Author: bharati

  • ट्रंप को खामेनेई ने ललकारा, कहा- तुम्‍हारा फिरौन और निमरोद जैसा हश्र होगा

    ट्रंप को खामेनेई ने ललकारा, कहा- तुम्‍हारा फिरौन और निमरोद जैसा हश्र होगा


    तेहरान। ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने शुक्रवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ट्रंप पर दुनिया को अहंकार के साथ परखने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि इतिहास में ऐसे घमंडी और अत्याचारी शासक अपने सत्ता-शिखर पर ही पतन का शिकार हुए हैं। एक्स पर जारी पोस्ट में खामेनेई ने कहा कि इतिहास गवाह है- फिरौन, निमरोद और ईरान के पूर्व शाह मोहम्मद रजा पहलवी जैसे शासकों का अंत तब हुआ, जब वे अपने घमंड की चरम अवस्था में थे।

    खामेनेई ने लिखा- ‘अमेरिकी राष्ट्रपति जो पूरी दुनिया के बारे में घमंड से फैसले करते हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि दुनिया के तानाशाहों और घमंडी शासकों का पतन तब हुआ जब वे अपने घमंड के चरम पर थे।

    तुम्हारा भी पतन होगा।’ खामेनेई के बयान में धार्मिक और ऐतिहासिक प्रतीकों का संदर्भ था- फिरौन को इस्लामी और बाइबिल परंपराओं में अत्याचार के प्रतीक के रूप में देखा जाता है; निमरोद को अब्राहमिक ग्रंथों में निरंकुश शासक माना जाता है; मोहम्मद रजा पहलवी को 1979 की इस्लामी क्रांति में सत्ता से बेदखल कर दिया गया था और जिनकी बाद में निर्वासन में मृत्यु हुई।
    फिरौन, निमरोद कौन थे?

    फिरौन मिस्र के प्राचीन बादशाहों की एक उपाधि थी, जैसे आज राजा या सम्राट कहते हैं। लेकिन कुरान और बाइबल में जब फिरौन का जिक्र आता है, तो ज्यादातर मामलों में वह हजरत मूसा के समय का मिस्र का वह क्रूर बादशाह होता है। वह खुद को खुदा/भगवान घोषित करता था। बनी इसराइल (यहूदियों) पर बहुत ज़ुल्म करता था। उनके नवजात बेटों को मार डालने का हुक्म देता था। आखिर में लाल सागर में डूबकर मर गया।

    निमरोद बाबुल/इराक (मेसोपोटामिया) का एक बहुत शक्तिशाली और अत्याचारी बादशाह था। वह हजरत इब्राहीम के समय का शासक माना जाता है। उसने भी खुद को खुदा घोषित किया था। हालांकि कुरान में उसका नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया गया, लेकिन सूरह अल-बकरह में वर्णित वह बादशाह जिसने इब्राहीम से खुदाई के बारे में बहस की थी, उसे इसी निमरोद से तस्सूर किया जाता है। इस्लामी रिवायतों में कहा जाता है कि उसकी मौत एक छोटे से मच्छर के काटने से हुई, जो उसके दिमाग में घुस गया था (अत्यंत छोटी चीज से बहुत बड़े अहंकारी का अंत)।
    Iran
    रजा पहलवी फिर सुर्खियों में

    ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी एक बार फिर चर्चा में हैं। वे ईरान के आखिरी शाह- मोहम्मद रजा पहलवी के पुत्र हैं। हालांकि वह जमीनी स्तर पर प्रदर्शनों का नेतृत्व नहीं कर रहे, फिर भी इस्लामी गणराज्य के मुखर आलोचक के तौर पर उन्होंने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में लगातार बयान दिए हैं।

    हालिया उथल-पुथल के दौरान रजा पहलवी ने ईरानियों से शांतिपूर्ण प्रतिरोध जारी रखने की अपील की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कहा कि वह शासक धार्मिक प्रतिष्ठान के बजाय ईरानी जनता का साथ दे।

    उन्होंने प्रदर्शनों को किसी एक नेता या विचारधारा से जुड़ी पहल नहीं, बल्कि आर्थिक बदहाली, दमन और दशकों से अधूरे वादों से उपजी जनआंदोलन बताया।

    एक्स पर जारी एक वीडियो संदेश में रजा पहलवी ने कहा कि वह गुरुवार रात को सड़कों पर उतरे हर व्यक्ति पर गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने लोगों से शुक्रवार रात फिर से बड़ी संख्या में बाहर निकलने का आह्वान किया और कहा कि भीड़ जितनी बड़ी होगी, दमनकारी ताकतें उतनी ही कमजोर पड़ेंगी। इंटरनेट पाबंदियों के बावजूद सड़कों पर डटे रहने का उन्होंने भरोसा जताया और कहा जीत आपकी होगी।
    कड़ा दमन, बढ़ता तनाव

    दूसरी ओर, ईरान ने संकेत दिए हैं कि सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे- यह ट्रंप की उस सार्वजनिक प्रतिबद्धता के उलट है, जिसमें उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के समर्थन की बात कही थी। एपी के अनुसार, हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 62 हो गई है।

    तेहरान में अपने परिसर में समर्थकों को संबोधित करते हुए खामेनेई ने कहा कि प्रदर्शनकारी अपनी ही सड़कों को नुकसान पहुंचा रहे हैं ताकि अमेरिका के राष्ट्रपति को खुश कर सकें, और कहा कि ट्रंप को अपने देश की हालत पर ध्यान देना चाहिए। ईरान के न्यायपालिका प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसेनी-एजेई ने चेतावनी दी कि प्रदर्शनकारियों को निर्णायक, अधिकतम और बिना किसी कानूनी रियायत के सजा दी जाएगी।
  • आशिया से अंशिका को बनी मुस्लिम युवती, मोनू से मंदिर में रचाई शादी

    आशिया से अंशिका को बनी मुस्लिम युवती, मोनू से मंदिर में रचाई शादी

    बरेली। उत्‍तरप्रदेश के बरेली जिले में प्यार की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जहां आशिया खान नाम की एक युवती अपने प्यार को पाने के लिए अंशिका बन गई। पूरा मामला कस्बा मीरगंज का बताया जा रहा है। मीरगंज की रहने वाले आशिया खान ने अपने प्रेमी मोनू के साथ बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में जाकर हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली। आशिया खान ने अपना नाम परिवर्तित करने के साथ ही धर्म भी परिवर्तित कर लिया है।
    आशिया ने हमेशा के लिए इस्लाम धर्म को छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया है। इसके लिए बाकायदा आशिया का शुद्धिकरण भी कराया गया।

    मेले में हुई थी दोनों की मुलाकात
    दरअसल, आशिया से अंशिका बनी युवती ने बताया कि उसकी मुलाकात मेले में मोनू से हुई और फिर दोनों ने मोबाइल नंबर एक्सचेंज किया। दोनों के बीच बात होती रही और फिर बातचीत होते-होते दोनों के बीच प्यार हो गया।

    अब दोनों ने शादी भी रचा ली है। दोनों ने कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में जाकर हिंदू रीति रिवाज के अनुसार शादी कर ली। युवती ने बताया कि वह पिछले 4 सालो से सनातन धर्म को मानती थी और मंदिर भी जाती थी। मोनू से मुलाकात के बाद से ही वह हिंदू धर्म के रीति रिवाजों को मानने लगी थी।
    सहमति से शादी करने का लिया फैसला

    युवती ने बताया वह कुल मिलाकर 6 भाई-बहन हैं, जिसमें चार भाई और दो बहनें हैं। उसने कहा कि मैं मोनू के साथ अपनी मर्जी से शादी करना चाहती हूं। किसी ने कोई डराया-धमकाया नहीं है। मेरी इनसे मुलाकात भोजीपुरा के एक मेले में हुई थी।

    भोजीपुरा क्षेत्र में हमारी एक बहन रहती हैं, उनके घर पर आना जाना था। वहीं पर मेला घूमने गए थे। पहली ही नजर में प्यार हो गया और एक-दूसरे का नंबर हम लोगों ने ले लिया था। फिर बात होने लगी फिर धीरे-धीरे मुलाकात हुई और प्यार हो गया। फिर हम दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया।
    हिंदू रीति-रिवाज से कराई गई शादी

    बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में दोनों की हिंदू रीति-रिवाज के साथ शादी संपन्न कराई गई। यहां आश्रम के पंडित ने पहले लड़की का शुद्धिकरण कराया। उसे गंगाजल व गौमूत्र पान के साथ गायत्री मंत्र का जाप कराया। इसके बाद हिंदू रीति-रिवाज से दोनों की मंदिर में शादी संपन्न कराई गई। दोनों का कहना है कि वह आपसी सहमति से शादी रचा रह हैं।

  • कड़ाके की ठंड और घना कोहरा, मध्य प्रदेश के कई इलाके प्रभावित, ग्वालियर-चंबल सबसे अधिक

    कड़ाके की ठंड और घना कोहरा, मध्य प्रदेश के कई इलाके प्रभावित, ग्वालियर-चंबल सबसे अधिक


    भोपाल। उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के चलते मध्य प्रदेश में ठंड का प्रकोप तेज हो गया है। विशेषकर ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में तापमान लगातार घट रहा है। मौसम विभाग के अनुसार कई जिलों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। वहीं, 15 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है।

    शुक्रवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही। मौसम विभाग ने बताया कि शनिवार को भी ठंड की स्थिति समान रहने की संभावना है। दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में दिनभर तापमान सामान्य से कम रहने के कारण कोल्ड डे अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर से आ रही सर्द हवाओं के कारण प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में ठंड और बढ़ गई है।

    राज्य के प्रमुख शहरों में तापमान में गिरावट

    राजधानी भोपाल के साथ ही इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में रातें बेहद ठंडी रही। ग्वालियर-चंबल अंचल में दिन का तापमान भी सामान्य से कम रहा। गुरुवार-शुक्रवार की रात प्रदेश में सबसे ठंडा खजुराहो (छतरपुर) रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दतिया में 3.9, शिवपुरी में 4, राजगढ़ में 5, पचमढ़ी में 5.8, मंडला में 5.9, रीवा में 6, उमरिया में 6.4 और सीधी व टीकमगढ़ में 6.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5 डिग्री था।

    भोपाल में पारा 8, इंदौर में 9.4, उज्जैन में 8.3 और जबलपुर में 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिन तक ठंड और कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है, इसलिए लोग आवश्यक सावधानी बरतें।

    घना कोहरा और यातायात में परेशानी

    घने कोहरे के कारण रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है। मालवा एक्सप्रेस सहित दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने-जाने वाली दर्जनभर ट्रेनें देरी से चल रही हैं। पंजाब मेल, जनशताब्दी और सचखंड एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों में भी समय की अनियमितता देखी जा रही है।

    सड़क मार्ग पर भी घना कोहरा ड्राइवरों के लिए चुनौती बना हुआ है। अधिकारियों ने लोगों से वाहन सावधानीपूर्वक चलाने और समय निकालकर यात्रा करने की सलाह दी है।

    मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच ग्वालियर-चंबल अंचल सबसे अधिक प्रभावित हैं। तापमान में गिरावट और कोहरे से सड़क और रेल यातायात बाधित है। अगले दो दिन मौसम की यह स्थिति बनी रहने की संभावना है।

  • हेमंत खंडेलवाल ने महाकाल मंदिर से शिव उपासना अभियान की शुरुआत, सोमनाथ मंदिर हमले के बाद उठाया कदम

    हेमंत खंडेलवाल ने महाकाल मंदिर से शिव उपासना अभियान की शुरुआत, सोमनाथ मंदिर हमले के बाद उठाया कदम


    उज्जैन । आज सुबह बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में दर्शन कर एक विशेष अभियान की शुरुआत की। यह अभियान विशेष रूप से सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले के बाद चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य देशभर में भगवान शिव की उपासना के माध्यम से समाज में शांति समृद्धि और सौहार्द बनाए रखना है। इस अभियान को प्रधानमंत्री की ओर से पूरे देश में एकजुटता और सामूहिक शांति की भावना के तहत शुरू किया गया है।

    महाकाल मंदिर में दर्शन के बाद खंडेलवाल ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले के खिलाफ पूरे देश में एक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों को भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए और उनके आशीर्वाद से देश में शांति और समृद्धि की स्थापना हो सकती है। खंडेलवाल ने इस अभियान के तहत महाकाल मंदिर में पार्टी के विधायकों जिला अध्यक्ष और अन्य पार्टी पदाधिकारियों के साथ पूजा अर्चना की और जयकारा लगाया।

    बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने अपील की कि देशभर के लोग शिव मंदिरों में जाकर ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें और देश के हर कोने में शांति समृद्धि और सामाजिक सौहार्द की स्थापना के लिए प्रार्थना करें। उन्होंने कहा कि भगवान महाकाल सभी के जीवन में शांति और समृद्धि प्रदान करें और हम सभी को मिलकर देश की सेवा करने की शक्ति दें।खंडेलवाल ने इस अभियान की शुरुआत महाकाल मंदिर से करने का कारण बताते हुए कहा कि भगवान महाकाल का आशीर्वाद हम सबके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी यह जगह पूरी दुनिया में श्रद्धा का केंद्र है।

    प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि इस अभियान के जरिए पार्टी का उद्देश्य केवल धार्मिक जागरूकता फैलाना नहीं है, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करना भी है। सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले के बाद देशभर में इस अभियान को लेकर आक्रोश है और इससे जुड़े लोग इसे एकता की शक्ति के रूप में देख रहे हैं।महाकाल मंदिर से अभियान की शुरुआत के साथ ही बीजेपी ने यह संदेश दिया कि हम सभी को देश की सुरक्षा और समृद्धि के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। यह कदम न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए भी यह एक प्रेरणास्त्रोत साबित हो सकता है।

  • ईरान में विरोध प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय तनाव: खामेनेई ने चेताया, रजा पहलवी ने ट्रंप से संपर्क किया

    ईरान में विरोध प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय तनाव: खामेनेई ने चेताया, रजा पहलवी ने ट्रंप से संपर्क किया

    नई दिल्ली। ईरान में महंगाई और आर्थिक तंगी के खिलाफ शुरू हुआ प्रदर्शन अब सीधे तौर पर सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई की सत्ता को चुनौती देने वाला रूप ले चुका है। देश के 31 प्रांतों और 111 शहरों-कस्बों में विरोध प्रदर्शन फैल चुके हैं। हिंसक झड़पों में अब तक कम से कम 62 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 2,300 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है।

    सुप्रीम लीडर खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को विदेशी ताकतों और विरोधी संगठनों से प्रेरित बताते हुए कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने चेताया कि कोई भी विदेशी दबाव ईरान की सत्ता को नहीं झुका पाएगा। खामेनेई ने आरोप लगाया कि आंदोलन विदेशी एजेंडों के तहत देश में उथल-पुथल और संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहा है।

    सड़कों पर नारे और इंटरनेट बंदी

    ईरान के कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने “आजादी-आजादी” के नारे लगाए। ऐसे में सरकार को इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय कॉल सेवाएं पूरी तरह बंद करनी पड़ी। सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी कि कानून तोड़ने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    खामेनेई का अमेरिका को चेतावनी संदेश

    सुप्रीम लीडर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी चेताया कि इतिहास में तानाशाहों का पतन तय रहा है और ट्रंप इससे अलग नहीं होंगे। उनका जोर था कि ईरान किसी भी विदेशी दबाव में नहीं झुकेगा और देश की सुरक्षा और एकता बनाए रखी जाएगी।

    रजा पहलवी का अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप का आह्वान

    वहीं, निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि लाखों ईरानी प्रदर्शनकारियों को हिंसा का सामना करना पड़ रहा है और संचार सेवाएं ठप हैं। रजा पहलवी ने खामेनेई पर आम जनता पर बर्बरता करने का आरोप लगाया और लोगों से एकजुट होकर प्रदर्शन जारी रखने की अपील की।

    उन्होंने चेताया कि समय तेजी से निकल रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को तत्काल कदम उठाना होगा, ताकि देश में जारी हिंसा और दमन को रोका जा सके।

  • हरमनप्रीत कौर ने बताई भूलें, मुंबई इंडियंस की जीत WPL 2026 में आखिरी ओवर तक फिसली

    हरमनप्रीत कौर ने बताई भूलें, मुंबई इंडियंस की जीत WPL 2026 में आखिरी ओवर तक फिसली

    नई दिल्ली। WPL 2026 के पहले मुकाबले में मुंबई इंडियंस को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के हाथों रोमांचक हार का सामना करना पड़ा। पहले बल्लेबाजी करते हुए मुंबई ने 20 ओवरों में 154 रन बनाए, लेकिन आरसीबी की मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजी ने खेल का रुख बदल दिया। आरसीबी ने सिर्फ 65 रन पर पांच अहम विकेट खो दिए थे, और उस समय मैच मुंबई के पक्ष में दिखाई दे रहा था।

    लेकिन नादिन डि क्लार्क ने शानदार खेल दिखाया और टीम को अंतिम ओवर तक बनाए रखा। उनका आत्मविश्वास और पारी ने रोमांचक मोड़ ला दिया।

    18 रन, आखिरी ओवर और मुंबई की चूक

    मैच के निर्णायक अंतिम ओवर में आरसीबी को जीत के लिए 18 रन चाहिए थे। मुंबई इंडियंस ने यह ओवर नेट सेवियर ब्रंट को सौंपा। शुरुआती दो गेंदों में ब्रंट ने अच्छी नियंत्रण वाली गेंदें फेंकी, जिससे मुंबई की जीत लगभग तय लग रही थी। लेकिन इसके बाद उनकी लाइन और लेंथ लड़खड़ा गई, और नादिन ने लगातार चौके और छक्के जड़कर अपनी टीम को जीत दिला दी।

    हरमनप्रीत कौर ने स्वीकार की गेंदबाजी में चूक

    हार के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा कि टीम को नादिन डि क्लार्क की क्षमताओं का पहले से अंदाजा था, लेकिन अंतिम ओवर में गेंदबाजी सटीक नहीं रही। उन्होंने माना कि मुंबई ने नादिन को दो-तीन अवसर दिए, जिन्हें उन्होंने पूरी तरह भुनाया। हरमनप्रीत ने कहा, “सिर्फ एक सही गेंद डाली जाती तो नतीजा मुंबई के पक्ष में हो सकता था।”

    टीम की सीख और आगे की तैयारी

    हरमनप्रीत कौर ने यह भी कहा कि WPL में ऐसे करीबी मुकाबले आम हैं और टीम इस हार से सीख लेकर अगले मैचों में बेहतर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत रहने और दबाव में सही निर्णय लेने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    इस रोमांचक शुरुआत से यह साफ हो गया है कि WPL 2026 में हर मैच दर्शकों के लिए बेहद रोमांचक और निर्णायक साबित होगा। मुंबई इंडियंस अब अपनी अगली चुनौती के लिए तैयारी में जुट जाएगी, जबकि आरसीबी ने जीत के साथ आत्मविश्वास बढ़ाया।

  • BCB डायरेक्टर ने तमीम इकबाल को कहा ‘भारतीय एजेंट’, खिलाड़ियों और फैंस में भारी गुस्सा

    BCB डायरेक्टर ने तमीम इकबाल को कहा ‘भारतीय एजेंट’, खिलाड़ियों और फैंस में भारी गुस्सा

    नई दिल्ली। बांग्लादेश के पूर्व कप्तान तमीम इकबाल ने हाल ही में भारत-बांग्लादेश क्रिकेट संबंधों में मौजूदा तनाव को बातचीत से सुलझाने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश क्रिकेट को 90-95 प्रतिशत फाइनेंस ICC से मिलता है और इसलिए किसी भी फैसले या बयान से पहले बांग्लादेश क्रिकेट के हितों और भविष्य पर विचार करना चाहिए।

    इसके बाद BCB डायरेक्टर एम नज़्मुल इस्लाम ने तमीम के इस बयान का एक फोटो शेयर करते हुए उन्हें “भारतीय एजेंट” कहकर मज़ाक उड़ाया। इस टिप्पणी ने क्रिकेट फैंस के बीच गुस्सा और नाराजगी फैल दी।

    खिलाड़ियों का विरोध

    तमीम इकबाल के खिलाफ BCB अधिकारी की टिप्पणी पर कई बांग्लादेशी क्रिकेटरों ने सोशल मीडिया पर गुस्सा जताया। मोमिनुल हक, तस्कीन अहमद और तैजुल इस्लाम सहित कई खिलाड़ियों ने डायरेक्टर के बयान का विरोध किया।

    तस्कीन ने लिखा, “क्रिकेट बांग्लादेश की जान है। एक पूर्व नेशनल कप्तान के खिलाफ की गई टिप्पणी ने कई लोगों को परेशान किया है।”

    तेज गेंदबाज मोहम्मद सैफुद्दीन और तैजुल इस्लाम ने भी डायरेक्टर की इस टिप्पणी का विरोध करते हुए इसे बांग्लादेश क्रिकेट की संस्कृति और खेल समुदाय के खिलाफ बताया। तैजुल ने जोर देकर कहा कि बीसीबी डायरेक्टर को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

    BCB और ICC के बीच तनाव

    पिछले दिनों BCB और BCCI के बीच भी तनाव देखा गया है। BCCI के निर्देश पर केकेआर ने मुस्तफिजुर रहमान को IPL से रिलीज किया था, जिसके बाद बांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर रोक लगाई और ICC से मांग की कि उनके T20 वर्ल्ड कप के मैच श्रीलंका में शिफ्ट किए जाएं, क्योंकि खिलाड़ी भारत नहीं जाना चाहते।

    तमीम का موقف साफ

    तमीम इकबाल ने अपने बयान में कहा कि वे मीडिया से ही जानकारी पा रहे हैं और अचानक टिप्पणी करना सही नहीं। उनका साफ संदेश था कि बातचीत और सहमति से ही किसी विवाद को सुलझाया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि निर्णय लेने से पहले सभी पहलुओं पर विचार होना चाहिए ताकि पीछे हटना मुश्किल न हो।

    निष्कर्ष

    BCB डायरेक्टर के विवादित बयान ने बांग्लादेश क्रिकेट में हलचल मचा दी है। खिलाड़ियों और फैंस की नाराजगी के बाद अब अधिकारी पर माफी मांगने का दबाव बढ़ गया है। इस विवाद ने देश में क्रिकेट प्रशासनिक संस्कृति और पेशेवर आचरण पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • युवा कांग्रेस के अध्यक्ष को पुलिस ने घर से उठाया, बढ़ती अपराधों को लेकर था विरोध

    युवा कांग्रेस के अध्यक्ष को पुलिस ने घर से उठाया, बढ़ती अपराधों को लेकर था विरोध


    मुरैना । मुरैना जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां पुलिस ने युवा कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष अभिषेक पचौरी को उनके घर से उठा लिया। यह कार्रवाई उस समय हुई, जब पचौरी ने 10 तारीख को थाने के घेराव का ऐलान किया था। पचौरी और उनके समर्थक शहर में बढ़ते अपराधों, खासकर लूट, डकैती और हत्याओं के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। उनका कहना था कि पुलिस अपराधों पर काबू पाने में नाकाम रही है और इसका असर आम लोगों की सुरक्षा पर पड़ रहा है।

    इस घेराव से पहले, पुलिस ने अपनी ओर से सख्ती दिखाते हुए कांग्रेस नेता अभिषेक पचौरी और उनके 3-4 समर्थकों को हिरासत में ले लिया। यह कदम तब उठाया गया जब पचौरी और उनके समर्थकों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे, खासकर हाल ही में हुए अंकित माहौर हत्याकांड के बाद। पचौरी का आरोप था कि पुलिस ने सही तरीके से इस मामले की जांच नहीं की, जिससे अपराधियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई।

    युवा कांग्रेस नेता का यह भी कहना था कि बढ़ते अपराधों ने इलाके में भय का माहौल बना दिया है और पुलिस प्रशासन अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा रहा। इससे पहले, पचौरी ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने लूटपाट और डकैती के मामलों में लापरवाही बरती है, जिससे अपराधियों को खुला माहौल मिल रहा है। पचौरी का आंदोलन पुलिस की नीतियों के खिलाफ था और इसे लेकर कांग्रेस पार्टी ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला था। साथ ही, पार्टी ने आरोप लगाया था कि सरकार अपने कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की सुरक्षा में असफल रही है।

    हालांकि, पुलिस प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से नकारा और कहा कि वे सभी मामलों की जांच कर रहे हैं और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकने के लिए वे कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस घटनाक्रम ने मुरैना में राजनीतिक माहौल को और भी गरम कर दिया है। पुलिस ने अभिषेक पचौरी और उनके समर्थकों को रातोंरात हिरासत में लेकर यह संदेश दिया है कि अब कानून व्यवस्था के खिलाफ कोई भी कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर अब राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से जवाब मांगने की तैयारी कर रही है।

  • US का नया दावा… भारत-अमेरिका ट्रेड डील अटकने की वजह ऑपरेशन सिंदूर को बताया

    US का नया दावा… भारत-अमेरिका ट्रेड डील अटकने की वजह ऑपरेशन सिंदूर को बताया


    वाशिंगटन।
    अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक (US Commerce Secretary Howard Lutnick) ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (India-US trade agreement) के सिरे न चढ़ पाने के पीछे एक नया दावा पेश किया है। लुटनिक के अनुसार, यह समझौता मई और जुलाई 2025 के बीच हस्ताक्षर के लिए लगभग तैयार था, लेकिन यह इसलिए विफल रहा क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) को व्यक्तिगत रूप से फोन कर सौदे को अंतिम रूप देने में असहजता दिखाई। हालांकि, इस घटनाक्रम के पीछे की असल वजह ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद पैदा हुई कूटनीतिक तल्खी बताई जा रही है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार, जिस समय यह समझौता होना था, उसी दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच भारी तनाव था। 7 मई को भारत ने पहलगाम हत्याओं के जवाब में पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया। 10 मई को दोनों देशों के बीच युद्ध विराम की घोषणा से ठीक पहले, राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा कर दिया कि उन्होंने इस युद्ध विराम में मध्यस्थता की है।

    भारत ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि युद्ध विराम पाकिस्तान के अनुरोध पर द्विपक्षीय रूप से हुआ था। ट्रंप के बार-बार मध्यस्थता का श्रेय लेने की कोशिशों ने द्विपक्षीय संबंधों में तनाव पैदा कर दिया था। लुटनिक के अनुसार, इसी पृष्ठभूमि में अमेरिका उम्मीद कर रहा था कि पीएम मोदी ट्रंप को फोन करें, जिसके लिए भारत तैयार नहीं था।


    क्या भारत ने वाकई ‘ट्रेन मिस’ कर दी?

    लुटनिक ने दावा किया कि भारत ने समझौते पर हस्ताक्षर करने में तीन हफ्ते की देरी कर दी और तब तक वह “ट्रेन मिस” कर चुका था। उन्होंने ट्रंप की ‘सीढ़ी’ नीति का हवाला दिया, जिसके तहत पहले आने वाले देश को सबसे कम टैरिफ मिलता है और बाद में आने वालों के लिए यह बढ़ता जाता है। हालांकि, व्यापारिक आंकड़े लुटनिक के दावों के विपरीत हैं। अमेरिका ने ब्रिटेन के साथ 10% और वियतनाम के साथ 20% टैरिफ पर समझौता किया। लेकिन वियतनाम के बाद हुए कई समझौतों (दक्षिण कोरिया, जापान, यूरोपीय संघ) में वाशिंगटन ने कम टैरिफ लगाए, जबकि भारत पर 50% का सबसे ऊंचा टैरिफ बरकरार रखा गया।


    रूस के साथ संबंध बने ‘कांटा’
    भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता में रूस के साथ भारत के ऊर्जा और रक्षा संबंध भी एक बड़ी बाधा बने। जुलाई 2025 तक भारत के कुल तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी 37% थी। अगस्त की शुरुआत में, रूस से कच्चा तेल खरीदने के कारण ट्रंप ने भारत पर 25% अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क लगा दिया। लुटनिक ने पहले भी कहा था कि भारत का रूस से सैन्य उपकरण खरीदना और BRICS के माध्यम से डॉलर पर निर्भरता कम करना अमेरिका को नागवार गुजरा है।


    फोन कॉल नहीं, नीतियां थीं वजह
    थिंक टैंक GTRI के प्रमुख अजय श्रीवास्तव ने लुटनिक के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा, “इतने बड़े स्तर के व्यापारिक समझौते महज एक नेता के फोन कॉल न करने से नहीं रुकते। यह दावा वास्तविक कारण के बजाय एक ‘तर्क’ जैसा लगता है।” उन्होंने कहा कि टैरिफ, कृषि, डिजिटल व्यापार और नियामक स्वायत्तता जैसे अनसुलझे नीतिगत मतभेद ही इस सौदे के न हो पाने की असली वजह थे।

  • पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाएं…. कई राज्यों में दिन में भी कांप रहे लोग.. यहां पारा 0 से नीचे

    पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाएं…. कई राज्यों में दिन में भी कांप रहे लोग.. यहां पारा 0 से नीचे


    नई दिल्ली।
    हिमालयी राज्यों (Himalayan states) से आ रही बर्फीली हवाओं (Icy winds) ने मैदानी राज्यों को सर्द बनाया हुआ है। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir), हिमाचल, उत्तराखंड में अधिकतर स्थानों पर तापमान शून्य से नीचे (Temperature below zero) बना हुआ है। वहीं, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा समेत सभी मैदानी राज्य शीतलहर से कांप रहे हैं। कुछ राज्यों में शुक्रवार को हल्की बारिश भी हुई। इसके बाद गलन वाली ठंड का अहसास हुआ।

    इस बीच मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि अगले 5-7 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में और अगले 2-3 दिनों के दौरान मध्य भारत, पूवोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलग-अलग हिस्सों में सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की बहुत संभावना है। इसके अलावा, अगले 2-3 दिनों के दौरान राजस्थान, पंजाब, हररयाणा, चंडीगढ़, बिहार और मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में शीतलहर की स्थिति रहने की संभावना है।

    मौसम विभाग के मुताबिक, 10 और 11 तारीख को हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हररयाणा, चंडीगढ़, ओडिशा, उत्तरी कर्नाटक में; 10 तारीख को उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में और 11-14 जनवरी के दौरान राजस्थान में शीत लहर की स्थिति रहने की बहुत अधिक संभावना है।

    मौसम विभाग का कहना है कि अगले 7 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत और पूर्वी भारत में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है। वहीं, अगले 24 घंटों के दौरान मध्य भारत और महाराष्ट्र में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि इसके बाद अगले 4 दिनों में धीरे-धीरे 2-3°C की बढ़ोतरी दिखेगी।


    हरियाणा के कई इलाकों में बारिश
    शुक्रवार को हरियाणा में गुरुग्राम और फरीदाबाद के अलावा पानीपत, भिवानी और झज्जर में हल्की बारिश हुई। कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान में पांच डिग्री तक गिर गया। शनिवार को भी 17 जिलों में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की गई है। उधर, राजस्थान के अनेक इलाकों में शीतलहर का दौर जारी है और बीते चौबीस घंटे में कई जगह हल्की बारिश दर्ज की गई।

    मौसम विभाग के अनुसार, 24 घंटों के दौरान राज्य में कहीं कहीं हल्की बारिश दर्ज की गयी। साथ ही राज्य के कुछ भागों में घना से अति घना कोहरा, शीत लहर व अति शीत दिन दर्ज किये गए। सर्वाधिक बारिश झुंझुनू में 5.0 मिलीमीटर हुई। इस दौरान अधिकतम तापमान जवाई बांध (पाली) में 24.4 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान जैसलमेर में 4.6 डिग्री दर्ज किया गया। राज्य में आगामी एक सप्ताह मौसम शुष्क रहने तथा आगामी 1-2 दिन राज्य के कुछ भागों में सुबह के समय अति घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।


    चंडीगढ़ में 13 जनवरी तक स्कूल बंद
    चंडीगढ़ में लगातार बढ़ती ठंड और प्रतिकूल मौसम को देखते हुए शिक्षा विभाग ने सर्दी की छुट्टियां 13 जनवरी तक बढ़ा दी हैं। आदेश के अनुसार पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्रों के साथ नॉन-बोर्ड 9वीं और 11वीं की पढ़ाई ‘फिजिकल मोड’ में नहीं होगी


    बंगाल की खाड़ी में गहरा दबाव
    दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार यह मौसम प्रणाली पिछले छह घंटों के दौरान लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ी है। यह मौसम प्रणाली आगे भी उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ती रहेगी। शनिवारदोपहर इसके त्रिंकोमाली और जाफना के बीच उत्तरी श्रीलंका तट को पार करने की प्रबल संभावना है।


    हरियाणा और पंजाब के कई इलाकों में भयंकर सर्दी
    हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों में शुक्रवार को तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर गया। मौसम विभाग ने बताया कि सिरसा, नारनौल, करनाल, भिवानी, हिसार और रोहतक में तापमान छह डिग्री से कम रहा। अंबाला में न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री और फरीदाबाद में 6.8 डिग्री रहा। पंजाब में बठिंडा, गुरदासपुर, अमृतसर, लुधियाना, फरीदकोट, पटियाला में न्यूनतम तापमान सात से चार डिग्री तक रहा। दोनों राज्यों की राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस रहा।

    कश्मीर: भीषण ठंड का प्रकोप जारी
    कश्मीर में तापमान हिमांक बिंदु से कई डिग्री नीचे गिरने के कारण श्रीनगर में इस मौसम की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई, जिससे शुक्रवार को स्थानीय डल झील के कुछ हिस्से जम गए। न्यूनतम तापमान श्रीनगर में -6, पहलगाम में -7.6, गुलमर्ग में -7.2, सोनमर्ग में -5.4, काजीगुंड में -6.2, कोकेरनाग में -3.2 और कुपवाड़ा में -5.8 डिग्री रहा। 21 जनवरी तक मौसम शुष्क रहने के साथ आसमान में बादल छाए रहने की संभावना जताई है।

    छत्तीसगढ़ : 28 दिन में ठंड से तीन की मौत
    छत्तीसगढ़ में हिमालय क्षेत्र से आ रही सर्द हवाओं के असर से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मौसम विभाग ने अगले दो दिन तक 18 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। गुरुवार रात कोरबा जिले के सरई सिंगार निवासी 55 वर्षीय हरप्रसाद भैना की ठंड लगने से मौत हो गई। उनका शव कसईपाली स्थित यात्री प्रतीक्षालय में मिला। पिछले 28 दिनों के भीतर राज्य में ठंड से तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।


    लद्दाख कड़ाके की ठंड की गिरफ्त में
    केन्द्र शासित प्रदेश लद्दाख इन दिनों शीत लहर के साथ कड़ाके की ठंड की गिरफ्त में है। न्यूनतम तापमान द्रास में -24.6, लेह में -14.4, कारगिल में -13.2, पदुम में -20.3, न्योमा में -21.6 डिग्री रहा। विभाग के अनुसार 10 जनवरी तक न्यूनतम तापमान में काफी गिरावट आने का अनुमान है।