युवक इतनी ऊंचाई तक पहुंच गया कि नीचे उतरने से इंकार कर दिया। इस घटना को देखकर गांववाले घबराए और तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। जैसे ही पुलिस को खबर मिली, राजेन्द्रग्राम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं उतरा। स्थिति गंभीर होते देख पुलिस ने विद्युत विभाग से संपर्क किया और हाईटेंशन लाइन की सप्लाई बंद कराई। इसके बाद रेस्क्यू टीम को बुलाया गया।
Author: bharati
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जन्मदिन की पार्टी बनी जानलेवा: नशे में युवक ने चढ़ा हाईटेंशन लाइन टावर, घंटों तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के राजेन्द्रग्राम थाना क्षेत्र स्थित ग्राम दूधमनिया में एक युवक के जन्मदिन की पार्टी ने जानलेवा मोड़ ले लिया। शराब के नशे में धुत होकर युवक हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ गया, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। यह घटना उस वक्त हुई जब युवक अपने रिश्तेदार के यहां जन्मदिन मनाने गया था और अत्यधिक शराब सेवन के बाद उसने पास ही गुजर रही हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ने की साहसिक, लेकिन खतरनाक हरकत कर दी।घंटों की कड़ी मशक्कत और रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारा गया। अंत में युवक को समझाइश देने के बाद उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया।घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पुलिस और प्रशासन की तत्परता से जान बचाई जा सकी, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया कि नशे में युवकों को किसी भी तरह की जोखिम से बचाना कितना जरूरी है। -

Budget पर मिले सुझावों में क्रिप्टो पर 20% टैक्स लगाने की मांग…कर मुक्त हो PF योगदान
नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) अब तक राज्यों और अलग-अलग क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनसे आगामी बजट (Budget 2026) को लेकर सुझाव ले चुका है। बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन सुझाव (Online Suggestions) भेज रहे हैं। अभी तक क्रिप्टो करेंसी (Cryptocurrency) पर लगने वाले टैक्स को कम करने और उसकी निगरानी के लिए समूचित प्रावधान को लेकर सबसे ज्यादा सुझाव मिले हैं।कुछ लोगों ने सुझाव दिया है कि क्रिप्टो पर सीधे 20 फीसदी कर लगाया जाना चाहिए। लोगों का सुझाव है कि क्रिप्टो और ब्लॉकचेन सेक्टर के लिए स्पष्ट, संतुलित और व्यावहारिक नीति बनाई जाए।
अभी कितना लगता है टैक्स
वर्तमान में 30 फीसदी टैक्स और एक फीसदी टीडीएस लगता है जो छोटे निवेशकों व स्टार्टअप्स के लिए बाधा है, जिसे तर्कसंगत किया जाना चाहिए। क्रिप्टो को डिजिटल एसेट की स्पष्ट परिभाषा मिले और नुकसान को लाभ से समायोजित करने की अनुमति दी जाए। इससे नवाचार बढ़ेगा, रोजगार सृजित होंगे और भारत डिजिटल अर्थव्यवस्था में अग्रणी बनेगा।क्रिप्टोकरेंसी को नियंत्रित ढंग से लागू करने के लिए भी सुझाव दिए जा रहे हैं। कुछ लोगों ने सुझाव दिया है कि इसके लिए स्पष्ट कानूनी ढांचा एवं व्यापक कानून बनाया जाए, जिसमें इसकी कानूनी स्थिति, उपयोग और सीमाएं स्पष्ट हों। इसकी निगरानी के लिए एक नियामक प्राधिकरण का गठन किया जाए। केवाईसी एवं एंटी मनी लॉड्रिंग (एएमएल) नियमों का पालन सभी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म पर नियमों को अनिवार्य किया जाए, जिससे अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जाए।
पीएफ योगदान पर न लगाया जाए टैक्स
मौजूदा नियमों के तहत किसी कर्मचारी के पीएफ खाते में सालाना 2.5 लाख रुपये के योगदान पर अर्जित ब्याज कर मुक्त होती है लेकिन 2.5 लाख रुपये से अधिक के योगदान पर अर्जित ब्याज पर कर्मचारी को कर देना होता है। लोगों ने सुझाव रखा है कि ईपीएफओ में होने वाले योगदान में कर से जुड़े प्रावधान को हटाया जाए क्योंकि इस प्रावधान से अनिवार्य पीएफ योगदान करने वाले कर्मचारी प्रभावित होते हैं।इसके बाद कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन बढ़ाए जाने को लेकर सुझाव आए हैं। काफी लोगों ने www.mygov.in वेबसाइट पर जाकर सुझाव दिया है कि कर्मचारियों की न्यूनतम वेतनमान सीमा को बढ़ाया जाएगा। करीब 11 वर्षों से न्यूनतम वेतन न बढ़ाए जाने के चलते लोगों का ईपीएफओ में जमा होने वाला अंशदान सीमित है। ऐसी स्थिति में निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को लंबी नौकरी करने के बाद भी पेंशन बहुत कम मिलती है।
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गूगल रिव्यू से कमाई का झांसा: ठगों ने वर्किंग वुमन ऐश्वर्या से की 5 लाख की ठगी
जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक और साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें ठगों ने एक महिला को गूगल रिव्यू के नाम पर बड़ी रकम का लालच देकर ठग लिया। बरेला थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें महिला ने बताया कि साइबर ठगों ने उन्हें गूगल रिव्यू के बदले अच्छी कमाई का वादा किया और धीरे-धीरे करीब 5 लाख रुपये की ठगी कर ली।पीड़िता, ऐश्वर्या नामदेव, एक वर्किंग वुमन हैं जो हैदराबाद की एक निजी कंपनी में डाटा एनालिस्ट के तौर पर काम करती हैं और वर्क फ्रॉम होम करती हैं। कुछ समय पहले उनके व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया, जिसमें लिखा था कि गूगल पर रिव्यू लिखकर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। इस लालच में फंसकर ऐश्वर्या ने ठगों के साथ संपर्क किया और एक टेलीग्राम ग्रुप में जुड़ीं।
शुरुआत में ठगों ने उन्हें छोटे-मोटे मुनाफे का वादा कर विश्वास जीता। इसके बाद ठगों ने ऐश्वर्या को और ज्यादा निवेश करने के लिए प्रेरित किया। धीरे-धीरे उन्होंने करीब 5 लाख रुपये निवेश कर दिए। लेकिन जब उन्हें एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो चुकी हैं तो उन्होंने बरेला थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस अब साइबर ठगों की तलाश कर रही है। पुलिस की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे ऐसे किसी भी ऑफर पर विश्वास न करें जो घर बैठे बड़ी कमाई का वादा करता हो। साथ ही साइबर ठगी से बचने के लिए अनजान लिंक या ग्रुपों में निवेश करने से बचें।
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Pakistan: इस्लामाबाद में शादी समारोह में हुआ गैस सिलेंडर में ब्लास्ट… दूल्हा-दुल्हन समेत 8 लोगों की मौत
इस्लामाबाद । पाकिस्तान (Pakistan) की राजधानी इस्लामाबाद (Islamabad) में रविवार की सुबह शादी समारोह (Wedding ceremony.) के बाद घर में रखा गैस सिलेंडर (Gas Cylinder suddenly exploded) अचानक फट गया। इसकी चपेट में आन से 8 लोगों की मौत हो गई, जिसमें दुल्हन और दूल्हा भी शामिल हैं। पुलिस और अधिकारियों ने यह जानकारी दी। विस्फोट तब हुआ जब शादी में शामिल मेहमान जोड़े के उत्सव के बाद घर में सो रहे थे। इस धमाके से घर का एक हिस्सा ढह गया, जिसके कारण यह हादसा हुआ। इस्लामाबाद पुलिस ने यह जानकारी दी है। इस घटना में 7 अन्य लोग घायल भी हुए हैं।पुलिस के बयान में कहा गया कि यह विस्फोट शहर के दिल में स्थित एक आवासीय इलाके में हुआ। सरकारी प्रशासक साहिबजादा यूसुफ ने बताया कि रविवार की सुबह जल्दी इस धमाके की सूचना मिली और अधिकारी अभी भी जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आसपास के कुछ घरों को भी नुकसान पहुंचा है। पुलिस ने कहा कि जांच अभी जारी है। यह दुखद घटना शादी के उत्सव को मातम में बदल देने वाली एक बड़ी त्रासदी बन गई।
घटना पर प्रधानमंत्री ने जताया गहरा दुख
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Prime Minister Shehbaz Sharif) ने इस घटना में जान गंवाने वालों पर गहरा दुख व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उनके कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों को बेहतरीन इलाज उपलब्ध कराया जाए और पूर्ण जांच के आदेश दिए। पाकिस्तान के कई घरों में कम प्राकृतिक गैस दबाव के कारण तरल पेट्रोलियम गैस (LPG) सिलेंडरों का इस्तेमाल किया जाता है और गैस रिसाव के कारण ऐसे सिलेंडरों से जुड़े घातक हादसे अक्सर होते हैं। -

J&K: पाकिस्तान से सटे बॉर्डर इलाकों में उड़ते देखे गए संदिग्ध ड्रोन… सर्च ऑपरेशन जारी
जम्मू। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों में इंटरनेशनल बॉर्डर (आईबी) (International Border – IB) और लाइन ऑफ कंट्रोल (Line of Control – LoC) के पास कई फॉरवर्ड इलाकों में रविवार शाम को सुरक्षा बलों ने संदिग्ध ड्रोन (Suspicious drone) की हलचल देखी। उन्होंने बताया कि सभी उड़ने वाली चीजें पाकिस्तान की तरफ से आई थीं, और कुछ मिनट तक भारतीय इलाके के ऊपर मंडराने के बाद वापस चली गईं।अधिकारियों के अनुसार, फॉरवर्ड इलाकों में संदिग्ध ड्रोन गतिविधि देखने के बाद सुरक्षा बलों ने जमीन पर तलाशी अभियान शुरू किया है। उन्होंने बताया कि राजौरी में LoC के पास नौशेरा सेक्टर की रखवाली कर रहे सेना के जवानों ने शाम करीब 6.35 बजे गनिया-कलसियां गांव के ऊपर ड्रोन की हलचल देखने के बाद मीडियम और लाइट मशीन गन से फायरिंग की।
राजौरी जिले के टेरियाथ के खब्बर गांव में शाम 6.35 बजे एक और ड्रोन देखा गया। अधिकारियों ने बताया कि चमकती रोशनी वाली यह उड़ने वाली चीज कालाकोट के धर्मसाल गांव की तरफ से आई और भरख की ओर चली गई। उन्होंने बताया कि सांबा के रामगढ़ सेक्टर में चक बबराल गांव के ऊपर शाम करीब 7.15 बजे चमकती रोशनी वाली ड्रोन जैसी एक चीज़ कई मिनट तक मंडराती हुई देखी गई। पुंछ जिले में LoC के पास मनकोट सेक्टर में शाम 6.25 बजे तैन की तरफ से टोपा की ओर एक और ड्रोन जैसी चीज जाती हुई देखी गई।
इससे पहले, शुक्रवार रात को, सुरक्षा बलों ने सांबा जिले में बॉर्डर के पास घगवाल के पालूरा गांव में पाकिस्तान से आए एक ड्रोन द्वारा गिराए गए हथियारों का जखीरा बरामद किया। उन्होंने बताया कि बरामदगी में दो पिस्तौल, तीन मैगजीन, 16 राउंड और एक ग्रेनेड शामिल था। बता दें कि मई महीने में भी पाकिस्तान की ओर से कई ड्रोन भारतीय सीमा में आए थे। तब भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उन्हें नाकाम कर दिया था। भारतीय सेना ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर चलाया था और चार दिनों तक दोनों देशों में बड़ा संघर्ष देखने को मिला। इसके बाद, फिर दोनों देशों के बीच सीजफायर का फैसला हो गया।
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ग्वालियर: रिटायर्ड अधिकारी से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1 करोड़ 12 लाख की ठगी, पुलिस जांच में जुटी
ग्वालियर । साइबर क्राइम के प्रति पुलिस और सरकार की ओर से चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के बावजूद डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला ग्वालियर का सामने आया है, जहां रिटायर्ड रजिस्ट्रार अधिकारी से एक करोड़ 12 लाख रुपए की ठगी हो गई। ठगों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर चार अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए।दरअसल, रिटायर्ड अधिकारी बिहारी लाल गुप्ता 75 को साइबर अपराधियों ने पुलिस अधिकारी बनकर फंसाया। ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग के केस में अरेस्ट करने का डर दिखाते हुए उन्हें झांसे में लिया और डिजिटल अरेस्ट का हवाला देकर एक करोड़ 12 लाख रुपये की ठगी कर डाली। ठगी का एहसास तब हुआ जब गुप्ता साहब ने हाल ही में साइबर जागरूकता से संबंधित एक वीडियो देखा। वीडियो में ठगी के तरीके और सावधानियां बताई गई थीं, जिससे उन्हें अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ।
16 नवंबर 2025 को ठगों का पहला कॉल आया था, जबकि गुप्ता साहब ने 3 जनवरी 2026 तक ठगों के साथ आखिरी ट्रांजैक्शन किया।जब गुप्ता साहब को ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले में अज्ञात ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी का एक और उदाहरण है, जो साइबर अपराधियों के बढ़ते मंसूबों को दर्शाता है। -

ग्रीनलैंड को लेकर लामबंद होने लगा यूरोप, सैन्य मौजूदगी बढ़ाने पर जोर…
लंदन। यूरोपीय देशों का एक समूह ग्रीनलैंड (European Countries group Greenland) में सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की योजना पर चर्चा कर रहा है। इसकी अगुवाई यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom) और जर्मनी (Germany) कर रहे हैं। ग्रुप का उद्देश्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) को यह संदेश देना है कि यूरोप और नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (NATO) आर्कटिक सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं। साथ ही स्वयं-शासित डेनिश क्षेत्र ग्रीनलैंड को लेकर वाशिंगटन की कब्जे संबंधी धमकियों का भी जवाब देना इसका मकसद है।ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि जर्मनी आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एक संयुक्त NATO मिशन प्रस्तावित करने जा रहा है। इस मिशन का नाम आर्कटिक सेंट्री रखा जा सकता है, जो बाल्टिक सागर में महत्वपूर्ण ठिकनों की रक्षा के लिए शुरू किए गए बाल्टिक सेंट्री मिशन की तर्ज पर होगा।
यूरोपीय कूटनीतिक सक्रियता
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने सहयोगी देशों से हाई नॉर्थ यानी आर्कटिक क्षेत्र में सुरक्षा उपस्थिति बढ़ाने की अपील की है। हाल के दिनों में उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज समेत कई नेताओं से इस मसले पर बातचीत की।यूरोपीय नेतृत्व का मानना है कि क्षेत्र में NATO की मजबूत और स्पष्ट भूमिका दिखाकर ट्रंप के उस तर्क को कमजोर किया जा सकता है, जिसके तहत वे राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर ग्रीनलैंड को अमेरिकी नियंत्रण में लेने की बात कर रहे हैं।
ट्रंप के बयान और बढ़ती चिंता
हाल की घटनाओं ने यूरोप की चिंता बढ़ा दी है। इस महीने अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने की कार्रवाई के बाद ट्रंप प्रशासन की आक्रामक बयानबाजी फिर चर्चा में आ गई। खासकर ग्रीनलैंड पर सैन्य बल के इस्तेमाल की संभावना ने सहयोगी देशों को अपने विकल्पों पर तेजी से काम करने को मजबूर किया है।रविवार रात ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका ग्रीनलैंड का मालिक बनेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका वहां मौजूद अपने सैन्य अड्डे पर फोर्स बढ़ा सकता है, लेकिन वास्तविक स्वामित्व जरूरी है। उनके मुताबिक, अगर अमेरिका ऐसा नहीं करता तो रूस या चीन कर सकते हैं- और यह उनके रहते नहीं होगा।
NATO की भूमिका पर चर्चा
इस बीच जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडेफुल इस सप्ताह अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात करेंगे। बातचीत में ग्रीनलैंड और आर्कटिक स्थिरता में NATO की भूमिका प्रमुख विषय होगी।वेडेफुल ने कहा- आर्कटिक की सुरक्षा लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। रूस और चीन के साथ पुराने और नए प्रतिद्वंद्वों को देखते हुए हमें NATO के भीतर मिलकर जिम्मेदारी निभाने के तरीकों पर चर्चा करनी चाहिए।
ब्रिटेन बनाम फ्रांस का दृष्टिकोण
सूत्रों के मुताबिक, स्टारमर का रुख यह है कि ब्रिटेन और यूरोप को अमेरिका के लिए अपनी ‘सॉफ्ट और हार्ड पावर’ की उपयोगिता दिखाकर ट्रंप को साथ लेना चाहिए- चाहे वह यूक्रेन युद्ध में रूस का प्रतिरोध हो या यूरोप के करीब अमेरिकी सुरक्षा हित। यह फ्रांस जैसे देशों की अपेक्षाकृत मुखर आलोचनात्मक लाइन से अलग है, जिन्होंने हाल ही में अमेरिकी दबाव से यूरोप के लिए खतरे की चेतावनी दी है। पिछले हफ्ते स्टारमर और ट्रंप के बीच हुई बातचीत में यूरो-अटलांटिक सुरक्षा और हाई नॉर्थ में रूस के बढ़ते आक्रामक रवैये को रोकने पर सहमति बनी।
डेनमार्क की कूटनीतिक कोशिश
उधर, डेनमार्क अब भी उम्मीद कर रहा है कि वॉशिंगटन की आगामी कूटनीतिक यात्रा से ट्रंप के रुख में नरमी आएगी। डेनमार्क और ग्रीनलैंड के विदेश मंत्री- लार्स लोके रासमुसेन और विवियन मोट्जफेल्ड्ट उन तथ्यात्मक भूलों और बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए सुरक्षा दावों को चुनौती देने की तैयारी में हैं, जिनके आधार पर ग्रीनलैंड को लेकर बहस तेज हुई है। हालांकि ट्रंप ने सैन्य बल के इस्तेमाल से इंकार नहीं किया है, लेकिन रूबियो ने सांसदों से कहा कि उद्देश्य हस्तक्षेप नहीं, बल्कि ग्रीनलैंड को खरीदने का है- ताकि NATO की एकता पर सवाल न खड़े हों। -

इंदौर की रेशम केंद्र गौशाला में भूख-प्यास से 20 गायों की मौत, कांग्रेस ने सरकार से की जांच की मांग
इंदौर । मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में गोवंश संरक्षण को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। शहर के रेशम केंद्र स्थित गौशाला में करीब 20 गायों की मौत हो गई जिसे कांग्रेस ने सरकार की लापरवाही और गोवंश संरक्षण नीति की असफलता करार दिया है। मृत गायों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया गया है, जिसमें कई गायों के शव जमीन पर पड़े हुए दिखाई दे रहे हैं, जिनकी हालत बेहद दयनीय है। कांग्रेस का आरोप है कि ये गायें भूख और प्यास के कारण मरी हैं क्योंकि उन्हें पर्याप्त चारा और पानी नहीं मिला था।कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को गंभीर लापरवाही और राज्य सरकार की नाकामी का परिणाम बताया। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गोवंश संरक्षण की जो योजनाएं बनाई गई हैं वे अब तक प्रभावी साबित नहीं हुई हैं। कांग्रेस ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री को एक ईमेल भेजकर मामले की तत्काल जांच की मांग की है। ईमेल में यह भी कहा गया है कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और गौशाला की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह घटना केवल लापरवाही का परिणाम नहीं है, बल्कि यह सरकार की गोवंश प्रेम की राजनीति की असफलता को भी उजागर करती है। कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि यदि गौशालाओं में सही प्रबंधन होता और सरकार की ओर से पर्याप्त संसाधन मुहैया कराए जाते, तो इस प्रकार की घटनाएं नहीं होतीं। गौशाला में गायों की यह मौत न केवल इंदौर बल्कि पूरे राज्य में एक बड़ा मुद्दा बन गई है। गौवंश संरक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। वहीं अब देखना यह है कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या इस बार गोवंश संरक्षण की नीति में सुधार किया जाएगा।
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सबसे महंगी घड़ियों के शौकीन क्रिकेटर्स, भारतीय खिलाड़ी हार्दिक पांड्या टॉप पर, कीमत जानकर चौंक जाएंगे
नई दिल्ली| क्रिकेट के मैदान पर अपनी प्रतिभा के लिए मशहूर खिलाड़ी अपनी स्टाइल और लक्जरी जीवनशैली के लिए भी हमेशा चर्चा में रहते हैं। खासकर महंगी और ब्रांडेड घड़ियों के मामले में कई खिलाड़ी हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। भारतीय खिलाड़ियों का इस मामले में दबदबा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दुनिया के सबसे महंगी घड़ियों वाले क्रिकेटरों की सूची में भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या सबसे ऊपर हैं। उनके पास पाटेक फिलिप नॉटिलस ब्रांड की घड़ी है, जिसकी कीमत लगभग 2.7 करोड़ रुपये है। यह घड़ी उनके स्टाइलिश और लक्जरी अंदाज को और भी खास बनाती है।विराट कोहली, जिन्हें ‘किंग’ के नाम से जाना जाता है, अपने खेल के साथ-साथ स्टाइल के लिए भी चर्चित हैं। उनके पास Rolex Daytona घड़ी है, जिसकी कीमत लगभग 8.60 लाख रुपये है। इस घड़ी में टैकीमीट्रिक स्केल भी है, जिससे एवरेज स्पीड मापी जा सकती है। इसके अलावा विराट के कलेक्शन में Audemars Piguet Royal Oak और Patek Philippe जैसी हाई-एंड ब्रांड्स की अन्य शानदार घड़ियां भी शामिल हैं।
पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी अपने लक्जरी और स्टाइलिश जीवन के लिए प्रसिद्ध हैं। उनके पास पनेराई रेडिओमिर कैलिफोर्निया ब्रांड की घड़ी है, जिसकी कीमत लगभग 9.25 लाख रुपये है। यह घड़ी उनके कलेक्शन का एक प्रमुख हिस्सा है और उनकी स्टाइल को और भी निखारती है। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और ‘हिटमैन’ रोहित शर्मा भी घड़ियों के शौकीन हैं। उनके कलेक्शन की सबसे महंगी घड़ी Rolex Sky-Dweller है, जिसकी कीमत लगभग 10.7 लाख रुपये है।
इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स भी स्टाइल और लक्जरी में पीछे नहीं हैं। उनके पास Hublot Big Bang ब्रांड की घड़ी है, जिसे इसके मॉडर्न लुक और आकर्षक डिजाइन के कारण युवा काफी पसंद करते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस घड़ी की कीमत लगभग 38.96 लाख रुपये है, जो इसे बेन स्टोक्स के लक्जरी कलेक्शन का सबसे महंगा और प्रमुख हिस्सा बनाती है।
इन खिलाड़ियों की महंगी घड़ियों का शौक उनके स्टाइलिश व्यक्तित्व का अहम हिस्सा बन चुका है। क्रिकेट प्रेमी और फैंस न केवल उनके खेल बल्कि उनकी लक्जरी जीवनशैली और स्टाइलिश अंदाज को भी पसंद करते हैं। हार्दिक पांड्या, विराट कोहली, धोनी, रोहित शर्मा और बेन स्टोक्स जैसी हस्तियों की यह लक्जरी घड़ियां दर्शाती हैं कि क्रिकेट के मैदान के साथ-साथ फैंस के लिए इनकी स्टाइल और महंगे कलेक्शन की भी खास अहमियत है।
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बांग्लादेश इस शहर में खेल सकता है अपने टी20 वर्ल्ड कप के मुकाबले, सामने आया बड़ा अपडेट
नई दिल्ली| टी20 वर्ल्ड कप 2026 के शुरू होने में अब सिर्फ कुछ ही दिनों का वक्त बाकी रह गया है। इस टूर्नामेंट का आगाज 7 फरवरी से होने वाला है, लेकिन अभी तक ये साफ नहीं हो सका है कि बांग्लादेश की टीम अपने मुकाबले खेलने के लिए भारत आएगी या नहीं। दरअसल बांग्लादेशी क्रिकेट टीम ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए आगामी टी20 वर्ल्ड कप में अपने मुकाबले भारत में खेलने से इनकार कर दिया था। इसके लिए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने ICC को पत्र लिखकर गुजारिश की है कि उनकी टीम के मुकाबले श्रीलंका में शिफ्ट किए जाएं।इस शहर में खेले जा सकते है बांग्लादेश के मुकाबले
रिपोर्ट्स की माने तो इस बात की संभावना बेहद कम है कि बांग्लादेश के मैच श्रीलंका में शिफ्ट किए जाएंगे। दरअसल बीसीसीआई और ICC मिलकर भारत में ही दूसरे वेन्यू की तलाश कर रहे हैं। क्रिकबज की एक रिपोर्ट की माने तो ICC और BCCI ने तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन (TNCA) और केरल क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) से बात की है और बांग्लादेश के मैचों को चेन्नई और तिरुवनंतपुरम में शिफ्ट करने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। ऐसे में अब काफी हद तक इस बात की संभावना है कि बांग्लादेश के मुकाबले इन दोनों शहर में खेले जाएं।चेन्नई के मैदान पर खेले जाएंगे 7 मैच
रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि ICC अधिकारियों की TNCA और KCA के अधिकारियों से इस मुद्दे पर बातचीत हुई है। ऐसा माना जा रहा है कि उन्होंने मैचों की मेजबानी करने की इच्छा जताई है। चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में पहले से ही कुछ मैच शेड्यूल किए गए हैं, यहां कुल 7 मैच खेले जाएंगे जिसमें भारत-ऑस्ट्रेलिया का संभावित सुपर 8 मैच भी शामिल है। माना जा रहा है कि TNCA के अधिकारियों ने ICC और BCCI को बताया है कि उन्हें कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि उनके पास आठ पिचें हैं।ग्रुप सी का हिस्सा है बांग्लादेश
बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए ग्रुप सी में रखा गया है और शेड्यूल के मुताबिक उनका पहला मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ 7 फरवरी को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में निर्धारित है। इसके बाद 9 और 14 फरवरी को इसी वेन्यू पर बांग्लादेश को इटली और इंग्लैंड से भी मैच खेलना है। फिर 17 फरवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में नेपाल के खिलाफ बांग्लादेश की टीम अपना आखिरी ग्रुप मैच खेलेगी। अब इस शेड्यूल में कितना बदलाव होता है इसकी जानकारी आने वाले कुछ दिनों में मिल जाएगी।