Author: bharati

  • ‘मर्दानी 3’ को लेकर एक्साइटमेंट: हरमनप्रीत कौर बोलीं-अब इंतजार नहीं हो रहा

    ‘मर्दानी 3’ को लेकर एक्साइटमेंट: हरमनप्रीत कौर बोलीं-अब इंतजार नहीं हो रहा

    नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने रानी मुखर्जी की आने वाली क्राइम ड्रामा फिल्म ‘मर्दानी 3’ के ट्रेलर की जमकर तारीफ की है। हरमनप्रीत ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि ट्रेलर बेहद प्रभावशाली है और फिल्म देखने का इंतजार नहीं कर सकती। उन्होंने रानी मुखर्जी के अभिनय की भी सराहना की और कहा कि आज के समय में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर तेज और कड़ा एक्शन बेहद जरूरी है।

    पुलिस फोर्स को दिया धन्यवाद

    हरमनप्रीत कौर ने अपने पोस्ट में देश की पुलिस फोर्स का आभार जताया, जो हर दिन लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास करती है। उन्होंने लिखा, “हमें पुलिस फोर्स से प्यार है, जो हर दिन हमारी सुरक्षा के लिए मौजूद रहती है। मर्दानी 3 का ट्रेलर जबरदस्त है।”

    तीसरी फिल्म में संवेदनशील मुद्दों पर फोकस

    ‘मर्दानी 3’ इस लोकप्रिय फ्रेंचाइजी की तीसरी फिल्म है। इस बार कहानी कम आय वर्ग की 8–9 साल की बच्चियों के अपहरण जैसे गंभीर अपराध के इर्द-गिर्द घूमती है। इससे पहले ‘मर्दानी’ में मानव तस्करी और ‘मर्दानी 2’ में एक सीरियल रेपिस्ट की विकृत मानसिकता को दिखाया गया था, जिसने समाज और सिस्टम दोनों को झकझोर कर रख दिया था।

    फिल्म इंडस्ट्री की हस्तियों ने भी किया सम्मान

    हरमनप्रीत के अलावा फिल्म इंडस्ट्री की कई जानी-मानी हस्तियों ने भी ट्रेलर की तारीफ की। करीना कपूर खान ने रानी मुखर्जी को ‘डायनामाइट’ बताया, जबकि कैटरीना कैफ ने उन्हें ‘क्वीन’ कहकर सम्मान दिया। कियारा आडवाणी ने कहा कि तीन दशक पूरे करने के बाद भी रानी आज भी स्क्रीन पर राज कर रही हैं।

    निर्देशन और रिलीज की जानकारी

    फिल्म का निर्देशन अभिराज मीनावाला ने किया है, जबकि इसे आदित्य चोपड़ा ने निर्मित किया है। ‘मर्दानी 3’ 30 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। फिल्म से उम्मीद है कि यह समाज में महिलाओं की सुरक्षा और न्याय को लेकर एक बार फिर मजबूत संदेश देगी।

    समाज के लिए संदेश

    ‘मर्दानी 3’ सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सख्त और प्रभावशाली संदेश देने वाली फिल्म साबित होने जा रही है। हरमनप्रीत कौर और कई बॉलीवुड सितारों की सराहना इस बात का संकेत है कि फिल्म दर्शकों में जागरूकता पैदा करेगी और समाज में सुरक्षा और न्याय की संवेदनशीलता को बढ़ाएगी।

    हरमनप्रीत कौर ने ‘मर्दानी 3’ ट्रेलर की तारीफ करते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर तेज और सख्त कार्रवाई जरूरी है, जबकि फिल्म समाज में सुरक्षा और न्याय का मजबूत संदेश देगी।

  • तराना में नमाज के बाद हंगामा: CCTV में कैद हुआ उपद्रव, 6 उपद्रवियों पर नामजद FIR दर्ज

    तराना में नमाज के बाद हंगामा: CCTV में कैद हुआ उपद्रव, 6 उपद्रवियों पर नामजद FIR दर्ज


    उज्जैन/तराना। मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के तराना शहर में शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के बाद माहौल गरमा गया। शहर के नई बाखल क्षेत्र में कुछ असामाजिक तत्वों ने जमकर उपद्रव मचाया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। हालांकि उपद्रवियों की यह पूरी करतूत पास ही लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है। घटना से आक्रोशित स्थानीय निवासियों ने एकजुट होकर थाने का घेराव किया और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 मुख्य आरोपियों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है।

    घटना का विवरण और पुलिस की कार्रवाई

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को नमाज के बाद अचानक कुछ युवकों ने क्षेत्र में हुड़दंग शुरू कर दिया।नामजद FIR पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयान के आधार पर 6 लोगों को नामजद किया है। इसके अलावा कई अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।पहचान की प्रक्रिया: पुलिस वीडियो फुटेज को खंगाल रही है ताकि भीड़ में शामिल अन्य उपद्रवियों के चेहरों की पहचान कर उन्हें भी सलाखों के पीछे भेजा जा सके।वर्तमान स्थिति: घटना के बाद क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन तनाव को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।

    स्थानीय निवासियों में रोष

    नई बाखल के निवासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ केवल कागजी कार्रवाई न हो बल्कि कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में शांति भंग न हो सके। पुलिस ने जनता को आश्वस्त किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

    एक अन्य दुखद घटना: कुएं में मिली मां-बेटे की लाश

    तराना में मचे उपद्रव के बीच जिले से एक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। एक महिला और उसके 3 माह के मासूम बच्चे की लाश कुएं में तैरती मिली है। जांच जारी: पुलिस इस मामले में उलझी हुई है कि यह आत्महत्या है, कोई दुखद हादसा या फिर सोची-समझी हत्या। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम कर लिया गया है।

  • डिजिटल इंडिया की जीत: UPI को पब्लिक गुड बनाने पर RBI की तारीफ, नारायण मूर्ति ने कही बड़ी बात

    डिजिटल इंडिया की जीत: UPI को पब्लिक गुड बनाने पर RBI की तारीफ, नारायण मूर्ति ने कही बड़ी बात

    नई दिल्ली।  इंफोसिस के संस्थापक एन.आर. नारायण मूर्ति ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की जमकर सराहना करते हुए कहा है कि आरबीआई हमेशा से एक उत्प्रेरक, उदार, दूरदर्शी और देश को सक्षम बनाने वाली संस्था रहा है। उन्होंने कहा कि यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) को एक पब्लिक गुड के रूप में विकसित करना आरबीआई का ऐतिहासिक निर्णय है, जिसने डिजिटल भुगतान को आम आदमी के लिए सस्ता, सुरक्षित और सुलभ बना दिया।

    यूपीआई ने जीता आम लोगों का भरोसा

    नारायण मूर्ति ने कहा कि यूपीआई को कम लागत वाला और सभी के लिए आसानी से उपलब्ध बनाकर आरबीआई ने देश के हर वर्ग का भरोसा जीता है। इससे डिजिटल भुगतान प्रणाली सिर्फ शहरी इलाकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि गांवों, छोटे दुकानदारों और आम नागरिकों तक पहुंच सकी। उन्होंने इसे भारत की डिजिटल सफलता की सबसे बड़ी कहानी बताया।

    नेतृत्व की सोच से बदलता है देश

    बेंगलुरु में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए मूर्ति ने कहा कि जब किसी देश में ऐसे नेता होते हैं जिनके लक्ष्य बड़े होते हैं और जिनकी नीयत साफ होती है, तब वही नेतृत्व देश को बदलने की ताकत रखता है। उन्होंने कहा कि मजबूत संस्थाएं मजबूत मूल्यों से बनती हैं, और यही मूल्य लंबे समय तक विकास की नींव रखते हैं।

    कथनी और करनी में समानता जरूरी

    आईआईएम बेंगलुरु के सेंटर फॉर डिजिटल पब्लिक गुड्स में हुई बातचीत के दौरान उन्होंने नेतृत्व के मूल सिद्धांतों पर जोर देते हुए कहा कि यदि कोई संगठन मजबूत मूल्यों के साथ आगे बढ़ना चाहता है, तो नेताओं को कथनी और करनी में समानता रखनी होगी।
    मूर्ति ने साफ शब्दों में कहा, “मूल्य भाषणों से नहीं, बल्कि कार्यों से बनते हैं।”

    संवेदनशील पूंजीवाद का महत्व

    उन्होंने कहा कि अनुशासन, सही मूल्य, मजबूत नेतृत्व और संवेदनशील पूंजीवाद समाज और राष्ट्र दोनों को आगे बढ़ाता है। तकनीक की भूमिका पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक तेजी से बदलती है, इसलिए समय के साथ उसे समझना, सुधारना और अनुकूल बनाना बेहद जरूरी है।

    संस्थागत यादों को संजोने की जरूरत

    नारायण मूर्ति ने इस बात पर चिंता जताई कि भारत में संस्थाओं के विकास को लेकर लिखित दस्तावेज बहुत कम हैं। उन्होंने कहा कि संगठनों के बनने की प्रक्रिया, संघर्ष, नेतृत्व की कमियां, टीमवर्क की जटिलताएं और नई तकनीक पर काम करने के अनुभव—ये सभी संस्थागत यादों का हिस्सा होते हैं, जिन पर भविष्य की प्रगति टिकी होती है।

    ओपन और कम लागत वाला मॉडल जरूरी

    उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा सबक यह है कि कोड को सार्वजनिक और कम लागत वाला बनाया जाए। इससे एकाधिकार खत्म होता है और नवाचार को बढ़ावा मिलता है। मजबूत आधार के साथ इनोवेशन को आगे बढ़ाने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले नेताओं की जरूरत होती है।

    छात्रों को दिया नेतृत्व का मंत्र

    छात्रों को संबोधित करते हुए मूर्ति ने कहा कि भविष्य के नेताओं को सादा जीवन जीना चाहिए और दिखावे से बचना चाहिए। उन्होंने कहा, “आप संवेदनशील पूंजीवाद के संदेशवाहक हैं, जो समाज, देश और उद्यमिता तीनों को आगे ले जाएंगे।”

    नारायण मूर्ति ने यूपीआई को पब्लिक गुड बनाने के लिए आरबीआई की सराहना करते हुए कहा कि मजबूत मूल्य, दूरदर्शी नेतृत्व और संवेदनशील पूंजीवाद ही भारत की डिजिटल और आर्थिक प्रगति की असली ताकत हैं।

  • ट्रम्प का कनाडा पर तीखा हमला: बोले-चीन एक साल में निगल जाएगा, गोल्डन डोम विरोध से बिगड़े रिश्ते

    ट्रम्प का कनाडा पर तीखा हमला: बोले-चीन एक साल में निगल जाएगा, गोल्डन डोम विरोध से बिगड़े रिश्ते


    नई दिल्ली।ट्रम्प का बयान कनाडा अमेरिका की बजाय चीन की ओर झुक रहा है। ट्रम्प ने कहा कि यह उत्तर अमेरिका की सामूहिक सुरक्षा के लिए खतरा है।

    व्यापार विवाद

    कनाडा-चीन व्यापार समझौते में चीनी ईवी पर टैरिफ 100% से घटाकर 6.1% किया गया।

    चीन ने कनाडा के कृषि उत्पादों पर जवाबी शुल्क कम करने पर सहमति दी।

    अमेरिका इसे अपने हितों के खिलाफ मान रहा है।

    गोल्डन डोम प्रोजेक्ट पर मतभेद

    अमेरिका का मिसाइल डिफेंस प्रोजेक्ट 175 अरब डॉलर इजराइल के आयरन डोम पर आधारित है।

    ट्रम्प इसे अमेरिका की सुरक्षा के लिए अहम मानते हैं, जबकि कार्नी इसे क्षेत्रीय असंतुलन बढ़ाने वाला कदम बताते हैं।

    दावोस फोरम में तल्खी

    वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में कार्नी ने बड़ी शक्तियों के दबदबे की आलोचना की।

    ट्रम्प ने इसे अमेरिका के प्रति कृतज्ञता की कमी बताया।

    पूर्व विवाद और संभावित भविष्य

    ग्रीनलैंड और नाटो मुद्दों पर दोनों नेताओं के पहले भी मतभेद रहे।

    विशेषज्ञों के अनुसार, चीन, रक्षा और वैश्विक शक्ति संतुलन के मुद्दों से अमेरिका-कनाडा संबंध और जटिल हो सकते हैं।

  • बड़ा रेल हादसा टला: मक्सी के पास मालगाड़ी के 2 टुकड़े, पटरी टूटने से हुआ एक्सीडेंट

    बड़ा रेल हादसा टला: मक्सी के पास मालगाड़ी के 2 टुकड़े, पटरी टूटने से हुआ एक्सीडेंट


    इंदौर। मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले में शनिवार को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते रह गया। उज्जैन से गुना की ओर जा रही एक मालगाड़ी मक्सी रेलवे स्टेशन के पास अचानक पटरी से उतर गई। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि ट्रेन झटके के साथ दो हिस्सों में बंट गई। गनीमत यह रही कि यह एक मालगाड़ी थी जिसके कारण कोई जनहानि नहीं हुई। अगर यही स्थिति किसी यात्री ट्रेन के साथ होती तो परिणाम भयावह हो सकते थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दुर्घटना का मुख्य कारण रेलवे पटरी का टूटना माना जा रहा है। कड़ाके की ठंड के कारण अक्सर पटरियों में दरार आने की घटनाएं बढ़ जाती हैं अंदेशा है कि यहाँ भी ऐसा ही कुछ हुआ होगा।

    घटनाक्रम और वर्तमान स्थिति

    लोकेशन मक्सी रेलवे स्टेशन के पास, शाजापुर जिला। रूट उज्जैन-गुना रेल खंड। प्रभाव मालगाड़ी के पटरी से उतरते ही वैगनों के बीच का कपलिंग टूट गया और ट्रेन दो अलग-अलग हिस्सों में विभाजित हो गई। इससे इस रूट पर रेल यातायात आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है।

    रेलवे की कार्रवाई

    हादसे की सूचना मिलते ही रतलाम और भोपाल मंडल के वरिष्ठ रेलवे अधिकारी अपनी तकनीकी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए हैं। तकनीकी जांच रेलवे की टीम ट्रैक और वैगनों की बारीकी से जांच कर रही है। पटरी टूटने के दावों की पुष्टि के लिए फोरेंसिक नमूने लिए जा रहे हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन क्रेन और हाइड्रोलिक मशीनों की मदद से पटरी से उतरे वैगनों को हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। यातायात बहाली अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता ट्रैक को जल्द से जल्द क्लियर कर यातायात सामान्य करने की है। अधिकारियों का बयान: “हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह पटरी टूटने के कारण हुआ या किसी तकनीकी खराबी की वजह से। फिलहाल कोई हताहत नहीं है।

  • अदाणी इलेक्ट्रिसिटी को फिर मिला A+ नेशनल रैंकिंग: बिजली आपूर्ति में बनी देश की अग्रणी कंपनी

    अदाणी इलेक्ट्रिसिटी को फिर मिला A+ नेशनल रैंकिंग: बिजली आपूर्ति में बनी देश की अग्रणी कंपनी

    नई दिल्ली। अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने एक बार फिर बिजली वितरण कंपनियों की राष्ट्रीय रैंकिंग में अपनी मजबूत स्थिति साबित की है। पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) द्वारा जारी ‘14वीं वार्षिक रेटिंग और रैंकिंग ऑफ डिस्कॉम्स रिपोर्ट’ में अदाणी इलेक्ट्रिसिटी को ए+ रैंकिंग प्रदान की गई है। लगातार दूसरी बार शीर्ष श्रेणी में शामिल होना इस बात का प्रमाण है कि कंपनी बिना रुकावट बिजली आपूर्ति, कम तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान तथा सुदृढ़ वित्तीय अनुशासन के मामले में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही है।

    मुंबईवासियों के भरोसे की जीत

    इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने कहा कि यह रैंकिंग मुंबई के नागरिकों के भरोसे की पहचान है। कंपनी ने बताया कि वह बीते 100 वर्षों से मुंबई की सेवा कर रही है और हर दिन घरों, अस्पतालों, उद्योगों और आवश्यक सेवाओं को भरोसेमंद और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करती है।
    कंपनी के अनुसार, “लगातार एक और वर्ष शीर्ष स्थान हासिल करना इस बात को दर्शाता है कि मुंबईवासी हर दिन शहर और देश की अग्रणी विद्युत वितरण कंपनी पर भरोसा करते हैं।”

    100 साल की सेवा, भविष्य पर नजर

    अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने कहा कि मुंबई की सेवा के 100 साल पूरे होने के साथ ही कंपनी शहर के विकास के साथ आगे बढ़ रही है। आधुनिक तकनीक, स्मार्ट सिस्टम और उपभोक्ता-केंद्रित सेवाओं के जरिए कंपनी भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए खुद को लगातार तैयार कर रही है।

    बिजली वितरण सेक्टर के लिए ऐतिहासिक साल

    यह रेटिंग देश के बिजली वितरण क्षेत्र के लिए भी एक ऐतिहासिक मोड़ मानी जा रही है। वित्त वर्ष 2025 में देशभर की बिजली वितरण कंपनियों ने मिलकर 2,701 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। यह पहली बार है जब यह सेक्टर कागजी हिसाब से मुनाफे में आया है।
    इसके मुकाबले वित्त वर्ष 2024 में डिस्कॉम्स को 27,022 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। विशेषज्ञों के अनुसार, यह सुधार संरचनात्मक सुधारों, बेहतर वित्तीय अनुशासन और तकनीक के प्रभावी उपयोग का नतीजा है।

    बिलिंग और वसूली में देश में अव्वल

    रिपोर्ट के मुताबिक, अदाणी इलेक्ट्रिसिटी की बिलिंग दक्षता लगातार 95 प्रतिशत से अधिक रही है, जबकि बिल वसूली लगभग 100 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। भुगतान प्रबंधन और राजस्व वसूली के मामले में कंपनी का प्रदर्शन देश में सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

    डेटा और तकनीक बनी सफलता की कुंजी

    रिपोर्ट में कहा गया है कि अदाणी इलेक्ट्रिसिटी की सबसे बड़ी ताकत उसका निरंतर एक जैसा उत्कृष्ट प्रदर्शन है। यह किसी एक समय की उपलब्धि नहीं, बल्कि मजबूत सिस्टम, डेटा आधारित निर्णय, स्मार्ट मीटर, एनालिटिक्स और बेहतर उपभोक्ता सेवाओं का परिणाम है।
    इसी वजह से अदाणी इलेक्ट्रिसिटी न सिर्फ महाराष्ट्र, बल्कि पूरे देश में शहरी बिजली वितरण के लिए एक मिसाल बन चुकी है।

    अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने लगातार दूसरी बार ए+ रैंकिंग हासिल कर यह साबित किया है कि मजबूत वित्तीय अनुशासन, तकनीक और भरोसेमंद सेवा से बिजली वितरण में देशभर में नई मिसाल कायम की जा सकती है।

  • यूरोप में नए शक्ति संतुलन का उदय: फ्रांस से बढ़ी दूरी, इटली बना जर्मनी का नया 'पावर पार्टनर'

    यूरोप में नए शक्ति संतुलन का उदय: फ्रांस से बढ़ी दूरी, इटली बना जर्मनी का नया 'पावर पार्टनर'


    नई दिल्ली।द्वितीय विश्व युद्ध की राख से उबरकर जिस फ्रांस-जर्मनी की जोड़ी ने आधुनिक यूरोप की नींव रखी थी, आज वही ऐतिहासिक धुरी डगमगाती नजर आ रही है। बर्लिन और पेरिस के बीच बढ़ते कूटनीतिक गतिरोध ने यूरोपीय संघ (EU) के भीतर एक बड़े सत्ता परिवर्तन के संकेत दे दिए हैं। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच बढ़ती तल्खी ने अब जर्मनी को इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की ओर झुकने पर मजबूर कर दिया है। दावोस में हुए वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान चांसलर मर्ज के बयानों ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि अब यूरोप का संचालन पुराने ढर्रे पर नहीं बल्कि नए और अलग तरीके से होगा।

    इस दरार की सबसे बड़ी वजह आर्थिक और रक्षा रणनीतियों में विरोधाभास है। जर्मनी की निर्यात आधारित अर्थव्यवस्था के लिए दक्षिण अमेरिकी देशों के साथ प्रस्तावित ‘मर्कोसुर’ व्यापार समझौता संजीवनी की तरह है। इसके विपरीत राष्ट्रपति मैक्रों अपने देश के नाराज किसानों को शांत करने के लिए इस डील का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। फ्रांस को डर है कि सस्ते लैटिन अमेरिकी कृषि उत्पाद उसके घरेलू बाजार को बर्बाद कर देंगे। यह आर्थिक टकराव केवल व्यापार तक सीमित नहीं है। रक्षा क्षेत्र के सबसे बड़े प्रोजेक्ट फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम FCAS को लेकर भी दोनों देश आमने-सामने हैं। फ्रांस जहां इस 100 अरब यूरो के फाइटर जेट प्रोजेक्ट पर अपना एकाधिकार और तकनीकी नियंत्रण चाहता है वहीं जर्मनी बराबरी की हिस्सेदारी और अपनी कंपनी एयरबस के लिए समान अधिकारों पर अड़ा है।

    इन्हीं मतभेदों के बीच इटली एक मजबूत विकल्प बनकर उभरा है। मेलोनी और मर्ज के बीच न केवल वैचारिक तालमेल दिख रहा है बल्कि अमेरिका के प्रति उनके व्यवहारिक नजरिए ने भी उन्हें करीब लाया है। डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के साथ संबंधों को लेकर जहां फ्रांस आक्रामक रुख अपना सकता है वहीं जर्मनी और इटली मिलकर एक बैलेंस बनाने की कोशिश में हैं। 23 जनवरी को रोम में होने वाली इटली-जर्मनी शिखर बैठक इस नए गठजोड़ की आधिकारिक मुहर बन सकती है। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि फ्रांस-जर्मनी के रिश्ते पूरी तरह खत्म नहीं होंगे लेकिन यूरोप के नेतृत्व का वह दौर अब बीत चुका है जहां सिर्फ पेरिस और बर्लिन की मर्जी चलती थी। अब यूरोप की राजनीति की नई पटकथा रोम के रास्तों से होकर गुजरेगी।

  • Border 2 Box Office Collection Day 1: सनी देओल–वरुण धवन की फिल्म ने रचा इतिहास

    Border 2 Box Office Collection Day 1: सनी देओल–वरुण धवन की फिल्म ने रचा इतिहास

    नई दिल्ली। बॉक्स ऑफिस की जंग में अक्सर किसी फिल्म का भविष्य उसके पहले दिन की कमाई तय कर देती है और इस कसौटी पर ‘बॉर्डर 2’ पूरी तरह खरी उतरी है। 1997 की सुपरहिट फिल्म ‘बॉर्डर’ के सीक्वल को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह था और रिलीज के साथ ही फिल्म ने उम्मीदों पर खरा उतरते हुए शानदार शुरुआत की। रिपब्लिक डे के लंबे वीकेंड पर रिलीज हुई सनी देओल स्टारर इस वॉर ड्रामा ने पहले ही दिन ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जिसने हालिया ब्लॉकबस्टर ‘धुरंधर’ को भी पीछे छोड़ दिया।

    पहले दिन की कमाई ने मचाया धमाल

    शुरुआती ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘बॉर्डर 2’ ने भारत में पहले दिन करीब 30 करोड़ रुपये नेट की कमाई की है, जबकि फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन लगभग 35 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। इन आंकड़ों के साथ फिल्म न सिर्फ 2026 की सबसे बड़ी ओपनर बन गई है, बल्कि यह सनी देओल की देशभक्ति और एक्शन फिल्मों में अब भी बरकरार जबरदस्त स्टार पावर को भी साबित करती है।

    एडवांस बुकिंग से ही दिख गया था ब्लॉकबस्टर का संकेत

    रिलीज से पहले ही ‘बॉर्डर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़ बना ली थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म ने एडवांस बुकिंग से करीब 17 करोड़ रुपये कमा लिए थे। यह साफ संकेत था कि दर्शक इस फिल्म को बड़े पर्दे पर देखने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

    शो बढ़ने के साथ बढ़ी भीड़, नाइट शोज रहे हाउसफुल के करीब

    ऑक्यूपेंसी रिपोर्ट की बात करें तो फिल्म ने दिन चढ़ने के साथ रफ्तार पकड़ी। कुल मिलाकर हिंदी ऑक्यूपेंसी 32.10 प्रतिशत रही।

    मॉर्निंग शोज: 19.46%

    ईवनिंग शोज: बेहतर रिस्पॉन्स

    नाइट शोज: 48.06% (सबसे ज्यादा)

    यह ट्रेंड साफ दिखाता है कि वीकेंड और छुट्टी के चलते आने वाले दिनों में कलेक्शन और उछाल मार सकता है।

    बॉलीवुड की सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्मों में शामिल

    30 करोड़ की ओपनिंग के साथ ‘बॉर्डर 2’ अब बॉलीवुड की सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्मों की लिस्ट में 28वें स्थान पर पहुंच गई है। भले ही यह 2023 में आई ‘गदर 2’ का रिकॉर्ड न तोड़ पाई हो, लेकिन इसने हालिया हिट ‘धुरंधर’ (28 करोड़) को पीछे छोड़ दिया है।

    रिपब्लिक डे वीकेंड पर और बढ़ेगी कमाई

    रिपब्लिक डे की छुट्टी और पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ को देखते हुए ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिल्म का वीकेंड कलेक्शन और मजबूत हो सकता है। अगर यही रफ्तार बनी रही, तो ‘बॉर्डर 2’ जल्द ही 100 करोड़ क्लब की ओर तेजी से बढ़ सकती है।

    फिल्म के बारे में

    अनुराग सिंह के निर्देशन में बनी ‘बॉर्डर 2’ 1971 के भारत–पाक युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म में भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के संयुक्त पराक्रम को दिखाया गया है। सनी देओल के साथ फिल्म में वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी अहम भूमिकाओं में हैं, जबकि मोना सिंह, सोनम बाजवा, अन्या सिंह और मेधा राणा भी प्रमुख किरदार निभा रही हैं।

    ‘बॉर्डर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर पहले ही दिन 30 करोड़ की बंपर कमाई कर 2026 की सबसे बड़ी ओपनर बनने का रिकॉर्ड बनाया और धुरंधर को पीछे छोड़ दिया।

  • रायपुर टी20 में भारत ने न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराकर रचे कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड

    रायपुर टी20 में भारत ने न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराकर रचे कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड

    नई दिल्ली। रायपुर में खेले गए टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ ऐसा तूफानी प्रदर्शन किया, जिसने क्रिकेट इतिहास में कई नए रिकॉर्ड दर्ज करा दिए। 23 जनवरी (शुक्रवार) को खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड ने भारत के सामने 209 रनों का विशाल लक्ष्य रखा था, लेकिन कप्तान सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन की विस्फोटक बल्लेबाजी के आगे यह लक्ष्य बौना साबित हुआ। टीम इंडिया ने महज 15.2 ओवर में 7 विकेट से जीत दर्ज कर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    2 विकेट पर 6 रन से ऐतिहासिक जीत तक का सफर

    भारत की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम ने सिर्फ 6 रन पर अपने 2 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन ने पारी को संभालते हुए आक्रामक अंदाज़ में रन बरसाए। सूर्यकुमार यादव ने फॉर्म में शानदार वापसी करते हुए 37 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए, जिसमें 9 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। वहीं ईशान किशन ने भी गेंदबाजों की जमकर खबर लेते हुए 32 गेंदों पर 76 रन ठोके, जिसमें 11 चौके और छक्के शामिल थे।

    फुल मेंबर टीम का सबसे बड़ा रनचेज रिकॉर्ड

    भारतीय टीम ने 2 विकेट पर 6 रन की नाजुक स्थिति से उबरते हुए 209 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। यह किसी भी फुल मेंबर (FM) टीम द्वारा 6 या उससे कम रन पर 2 विकेट गिरने के बाद किया गया सबसे बड़ा सफल रनचेज है। इससे पहले यह रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के नाम था, जिसने 2023 में पाकिस्तान के खिलाफ 194 रन का लक्ष्य हासिल किया था।

    टी20I में भारत का संयुक्त सबसे बड़ा सफल रनचेज

    टी20 इंटरनेशनल में यह भारत का संयुक्त रूप से सबसे बड़ा सफल रनचेज रहा। इससे पहले भारत ने 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विशाखापत्तनम में भी 209 रन का लक्ष्य हासिल किया था। इसके साथ ही टीम इंडिया ने टी20I में छठी बार 200 या उससे अधिक रन का सफलतापूर्वक पीछा किया।

    200+ लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे तेज जीत

    भारत ने इस मुकाबले में 28 गेंदें शेष रहते लक्ष्य हासिल किया, जो कि किसी भी फुल मेंबर टीम द्वारा 200 या उससे अधिक रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे बड़ी जीत है। इस मामले में भारत ने पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया को भी पीछे छोड़ दिया।

    न्यूजीलैंड के गेंदबाज का शर्मनाक रिकॉर्ड

    इस मुकाबले में न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज जकारी फाउलकेस के लिए दिन बेहद खराब रहा। उन्होंने अपने 3 ओवर में 67 रन लुटा दिए, जो टी20 इंटरनेशनल में किसी भी न्यूजीलैंड गेंदबाज द्वारा दिए गए सबसे ज्यादा रन हैं। उन्होंने बेन व्हीलर का 2018 का रिकॉर्ड तोड़ दिया।

    रायपुर टी20 में सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन की तूफानी बल्लेबाजी से भारत ने 209 रन का लक्ष्य 15.2 ओवर में हासिल कर इतिहास रच दिया और कई विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए।

  • स्लीप-एपनिया की पहली दवा जल्द हो सकती है उपलब्ध: खर्राटों और सांस रुकने की समस्या से मिलेगा आराम

    स्लीप-एपनिया की पहली दवा जल्द हो सकती है उपलब्ध: खर्राटों और सांस रुकने की समस्या से मिलेगा आराम


    नई दिल्ली।ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज AIIMS के अनुसार भारत में करीब 10.4 करोड़ लोग ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया OSA से पीड़ित हैं। यह गंभीर स्लीप डिसऑर्डर धीरे-धीरे हार्ट, ब्रेन और मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है।फिलहाल स्लीप एपनिया का इलाज मुख्य रूप से लाइफस्टाइल बदलाव और CPAP मशीन के जरिए किया जाता रहा है। लेकिन अमेरिका में विकसित नई ओरल पिल, थर्ड फेज क्लिनिकल ट्रायल पूरी कर चुकी है और FDA अप्रूवल का इंतजार कर रही है।

    दवा का काम करने का तरीका रात को सोने से पहले ली जाएगी गले की मांसपेशियों को एक्टिव रखेगी, जिससे नींद में सांस की नली बंद नहीं होगी ऑक्सीजन सप्लाई बेहतर होगी और स्लीप एपनिया की गंभीरता घटेगी CPAP मशीन पर निर्भर मरीजों के लिए आसान विकल्प

    ट्रायल और असर
    फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल में दवा ने स्लीप एपनिया की गंभीरता में लगभग 47% तक कमी दिखाई। हल्के साइड इफेक्ट में मुंह सूखना और नींद आने में थोड़ी कठिनाई देखने को मिली।

    भारत में उपलब्धता
    अभी यह दवा भारत में उपलब्ध नहीं होगी। अमेरिका या अन्य देशों में मंजूरी मिलने के बाद ही भारत में उपलब्ध हो सकेगी। संभावित समय 2027 की शुरुआत तक बताया जा रहा है।

    हेल्थ रिस्क अगर समय पर इलाज न हो
    हार्ट डिजीज

    हाई ब्लड प्रेशर

    स्ट्रोक

    डायबिटीज

    ब्रेन से जुड़ी समस्याएं

    इस नई दवा से स्लीप एपनिया के मरीजों को बड़ी राहत मिल सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो CPAP मशीन का नियमित इस्तेमाल नहीं कर पाते।