Author: bharati

  • शूटिंग के दौरान अजीब वाकया जब एक युवक ने मनोज बाजपेयी को जड़ दिया जोरदार थप्पड़

    शूटिंग के दौरान अजीब वाकया जब एक युवक ने मनोज बाजपेयी को जड़ दिया जोरदार थप्पड़


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मनोज बाजपेयी ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अपने करियर से जुड़ा एक चौंकाने वाला किस्सा साझा किया जिसने सभी को हैरान कर दिया। यह घटना उनकी चर्चित फिल्म गली गुलियां की शूटिंग के दौरान हुई थी जब एक आम युवक ने अचानक गुस्से में आकर उन्हें थप्पड़ जड़ दिया।

    मनोज बाजपेयी ने बताया कि फिल्म की शूटिंग एक बेहद संकरी और सुनसान गली में हो रही थी जिसे पूरी तरह से बंद कर दिया गया था ताकि शूटिंग बिना किसी व्यवधान के पूरी हो सके। आसपास के लोगों को भी कुछ समय के लिए रुकने के लिए कहा गया था। सब कुछ योजना के मुताबिक चल रहा था तभी अचानक 21 22 साल का एक युवक वहां आ गया।

    अभिनेता के अनुसार वह युवक बिना किसी की बात सुने आगे बढ़ने लगा और उसने साफ कह दिया कि उसे अपने काम से जाना है और वह किसी भी हालत में रुकेगा नहीं। टीम ने पहले उसे समझाने की कोशिश की लेकिन जब वह नहीं माना तो आखिरकार उसे जाने दिया गया।

    यहीं से कहानी ने अप्रत्याशित मोड़ लिया। मनोज बाजपेयी ने बताया कि जब वह युवक उनके पास से गुजर रहा था तो उसने अचानक उनके कूल्हे पर जोरदार थप्पड़ मार दिया। यह घटना इतनी अचानक हुई कि कोई भी कुछ समझ नहीं पाया। अभिनेता ने कहा कि वह युवक शायद इस बात से नाराज था कि उसे शूटिंग के कारण रोका गया और वह अपनी झुंझलाहट निकालना चाहता था।

    मनोज बाजपेयी ने इस घटना को याद करते हुए कहा कि शूटिंग के दौरान ऐसे कई अजीब और अप्रत्याशित अनुभव होते हैं जिनके लिए कोई भी तैयार नहीं होता। हालांकि यह घटना चौंकाने वाली थी लेकिन उन्होंने इसे हल्के फुल्के अंदाज में साझा किया।

    फिल्म गली गुलियां भले ही बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल नहीं कर पाई लेकिन समीक्षकों ने इसकी कहानी और मनोज बाजपेयी के अभिनय की खूब तारीफ की थी। फिल्म एक ऐसे व्यक्ति की मानसिक स्थिति को दर्शाती है जो अपने आसपास हो रही घटनाओं को लेकर गहरे मानसिक तनाव में होता है और चाइल्ड एब्यूज जैसे गंभीर मुद्दे को उठाती है।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो मनोज बाजपेयी लगातार अलग अलग और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उनका नाम भागम भाग 2 को लेकर चर्चा में है। इसके अलावा वह फिल्म घूसखोर पंडित को लेकर भी सुर्खियों में रहे जिसमें उन्होंने एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी का किरदार निभाया। यह फिल्म अपने टाइटल को लेकर विवादों में भी रही। यह किस्सा एक बार फिर दिखाता है कि फिल्मी दुनिया के पीछे कई अनदेखे और अनसुने अनुभव छिपे होते हैं जो सितारों के जीवन को आम लोगों से अलग और कभी कभी चुनौतीपूर्ण बना देते हैं।

  • होर्मुज संकट: 22 भारतीय जहाज अब भी खाड़ी में फंसे

    होर्मुज संकट: 22 भारतीय जहाज अब भी खाड़ी में फंसे


    तेहरान।
     युद्धग्रस्त होर्मुज जलडमरूमध्य से राहत की कुछ खबरें आई हैं, लेकिन संकट पूरी तरह टला नहीं है। भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर नंदा देवी मंगलवार तड़के सुरक्षित भारत पहुंच गया, जबकि 22 भारतीय जहाज अब भी पश्चिमी खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं।

    पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि ‘नंदा देवी’ सुबह करीब 2:30 बजे कांडला पोर्ट पहुंचा। इससे पहले सोमवार को शिवालिक मुंद्रा पोर्ट पर पहुंच चुका था। दोनों टैंकरों में कुल 92,712 टन एलपीजी था, जो देश की लगभग एक दिन की जरूरत के बराबर है।

    22 जहाज अब भी फंसे, 611 नाविक सवार
    फिलहाल पश्चिमी खाड़ी क्षेत्र में 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज फंसे हैं, जिन पर 611 भारतीय नाविक सवार हैं। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग इनकी लगातार निगरानी कर रहा है और जहाज मालिकों व भारतीय मिशनों के साथ समन्वय बनाए हुए है।

    युद्ध शुरू होने के समय इस क्षेत्र में कुल 28 भारतीय जहाज मौजूद थे। अब तक कुछ जहाज सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं, लेकिन स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है।

    पूर्वी हिस्से से भी राहत
    पूर्वी क्षेत्र से एक क्रूड ऑयल टैंकर यूएई के फुजैरा पोर्ट से सुरक्षित निकल चुका है और भारत पहुंचने वाला है। इसमें 80,800 टन कच्चा तेल लदा है।

    वहीं जग प्रकाश नामक एक अन्य जहाज ओमान से गैसोलीन लेकर अफ्रीका की ओर बढ़ चुका है और सुरक्षित रूप से जलडमरूमध्य पार कर चुका है।

    क्यों बना हुआ है खतरा?
    अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य व्यावहारिक रूप से बंद हो गया है। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम रास्ता है, इसलिए यहां तनाव का असर सीधे शिपिंग और ऊर्जा सप्लाई पर पड़ रहा है।

    हालांकि कुछ जहाज सुरक्षित लौट आए हैं, लेकिन 22 भारतीय जहाजों और सैकड़ों नाविकों की सुरक्षित वापसी अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। सरकार और संबंधित एजेंसियां लगातार प्रयास कर रही हैं, ताकि सभी को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

  • ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में बड़ा बदलाव, ब्रैड हैडिन संभालेंगे न्यू साउथ वेल्स की कमान

    ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में बड़ा बदलाव, ब्रैड हैडिन संभालेंगे न्यू साउथ वेल्स की कमान


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ट्रेलर-बैलेबाज ब्रैड हैडिन को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। उन्हें न्यू साउथ वेल्स क्रिकेट टीम की टीम का नया हेड कोच नियुक्त किया गया है। वे पूर्व कोच ग्रेग शिपर्ड की जगह ले चुके थे, रिलेशनल क्लैन्सर पहले ही समाप्त हो गया था।

    ‘ब्लूज़’ के साथ ट्रस्टीलैटर

    ब्रैड हैडिन ने इस फेस्टिवल में खुशी जाहिर करते हुए कहा कि न्यू साउथ वेल्स क्रिकेट उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा है। उन्होंने इसे अपने और अपने परिवार के लिए गर्व की बात बताई। साथ ही उन्होंने टीम में नया जोश और खेल की शैली विकसित करने का लक्ष्य भी रखा।

    टीम मशीनरी को बड़ी विशिष्टता

    टीम के सीईओ ली जर्मन ने कहा कि हैडिन के पास अंतरराष्ट्रीय और फ्रैंचाइज़ी क्रिकेट का सबसे अच्छा अनुभव है। उनकी टीम की संस्कृति और प्रदर्शन के तरीकों की गहरी समझ है, जिससे वे टीम को नई ऊंचाई तक ले जा सकते हैं।

    आईपीएल और अंतर्राष्ट्रीय अनुभव का लाभ

    ब्रैड हैडिन आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद के साथ काम कर चुके हैं और पंजाब किंग्स में रिकी पोंटिंग के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा हैं। इसके अलावा उन्होंने ऑस्ट्रेलिया टीम के साथ डैरेन लेहमैन और जस्टिन लैंगर के सहायक और फील्डिंग कोच की भूमिका भी निभाई।

    जून से संभालेंगे जिम्मेदारी

    ब्रैड हैडिन जून महीने में हेड कोच का कार्यभार संभालेंगे। उनकी फोकस टीम के लिए मजबूत आधार तैयार करना, युवा खिलाड़ियों को निखारना और वाले घरेलू खेलों में खिताब के लिए चुनौती पेश करना पर बने रहना।

    शानदार अंतर्राष्ट्रीय

    हैडिन का अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक भी काफी शानदार रहा है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए 66 टेस्ट, 126 आक्रामक और 34 टी20 मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने अपनी आक्रामक गेंदबाजी और बेहतरीन विकेटकीपिंग से टीम को कई यादगार जीत दिलाईं।

  • छोटे रोल, बड़ा धमाका: 'धुरंधर' ने सिर्फ अक्षय खन्ना ही नहीं, इन 6 गुमनाम कलाकारों की भी बदल दी किस्मत; अब पार्ट-2 का है इंतज़ार

    छोटे रोल, बड़ा धमाका: 'धुरंधर' ने सिर्फ अक्षय खन्ना ही नहीं, इन 6 गुमनाम कलाकारों की भी बदल दी किस्मत; अब पार्ट-2 का है इंतज़ार


    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा प्रेमियों के लिए 18 मार्च की शाम बेहद खास होने वाली है, क्योंकि बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘धुरंधर 2’ सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस फिल्म के पहले भाग ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़े थे, बल्कि इसने कई ऐसे कलाकारों को पहचान दिलाई जो लंबे समय से बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। हालांकि ‘धुरंधर’ की सफलता का बड़ा श्रेय मुख्य भूमिका निभा रहे अक्षय खन्ना को जाता है, लेकिन इस फिल्म की असली ताकत इसके वे सहायक कलाकार भी रहे, जिन्होंने अपने छोटे मगर प्रभावशाली किरदारों से जान फूँक दी।

    इस सूची में सबसे पहला नाम बिमल ओबेरॉय का आता है, जिन्होंने फिल्म में बलूच यूनाइटेड फोर्स (BUF) के लीडर ‘शिरानी अहमद बलोच’ की भूमिका निभाई। सालों तक छोटे-मोटे किरदारों में नजर आने वाले बिमल के लिए यह फिल्म एक रिफ्रेशिंग इमेज लेकर आई, जिससे उनकी पहचान एक गंभीर अभिनेता के रूप में स्थापित हुई। वहीं, रजत अरोड़ा ने ‘मुक्का गुरसेवक सिंह’ के किरदार में सीमित समय के बावजूद अपनी बॉडी लैंग्वेज और एक्टिंग से सबका ध्यान खींचा। रजत, जो रणवीर सिंह को अपनी प्रेरणा मानते हैं, इस फिल्म की सफलता के बाद रातों-रात चर्चा का केंद्र बन गए।

    फिल्म में ‘डोंगा’ का किरदार निभाने वाले नवीन कौशिक की कहानी बेहद प्रेरणादायक है। ‘रॉकेट सिंह’ जैसी फिल्मों में काम करने के बावजूद उन्हें असली शोहरत ‘धुरंधर’ से मिली। नवीन ने खुद स्वीकार किया कि एक समय वह अपनी मेहनत पर संदेह करने लगे थे, लेकिन इस फिल्म की सफलता ने उनका आत्मविश्वास लौटा दिया। इसी तरह, दानिश पंडोर के लिए साल 2025 एक ‘टर्निंग ईयर’ साबित हुआ। ‘छावा’ में इखलास खान और ‘धुरंधर’ में ‘उजैर बलूच’ बनकर उन्होंने साबित कर दिया कि मॉडलिंग से एक्टिंग तक का उनका सफर अब एक सफल मुकाम पर है।

    एंटी-हीरो के रूप में मशहूर अमरोही ने ‘नवाब शफीक’ के किरदार को इतनी शिद्दत से निभाया कि वे दर्शकों की यादों में बस गए। उनकी सहज अदाकारी ने उन्हें भीड़ से अलग खड़ा कर दिया। अंत में, आसिफ अली हैदर खान ने ‘बाबू डकैत’ यानी रहमान के पिता के रूप में एक बड़े स्केल की बॉलीवुड एक्शन फिल्म में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। इन सभी कलाकारों के लिए ‘धुरंधर’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि उनके करियर की नई उड़ान का जरिया बनी है। अब देखना यह है कि इनमें से कौन-कौन से सितारे ‘धुरंधर 2’ में अपनी अदाकारी का जलवा बिखेरते नजर आएंगे।

  • चोली के पीछे सही तो सरके चुनर पर बवाल क्यों? नोरा फतेही के गाने पर मचे हंगामे के बीच डायरेक्टर की पत्नी ने दागे तीखे सवाल

    चोली के पीछे सही तो सरके चुनर पर बवाल क्यों? नोरा फतेही के गाने पर मचे हंगामे के बीच डायरेक्टर की पत्नी ने दागे तीखे सवाल


    नई दिल्ली। साउथ की बहुप्रतीक्षित फिल्म केडी द डेविल अपनी रिलीज से पहले ही एक बड़े विवाद के केंद्र में आ गई है। फिल्म के नए गाने सरके चुनर तेरी सरके में नोरा फतेही और संजय दत्त की केमिस्ट्री को जहां कुछ लोग पसंद कर रहे थे, वहीं इसके डबल मीनिंग द्विअर्थी शब्दों ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है। विवाद इतना बढ़ा कि म्यूजिक पार्टनर ‘आनंद ऑडियो’ को यूट्यूब से इस गाने के हिंदी वर्जन को हटाना पड़ा। अब इस पूरे मामले पर फिल्म के राइटर-डायरेक्टर प्रेम की पत्नी और मशहूर अभिनेत्री रक्षिता प्रेम ने खुलकर अपनी बात रखी है।

    रक्षिता ने इंस्टाग्राम स्टोरीज के जरिए उन आलोचकों को आड़े हाथों लिया जो इस गाने की वजह से फिल्म के डायरेक्टर और उनके पिछले काम पर सवाल उठा रहे हैं। रक्षिता ने सवाल किया कि जब भारतीय सिनेमा में चोली के पीछे क्या है, पीलिंग्स और ड्रीमम वेकअपम जैसे गाने आए थे, तब उन्हें सहजता से स्वीकार कर लिया गया था। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा, जब पूरी की पूरी फिल्मों में केवल सेक्शुअल इंटरकोर्स की बातें की जाती हैं, तब किसी को ऐतराज नहीं होता, तो फिर अब इस एक गाने पर इतना बवाल क्यों? हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इसे सही नहीं ठहरा रही हैं, बल्कि केवल जनता के दोहरे रवैये को समझने की कोशिश कर रही हैं।

    रक्षिता ने फिल्म मेकर्स के प्रति हो रहे अभद्र व्यवहार पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दर्शकों को सवाल पूछने का पूरा अधिकार है, लेकिन किसी फिल्म मेकर या लेखक को गाली देना गलत है। उन्होंने कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री (सैंडलवुड) की चुनौतियों का जिक्र करते हुए बताया कि आज के समय में किसी फिल्म को ओटीटी या बड़े चैनल्स पर बेचना एक डायरेक्टर के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। रक्षिता के अनुसार, केडी (KD) हमारे बच्चे की तरह है और हम अंत में वही करेंगे जो फिल्म के लिए सही होगा।

    गौरतलब है कि यह फिल्म 30 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। गाने की शुरुआती लाइनों और इसके फिल्मांकन को लेकर मचे इस हंगामे ने फिल्म के प्रमोशन को एक अलग ही दिशा दे दी है। जहां एक तरफ फिल्म की टीम सिर्फ प्यार और भरोसे की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ सेंसर बोर्ड और दर्शकों की पैनी नजर अब पूरी फिल्म पर टिकी हुई है।
  • मैदान के बाद आसमान में उड़ान! ग्लेन फिलिप्स बने पायलट, फैंस हैरान

    मैदान के बाद आसमान में उड़ान! ग्लेन फिलिप्स बने पायलट, फैंस हैरान


    नई दिल्ली। न्यूजीलैंड के स्टार ऑलराउंडर Glenn Phillips एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका क्रिकेट नहीं बल्कि उनका नया अवतार है। विस्फोटक बल्लेबाजी, शानदार फील्डिंग और उपयोगी गेंदबाजी के लिए मशहूर फिलिप्स अब पायलट के रूप में भी अपनी पहचान बना रहे हैं। हाल ही में उन्होंने ऑकलैंड के आकाश में लाइट एयरक्राफ्ट उड़ाकर फैंस को चौंका दिया।

    आकाश में दिखाई पायलटिंग स्किल

    Glenn Phillips ने ऑकलैंड के आर्डमोर एयरोड्रोम पर एक लाइट एयरक्राफ्ट को सफलतापूर्वक लैंड कराया। इस खास पल का वीडियो उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया। क्रिकेट मैदान के बाद अब कॉकपिट में उनका आत्मविश्वास फैंस को काफी प्रभावित कर रहा है।

    पायलट बनने का सपना कर रहे पूरा

    फिलिप्स ने बताया कि वे कमर्शियल पायलट लाइसेंस हासिल करने की प्रक्रिया में हैं और इसके लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में आर्डमोर फ्लाइंग स्कूल में जाकर स्टूडेंट्स और इंस्ट्रक्टर्स से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि अगर वे क्रिकेटर नहीं होते, तो शायद पायलट बनना ही उनका करियर होता।

    ‘हवा में रहना पसंद है’

    Glenn Phillips ने अपने जुनून के बारे में कहा कि उन्हें उड़ान भरना बेहद पसंद है। उन्होंने बताया कि पहाड़ों के बीच उड़ान भरना और आसमान में समय बिताना उन्हें खास खुशी देता है। यह उनका ऐसा शौक है, जिसे वे गंभीरता से आगे बढ़ाना चाहते हैं।

    बहुमुखी प्रतिभा के धनी खिलाड़ी

    क्रिकेट में भी फिलिप्स अपनी बहुमुखी प्रतिभा के लिए जाने जाते हैं। दाएं हाथ से बल्लेबाजी, बाएं हाथ से बल्लेबाजी, विकेटकीपिंग और स्पिन गेंदबाजी-वे हर भूमिका में फिट बैठते हैं। अब पायलटिंग में हाथ आजमाना यह दिखाता है कि वे मैदान के बाहर भी नई चुनौतियों को अपनाने से पीछे नहीं हटते।

    IPL 2026 में आएंगे नजर

    Glenn Phillips जल्द ही Indian Premier League 2026 में खेलते नजर आएंगे। वे इस बार Gujarat Titans का हिस्सा हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि आगामी सीजन में टीम उन्हें कितना मौका देती है और वे अपने प्रदर्शन से क्या कमाल दिखाते हैं।

    टी20 करियर में दमदार आंकड़े

    29 वर्षीय फिलिप्स ने न्यूजीलैंड के लिए अब तक 97 टी20 मुकाबले खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 2 शतक और 12 अर्धशतक की मदद से 2,286 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 142.69 का है, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का सबूत है। इसके अलावा उन्होंने गेंदबाजी में भी 9 विकेट हासिल किए हैं।

  • संसद से सड़क तक छिड़ी अश्लीलता के विरुद्ध जंग: हरभजन सिंह के विचारों से सहमत हुए बिजनेसमैन राज कुंद्रा, कड़े सरकारी एक्शन की अपील

    संसद से सड़क तक छिड़ी अश्लीलता के विरुद्ध जंग: हरभजन सिंह के विचारों से सहमत हुए बिजनेसमैन राज कुंद्रा, कड़े सरकारी एक्शन की अपील

    नई दिल्ली। आज के डिजिटल युग में इंटरनेट की सुलभता ने जहाँ विकास के नए द्वार खोले हैं, वहीं बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर इसके नकारात्मक प्रभावों ने समाज के सामने एक गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। इसी कड़ी में बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और जाने-माने बिजनेसमैन राज कुंद्रा ने इंटरनेट पर परोसे जा रहे अश्लील कंटेंट और अनियंत्रित वेबसाइट्स के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है। राज कुंद्रा का यह बयान पूर्व क्रिकेटर और ‘आम आदमी पार्टी’ के सांसद हरभजन सिंह द्वारा हाल ही में संसद में उठाए गए उस मुद्दे के समर्थन में आया है, जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया पर बच्चों के बढ़ते एक्सपोजर पर चिंता जताई थी।

    हरभजन सिंह ने संसद सत्र के दौरान यह मुद्दा प्रभावी ढंग से रखा था कि इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के अत्यधिक उपयोग से बच्चों की सामाजिक और मानसिक स्थिति प्रभावित हो रही है। उन्होंने मांग की थी कि ऐसे कंटेंट तक बच्चों की पहुंच सीमित होनी चाहिए ताकि उनके कोमल मन को दूषित होने से बचाया जा सके। हरभजन के इस विचार का समर्थन करते हुए राज कुंद्रा ने स्पष्ट कहा कि आज इंटरनेट पर मौजूद “फ्री और बिना किसी कंट्रोल” वाले कंटेंट ने समाज के लिए संकट पैदा कर दिया है। कुंद्रा के अनुसार, अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री बहुत ही आसानी से कम उम्र के बच्चों तक पहुंच रही है, जिसे रोकने के लिए ऐसी वेबसाइट्स पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना अनिवार्य है।

    राज कुंद्रा ने केवल भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर हो रहे बदलावों का उदाहरण देते हुए कहा कि कई अन्य देशों में इस तरह के सख्त बैन पहले से ही लागू हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया का एक्सेस पूरी तरह से लिमिटेड यानी सीमित कर दिया जाना चाहिए। कुंद्रा ने जोर देकर कहा कि यद्यपि उनके पास प्रतिक्रिया देने के लिए और भी कई मुद्दे हैं, लेकिन वर्तमान में बच्चों का भविष्य और समाज की सुरक्षा सबसे अधिक महत्वपूर्ण है, जिस पर तुरंत कड़े नियमों की आवश्यकता है।

    दिलचस्प बात यह है कि राज कुंद्रा का यह बयान उनके अपने अतीत के कारण भी चर्चा का विषय बना हुआ है। साल 2021 में राज कुंद्रा पर एडल्ट कंटेंट बनाने और उसे ऐप के जरिए प्रसारित करने के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके चलते उन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ी थी। हालांकि, बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। इसके अतिरिक्त, आईपीएल के दौरान सट्टेबाजी जैसे विवादों में भी उनका नाम उछला था। इन तमाम विवादों के बीच, राज कुंद्रा ने अब जिस तरह से अश्लील कंटेंट के खिलाफ मोर्चा संभाला है, वह सोशल मीडिया और पब्लिक डोमेन में नई बहस को जन्म दे रहा है। उन्होंने समाज के व्यापक हित को सर्वोपरि रखते हुए इंटरनेट सुरक्षा और बच्चों के डिजिटल संरक्षण पर सरकार से सख्त नीति बनाने की अपील की है।

  • नवरात्र में सफेद नमक वर्जित, लेकिन सेंधा नमक क्यों खाते हैं भक्त, जानिए क्‍या है कारण?

    नवरात्र में सफेद नमक वर्जित, लेकिन सेंधा नमक क्यों खाते हैं भक्त, जानिए क्‍या है कारण?


    नई दिल्ली। नवरात्र के पावन पर्व पर लोग अपनी परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत रखते हैं। कुछ लोग पूरे दिन फलाहार करते हैं तो कुछ दिनभर व्रत रखकर शाम को भोजन करते हैं। कुछ श्रद्धालु मातारानी की सेवा करते हुए जलाहार ही करते हैं। ऐसे ही कई लोग नवरात्र के दौरान भोजन में सेंधा नमक का प्रयोग करते हैं। खास बात यह है कि नवरात्र में साधारण या सफेद नमक का उपयोग पूरी तरह वर्जित माना जाता है लेकिन सेंधा नमक का सेवन व्रत में करना मान्य है।
    साधारण नमक और सेंधा नमक में अंतर

    धार्मिक और स्वास्थ्य दोनों दृष्टिकोण से साधारण नमक और सेंधा नमक में काफी अंतर है। साधारण नमक जो समुद्री नमक भी कहलाता है कई रासायनिक और मशीनी प्रक्रियाओं से गुजरता है। इस कारण इसे व्रत के लिए शुद्ध नहीं माना जाता। वहीं सेंधा नमक प्राकृतिक रूप से हिमालय की चट्टानों से निकाला जाता है और इसे शुद्ध नमक मानकर व्रत में उपयोग किया जाता है।

    सेंधा नमक शुद्ध और सात्विक

    हिंदू धर्म में व्रत का उद्देश्य केवल भोजन पर नियंत्रण नहीं बल्कि मन को भगवान की भक्ति में लगाना और सात्विक जीवन जीना भी है। साधारण नमक कृत्रिम माना जाता है जबकि सेंधा नमक स्वयं सिद्ध और सात्विक माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार सेंधा नमक शरीर में शीतलता बनाए रखता है और मन को शांत करता है। ध्यान और पूजा के समय शरीर और मन का सात्विक होना जरूरी होता है इसलिए व्रत में सेंधा नमक का महत्व बढ़ जाता है।

    वैज्ञानिक दृष्टिकोण

    वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो व्रत के दौरान अनाज या सामान्य भोजन कम लेने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। सफेद नमक की तुलना में सेंधा नमक में मैग्नीशियम पोटेशियम और कैल्शियम जैसे मिनरल्स प्रचुर मात्रा में होते हैं जो ब्लड प्रेशर को संतुलित रखते हैं और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं। इस कारण व्रत के दौरान भोजन में सेंधा नमक का उपयोग स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है। हालांकि विशेषज्ञ यह सलाह देते हैं कि नमक का सेवन हमेशा सीमित मात्रा में करना चाहिए।

  • ऑस्ट्रेलिया टूर से होगी टीम की परीक्षा, कप्तान हेली मैथ्यूज का बड़ा बयान

    ऑस्ट्रेलिया टूर से होगी टीम की परीक्षा, कप्तान हेली मैथ्यूज का बड़ा बयान


    नई दिल्ली। आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 का आयोजन 12 जून से 5 जुलाई के बीच इंग्लैंड में होना है। यह विश्व कप का दसवां संस्करण है। इस बार 12 टीमें विश्व कप में हिस्सा लेंगी। सभी टीमें विश्व कप की तैयारी अपने स्तर पर कर रही हैं। वेस्टइंडीज की टीम भी अपने आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे को विश्व कप के लिहाज से अहम मान रही है।

    ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज महिला टीमों के बीच 3 टी20 मैचों की सीरीज 19, 21 और 23 मार्च को खेली जाएगी। वेस्टइंडीज की कप्तान हेली मैथ्यूज ने इस सीरीज को टी20 विश्व कप की तैयारी के लिहाज से अहम माना है।

    मैथ्यूज ने कहा, “मैं उन मौकों का पूरा फायदा उठाने के लिए और खासकर ऑस्ट्रेलिया में कुछ महीनों के बाद एक साथ प्लेन में बैठकर फिर से एक ग्रुप के तौर पर जुड़ने के लिए उत्सुक हूं। यह हमारे लिए बहुत अच्छा होने वाला है।”

    उन्होंने कहा कि यह एक बहुत ही अहम (सीरीज) है और मुझे लगता है कि यह इस बात का अच्छा टेस्ट होगा कि हम एक टीम के तौर पर अभी कहां हैं। वर्ल्ड कप शुरू होने में बस कुछ ही महीने बाकी हैं, इसलिए उम्मीद है कि हम कुछ अच्छी चीजें देख पाएंगे और इस सीरीज से बहुत सारी पॉजिटिव बातें सीख पाएंगे।

    वेस्टइंडीज इस सीरीज को टी20 विश्व कप की तैयारी के तौर पर देखेगी। 2016 में खिताब जीतने वाली वेस्टइंडीज ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैचों के लिए पूरी ताकत से मैदान में उतरेगी। टीम में कप्तान हेली मैथ्यूज, स्टेफनी टेलर, एफी फ्लेचर, शमीन कैम्पबेल और डिएंड्रा डॉटिन जैसी अनुभवी खिलाड़ी शामिल हैं।

    कप्तान मैथ्यूज ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज की अहमियत भी जानते हैं। उन्होंने टीम में शामिल युवा खिलाड़ियों एबोनी ब्रैथवेट और जहजारा क्लैक्सटन से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई है।

    ऑस्ट्रेलिया सीरीज के लिए वेस्टइंडीज की टीम

    हेली मैथ्यूज (कप्तान), चिनेल हेनरी, आलिया एलीने, एबोनी ब्रैथवेट, शमीन कैम्पबेल, जहजारा क्लैक्सटन, डिएंड्रा डॉटिन, एफी फ्लेचर, जैनिलेया ग्लासगो, शॉनिशा हेक्टर, जैदा जेम्स, कियाना जोसेफ, मैंडी मंगरू, करिश्मा रामहरैक, स्टेफनी टेलर

  • मुझे ड्रॉप करने का फैसला सही था, वापसी के लिए तैयार रहना चाहता हूं: ओली पोप

    मुझे ड्रॉप करने का फैसला सही था, वापसी के लिए तैयार रहना चाहता हूं: ओली पोप


    नई दिल्ली।  इंग्लैंड के बल्लेबाज ओली पोप ने कहा है कि एशेज 2025-26 के दौरान खराब प्रदर्शन की वजह से टीम से बाहर किए जाने के बावजूद उन्हें फिर से राष्ट्रीय टीम में वापसी की पूरी उम्मीद है।

    ओली पोप ने कहा, “टीम से बाहर होना आसान नहीं होता, लेकिन उस समय यह सही फैसला था। मुझे पता था कि मैं कहां खड़ा हूं।”

    उन्होंने कहा, “अगर मैं प्लेइंग इलेवन में नहीं हूं, तो मुझे यह साबित करना होगा कि मैं देश का सबसे अच्छा बल्लेबाज बन सकता हूं। मैं अपने खेल को बेहतर बनाकर तैयार रहना चाहता हूं।”

    पोप ने कहा कि उनका लक्ष्य अपने खेल को अगले स्तर तक ले जाना है ताकि मौका मिलने पर वह खुद को सर्वश्रेष्ठ विकल्प साबित कर सकें।

    पोप को इंग्लैंड टेस्ट टीम की उपकप्तानी भी गंवानी पड़ी। उनकी जगह ये भूमिका अब हैरी ब्रूक निभा रहे हैं।

    मध्यक्रम के इस बल्लेबाज को टीम के हेड कोच ब्रेंडन मैकुलम और क्रिकेट डायरेक्टर रॉब की घरेलू क्रिकेट के रास्ते राष्ट्रीय टीम में वापस आने की सलाह दी है।

    पोप का भी मानना है कि घरेलू सीजन में लगातार खेलने से उन्हें अपने खेल को सुधारने का मौका मिलेगा और वह जल्द ही इंग्लैंड टीम में वापसी कर सकते हैं। वह काउंटी क्रिकेट में सरे के लिए खेलते हुए अपने प्रदर्शन पर ध्यान देंगे।

    एशेज सीरीज की 6 पारियों में 125 रन बनाने वाले ओली पोप को टीम में अपनी जगह गंवानी पड़ी थी। उनकी जगह जैकब बेथेल को नंबर तीन पर मौका दिया गया। बेथेल ने मौके का फायदा उठाया और सिडनी टेस्ट में शतक लगाया। टी20 विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ विस्फोटक 105 रन बनाने के बाद बेथेल ने टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है और पोप की वापसी की राह मुश्किल कर दी है।

    पोप को इंग्लैंड के टेस्ट फॉर्मेट का मजबूत स्तंभ माना जाता रहा है। वह कई मौकों पर टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं। 28 वर्षीय इस बल्लेबाज ने 64 टेस्ट की 113 पारियों में 9 शतक और 16 अर्धशतकों की मदद से 3,732 रन बनाए हैं।