Author: bharati

  • आईएएस सर्विस मीट का समापन: 18 किमी साइक्लोथॉन में अफसरों ने दिखाया जोश, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

    आईएएस सर्विस मीट का समापन: 18 किमी साइक्लोथॉन में अफसरों ने दिखाया जोश, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश


    भोपाल/राजधानी भोपाल में 19 दिसंबर से शुरू हुए तीन दिवसीय आईएएस सर्विस मीट का रविवार को समापन हो गया। आखिरी दिन की शुरुआत 18 किलोमीटर लंबी साइक्लोथॉन साइकिलिंग रैली से हुईजिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उनके परिजनों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यह आयोजन न सिर्फ फिटनेस को बढ़ावा देने वाला रहाबल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली का भी सशक्त संदेश देता नजर आया।

    साइक्लोथॉन की शुरुआत अरेरा क्लब से हुई। इसके बाद रैली सीएम हाउसवन विहार नेशनल पार्क और सैर सपाटा होते हुए वापस अरेरा क्लब पहुंचकर संपन्न हुई। हरे-भरे रास्तों से गुजरती यह साइकिल रैली सुबह के समय शहरवासियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनी रही। आयोजकों के अनुसारइस इवेंट में कुल 40 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।इस साइक्लोथॉन की खास बात यह रही कि सबसे कम उम्र की प्रतिभागी 11 वर्षीय अरण्य चौहान रहीं। इतनी कम उम्र में उनका आत्मविश्वास और जोश सभी के लिए प्रेरणादायक बना। अफसरों ने भी माना कि बच्चों की भागीदारी से ऐसे आयोजनों को नई ऊर्जा और सकारात्मक संदेश मिलता है।

    प्रतियोगिता में पारीकी पांडला अक्षर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मात्र 38 मिनट में 18 किलोमीटर की दूरी तय कर पहला स्थान हासिल किया। यह समय इस वर्ष के आईएएस सर्विस मीट साइकिलिंग इवेंट का सर्वश्रेष्ठ समय भी रहा। उनकी जीत का जश्न साथियों और अन्य अधिकारियों ने अनोखे अंदाज में मनाया। सम्मान स्वरूप कई अफसरों ने मौके पर ही पुश-अप्स लगाकर विजेता का हौसला बढ़ायाजिससे माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया।दूसरे स्थान पर एडिशनल कमिश्नर भोपाल शिवराज सिंह वर्मा और अभय सिंह संयुक्त रूप से रहे। दोनों ने 45 मिनट में रेस पूरी की। वहींतीसरा स्थान ईशान सुमन सिंह को मिलाजिन्होंने 47 मिनट में रेस पूरी कर अपनी फिटनेस का परिचय दिया।

    आयोजकों ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार प्रतिभागियों की संख्या और उत्साह दोनों में बढ़ोतरी देखने को मिली। खासतौर पर अधिकारियों के साथ उनके परिवारों की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया। साइक्लोथॉन के बाद अरेरा क्लब में दिनभर खेलकूद और मनोरंजक गतिविधियों का सिलसिला चलता रहा।इनमें क्विजडम्ब कराडेटग ऑफ वॉरबैडमिंटनटेबल टेनिसपूलबिलियर्ड्सब्रिजऔर रैपिड चेस जैसी प्रतियोगिताएं शामिल रहीं।अधिकारियों और उनके परिजनों ने इन खेलों मेंउत्साह के साथ भाग लेकर आपसी सौहार्द और टीम भावना का परिचय दिया।

    शाम को अरेरा क्लब में भव्य क्लोजिंग सेरेमनी और प्राइज डिस्ट्रीब्यूशन कार्यक्रम आयोजित किया गयाजिसमें विभिन्न हाउस और प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि सर्विस मीट के पहले दिन गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से आईएएस अधिकारियों और उनके परिजनों ने अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया था। वहींबोट क्लब में आयोजित रोइंग इवेंट के दौरान अधिकारियों ने हाथों से चप्पू चलाकर बड़े तालाब में जमकर मस्ती की।मुख्य सचिव अनुराग जैन भी सर्विस मीट की गतिविधियों में शामिल हुए और क्रिकेट सहित अन्य खेलों का आनंद लिया। कुल मिलाकरआईएएस सर्विस मीट का यह आयोजन फिटनेसमनोरंजन और आपसी मेलजोल का बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आयाजिसने प्रशासनिक व्यस्तताओं के बीच स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया।

  • मऊगंज में आदिवासी युवक की संदिग्ध मौत एएसआई सहित चार पुलिसकर्मी गिरफ्तारमामले की जांच जारी

    मऊगंज में आदिवासी युवक की संदिग्ध मौत एएसआई सहित चार पुलिसकर्मी गिरफ्तारमामले की जांच जारी


    मऊगंज । मध्य प्रदेश मऊगंज थाना में एक आदिवासी युवक की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया हैजिसे लेकर पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच की गई और चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। युवक की मौत 16 फरवरी 2023 को थाने में हुई थीजिसके बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने इसे हत्या का मामला बताया था। घटना को लेकर मजिस्ट्रेटियल जांच का आदेश दिया गयाऔर पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए।

    घटना 16 फरवरी 2023 की हैजब मऊगंज जिले के घुरेहटा वार्ड 12 के निवासी आदिवासी युवक कैलाश कोल उम्र 29 वर्ष को चोरी के संदेह में ग्रामीणों ने बंधक बना लिया था। ग्रामीणों का आरोप था कि कैलाश ने चोरी की थीजिसके बाद उन्होंने उसे पुलिस को सौंप दिया। सूचना मिलने पर डायल-100 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को थाने लेकर आई। थाने में युवक को मुंशी कक्ष में बैठाया गयाजबकि उस समय एएसआइ सूर्यबली सिंह थाने में ड्यूटी पर तैनात थे। बताया गया है कि युवक के शरीर पर पहले से ही गंभीर चोटों के निशान थेऔर थाने में पूछताछ के दौरान उसकी हालत बिगड़ी।

    कुछ ही देर में युवक की मौत हो गईजिसके बाद परिवार और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और थाने में हंगामा मच गया। इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया।मजिस्ट्रेट जांच के दौरान थाने के सीसीटीवी फुटेज जब्त किए गए। इन फुटेज की समीक्षा में यह स्पष्ट हुआ कि युवक के साथ पुलिसकर्मियों ने दुर्व्यवहार किया था। एएसआइ सूर्यबली सिंह की भूमिका संदिग्ध पाई गईजिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अलावाविवेक गिरीवीरेंद्र उर्फ वीरू रजक और गणेश गिरी को भी आरोपी बनाया गया।मजिस्ट्रेट जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने इन सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 हत्या 330 यातना 342 गिरफ्तारी के बाद अवैध तरीके से रखने 34 सामान्य उद्देश्य और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
    सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गयाजहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। यह घटना जिले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाती है और आदिवासी समुदाय के प्रति पुलिस के व्यवहार को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए न्याय की मांग कर रहे हैं। इस घटना के बाद प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की पूरी निष्पक्षता से जांच की जाएगी और दोषियों को कड़ी सजा दिलवाने की कोशिश की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम से यह भी स्पष्ट होता है कि पुलिस की जवाबदेही को लेकर अब और अधिक सख्त कदम उठाने की जरूरत हैताकि ऐसे मामले भविष्य में न हों।

  • Bangladesh: दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में 10 आरोपी गिरफ्तार

    Bangladesh: दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में 10 आरोपी गिरफ्तार


    ढाका।
    बांग्लादेश (Bangladesh) के मयमनसिंह के भालुका इलाके में ईशनिंदा (Blasphemy) के आरोप में 25 वर्षीय फैक्ट्री कर्मचारी दीपू चंद्र दास (Factory worker Deepu Chandra Das) की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में अधिकारियों ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रशासन ने यह कार्रवाई हत्या के दो दिन बाद की है। इस घटना में भीड़ ने दीपू की हत्या कर उसके शव को एक मुख्य मार्ग पर पेड़ से लटकाकर आग लगा दी थी और घटना का लाइव प्रसारण भी किया था।

    मयमनसिंह रैपिड एक्शन बटालियन (रैब) के कार्यालय ने शनिवार को बताया कि गिरफ्तार किए गए 10 लोगों में से सात को उसने और तीन अन्य को पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर पकड़ा है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लिमोन सरकार (19), तारेक हुसैन (19), माणिक मियां (20), इरशाद अली (39), निझुम उद्दीन (20), आलमगीर हुसैन (38), मिराज हुसैन (46), अजमल सगीर (26), शाहीन मियां (19) और नजमुल (21) के रूप में हुई है।

    रैब के अपर पुलिस अधीक्षक शम्सुज्जामन ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्तियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस को सौंप दिया जाएगा। रैब का दावा है कि फैक्ट्री के एक फ्लोर मैनेजर आलमगीर हुसैन ने दीपू चंद्र दास को नौकरी से इस्तीफा देने के लिए मजबूर करने के बाद उसे आक्रोशित भीड़ के हवाले कर दिया था। रैब निदेशक नैमुल हसन ने बताया कि इस मामले में फ्लोर मैनेजर और उसी फैक्ट्री के क्वालिटी मैनेजर मिराज हुसैन आकन को भी गिरफ्तार किया गया है। जांचकर्ता इस बात का जवाब खोजने का प्रयास कर रहे हैं कि पुलिस को बुलाने के बजाय युवक को भीड़ के हवाले क्यों किया गया। उन्होंने संदेह जताया कि इसके पीछे पुरानी रंजिश या भीड़ का दबाव उद्देश्य हो सकता है।

    इस घटना पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रिया हुई है। लेखिका तस्लीमा नसरीन ने सोशल मीडिया पर लिखा कि एक मुस्लिम सहकर्मी ने मामूली बात पर दीपू को सजा देने के लिए उस पर ईशनिंदा का झूठा आरोप लगाया था। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने इसे 21वीं सदी को शर्मसार करने वाली बर्बरता और मानवता की हार बताया। उन्होंने बंगलादेश नेतृत्व से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस पर ध्यान देने का आग्रह किया। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी घटना पर गहरी चिंता जताते हुए सरकार से बंगलादेशी अधिकारियों के समक्ष अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाने का आग्रह किया है।

  • CG: बाघ के शिकार मामले में महिला सरपंच समेत 7 गिरफ्तार… खोजी कुत्ते ने आरोपियों तक पहुंचाया

    CG: बाघ के शिकार मामले में महिला सरपंच समेत 7 गिरफ्तार… खोजी कुत्ते ने आरोपियों तक पहुंचाया


    रायपुर।
    छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के सूरजपुर जिले (Surajpur district) में बाघ का शिकार (Tiger hunting) करने के आरोप में वन विभाग ने एक महिला सरपंच (Woman Sarpanch) समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इस बारे में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि शिकार की यह घटना सूरजपुर जिले के घुई वन परिक्षेत्र के अंतर्गत भैंसामुंडा गांव के जंगल में हुई थी और पुलिस के खोजी कुत्ते की मदद से हम आरोपियों तक पहुंच सके। घटना को लेकर अधिकारियों ने बताया कि जंगली जानवरों का शिकार करने के लिए आरोपियों ने जंगल में बिजली का जाल बिछाया था, और उसी की चपेट में आकर बाघ की मृत्यु हो गई।

    इस दौरान नर बाघ का शिकार करने के आरोप में वन विभाग के दल ने गांव की सरपंच सिस्का कुजूर और उनके पति दिनेश के अलावा ईश्वर कुजूर, अभिषेक रोशन बड़ा, मिथिलेश सिंह, रामनाथ सिंह और भोला प्रसाद को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि इनमें से चार आरोपी सिस्का कुजूर, दिनेश, ईश्वर कुजूर और अभिषेक रोशन बड़ा भैंसामुंडा गांव के निवासी हैं तथा मिथिलेश और रामनाथ कैलाशपुर गांव के निवासी हैं। वहीं भोला प्रसाद जिले के बर्तिकाला गांव का निवासी है।

    अधिकारियों ने बताया कि 15 दिसंबर को जिले के घुई वन रेंज के तहत भैंसामुंडा में नर बाघ का शव बरामद किया गया था, जिसके कुछ अंग गायब थे। उन्होंने बताया कि बाघ के शव का पोस्टमार्टम करने के बाद वन विभाग ने जांच शुरू की और जांच के लिए एक खोजी कुत्ते को भी लगाया गया।

    अधिकारियों ने बताया, ‘तलाशी के दौरान खोजी कुत्ता सरपंच सिस्का कुजूर के घर तक जा पहुंचा। तब जांच अधिकारियों ने बुधवार को सिस्का के घर की तलाशी ली, जहां से बाघ के दो नाखून, बालों का गुच्छा और मांस के टुकड़े तथा बिजली और जीआई का तार बरामद किया गया।’ आगे उन्होंने बताया, ‘सिस्का से पूछताछ के आधार पर अगले दिन, छह अन्य लोगों को पकड़ा गया। उनके पास से बाघ के दांत, बालों के गुच्छे, नाखून, बिजली और जीआई तार, लकड़ी का खूंटा और रस्सी का फंदा बरामद किया गया।’

    उन्होंने बताया कि आरोपियों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया तथा उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें 30 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

  • आर्थिक संकट से जूझ रहे Pak को बड़ी राहत.. वर्ल्ड बैंक ने भी दी 70 करोड़ डॉलर के कर्ज को मंजूरी

    आर्थिक संकट से जूझ रहे Pak को बड़ी राहत.. वर्ल्ड बैंक ने भी दी 70 करोड़ डॉलर के कर्ज को मंजूरी


    इस्लामाबाद।
    आर्थिक संकट (Economic crisis) से जूझ रहे पाकिस्तान (Pakistan) को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से लगातार राहत मिल रही है। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund- IMF) से बड़ी राशि की मंजूरी के बाद अब वर्ल्ड बैंक (World Bank) ने भी पाकिस्तान के लिए करोड़ों डॉलर का ऐलान किया है। वर्ल्ड बैंक ने शुक्रवार को कहा कि उसने पाकिस्तान को 700 मिलियन डॉलर (70 करोड़ डॉलर) की वित्तीय सहायता को मंजूरी दे दी है। यह राशि एक बहुवर्षीय पहल के तहत दी जा रही है, जिसका उद्देश्य देश की मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता को मजबूत करना और सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी में सुधार करना है।

    विश्व बैंक के मुताबिक, यह धनराशि समावेशी विकास के लिए सार्वजनिक संसाधन – बहु-चरणीय प्रोग्रामेटिक दृष्टिकोण (PRID-MPA) के अंतर्गत जारी की जाएगी। इस कार्यक्रम के तहत पाकिस्तान को कुल मिलाकर 1.35 अरब डॉलर तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है। स्वीकृत 700 मिलियन डॉलर में से 600 मिलियन डॉलर केंद्र स्तर के कार्यक्रमों के लिए निर्धारित हैं, जबकि 100 मिलियन डॉलर दक्षिणी प्रांत सिंध में एक प्रांतीय कार्यक्रम को समर्थन देने के लिए दिए जाएंगे।

    यह मंजूरी ऐसे समय आई है, जब अगस्त महीने में विश्व बैंक ने पाकिस्तान के सबसे अधिक आबादी वाले प्रांत पंजाब में प्राथमिक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए 47.9 मिलियन डॉलर का अनुदान भी स्वीकृत किया था।

    हालांकि, पाकिस्तान की आर्थिक चुनौतियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की चिंता भी सामने आ चुकी है। नवंबर में प्रकाशित IMF-विश्व बैंक की एक संयुक्त रिपोर्ट, जिसे पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया था, में कहा गया कि देश में खंडित नियामक व्यवस्था, अपारदर्शी बजट प्रक्रिया और राजनीतिक दखल निवेश को प्रभावित कर रहे हैं और राजस्व संग्रह को कमजोर बना रहे हैं।

  • T20 वर्ल्ड कप टीम में शुभमन गिल को नहीं मिली जगह… लखनऊ में हो गया था ड्राप करने का फैसला

    T20 वर्ल्ड कप टीम में शुभमन गिल को नहीं मिली जगह… लखनऊ में हो गया था ड्राप करने का फैसला


    नई दिल्ली।
    मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर (Ajit Agarkar), टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव (T20 team captain Suryakumar Yadav) और बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया (BCCI Secretary Devjit Saikia) की अगुवाई में शनिवार, 20 दिसंबर को आगामी टी20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup) के लिए टीम इंडिया का ऐलान हुआ। जब इस टीम में उप-कप्तान शुभमन गिल (Shubman Gill) का नाम नहीं दिखा तो हर कोई हैरान था। दरअसल, एशिया कप 2025 से ही शुभमन गिल को लगातार टी20 टीम में फिट किए जाने की कोशिश की जा रही थी, उन्हें संजू सैमसन की जगह लगातार मौके मिल रहे थे, मगर इस फॉर्मेट में उनका बल्ला एकदम खामौश था। गिल 2025 में T20I में एक भी बार 50 रन का आंकड़ा नहीं छू पाए।

    ऐसा नहीं है कि शुभमन गिल के टी20 क्रिकेट के भविष्य को सिर्फ एक ही दिन में तय किया गया, जब टीम का ऐलान हुआ। बल्कि इसका फैसला लखनऊ में हुए चौथे टी20 के दौरान ही ले लिया गया था, जो धुंध के कारण रद्द हुआ। एक रिपोर्ट में कहा गया है, “शनिवार को जब बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने टी20 विश्व कप के लिए टीम की घोषणा की, तब शुभमन गिल की किस्मत पर मुहर नहीं लगी थी, बल्कि तब हुआ जब बुधवार को घने धुंध के कारण चौथा टी20 इंटरनेशनल रद्द कर दिया गया था।

    BCCI के एक सोर्स के मुताबिक, उस दिन यह तय हुआ था कि गिल को T20 वर्ल्ड कप के लिए नहीं चुना जाएगा, लेकिन शनिवार सुबह तक न तो सेलेक्शन कमेटी के चेयरमैन ने उन्हें इस बारे में बताया और न ही कप्तान सूर्यकुमार यादव या हेड कोच गौतम गंभीर ने उन्हें इन्फॉर्म किया। शुभमन गिल को ड्रॉप करने के बाद टी20 वर्ल्ड कप टीम का उप-कप्तान अक्षर पटेल को बनाया गया है। वहीं ईशान किशन को बैकअप विकेट कीपर के रूप में टीम में शामिल किया गया है, जो बैकअप ओपनर की भूमिका भी अदा करेंगे।

  • भोपाल में इन स्टेशनों के बीच मेट्रो का संचालन शुरू…. आज से लोग कर सकेंगे सफर

    भोपाल में इन स्टेशनों के बीच मेट्रो का संचालन शुरू…. आज से लोग कर सकेंगे सफर


    भोपाल।
    भोपाल (Bhopal) के लिए शनिवार का दिन बेहद खास रहा क्योंकि शहर को अपनी पहली मेट्रो रेल सेवा (Metro Rail service) की सौगात मिली। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल (Union Minister Manohar Lal), मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भोपाल मेट्रो का श्रीगणेश किया। इन नेताओं ने सुभाष नगर स्टेशन पर मेट्रो ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इसके बाद यह आधुनिक ट्रेन पटरी पर दौड़ पड़ी। भोपाल अब देश का 26वां शहर बन गया है जहां लोग मेट्रो का सफर कर सकेंगे।


    शुरुआत में इन स्टेशनों पर सुविधा

    फिलहाल भोपाल मेट्रो परियोजना की ऑरेंज लाइन के 7 किलोमीटर लंबे हिस्से पर ही आज से परिचालन शुरू किया गया है। इसे प्रायोरिटी कॉरिडोर कहा जा रहा है। इस रूट पर कुल 8 स्टेशन बनाए गए हैं जिनमें एम्स, अलकापुरी, डीआरएम कार्यालय, रानी कमलापति स्टेशन, एमपी नगर, बोर्ड ऑफिस, केंद्रीय विद्यालय और सुभाष नगर शामिल हैं।


    सुबह से रात आठ बजे तक सेवा

    मेट्रो ट्रेन सेवा का संचालन सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक होगा। इस सुविधा का सबसे ज्यादा लाभ रानी कमलापति स्टेशन से एम्स तक जाने वालों को होगा। यह पूरी सेवा अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है जो न केवल यात्रियों का समय बचाएगी बल्कि पलूशन कम करने में भी मददगार साबित होगी।


    आगे क्या प्लान?

    पूरी परियोजना पर अभी काफी काम होना है। यह दो मुख्य लाइनों की मेट्रो परियोजना होगी। पहली ‘ऑरेंज लाइन’ जो करीब 17 किलोमीटर लंबी बनाई जानी है। दूसरी ‘ब्लू लाइन’ जो लगभग 14 किलोमीटर लंबी होगी। बताया जाता है कि जब दोनों लाइनें पूरी तरह तैयार हो जाएंगी तो शहर के प्रमुख व्यापारिक और रिहायशी इलाके आपस में जुड़ जाएंगे। इससे सड़कों पर ट्रैफिक लोड कम होगा।


    10,033 करोड़ होंगे खर्च

    अधिकारियों ने बताया कि 30.8 किलोमीटर लंबी भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण पर अनुमानित लागत 10,033 करोड़ रुपये आएगी। इसके शुरुआती हिस्से यानी ‘प्राथमिकता कॉरिडोर’ पर ही 2,225 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस कॉरिडोर से हर दिन लगभग 3,000 यात्रियों के सफर करने की उम्मीद है। इस शुरुआती रूट से हर दिन करीब 3,000 लोग सफर करेंगे।

    इस मौके पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि मेट्रो नेटवर्क के मामले में भारत अभी दुनिया में तीसरे नंबर पर है। पहले स्थान पर चीन और दूसरे पर अमेरिका है। भारत में अभी कुल 1,083 किलोमीटर लंबा मेट्रो नेटवर्क है और जिस रफ्तार से काम चल रहा है। भारत जल्द ही अमेरिका को पीछे छोड़कर दूसरे स्थान पर आ जाएगा। भोपाल देश का 26वां शहर बन गया है, जहां मेट्रो सेवा शुरू हुई है।

  • Pakistan: उत्तर वजीरिस्तान में सुसाइड बॉम्बर ने सैन्य चौकी को उड़ाया, 4 सैनिकों की मौत

    Pakistan: उत्तर वजीरिस्तान में सुसाइड बॉम्बर ने सैन्य चौकी को उड़ाया, 4 सैनिकों की मौत


    इस्लामाबाद।
    पाकिस्तान (Pakistan) के उत्तर-पश्चिमी इलाके उत्तर वजीरिस्तान (North Waziristan) में शुक्रवार को एक बड़ा आतंकी हमला (Major terrorist attack) हुआ। सुसाइड कार बॉम्बर (Suicide car bomber) और तीन बंदूकधारियों ने एक गांव के पास स्थित सैन्य चौकी पर हमला किया, जिसके बाद घंटों चली गोलीबारी में चार पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। इस हमले में कम से कम 15 नागरिक घायल हो गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

    पाकिस्तानी सेना और स्थानीय पुलिस के अनुसार, यह इलाका खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आता है, जो अफगानिस्तान की सीमा से सटा हुआ है और अतीत में पाकिस्तानी तालिबान तथा अन्य उग्रवादी संगठनों का गढ़ रहा है। पुलिस ने बताया कि धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के कई मकान ढह गए, जिससे स्थानीय नागरिकों को गंभीर चोटें आईं। सेना के बयान में कहा गया कि सभी हमलावरों को सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ के दौरान मार गिराया।

    सेना के मुताबिक, हमलावरों ने पहले चौकी की सुरक्षा घेराबंदी तोड़ने की कोशिश की, लेकिन असफल रहने पर विस्फोटकों से लदी एक गाड़ी को चौकी की बाहरी दीवार से टकरा दिया। इस विस्फोट से पास के घरों और एक मस्जिद को भी नुकसान पहुंचा। हालांकि किसी भी संगठन ने तुरंत हमले की जिम्मेदारी नहीं ली, लेकिन पाकिस्तानी सेना ने इस हमले के लिए तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को जिम्मेदार ठहराया है। सेना का दावा है कि इस हमले की योजना अफगान सीमा के उस पार बनाई गई और वहीं से इसे निर्देशित किया गया।

    इस पर अफगानिस्तान की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। अफगान तालिबान लंबे समय से यह कहते रहे हैं कि वे किसी भी देश के खिलाफ अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं होने देते, जिसमें पाकिस्तान भी शामिल है। पाकिस्तानी सेना ने कहा कि पाकिस्तान को उम्मीद है कि अफगानिस्तान के तालिबान शासक अपने क्षेत्र से आतंकियों को पाकिस्तान पर हमले करने से रोकेंगे। साथ ही यह भी कहा कि पाकिस्तान को आतंकियों और उनके मददगारों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित है।

    हमले के कुछ घंटे बाद ही पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय सक्रिय हुआ। मंत्रालय ने इस्लामाबाद में अफगान तालिबान के उप-मिशन प्रमुख को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। मंत्रालय के बयान में कहा गया कि पाकिस्तान ने अफगान भूमि से संचालित आतंकवादी हमलों के दोषियों और मददगारों के खिलाफ पूर्ण जांच और निर्णायक कार्रवाई की मांग की है। बयान में यह भी कहा गया कि अफगान तालिबान से यह अपेक्षा की गई है कि वह अपने क्षेत्र में सक्रिय सभी आतंकवादी समूहों के खिलाफ ठोस, तत्काल और सत्यापन योग्य कदम उठाए तथा पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवाद के लिए अफगान जमीन के इस्तेमाल को पूरी तरह रोके।

    पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव हाल के महीनों में बढ़ा है। अक्टूबर में सीमा पर झड़पें हुई थीं, जब काबुल में 9 अक्टूबर को हुए विस्फोटों के लिए अफगानिस्तान ने पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया था। बाद में कतर की मध्यस्थता से युद्धविराम तो हुआ, लेकिन नवंबर में तुर्की में हुई बातचीत में दोनों देश किसी ठोस समझौते पर नहीं पहुंच सके।

  • MP: ग्वालियर की लाल टिपारा गौशाला में 15 गायों की की मौत, सैकड़ों बीमार

    MP: ग्वालियर की लाल टिपारा गौशाला में 15 गायों की की मौत, सैकड़ों बीमार


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की आदर्श गौशाला (Model cow shelter) मानी जाने वाली ग्वालियर (Gwalior) की मशहूर लाल टिपारा गौशाला (Lal Tipara Gaushala) से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। गौशाला में अचानक 15 गायों की मौत हो गई और सबसे शर्मनाक बात यह रही कि गौशाला का स्टाफ इन मौतों को छिपाने की कोशिश करता रहा। मरी हुई गायों के शरीर एक-दूसरे के ऊपर ऐसे फेंके गए थे जैसे वे कोई बेजान कूड़ा हों।

    नगर निगम इस गौशाला पर हर साल 25 करोड़ रुपये खर्च करने का दावा करता है। इस गौशाला में 10 हजार से ज्यादा गायें रखी गई हैं। दावे यह भी हैं कि यहां डॉक्टर भी तैनात हैं, लेकिन बीमार गायों की मौत सिस्टम पर सवाल खड़े कर रही है। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब मेडिकल ऑफिसर आशुतोष आर्या एक घायल गाय को ठीक करने के बाद वहां छोड़ने पहुंचे।

    उन्होंने बताया कि जिस गाय का उन्होंने 15 दिन तक अपने खर्चे पर इलाज किया था, उसे वहां मरते देखा और साथ ही टिनशेड में 15 अन्य गायों की लाशें भी ढेर की तरह पड़ी मिलीं। जब उन्होंने स्टाफ से पूछा, तो कोई सही जवाब नहीं मिला। यह भी कहा गया कि शायद गायें आपस में टकराकर मर गई होंगी। इस मामले में कलेक्टर से भी शिकायत की गई है।

    वहीं नगर निगम कमिश्नर संघ प्रिय का कहना है कि गौशाला में गायों के मरने की जानकारी मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी। फिलहाल गौशाला के बीमार सेक्शन में 400 से 500 के करीब गायें भर्ती हैं, जिनमें से 60 की हालत बेहद नाजुक है। इनका इलाज किया जा रहा है। मामला बढ़ने पर ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान ने खुद गौशाला का दौरा किया।

    कलेक्टर रुचिका चौहान ने गौशाला के रजिस्टर चेक किए। उन्होंने बीमार और मृत गायों के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की। कलेक्टर ने इलाज के बाद स्वस्थ होकर छोड़ी गई गायों का रिकॉर्ड भी तलब किया। साथ ही मृत गायों के निपटान की व्यवस्था से संबंधित दस्तावेज देखे और अधिकारियों से जानकारी ली। इतनी रकम खर्च होने के बावजूद गायों की ऐसी हालत से इंतजामों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

  • भोपाल मेट्रो का पहला दिन बना उत्सव, यात्रियों ने डांस कर मनाया जश्न

    भोपाल मेट्रो का पहला दिन बना उत्सव, यात्रियों ने डांस कर मनाया जश्न

    भोपाल /राजधानी भोपाल में रविवार को मेट्रो सेवा का औपचारिक कमर्शियल शुभारंभ हो गया। सुबह ठीक 9 बजे एम्स स्टेशन से पहली मेट्रो रवाना हुई-जिसने करीब 30 मिनट में सुभाष नगर स्टेशन तक का सफर तय किया। इस ऐतिहासिक मौके पर लगभग 100 यात्रियों ने मेट्रो की पहली सवारी का अनुभव लिया। यात्रियों में 7 साल के बच्चे से लेकर 75 साल के बुजुर्ग तक शामिल रहे। पहली ही यात्रा में मेट्रो का माहौल उत्सव जैसा नजर आयाजहां कई यात्री खुशी में डांस करते दिखाई दिए और मोबाइल से इस पल को कैद करते रहे।भोपाल मेट्रो के चलने के साथ ही भोपाल देश का 26वां मेट्रो शहर बन गया है। इससे पहले मध्यप्रदेश के इंदौर में 31 मई 2024 को मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू हुआ था। भोपाल मेट्रो का उद्घाटन शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने किया था। उद्घाटन के बाद रविवार, 21 दिसंबर से आम जनता के लिए मेट्रो सेवा शुरू कर दी गई।

    सुबह से ही स्टेशन पर उमड़ा उत्साह

    मेट्रो में सफर करने को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कई यात्री सुबह 7 बजे से ही स्टेशन पहुंच गए थे। यात्रियों का कहना था कि भोपाल के मेट्रो सिटी बनने का सपना आज साकार हो गया है और यह शहर के लिए गर्व का क्षण है। कोलार से आए एक कपल ने बताया कि भोपाल में मेट्रो की शुरुआत उनके लिए “वाओ मोमेंट” जैसा है।मेट्रो में सवार स्कूली बच्चों में भी खासा उत्साह दिखा। केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों ने कहा कि मेट्रो से उनका स्कूल नजर आया और पहली बार मेट्रो में बैठना बेहद रोमांचक अनुभव रहा। वहीं एक युवक वीडियो कॉल के जरिए अपने परिवार को मेट्रो और भोपाल के नजारे दिखाता नजर आया।

    सुविधाओं से लैस है भोपाल मेट्रो

    मेट्रो के सभी स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए एस्केलेटर, लिफ्ट और रैंप की व्यवस्था की गई है। सुभाष नगर, डीबी मॉल और एमपी नगर स्टेशनों पर फुट ओवरब्रिज बनाए गए हैं। रानी कमलापति मेट्रो स्टेशन को रेलवे स्टेशन से सीधे जोड़ा गया है, जिससे ट्रेन से उतरकर यात्री सीधे मेट्रो पकड़ सकें। एम्स स्टेशन पर भी फुटओवर ब्रिज के जरिए एम्स कैंपस तक सीधी पहुंच दी गई है।सुरक्षा के लिहाज से सभी स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर लगाए गए हैं, जिससे ट्रेन रुकने के बाद ही दरवाजे खुलते हैं और ट्रैक पर गिरने की आशंका नहीं रहती।

    टाइमिंग, किराया और ट्रिप की जानकारी

    भोपाल मेट्रो सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी। एक दिन में कुल 17 ट्रिप रहेंगी। मेट्रो फिलहाल 8 स्टेशनों-एम्स, अलकापुरी, डीआरएम, आरकेएमपी, एमपी नगर, डीबी मॉल, केंद्रीय स्कूल औरसुभाष नगर-से होकर गुजरेगी। शुरुआती चरण में हर 75 मिनट में एक ट्रेन उपलब्ध होगी।टिकट फिलहाल मैन्युअल रूप से काउंटर से ही मिलेंगे। किराया तीन जोन में तय किया गया है। पहले दो स्टेशनों के लिए 20 रुपये, तीन से पांच स्टेशनों के लिए 30 रुपये और छह से आठ स्टेशनों के लिए 40 रुपये किराया निर्धारित किया गया है।

    पार्किंग बनी बड़ी चुनौती

    मेट्रो की शुरुआत से जहां लोग खुश हैं, वहीं स्टेशनों पर पार्किंग की कमी एक बड़ी समस्या बनकर सामने आई है। किसी भी स्टेशन पर चार पहिया वाहनों के लिए समुचित पार्किंग व्यवस्था नहीं है। हालांकि मेट्रो प्रबंधन टू-व्हीलर पार्किंग की व्यवस्था करने की दिशा में काम कर रहा है।
    2018 से शुरू हुआ था सफर
    भोपाल मेट्रो परियोजना का काम साल 2018 में शुरू हुआ था। पहला मेट्रो रूट एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से एम्स से सुभाष नगर के बीच 6.22 किलोमीटर का प्राथमिकता कॉरिडोर अब आम जनता के लिए शुरू कर दिया गया है। दो साल पहले, 3 अक्टूबर 2023 को भोपाल में मेट्रो का पहला ट्रायल रन हुआ था।कुल मिलाकर, भोपाल मेट्रो की शुरुआत ने शहर के परिवहन तंत्र को एक नई दिशा दी है। पहले ही दिन दिखा उत्साह इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में मेट्रो भोपालवासियों की जीवनरेखा बनने जा रही है।