Author: bharati

  • मेडिकल ऑफिसर से MTS तक भर्ती: PGIMER ने जारी किया नोटिफिकेशन 19 अक्टूबर तक करें आवेदन

    मेडिकल ऑफिसर से MTS तक भर्ती: PGIMER ने जारी किया नोटिफिकेशन 19 अक्टूबर तक करें आवेदन


    नई दिल्ली। चंडीगढ़ स्थित पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च यानी PGIMER ने नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए भर्ती का शानदार मौका दिया है। संस्थान ने विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर कुल 60 रिक्तियां घोषित की हैं। इनमें PGIMER चंडीगढ़ में ग्रुप C के 57 पद शामिल हैं जबकि पंजाब के संगरूर स्थित PGI सैटेलाइट सेंटर में ग्रुप A B और C के 3 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया 3 सितंबर 2026 से शुरू होगी और उम्मीदवार 19 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

    PGIMER चंडीगढ़ में जिन 57 पदों पर भर्ती होगी उनमें लाइब्रेरी अटेंडेंट ग्रेड I का एक पद एनिमल अटेंडेंट का एक पद नाई का एक पद और मल्टी टास्किंग स्टाफ सफाई ग्रेड III के 54 पद शामिल हैं। वहीं PGI सैटेलाइट सेंटर संगरूर के लिए मेडिकल ऑफिसर ग्रुप A का एक पद कंप्यूटर प्रोग्रामर ग्रुप B का एक पद और फार्मासिस्ट ग्रेड II ग्रुप C का एक पद निर्धारित किया गया है।

    मेडिकल ऑफिसर के पद के लिए उम्मीदवार के पास मान्य मेडिकल क्वालिफिकेशन होना जरूरी है। इसके साथ ही संबंधित स्टेट मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन और परिवार नियोजन तथा शैक्षिक तरीकों से जुड़ी विशेष ट्रेनिंग की आवश्यकता होगी। संबंधित स्पेशलिटी में पोस्टग्रेजुएट डिग्री या डिप्लोमा रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।

    कंप्यूटर प्रोग्रामर पद के लिए गणित सांख्यिकी ऑपरेशन रिसर्च फिजिक्स इंजीनियरिंग या कंप्यूटर साइंस से जुड़ी निर्धारित शैक्षणिक योग्यता मांगी गई है। इसके अलावा कंप्यूटर प्रोग्रामिंग या इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर के संचालन से संबंधित अनुभव भी आवश्यक होगा। फार्मासिस्ट ग्रेड II के लिए मैट्रिक या समकक्ष योग्यता के साथ फार्मेसी में डिप्लोमा और फार्मेसी एक्ट 1948 के तहत रजिस्ट्रेशन जरूरी है।

    लाइब्रेरी अटेंडेंट के लिए साइंस विषय के साथ मैट्रिक लाइब्रेरी साइंस में डिप्लोमा और संबंधित अनुभव मांगा गया है। एनिमल अटेंडेंट के लिए मैट्रिक या समकक्ष योग्यता के साथ हिंदी अंग्रेजी या पंजाबी जैसी किसी भाषा में पढ़ने और लिखने की क्षमता जरूरी होगी। नाई के पद के लिए मैट्रिक पास होने के साथ कम से कम दो साल का अनुभव चाहिए। वहीं MTS पद के लिए मैट्रिक या समकक्ष योग्यता और सफाई संबंधी कार्यों की जानकारी आवश्यक है।

    आयु सीमा की बात करें तो उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए। अधिकतम आयु पद के अनुसार 30 से 35 वर्ष तक निर्धारित की गई है। आयु की गणना आवेदन की अंतिम तारीख के आधार पर की जाएगी। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट मिलेगी।

    चयन प्रक्रिया में आवेदन की स्क्रीनिंग के बाद कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट यानी CBT स्किल टेस्ट इंटरव्यू और दस्तावेज सत्यापन जैसे चरण शामिल हो सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को पद के अनुसार 18000 रुपये से लेकर 177500 रुपये प्रतिमाह तक वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा नियमानुसार अन्य भत्ते और सुविधाएं भी मिलेंगी।

    आवेदन शुल्क सामान्य OBC और EWS वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 1500 रुपये निर्धारित किया गया है जबकि SC और ST उम्मीदवारों को 800 रुपये शुल्क देना होगा। बेंचमार्क दिव्यांगता वाले उम्मीदवारों को रजिस्ट्रेशन फीस में छूट दी गई है। इच्छुक उम्मीदवार 3 सितंबर से PGIMER की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 19 अक्टूबर 2026 है इसलिए उम्मीदवारों को सलाह है कि अंतिम समय का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन कर दें।

  • माइक न मिलने पर जनपद अध्यक्ष का छलका दर्द, सिंधिया के कार्यक्रम में सियासी तकरार ने पकड़ा जोर

    माइक न मिलने पर जनपद अध्यक्ष का छलका दर्द, सिंधिया के कार्यक्रम में सियासी तकरार ने पकड़ा जोर


    शिवपुरी  शिवपुरी के बदरवास में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यक्रम के दौरान माइक को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। सोमवार शाम बिजरौनी बायपास और दौलतपुर से खाइखेड़ा मार्ग निर्माण के भूमि पूजन कार्यक्रम में बदरवास जनपद अध्यक्ष मीरा बाई परिहार को मंच से बोलने का अवसर नहीं मिला। कार्यक्रम के बाद जनपद अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि वह अपनी बात रखने वाली थीं लेकिन उनका माइक हटा दिया गया। इसके बाद स्थानीय राजनीति में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

    कार्यक्रम के दौरान जनपद अध्यक्ष मीरा बाई परिहार केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने क्षेत्र से जुड़ी अपनी बात रखना चाहती थीं। उनका कहना है कि उन्होंने कोलारस विधायक महेंद्र यादव से भी उन्हें बोलने का अवसर देने की बात कही थी। जनपद अध्यक्ष के मुताबिक विधायक ने उन्हें अपनी बात वहीं से कहने के लिए कहा था लेकिन वह माइक के जरिए मंच से अपनी बात रखना चाहती थीं। उनका आरोप है कि उन्हें ऐसा करने का मौका नहीं दिया गया।

    कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मीरा बाई परिहार ने विधायक महेंद्र यादव पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले करीब एक साल से जनपद क्षेत्र के विकास कार्यों में अड़चनें आ रही हैं। जनपद अध्यक्ष ने दावा किया कि विकास कार्यों से जुड़े मामलों को लेकर वह चार बार दिल्ली तक जा चुकी हैं लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।

    मीरा बाई ने कहा कि जनपद अध्यक्ष के तौर पर जनता के लिए विकास कार्य कराना उनकी जिम्मेदारी है। लेकिन यदि विकास कार्यों के लिए जरूरी प्रक्रिया और फंड से जुड़े काम ही आगे नहीं बढ़ेंगे तो सरपंचों की मांगों को पूरा करना मुश्किल होगा। उन्होंने अधिकारियों और बिचौलियों पर भी काम में बाधा डालने के आरोप लगाए। उनका कहना है कि कई मामलों में ऑनलाइन एंट्री तक नहीं होने दी जा रही है। उन्होंने मीडिया के माध्यम से विकास फंड जल्द जारी करने की मांग की और संकेत दिया कि सुनवाई नहीं होने पर वह इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठा सकती हैं।

    वहीं कोलारस विधायक महेंद्र यादव ने पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मीरा बाई परिहार ने उनसे केंद्रीय मंत्री से कुछ कहने की इच्छा जताई थी। विधायक के मुताबिक उन्होंने जनपद अध्यक्ष से अपनी बात कागज पर लिखकर देने के लिए कहा था ताकि उनकी बात केंद्रीय मंत्री तक स्पष्ट रूप से पहुंचाई जा सके।

    विधायक ने कहा कि यदि जनपद अध्यक्ष ने माइक के जरिए केंद्रीय मंत्री और जनता के सामने अपनी बात रखने की इच्छा जताई होती तो उन्हें बोलने का अवसर जरूर दिया जाता। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री कोलारस रेलवे स्टेशन पर उज्जैनी एक्सप्रेस के नियमित ठहराव को हरी झंडी दिखाने वाले थे। इसी कारण मंच से बोलने का समय सीमित था और मंडल अध्यक्ष विधायक तथा सांसद को ही वक्तव्य का अवसर दिया गया।

    महेंद्र यादव ने मीरा बाई परिहार को पार्टी की वरिष्ठ नेता बताते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री अभी शिवपुरी में ही हैं और जनपद अध्यक्ष उनसे मुलाकात कर अपनी बात सीधे रख सकती हैं। विधायक ने यह भी कहा कि वह स्वयं मीरा बाई से इस मामले में चर्चा करेंगे।

    इस कार्यक्रम में क्षेत्र को रेल सुविधा की सौगात भी मिली। ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों से कोलारस रेलवे स्टेशन पर उज्जैनी एक्सप्रेस के नियमित ठहराव को मंजूरी मिली है। इसके अलावा अशोकनगर रेलवे स्टेशन पर सोगरिया दानापुर एक्सप्रेस के ठहराव को भी स्वीकृति दी गई है। विकास कार्यों और रेल सुविधाओं के बीच मंच पर बोलने को लेकर उठा यह विवाद अब स्थानीय सियासत में चर्चा का विषय बन गया है।

  • माधव टाइगर रिजर्व मार्ग पर मचा हड़कंप बाइक सवार ने समझा टाइगर वन विभाग बोला पगमार्क बाघ के नहीं

    माधव टाइगर रिजर्व मार्ग पर मचा हड़कंप बाइक सवार ने समझा टाइगर वन विभाग बोला पगमार्क बाघ के नहीं


    नई दिल्ली। शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व क्षेत्र से गुजरने वाले नरवर सतनवाड़ा मार्ग पर मंगलवार रात एक जंगली जानवर को देखकर बाइक सवार घबरा गया और सड़क पर गिरकर घायल हो गया। घटना टपकेश्वर मंदिर और एरावन गांव के बीच रात करीब आठ बजे हुई। बाइक सवार का कहना है कि अचानक सड़क पर टाइगर जैसा जानवर दिखाई देने से वह घबरा गया और बाइक का संतुलन बिगड़ गया। हादसे के बाद राहगीरों ने घायल युवक को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया।

    घायल बाइक सवार की पहचान नरवर तहसील के चकरमपुर गांव निवासी विकास कुशवाहा के रूप में हुई है। बताया गया कि विकास नरवर से मणिखेड़ा डैम की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उन्हें सड़क पर एक जंगली जानवर दिखाई दिया। अंधेरा होने के कारण उन्होंने उसे टाइगर समझ लिया। जानवर को देखकर अचानक घबराने के चलते बाइक अनियंत्रित हो गई और वह सड़क पर गिर पड़े। हादसे में उन्हें चोट आई जिसके बाद आसपास से गुजर रहे लोगों ने मदद की और अस्पताल पहुंचाया।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। भाजपा नेता बशर अली ने सतनवाड़ा रेंज के रेंजर माधव सिंह सिकरवार को मामले की सूचना दी थी। इसके बाद वन विभाग की टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाके का निरीक्षण किया। टीम ने यह पता लगाने की कोशिश की कि आखिर बाइक सवार के सामने कौन सा जंगली जानवर आया था। इसके लिए मौके पर मिले पगमार्क की भी जांच की गई।

    वन विभाग की जांच में सामने आया कि घटनास्थल पर पगमार्क जरूर मिले हैं लेकिन वे टाइगर के नहीं हैं। रेंजर माधव सिंह सिकरवार के मुताबिक मौके पर मिले निशान बाघ के पगमार्क नहीं हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि कोई दूसरा जंगली जानवर सड़क पार कर रहा था। उसी को देखकर बाइक सवार घबरा गया होगा। माधव टाइगर रिजर्व की टीम ने भी फिलहाल इस स्थान पर टाइगर की मौजूदगी की पुष्टि नहीं की है। वन विभाग की टीम आगे भी इलाके का निरीक्षण करेगी।

    हालांकि इस पूरे इलाके में जंगली जानवरों की आवाजाही को लेकर लोगों की चिंता बनी हुई है। वन विभाग के अनुसार नरवर सतनवाड़ा मार्ग के आसपास तेंदुए की आवाजाही रहती है। कई बार राहगीरों को सड़क के आसपास तेंदुआ दिखाई देने की जानकारी भी सामने आती रही है। हालांकि अब तक तेंदुए द्वारा किसी राहगीर पर हमला किए जाने की सूचना नहीं मिली है। ऐसे में यह संभावना भी जताई जा रही है कि बाइक सवार के सामने तेंदुआ या कोई अन्य जंगली जानवर आया हो।

    माधव टाइगर रिजर्व से जुड़े इस इलाके में पहले भी वन्यजीवों की मौजूदगी को लेकर चिंता सामने आती रही है। सिंध नदी किनारे 25 अप्रैल को 50 वर्षीय सरवन आदिवासी का शव टुकड़ों में मिलने के बाद इलाके में दहशत बढ़ गई थी। उस समय मादा टाइगर MT-6 की लोकेशन भी आसपास मिली थी और उसकी कॉलर आईडी सक्रिय पाई गई थी। एरावन गांव माधव टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में स्थित है। ऐसे में रात के समय इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

  • OTT लवर्स के लिए खुशखबरी, सितंबर में ZEE5 पर लगेगा फिल्मों-सीरीज का तड़का

    OTT लवर्स के लिए खुशखबरी, सितंबर में ZEE5 पर लगेगा फिल्मों-सीरीज का तड़का


    नई दिल्ली। सितंबर का महीना OTT दर्शकों के लिए काफी खास रहने वाला है। ZEE5 ने इस महीने स्ट्रीम होने वाली फिल्मों और वेब सीरीज की अपनी लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में अलग अलग भाषाओं की फिल्मों और सीरीज के साथ रिएलिटी शोज और बच्चों के लिए खास कंटेंट भी शामिल है। यानी दर्शकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर क्राइम थ्रिलर से लेकर कॉमेडी ड्रामा और रोमांटिक फिल्म तक देखने का मौका मिलेगा।

    इस महीने ZEE5 पर सबसे ज्यादा चर्चा तिग्मांशु धूलिया के निर्देशन में बनी फिल्म घमासान को लेकर है। यह हाई वोल्टेज क्राइम थ्रिलर है जिसमें अरशद वारसी प्रतीक गांधी राजपाल यादव और इशिता दत्ता जैसे कलाकार नजर आएंगे। फिल्म 11 सितंबर को स्ट्रीम होगी। इसकी कहानी और कलाकारों की मौजूदगी इसे सितंबर की प्रमुख रिलीज में शामिल करती है।

    इसके अलावा बकैती नाम की कॉमेडी ड्रामा सीरीज भी दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार है। इस सीरीज का निर्देशन अमित गुप्ता ने किया है। इसमें राजेश तैलंग शीबा चड्ढा तान्या शर्मा और आदित्य शुक्ला जैसे कलाकार नजर आएंगे। हल्के फुल्के मनोरंजन के साथ कॉमेडी पसंद करने वाले दर्शकों के लिए यह सीरीज खास विकल्प बन सकती है।

    रिएलिटी शो पसंद करने वालों के लिए भी ZEE5 ने तैयारी की है। लीगेसी नाम का देसी हिप हॉप रिएलिटी और टैलेंट शो इस महीने दर्शकों के बीच आएगा। इसे रफ्तार और कृष्णा होस्ट और जज करते नजर आएंगे। म्यूजिक और हिप हॉप पसंद करने वाले दर्शकों के लिए यह शो आकर्षण का केंद्र हो सकता है।

    तमिल कंटेंट की बात करें तो नयंतारा और कविन राज की फिल्म हाय भी ZEE5 पर दस्तक देगी। यह एक रोमांटिक फिल्म है जिसमें के भाग्यराज और प्रभु भी अहम भूमिकाओं में हैं। इसके साथ सट्टमम नीधियुम का दूसरा पार्ट भी दर्शकों को देखने मिलेगा। यह कोर्टरूम ड्रामा सीरीज है जिसका निर्देशन बालाजी सेलवराज ने किया है।

    तेलुगु दर्शकों के लिए वीरभद्राणी रहस्यम का दूसरा पार्ट आएगा। वहीं पंचनामा नाम की क्राइम इन्वेस्टिगेशन थ्रिलर सीरीज भी 11 सितंबर को स्ट्रीम होगी। कन्नड़ कंटेंट में कॉर्पोरेट लव स्टोरी और हल्ली पावर जैसे शो शामिल हैं। कॉर्पोरेट लव स्टोरी में कॉर्पोरेट दुनिया के बीच पनपती प्रेम कहानी दिखाई जाएगी जबकि हल्ली पावर ग्रामीण कर्नाटक की संस्कृति पर आधारित रिएलिटी शो है।

    मलयालम कंटेंट की बात करें तो बांद्रा भी दर्शकों के लिए उपलब्ध होगी। दिलीप और तमन्ना भाटिया स्टारर यह फिल्म 90 के दशक के मुंबई अंडरवर्ल्ड और बॉलीवुड की दुनिया के इर्द गिर्द घूमती है। इसके अलावा केरल अंडरग्राउंड नाम का मलयालम रैप और हिप हॉप रिएलिटी शो भी दर्शकों को देखने मिलेगा।

    मराठी सिनेमा पसंद करने वालों के लिए अडकित्ता को शामिल किया गया है। वहीं बच्चों के मनोरंजन के लिए बंदबुध बुड़बक 2 और स्मार्ट किड्ज जैसी सीरीज भी आने वाली हैं। ऐसे में सितंबर में ZEE5 की लाइनअप काफी विविध नजर आ रही है और अलग अलग उम्र तथा पसंद के दर्शकों के लिए मनोरंजन के कई विकल्प मौजूद रहेंगे।

  • ईशा देओल ने चुना मस्ती भरा अंदाज, मालामाल वीकली 2 में दिखेगा कॉमेडी का नया रंग

    ईशा देओल ने चुना मस्ती भरा अंदाज, मालामाल वीकली 2 में दिखेगा कॉमेडी का नया रंग


    नई दिल्ली। ईशा देओल एक बार फिर दर्शकों को हंसाने और मनोरंजन करने के लिए तैयार हैं। अभिनेत्री जल्द ही मालामाल वीकली 2 में नजर आने वाली हैं। यह फिल्म पूरी तरह कॉमेडी और मस्ती से भरपूर बताई जा रही है। ईशा देओल के लिए यह प्रोजेक्ट इसलिए भी खास है क्योंकि कॉमेडी ऐसा जॉनर है जिसे वह पहले भी पसंद करती रही हैं और अब लंबे समय बाद इसी अंदाज में वापसी करने को लेकर उत्साहित हैं। अभिनेत्री का कहना है कि हाल ही में उन्होंने अलग तरह की फिल्मों पर काम किया है और उसके बाद उन्हें कुछ हल्का फुल्का और मजेदार करने की इच्छा थी।

    ईशा देओल ने फिल्म को लेकर अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि उन्हें इस समय बिल्कुल ऐसी ही फिल्म की जरूरत थी। अभिनेत्री के मुताबिक वह लगातार अलग तरह के किरदारों और विषयों पर काम कर रही थीं। उन्होंने हॉरर कॉमेडी फिल्म घूंघट और तेलुगु फिल्म SYG पर काम पूरा किया है। इन दोनों प्रोजेक्ट्स के बाद उनका मन एक ऐसी फिल्म करने का था जिसमें खूब मस्ती हो और दर्शकों को हंसने का मौका मिले। इसी दौरान मालामाल वीकली 2 उनके पास आई और उन्हें लगा कि यह प्रोजेक्ट उनके लिए बिल्कुल सही है।

    कॉमेडी के साथ ईशा देओल का पुराना रिश्ता रहा है। वह नो एंट्री शादी नंबर 1 और वन टू थ्री जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से दर्शकों को मनोरंजन कर चुकी हैं। इन फिल्मों के अनुभव के बाद भी अभिनेत्री का मानना है कि कॉमेडी एक ऐसा स्पेस है जिसमें वह हमेशा सहज महसूस करती हैं। यही वजह है कि मालामाल वीकली 2 की स्क्रिप्ट ने उन्हें सबसे ज्यादा आकर्षित किया। ईशा के मुताबिक फिल्म की कहानी काफी मजेदार है और उन्हें उम्मीद है कि दर्शकों को भी यह खूब पसंद आएगी।

    मालामाल वीकली 2 को लेकर सामने आ रही जानकारी के अनुसार फिल्म में कई चर्चित कलाकारों की मौजूदगी देखने को मिल सकती है। फिल्म की संभावित कास्ट में रितेश देशमुख परेश रावल राजपाल यादव एल्विश यादव रवीना टंडन परिणीति चोपड़ा शिल्पा शिरोडकर और फरदीन खान जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं। ऐसे में फिल्म में कॉमेडी के साथ कलाकारों की बड़ी टोली दर्शकों के लिए मनोरंजन का एक खास पैकेज पेश कर सकती है।

    फिल्म के निर्देशन की जिम्मेदारी अमित जोशी संभाल रहे हैं। अमित जोशी इससे पहले तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया जैसी फिल्म से जुड़े रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक मालामाल वीकली 2 की शूटिंग नवंबर से शुरू हो सकती है। फिल्म की कहानी और स्टारकास्ट को लेकर दर्शकों में अभी से उत्सुकता देखने को मिल रही है।

    ईशा देओल की इस वापसी को उनके करियर के एक अलग रंग के तौर पर भी देखा जा रहा है। गंभीर और अलग तरह के प्रोजेक्ट्स के बाद अभिनेत्री का कॉमेडी की ओर लौटना उनके प्रशंसकों के लिए खास हो सकता है। अब देखना होगा कि मालामाल वीकली 2 में ईशा देओल का यह नया अंदाज दर्शकों को कितना पसंद आता है और फिल्म पर्दे पर कितनी हंसी और मस्ती बिखेर पाती है।

  • समुद्र का बढ़ता जलस्तर बना खतरा, मुंबई-कोलकाता में लाखों लोगों के घर डूबने का संकट

    समुद्र का बढ़ता जलस्तर बना खतरा, मुंबई-कोलकाता में लाखों लोगों के घर डूबने का संकट


    संयुक्त राष्ट्र।
    समुद्र के बढ़ते जलस्तर का खतरा अब भविष्य की आशंका भर नहीं रह गया है। संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि भारत के मुंबई और कोलकाता जैसे तटीय शहरों में लाखों लोगों के सामने विस्थापन का तत्काल खतरा पैदा हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, समुद्र का जलस्तर बढ़ने और जमीन के स्थायी रूप से पानी में डूबने के कारण बड़ी आबादी को आने वाले समय में अपने घर गंवाने पड़ सकते हैं।

    संयुक्त राष्ट्र महासचिव की रिपोर्ट ‘समुद्र के जलस्तर में वृद्धि से जुड़ी चुनौतियां तथा उनसे निपटने के तरीके और उपाय’ में कहा गया है कि समुद्र का बढ़ता जलस्तर अब दूर का या भविष्य का खतरा नहीं है। यह प्रक्रिया पहले से जारी है और दर्ज इतिहास में किसी भी दौर की तुलना में तेज गति से हो रही है।

    सिर्फ तटीय इलाकों का नहीं, पूरे शहरों का संकट

    रिपोर्ट के मुताबिक, समुद्र के जलस्तर में बढ़ोतरी का असर पहले से ही शहरी बुनियादी ढांचे पर दिखाई देने लगा है। जल आपूर्ति व्यवस्था, परिवहन नेटवर्क, ऊर्जा ग्रिड, इमारतों और भूजल संसाधनों को नुकसान पहुंच रहा है।

    इसका असर सिर्फ संपत्ति तक सीमित नहीं है। संयुक्त राष्ट्र ने चेताया है कि समुद्र का बढ़ता स्तर मानवाधिकारों के प्रभावी इस्तेमाल, दीर्घकालिक विकास और वित्तीय स्थिरता के लिए भी गंभीर चुनौती बन रहा है।

    मुंबई-कोलकाता समेत इन शहरों पर ज्यादा असर

    संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में जोखिम का स्वरूप अलग-अलग क्षेत्रों में अलग बताया गया है। अमेरिका के मियामी और न्यूयॉर्क तथा चीन के ग्वांगझू जैसे उच्च आय वाले शहरों में सबसे बड़ा खतरा तटीय बुनियादी ढांचे और संपत्तियों को होने वाले भारी वित्तीय नुकसान का है।

    अनुमान के मुताबिक इन शहरों में करीब 2,000 अरब से 3,500 अरब अमेरिकी डॉलर की संपत्ति जोखिम में है।

    इसके उलट दक्षिण एशिया के निचले डेल्टा क्षेत्रों और मुंबई, कोलकाता तथा ढाका जैसे शहरों में सबसे बड़ा खतरा लोगों के विस्थापन का है। रिपोर्ट के अनुसार यहां 1.4 करोड़ से अधिक लोगों के घरों के स्थायी रूप से पानी में डूबने का तत्काल खतरा है।

    सिर्फ पैसों में नहीं मापा जा सकता नुकसान

    रिपोर्ट ने इस बात पर जोर दिया है कि तटीय क्षेत्रों के जोखिम का आकलन केवल आर्थिक नुकसान के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। इसमें मानवीय जिंदगी, विस्थापन और सामाजिक प्रभाव को भी वित्तीय जोखिमों के बराबर महत्व देने की जरूरत है।

    संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, समुद्र का बढ़ता जलस्तर तटीय समुदायों की कमजोरियों को और बढ़ा रहा है। इसलिए जोखिम का आकलन करने के मौजूदा तरीकों को ज्यादा व्यापक बनाने की जरूरत है।

    स्वास्थ्य पर भी पड़ेगा गंभीर असर

    समुद्र के बढ़ते जलस्तर का असर जनस्वास्थ्य पर भी पड़ने की आशंका है। तटीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ने, स्वच्छता व्यवस्था बाधित होने, चोट और मौत के जोखिम में वृद्धि की आशंका जताई गई है।

    रिपोर्ट में मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को भी रेखांकित किया गया है। लगातार बाढ़, घर और आजीविका खोने का डर तथा संभावित विस्थापन लोगों में मानसिक तनाव बढ़ा सकता है।

    समुद्र का बढ़ता स्तर और जमीन का धंसना, दोहरी मार

    संयुक्त राष्ट्र ने यह भी चेताया है कि समुद्र के जलस्तर में बढ़ोतरी और जमीन के धंसने का संयुक्त प्रभाव तटीय बाढ़ के खतरे को और गंभीर बना रहा है।

    इससे तटीय पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ जान-माल, आजीविका और महत्वपूर्ण जलीय पारिस्थितिकी तंत्र से मिलने वाली सेवाओं एवं आवासों का नुकसान बढ़ सकता है।

    रिपोर्ट का संदेश स्पष्ट है कि समुद्र का बढ़ता जलस्तर अब आने वाले दशकों की समस्या नहीं, बल्कि वर्तमान समय में सामने आ रही ऐसी चुनौती है, जिसके सामाजिक, आर्थिक और मानवीय प्रभावों से निपटने के लिए तत्काल तैयारी जरूरी है।

  • विंध्य में बाढ़ से बिगड़े हालात, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर; सतना-रीवा में स्कूल बंद

    विंध्य में बाढ़ से बिगड़े हालात, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर; सतना-रीवा में स्कूल बंद


    रीवा।
    मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के चलते लगातार हो रही बारिश ने विंध्य क्षेत्र में हालात बिगाड़ दिए हैं। रीवा, सतना, मैहर, मऊगंज, सिंगरौली और शहडोल संभाग के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

    सबसे ज्यादा असर सतना और चित्रकूट में दिखाई दे रहा है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। रामघाट इलाके में करीब 400 दुकानें और 20 से 25 होटल पानी की चपेट में आ गए हैं। वहीं, रीवा जिले में बिहार और टमस नदियों के बढ़े जलस्तर के साथ तराई क्षेत्र में बेलन नदी भी उफान पर है।

    बांधों के गेट खुलने से बढ़ा पानी का बहाव

    लगातार बारिश के बीच बांधों से छोड़े जा रहे पानी ने भी स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। बाणसागर बांध के आठ गेट खोले जाने के बाद सोन नदी के बहाव में तेजी आई है। इससे नदी के आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

    बेलन नदी पर बने बांध के गेट भी खोल दिए गए हैं। इसके अलावा टमस नदी पर स्थित बकिया बैराज डैम के गेट खोले जाने से तराई क्षेत्र के गांवों में पानी का दबाव बढ़ गया है। लगातार बारिश और बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है।

    चित्रकूट में रामघाट की दुकानें और होटल डूबे

    चित्रकूट में लगातार बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। रामघाट क्षेत्र में पानी भरने से करीब 400 दुकानें और 20 से 25 होटल प्रभावित हुए हैं।

    जलस्तर बढ़ने के कारण नदी किनारे रहने वाले लोगों और कारोबारियों के सामने भी परेशानी खड़ी हो गई है। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।

    सतना, रीवा और मैहर में स्कूल-कॉलेज बंद

    लगातार बारिश और बिगड़ते हालात को देखते हुए सतना, रीवा और मैहर जिलों में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ियों को 2 और 3 सितंबर को बंद रखने का फैसला लिया गया है। अगले दो दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना को देखते हुए प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

    अगले दो दिन भारी बारिश का अलर्ट

    मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय मानसूनी सिस्टम का प्रभाव अभी बना हुआ है। इसके चलते रीवा सहित पूरे विंध्य और आसपास के क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है।

    छतरपुर, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज और सिंगरौली में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सिस्टम का प्रभाव ज्यादा रहने के कारण सतना, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

    निचले इलाकों में बढ़ सकता है खतरा

    मौसम विभाग के अलर्ट के बीच लगातार बारिश होने पर नदियों और नालों का जलस्तर और बढ़ सकता है। इससे निचले इलाकों में जलभराव की समस्या गंभीर होने की आशंका है। चित्रकूट में मंदाकिनी का बढ़ा जलस्तर पहले ही हालात को चुनौतीपूर्ण बना चुका है।

    अगले 24 से 48 घंटे विंध्य और मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से के लिए अहम माने जा रहे हैं। यदि बारिश का जोर बरकरार रहता है तो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।

  • ट्रेलर में क्यों नहीं दिखे सनी देओल? रामायण पार्ट 1 के अंत में मिलेगा बड़ा जवाब

    ट्रेलर में क्यों नहीं दिखे सनी देओल? रामायण पार्ट 1 के अंत में मिलेगा बड़ा जवाब


    नई दिल्ली। रणबीर कपूर और साई पल्लवी स्टारर फिल्म रामायण इन दिनों दर्शकों के बीच जबरदस्त चर्चा का विषय बनी हुई है। नितेश तिवारी के निर्देशन में तैयार हो रही इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका में नजर आएंगे जबकि साई पल्लवी माता सीता का किरदार निभा रही हैं। वहीं साउथ के सुपरस्टार यश फिल्म में रावण की भूमिका निभाते दिखाई देंगे। फिल्म को लेकर लगातार सामने आ रहे अपडेट के बीच अब इसके पहले पार्ट के क्लाइमैक्स से जुड़ी एक बड़ी जानकारी सामने आई है जो दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा सकती है।

    फिल्म का ट्रेलर सामने आने के बाद से ही एक सवाल लगातार चर्चा में है कि आखिर सनी देओल कहां हैं। फिल्म में सनी देओल के हनुमान का किरदार निभाने की जानकारी पहले से सामने आ चुकी है लेकिन ट्रेलर में उनकी कोई स्पष्ट झलक देखने को नहीं मिली। इसी वजह से फैंस के बीच यह सवाल उठ रहा था कि मेकर्स ने हनुमान के किरदार को ट्रेलर से क्यों दूर रखा है। अब सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक इसका जवाब फिल्म के क्लाइमैक्स में मिल सकता है।

    रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रामायण पार्ट 1 का अंत भगवान हनुमान की झलक के साथ किया जा सकता है। यानी जिस किरदार को लेकर दर्शकों में सबसे ज्यादा उत्सुकता है उसकी पहली बड़ी झलक फिल्म खत्म होने के ठीक पहले दिखाई जा सकती है। यह सीन इतना महत्वपूर्ण हो सकता है कि मेकर्स इसे फिल्म का आखिरी सीन रखने के अलावा मिड क्रेडिट या पोस्ट क्रेडिट सीन के रूप में भी पेश कर सकते हैं।

    अगर ऐसा होता है तो सिनेमाघरों में दर्शकों के लिए यह बड़ा सरप्राइज साबित हो सकता है। फिल्म की कहानी के अगले हिस्से को लेकर भी उत्सुकता बढ़ाने के लिए यह तरीका अपनाया जा सकता है। खासतौर पर सनी देओल की लोकप्रियता और हनुमान के किरदार से जुड़ी भावनात्मक अपील को देखते हुए क्लाइमैक्स में उनकी झलक दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा कर सकती है।

    रामायण को दो भागों में रिलीज करने की योजना है। पहला भाग इस साल दिवाली के मौके पर दुनियाभर के सिनेमाघरों में लाने की तैयारी है जबकि दूसरे भाग को अगले साल रिलीज किया जाना है। ऐसे में पहले पार्ट के अंत में हनुमान की एंट्री कहानी को अगले भाग से जोड़ने के लिए अहम कड़ी बन सकती है।

    फिल्म में रणबीर कपूर और साई पल्लवी के साथ यश और सनी देओल जैसे बड़े सितारों की मौजूदगी ने पहले ही इसके प्रति दर्शकों की उम्मीदें काफी बढ़ा दी हैं। अब अगर क्लाइमैक्स में सनी देओल के हनुमान का परिचय कराया जाता है तो यह फिल्म के सबसे चर्चित पलों में से एक बन सकता है। हालांकि क्लाइमैक्स में हनुमान की झलक को लेकर सामने आई जानकारी फिलहाल रिपोर्ट्स पर आधारित है और आधिकारिक तौर पर मेकर्स की ओर से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

  • स्किन केयर रूटीन में शामिल करें एवोकाडो, पोषण और नमी से त्वचा को बना सकता है ज्यादा सॉफ्ट और हेल्दी

    स्किन केयर रूटीन में शामिल करें एवोकाडो, पोषण और नमी से त्वचा को बना सकता है ज्यादा सॉफ्ट और हेल्दी


    नई दिल्ली । त्वचा की देखभाल के लिए लोग बाजार में मिलने वाले महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन कई प्राकृतिक चीजें भी स्किन केयर रूटीन में उपयोगी साबित हो सकती हैं। इन्हीं में से एक है एवोकाडो जो अपने पोषक तत्वों और हेल्दी फैट्स के कारण काफी लोकप्रिय है। एवोकाडो को खाने के साथ साथ त्वचा की देखभाल में भी शामिल किया जा सकता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व त्वचा को नमी देने और उसे मुलायम बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं। खासतौर पर जिन लोगों की त्वचा रूखी रहती है उनके लिए एवोकाडो आधारित घरेलू स्किन केयर उपाय उपयोगी हो सकते हैं। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी चीज को चेहरे पर लगाने से पहले सावधानी रखना जरूरी है।

    एवोकाडो में प्राकृतिक रूप से हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं जो त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। रूखी और बेजान त्वचा में नमी की कमी होने पर चेहरा खिंचा हुआ और थका हुआ दिखाई देने लगता है। ऐसे में एवोकाडो का गूदा त्वचा को मॉइस्चराइज करने वाले घरेलू उपाय के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। पके हुए एवोकाडो को अच्छी तरह मैश करके चेहरे पर हल्के हाथों से लगाया जा सकता है और कुछ समय बाद साफ पानी से धोया जा सकता है। यह त्वचा को मुलायम महसूस कराने में मदद कर सकता है।

    त्वचा की देखभाल के लिए एवोकाडो का इस्तेमाल अन्य प्राकृतिक चीजों के साथ भी किया जाता है। उदाहरण के लिए इसे थोड़ी मात्रा में शहद के साथ मिलाकर फेस पैक के रूप में लगाया जा सकता है। शहद त्वचा को नमी देने वाले गुणों के लिए जाना जाता है और एवोकाडो के साथ इसका संयोजन रूखी त्वचा के लिए उपयोगी महसूस हो सकता है। इस तरह के घरेलू फेस पैक को चेहरे पर बहुत अधिक देर तक रखने की जरूरत नहीं होती। लगाने से पहले त्वचा को साफ कर लेना चाहिए और बाद में चेहरे को सामान्य पानी से धोना बेहतर रहता है।

    अगर त्वचा बहुत ज्यादा रूखी दिखाई देती है तो एवोकाडो को दही जैसे हल्के प्राकृतिक पदार्थों के साथ मिलाकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे त्वचा को ताजगी और नमी का एहसास मिल सकता है। हालांकि संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को किसी भी नए मिश्रण का उपयोग करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करना चाहिए। चेहरे पर सीधे कोई भी घरेलू नुस्खा लगाने से पहले हाथ के छोटे हिस्से पर जांच करना एक सुरक्षित तरीका हो सकता है। जलन खुजली लालिमा या किसी भी तरह की परेशानी महसूस होने पर उसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए।

    एवोकाडो का लाभ केवल बाहर से लगाने तक सीमित नहीं है। संतुलित आहार में पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना भी त्वचा के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होता है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन करना अच्छी नींद लेना और नियमित रूप से त्वचा की सफाई करना हेल्दी स्किन के लिए जरूरी आदतें हैं। केवल एक घरेलू चीज से त्वचा की हर समस्या खत्म होने की उम्मीद करना सही नहीं है लेकिन सही जीवनशैली के साथ प्राकृतिक चीजों का संतुलित उपयोग स्किन केयर रूटीन को बेहतर बना सकता है।

    एवोकाडो को स्किन केयर का हिस्सा बनाते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि प्राकृतिक होने का मतलब यह नहीं है कि हर चीज हर व्यक्ति की त्वचा के लिए पूरी तरह उपयुक्त होगी। अगर लंबे समय से मुंहासे एलर्जी खुजली या अन्य त्वचा संबंधी समस्या बनी हुई है तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है। सही देखभाल और संतुलित दिनचर्या के साथ एवोकाडो को अपने ब्यूटी रूटीन में शामिल कर त्वचा को प्राकृतिक पोषण और नमी देने की कोशिश की जा सकती है।

  • सुबह शहद-नींबू पानी पीना है वेट लॉस का फॉर्मूला? जानिए क्या कहता है विज्ञान

    सुबह शहद-नींबू पानी पीना है वेट लॉस का फॉर्मूला? जानिए क्या कहता है विज्ञान


    नई दिल्ली। आज के समय में बढ़ता वजन और पेट की चर्बी लोगों के लिए बड़ी चिंता बन चुके हैं। वजन कम करने के लिए लोग डाइट से लेकर एक्सरसाइज तक कई तरीके अपनाते हैं। इसी बीच सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में नींबू और शहद मिलाकर पीने का चलन भी काफी बढ़ गया है। इसे अक्सर फैट बर्निंग या डिटॉक्स ड्रिंक के तौर पर प्रचारित किया जाता है। दावा किया जाता है कि रोजाना इसका सेवन करने से शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी तेजी से कम होती है और मेटाबॉलिज्म भी बेहतर होता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या वाकई यह पेय अकेले वजन कम कर सकता है?

    विशेषज्ञों के मुताबिक नींबू और शहद दोनों में कुछ पोषक और जैविक गुण जरूर पाए जाते हैं लेकिन इनके मिश्रण को सीधे तौर पर शरीर की चर्बी पिघलाने वाली ड्रिंक मानना सही नहीं है। अब तक ऐसा मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है जो यह साबित करे कि नींबू और शहद का पानी शरीर में जमा फैट को सीधे बर्न करता है। वजन घटाने की प्रक्रिया कई चीजों पर निर्भर करती है और इसमें पूरे दिन के खान-पान के साथ शारीरिक गतिविधि और जीवनशैली की अहम भूमिका होती है।

    नींबू पानी का एक फायदा यह जरूर हो सकता है कि इसमें कैलोरी बहुत कम होती है। अगर कोई व्यक्ति मीठे पेय या ज्यादा कैलोरी वाले ड्रिंक की जगह सादा नींबू पानी पीता है तो उसकी कुल कैलोरी खपत कम हो सकती है। पर्याप्त पानी पीना भी शरीर के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है। पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है और कुछ लोगों को भोजन से पहले पानी लेने पर पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है। इससे जरूरत से ज्यादा खाने से बचने में मदद मिल सकती है।

    हालांकि वजन घटाने के नाम पर नींबू पानी में अधिक मात्रा में शहद मिलाना उल्टा असर डाल सकता है। शहद प्राकृतिक जरूर है लेकिन इसमें कैलोरी और शुगर मौजूद होती है। इसलिए अगर कोई व्यक्ति रोजाना अपने पेय में ज्यादा शहद डालता है तो उसकी कुल कैलोरी खपत बढ़ सकती है। ऐसे में वेट लॉस की कोशिश प्रभावित हो सकती है। अगर किसी को नींबू पानी पसंद है तो इसे बिना शहद या बहुत कम मात्रा में शहद के साथ लिया जा सकता है।

    वास्तविक वेट लॉस के लिए किसी एक ड्रिंक पर निर्भर रहने के बजाय पूरे दिन की डाइट पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। भोजन में पोषक तत्वों का संतुलन बनाए रखना और जरूरत के अनुसार कैलोरी लेना महत्वपूर्ण है। इसके साथ नियमित वॉकिंग रनिंग योग या अन्य शारीरिक गतिविधियां भी वजन नियंत्रित करने में मदद करती हैं। पर्याप्त नींद और तनाव को नियंत्रित रखना भी स्वस्थ वजन बनाए रखने की प्रक्रिया का हिस्सा है।

    इसलिए शहद-नींबू पानी को चमत्कारी फैट बर्निंग ड्रिंक मानने के बजाय इसे एक कम कैलोरी वाले पेय के रूप में देखना बेहतर है। सिर्फ इसे पीने से पेट की चर्बी तेजी से कम होने की उम्मीद करना सही नहीं होगा। वजन घटाने का टिकाऊ तरीका संतुलित भोजन नियमित गतिविधि पर्याप्त पानी अच्छी नींद और लंबे समय तक स्वस्थ आदतों को अपनाना है।