Author: bharati

  • जबलपुर हाईकोर्ट में भ्रूण लेकर घुसने पर सुरक्षा फेल: 4 पुलिसकर्मी निलंबित, एसपी ने की कड़ी कार्रवाई

    जबलपुर हाईकोर्ट में भ्रूण लेकर घुसने पर सुरक्षा फेल: 4 पुलिसकर्मी निलंबित, एसपी ने की कड़ी कार्रवाई


    जबलपुर। हाईकोर्ट परिसर की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था उस वक्त तार-तार हो गई, जब एक व्यक्ति अपने बैग में ‘भ्रूण’ लेकर गेट नंबर 6 से भीतर दाखिल हो गया। सोमवार को हुई इस सनसनीखेज घटना के बाद मंगलवार को जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय ने कड़ी कार्रवाई की है। ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में एक एएसआई (ASI) और तीन अन्य पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

    लापरवाही पर गाज: ये पुलिसकर्मी हुए निलंबित
    एसपी संपत उपाध्याय ने सुरक्षा ड्यूटी में तैनात निम्नलिखित पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया है:

    ASI मुन्ना अहिरवार

    हेड कांस्टेबल ब्रह्मदत्त खत्री

    हेड कांस्टेबल अरुण उपाध्याय

    कांस्टेबल प्रतीक सोनकर

    घटनाक्रम: गेट नंबर 6 से बैग लेकर घुसा याचिकाकर्ता
    रीवा जिले के बैकुंठपुर का रहने वाला दयाशंकर पांडे सोमवार को अपने केस की पैरवी करने खुद हाईकोर्ट पहुंचा था। वह गेट नंबर 6 से अंदर दाखिल हुआ, जहां सघन चेकिंग का दावा किया जाता है। दयाशंकर के बैग में कानूनी दस्तावेजों के साथ एक भ्रूण रखा हुआ था। जैसे ही परिसर के भीतर इस बात का खुलासा हुआ, वहां हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस ने उसे हिरासत में लिया।

    वजह: ‘पुलिस निष्क्रियता’ के खिलाफ अनोखा विरोध या मजबूरी?
    दयाशंकर पांडे ने अपनी इस हरकत के पीछे रीवा पुलिस की कार्यप्रणाली को जिम्मेदार ठहराया है दयाशंकर के अनुसार, 2024 में निर्दलीय चुनाव लड़ने के बाद से उस पर और उसके परिवार पर लगातार हमले हो रहे हैं।उसने बताया कि 1 मार्च को एक बिना नंबर की कार ने उसकी बाइक को टक्कर मारी थी, जिसमें उसकी गर्भवती पत्नी घायल हो गई। इस हादसे के कारण 8 मार्च को उसकी पत्नी का गर्भपात (मिसकैरेज) हो गया। दयाशंकर का आरोप है कि रीवा पुलिस ने शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे तंग आकर वह सबूत के तौर पर भ्रूण लेकर हाईकोर्ट पहुंच गया।

    हाईकोर्ट जैसी संवेदनशील जगह पर बिना चेकिंग के किसी वस्तु का बैग में लेकर पहुंच जाना सुरक्षा के दावों की पोल खोलता है। हालांकि, दयाशंकर की पीड़ा पुलिसिया तंत्र की विफलता की ओर इशारा करती है, लेकिन इस तरह का कृत्य सुरक्षा प्रोटोकॉल का बड़ा उल्लंघन है।

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  • शाहरुख खान के साथ स्क्रीन शेयर करने पर सौरभ शुक्ला ने जताई खुशी, कहा- अद्भुत इंसान हैं

    शाहरुख खान के साथ स्क्रीन शेयर करने पर सौरभ शुक्ला ने जताई खुशी, कहा- अद्भुत इंसान हैं


    नई दिल्ली। सौरभ शुक्ला, जिन्होंने Shah Rukh Khan के साथ ‘बादशाह’ और ‘हे राम’ जैसी फिल्मों में काम किया है, ने कहा, “शाहरुख की जर्नी शानदार है। इतने सालों से वह इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं और जिस तरह से उन्होंने अपना करियर बनाया है, उस पोजीशन पर पहुंचे हैं, वह वाकई प्रेरणा देता है। सौरभ ने यह भी जोड़ा कि शाहरुख ने अपनी मेहनत और लगन से फिल्म इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है, जो नए कलाकारों और फैंस दोनों के लिए प्रेरणादायक है।

    चार्मिंग और अपनापन- भरा व्यक्तित्व
    शाहरुख के व्यक्तित्व की तारीफ करते हुए सौरभ ने कहा, “एक इंसान के तौर पर वह हमेशा चार्मिंग रहे हैं। उनसे मिलने के बाद बस बातचीत खत्म नहीं करनी होती। वह अपने काम से प्रभावित करते हैं और बातचीत के दौरान आपको बहुत महत्व और खास महसूस कराते हैं।”

    सौरभ ने आगे बताया, “शाहरुख में लोगों से जुड़ने की खास काबिलियत है। आप उनसे बात करते समय महसूस करते हैं कि इस बातचीत में मेरी भी जरूरत है। यही अपनापन उन्हें सच में कमाल का बनाता है। वह बहुत कमाल के हैं।”

    ‘किंग’ में धमाकेदार एक्शन
    फिल्म ‘किंग’ एक्शन-ड्रामा फिल्म है, जिसमें शाहरुख जबरदस्त एक्शन करते नजर आएंगे। फिल्म में सौरभ शुक्ला के साथ Abhishek Bachchan, Deepika Padukone, शाहरुख की बेटी Suhana Khan और Jaideep Ahlawat भी मुख्य भूमिकाओं में हैं।

    मेकर्स ने जनवरी में फिल्म की झलक दिखाते हुए प्रोमो जारी किया था, जिसमें शाहरुख खान के हाई-वोल्टेज एक्शन सीन और खून-खराबे से भरपूर दृश्य दिखाए गए। प्रोमो में शाहरुख का किरदार कहता है, “डर नहीं, दहशत हूं।”

    रिलीज डेट और प्रोडक्शन
    ‘किंग’ की निर्देशकीय जिम्मेदारी Siddharth Anand ने संभाली है। फिल्म Red Chillies Entertainment और Marflix Pictures के बैनर तले बन रही है।

    मेकर्स ने घोषणा की है कि ‘किंग’ इस साल 24 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी, जिससे फैंस को दिवाली के बाद फिल्म का रोमांच देखने को मिलेगा। सौरभ शुक्ला की उत्सुकता और शाहरुख खान के चार्म और प्रोफेशनलिज्म के मेल से यह फिल्म साल के बड़े एक्शन ड्रामा प्रोजेक्ट्स में शामिल होने वाली है।

  • उज्जैन: चारधाम मंदिर के महामंडलेश्वर को फंसाने की 'खूनी' साजिश साध्वी मंदाकिनी और साथी पर FIR, बनारस की महिला ने खोली पोल

    उज्जैन: चारधाम मंदिर के महामंडलेश्वर को फंसाने की 'खूनी' साजिश साध्वी मंदाकिनी और साथी पर FIR, बनारस की महिला ने खोली पोल



    उज्जैन। उज्जैन के प्रसिद्ध चारधाम मंदिर के महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद महाराज के खिलाफ रची गई एक खौफनाक साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस साजिश की सूत्रधार कोई और नहीं, बल्कि अखाड़े से निष्कासित साध्वी मंदाकिनी पुरी और उसका साथी घनश्याम पटेल हैं। आरोपियों ने महाराज को ‘हनीट्रैप’ में फंसाकर करोड़ों की वसूली और मंदिर पर कब्जे का प्लान बनाया था, जिसके लिए बाकायदा बनारस से एक महिला को ‘हायर’ किया गया था।

    साजिश: 50 हजार का लालच और ‘अश्लील वीडियो’ का डर
    महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल के अनुसार, साजिश को अंजाम देने के लिए घनश्याम पटेल ने बनारस की एक महिला को 50 हजार रुपये का लालच दिया।महिला को महामंडलेश्वर पर बलात्कार का झूठा आरोप लगाने के लिए उज्जैन बुलाया गया।जब महिला ने मना किया, तो घनश्याम ने उसके अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी दी और जबरन उसे उज्जैन आने के लिए बस का टिकट भेजा।

    खुलासा: रंगपंचमी के दिन दत्त अखाड़ा परिसर में जब घनश्याम महिला का ‘झूठा बयान’ रिकॉर्ड कर रहा था, तभी संतों ने उन्हें पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।

    महामंडलेश्वर का पक्ष: “मंदिर पर कब्जे की है लड़ाई”
    महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद ने इसे अपनी छवि खराब करने और चारधाम मंदिर पर कब्जा करने की सोची-समझी साजिश बताया है। वहीं, एक अन्य महामंडलेश्वर नर्मदाशंकर ने भी मंदाकिनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उसने ‘आचार्य महामंडलेश्वर’ बनाने के नाम पर उनसे 8 लाख 90 हजार रुपये की ठगी की है।

    मंदाकिनी पुरी: रसोइए से ‘महामंडलेश्वर’ और फिर जेल तक का सफर
    जांच में साध्वी मंदाकिनी का एक काला अतीत सामने आया है:

    झूठ की बुनियाद: कभी संतों के लिए खाना बनाने वाली ममता जोशी (मंदाकिनी) ने खुद को अविवाहित और करोड़ों की संपत्ति का मालिक बताकर 2016 के सिंहस्थ में महामंडलेश्वर की पदवी हासिल की थी।

    आपराधिक रिकॉर्ड: धोखाधड़ी और उगाही के आरोपों के बाद अखाड़े ने उसे निष्कासित कर दिया था। उस पर जयपुर के एक व्यापारी से हर्बल प्रोडक्ट के नाम पर लाखों की ठगी का भी आरोप है।

    सुसाइड ड्रामा: पदवी छिनने के बाद उसने कीटनाशक पीकर जान देने की कोशिश भी की थी, ताकि सहानुभूति बटोर सके।

    अखाड़ा परिषद का रुख: “संतों को बदनाम करने का ट्रेंड”
    अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवींद्र पुरी महाराज ने इस घटना पर कड़ा रोष जताया है। उन्होंने कहा कि आगामी सिंहस्थ को देखते हुए संतों की आस्था पर चोट पहुँचाने के लिए ऐसे गिरोह सक्रिय हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर पुलिस इस पूरे नेटवर्क को चिह्नित कर रही है।

    निष्कर्ष
    “यह मामला केवल एक व्यक्तिगत विवाद नहीं, बल्कि धर्म की आड़ में चल रहे ‘कॉरपोरेट स्टाइल’ अपराध का उदाहरण है। जहाँ एक तरफ संतों की गरिमा दांव पर थी, वहीं पुलिस और सतर्क साधुओं ने समय रहते इस ‘हनीट्रैप’ का भंडाफोड़ कर एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया।”

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  • मिडिल ईस्ट जंग तेज: ईरान की चेतावनी‘एक लीटर तेल भी नहीं जाने देंगे’, होर्मुज स्ट्रेट पर नई शर्त

    मिडिल ईस्ट जंग तेज: ईरान की चेतावनी‘एक लीटर तेल भी नहीं जाने देंगे’, होर्मुज स्ट्रेट पर नई शर्त




    नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष का आज 11वां दिन है और इसी बीच ईरान ने दुनिया के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की है। ईरान की ताकतवर सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि अगर हमले जारी रहे तो वह एक लीटर तेल भी बाहर नहीं जाने देगा। ईरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री तेल मार्ग होर्मुज स्ट्रेट को लेकर नई शर्त भी रख दी है। ईरानी सेना का कहना है कि कुछ देशों के जहाजों को ही इस रास्ते से गुजरने दिया जाएगा और इसके लिए उन देशों को पहले अपने यहां से अमेरिका और इजराइल के राजदूतों को निकालना होगा।

    तो पूरी दुनिया में तेल संकट पैदा हो सकता है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान इस रास्ते से गुजरने वाले तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों से सुरक्षा शुल्क यानी सिक्योरिटी टैक्स वसूलने की योजना भी बना रहा है, खासकर उन देशों के जहाजों से जो अमेरिका के सहयोगी माने जाते हैं।

    इसी बीच युद्ध का असर क्षेत्र के दूसरे देशों पर भी दिखने लगा है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी UNHCR के अनुसार 2 मार्च से अब तक 80 हजार से ज्यादा सीरियाई नागरिक लेबनान से सीमा पार कर अपने देश वापस लौट चुके हैं। एजेंसी की प्रवक्ता सेलिन श्मिट ने बताया कि इजराइली हमलों के डर से कई परिवार जल्दबाजी में लेबनान छोड़कर लौटे हैं। अधिकांश लोग बिना सामान लिए ही निकल गए और फिलहाल अपने रिश्तेदारों के घरों में रह रहे हैं। अभी तक इन लोगों ने आपातकालीन आश्रय की कोई आधिकारिक मांग दर्ज नहीं कराई है।

    युद्ध के बीच ईरान ने साफ कर दिया है कि वह फिलहाल युद्धविराम नहीं चाहता। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान पर हमला करने वालों को ऐसा जवाब दिया जाएगा कि वे दोबारा ऐसा करने की हिम्मत न करें। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को नहीं लगता कि अमेरिका और इजराइल से बातचीत करके यह युद्ध खत्म होगा। उनके मुताबिक ईरान उस स्थिति को खत्म करना चाहता है जिसमें पहले युद्ध होता है, फिर बातचीत और युद्धविराम होता है और कुछ समय बाद फिर से लड़ाई शुरू हो जाती है।

    दूसरी तरफ इराक ने भी इस संघर्ष से दूरी बनाने की कोशिश की है। इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने अमेरिका से साफ कहा है कि इराक की जमीन या उसके हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल पड़ोसी देशों पर हमले के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह बात अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत के दौरान कही। इराक का कहना है कि वह इस युद्ध में शामिल नहीं होना चाहता और अपने क्षेत्र को किसी भी सैन्य टकराव से दूर रखना चाहता है।

    युद्ध के कारण एशिया के कई देशों में भी चिंता बढ़ गई है। पाकिस्तान के बाद अब थाईलैंड ने ईंधन बचाने के लिए सरकारी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने का आदेश दिया है। थाई सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के विदेश यात्रा पर भी रोक लगा दी है और ऊर्जा बचत के लिए अलग-अलग उपाय लागू किए हैं। पाकिस्तान में भी सरकार ने खर्च कम करने के लिए सरकारी दफ्तरों को हफ्ते में चार दिन खोलने और आधे कर्मचारियों को घर से काम करने का फैसला किया है। वहीं वियतनाम ने लोगों से ईंधन बचाने की अपील की है और बांग्लादेश ने ऊर्जा संकट को देखते हुए विश्वविद्यालय बंद कर दिए हैं तथा छुट्टियों की अवधि बढ़ा दी है।

    इस संघर्ष का पर्यावरण पर भी असर दिखने लगा है। पाकिस्तान के मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि ईरान में हुए हवाई हमलों के बाद वहां से उठने वाला धुआं और प्रदूषण पाकिस्तान के पश्चिमी इलाकों तक पहुंच सकता है, जिससे हवा की गुणवत्ता खराब हो सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के तेल भंडारण ठिकानों पर हमलों के बाद कई शहरों के ऊपर घना काला धुआं छाया हुआ है और वहां सांस लेना मुश्किल हो गया है।

    दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने भी इस स्थिति को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। कंपनी के सीईओ अमीन नासिर के अनुसार अगर युद्ध जारी रहता है और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है तो वैश्विक तेल बाजार में बड़ा संकट पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि इससे केवल ऊर्जा क्षेत्र ही नहीं बल्कि शिपिंग, बीमा, हवाई यात्रा, खेती और ऑटोमोबाइल जैसे कई उद्योगों पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा दुनिया में तेल का भंडार पहले ही पिछले पांच वर्षों के सबसे निचले स्तर के आसपास है, इसलिए सप्लाई में किसी भी बड़ी रुकावट से स्थिति और गंभीर हो सकती है।

    इसी बीच तुर्किये ने भी अपनी सुरक्षा बढ़ा दी है और देश के दक्षिण-पूर्वी इलाके में अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किया गया है। तुर्किये का कहना है कि हाल की घटनाओं को देखते हुए उसकी सीमाओं और हवाई क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत की जा रही है।

    उधर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिकी नौसेना अब तक ईरान के 46 युद्धपोतों को डुबो चुकी है। उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि युद्ध कब खत्म होगा यह ईरान तय करेगा और अगर हमले जारी रहे तो क्षेत्र से एक लीटर तेल भी बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।

    युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ने लगा है। मिस्र ने घरेलू ईंधन की कीमतों में करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर दी है। सरकार का कहना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध के कारण तेल सप्लाई और समुद्री परिवहन मार्ग प्रभावित हो रहे हैं, जिसका सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है।

    कुल मिलाकर मिडिल ईस्ट में जारी यह संघर्ष अब केवल क्षेत्रीय युद्ध नहीं रह गया है। तेल सप्लाई, शरणार्थी संकट, पर्यावरण और वैश्विक अर्थव्यवस्था—इन सभी पर इसका असर साफ दिखाई देने लगा है और अगर हालात जल्द नहीं संभले तो दुनिया को एक बड़े ऊर्जा और आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।

  • भोपाल में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष राहटकर करेंगी महिलाओं की जनसुनवाई

    भोपाल में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष राहटकर करेंगी महिलाओं की जनसुनवाई


    भोपाल। महिलाओं से जुड़ी शिकायतों और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग सक्रिय हो गया है। इसके तहत आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया राहटकर 11 मार्च 2026 को भोपाल में महिलाओं के साथ जनसुनवाई करेंगी। यह जनसुनवाई दोपहर 1.30 बजे शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई महाविद्यालय पॉलिटेक्निक चौराहा भोपाल में आयोजित की जाएगी।

    इस मौके पर महिलाएं सीधे राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष के समक्ष अपनी समस्याओं और शिकायतों को रख सकेंगी। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाओं के मामलों का शीघ्र और प्रभावी समाधान हो सके। जिन मुद्दों को सामने रखा जाएगा उनकी जांच और समाधान की कार्रवाई तुरंत शुरू की जाएगी।

    श्रीमती राहटकर ने कहा है कि यह जनसुनवाई महिलाओं के लिए अपने अधिकारों और समस्याओं को सीधे सुनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इसमें घरेलू हिंसा उत्पीड़न नौकरी या शिक्षा से जुड़ी समस्याएँ सुरक्षा और समाज में महिला सम्मान से संबंधित मामले शामिल हो सकते हैं।

    आयोग के अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे और महिलाओं की शिकायतों को दर्ज करेंगे। आयोग का प्रयास रहेगा कि प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और उसकी त्वरित कार्रवाई की जाए।

    इस जनसुनवाई का आयोजन महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उनकी समस्याओं को सीधे शासन और आयोग तक पहुँचाने के लिए किया गया है। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उनके कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    स्थानीय मीडिया और सामाजिक कार्यकर्ता भी इस जनसुनवाई में शामिल होंगे ताकि इसे व्यापक जनजागरूकता के रूप में प्रस्तुत किया जा सके। आयोग की अध्यक्ष श्रीमती राहटकर का मानना है कि महिलाओं की समस्याओं का समाधान केवल सरकारी प्रयास से ही नहीं बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है।

    जनसुनवाई में उपस्थित महिलाएं सीधे अपने मुद्दे प्रस्तुत कर सकती हैं और आयोग अधिकारियों से मार्गदर्शन भी प्राप्त कर सकती हैं। इससे न केवल तत्काल समस्या का समाधान होगा बल्कि महिलाओं में अपने अधिकारों को समझने और उनका प्रयोग करने की क्षमता भी बढ़ेगी।

    इस तरह की पहल महिलाओं के लिए अपने जीवन और समाज में सम्मानजनक स्थान बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। भोपाल में होने वाली यह जनसुनवाई महिलाओं को अपने मुद्दों को सामने रखने और राष्ट्रीय महिला आयोग से सहायता प्राप्त करने का अवसर देगी।

  • आईपीएल का पहला हिस्सा तय, शुरुआती 20 दिनों का शेड्यूल 12 मार्च तक बीसीसीआई करेगी जारी

    आईपीएल का पहला हिस्सा तय, शुरुआती 20 दिनों का शेड्यूल 12 मार्च तक बीसीसीआई करेगी जारी


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पुष्टि की है कि आईपीएल 2026 के शुरुआती 20 दिनों का शेड्यूल 12 मार्च तक जारी कर दिया जाएगा। बीसीसीआई सचिव Devjit Saikia ने आईएएनएस को बताया, “हम शुरुआती 20 दिनों का शेड्यूल 12 मार्च तक रिलीज करने की योजना बना रहे हैं। शेष मुकाबलों का शेड्यूल बाद में घोषित किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनावों के दौरान किसी भी टकराव से बचना है, खासकर पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु में होने वाले चुनावों के समय।

    आईपीएल 2026 की सभी टीमों ने शेड्यूल घोषित
    आईपीएल 2026 की सभी टीमों ने शेड्यूल घोषित होने से पहले ही प्री-सीजन तैयारियों की शुरुआत कर दी है। चेन्नई सुपर किंग्स ने 1 मार्च को नवलूर के हाई-परफॉर्मेंस सेंटर में अभ्यास शुरू किया, जबकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 10 फरवरी को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में छोटा-सा प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया। गुजरात टाइटंस ने नाथद्वारा के मिराज इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में दो अभ्यास सत्र किए। पंजाब किंग्स फरवरी की शुरुआत में अबू धाबी में अभ्यास कर रही थी और फिलहाल धर्मशाला में प्री-सीजन शिविर जारी है। सनराइजर्स हैदराबाद ने 1 मार्च को अपने घरेलू खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षण शुरू किया और मुंबई इंडियंस ने आगामी सीजन के लिए अभ्यास आरंभ कर दिया।

    कोलकाता नाइट राइडर्स 18 मार्च से प्री-सीजन शिविर शुरू करेगी, जबकि राजस्थान रॉयल्स 15 मार्च से जयपुर में अभ्यास शिविर के लिए इकट्ठा होने की उम्मीद है। दिल्ली कैपिटल्स ने हाल ही में हैदराबाद में पहला शिविर आयोजित किया और आगे दिल्ली में दूसरा शिविर संभावित है। लखनऊ सुपर जायंट्स ने लखनऊ में अपना तैयारी सत्र पहले ही पूरा कर लिया है।

    तैयारी और रणनीति का महत्व
    टीमों ने प्री-सीजन प्रशिक्षण शिविरों में फिटनेस, तकनीक और रणनीति पर खास ध्यान दिया है। बीसीसीआई के अनुसार, शुरुआती 20 दिनों के शेड्यूल के बाद टीमों को अपनी गेम प्लान के अनुसार तैयारियां अंतिम रूप देने का मौका मिलेगा।

    फुटबॉल से लेकर क्रिकेट तक, प्री-सीजन तैयारी टीमों की सफलता में अहम भूमिका निभाती है। आईपीएल 2026 में भी यह रणनीति खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस और मुकाबलों के परिणाम पर असर डालेगी।

    आईपीएल 2026 का यह सीजन दर्शकों के लिए रोमांचक मुकाबले और नई रणनीतियों का मौका लेकर आएगा। 12 मार्च के बाद शेड्यूल जारी होने के साथ ही फैंस अपने पसंदीदा मैचों की तारीखें और स्थान जान सकेंगे, जिससे रोमांच और उत्साह और भी बढ़ जाएगा।

  • आईपीएल इतिहास के 5 सबसे बड़े रन मशीन, जिन्होंने बनाए सबसे ज्यादा रन

    आईपीएल इतिहास के 5 सबसे बड़े रन मशीन, जिन्होंने बनाए सबसे ज्यादा रन


    नई दिल्ली। दुनिया की सबसे लोकप्रिय टी20 लीग Indian Premier League में अब तक 18 सीजन खेले जा चुके हैं। इस दौरान कई महान बल्लेबाजों ने अपने शानदार प्रदर्शन से क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीता है।

    आईपीएल के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की बात करें तो इस सूची में भारतीय खिलाड़ियों का जबरदस्त दबदबा देखने को मिलता है। टॉप-5 बल्लेबाजों में चार खिलाड़ी भारत के हैं, जबकि सिर्फ एक विदेशी खिलाड़ी इस सूची में जगह बना पाया है। आइए जानते हैं आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले इन पांच दिग्गज बल्लेबाजों के बारे में।

    1. विराट कोहली – आईपीएल के सबसे बड़े रन-मशीन
    आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड Virat Kohli के नाम है। कोहली ने अपने पूरे आईपीएल करियर में सिर्फ Royal Challengers Bengaluru के लिए खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया है।

    कोहली अब तक 267 मैच खेल चुके हैं और उन्होंने 39.54 की औसत से 8,661 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 8 शतक और 63 अर्धशतक निकले हैं। इसके अलावा उन्होंने 291 छक्के और 771 चौके भी लगाए हैं। कोहली की लगातार रन बनाने की क्षमता ने उन्हें आईपीएल इतिहास का सबसे सफल बल्लेबाज बना दिया है।

    2. रोहित शर्मा – शानदार रिकॉर्ड के साथ दूसरे स्थान पर
    भारतीय कप्तान Rohit Sharma इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने 2008 से अब तक आईपीएल में दो टीमों के लिए खेलते हुए शानदार बल्लेबाजी की है।

    रोहित ने अब तक 29.73 की औसत से 7,046 रन बनाए हैं। उनके नाम 2 शतक और 47 अर्धशतक दर्ज हैं। इसके अलावा उन्होंने 302 छक्के और 640 चौके भी लगाए हैं। रोहित की विस्फोटक बल्लेबाजी और बड़े मैचों में प्रदर्शन उन्हें आईपीएल के महान बल्लेबाजों में शामिल करता है।

    3. शिखर धवन – लगातार रन बनाने वाले भरोसेमंद बल्लेबाज
    बाएं हाथ के दिग्गज बल्लेबाज Shikhar Dhawan इस सूची में तीसरे स्थान पर आते हैं। उन्होंने 2008 से 2024 के बीच आईपीएल में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया।

    धवन ने 222 मैचों में 35.25 की औसत से 6,769 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 2 शतक और 51 अर्धशतक लगाए। उनके बल्ले से 152 छक्के और 768 चौके भी निकले हैं। धवन अपनी आक्रामक शुरुआत और स्थिर बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं।

    4. डेविड वॉर्नर – टॉप-5 में शामिल एकमात्र विदेशी खिलाड़ी
    ऑस्ट्रेलिया के धाकड़ बल्लेबाज David Warner इस सूची में चौथे स्थान पर हैं और टॉप-5 में शामिल एकमात्र विदेशी खिलाड़ी भी हैं।

    वॉर्नर ने 2009 से 2024 के बीच 184 मैच खेले और 40.52 की शानदार औसत से 6,565 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 4 शतक और 62 अर्धशतक निकले। उन्होंने आईपीएल में 236 छक्के और 663 चौके भी लगाए हैं। वॉर्नर की आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें लीग के सबसे सफल विदेशी खिलाड़ियों में शामिल किया है।

    5. सुरेश रैना – मिस्टर आईपीएल का दमदार रिकॉर्ड
    पूर्व भारतीय क्रिकेटर Suresh Raina को अक्सर “मिस्टर आईपीएल” कहा जाता है और वे इस सूची में पांचवें स्थान पर हैं।

    रैना ने 2008 से 2021 के बीच 205 मैच खेले और 32.51 की औसत से 5,528 रन बनाए। उनके बल्ले से 1 शतक और 39 अर्धशतक निकले। इसके अलावा उन्होंने 203 छक्के और 506 चौके भी लगाए। रैना लंबे समय तक आईपीएल के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक रहे और उन्होंने कई मैचों में अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

  • कंस्ट्रक्शन साइट पर 7 श्रमिकों की मौत से हड़कंप, सिग्नेचर ग्लोबल को भेजा गया नोटिस

    कंस्ट्रक्शन साइट पर 7 श्रमिकों की मौत से हड़कंप, सिग्नेचर ग्लोबल को भेजा गया नोटिस


    नई दिल्ली। हरियाणा के Gurugram में एक निर्माण स्थल पर हुए दर्दनाक हादसे के बाद रियल एस्टेट कंपनी Signature Global को पुलिस ने नोटिस जारी किया है। इस हादसे में सात श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य मजदूर घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना के बाद कंपनी से जवाब मांगा गया है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मृतक श्रमिकों के परिवारों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए।

    प्रशासन की प्राथमिकता: परिवारों को मुआवजा और मदद
    गुरुग्राम के असिस्टेंट कमिश्नर Anil Sharma ने बताया कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता मृतकों के शव उनके परिजनों को सौंपना और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।

    उन्होंने कहा कि कंपनी से मुआवजे के चेक प्राप्त कर उन्हें मृतक मजदूरों के परिवारों तक पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही पूरे मामले की कानूनी जांच भी की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    खुदाई के दौरान अचानक धंसी मिट्टी
    यह हादसा सोमवार शाम करीब 7 बजे Sidhrawali क्षेत्र में Delhi–Jaipur Highway के पास स्थित एक निर्माण स्थल पर हुआ। अधिकारियों के मुताबिक खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई, जिससे वहां काम कर रहे कई मजदूर उसके नीचे दब गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

    सात मजदूरों की मौत, चार घायल
    इस दुर्घटना में सात मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। घायल मजदूरों को इलाज के लिए Bhiwadi के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां तीन मजदूरों का इलाज जारी है। अधिकारियों के मुताबिक घायलों में से तीन मजदूर नेपाल के रहने वाले हैं।

    मृतकों में झारखंड और राजस्थान के मजदूर
    पुलिस के अनुसार हादसे में जान गंवाने वाले सात मजदूरों में से छह झारखंड के रहने वाले थे, जबकि एक मजदूर राजस्थान का निवासी था। अधिकारियों ने बताया कि सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए गुरुग्राम भेजा जा रहा है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव उनके परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।

    लापरवाही की जांच, सख्त कार्रवाई के संकेत
    गुरुग्राम पुलिस ने बताया कि इस मामले में कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और घटना की विस्तृत जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि चूंकि हादसा हरियाणा के अधिकार क्षेत्र में हुआ है, इसलिए इस मामले की कानूनी कार्रवाई भी Haryana में ही की जाएगी।

  • मंत्री परमार ने चित्रकूट के पंचवटी घाट पर किया श्रमदान, मां मंदाकिनी नदी को स्वच्छ रखने का संदेश दिया

    मंत्री परमार ने चित्रकूट के पंचवटी घाट पर किया श्रमदान, मां मंदाकिनी नदी को स्वच्छ रखने का संदेश दिया


    भोपाल । चित्रकूट की पवित्र घाटियों में सोमवार को एक जीवंत दृश्य देखने को मिला जब उच्च शिक्षा तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने पंचवटी घाट पर माँ मंदाकिनी नदी के स्वच्छता अभियान में स्वयं हाथ बंटाया। मंत्री ने घाट परिसर में सफाई करते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं स्थानीय नागरिकों और प्रशासनिक अधिकारियों को स्वच्छता के महत्व की याद दिलाई और जनभागीदारी की प्रेरणा दी।

    मंत्री परमार ने कहा कि चित्रकूट धार्मिक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। यहाँ बहने वाली माँ मंदाकिनी नदी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इसकी स्वच्छता बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं बल्कि जनभागीदारी से ही सफल होने वाला एक जनआंदोलन है।

    घाट परिसर में पहुंचे सभी लोगों के साथ मिलकर मंत्री ने कचरा एकत्रित किया आसपास के क्षेत्र को व्यवस्थित किया और लोगों से आग्रह किया कि वे नदी में कोई कचरा न डालें। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय समुदाय प्रशासन और आगंतुकों का सहयोग ही स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक पर्यावरण सुनिश्चित कर सकता है।

    इस अवसर पर जनप्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर माँ मंदाकिनी की स्वच्छता के लिए श्रमदान किया और इस पहल का उत्साहजनक समर्थन किया। मंत्री परमार ने आशा जताई कि इस प्रकार के अभियान स्थानीय लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी को बढ़ाएंगे।

    मंत्री ने यह भी कहा कि स्वच्छता के लिए छोटे छोटे प्रयास भी बड़ी भूमिका निभाते हैं। नदी और घाट का पर्यावरण केवल प्रशासनिक कर्मियों का कार्यक्षेत्र नहीं बल्कि यह हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखें और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैलाएं।

    इस मौके पर उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी कहा कि इस तरह के अभियान धार्मिक स्थलों की साफ सफाई के साथ साथ स्थानीय पर्यटन और स्वास्थ्य के लिए भी बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि पंचवटी घाट जैसे धार्मिक स्थल स्वच्छ रहेंगे तो वहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का अनुभव भी सकारात्मक होगा।

    घाट पर श्रमदान करते हुए मंत्री परमार ने यह संदेश भी दिया कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का काम केवल सरकार के हाथ में नहीं छोड़ना चाहिए। हर नागरिक की भागीदारी से ही माँ मंदाकिनी और अन्य नदियों का जल स्वच्छ और सुरक्षित रहेगा। यह कदम चित्रकूट के धार्मिक और सामाजिक जीवन में स्वच्छता के प्रति नई चेतना का प्रतीक बन गया है।

  • ग्वालियर में अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर पथराव: गिरवाई में पुलिस और भीड़ आमने-सामने, हालात काबू करने के लिए किया गया बल प्रयोग

    ग्वालियर में अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर पथराव: गिरवाई में पुलिस और भीड़ आमने-सामने, हालात काबू करने के लिए किया गया बल प्रयोग




    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Gwalior में अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम पर भीड़ ने पथराव कर दिया, जिसके बाद स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। घटना शहर के Girwai इलाके की बताई जा रही है। विवाद बढ़ने पर पुलिस को हालात नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    जानकारी के मुताबिक तहसीलदार न्यायालय द्वारा एक जमीन पर बेदखली का आदेश जारी किया गया था। इसी आदेश का पालन कराने के लिए पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंची थी। प्रशासन की टीम का उद्देश्य जमीन से अतिक्रमण हटाकर उसे खाली कराना था।

    बताया जा रहा है कि उस जमीन पर कुछ लोग लंबे समय से मकान बनाकर रह रहे थे। जैसे ही प्रशासन की टीम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की, वहां मौजूद लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे यह विरोध उग्र हो गया और मौके पर मौजूद भीड़ ने पुलिस और प्रशासनिक अमले पर पथराव शुरू कर दिया।

    पथराव के बाद स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया। वायरल वीडियो में पुलिस और भीड़ के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट जैसी स्थिति भी दिखाई दे रही है। कुछ वीडियो में पुलिसकर्मियों द्वारा लाठीचार्ज करते हुए भी देखा जा सकता है, जिसमें महिलाओं के साथ भी सख्ती बरतने के आरोप सामने आए हैं।

    घटना के दौरान इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हालात पर काबू पा लिया। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और पथराव करने वालों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

    प्रशासन का कहना है कि अदालत के आदेश का पालन कराने के लिए ही यह कार्रवाई की जा रही थी। वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्हें पर्याप्त समय दिए बिना अचानक कार्रवाई की गई, जिसके कारण विवाद की स्थिति बनी।

    फिलहाल इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि दोबारा किसी तरह की अशांति न फैले।

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