है।

    पानी संकट और टैंकर माफिया पर सख्त रुख

    घोषणापत्र जारी करते हुए सुप्रिया सुले ने पुणे और मुंबई में सक्रिय टैंकर माफिया का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि पानी की कमी के बीच अवैध टैंकर कारोबार आम लोगों का शोषण कर रहा है। मेनिफेस्टो में इस माफिया पर नियंत्रण और पारदर्शी जल आपूर्ति व्यवस्था लागू करने का वादा किया गया है, ताकि नागरिकों को पानी के लिए परेशान न होना पड़े।

    यातायात सुधार पर बड़ा जोर

    संयुक्त घोषणापत्र में पुणे की गंभीर ट्रैफिक समस्या को दूर करने के लिए ठोस रोडमैप रखा गया है। इसके तहत शहर में 33 मिसिंग रोड लिंक को जोड़ने का वादा किया गया है, जिससे सड़क नेटवर्क मजबूत होगा और जाम की समस्या कम होगी। इसके साथ ही सड़कों के चौड़ीकरण और ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को बेहतर बनाने की बात भी कही गई है।

    फ्री बस और मेट्रो यात्रा का वादा

    घोषणापत्र में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा ऐलान किया गया है। शहरवासियों को मुफ्त बस और मेट्रो यात्रा उपलब्ध कराने की योजना शामिल की गई है। इसका उद्देश्य निजी वाहनों पर निर्भरता घटाना, ईंधन खर्च कम करना और प्रदूषण पर नियंत्रण पाना बताया गया।

    स्वास्थ्य सुविधाएं हर नागरिक के पास

    स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी घोषणापत्र में अहम वादा किया गया है। इसके अनुसार हर नागरिक को उसके घर से दो किलोमीटर के दायरे में अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उपलब्ध कराया जाएगा। इससे आपात स्थिति में इलाज तक त्वरित पहुंच सुनिश्चित की जा सकेगी।

    राजनीतिक संकेत भी अहम

    सुप्रिया सुले और अजित पवार का एक मंच पर आना सिर्फ नगर निकाय चुनाव तक सीमित नहीं माना जा रहा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह तस्वीर आगामी चुनावी समीकरणों के लिए भी संकेत दे सकती है। हालांकि दोनों नेताओं ने मंच से सिर्फ स्थानीय विकास और नागरिक सुविधाओं पर ही जोर दिया।

    निष्कर्ष:
    संयुक्त मेनिफेस्टो के जरिए एनसीपी (एसपी) और एनसीपी ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के मतदाताओं को विकास, बेहतर सुविधाओं और पारदर्शी प्रशासन का भरोसा दिलाने की कोशिश की है। अब देखना होगा कि यह एकजुटता चुनावी नतीजों में कितना असर दिखा पाती है।

  • मध्य प्रदेश में कड़ाके की सर्दी: खजुराहो सबसे ठंडा, 15 से ज्यादा जिलों में घना कोहरा

    मध्य प्रदेश में कड़ाके की सर्दी: खजुराहो सबसे ठंडा, 15 से ज्यादा जिलों में घना कोहरा


    भोपाल । उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। राज्य के ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में ठंड का असर सबसे अधिक देखा जा रहा है, जहां न्यूनतम तापमान कई स्थानों पर 5 डिग्री से भी नीचे पहुंच गया है। वहीं, प्रदेश के 15 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई है और सड़क एवं रेल यातायात प्रभावित हो रहा है।

    सबसे ठंडे स्थान और तापमान

    प्रदेश में इस समय सबसे ठंडा स्थान छतरपुर जिले का खजुराहो है, जहां न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। इसके बाद अन्य प्रमुख ठंडे स्थान इस प्रकार हैं: दतिया: 3.9 डिग्री,शिवपुरी: 4 डिग्री,ग्वालियर: 5 डिग्री,राजगढ़: 5 डिग्री,पचमढ़ी: 5.8 डिग्री,मंडला: 5.9 डिग्री,रीवा: 6 डिग्री,उमरिया: 6.4 डिग्री,सीधी और टीकमगढ़: 6.8 डिग्री बड़े शहरों में भी ठंड का प्रभाव प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी ठंड का प्रकोप जारी है भोपाल: 8 डिग्री, इंदौर: 9.4 डिग्री, उज्जैन: 8.3 डिग्री, जबलपुर: 8.4 डिग्री।

    कोहरा और कोल्ड डे अलर्ट

    प्रदेश के दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में कोल्ड डे और कोहरे के लिए अलर्ट जारी किया गया है। सुबह के समय घना कोहरा कई घंटों तक बना रहता है, जिससे लोग घर से निकलने में परेशानी महसूस कर रहे हैं। इसके अलावा, दृश्यता कम होने की वजह से यातायात भी प्रभावित हो रहा है।

    मौसम विभाग का अनुमान

    मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं का असर बढ़ने के साथ ठंड का यह दौर और भी तीव्र हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस ठंड के असर के अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है, जिसके बाद तापमान में मामूली वृद्धि हो सकती है। यह ठंड इस समय जनवरी के पहले सप्ताह में ही इतनी अधिक तीव्र हो गई है कि कई स्थानों पर ठंड के पुराने रिकॉर्ड भी टूट रहे हैं। प्रदेश के नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे सर्दी से बचने के लिए जरूरी कदम उठाएं और खासकर कोहरे के समय सड़क पर सफर करते वक्त सतर्क रहें।
  • Anu Agrawal Birthday: आशिकी के बाद नहीं चल पाया करियर, जानें आज क्या करती हैं अनु अग्रवाल

    Anu Agrawal Birthday: आशिकी के बाद नहीं चल पाया करियर, जानें आज क्या करती हैं अनु अग्रवाल

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    नई दिल्ली। दिल्ली में जन्मी अनु अग्रवाल को आशिकी फिल्म ने रातों रात स्टार बना दिया था। इस फिल्म के कारण उन्हें आज भी फैंस जानते हैं। अनु अग्रवाल आज अपना जन्मदिन मना रही हैं। वे ग्लैमर की दुनिया से दूर अब सोशल वर्क के लिए काम कर रही हैं। वे झुग्गी झोपड़ी में जाकर गरीब बच्चों को फ्री में योगा सिखाती हैं।
    एक्सिडेंट की शिकार हो गईं अनु अग्रवाल

    साल 1996 के बाद दुनिया में गायब हो गई थीं। अनु ने योगा और आध्यात्म की तरफ रुख कर लिया। साल 1999 में वे एक रोड एक्सिडेंट की शिकार हो गईं। बल्कि, वो पैरालाइज्ड भी हो गई थीं।3 साल तक चला अनु का ट्रीटमेंट

    लगभग 29 दिनों तक कोमा में रहने के बाद जब अनु होश में आ गईं। इस एक्सिडेंट में उनकी याददाश्त भी चली गई थी। 3 साल के लंबे ट्रीटमेंट के बाद उनकी याददाश्त वापस आ गईं। इस दौरान उन्होंने और उनके घर वालों ने बहुत सा स्ट्रगल किया।
    सोशल एक्टिविस्ट हैं अनु अग्रवाल

    अनु अग्रवाल वे अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें शेयर करती हैं। वे साल 2001 में ठीक होकर पहाड़ों पर चली गईं। साल 2015 में एक्ट्रेस ने अपना मेमॉयर अनुसुएल मेमॉयर ऑफ ए गर्ल हू केम बैक फ्रॉम द डेड लिखा।
    इन दिनों ये काम करती हैं अनु

    अनु अग्रवाल इस बात को लाइफ का सबसे सुखद समय कहा। वे अब मुंबई में रहती हैं। इन दिनों एक सोशल एक्टिविस्ट के तौर पर काम कर रही हैं। अनु अग्रवाल को इसके अलावा किंग अंकल, गजब तमाशा, द क्लाउड डोर, जन्मकुंडली जैसी फिल्मों में देखा जा चुका है।

  • मुझे दीपक से मिला दो: प्रेमिका का बीच सड़क पर हाईवोल्टेज ड्रामा, युवती ने प्रेमी को बुलाने की जिद पर किया हंगामा

    मुझे दीपक से मिला दो: प्रेमिका का बीच सड़क पर हाईवोल्टेज ड्रामा, युवती ने प्रेमी को बुलाने की जिद पर किया हंगामा


    निवाड़ी। मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के पृथ्वीपर कस्बे में शुक्रवार शाम को एक युवती ने सड़क पर अजीबोगरीब हंगामा मचाया, जब उसने अपनी प्रेमिका दीपक से मिलने की जिद पकड़ी। युवती ने सड़क पर बैठकर रोते हुए बार-बार यही कहा कि दीपक को बुला दो, वह थाने में है, मुझे उससे मिला दो। यह दृश्य देख सड़क पर भारी जाम लग गया, जिससे स्थानीय पुलिस को मौके पर पहुंचने की जरूरत पड़ी।

    पुलिस ने किसी तरह युवती को शांत किया और उसे थाने ले गई। इस दौरान लोगों की भीड़ ने लगातार युवती से सवाल किए कि दीपक कौन है और कहां रहता है, जिस पर युवती ने कहा, मैं दीपक के साथ 9 महीने से रह रही हूं और उससे बहुत प्यार करती हूं। मुझे तो दीपक से ही मिलवाइए।

    यह युवती पूजा पाल है, जो दीपक पाल नाम के युवक से प्रेम करती है। पूजा और दीपक दोनों निवाड़ी जिले के ही रहने वाले हैं, लेकिन दीपक फिलहाल भोपाल में एक होटल में काम करता है। शुक्रवार को दीपक अपनी प्रेमिका पूजा के साथ पृथ्वीपर कस्बे में आया, लेकिन किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद दीपक ने पूजा को छोड़ दिया और मौके से चला गया। पूजा कुछ समय तक दीपक को तलाश करती रही, लेकिन जब वह नहीं मिला तो उसने सड़क पर ही हंगामा शुरू कर दिया।

    इस घटनाक्रम से सड़क पर जाम लग गया और पुलिस को तुरंत मौके पर पहुंचकर युवती को समझाने की कोशिश करनी पड़ी। अंततः पुलिस ने पूजा को थाने ले जाने के बाद उसे समझाया, और कुछ देर बाद दीपक भी थाने पहुंच गया। दोनों को एक साथ देखकर पुलिस ने उन्हें सख्त लहजे में हिदायत दी कि आगे से ऐसी हरकतें ना करें। इसके बाद दोनों प्रेमी युगल को थाने से जाने की अनुमति दे दी गई।

  • पाकिस्‍तान को इजरायल की दो टूक; गाजा पट्टी में मुनीर के मंसूबों पर फेरा पानी

    पाकिस्‍तान को इजरायल की दो टूक; गाजा पट्टी में मुनीर के मंसूबों पर फेरा पानी

    नई दिल्‍ली। इजरायल ने दो टूक कहा है कि गाजा में अमेरिका के प्रस्तावित इंटरनेशनल स्टेबलाइज़ेशन फोर्स (ISF) में पाकिस्तानी सेना को एंट्री नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही इजरायल ने कहा है कि हमास के साथ उसके संबंधों की वजह से उसकी गाजा में भागीदारी संदिग्ध है।
    भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने कहा कि इजरायल अमेरिका द्वारा प्रस्तावित किसी भी गाजा स्थिरीकरण बल में पाकिस्तानी सेना को शामिल करने का स्पष्ट रूप से विरोध करता है। उन्होंने कहा कि हमास और आतंकी संगठनों के रिश्तों के कारण पाकिस्तान पर भरोसा नहीं कर सकते।

    एक विशेष साक्षात्कार में अज़ार ने कहा कि हमास और पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों, खासकर लश्कर-ए-तैयबा, के बीच बढ़ते संपर्क को लेकर इज़रायल को गहरी चिंता है। इजरायल की तरफ से यह प्रतिक्रिया ऐसे वक्त में आई है, जब पाकिस्तान गाजा में इंटरनेशनल फोर्स में शामिल होने पर अमेरिका की प्रतिक्रिया का अभी इंतजार ही कर रहा है।

    बता दें कि ट्रंप के गाजा में शांति बहाली और सत्ता हस्तांतरण के फार्मूले के तहत वहां एक अंतरराष्ट्रीय स्तिरिकरण बल की तैनाती की जानी है, जिसमें कई देश शामिल होंगे। पाकिस्तान ने भी इस बल में शामिल होने की इच्छा जताई थी लेकिन इजरायल ने उसे खारिज कर दिया है।

    हमास के खात्मे के बिना कोई व्यवस्था संभव नहीं
    इजरायली राजदूत अज़ार ने स्पष्ट तौर पर कहा कि हमास को एक आतंकवादी संगठन के रूप में पूरी तरह खत्म किए बिना गाज़ा के भविष्य को लेकर कोई भी व्यवस्था संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में एक स्थिरीकरण बल (Stabilisation Force) का विचार तब तक निरर्थक है, जब तक हमास को पूरी तरह निष्क्रिय नहीं कर दिया जाता। यह पहली बार है जब इजरायल आधिकारिक तौर पर और खुले तौर पर पाकिस्तानी सेना की भूमिका के खिलाफ सामने आया है।

    यह आसिम मुनीर के लिए बड़ा झटका है, जो गाजा में अपनी सेना की तैनाती के बड़े ख्वाव देख रहे थे।
    पाक समेत कई देशों से अमेरिका ने किया था संपर्क
    हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका ने गाज़ा में सुरक्षा और पुनर्निर्माण के लिए प्रस्तावित बल में योगदान देने को लेकर पाकिस्तान समेत कई देशों से संपर्क किया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अज़ार ने कहा, “कई देशों ने पहले ही साफ कर दिया है कि वे हमास से लड़ने के लिए अपने सैनिक नहीं भेजना चाहते। ऐसे में यह योजना व्यावहारिक नहीं लगती।” जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या इज़रायल गाज़ा में पाकिस्तानी सेना की मौजूदगी को स्वीकार करेगा, तो उनका जवाब साफ था “नहीं।”
    “केवल उन्हीं के साथ काम करेंगे जो भरोसेमंद”
    पाकिस्तान की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए इज़रायली राजदूत ने कहा,“देश आमतौर पर उन्हीं के साथ सहयोग करते हैं जिनके साथ उनके भरोसेमंद राजनयिक संबंध हों। इस समय पाकिस्तान के साथ ऐसी स्थिति नहीं है।” इस बयान से इज़रायल की पाकिस्तान को लेकर गहरी अविश्वास की भावना साफ झलकती है।
    हमास–पाकिस्तान संपर्कों पर इजरायल की नजर
    राजदूत अज़ार के बयान ऐसे समय आए हैं जब हाल ही में यह बात सामने आई है कि हमास के वरिष्ठ कमांडर नाजी ज़हीर पिछले तीन वर्षों से लगातार पाकिस्तान की यात्राएं कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, नाजी ज़हीर ने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों से कई बैठकें और मुलाकातें की थीं। ये बैठकें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK)में भी हुईं हैं। यह बात भी सामने आ चुकी है कि 7 अक्टूबर को इज़रायल पर हुए हमले के कुछ ही दिनों बाद ज़हीर पेशावर में मौजूद था।अज़ार ने पुष्टि की कि इज़रायली खुफिया एजेंसियां इन गतिविधियों पर करीबी नजर रखे हुए हैं।
  • भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की मौत, तीन घायल: दमोह में दो बाइकों की जोरदार भिड़ंत

    भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की मौत, तीन घायल: दमोह में दो बाइकों की जोरदार भिड़ंत

    दमोह । मध्य प्रदेश के दमोह जिले के नोहटा थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसमें दो बाइकों के बीच जोरदार टक्कर से दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा 17 मिल के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार में चल रही दो बाइकों के बीच भिड़ंत हो गई। मृतकों की पहचान बिज्जू अहिरवार और जीतेंद्र साहू के रूप में की गई है।

    घटनास्थल पर पुलिस और 108 एम्बुलेंस की टीम ने तुरंत पहुंचकर घायलों को जिला अस्पताल दमोह भेजा। घायलों में से दामोदर अहिरवार की हालत गंभीर बताई गई है, और उन्हें इलाज के लिए जबलपुर रेफर कर दिया गया। अन्य दो घायलों का इलाज जिला अस्पताल में ही चल रहा है, और उनकी हालत स्थिर है।ड्यूटी डॉक्टर कौशिकी राजपूत ने बताया कि हादसे में तीनों घायलों को तुरंत भर्ती किया गया था।

    इनमें से एक की हालत गंभीर थी, जिसे बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया है। बाकी दो का इलाज जारी है और उनकी हालत अब स्थिर है। पुलिस इस हादसे के कारणों की जांच कर रही है और प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की वजह माना जा रहा है।इस हादसे ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को एक बार फिर से उजागर किया है। हादसे के बाद से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है, और पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ाने का संकल्प लिया है।

  • इंसानी ब्लड बैग में मिला बकरी का खून, ऐसे हुआ खुलासा

    इंसानी ब्लड बैग में मिला बकरी का खून, ऐसे हुआ खुलासा


    हैदराबाद। तेलंगाना के हैदराबाद से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां काचीगुडा इलाके में एक इंपोर्ट-एक्सपोर्ट फर्म पर रेड के दौरान कुछ ऐसा मिला है, जिसे देख अधिकारी हैरान हैं। जानकारी के मुताबिक यहां ड्रग कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (DCA) की रेड में अधिकारियों को लगभग 1,000 लीटर जानवरों का खून मिला है। यह खून बकरियों और भेड़ों से गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा किया गया था और इंसानों का खून रखने के लिए बने ब्लड बैग में पैक किया गया था।
    Wion न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक सेंट्रल ड्रग कंट्रोल अधिकारियों ने हैदराबाद पुलिस और राज्य के ड्रग कंट्रोल अधिकारियों के साथ मिलकर गुप्त सूचना के आधार पर यह रेड की थी। इस दौरान उन्होंने इंसानों के इस्तेमाल के लिए बने ब्लड बैग में जानवरों का खून भरा हुआ देख सीनियर अधिकारी भी हैरान रह गए।
    बकरी के खून के अलावा परिसर में खून की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली कुछ अत्याधुनिक मशीनें भी मिली हैं। रेड टीम को एक ऑटोक्लेव मशीन, एक लैमिनार एयर फ्लो यूनिट, 110 भरे हुए ब्लड बैग और लगभग 60 खाली ब्लड बैग भी मिले। ड्रग कंट्रोल अधिकारियों के मुताबिक इसका इस्तेमाल गैरकानूनी क्लिनिकल ट्रायल, एक्सपेरिमेंट या लैब टेस्ट के लिए कल्चर मीडिया तैयार करने में किया जा सकता था। फर्म का मालिक फिलहाल फरार है।
  • मुस्लिम देशों ने फिर अलापा कश्मीर पर राग, 370 लागू करने की मांग

    मुस्लिम देशों ने फिर अलापा कश्मीर पर राग, 370 लागू करने की मांग


    नई दिल्‍ली। मुस्लिम देशों के सबसे बड़े संगठन ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन यानी OIC ने जम्मू-कश्मीर का नाम लेकर एक बार फिर अपनी हदें पार की हैं। OIC ने अपने हालिया बयान में कश्मीर में जनमत की मांग करते हुए कहा है कि वह कश्मीर के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकारों का समर्थन करता है। इस दौरान OIC ने कश्मीर में धारा 370 को वापस लागू करने की मांग भी कर दी। बता दें कि भारत कई बार यह स्पष्ट कर चुका है कि संगठन को भारत के आंतरिक मामलों में बोलना का कोई कानूनी अधिकार नहीं है और ना ही OIC द्वारा इस तरह की बयानबाजी को स्वीकार किया जाएगा।
    ओआईसी (इस्लामी सहयोग संगठन) 57 देशों का एक अंतरसरकारी संगठन है जो मुस्लिम जगत की सामूहिक आवाज होने का दावा करता है। OIC ने 8 जनवरी 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने बयान को साझा किया है। इसके साथ लिखा गया है कि OIC, 5 जनवरी 1949 के यूनाइटेड नेशंस के प्रस्ताव की सालगिरह पर एक स्वतंत्र और निष्पक्ष रेफरेंडम के जरिए, जम्मू और कश्मीर के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार को समर्थन देता है।

    OIC के बयान में कश्मीर में जनमत संग्रह की मांग करते हुए कहा गया, “जनरल सेक्रेटेरिएट 5 जनवरी 1949 को भारत और पाकिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र आयोग द्वारा अपनाए गए प्रस्ताव को याद दिलाता है, जिसमें जम्मू और कश्मीर के लोगों को संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जनमत संग्रह के माध्यम से आत्मनिर्णय के अधिकार की पुष्टि की गई थी। इसमें आगे कहा गया, “जनरल सेक्रेटेरिएट जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाता है और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जम्मू-कश्मीर के राज्य के रूप में मान्यता का सम्मान करने और 5 अगस्त 2019 और उसके बाद उठाए गए सभी एकतरफा कदमों को वापस लेने की अपील करता है।

    …”

    बयान में संयुक्त राष्ट्र से भी एक अपील की गई है। इसमें कहा गया, “जनरल सेक्रेटेरिएट ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय, खासकर संयुक्त राष्ट्र की जिम्मेदारी पर भरोसा जताया है कि वह जम्मू-कश्मीर से जुड़े प्रस्तावों को लागू करे और UNSC के संबंधित प्रस्तावों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर विवाद का हल निकाले।”