Author: bharati

  • चैत्र नवरात्र में मैहर में रुकेंगी 15 एक्सप्रेस ट्रेनें, श्रद्धालुओं के लिए पांच मिनट का ठहराव

    चैत्र नवरात्र में मैहर में रुकेंगी 15 एक्सप्रेस ट्रेनें, श्रद्धालुओं के लिए पांच मिनट का ठहराव


    जबलपुर। चैत्र नवरात्र मेला के अवसर पर मैहर में इस बार 15 एक्सप्रेस ट्रेनें रुकेंगी और रेलवे ने लंबी दूरी की ट्रेनों के अस्थाई ठहराव को स्वीकृति प्रदान की है। ये ट्रेनें 19 मार्च से एक अप्रैल के मध्य दोनों दिशाओं में पांच मिनट के लिए मैहर स्टेशन पर रुकेंगी। नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां शारदा देवी मंदिर में दर्शन और पूजन के लिए पहुंचते हैं और इन अस्थायी ठहरावों से उनकी यात्रा और सुविधाजनक हो जाएगी।

    प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु देवी दर्शन एवं पूजन के लिए मैहर आते हैं। रेलवे की यह पहल उनके लिए मेला स्थल तक आने का महत्वपूर्ण साधन साबित होगी। इसके अलावा पश्चिम मध्य रेल ने कटनी और सतना के बीच मेला स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह स्पेशल ट्रेन दोनों शहरों के बीच 14 ट्रिप चलाएगी और मैहर स्टेशन पर भी ठहराव करेगी। कटनी और सतना दोनों जंक्शन स्टेशन हैं और मैहर इनके बीच स्थित है। इन जंक्शन पर उतरने वाले यात्री मेला स्पेशल ट्रेन का उपयोग कर मां शारदा देवी के दर्शन कर सकेंगे।

    पश्चिम मध्य रेल की मेला स्पेशल ट्रेन का संचालन 19 मार्च से एक अप्रैल तक प्रतिदिन किया जाएगा। यह ट्रेन अनारक्षित होगी और श्रद्धालु जनरल टिकिट लेकर इसमें यात्रा कर सकेंगे। ट्रेन क्रमांक 09015 कटनी से सुबह 5.25 बजे प्रस्थान करेगी और सुबह 6.55 बजे मैहर स्टेशन पहुंचेगी। इसके बाद सुबह 8.50 बजे यह सतना स्टेशन पर ठहराव करेगी। वापसी में ट्रेन क्रमांक 09016 सतना से शाम 7.25 बजे प्रस्थान करेगी और रात 8 बजे मैहर तथा रात 11.50 बजे कटनी जंक्शन पहुंचेगी।

    मेल स्पेशल ट्रेन का मार्ग पटवारा, झुकेही, पकरिया रोड, अमदरा, घुनवारा, भदनपुर, मैहर, उंचेहरा और लगरगवां स्टेशनों से होकर गुजरेगा। इस तरह मेला में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए परिवहन और सुविधाएं आसान और सुलभ होंगी।

    रेलवे की इस सुविधा से न केवल स्थानीय बल्कि अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को भी बड़ा लाभ होगा और वे समय पर आरामदायक यात्रा कर मेला स्थल पर पहुंच सकेंगे। इस पहल से मैहर में नवरात्र मेला और भी व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के अनुकूल आयोजित किया जाएगा।

  • कोविड के बाद आरईआईटी मार्केट में भारत का जबरदस्त उछाल, 1.72 लाख करोड़ रुपए

    कोविड के बाद आरईआईटी मार्केट में भारत का जबरदस्त उछाल, 1.72 लाख करोड़ रुपए


    नई दिल्ली।  कोविड-19 महामारी के बाद भारत का सूचीबद्ध रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (आरईआईटी) बाजार तेजी से बढ़ा है। वित्त वर्ष 2020 में इसका आकार 27,100 करोड़ रुपए था, जो वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में बढ़कर 1.72 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। यह जानकारी सीबीआरई इंडिया रिसर्च की हालिया रिपोर्ट में सामने आई है।

    आरईआईटी की तेजी का कारण
    रिपोर्ट में बताया गया है कि इस वृद्धि की शुरुआत उस समय हुई जब वित्त वर्ष 2020 में देश का पहला आरईआईटी शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुआ। इसके बाद नए आरईआईटी की लिस्टिंग और पहले से मौजूद आरईआईटी के यूनिट प्राइस में लगातार बढ़ोतरी ने बाजार की रफ्तार को और तेज किया। रिपोर्ट के अनुसार, सूचीबद्ध आरईआईटी में से चार आरईआईटी ने वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही से लेकर वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के बीच 20 प्रतिशत से अधिक सालाना बढ़ोतरी दर्ज की।

    नियामकीय बदलाव से बाजार को मिलेगी मजबूती
    सीबीआरई इंडिया के चेयरमैन और सीईओ अंशुमन मैगजीन ने कहा कि वैश्विक स्तर पर अस्थिर आर्थिक माहौल के बावजूद भारत का आरईआईटी बाजार निवेशकों को लगातार बेहतर रिटर्न देता रहा है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2026 और उसके बाद आरईआईटी के उपयोग को बढ़ाने के लिए तीन महत्वपूर्ण नियामकीय बदलाव किए जा रहे हैं:

    सेबी की नई वर्गीकरण नीति: जनवरी 2026 से आरईआईटी को हाइब्रिड इंस्ट्रूमेंट की जगह इक्विटी से जुड़े निवेश साधन के रूप में वर्गीकृत किया गया। इससे म्यूचुअल फंड और विशेष निवेश फंड की भागीदारी बढ़ेगी और बाजार में तरलता बेहतर होगी।

    आरबीआई का प्रस्ताव: भारतीय रिजर्व बैंक ने कमर्शियल बैंकों को सीधे आरईआईटी को कर्ज देने की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा है। इससे आरईआईटी का ढांचा इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनवीआईटी) के अनुरूप हो जाएगा।

    सरकारी संपत्तियों का मॉनेटाइजेशन: केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने सीपीएसई की व्यावसायिक रियल एस्टेट संपत्तियों को आरईआईटी के जरिए मॉनेटाइज करने की योजना बनाई है। इससे निवेशकों को सरकारी समर्थन वाले एसेट में निवेश का अवसर मिलेगा और सरकारी संपत्तियों का वास्तविक मूल्य सामने आएगा।

    भारत का एसएम आरईआईटी बाजार
    सीबीआरई इंडिया रिसर्च के अनुसार, भारत का एसएम आरईआईटी बाजार 75 अरब डॉलर से अधिक का हो सकता है। इस वृद्धि में 500 मिलियन वर्ग फुट से ज्यादा ऑफिस, लॉजिस्टिक्स और रिटेल संपत्तियों का योगदान होगा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ऑफिस सेक्टर आरईआईटी निवेश के लिए सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला सेगमेंट है, जिसमें लगभग 42 प्रतिशत निवेशक निवेश करने की इच्छा जता चुके हैं।

    लिस्टेड आरईआईटी: निवेशकों के लिए नया विकल्प
    फिलहाल भारत के शेयर बाजार बीएसई और एनएसई पर पांच आरईआईटी लिस्टेड हैं। ये निवेशकों को रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश करने का नया और सुरक्षित विकल्प प्रदान कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आरईआईटी में लंबी अवधि का निवेश करने से स्थिर रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ती है और यह निवेशकों के पोर्टफोलियो को विविधता प्रदान करता है।

    कोविड के बाद भारत का लिस्टेड आरईआईटी मार्केट न केवल तेजी से बढ़ा है, बल्कि नियामकीय बदलाव और सरकारी समर्थन के कारण यह भविष्य में और विस्तार की ओर बढ़ रहा है। निवेशकों के लिए यह बाजार स्थिर रिटर्न और लंबी अवधि के अवसर दोनों प्रदान करता है।

  • ईरान संकट में निवेश: वॉरेन बफे की सलाह से बनाएं स्मार्ट रणनीति

    ईरान संकट में निवेश: वॉरेन बफे की सलाह से बनाएं स्मार्ट रणनीति


    नई दिल्ली। मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक वित्तीय बाजारों को हिला कर रख दिया है। इस उथल-पुथल का सबसे बड़ा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा, जो तेज़ी से बढ़ती हुई भारतीयों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए चिंता का कारण बन गई है। बढ़ती तेल की कीमतें महंगाई को बढ़ाती हैं और वैश्विक आर्थिक विकास को धीमा कर सकती हैं।
    भारत में शेयर बाजारों पर दबाव
    भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए इस संकट का असर और गहरा है। बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 में भारी गिरावट देखी गई, क्योंकि निवेशक अनिश्चितता के बीच जोखिम कम करने के लिए जल्दबाजी में फैसला लेने लगे। उद्यमियों का कहना है कि तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई बढ़ाने के साथ-साथ व्यापार घाटा भी बढ़ा सकती हैं, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ सकता है।

    वॉरेन बफे की सलाह बनी चर्चा का केंद्र
    बाजार में इस उथल-पुथल के बीच दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे का एक पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चर्चा में आ गया है। 2022 में पत्रकार चार्ली रोज को दिए गए इंटरव्यू में बफे ने युद्ध, आर्थिक मंदी और महामारी जैसी परिस्थितियों में भारतीयों के लिए अहम सुझाव दिए थे।

    बफे, जो बर्कशायर हाथवे के डिपार्टमेंट और पूर्व सीईओ रह चुके हैं, को दुनिया के सबसे सफल निवेशकों में मिलता जाता है। उनकी निवेश रणनीति का मुख्य आधार लंबी अवधि का निवेश और बाजार की स्थिरता के दौरान धैर्य बनाए रखना है। ‘ओरेकल ऑफ ओमाहा’ के नाम से मशहूर बफे का रुझान है कि भू-राजनीतिक संकट, आर्थिक मंदी और बाजार में गिरावट समय-समय पर आती रहती हैं, लेकिन ये लंबे समय में आर्थिक प्रगति को रोक नहीं पाता।

    इतिहास से सीख
    इतिहास गवाह है कि शेयर बाजार ने कई बड़े संकटों का सामना किया है – महानदी, वैश्विक वित्तीय संकट और कोविड-19 जैसी घटनाएं शामिल हैं। इन मुश्किल दौरों के बावजूद समय के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यापार आगे बढ़ रहे हैं। बफे का कहना है कि संभावित संकट के बावजूद लंबी अवधि में बाजार की बढ़ोतरी बनी रहती है, और इसलिए स्थानीय उतार-चढ़ाव से घबराने की जरूरत नहीं है।

    लंबी अवधि के नजरिए पर ध्यान दें
    मौजूदा समय में अमेरिका-ईरान संघर्ष दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है, जिससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है। लंबी अवधि तक युद्ध और तेल बाजार में बाधाओं की आशंका से शेयर बाजारों में गिरावट देखी जा रही है। ऐसे समय में कई निवेशक तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय जोखिम कम करने के लिए जल्दबाजी में फैसला लेते हैं।

    बफे की फिलॉसफी यही कहती है कि कंपनियों की लंबी अवधि की वृद्धि पर ध्यान दें, न कि बाजार की स्थानीय हलचल पर। उनकी परिस्थितियां हैं कि संकट भले ही कुछ समय के लिए बाजार को प्रभावित करें, लेकिन अर्थव्यवस्था की दीर्घकालिक प्रगति को पटरी से नहीं उतारते।

    अवसरों के लिए संदेश
    वॉरेन बफे की सलाह हर निवेशक के लिए स्पष्ट है: संकट के समय धैर्य बनाए रखें, लंबी अवधि के अवसरों को पहचानें और जल्दबाजी से बचें। चाहे युद्ध हो, आर्थिक मंदी या महामारी, बाजार हमेशा ऊपर-नीचे होता रहेगा। समझ यही है कि संभावित लाभार्थियों को समझ हुए दीर्घकालिक रणनीति अपनी जाए, जिससे निवेश स्थिर और सुरक्षित रहे।

  • केरल से महेश्वर पहुंचे मोनालिसा के पिता, मुख्यमंत्री से अनुरोध- बेटी को सुरक्षित वापस लाया जाए

    केरल से महेश्वर पहुंचे मोनालिसा के पिता, मुख्यमंत्री से अनुरोध- बेटी को सुरक्षित वापस लाया जाए


    खरगोन। चर्चित ‘कुंभ गर्ल’ मोनालिसा के पिता जयसिंह भोंसले ने अपनी बेटी को सुरक्षित घर लौटाने की मांग करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुहार लगाई है। जयसिंह भोंसले के अनुसार उनकी बेटी केरल में मुस्लिम युवक फरमान खान के साथ शादी करने के पीछे धोखे का शिकार हुई है और यह एक तरह का लव जिहाद है।

    जयसिंह भोंसले के मुताबिक उन्हें केरल से महेश्वर आने के बाद बताया गया कि उनकी बेटी को वहां से भगा दिया गया और कहा गया कि अब उसका किसी से कोई संबंध नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी ने देशभर में अपनी पहचान बनाई है, इसलिए मुख्यमंत्री से निवेदन है कि उसे सुरक्षित घर लौटाया जाए।

    मोनालिसा के पिता ने बताया कि वे लगातार अपनी बेटी से संपर्क बनाने की कोशिश कर रहे हैं और चाहते हैं कि प्रशासन इस मामले में हस्तक्षेप करे ताकि उनकी बेटी सुरक्षित घर लौट सके। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भरोसा था कि उनकी बेटी फिल्मों में आगे काम करेगी और दो फिल्मों में उन्होंने एक्टिंग कर ली थी।

    इस बीच हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक समीर माहुले ने कहा कि मोनालिसा एक सीधी-सादी लड़की है और समझाइश देकर उसे घर वापसी कराई जाएगी। महेश्वर के भाजपा मंडल अध्यक्ष विक्रम पटेल और अन्य पदाधिकारियों ने इसे पूर्व नियोजित लव जिहाद करार दिया और पिता के साथ दुर्व्यवहार की बात कही।

    वहीं, केरल में मोनालिसा ने अपने बयान में लव जिहाद से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने मंदिर में शादी की है। उन्होंने बताया कि शादी के समय उनके पिता जयसिंह वहां थे और उन्हें इस बारे में जानकारी थी, लेकिन नाराजगी के चलते वे शामिल नहीं हुए।

    मोनालिसा ने शादी से पहले थंपानूर पुलिस स्टेशन जाकर पिता से खतरे की बात कही और सुरक्षा की मांग की थी। पुलिस ने उनके 18 वर्ष का होने का हवाला देते हुए उनके पिता को वहां से जाने को कहा।

    मोनालिसा को पहली बार फिल्मों में ब्रेक देने वाले डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने भी इसे लव जिहाद करार दिया और कहा कि उन्हें इस मामले में धमकियां मिल रही हैं। मामले ने देशभर में बहस को जन्म दिया है और अब मुख्यमंत्री मोहन यादव के हस्तक्षेप की उम्मीद जताई जा रही है।

  • ईरान के भूमिगत ठिकानों पर हमले की तैयारी? ब्रिटेन के एयरबेस पर अमेरिकी B-1B लांसर तैनात

    ईरान के भूमिगत ठिकानों पर हमले की तैयारी? ब्रिटेन के एयरबेस पर अमेरिकी B-1B लांसर तैनात

    वाशिंगटन। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच United States ने Iran के खिलाफ अपने सैन्य अभियान की तैयारी तेज कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने पहली बार United Kingdom के एक एयरबेस से ईरान पर हमले की योजना बनाई है। इसके लिए अमेरिकी वायुसेना के तीन रणनीतिक बमवर्षक विमान Rockwell B‑1B Lancer को ब्रिटेन के RAF Fairford एयरबेस पर तैनात किया गया है।

    माना जा रहा है कि यह ब्रिटिश ठिकाने से ईरान पर संभावित अमेरिकी हमलों का पहला बड़ा मिशन हो सकता है। B-1B लांसर लंबी दूरी तक उड़ान भरने वाला भारी बमवर्षक विमान है, जो बड़ी मात्रा में पारंपरिक बम ले जाने में सक्षम है।

    बंकर-बस्टर बमों की तैयारी

    रिपोर्ट के अनुसार एयरबेस पर ग्राउंड क्रू को बमवर्षक विमानों में GPS-गाइडेड हथियार लोड करते देखा गया है। इन हथियारों में Joint Direct Attack Munition (JDAM) किट से लैस बम शामिल हैं, जो सामान्य बमों को सटीक लक्ष्य भेदने वाले हथियार में बदल देते हैं।

    ये किट 500 पाउंड के Mk‑82 bomb, 1,000 पाउंड के Mk‑83 bomb और 2,000 पाउंड के Mk‑84 bomb जैसे बमों पर लगाए जा सकते हैं। इसके अलावा इन्हें BLU‑109 जैसे पेनिट्रेटर बमों के साथ भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जो भूमिगत सैन्य ठिकानों को नष्ट करने के लिए बनाए गए हैं।

    क्या होता है बंकर-बस्टर?

    बंकर-बस्टर बम विशेष रूप से जमीन के नीचे बने कंक्रीट बंकर, सुरंगों और सैन्य ठिकानों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किए जाते हैं। इनका मजबूत स्टील आवरण विस्फोट से पहले जमीन के भीतर गहराई तक प्रवेश कर जाता है।

    अमेरिका का शक्तिशाली बंकर-बस्टर GBU‑57 Massive Ordnance Penetrator लगभग 200 फीट (करीब 60 मीटर) गहराई तक प्रवेश करने में सक्षम माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि B-1B लांसर जैसे भारी बमवर्षक विमानों को ऐसे हथियारों से लैस किया जाए तो वे भूमिगत मिसाइल ठिकानों और सैन्य भंडारों को भी निशाना बना सकते हैं।

    ब्रिटेन की भूमिका पर उठे सवाल

    इस संभावित सैन्य अभियान में ब्रिटेन की भूमिका को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। शुरुआती दौर में ब्रिटिश प्रधानमंत्री Keir Starmer की सरकार ने कहा था कि ब्रिटिश ठिकानों का इस्तेमाल सीधे हमलों के लिए नहीं होने दिया जाएगा।

    हालांकि बाद में लंदन ने अमेरिकी अनुरोध को मंजूरी दे दी और कहा कि इसका उद्देश्य “रक्षा के लिए मिसाइल खतरों को स्रोत पर ही नष्ट करना” है। यह फैसला उस समय लिया गया जब Cyprus में स्थित एक ब्रिटिश सैन्य अड्डे पर ड्रोन हमला हुआ था।

    मध्य-पूर्व में बढ़ी सैन्य गतिविधि

    युद्ध की शुरुआत के बाद ब्रिटेन ने पूर्वी भूमध्यसागर में अतिरिक्त सैन्य संसाधन तैनात किए हैं और ईरानी मिसाइल तथा ड्रोन हमलों को रोकने के लिए सहयोगी देशों के साथ ऑपरेशन चला रहा है।

    हालांकि ब्रिटेन में इस युद्ध को लेकर जनमत बंटा हुआ है। सर्वे एजेंसी YouGov के एक सर्वे के मुताबिक केवल 10% लोगों ने ही ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का जोरदार समर्थन किया, जबकि 37% लोगों ने इसका विरोध जताया।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका वास्तव में ब्रिटिश एयरबेस से हमले करता है, तो इससे पश्चिम एशिया में तनाव और भी बढ़ सकता है।

  • दो-पहिया और कारों की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी, बाजार में उत्साह

    दो-पहिया और कारों की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी, बाजार में उत्साह


    नई दिल्ली। भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर ने फरवरी 2026 में मजबूत बिक्री के आंकड़े दर्ज किए हैं। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में यात्री वाहनों की थोक बिक्री फरवरी में सालाना आधार पर 10.6 प्रतिशत बढ़कर 4,17,705 यूनिट्स हो गई है। पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा 3,77,689 यूनिट्स था। विशेषज्ञों का कहना है कि इस वृद्धि के पीछे बाजार में सकारात्मक सेंटीमेंट और उपभोक्ता मांग में मजबूती का बड़ा हाथ है।

    SUV की बढ़ती लोकप्रियता ने खींचा ध्यान
    सियाम के आंकड़ों से पता चलता है कि फरवरी में सबसे अधिक वृद्धि एसयूवी सेगमेंट में हुई। बीते महीने एसयूवी की बिक्री सालाना आधार पर 13.5 प्रतिशत बढ़कर 2,36,957 यूनिट्स हो गई, जबकि फरवरी 2025 में यह आंकड़ा 2,08,795 यूनिट्स था। हालांकि कारों की थोक बिक्री में हल्की गिरावट रही, जो 1,06,799 यूनिट्स पर सीमित रही, पिछले साल समान अवधि में यह 1,10,966 यूनिट्स थी। वैन की बिक्री में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 11,620 यूनिट्स रही।

    दोपहिया वाहनों की बिक्री में रिकॉर्ड वृद्धि
    फरवरी 2026 में दोपहिया वाहनों की थोक बिक्री में सालाना आधार पर 35.2 प्रतिशत का उछाल आया, जो पिछले साल समान महीने में 13,84,605 यूनिट्स से बढ़कर 18,71,406 यूनिट्स पर पहुंच गई। दोपहिया वाहन, विशेषकर स्कूटर और मोटरसाइकिल की मांग में तेजी ने बिक्री में यह बड़ा योगदान दिया।

    तिपहिया वाहनों की मांग में भी बढ़ोतरी
    इंडस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक, तिपहिया वाहनों की थोक बिक्री में भी 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। फरवरी 2026 में तिपहिया वाहनों की बिक्री 74,573 यूनिट्स रही, जो फरवरी 2025 में 57,788 यूनिट्स थी। इस प्रकार, यात्री वाहनों, दोपहिया और तिपहिया वाहनों की बिक्री में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की गई, जो इंडस्ट्री के लिए उत्साहवर्धक संकेत है।

    उद्योग में सकारात्मक माहौल, लेकिन चुनौतियां भी
    सियाम के महानिदेशक राजेश मेनन ने कहा, “उद्योग में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। फरवरी में अब तक की सबसे अधिक बिक्री दर्ज हुई है। हालांकि मार्च में देश के कई हिस्सों में त्योहार का माहौल रहेगा, लेकिन पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष आपूर्ति श्रृंखला पर चिंता का विषय बना हुआ है, जो विनिर्माण और निर्यात दोनों को प्रभावित कर सकता है।”

    उन्होंने आगे कहा कि उद्योग को आपूर्ति श्रृंखला के जोखिमों के बावजूद, घरेलू मांग के चलते विश्वास है कि साल 2026 में बिक्री में बढ़ोतरी जारी रहेगी।

    निष्कर्ष: ऑटोमोबाइल सेक्टर में मजबूती
    फरवरी 2026 के आंकड़े इस बात का संकेत देते हैं कि भारत का ऑटोमोबाइल बाजार मजबूत स्थिति में है। SUV और दोपहिया वाहन खपत में तेज़ी के साथ, यह सेक्टर न केवल घरेलू मांग को पूरा कर रहा है, बल्कि निर्यात संभावनाओं के लिहाज से भी आशाजनक बना हुआ है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले महीनों में त्योहार और छुट्टियों के चलते बिक्री में और बढ़ोतरी संभव है।

    मुख्य तथ्य:

    यात्री वाहन: 4,17,705 यूनिट्स (+10.6%)

    SUV: 2,36,957 यूनिट्स (+13.5%)

    कार: 1,06,799 यूनिट्स (-3.8%)

    वैन: 11,620 यूनिट्स

    दोपहिया वाहन: 18,71,406 यूनिट्स (+35.2%)

    तिपहिया वाहन: 74,573 यूनिट्स (+29%)
    इस तरह फरवरी 2026 ने भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए एक मजबूत और उत्साहवर्धक महीना साबित किया है।

  • पीपल के पेड़ से उड़ा मधुमक्खियों का छत्ता, मंदसौर में दशा माता पूजा में भगदड़ और 15 घायल

    पीपल के पेड़ से उड़ा मधुमक्खियों का छत्ता, मंदसौर में दशा माता पूजा में भगदड़ और 15 घायल

    मंदसौर के नई आबादी क्षेत्र में शुक्रवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया जब सांसद सुधीर गुप्ता के निवास क्षेत्र हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास दशा माता की पूजा के दौरान मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। लगभग 50 महिलाएं पीपल के पेड़ के नीचे पूजा कर रही थीं कि अचानक पेड़ पर लगे मधुमक्खी के छत्ते से मधुमक्खियां उड़ने लगीं और महिलाओं पर हमला कर दिया।

    इस हमले में करीब 15 महिलाएं घायल हुईं। दो महिलाओं की स्थिति गंभीर थी जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। अन्य घायल महिलाओं को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। मधुमक्खियों के अचानक हमले से पूजा अधूरी रह गई और महिलाओं में भगदड़ मच गई।

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि पहले भी इस छत्ते को हटाने की कोशिश की गई थी, लेकिन पूरी तरह से हटा नहीं पाई गई थी। इसके कारण आज फिर से मधुमक्खियों का हमला हुआ। अभी भी वहां पेड़ पर दो-तीन मधुमक्खी के छत्ते लगे हैं जिससे सतर्क रहने की जरूरत है।

    सांसद के निवास क्षेत्र में यह घटना सुरक्षा और पूजा स्थल पर सतर्कता की आवश्यकता को उजागर करती है। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने घायल महिलाओं की देखभाल में सहयोग किया और मंदिर प्रांगण की सुरक्षा बढ़ाने की बात कही।

    मौके पर मौजूद लोग बताते हैं कि पूजा के दौरान अचानक मधुमक्खियों के छत्ते से उड़ने से भगदड़ मच गई और सभी लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने भी स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक मेडिकल सहायता मुहैया कराई।

    घटना के बाद इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि मधुमक्खियों के छत्ते हटाने और पूजा स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

  • जनप्रियता का जादू: विराट-रोहित के साथ बढ़ते वनडे मुकाबले

    जनप्रियता का जादू: विराट-रोहित के साथ बढ़ते वनडे मुकाबले


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम का 2026 का अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल पहले से ही काफी व्यस्त है, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) इसे और व्यस्त बनाने पर विचार कर रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार ICC क्रिकेट विश्व कप 2027 से पहले टीम इंडिया के वनडे मैचों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। बताया जा रहा है कि कई विदेशी क्रिकेट बोर्ड ने भारत के साथ पहले से तय वनडे राउंड में अतिरिक्त मैच जोड़ने का अनुरोध किया है।

    इन देशों ने किया अनुरोध
    रिपोर्ट के अनुसार इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड, न्यूजीलैंड क्रिकेट, क्रिकेट आयरलैंड और श्रीलंका क्रिकेट ने बीसीसीआई से वनडे मैचों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। इन मैचों का असर है कि अतिरिक्त वनडे मैचों से उन्हें आर्थिक रूप से फायदा होगा, क्योंकि भारतीय टीम के मैचों की वैश्विक दर्शकों की संख्या काफी अधिक होती है।

    रोहित-विराट की वजह से ज़्यादा मांग
    वनडे मैचों की संख्या बढ़ाने के पीछे सबसे बड़ी वजह भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली माने जा रहे हैं। दोनों खिलाड़ी अब मुख्य रूप से वनडे फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी लोकप्रियता बहुत ज़्यादा है। इसलिए जब ये खिलाड़ी मैदान पर उतरते हैं तो स्टेडियम में दर्शकों की संख्या और टीवी व्यूअरशिप दोनों बढ़ जाती हैं।

    इंग्लैंड दौरे में हो सकता है बदलाव
    फिलहाल भारत और इंग्लैंड क्रिकेट टीम के बीच होने वाली सीरीज में तीन वनडे और पांच टी20 मैच तय हैं। हालांकि रिपोर्ट्स के हिसाब से इस शेड्यूल में बदलाव हो सकता है और दो अतिरिक्त वनडे मैच जोड़े जा सकते हैं। ऐसा भी माना जा रहा है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली अपने लंबे करियर में शायद आखिरी बार इंग्लैंड का दौरा कर सकते हैं, इसलिए इस सीरीज को और बड़ा बनाया जा सकता है।

    श्रीलंका दौरे पर भी बातचीत
    अगस्त में भारतीय टीम श्रीलंका दौरे पर दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी, जिसमें एक मैच सिंहली स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड में डे-नाइट हो सकता है। बताया जा रहा है कि श्रीलंका क्रिकेट इस दौरे में भी अतिरिक्त व्हाइट-बॉल मैच जोड़ने के लिए बीसीसीआई से बातचीत कर रहा है।

    अन्य सीरीज पर भी
    इसके अलावा बांग्लादेश और संयुक्त अरब अमीरात में अफगानिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ संभावित सीरीज को लेकर भी बनी हुई है। इसी वजह से भारत अपने कार्यक्रम में कुछ अतिरिक्त मैच जोड़ सकता है, जबकि आयरलैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज के मैचों की संख्या भी अभी तय नहीं है।

  • ईरानी मीडिया का दावा: खामेनेई की पत्नी मंसूरेह बघेरजादेह जिंदा, मौत की खबरें अफवाह

    ईरानी मीडिया का दावा: खामेनेई की पत्नी मंसूरेह बघेरजादेह जिंदा, मौत की खबरें अफवाह

    ईरानी मीडिया का दावा: खामेनेई की पत्नी मंसूरेह बघेरजादेह जिंदा, मौत की खबरें अफवाह
    दुबई। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता (Ali Khamenei) की पत्नी को लेकर फैली मौत की खबरों को ईरानी मीडिया ने खारिज कर दिया है। रिपोर्टों में कहा गया है कि Mansoureh Khojasteh Bagherzadeh पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनके निधन की खबरें अफवाह हैं।

    ईरान की सरकारी मीडिया और एक समाचार एजेंसी ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया और कुछ अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर जो दावे किए जा रहे थे, वे गलत हैं। हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के दौरान यह खबर फैल गई थी कि अमेरिका और Israel के हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के साथ उनकी पत्नी भी मारी गईं।

    मोजतबा के बयान के बाद स्पष्टता

    हालांकि बाद में ईरानी मीडिया ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। बताया गया कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने गुरुवार को अपना पहला आधिकारिक बयान जारी किया, जिसमें अपनी मां के निधन का कोई जिक्र नहीं था। इसके बाद सरकारी सूत्रों ने पुष्टि की कि उनकी मौत की खबरें गलत हैं।

    युद्ध के माहौल में फैल रही अपुष्ट खबरें

    पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच कई तरह की अपुष्ट खबरें तेजी से फैल रही हैं। ऐसे माहौल में सोशल मीडिया पर अफवाहें भी तेजी से वायरल हो रही हैं। ईरान की सरकारी एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें।

    हमलों के बाद बढ़ा तनाव

    गौरतलब है कि हाल ही में United States और Israel के संयुक्त सैन्य हमलों में ईरान के कई शीर्ष नेताओं के मारे जाने की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद Iran ने जवाबी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और इजरायल से जुड़े लक्ष्यों पर हमले किए, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि संघर्ष के दौर में जानकारी की पुष्टि करना और आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करना पहले से कहीं अधिक जरूरी हो जाता है।

  • सागर: बहरोल बैंक में आग, दस्तावेज खाक, कर्मचारियों और दमकल की सतर्क कार्रवाई से टला बड़ा हादसा

    सागर: बहरोल बैंक में आग, दस्तावेज खाक, कर्मचारियों और दमकल की सतर्क कार्रवाई से टला बड़ा हादसा

    सागर जिले के बहरोल में शुक्रवार की सुबह अचानक अफरा-तफरी मच गई जब सेंट्रल बैंक की शाखा में आग लग गई। सुबह करीब नौ बजे बैंक में धुआं उठते देख स्थानीय लोग घबरा गए और तुरंत पुलिस और बैंक कर्मचारियों को सूचना दी। बहरोल थाना से पुलिस और बंडा नगर पंचायत की दमकल मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में करने के लिए आनन-फानन में कार्रवाई की।

    जैसे ही दमकल टीम बैंक की शटर खोली और अंदर पहुंची तो आग कैश काउंटर के पास लगी हुई दिखाई दी। वहां रखे कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और फाइलें आग की चपेट में आ गईं। हालांकि त्वरित पानी डालने और दमकल कर्मियों की सतर्क कार्रवाई से आग पर जल्दी काबू पा लिया गया। इस दौरान किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन बैंक में रखे दस्तावेज जलकर खाक हो गए।

    आग लगने की सूचना पाते ही बैंक के आसपास भारी भीड़ जमा हो गई। लोग धुआं और आग को देखकर चिंतित नजर आए और तुरंत पुलिस को सूचना देने में मदद की। बहरोल थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर कैश काउंटर के पास शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पूरी जांच अभी चल रही है।

    इस घटना के कारण शाखा में फिलहाल कामकाज बंद कर दिया गया है। बैंक प्रबंधन ने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। बैंक के दस्तावेजों के नुकसान की भरपाई और जांच का काम जल्द ही शुरू होगा।

    स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। अधिकारी बता रहे हैं कि आग फैलने का खतरा कम था, लेकिन यदि समय पर कार्रवाई नहीं होती तो नुकसान और अधिक हो सकता था। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि बैंक शाखाओं में सुरक्षा और आग सुरक्षा उपायों को नियमित रूप से लागू करना कितना आवश्यक है।

    पुलिस और प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी बैंक शाखा या सार्वजनिक स्थल पर असामान्य धुआं या आग का संकेत देखें तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें। वहीं बैंक प्रशासन भी आग से सुरक्षा के लिए इलेक्ट्रिकल सिस्टम और दस्तावेजों के रखरखाव पर नजर रखेगा।

    इस घटना ने बैंकिंग और वित्तीय सुरक्षा के महत्व को फिर से उजागर किया है। दस्तावेजों का नुकसान भले ही अपूरणीय है, लेकिन किसी के हताहत न होने से राहत की सांस ली जा सकती है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा उपायों और जागरूकता पर जोर दिया जा रहा है।