Author: bharati

  • इस होली कम समय में बनाए गुझिया, तलते वक्त फट जाती है तो यहां देखें आसान रेसिपी

    इस होली कम समय में बनाए गुझिया, तलते वक्त फट जाती है तो यहां देखें आसान रेसिपी


    नई दिल्ली । होली का त्योहार गुझिया के बिना अधूरी है। गुझिया की तैयारी कुछ दिनों पहले से ही शुरु हो जाती है। लेकिन ऑफिस और भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास समय की कमी है। ऐसे में काफी लोग होली के मौके पर गुझिया बना नहीं पाते हैं और बाजार से खरीद कर लाते हैं। बाजार की गुझिया का स्वाद घर जैसा नहीं होता है। साथ बाजार की गुझिया में चीनी की मात्रा काफी अधिक होती है जिसकी चलते यह सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकती है। कुछ आसान तरीके हैं जिनकी मदद से आप होली के मौके पर कम समय में गुझिया बना सकते हैं। इसके साथ ही गुझिया बनाने में लोगों को एक और समस्या रहती है कि तलते समय यह फट जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं किस तरह कम समय में गुझिया बनाएं और वह भी बिना फटे।

    गुझिया की सामग्री

    मैदा- दो कप
    घी- 1 कप
    पानी- 1 कप
    खोया- 1 कप
    चीनी- 1 कप
    1 छोटा चम्मच छोटी इलायची
    1 चम्मच कद्दूकस किया हुआ बादाम
    नारियल का बुरादा
    काजू
    किशमिश
    चिरौंजी
    गुझिया बनाने की विधि 
    मैदे में आधा कप घी और पानी मिलाकर अच्छे से गूंथकर आधे घंटे के लिए ढककर रख दें। खोए को हल्की आंच पर थोड़ी देर के लिए भून लें। खोया जब ठंडा हो जाए तो इसमें बादाम, इलायची पाउडर और चीनी मिला दें। गूंथे हुए मैदे की लोई बनाकर उसे गोल पूरी की तरह बेल लें। अब उसमें तैयार मिश्रण भरकर किनारों पर हल्का पानी लगाकर उसे बंद करें। फैंसी कटर की मदद से गुझिया के किनारों को शेप दे सकते हैं। एक कढ़ाई में घी डालकर गर्म कर लें। हल्की आंच पर गुझिया को तब तक तलें जब तक वह हल्के भूरे रंग की न हो जाए। एक बड़े प्लेट में टिश्यू पेपर बिछाकर उसपर गुझिया निकाल लें। जब ये ठंडा हो जाए तो उसे एक डिब्बे में बंद करके रख दें।
    फट जाती है तो अपनाएं ये तरीके

    गुझिया तलने के लिए हमेशा मोटी तली वाली कढ़ाई लेना चाहिए। पतली कढ़ाई में गुझिया जल्दी जल जाती है। गुझिया तलने के लिए तेल न तो ज्यादा होना चाहिए और न ही कम। तेल को मध्यम आंच पर गर्म करें। तेल से धुआं नहीं उठना चाहिए। तेल तैयार हो जाए तो कढ़ाई के हिसाब से गुझिया डालें। गुझिया डालते ही उसे हिलाना नहीं चाहिए। इससे फटने का डर रहता है। गुझिया को 7-10 मिनट तक धीमी आंच पर पकाना चाहिए। तेज आंच पर पकाने से ये अंदर से कच्ची रह सकती है और साथ ही फट भी सकती है। जब गुझिया एक तरह से सुनहरी हो जाए तब इसे पलटें।

  • तनाव मुक्त जीवन के लिए योग: मन की 5 वृत्तियों का सरल ज्ञान..

    तनाव मुक्त जीवन के लिए योग: मन की 5 वृत्तियों का सरल ज्ञान..


    नई दिल्ली: शारीरिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए लोग जिम और कसरत का सहारा लेते हैं, लेकिन मन का स्वास्थ्य उतना ही जरूरी है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, मन को स्वस्थ रखने के लिए योग में चित्त की मुख्य 5 वृत्तियों का अभ्यास किया जाता है। इन वृत्तियों की समझ से मानसिक तनाव को कम किया जा सकता है और जीवनशैली सुधारने में मदद मिलती है।

    चित्त वृत्ति निरोध का अर्थ है मन का अध्ययन करना और उसे सभी प्रकार के बोझ और विकारों से मुक्त करना। योग में पांच प्रमुख वृत्तियां बताई गई हैं: प्रमाणवृत्ति, विपर्ययवृत्ति, विकल्प वृत्ति, निद्रावृत्ति और स्मृतिवृत्ति।

    1. प्रमाणवृत्ति: यह ध्यान का पहला चरण है। इसमें मन को सही ज्ञान और धारणा की स्थिति में लाया जाता है। आँखों और कानों से प्राप्त अनुभव के माध्यम से मन को वास्तविकता से जोड़ा जाता है।

    2. विपर्ययवृत्ति: इसमें मन में उत्पन्न भ्रम और गलत ज्ञान को दूर किया जाता है। विपर्ययवृत्ति का लक्ष्य मन के भीतर पल रहे विरोधाभासी विचारों को संशोधित करना है।

    3. विकल्प वृत्ति: यह कल्पनाशील ज्ञान से संबंधित है, जिसे वस्तु से कोई लेना-देना नहीं होता। इसे शब्द ज्ञान या कल्पना द्वारा प्राप्त ज्ञान कहा जा सकता है।

    4. निद्रावृत्ति: इसका अर्थ है ज्ञान की कमी। इस अवस्था में मन ज्ञान की स्थिति से दूर होता है और अज्ञान या तमस का अनुभव करता है।

    5. स्मृतिवृत्ति: जब मन बार-बार पुरानी यादों को याद करता है और अतीत के सुखद पलों में खुद को डुबो देता है।

    इन पांच वृत्तियों का अभ्यास मानसिक विकारों और तनाव को हटाने में सक्षम है। योग के माध्यम से इन पर ध्यान केंद्रित कर मन को शांत, सशक्त और बोझ-मुक्त बनाया जा सकता है। तन की तरह मन को भी स्वस्थ रखना जरूरी है, और चित्त की ये पाँच वृत्तियां इसे संभव बनाती हैं।

  • T20 World Cup: श्रीलंका को हराने के बाद भी PAK टूर्नामेंट से बाहर, सेमीफाइनल में NZ

    T20 World Cup: श्रीलंका को हराने के बाद भी PAK टूर्नामेंट से बाहर, सेमीफाइनल में NZ


    कोलंबो।
    आईसीसी टी20 विश्‍व कप 2026 (ICC T20 World Cup 2026) के 50वें और सुपर-8 के अहम मैच में शनिवार को पाकिस्‍तान टीम की टक्‍कर श्रीलंका (Pakistan vs Sri Lanka) से हुई। यह मुकाबला पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया। इस मैच में पाकिस्‍तान ने श्रीलंका 5 रन से हराया। पाकिस्‍तान भले ही मैच जीत गई हो पर न्‍यूजीलैंड ने सेमीफाइनल में जगह बनाई है। दोनों टीमों के 3-3 अंक थे। पर कीवी टीम का नेट रन रेट पाकिस्‍तान से बेहतर था।

    श्रीलंका के कप्‍तान दासुन शनाका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैस‍ला लिया है। पहले बल्‍लेबाजी करने उतरी पाकिस्‍तान ने 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 212 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका टीम 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 207 रन ही बना सकी।

    इस जीत के बावजूद ग्रीन टीम सेमी-फाइनल की रेस से बाहर हो गई है. यहीं नहीं उसका टूर्नामेंट से भी बोरिया बिस्तर बंध चुका है. क्योंकि टीम को सेमी-फाइनल में प्रवेश करने के लिए विपक्षी टीम के खिलाफ आज 64 रनों से जीत हासिल करनी थी. मगर वह यह कारनामा नहीं कर पाई। वह श्रीलंका के खिलाफ आज के मैच में पांच रन से ही जीत पाई।

    पाकिस्तान की तरफ से जीत के लिए मिले 213 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए दसून शानका ने 31 गेंदों में 245.16 की स्ट्राइक रेट से 76 रनों की नाबाद विस्फोटक अर्धशतकीय पारी खेली. मगर वह भी टीम को जीत नहीं दिला सके. शानका के अलावा चौथे क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए पवन रत्नायके ने 37 गेंदों में 58 रनों का योगदान दिया. कामिल मिशारा 15 गेंद में 26 और चरित असलंका 18 गेंद में 25 रन बनाने में कामयाब रहे। पाकिस्तान की तरफ से आज के मुकाबले में सबसे सफल गेंदबाज अबरार अहमद रहे. जिन्होंने चार ओवरों में 23 रन खर्च करते हुए सर्वाधिक तीन सफलता प्राप्त की. उनके अलावा शाहीन शाह अफरीदी, नसीम शाह और मोहम्मद नवाज ने क्रमशः एक-एक विकेट चटकाए।

    इससे पहले पल्लेकेले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान की टीम 20 ओवरों में आठ विकेट के नुकसान पर 212 रन बनाने में कामयाब हुई थी. पारी का आगाज करते हुए साहबजादा फरहान सर्वोच्च स्कोरर रहे. जिन्होंने 60 गेंद में 100 रन की शतकीय पारी खेली. उनके अलावा फखर जमान ने 42 गेंदों में 200.00 की स्ट्राइक रेट से 84 रनों का योगदान दिया. बाकी के अन्य बल्लेबाज विपक्षी टीम के गेंदबाजों के सामने हमेशा रनों के लिए जुझते हुए ही नजर आए। श्रीलंका की तरफ से आज के मुकाबले में दिलशान मदुशंका ने सर्वाधिक तीन सफलता प्राप्त की. उनके अलावा दसून शानका ने दो और दुश्मांता चमीरा ने एक विकेट चटकाए।

  • SIR के बाद पश्चिम बंगाल में अंतिम मतदाता सूची जारी, 63 लाख नाम कटे

    SIR के बाद पश्चिम बंगाल में अंतिम मतदाता सूची जारी, 63 लाख नाम कटे


    कोलकाता।
    आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने शनिवार को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी। इस प्रक्रिया में करीब 63 लाख 66 हजार अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट नाम हटा दिए गए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने प्रेस वार्ता में बताया कि ड्राफ्ट सूची में दर्ज सात करोड़ 66 लाख मतदाताओं की संख्या अब सात करोड़ चार लाख रह गई है।

    अग्रवाल ने विस्तार से कहा, “विशेष गहन पुनरीक्षण के पहले चरण में ड्राफ्ट सूची से तीन लाख 75 हजार मतदाता हटाए गए, जबकि एक लाख 82 हजार नए मतदाता शामिल किए गए। इसके अलावा 60 लाख मतदाता ‘विचाराधीन’ श्रेणी में हैं, जिनके मताधिकार पर स्थानीय न्यायिक अधिकारी निर्णय लेंगे।”

    उन्होंने इस विशाल अभियान में हुई छोटी-मोटी गलतियों को स्वीकार करते हुए कहा कि आयोग ने तुरंत सुधार किया। दिसंबर में जारी ड्राफ्ट सूची से पहले ही 58 लाख से अधिक नाम हटा चुके थे, और ‘विचाराधीन’ नामों के फैसले के बाद यह संख्या और बढ़ेगी।

    प्रक्रिया में कुल सात करोड़ आठ लाख लोगों ने एन्यूमरेशन फॉर्म जमा किया था, जिनमें से एक करोड़ 50 लाख से अधिक मतदाताओं, जिनमें तार्किक विसंगतियों और अननियोजित श्रेणी वाले शामिल थे, की विभिन्न केंद्रों पर सुनवाई की गई। सूत्रों के अनुसार, शनिवार दोपहर से सभी जिलों में मतदाता सूची की भौतिक प्रतियां वितरित हो रही हैं, और शाम तक यह ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएगी।

    ममता बनर्जी के भवानीपुर क्षेत्र में 47 हजार नाम हटे

    मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दक्षिण कोलकाता स्थित भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र (कुल एक लाख 61 हजार मतदाता) से 47 हजार 111 अनुपस्थित-स्थानांतरित-मृत-डुप्लिकेट नाम हटा दिए गए। साथ ही 14 हजार 154 नाम ‘विचाराधीन’ हैं, जिनका फैसला न्यायिक अधिकारियों को करना है। अप्रैल के अंत में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले यह तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो के लिए गंभीर चुनौती है। ममता ने हाल ही में स्थानीय नेताओं, बूथ स्तरीय एजेंटों और कार्यकर्ताओं के साथ कई बैठकें की हैं।

    शुभेंदु के विधानसभा में कटे 11 हजार नाम

    वहीं, विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के पूर्वी मिदनापुर जिले के नंदीग्राम क्षेत्र से करीब 11 हजार नाम हटे। 2021 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु ने ममता को महज 1900 वोटों के मामूली अंतर से हराया था। कोलकाता उत्तर जिले से चार लाख से अधिक और कोलकाता दक्षिण (भवानीपुर सहित) से दो लाख 15 हजार नाम हटाए गए। कुल मिलाकर दो प्रमुख कोलकाता जिलों से छह लाख से अधिक मतदाता सूची से बाहर हो गए।

    राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और आरोप-प्रत्यारोप

    केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री व पूर्व बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने मीडिया से कहा, “अभी तक हटे 65 लाख नामों में 24 लाख मृत मतदाता हैं। तृणमूल कांग्रेस इन मृत वोटरों के नाम पर झूठे वोट डलवाकर चुनाव जीतती रही है। इस बार सत्ताधारी दल की यह मशीनरी फेल हो जाएगी।” भाजपा ने इसे स्वच्छ चुनाव की दिशा में बड़ा कदम बताया।

    उल्लेखनीय है कि नवंबर 2024 से शुरू हुई यह तीन माह की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरे राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप, सड़क प्रदर्शनों और अदालती लड़ाइयों के बीच संपन्न हुई। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध बनाना था, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव निष्पक्ष हों। निर्वाचन आयोग का यह कदम चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

  • मध्य पूर्व में संघर्ष के बीच एयरलाइंस को पश्चिम एशिया के 11 देशों में उड़ान न भरने की सलाह

    मध्य पूर्व में संघर्ष के बीच एयरलाइंस को पश्चिम एशिया के 11 देशों में उड़ान न भरने की सलाह


    नई दिल्ली।
    ईरान-इजरायल के बीच जारी संघर्ष और मध्य पूर्व में बढ़ते टकराव के मद्देनजर विमानन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बड़ा फैसला लिया है। डीजीसीए ने शनिवार को भारतीय एयरलाइंस कंपनियों को ईरान, सऊदी अरब और यूएई सहित 11 देशों के हवाई क्षेत्रों का उपयोग 2 मार्च तक न करने की सलाह दी है।

    डीजीसीए ने भारतीय एयरलाइंस कंपनियों को जारी निर्देश में कहा कि वे 11 देशों के ऊपर से उड़ान भरने से बचें। विमानन नियामक का जारी आदेश सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। डीजीसीए के निर्देश वाले इन 11 देशों में ईरान, इजराइल, लेबनान, यूएई, सऊदी अरब, बहरीन, ओमान, इराक, जॉर्डन, कुवैत और कतर शामिल हैं। यह नया सुरक्षा परामर्श (एडवायजरी) तुरंत लागू कर दिया गया है।

    फिलहाल यह रोक 2 मार्च तक प्रभावी रहेगी। इस पाबंदी के कारण भारतीय एयरलाइंस ने मध्य पूर्व जाने वाली अपनी कई उड़ानें कुछ समय के लिए निलंबित कर दी है। वहीं, कई फ्लाइट्स के रास्ते बदले गए हैं, जबकि कुछ को रद्द करना पड़ा है। सीधे रास्ते बंद होने से विमानों को घूमकर जाना होगा, जिससे सफर का समय बढ़ जाएगा। उड़ान के समय बढ़ने से तेल का खर्च बढ़ेगा, जिसका सीधा बोझ यात्रियों की जेब पर पड़ सकता है।

    उल्लेखनीय है कि विमानन कंपनियां प्रभावित यात्रियों को टिकट के पैसे वापस करने यानी दूसरी तारीख पर यात्रा करने का विकल्प दे रही हैं। डीजीसीए ने एयरलाइंस को लगातार पल-पल की जानकारी (नोटम) पर नजर रखने को कहा है, ताकि किसी भी तरह के खतरे से बचा जा सके। इसके साथ ही यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी एयरलाइन की वेबसाइट पर उड़ान का स्टेटस जरूर चेक कर लें।

  • आंध्र प्रदेश में भीषण हादसा: पटाखा फैक्ट्री में धमाके से दहल उठा काकीनाडा, 20 की मौत, दूर-दूर तक बिखरे शव

    आंध्र प्रदेश में भीषण हादसा: पटाखा फैक्ट्री में धमाके से दहल उठा काकीनाडा, 20 की मौत, दूर-दूर तक बिखरे शव


    नई दिल्ली । काकीनाडा, आंध्र प्रदेश: शनिवार की दोपहर आंध्र प्रदेश का काकीनाडा जिला एक ऐसे हृदयविदारक हादसे का गवाह बना, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। जिले के वेटलापलेम गांव स्थित एक पटाखा निर्माण इकाई में हुए भीषण विस्फोट ने हंसते खेलते परिवारों की खुशियां पल भर में मातम में बदल दीं। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 20 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 6 अन्य कर्मचारी जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं।

    धमाका दोपहर करीब 2 बजे उस वक्त हुआ जब फैक्ट्री के भीतर 20 से अधिक कर्मचारी अपने काम में मशगूल थे। विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी गूंज 5 किलोमीटर के दायरे में सुनाई दी। स्थानीय निवासियों के अनुसार, धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की धरती डोल गई और आसमान में धुएं का गुबार छा गया। जैसे ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे, वहां का मंजर किसी डरावने सपने जैसा था। फैक्ट्री का ढांचा पूरी तरह जमींदोज हो चुका था और चारों ओर चीख पुकार मची थी।

    पुलिस और चश्मदीदों ने बताया कि धमाके के दबाव के कारण कर्मचारियों के शव पास के धान के खेतों में जाकर गिरे। हरे भरे खेतों के बीच बिखरे हुए अंग और जली हुई लाशें सुरक्षा मानकों की अनदेखी की भयावह कहानी बयां कर रही थीं। स्थिति इतनी विकट थी कि स्थानीय लोगों को शवों को इकट्ठा करने के लिए ‘बाराकालू’ खाद की बोरियों से बनी चादरें का सहारा लेना पड़ा। पुलिस प्रशासन ने खेतों में दूर तक छिटके शरीर के हिस्सों को खोजने के लिए अत्याधुनिक ड्रोन कैमरों की मदद ली है, ताकि शिनाख्त की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

    काकीनाडा सरकारी अस्पताल के सुपरिटेंडेंट के अनुसार, अस्पताल लाए गए घायल 90 से 100 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं, जिससे उनकी स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम उन्हें बचाने का भरसक प्रयास कर रही है, लेकिन गृह मंत्री वंगालपुडी अनीता ने आशंका जताई है कि हताहतों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।

    मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस त्रासदी पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने तत्काल संबंधित मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को घटनास्थल पर पहुंचने और राहत कार्यों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि फैक्ट्री के पास आवश्यक लाइसेंस थे या नहीं और वहां सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। फिलहाल, पूरा गांव शोक में डूबा है और अपनों को खोने वाले परिवारों का रो रोकर बुरा हाल है।

  • समीर वानखेड़े की मुश्किलें बढ़ीं: दिल्ली हाई कोर्ट ने कॉर्डेलिया क्रूज केस में अनुशासनात्मक कार्रवाई को दी हरी झंडी

    समीर वानखेड़े की मुश्किलें बढ़ीं: दिल्ली हाई कोर्ट ने कॉर्डेलिया क्रूज केस में अनुशासनात्मक कार्रवाई को दी हरी झंडी


    नई दिल्ली। कॉर्डेलिया क्रूज ड्रग्स केस के चर्चित और विवादित चेहरा रहे आईआरएस IRS अधिकारी समीर वानखेड़े की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने साल 2021 के इस हाई-प्रोफाइल मामले में वानखेड़े के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी रखने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की खंडपीठ ने केंद्र सरकार की उस याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिसमें केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण कैट के उस पुराने फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसने वानखेड़े को बड़ी राहत दी थी। कोर्ट के इस ताजा आदेश के बाद अब केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर व सीमा शुल्क बोर्ड CBIC द्वारा जारी चार्जशीट के आधार पर जांच का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

    समीर वानखेड़े, जो 2008 बैच के आईआरएस अधिकारी हैं, उस समय वैश्विक सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने मुंबई एनसीबी NCB के जोनल डायरेक्टर रहते हुए अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्य खान को ड्रग्स केस में गिरफ्तार किया था। हालांकि, बाद में उन पर गंभीर आरोप लगे कि उन्होंने आर्यन खान को फंसाने की धमकी दी और मामले को रफा-दफा करने के बदले उनके परिवार से कथित तौर पर 25 करोड़ रुपये की मांग की थी। इसके अलावा, उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने जांच की दिशा मोड़ने की कोशिश की और एनसीबी से कार्यमुक्त होने के बावजूद विभाग के विधिक अनुभाग से गोपनीय जानकारियां हासिल करने का प्रयास किया था।

    गौरतलब है कि इससे पहले ‘कैट’ ने 18 अगस्त 2025 को वानखेड़े को जारी किए गए आरोपपत्र चार्जशीट को रद्द कर दिया था, जिसे केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। सरकार का तर्क था कि अधिकारी के आचरण की गहन जांच जरूरी है। हाई कोर्ट की खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए माना कि अनुशासनात्मक कार्यवाही को रोकना उचित नहीं है। इस फैसले से साफ हो गया है कि सरकारी संस्थानों की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए किसी भी स्तर के अधिकारी के खिलाफ आरोपों की जांच अनिवार्य है। अब वानखेड़े को इन गंभीर विभागीय आरोपों का सामना करना होगा, जो उनके करियर के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

  • पाक-अफगान सीमा पर युद्ध जैसे हालात: गिलगित-बाल्टिस्तान में ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी, तालिबान का 55 पाक सैनिकों को मारने का दावा

    पाक-अफगान सीमा पर युद्ध जैसे हालात: गिलगित-बाल्टिस्तान में ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी, तालिबान का 55 पाक सैनिकों को मारने का दावा


    नई दिल्ली।  पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमावर्ती विवाद अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। पड़ोसी देश अफगानिस्तान के साथ बढ़ते सैन्य तनाव और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए पाकिस्तान प्रशासन ने पाक अधिकृत कश्मीर PoKके गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में नागरिक ड्रोन उड़ानों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के निर्देश पर लागू किए गए इस आदेश के तहत, अब इस संवेदनशील इलाके में किसी भी निजी या व्यावसायिक ड्रोन का उपयोग कानूनी अपराध माना जाएगा। गिलगित-बाल्टिस्तान पुलिस के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि केवल कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों को ही अपने पेशेवर दायित्वों के निर्वहन के लिए ड्रोन के इस्तेमाल की अनुमति होगी। यह कदम उस समय उठाया गया है जब सीमा पार से ड्रोन के दुरुपयोग और जासूसी की आशंकाएं चरम पर हैं।

    दूसरी ओर, सीमा पर स्थिति तब और बिगड़ गई जब अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि उसने रात भर चले विशेष सैन्य ऑपरेशनों में 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है। तालिबान द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, ये हमले विवादित डूरंड लाइन के साथ सटे पक्तिका, पक्तिया, खोस्त, नंगरहार, कुन्नर और नूरिस्तान जैसे प्रांतों में किए गए। तालिबान का दावा है कि इस कार्रवाई के दौरान उन्होंने पाकिस्तानी सेना के 2 बेस और 19 चौकियों पर कब्जा कर लिया है। बताया जा रहा है कि यह ऑपरेशन ‘इस्लामिक अमीरात’ के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ के सीधे आदेश पर चलाया गया, जिसे उन्होंने पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए कथित उकसावे का करारा जवाब बताया है।

    हालांकि, पाकिस्तान ने तालिबान के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के भीतर कई संदिग्ध ठिकानों पर हवाई हमले Air Strikesकिए हैं, जिसमें सैकड़ों तालिबान लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया गया है। दोनों पक्षों की ओर से किए जा रहे दावों में भारी विसंगति है, जिससे जमीनी हकीकत पर सवाल उठ रहे हैं। लंबे समय से डूरंड लाइन और टीटीपी TTPजैसे आतंकी समूहों को लेकर दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, लेकिन मौजूदा सैन्य संघर्ष ने क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक गंभीर चुनौती पैदा कर दी है।

    अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है। जानकारों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों ने संयम नहीं बरता और कूटनीतिक रास्तों के बजाय सैन्य विकल्पों को प्राथमिकता दी, तो यह छिटपुट संघर्ष दक्षिण एशिया में एक बड़े युद्ध का रूप ले सकता है। फिलहाल, गिलगित-बाल्टिस्तान में ड्रोन पर लगी पाबंदी और सीमा पर बढ़ती हलचल इस बात का संकेत है कि आने वाले दिन सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील होने वाले हैं।

  • यमन में खुशहाली की नई उम्मीद: सऊदी अरब ने दी 346.6 मिलियन डॉलर की वित्तीय संजीवनी, बुनियादी ढांचे और शासन में होगा सुधार

    यमन में खुशहाली की नई उम्मीद: सऊदी अरब ने दी 346.6 मिलियन डॉलर की वित्तीय संजीवनी, बुनियादी ढांचे और शासन में होगा सुधार


    नई दिल्ली। पड़ोसी देश यमन में गहराते आर्थिक संकट और गृहयुद्ध की मार झेल रहे सरकारी कर्मचारियों के लिए सऊदी अरब एक बड़ी राहत लेकर आया है। सऊदी किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमानके विशेष निर्देश पर किंगडम ने यमन के सरकारी संस्थानों को मजबूती देने और वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए 346.6 मिलियन डॉलर लगभग 350 मिलियन डॉलर की भारी-भरकम वित्तीय सहायता प्रदान की है। यह महत्वपूर्ण भुगतान सऊदी प्रोग्राम फॉर डेवलपमेंट एंड रिकंस्ट्रक्शन ऑफ यमन SDRPY के माध्यम से सीधे यमनी प्रशासन तक पहुँचाया गया है।

    इस रणनीतिक कदम का प्राथमिक उद्देश्य केवल वित्तीय घाटे को भरना नहीं है बल्कि यमन की जर्जर हो चुकी अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकना है। SDRPY द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार इस पहल का मकसद यमन के भीतर आर्थिक वित्तीय और मौद्रिक स्थिरता को और अधिक मजबूत बनाना है।इसके साथ ही इस राशि का उपयोग सरकारी संस्थानों की कार्यक्षमता बढ़ाने प्रशासनिक गवर्नेंस में पारदर्शिता लाने और निजी क्षेत्र को सतत विकास के लिए प्रोत्साहित करने में किया जाएगा। यह फंड उन हजारों कर्मचारियों के लिए जीवनदान साबित होगा जो लंबे समय से वेतन में कटौती और आर्थिक अनिश्चितता का सामना कर रहे थे।

    यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिलके चेयरमैन रशद अल-अलीमी ने सऊदी अरब के इस उदार कदम की सराहना करते हुए इसे दोनों देशों के बीच अटूट रिश्तों का प्रमाण बताया है। उन्होंने किंग सलमान और क्राउन प्रिंस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता केवल धन का हस्तांतरण नहीं है बल्कि यमन की सुरक्षा स्थिरता और राष्ट्रीय संस्थानों को फिर से खड़ा करने की दिशा में एक भरोसे का संदेश है।अल-अलीमी ने इस बात पर जोर दिया कि सऊदी अरब के साथ यमन की यह साझेदारी एक उज्जवल और अधिक स्थिर भविष्य के निर्माण के लिए अनिवार्य है।

    मौजूदा परिस्थितियों में जब यमन पुनर्निर्माण के कठिन दौर से गुजर रहा है सऊदी अरब का यह सहयोग वहां के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगा। किंगडम का लक्ष्य है कि इस वित्तीय मदद के जरिए यमन के आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार हो और देश के बुनियादी संस्थानों को इतना सक्षम बनाया जाए कि वे भविष्य की चुनौतियों का सामना खुद कर सकें। यह पहल यमन के रिकवरी रोडमैप में एक मील का पत्थर साबित होने वाली है।

  • Holi Skincare Tips: रंगों का त्योहार खुशी से मनाएं, स्किन और बालों को रखें सुरक्षित

    Holi Skincare Tips: रंगों का त्योहार खुशी से मनाएं, स्किन और बालों को रखें सुरक्षित


    नई दिल्ली । होली का त्योहार नजदीक है और रंग-गुलाल की तैयारी जोरों पर है। लेकिन उत्साह के बीच अक्सर लोग अपनी त्वचा और बालों की देखभाल को नजरअंदाज कर देते हैं। केमिकल युक्त रंगों से स्किन इरीटेशन, एलर्जी, रैशेज और बालों के रूखेपन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में कुछ आसान सावधानियां अपनाकर आप रंगों का मजा बिना किसी नुकसान के ले सकते हैं।

    होली खेलने से पहले अपनाएं ये उपाय, मॉइस्चराइजर की मोटी परत लगाएं

    होली से एक रात पहले चेहरे और शरीर पर अच्छी तरह मॉइस्चराइजर लगाएं। होली खेलने से ठीक पहले भी इसकी मोटी परत लगाएं। इससे त्वचा पर एक सुरक्षा कवच बन जाता है और रंग गहराई तक नहीं जाता।

    सनस्क्रीन जरूर लगाएं
    अक्सर होली खुले मैदान या छत पर खेली जाती है। ऐसे में धूप से बचाव जरूरी है। एसपीएफ 50 या उससे अधिक वाला सनस्क्रीन लगाएं ताकि यूवी किरणों से त्वचा सुरक्षित रहे।

     नारियल तेल और हल्दी का इस्तेमाल

    होली से एक-दो दिन पहले त्वचा पर नारियल तेल और हल्दी लगाने से त्वचा मजबूत होती है और रंगों का असर कम पड़ता है। बालों में भी नारियल तेल लगाकर रखें, इससे रंग आसानी से निकल जाता है।

    होली खेलने के बाद रखें इन बातों का ध्यान जोर से स्क्रबिंग न करें

    रंग हटाने के लिए त्वचा को बार-बार रगड़ना नुकसानदायक हो सकता है। इससे त्वचा में जलन और रैशेज बढ़ सकते हैं।

    पहले सादे पानी से धोएं

    होली के बाद सबसे पहले सादे पानी से रंग धोएं। तुरंत साबुन या बॉडी वॉश का उपयोग न करें। जब ज्यादातर रंग निकल जाए तब हल्के क्लींजर का इस्तेमाल करें।

     एलोवेरा जेल लगाएं

    त्वचा साफ करने के बाद एलोवेरा जेल लगाएं। यह स्किन को ठंडक देता है और डैमेज हुई त्वचा की मरम्मत में मदद करता है।

    आंखों और बालों की सुरक्षा भी जरूरी

    होली के दौरान आंखों में रंग जाने से संक्रमण का खतरा रहता है। इसलिए सनग्लासेस पहनें। बालों को सुरक्षित रखने के लिए पहले से तेल लगाएं या हेयर मास्क का उपयोग करें। जिन्हें सांस की समस्या है, वे गुलाल से दूरी बनाए रखें।

    हर्बल गुलाल है सुरक्षित विकल्प

    पक्के रंगों में मेटल साल्ट्स, सिंथेटिक डाई और इंडस्ट्रियल पिगमेंट हो सकते हैं, जो त्वचा और बालों को नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए हर्बल या प्राकृतिक गुलाल से होली खेलना बेहतर और सुरक्षित विकल्प है।