Author: bharati

  • हम इकलौते देश, जिसने अपने नाविक खोये…. होर्मुज खुलवाने के लिए जुटे दुनियाभर के देश, भारत की दो टूक

    हम इकलौते देश, जिसने अपने नाविक खोये…. होर्मुज खुलवाने के लिए जुटे दुनियाभर के देश, भारत की दो टूक


    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया (West Asia.) में तनाव की वजह से लंबे समय बंद होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने को लेकर गुरुवार को अहम बैठक हुई। ब्रिटेन की अगुवाई में हुई इस बैठक में भारत (India) समेत कई देशों को न्योता दिया गया था। भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी (Foreign Secretary Vikram Misri) वर्चुअल मीटिंग में शामिल हुए। इस दौरान, भारत ने दो टूक कहा कि हम इकलौते देश हैं, जिसने अपने नाविक खोए हैं। भारत ने इस बैठक में होर्मुज को खोलने की वकालत की।

    मिसरी गुरुवार को ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर की अध्यक्षता में हुई बैठक में वर्चुअली शामिल हुए। इस बैठक में फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देशों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। अमेरिका को इस बैठक में शामिल नहीं होना था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में बताया, “ब्रिटेन ने होर्मुज पर बातचीत के लिए कई देशों को आमंत्रित किया था, जिसमें भारत भी शामिल है।”

    उन्होंने दोहराया कि भारत अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप, मुक्त और खुले समुद्री सुरक्षा का समर्थन करता है। जायसवाल ने कहा, “हम होर्मुज से सुरक्षित और मुक्त आवागमन सुनिश्चित करने की मांग को प्राथमिकता के तौर पर लगातार उठाते रहे हैं।” ब्रिटेन की अगुवाई में हुई इस बैठक के नतीजों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। यह बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस टीवी संबोधन के कुछ ही घंटों बाद हुई थी, जिसमें उन्होंने ईरान के साथ अपने युद्ध के संदर्भ में कहा था कि इस रणनीतिक जलमार्ग की सुरक्षा करना अन्य देशों की जिम्मेदारी है।

    इस मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि ब्रिटेन द्वारा बुलाई गई बैठक से तुरंत कोई बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद कम ही है। उन्होंने कहा कि इस स्ट्रेट से भारत के जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता पक्का करना अभी भी एक पेचीदा मामला बना हुआ है, और यह पक्का करने के लिए कि जहाज बारूदी सुरंगों वाले इस जलमार्ग से सुरक्षित रूप से गुजर सकें, ईरान की तरफ से करीबी तालमेल की जरूरत है।

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, “जहां तक भारत की बात है, आप अच्छी तरह जानते हैं कि हम स्वतंत्र और खुले कमर्शियल शिपिंग के पक्ष में हैं, और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार समुद्री सुरक्षा के पक्ष में हैं।” उन्होंने कहा, “हम प्राथमिकता के तौर पर होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित और स्वतंत्र आवागमन सुनिश्चित करने की लगातार अपील कर रहे हैं।” ईरान द्वारा होर्मुज को लगभग बंद कर देने के बाद वैश्विक तेल और गैस की कीमतें बढ़ गई हैं। यह स्ट्रेट फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच एक संकरा शिपिंग मार्ग है, जिससे दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) का परिवहन होता है। पश्चिम एशिया भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का एक प्रमुख स्रोत रहा है।

  • आज का राशिफल: सभी 12 राशियों के लिए 3 अप्रैल 2026 की खास भविष्यवाणी

    आज का राशिफल: सभी 12 राशियों के लिए 3 अप्रैल 2026 की खास भविष्यवाणी


    नई दिल्ली।  3 अप्रैल 2026 का आज का राशिफल दैनिक जागरण शैली में रोचक, विस्तारपूर्ण और समझने में आसान तरीके से लिखा गया है।
    मेष राशि:
    मेष राशि वालों के लिए 3 अप्रैल का दिन मिला-जुला रहेगा। नए अवसर आपके सामने आएंगे, लेकिन मन में हल्की बेचैनी और तनाव बना रह सकता है। नौकरी करने वाले लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। सरकारी नौकरी वालों के लिए ट्रांसफर की संभावना भी है। वित्तीय मामलों में सावधानी बरतें और बड़े फैसले लेने से पहले स्थिति का सही आंकलन करें। धैर्य बनाए रखना आपके लिए लाभकारी रहेगा।

    वृषभ राशि:
    आज वृषभ राशि वालों का आत्मविश्वास थोड़ा कमजोर रह सकता है। नया प्रोजेक्ट या बिजनेस आइडिया फिलहाल शुरू करने से बचें। ऑफिस में बदलाव या ट्रांसफर के अवसर मिल सकते हैं, लेकिन जल्दबाजी नुकसानदेह हो सकती है। आपका संवाद कौशल अच्छा रहेगा, जिससे लोगों के साथ संबंध मजबूत रहेंगे। सोच-समझकर कदम उठाना आपके दिन को सकारात्मक बना सकता है।

    मिथुन राशि:
    मिथुन राशि वाले आज खुश और उत्साहित रहेंगे। आत्मविश्वास और ऊर्जा अच्छी रहेगी। बिजनेस में नए प्लान सफल होंगे और नौकरी में भी प्रोन्नति या प्रमोशन के मौके बन सकते हैं। सुबह का समय विशेष रूप से लाभकारी रहेगा। मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलेगा और आपके प्रयासों को सराहना भी मिलेगी।

    कर्क राशि:
    कर्क राशि वालों की आज आय में वृद्धि होगी और मन प्रसन्न रहेगा। दांपत्य जीवन में खुशियां बढ़ेंगी और पार्टनर का सहयोग मिलेगा। किसी दोस्त या जानकार के सहयोग से विदेश यात्रा या बिजनेस के अवसर भी बन सकते हैं। सकारात्मक सोच और संतुलित व्यवहार से दिन अच्छा बीतेगा।

    सिंह राशि:
    सिंह राशि वालों को आज कोई बड़ा फैसला लेने से पहले अनुभवी व्यक्ति से सलाह लेना लाभकारी रहेगा। मन में निराशा या असंतोष का भाव रह सकता है, लेकिन धीरे-धीरे परिस्थितियाँ आपके पक्ष में आएंगी। धैर्य और संयम से काम लें, सफलता अवश्य मिलेगी।

    तुला राशि:
    तुला राशि वालों के लिए नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जिससे प्रमोशन या नई जिम्मेदारी के अवसर बनेंगे। इनकम में वृद्धि होगी और पढ़ाई-लिखाई या नई चीजें सीखने में मन लगेगा। ऑफिस की राजनीति से दूर रहना और संतुलित व्यवहार रखना लाभकारी रहेगा।

    धनु राशि:
    धनु राशि वाले व्यस्त रहेंगे। जरूरी काम समय पर पूरे करें। लव लाइफ में धैर्य रखें और छोटी बातों को बढ़ावा न दें। खानपान का ध्यान रखें और रिश्तों में समझदारी दिखाएं।

    मकर राशि:
    मकर राशि वालों के लिए बिजनेस में नए प्रोजेक्ट के मौके हैं और आय में वृद्धि होगी। सेहत पर ध्यान दें और तनाव से बचें। सकारात्मक खबरें मन को खुश करेंगी और काम में सफलता के संकेत मिलेंगे।

    कुंभ राशि:
    कुंभ राशि वालों को शांत और संयमित रहने की सलाह है। विवाद और गुस्से से दूर रहें। निवेश करने से पहले अच्छे से योजना बनाएं। कारोबार में लाभ के अच्छे अवसर मिल सकते हैं। माता-पिता की सेहत पर ध्यान दें।

    कन्या राशि:
    कन्या राशि वालों का आत्मविश्वास आज उच्च रहेगा। काम पर पूरी एकाग्रता जरूरी है। बिजनेस और नौकरी में लाभ के मौके मिलेंगे। मेहनत का परिणाम सकारात्मक रहेगा।

    वृश्चिक राशि:
    वृश्चिक राशि वालों के मन में उतार-चढ़ाव और कभी-कभी नेगेटिव विचार हो सकते हैं। अपने लक्ष्य पर ध्यान रखें। धार्मिक या भक्ति संगीत में रुचि बढ़ सकती है, जिससे मानसिक शांति मिलेगी।

    मीन राशि:
    मीन राशि वालों की प्रोफेशनल लाइफ में उतार-चढ़ाव रह सकता है। परिवार में छोटी-मोटी अनबन हो सकती है। शांत रहकर समझदारी से काम लें। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा तो काम भी बेहतर होंगे।

  • देश के 5 अद्भुत हनुमान मंदिर, जहां अलग-अलग रूपों में मिलते हैं बजरंगबली के दर्शन

    देश के 5 अद्भुत हनुमान मंदिर, जहां अलग-अलग रूपों में मिलते हैं बजरंगबली के दर्शन


    नई दिल्ली । हनुमान जयंती के पावन अवसर पर देशभर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिलता है। इस दिन भक्त भगवान हनुमान के मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। भारत में कई ऐसे प्रसिद्ध और चमत्कारी हनुमान धाम हैं, जहां बजरंगबली अलग-अलग रूपों में विराजमान हैं और जिनसे जुड़ी मान्यताएं भक्तों की आस्था को और गहरा बनाती हैं।

    सबसे पहले बात करते हैं लेटे हुए हनुमान मंदिर की, जो प्रयागराज में स्थित है। यहां हनुमान जी की प्रतिमा लेटी हुई मुद्रा में स्थापित है, जो इसे अन्य मंदिरों से अलग बनाती है। मान्यता है कि गंगा नदी हर वर्ष आकर उन्हें स्नान कराती है। संगम में स्नान करने वाले श्रद्धालु यहां दर्शन करना नहीं भूलते और अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की कामना करते हैं।

    इसके बाद महावीर मंदिर का नाम आता है, जो Patna में स्थित है। यह मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों में से एक माना जाता है। यहां हर साल भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और माना जाता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है।

    छत्तीसगढ़ के गिरिजाबंध हनुमान मंदिर की विशेषता इसे और भी अनोखा बनाती है। यहां हनुमान जी को स्त्री स्वरूप में पूजा जाता है, जो पूरे विश्व में अपनी तरह का एकमात्र मंदिर माना जाता है। यह मंदिर आस्था और रहस्य का अद्भुत संगम है।

    राजधानी Delhi में स्थित हनुमान मंदिर कनॉट प्लेस भी श्रद्धालुओं के बीच बेहद लोकप्रिय है। यह मंदिर पांडवकालीन माना जाता है और यहां हनुमान जी के बाल स्वरूप के दर्शन होते हैं। मान्यता है कि यहां सिंदूर और इत्र चढ़ाने से जीवन के संकट दूर होते हैं।

    उत्तर प्रदेश के Chitrakoot में स्थित हनुमान मंदिर भी भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। यहां प्रतिमा के ऊपर स्थित कुंडों से लगातार जलधारा बहती रहती है, जिसे चमत्कारी माना जाता है। श्रद्धालु इस जल को पवित्र मानकर ग्रहण करते हैं और अपनी समस्याओं से मुक्ति की कामना करते हैं।

    इसके अलावा हनुमानगढ़ी का विशेष महत्व है। Ayodhya में स्थित इस मंदिर को हनुमान जी का प्रमुख धाम माना जाता है। यहां हनुमान जी बाल रूप में विराजमान हैं और उन्हें अयोध्या का रक्षक कहा जाता है। मान्यता है कि रामलला के दर्शन से पहले हनुमानगढ़ी के दर्शन करना आवश्यक होता है।

    इन सभी मंदिरों की विशेषता यही है कि यहां हनुमान जी अलग-अलग रूपों में भक्तों को दर्शन देते हैं। कहीं वे लेटे हुए हैं, तो कहीं बाल स्वरूप में, तो कहीं अनोखे रूप में पूजे जाते हैं। यही विविधता और आस्था इन धामों को खास बनाती है। इस प्रकार भारत के ये प्रसिद्ध हनुमान मंदिर न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र हैं, बल्कि चमत्कार और विश्वास की अनोखी मिसाल भी पेश करते हैं, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु अपनी श्रद्धा लेकर पहुंचते हैं।

  • प्रभु देवा: डांस के दौरान अचानक टेम्परेरी पैरालिसिस अटैक, फिर भी जारी रखा प्रदर्शन

    प्रभु देवा: डांस के दौरान अचानक टेम्परेरी पैरालिसिस अटैक, फिर भी जारी रखा प्रदर्शन


    नई दिल्ली। फिल्म इंडस्ट्री में कुछ ऐसे सितारे होते हैं, जिनकी कहानी सिर्फ सफलता की नहीं, बल्कि संघर्ष, मेहनत और हिम्मत की मिसाल बन जाती है। ऐसा ही एक नाम है प्रभु देवा का, जिन्हें ‘इंडिया का माइकल जैक्सन’ कहा जाता है।

    अपने अनोखे डांस स्टाइल से करोड़ों लोगों को दीवाना बनाने वाले प्रभु देवा ने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। उनके करियर में एक ऐसा भी पल आया, जब शूटिंग के दौरान अचानक उनके शरीर ने काम करना बंद कर दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और फिर से मजबूती के साथ वापसी की। यही जज्बा उन्हें दूसरों से अलग बनाता है।

    3 अप्रैल 1973 को कर्नाटक के मैसूर में जन्मे प्रभु देवा का पूरा नाम प्रभु देवा सुंदरम है। उनका परिवार पहले से ही डांस से जुड़ा हुआ था। उनके पिता मुगुर सुंदर साउथ फिल्मों के जाने-माने डांस मास्टर थे। बचपन से ही प्रभु देवा को डांस का शौक था और उन्होंने बहुत कम उम्र में ही क्लासिकल डांस सीखना शुरू कर दिया। उन्होंने घर पर ही प्रैक्टिस करते-करते अपने डांस को इतना बेहतर बना लिया कि आगे चलकर वही उनकी पहचान बन गया।

    प्रभु देवा ने अपने करियर की शुरुआत बैकग्राउंड डांसर के तौर पर की थी। शुरुआत में छोटे-छोटे रोल और डांस करने के बाद उन्हें कोरियोग्राफी का मौका मिला। साल 1989 में उन्होंने बतौर कोरियोग्राफर काम शुरू किया और ‘मैं ऐसा क्यों हूं’, ‘मुकाबला’ और ‘के सेरा सेरा’ जैसे गानों में कोरियोग्राफी की। इसके बाद उन्होंने एक्टिंग में भी कदम रखा और ‘काधलन’ जैसी फिल्मों से अपनी पहचान बनाई। उनके डांस मूव्स और स्क्रीन प्रेजेंस को लोगों ने खूब पसंद किया।

    इसके बाद, प्रभु देवा ने निर्देशन की दुनिया में भी कदम रखा और यहां भी सफलता हासिल की। उन्होंने ‘वॉन्टेड’ जैसी सुपरहिट फिल्म डायरेक्ट की, जिसमें सलमान खान नजर आए थे। इस फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया, बल्कि बॉलीवुड में प्रभु देवा को एक सफल डायरेक्टर के रूप में स्थापित कर दिया। इसके बाद उन्होंने कई बड़ी फिल्मों का निर्देशन किया और लगातार सफलता हासिल की।

    उनके जीवन का सबसे चौंकाने वाला पल तब आया, जब एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें अचानक टेम्परेरी पैरालिसिस अटैक आया। वह डांस कर रहे थे, तभी उनके शरीर ने अचानक काम करना बंद कर दिया और वह जमीन पर गिर पड़े। उस समय स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि यह मांसपेशियों में खिंचाव के कारण हुआ था। कुछ समय के इलाज और आराम के बाद उन्होंने धीरे-धीरे खुद को संभाला और फिर से डांस की दुनिया में लौट आए। यह उनकी जिंदगी का सबसे मुश्किल दौर था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

    प्रभु देवा को उनके शानदार काम के लिए कई बड़े सम्मान भी मिले हैं। उन्हें कोरियोग्राफी के लिए दो बार नेशनल अवॉर्ड मिल चुका है। इसके अलावा, साल 2019 में उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया।

  • चमत्कारी जामसांवली हनुमान मंदिर, जहां नाभि से बहता है पवित्र जल

    चमत्कारी जामसांवली हनुमान मंदिर, जहां नाभि से बहता है पवित्र जल


    नई दिल्ली । मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में स्थित जामसांवली हनुमान मंदिर अपनी अनोखी मान्यता और रहस्यमयी घटनाओं के कारण देशभर में प्रसिद्ध है। खास बात यह है कि यहां स्थापित भगवान हनुमान की प्रतिमा की नाभि से निरंतर जल निकलता है जिसे श्रद्धालु पवित्र और चमत्कारी मानते हैं। हनुमान जयंती जैसे पावन अवसर पर इस मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। श्रद्धालु यहां आकर न केवल पूजा-अर्चना करते हैं बल्कि इस रहस्यमयी जल को ग्रहण कर अपने जीवन की बाधाओं और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति की कामना भी करते हैं।

    स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह मंदिर रामायण काल से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि जब भगवान हनुमान संजीवनी बूटी लेकर लौट रहे थे तब उन्होंने इस स्थान पर विश्राम किया था। इसी कारण यहां हनुमान जी की प्रतिमा विश्राम मुद्रा में स्थापित है जो अन्य मंदिरों से इसे अलग बनाती है। मंदिर नागपुर-छिंदवाड़ा मार्ग पर जाम और सर्पा नदियों के समीप स्थित है। प्राकृतिक वातावरण और धार्मिक आस्था का यह संगम इसे और भी खास बना देता है। यहां पीपल के पेड़ के नीचे स्थापित हनुमान जी की विशाल प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है।

    सबसे रहस्यमयी पहलू यह है कि प्रतिमा की नाभि से निकलने वाली जलधारा का स्रोत आज तक ज्ञात नहीं हो सका है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी यह एक अनसुलझा रहस्य बना हुआ है लेकिन भक्त इसे हनुमान जी की कृपा मानते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस जल को पीने या घर ले जाने से रोगों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    मंदिर से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार जिन लोगों पर नकारात्मक ऊर्जा या ग्रह दोष का प्रभाव होता है उन्हें यहां आकर पूजा करने की सलाह दी जाती है। विशेष रूप से शनि और मंगल दोष से पीड़ित लोग यहां आकर हनुमान जी की आराधना करते हैं और राहत की कामना करते हैं। एक अन्य मान्यता के अनुसार मंदिर में दर्शन के बाद भक्तों को कुछ नियमों का पालन करना होता है जैसे सवा महीने तक तामसिक भोजन और बुरे आचरण से दूर रहना। इसे आस्था और अनुशासन का हिस्सा माना जाता है।

    मंदिर से जुड़ी एक किंवदंती भी प्रचलित है जिसमें कहा जाता है कि पहले हनुमान जी की प्रतिमा खड़ी अवस्था में थी लेकिन जब डाकुओं ने यहां छिपे खजाने को चुराने की कोशिश की तो प्रतिमा ने स्वयं वर्तमान स्वरूप धारण कर उसकी रक्षा की। हालांकि इस कथा के प्रमाण नहीं हैं लेकिन यह लोगों की आस्था को और मजबूत करती है। इस प्रकार जामसांवली हनुमान मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है बल्कि आस्था रहस्य और विश्वास का अद्भुत संगम भी है जहां हर साल हजारों श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं।

  • सीएम धामी ने केदारनाथ रावल से की मुलाकात, तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर चर्चा

    सीएम धामी ने केदारनाथ रावल से की मुलाकात, तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर चर्चा


    देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गुरुवार को श्री केदारनाथ धाम के रावल श्रीश्रीश्री 1008 भीमाशंकर लिंग ने शिष्टाचार भेंट की तथा उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर केदारनाथ धाम के रावल ने भगवान केदारनाथ जी की कृपा एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

    मुख्यमंत्री धामी ने रावल का स्वागत करते हुए केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों की जानकारी साझा की और कहा कि राज्य सरकार तीर्थयात्रियों की सुविधा, सुरक्षा तथा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

    उन्होंने आगामी यात्रा सीजन को सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। भेंट के दौरान केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं, यात्रा संचालन तथा श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए आवश्यक तैयारियों पर भी चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री धामी ने रावल से आशीर्वाद प्राप्त कर प्रदेश की प्रगति एवं जनकल्याण के लिए उनके मार्गदर्शन की अपेक्षा व्यक्त की।

    सीएम धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात की फोटो शेयर करते हुए लिखा, ”शासकीय आवास पर श्री केदारनाथ धाम के परम पूज्य रावल श्री श्री श्री 1008 भीमाशंकर लिंग जी का स्वागत व अभिनंदन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उनके साथ विभिन्न आध्यात्मिक विषयों समेत श्री केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों एवं चारधाम यात्रा के संबंध में चर्चा की।”

    उत्तराखंड की चारधाम यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल से अक्षय तृतीया के पावन मौके पर होगा। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह है। इसी के तहत 6 मार्च से यात्रा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

    इससे पहले सीएम पुष्कर सिंह धामी ने हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर देशवासियों को बधाई देते हुए लिखा, ”समस्त प्रदेशवासियों को श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। बजरंग बली की कृपा आप सभी के जीवन में ज्ञान, भक्ति, अदम्य साहस, एकाग्रता, सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का संचार करें, यही कामना है।”

    एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, ”जनपद नैनीताल में स्थित श्री संकट मोचन मंदिर अनेकों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, जिसकी दिव्यता और प्राकृतिक सौंदर्य आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा प्रदान करती है। नैनीताल आगमन पर यहां पधारकर श्री हनुमान जी के दर्शन अवश्य करें।”

  • Travel Tips: दोस्तों के साथ ट्रिप पर निकलें, इन जरूरी बातों का रखें ध्यान

    Travel Tips: दोस्तों के साथ ट्रिप पर निकलें, इन जरूरी बातों का रखें ध्यान


    नई दिल्ली। अगर दोस्तों के साथ घूमने का मन है, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना आपकी यात्रा को मज़ेदार, सुरक्षित और स्मरणीय बना देता है। यहाँ कुछ Travel Tips साझा कर रहा हूँ:

    1. योजना पहले से बनाएं

    घूमने की जगह, वहां के मौसम और प्रमुख आकर्षणों की जानकारी पहले से जुटा लें।
    यात्रा का बजट तय करें ताकि पैसे की चिंता न रहे।
    यदि ग्रुप में लोग अलग-अलग शहरों से आ रहे हैं, तो meeting point और टाइमिंग पहले तय कर लें।
    2. सुरक्षा और स्वास्थ्य
    दोस्तों के साथ भी अपने जरूरी दस्तावेज़ और पहचान पत्र हमेशा साथ रखें।
    हेल्थ किट (बैंड-एड, दवाई, हैंड सेनिटाइज़र, मास्क) साथ रखें।
    भीड़-भाड़ वाले इलाकों में सामान और बैग का ध्यान रखें।
    यदि किसी को कोई एलर्जी या मेडिकल कंडीशन है, तो पहले से तैयारी कर लें।
    3. साझा बजट और खर्च
    खाने-पीने, यात्रा और होटल के खर्च का हिसाब साझा करें।
    मोबाइल पेमेंट ऐप्स का इस्तेमाल करें ताकि कैश की जरूरत कम हो।
    बड़े ग्रुप में एक व्यक्ति को ट्रैवल कास्टर बनाना अच्छा होता है, जो खर्च और बिल्स संभाले।
    4. पैकिंग टिप्स
    हल्का और मौसम के अनुसार कपड़े पैक करें।
    कैमरा, पावर बैंक, चार्जर, सनग्लास और हेडफोन रखना न भूलें।
    यात्रा के दौरान हल्का बैकपैक रखें ताकि मूवमेंट आसान हो।
    5. सहयोग और टीम भावना
    दोस्तों के साथ यात्रा में कभी-कभी मतभेद हो सकते हैं। धैर्य रखें और सबकी पसंद का सम्मान करें।
    समय का ध्यान रखें, ताकि किसी की जगह पर देर न हो।
    ग्रुप में रोचक खेल, गाने या म्यूजिक प्लेलिस्ट बना लें, इससे यात्रा का मज़ा बढ़ता है।
    6. यादें संजोएँ
    फोटो और वीडियो लें, ताकि यात्रा की यादें हमेशा ताजा रहें।
    सोशल मीडिया पर साझा करना हो तो समूह की सहमति जरूर लें।

  • मां अम्बे की कृपा से जीवन की हर बाधा होगी दूर, बस सही तरीके से करें इन मंत्रों का जाप

    मां अम्बे की कृपा से जीवन की हर बाधा होगी दूर, बस सही तरीके से करें इन मंत्रों का जाप


    नई दिल्ली । मां अम्बे के मंत्रों का सही जाप आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, साहस और बाधाओं से मुक्ति लाने का एक शक्तिशाली माध्यम माना जाता है। आइए इसे आसान और प्रभावी तरीके से समझते हैं
    मंत्रों की शक्ति समझें

    मंत्र सिर्फ शब्द नहीं हैं, बल्कि ऊर्जा के स्रोत हैं। जब आप उन्हें विश्वास, श्रद्धा और ध्यान के साथ जपते हैं, तो यह मन, शरीर और वातावरण पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

    शक्तिशाली मंत्र उदाहरण:

    ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे – साहस और सुरक्षा देने वाला
    सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो… – सभी बाधाओं को दूर करने वाला
    रोगानशेषानपहंसि… – स्वास्थ्य और इच्छाओं की पूर्ति के लिए
    ऊं दुं दुर्गायै नमः – नकारात्मक ऊर्जा दूर करने वाला सरल मंत्र

     जप की तैयारी
    शांत और स्वच्छ स्थान चुनें।
    सात्विक भोजन करें और मन को शांत रखें।
    जप से पहले छोटा संकल्प लें कि आप किस उद्देश्य के लिए यह जाप कर रहे हैं।
    समय और नियमितता
    सुबह का ब्रह्म मुहूर्त (4-6 बजे) सबसे श्रेष्ठ माना जाता है।
    यदि संभव न हो, तो दिन का कोई भी शांत समय चुनें।
    नियमित जप करना आवश्यक है; लगातार अभ्यास से प्रभाव अधिक होता है।
    जप की संख्या
    कम से कम 108 बार (एक माला) जप करें।
    उन्नत साधना में सवा लाख जाप तक भी किया जाता है।
    जप की संख्या पर ध्यान दें; इससे आपकी एकाग्रता और शक्ति बढ़ती है।
    ध्यान और मन की शुद्धि
    जप करते समय मन केवल मां अम्बे पर केन्द्रित रहे।
    किसी के प्रति बुरा भाव या नकारात्मक सोच न रखें।
    शुद्ध मन और विश्वास से ही मंत्र का पूरा प्रभाव दिखता है।
    नियमित अभ्यास का लाभ
    धीरे-धीरे जीवन में बाधाएं कम होती हैं।
    आत्मविश्वास और साहस बढ़ता है।
    नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-समृद्धि आती है।

  • चेहरा खिला-खिला दिखेगा, बस इन स्किन केयर टिप्स को अपनी रूटीन में शामिल करें

    चेहरा खिला-खिला दिखेगा, बस इन स्किन केयर टिप्स को अपनी रूटीन में शामिल करें


    नई दिल्ली।अगर आप भी बेदाग और चमत्कार चेहरा पाने की सोच रही है तो अब यह बिल्कुल आसान हो गया है क्योंकि अब आप अपने चेहरे पर आसानी से गला घर पर ही पा सकती हैं। इसके लिए आपको ना ज्यादा खर्च करने की जरूरत है और ना ज्यादा टाइम पार्लर में बिताने की। तो चलिए आपको कुछ ऐसे ही ट्रिक के बारे में बताते हैं।

    हाइड्रेशन है सबसे महत्वपूर्ण
    गर्मियों का महीना शुरू ही हो गया है ऐसे में अपने आप को हाइड्रेट रखने के लिए आपको ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए।त्वचा की सेहत के लिए हाइड्रेशन अत्यंत आवश्यक है। प्रतिदिन 8-10 गिलास पानी पीने से शरीर से विषैले तत्व बाहर निकलते हैं, जिससे त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनी रहती है। पानी की कमी से त्वचा सूखी और बेजान हो जाती है।

    संतुलित आहार से भी फायदा
    कई बार हमारी स्कीम बाहर के ज्यादा खान-पान के कारण भी काफी बिगड़ने लगती है जिसे हमें सुधारना चाहिए।त्वचा की देखभाल में पोषण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हरी सब्जियां, ताजे फल, नट्स और स्वस्थ वसा से भरपूर आहार त्वचा को अंदर से पोषण देता है। विटामिन सी और ई से भरपूर भोजन कोलेजन उत्पादन को बढ़ावा देता है।

    व्यायाम से बढ़ेगा रक्त संचार
    एक्टिव रहने से त्वचा की सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। योग, दौड़ना, नृत्य या जिम में व्यायाम करने से रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे त्वचा में चमक आती है।

    स्किन केयर रूटीन का पालन करें
    सही स्किन केयर रूटीन का पालन करना आवश्यक है। दिन में दो बार चेहरे को साफ करने से गंदगी और अतिरिक्त तेल दूर होता है। कई बार लोग हाथ पैर धो लेते हैं लेकिन चेहरा साफ करने के लिए सही टाइम का इंतजार करते हैं ऐसा नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही आपको तनाव से बचना चाहिए आप जितना तनाव में रहेंगे आपके चेहरे और स्क्रीन पर भी इसका प्रभाव पड़ता है।

  • सीएम मोहन यादव करेंगे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन, उज्जैन बनेगा ग्लोबल टाइम सेंटर

    सीएम मोहन यादव करेंगे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन, उज्जैन बनेगा ग्लोबल टाइम सेंटर


    भोपाल । मध्यप्रदेश के उज्जैन में 3 अप्रैल से एक ऐतिहासिक और अंतर्राष्ट्रीय स्तर का आयोजन होने जा रहा है, जहां विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। यह सम्मेलन 3 से 5 अप्रैल तक उज्जैन के समीप डोंगला डिजिटल प्लेनेटेरियम परिसर में आयोजित होगा।

    इस अवसर पर उज्जैन में नव-निर्मित साइंस सेंटर का भी लोकार्पण किया जाएगा, जो आधुनिक वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से बने इस साइंस सेंटर में साइंस गैलरी, आउटडोर साइंस पार्क, इनोवेशन हॉल और हेरिटेज आधारित प्रदर्शनी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।

    सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन सहित देश-विदेश के कई प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और विचारक शामिल होंगे।

    उज्जैन, जिसे बाबा महाकाल और सम्राट विक्रमादित्य की नगरी के रूप में जाना जाता है, प्राचीन काल से खगोल विज्ञान और काल गणना का प्रमुख केंद्र रहा है। यही कारण है कि इस सम्मेलन में भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक स्पेस टेक्नोलॉजी के समन्वय पर विशेष चर्चा की जाएगी।

    तीन दिवसीय इस आयोजन में वैज्ञानिक, खगोलविद, शोधार्थी और नीति-निर्माता एक मंच पर आकर अंतरिक्ष विज्ञान, एस्ट्रोफिजिक्स, कॉस्मोलॉजी और स्पेस इकोनॉमी जैसे विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। इसके साथ ही यूएवी तकनीक, सैटेलाइट निर्माण, रिमोट कंट्रोल सिस्टम और टेलीस्कोप से आकाशीय अध्ययन जैसी गतिविधियों पर कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी।

    सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण उज्जैन-डोंगला को वैश्विक मेरिडियन के रूप में स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा है। डोंगला, जहां से कर्क रेखा गुजरती है, प्राचीन काल से खगोलीय दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान रहा है। राज्य सरकार उज्जैन को फिर से वैश्विक टाइम स्केल सेंटर के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है।

    इस आयोजन में ISRO, CSIR, DRDO और नीति आयोग जैसे संस्थानों के विशेषज्ञ भी भाग लेंगे। इसके अलावा टेक्नोलॉजी एक्सपो, स्टार्ट-अप कॉन्फ्रेंस, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी इस आयोजन का हिस्सा होंगे।

    उज्जैन का यह अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नई दिशा देगा, बल्कि युवाओं में नवाचार और तकनीकी कौशल को भी प्रोत्साहित करेगा। साथ ही, यह आयोजन आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को भी नई गति देने में सहायक साबित होगा। इस प्रकार ‘महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम’ सम्मेलन उज्जैन को एक बार फिर वैश्विक वैज्ञानिक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।