Author: bharati

  • भोपाल: पत्नी को आखिरी कॉल कर कहा- 'सब खत्म, अब मैं जा रहा हूँ', फिर युवक ने लगा ली फांसी; मांडवा बस्ती में पसरा मातम

    भोपाल: पत्नी को आखिरी कॉल कर कहा- 'सब खत्म, अब मैं जा रहा हूँ', फिर युवक ने लगा ली फांसी; मांडवा बस्ती में पसरा मातम

    भोपाल। राजधानी के मांडवा बस्ती (IIFM के पास) में मंगलवार देर रात एक युवक ने मौत को गले लगा लिया। 24 वर्षीय राकेश खातेकर ने सुसाइड करने से ठीक पहले अपनी पत्नी को फोन किया और खौफनाक लहजे में कहा कि “मैं जा रहा हूँ… अब सब खत्म है।” जब तक परिजन और पत्नी कुछ समझ पाते और घर पहुँचते, राकेश फंदे पर झूल चुका था। कमला नगर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

    घटनाक्रम: मायके गई थी पत्नी, फोन पर दी ‘मौत की सूचना’
    पुलिस जांच में सामने आया है कि राकेश की पत्नी सोमवार को अपने दोनों बच्चों को लेकर मायके चली गई थी। घर में राकेश अकेला था।मंगलवार रात का वो कॉल: देर रात राकेश ने अपनी पत्नी को फोन लगाया। बातचीत के दौरान उसने अचानक अपनी जीवनलीला समाप्त करने की बात कही। राकेश की बातें सुनकर घबराई पत्नी ने तुरंत भोपाल में रहने वाले अन्य रिश्तेदारों को फोन किया। परिजन आनन-फानन में मांडवा बस्ती स्थित घर पहुँचे, लेकिन अंदर का नजारा देख उनकी चीख निकल गई। राकेश का शव फंदे पर लटका हुआ था।

    जांच का दायरा: सुसाइड की वजह अब भी रहस्य
    कमला नगर पुलिस के अनुसार, राकेश ने आत्मघाती कदम उठाने से पहले किसी भी तरह का कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा है।पत्नी और परिजनों से शुरुआती पूछताछ में अब तक किसी ठोस विवाद की बात सामने नहीं आई है। राकेश ने फोन पर भी मौत की बात कही, लेकिन वजह का जिक्र नहीं किया।पुलिस सभी पहलुओं (मानसिक तनाव, आर्थिक तंगी या पारिवारिक विवाद) से मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कॉल रिकॉर्ड्स के जरिए आत्महत्या की असली वजह तलाशने की कोशिश की जा रही है।

    मुख्य कीवर्ड्स (Keywords with Comma)
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  • मुलताई पुलिस की त्वरित कार्रवाई बहला-फुसलाकर ले जाई गई नाबालिग बालिका सकुशल बरामद

    मुलताई पुलिस की त्वरित कार्रवाई बहला-फुसलाकर ले जाई गई नाबालिग बालिका सकुशल बरामद


    बैतूल मध्यप्रदेश । बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र में बहला फुसलाकर ले जाई गई एक नाबालिग बालिका को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सकुशल बरामद कर लिया। बालिका के सुरक्षित मिलने से परिजनों ने राहत की सांस ली है। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए बालिका की तलाश शुरू की थी।

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आठ मार्च को एक महिला ने थाना मुलताई में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बेटी छह मार्च की सुबह करीब दस बजे घर से निकली थी लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटी। काफी देर तक बेटी के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद चिंतित मां ने पुलिस थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

    महिला ने पुलिस को दी गई शिकायत में आशंका जताई थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी बेटी को बहला फुसलाकर अपने साथ कहीं ले गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुलताई थाना पुलिस ने तुरंत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बालिका की तलाश के लिए अलग अलग टीमें गठित कीं और संभावित स्थानों पर खोजबीन शुरू की।

    जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की और तकनीकी माध्यमों की मदद से भी सुराग जुटाए। पुलिस की सतत प्रयासों और त्वरित कार्रवाई के चलते बालिका का पता लगाने में सफलता मिली। पुलिस टीम ने बालिका को सकुशल बरामद कर लिया और उसे सुरक्षित थाना लाया गया।

    इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बेटी के सुरक्षित मिलने से परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार व्यक्त किया। परिजनों का कहना था कि पुलिस ने समय पर कार्रवाई कर उनकी बड़ी चिंता दूर कर दी।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नाबालिगों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाता है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करना प्राथमिकता होती है। इस मामले में भी शिकायत मिलते ही पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की और कम समय में बालिका को सुरक्षित बरामद कर लिया।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है कि बालिका को किस परिस्थिति में और किसके द्वारा बहला फुसलाकर ले जाया गया था। यदि इस घटना में किसी व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    मुलताई थाना पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में सराहना मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की तत्परता के कारण एक नाबालिग बालिका सुरक्षित अपने घर पहुंच सकी जो कि समाज के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है।

  • महिला IAS के फार्म हाउस में जुए का भंडाफोड़, 18 गिरफ्तार, 13 लाख नकद जब्त

    महिला IAS के फार्म हाउस में जुए का भंडाफोड़, 18 गिरफ्तार, 13 लाख नकद जब्त


    महू । महू के मानपुर थाना क्षेत्र में बुधवार तड़के पुलिस ने अवलीपुरा स्थित एक फार्म हाउस पर छापा मारकर बड़े पैमाने पर जुए का भंडाफोड़ किया। यह फार्म हाउस IAS वंदना वैद्य और उनके पति अम्बरीश वैद्य के नाम पर दर्ज है। वंदना वैद्य वर्तमान में वित्त विकास निगम, इंदौर की प्रबंध संचालक (MD) हैं।

    सूत्रों के अनुसार फार्म हाउस की देखभाल फिलहाल गांव के एक व्यक्ति द्वारा की जा रही थी। पुलिस ने मौके पर 18 जुआरियों को गिरफ्तार किया, जबकि पांच आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।

    जब्त सामग्री और संपत्ति
    कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 13 लाख 67 हजार 971 रुपए नकद, 52 ताश के पत्ते, 10 नई ताश की गड्डियां, 30 मोबाइल फोन और दो कारें जब्त की हैं। जब्त की गई संपत्ति की कुल कीमत लगभग 28 लाख 67 हजार 971 रुपए बताई जा रही है।

    दबिश की कहानी
    पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अवलीपुरा के फार्म हाउस में बड़े पैमाने पर जुआ चल रहा है। पुलिस टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी और मौके पर दबिश दी। मुख्य गेट बाहर से बंद था, लेकिन अंदर से लोगों की आवाजें सुनाई दे रही थीं। पुलिस ने पीछे से प्रवेश किया और बरामदे में रोशनी में जुआ खेलते लोगों को रंगे हाथों पकड़ लिया।

    18 गिरफ्तार आरोपियों को एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां सुनवाई के बाद सभी को जेल भेज दिया गया। पुलिस अभी भी भागे हुए पांच आरोपियों की तलाश कर रही है।

    जुए का प्लान और सरगना
    जानकारी के अनुसार यह जुआ 1 मार्च को जमने वाला था, लेकिन किसी कारणवश कैंसिल हो गया। नई तारीख 10 मार्च तय की गई थी। पकड़े गए जुआरियों का कहना है कि वे पहली बार यहां आए थे। पुलिस ने मुख्य सरगना जगदीश राठौर उर्फ कूबड़ा की पहचान की है, जो लगातार जगह बदलकर जुए के अड्डे चलाता है।

    मानपुर थाना प्रभारी लोकेंद्र हीहोर ने बताया कि कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर की गई थी और पकड़े गए आरोपियों से नकदी, मोबाइल और वाहन जब्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम सतर्क है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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  • देश में 7.72 करोड़ से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड सक्रिय, बकाया लोन 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक

    देश में 7.72 करोड़ से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड सक्रिय, बकाया लोन 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक


    नई दिल्ली। देश में 7.72 करोड़ से ज्यादा किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) सक्रिय हैं और इनमें बकाया लोन 10.2 लाख करोड़ रुपए के करीब है। यह जानकारी बुधवार को आधिकारिक फैक्टशीट में दी गई।

    सरकारी बयान में कहा गया कि केसीसी प्लेटफॉर्म से 457 बैंक जुड़े हुए हैं और इस पर 1,998.7 लाख से ज्यादा क्रेडिट एप्लीकेशन प्रोसेस की गई हैं, जिसमें से 631.5 लाख कमर्शियल बैंकों, 337.2 लाख रीजनल बैंकों और 1,030 लाख एप्लीकेशन कॉरपोरेटिव बैंकों द्वारा प्रोसेस की गई हैं।

    ये आंकड़े केसीसी के कार्यान्वयन में व्यापक संस्थागत भागीदारी को दर्शाते हैं और कृषि ऋण प्रदान करने में सहकारी बैंकों की केंद्रीय भूमिका को उजागर करते हैं।

    हालिया सुधारों, जिनमें ऋण सीमा में वृद्धि, संबद्ध क्षेत्रों तक विस्तारित कवरेज और किसान ऋण पोर्टल के माध्यम से डिजिटल एकीकरण शामिल हैं, ने केसीसी की पहुंच और पारदर्शिता में मजबूत सुधार किया है।

    आंकड़ों पर आधारित निगरानी को सक्षम बनाकर, ऋण प्रक्रिया को तेज करके और पारदर्शी दावा निपटान सुनिश्चित करके, इन उपायों ने कृषि ऋण वितरण की परिचालन दक्षता को मजबूत किया है।

    सरकार ने संशोधित ब्याज सब्सिडी योजना के तहत फसल ऋण सीमा को 3 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया है और मत्स्य पालन और संबद्ध गतिविधियों के लिए ऋण सीमा को 2 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया है।

    किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत, सीमांत और गैर-सीमांत किसानों के लिए उनकी भूमि जोत के आकार, निवेश क्षमता और आजीविका आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, सावधि ऋण और समग्र ऋण सीमाएं अलग-अलग निर्धारित की गई हैं।

    भूमि जोत के आकार और फसल पैटर्न जैसे कारकों के आधार पर 10,000 रुपए से 50,000 रुपए तक की लचीली सीमा स्वीकृत की जा सकती है। समग्र केसीसी सीमा पांच साल की अवधि के लिए निर्धारित की जाएगी।

    किसानों को संस्थागत ऋण से जोड़ने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और उनकी पहुंच में सुधार लाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के तहत कई सुगम उपाय लागू किए गए हैं।

  • निर्माणाधीन जिला जेल के पास पेड़ से लटका मिला युवक का शव, क्षेत्र में फैली सनसनी

    निर्माणाधीन जिला जेल के पास पेड़ से लटका मिला युवक का शव, क्षेत्र में फैली सनसनी


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब निर्माणाधीन जिला जेल परिसर के पास जंगल में एक युवक का शव पेड़ से लटका हुआ मिला। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस भी तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया।

    पुलिस के अनुसार यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के कढ़ाई इलाके में स्थित जंगल की है, जहां निर्माणाधीन जिला जेल के पास एक पेड़ पर युवक का शव लटका हुआ पाया गया। स्थानीय लोगों ने जब पेड़ से लटका शव देखा तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने आसपास का निरीक्षण किया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

    मृतक की पहचान हर्रावाड़ी निवासी सुनील उर्फ अपाचे लगभग 30 वर्ष के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि सुनील पिछले करीब पांच वर्षों से कढ़ाई क्षेत्र में अपने ससुराल में रह रहा था। वह यहां एक ईंट भट्ठे पर ट्रैक्टर चालक के रूप में काम करता था और मजदूरी कर अपना जीवन यापन कर रहा था।

    घटना के बाद पुलिस ने मृतक के परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस आत्महत्या और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के पीछे कोई अन्य कारण तो नहीं है।

    घटना की खबर फैलते ही मृतक के परिजन और परिचित भी मौके पर पहुंच गए। युवक की मौत से परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

    फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना से पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है और लोग युवक की मौत को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।

  • भारत का डिजिटल पेमेंट मॉडल दुनिया के विकासशील देशों के लिए बना मिसाल: रिपोर्ट

    भारत का डिजिटल पेमेंट मॉडल दुनिया के विकासशील देशों के लिए बना मिसाल: रिपोर्ट


    नई दिल्ली। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत ने आधुनिक इतिहास में सबसे महत्वाकांक्षी फिनटेक (फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी) परिवर्तन में से एक को अंजाम दिया है, जिसकी बदौलत देश आज दुनिया के सबसे उन्नत डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में से एक बन गया है। यह मॉडल अब अन्य विकासशील देशों के लिए भी एक उदाहरण बन रहा है।
    अजरबैजान स्थित न्यूज डॉट एजेड की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का मॉडल दिखाता है कि सरकारी नीतियां, तकनीकी नवाचार और व्यापक मोबाइल कनेक्टिविटी मिलकर किस तरह एक प्रभावी भुगतान ढांचा तैयार कर सकती हैं।

    रिपोर्ट के अनुसार, भारत की डिजिटल पेमेंट क्रांति ने वैश्विक स्तर पर काफी ध्यान आकर्षित किया है। अर्थशास्त्री और तकनीकी विशेषज्ञ इसे अन्य विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक सफल मॉडल के रूप में अध्ययन कर रहे हैं।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटल पहचान प्रणाली, तेजी से बढ़ती मोबाइल कनेक्टिविटी, आधुनिक पेमेंट प्लेटफॉर्म और सरकार की सहायक नीतियों के संयोजन ने दुनिया के सबसे बड़े और कुशल डिजिटल इकोसिस्टम में से एक को जन्म दिया है।

    रिपोर्ट में सरकार की योजनाओं की सराहना करते हुए कहा गया कि वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और लाखों लोगों को डिजिटल पहचान उपलब्ध कराने वाले सरकारी कार्यक्रमों ने इस व्यवस्था की मजबूत नींव तैयार की।

    साथ ही सस्ते स्मार्टफोन और तेजी से बढ़ती मोबाइल इंटरनेट सेवाओं ने डिजिटल भुगतान को बड़े पैमाने पर अपनाने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा प्रधानमंत्री वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस (पीएम-वानी) कार्यक्रम के जरिए सार्वजनिक इंटरनेट सुविधाओं का भी विस्तार हुआ है।

    फरवरी 2026 तक इस पहल के तहत 4,09,111 वाई-फाई हॉटस्पॉट स्थापित किए जा चुके हैं, जिन्हें 207 PDO एग्रीगेटर और 113 ऐप प्रदाता सपोर्ट कर रहे हैं। इसका उद्देश्य खासतौर पर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में सस्ती और तेज इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।

    इन सभी विकासों ने बड़े स्तर पर डिजिटल वित्तीय सेवाओं के विस्तार के लिए जरूरी माहौल तैयार किया।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटल पहचान को बैंकिंग और मोबाइल सेवाओं से जोड़ने से वित्तीय संस्थान उपयोगकर्ताओं की पहचान सुरक्षित तरीके से सत्यापित कर सकते हैं और लेनदेन को तेजी से प्रोसेस कर सकते हैं।

    यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने नकदी पर निर्भरता कम करने में भी मदद की है, जिससे वित्तीय प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है और आर्थिक लेनदेन अधिक कुशल हुए हैं।

    सरकार ने हाल ही में एक बयान में कहा कि जनवरी 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, यूपीआई के जरिए हर महीने लगभग 28.33 लाख करोड़ रुपए के लेनदेन होते हैं। इस दौरान 21.7 अरब डिजिटल ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए, जो मोबाइल फोन के माध्यम से शून्य लागत पर रियल-टाइम भुगतान की सुविधा देते हैं और शहरों से लेकर गांवों तक तथा हर आय वर्ग में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे रहे हैं।

  • बोल्ड सीन करके मिली पहचान, फिल्मों से ज्यादा विवादों में रहा इस एक्ट्रेस का नाम

    बोल्ड सीन करके मिली पहचान, फिल्मों से ज्यादा विवादों में रहा इस एक्ट्रेस का नाम


    नई दिल्ली। फिल्म जगत में बोल्डनेस और सादगी दोनों ही काफी हद तक देखने को मिलती है। आज हम बात कर रहे हैं पूनम पांडे की जो अपना आज जन्मदिन मना रही हैं। उनके इस खास दिन पर उनके कुछ किस्से और कुछ उनसे जुड़े विवादों के बारे में आपको बताएंगे जिससे उन्होंने काफी सुर्खियां बटोरी और फिल्मों से ज्यादा उनका नाम विवाद के कारण बन गया।

    इस प्रकार शुरू किया फिल्मी करियर
    पूनम ने मॉडलिंग से अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्हें मॉडलिंग जगत में पहचान साल 2011 में कैलेंडर गर्ल्स की मॉडल के तौर पर मिली थी। इसके बाद से पूनम एक सफल मॉडल के तौर पर जानी जाती थी। इसके बाद उन्हें कई फिल्मों में भी देखा गया। अभिनेत्री ने साल 2013 में फिल्म ‘नशा’ से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की. इसके बाद वह द जर्नी ऑफ कर्मा, मालिनी एंड कंपनी और दिल बोले हडिप्पा आदि फिल्मों में भी नजर आईं। उन्होंने छोटे पर्दे पर मेरी आशिकी तुमसे ही, नादानियां और फियर फैक्टर: खतरों के खिलाड़ी आदि शो भी किए।पूनम छोटे पर्दे से लेकर बड़े पर्दे तक पर काम कर चुकी हैं, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली।हालांकि, वह अपने बेतुके बयानों की वजह से चर्चा में ज्यादा रहीं।

    वर्ल्ड कप 2011 में विवाद से मिली सुर्खियां
    पूनम साल 2011 के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में रहीं। दरअसल, उस साल वर्ल्ड कप हो रहा था और पूनम ने ऐलान कर दिया था कि अगर टीम इंडिया खिताब जीतती हैं तो वह अपनी खास तस्वीरें शेयर करेंगी।

    बाथरूम डांस वीडियो
    पूनम उस समय भी सुर्खियों में आई थीं, जब उन्होंने अपना बाथरूम डांस वीडियो यूट्यूब पर खुद ही रिलीज कर दिया था। इसमें वह बाथरूम में डांस कर रही थीं। इस वीडियो के बाद पूनम काफी विवादों में फंस गई थीं।

    मौत का नाटक
    फरवरी 2024 में, पूनम पांडे के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक चौंकाने वाली घोषणा पोस्ट की थी जिसमें बताया गया था कि उनकी सर्वाइकल कैंसर से मृत्यु हो गई है। हालांकि, एक दिन बाद, पूनम ने खुलासा किया था कि वह ठीक हैं और यह घोषणा सर्वाइकल कैंसर के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए था। इस तरह उनके कई सारे किस्से हैं जिसके कारण वो सुर्खियों में बनी रहती हैं।

  • बैतूल जिला अस्पताल में बनेगा आधुनिक मर्चुरी भवन, बढ़ेंगी शवों की सुरक्षित व्यवस्था

    बैतूल जिला अस्पताल में बनेगा आधुनिक मर्चुरी भवन, बढ़ेंगी शवों की सुरक्षित व्यवस्था


    बैतूल / मध्यप्रदेश । बैतूल जिला अस्पताल में जल्द ही नया और आधुनिक मर्चुरी भवन बनने जा रहा है। वर्तमान मर्चुरी भवन लगभग 20 वर्ष पुराना हो चुका है और जर्जर अवस्था में होने के कारण कर्मचारियों और परिजनों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने लंबे समय से इस स्थिति को सुधारने की आवश्यकता जताई थी।

    अधिकारिक जानकारी के अनुसार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने हाल ही में अस्पताल परिसर का दौरा किया और नया मर्चुरी भवन बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल अधिकारियों से कहा कि न सिर्फ भवन आधुनिक होना चाहिए बल्कि इसमें शवों को सुरक्षित रखने की पर्याप्त व्यवस्था भी होनी चाहिए। वर्तमान में जिला अस्पताल में केवल दो फ्रीजर हैं जिनमें प्रत्येक में दो-दो शव रखने की क्षमता है। इसका मतलब है कि एक समय में कुल चार शव ही सुरक्षित रखे जा सकते हैं।

    हालांकि अस्पताल में हर महीने औसतन लगभग 50 पोस्टमार्टम किए जाते हैं और कई बार एक ही दिन में पांच से छह पोस्टमार्टम की स्थिति बन जाती है। ऐसी स्थिति में वर्तमान फ्रीजर व्यवस्था अपर्याप्त साबित होती है और शवों को सुरक्षित रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कर्मचारियों का कहना है कि पुराने मर्चुरी भवन में जगह की कमी और फ्रीजर की सीमित संख्या के कारण काम में परेशानी होती है और परिजनों को भी असुविधा होती है।

    नया मर्चुरी भवन न केवल आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा बल्कि इसमें अधिक फ्रीजर और शवों को सुरक्षित रखने के पर्याप्त स्थान की व्यवस्था भी की जाएगी। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक नया भवन तैयार होने के बाद पोस्टमार्टम कार्य और शवों के रखरखाव में काफी सुधार आएगा। इस कदम से न केवल कर्मचारियों के कामकाज में सुविधा बढ़ेगी बल्कि परिजनों को भी बेहतर और सम्मानजनक सुविधा मिलेगी।

    विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सुधार करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में आधुनिक मर्चुरी भवन का निर्माण एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे न सिर्फ अस्पताल की कार्यप्रणाली में सुधार होगा बल्कि शवों को सुरक्षित और सम्मानजनक ढंग से रखा जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्य में किसी प्रकार की देरी नहीं होने के निर्देश भी दिए।

    अस्पताल प्रशासन ने बताया कि मर्चुरी भवन के निर्माण के लिए जल्द ही आवश्यक वित्तीय और निर्माण संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद अस्पताल की मर्चुरी और पोस्टमार्टम व्यवस्था में काफी सुधार देखने को मिलेगा और यह क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं में एक नया मील का पत्थर साबित होगा।

  • हरीश राणा को SC ने इच्छा मृत्यु की इजाजत दी, देश में पहली बार हुआ ऐसा फैसला

    हरीश राणा को SC ने इच्छा मृत्यु की इजाजत दी, देश में पहली बार हुआ ऐसा फैसला


    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को ऐसा फैसला सुनाया जो आज तक कभी भी किसी मामले में नहीं सुनाया गया। दरअसल, जस्टिस पारदीवाला की बेंच एक मामलें में इच्छा मृत्यु की मांग पर सुनावाई कर रही थी। फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने हरीश राणा को इच्छा मृत्यु की इजाजत दे दी है। हरीश बीते 13 साल से 100 प्रतिशत दिव्यांगता से जूझ रहे हैं और अचेत अवस्था में बिस्तर पर पड़े हुए हैं। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि इस पूरी प्रक्रिया को पूरी डिग्निटी के साथ पूरा किया जाना चाहिए।

    सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए दुख जताया
    सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद के रहने वाले हरीश राणा को इच्छा मृत्यु की इजाजात दे दी है। कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान हरीश के घरवालों से भी बात की थी जिसके बाद जस्टिस पारदीवाला ने कहा कि ये बेहद दुखद मामला है। लेकिन लड़के की तकलीफ को देखते हुए हमें किसी भी अंतिम फैसले पर पहुंचना होगा जिसके बाद उन्हें इच्छा मृत्यु की इजाजत दे दी गई। कोर्ट ने कहा है कि हरीश राणा को AIIMS के पैलिएटिव केयर में भर्ती किया जाएगा ताकि मेडिकल ट्रीटमेंट वापस लिया जा सके। बता दें कि भारत में ये पैसिव यूथेनेसिया का पहला मामला है।

    100 प्रतिशत दिव्यांग हैं हरीश राणा
    साल 2013 में हरीश चंडीगढ़ में रहकर अपनी पढाई कर रहे थे जिस दौरान वह अपने हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिर गए थे। इसके बाद जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया तो उनके सिर में गंभीर चोट आई थी। उसके बाद से वह कभी अपने पैर पर नहीं खड़े हो सके। AIIMS के मुताबिक वह 100 प्रतिशत दिव्य़ांग हो गए हैं जिसका इलाज लगभग असंभव है। लगातार बिस्तर पर लेटे रहने के कारण उनके शरीर पर घाव बन गए है। माता-पिता से जब यह तकलीफ नहीं देखी गई तो उन्होंने इच्छा मृत्यु की मांग की जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकृति दे दी।

  • कीर्ति आजाद के बेतुके बयान पर भड़के भारतीय क्रिकेट के बड़े दिग्गज, हरभजन ने भी जमकर लताड़ लगाई

    कीर्ति आजाद के बेतुके बयान पर भड़के भारतीय क्रिकेट के बड़े दिग्गज, हरभजन ने भी जमकर लताड़ लगाई


    नई दिल्ली। न्यूजीलैंड को परास्त करके टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम करने के बाद पूरे भारत में खुशियां मनाई जा रही थी। देशभर में जश्न का महौल था। टीम इंडिया को जैसे ही ट्रॉफी मिली तो टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर अगले ही दिन अहमदाबाद के हनुमान मंदिर में गए जिसके लेकर पूर्व क्रिकेटर और TMC सांसद कीर्ति आजाद ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने ट्रॉफी को मंदिर ले जाए जाने पर आपत्ति जताई।

    दिग्गज क्रिकेटर्स ने बयान की निंदा की
    न्यूज एजेंसी IANS द्वारा जब गौतम गंभीर ने कीर्ति आजाद के इस बयान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि “वैसे तो इस सवाल का जवाब देना ही ठीक नहीं है। यह देश के लिए बड़ा पल है। मुझे लगता है कि जरूरी यह है कि हमें वर्ल्ड कप सेलिब्रेट करना चाहिए। ऐसे बयान सिर्फ आपकी उपलब्धियों को कम करेंगे। अगर आप ऐसे बयान देते हैं, तो आप अपने खिलाड़ियों का अपमान कर रहे हैं।”

    उनके अलावा हरभजन सिंह ने भी उनके बयान की निंदा की। हरभजन ने कहा “यह बेतुका है कि कोई ट्रॉफी को मंदिर ले जाने वाले खिलाड़ियों की घटना को राजनीतिक रंग दे रहा है। कीर्ति खुद एक पूर्व खिलाड़ी हैं, इसलिए उनसे ऐसा बोलने की उम्मीद नहीं थी। शायद वह राजनीति को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं और भूल गए हैं कि वह एक स्पोर्ट्समैन हैं।”

    ईशान किशन ने भी प्रतिक्रिया दी
    टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी जीतने के बाद अपने गृह नगर पटना पहुंचे ईशान किशन से जब एयरपोर्ट पर पत्रकारों ने पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद के विवादित बयान पर उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही तो उन्होंने निराशा जाहिर करते हुए कहा कि “इतना अच्छा वर्ल्ड कप जीते। आप लोग अच्छे सवाल करिएगा। ये कीर्ति आजाद क्या बोले? इस पर मैं क्या बोलूं? कुछ अच्छा सवाल करिए।”