सर्दियों में और भी निखर जाती है ‘क्वीन ऑफ हिल्स
Author: bharati
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ठंड में घूम आओ दक्षिण भारत के 5 खूबसूरत हिल स्टेशन सर्दियों में ट्रैवल का मजा हो जाता है डबल
नई दिल्ली । दक्षिण भारत के 5 खूबसूरत हिल स्टेशन सर्दियों का मौसम आते ही मन करता है कहीं ठंडी और सुकून भरी जगह पर घूमने निकल जाएं। अक्सर लोग उत्तर भारत के हिल स्टेशनों की तरफ रुख करते हैं लेकिन दक्षिण भारत के हिल स्टेशन भी इस मौसम में किसी जन्नत से कम नहीं लगते। यहां न ज्यादा कड़ाके की ठंड होती है और न ही भीड़-भाड़ का दबाव। हरियाली बादलों से ढके पहाड़ कॉफी-चाय के बागान और शांत माहौल सर्दियों में ट्रैवल का मजा दोगुना कर देते हैं। आइए जानते हैं दक्षिण भारत के ऐसे ही 5 हिल स्टेशनों के बारे में जो सर्दियों में और भी खूबसूरत हो जाते हैं।
सर्दियों में और भी निखर जाती है ‘क्वीन ऑफ हिल्सतमिलनाडु की ऊटी को यूं ही पहाड़ों की रानी नहीं कहा जाता। सर्दियों में यहां की ठंडी हवा हरे-भरे गार्डन और चाय के बागान अलग ही सुकून देते हैं। सुबह की हल्की धुंध और शाम की ठंडक घूमने का मजा बढ़ा देती है। बोटैनिकल गार्डन और ऊटी लेक इस मौसम में खास तौर पर आकर्षक लगते हैं।चाय के बागानों के बीच सर्दियों का सुकूनकेरल का मुन्नार सर्दियों में और भी खूबसूरत नजर आता है। चारों तरफ फैले चाय के बागान ठंडी हवाएं और बादलों से ढकी पहाड़ियां मन को शांति देती हैं। यहां का मौसम सर्दियों में घूमने के लिए बिल्कुल परफेक्ट रहता है। नेचर लवर्स और कपल्स के लिए यह जगह किसी सपने से कम नहीं।बादलों और झीलों का रोमांटिक संगमतमिलनाडु का कोडाइकनाल सर्दियों में बेहद शांत और रोमांटिक हो जाता है। यहां की झीलें झरने और घुमावदार सड़कें सफर को यादगार बना देती हैं। ठंडी हवा और हल्की धूप के बीच टहलना यहां का खास अनुभव है। यही वजह है कि सर्दियों में यहां पर्यटकों की पसंद और बढ़ जाती है।कॉफी की खुशबू और सर्दियों की ठंडककर्नाटक का कूर्ग सर्दियों में हरियाली और ठंडी फिजा के लिए जाना जाता है। कॉफी के बागान पहाड़ों से गिरते झरने और शांत वातावरण यहां की पहचान हैं। सर्दियों में मौसम इतना सुहावना होता है कि घूमने के साथ-साथ आराम करने का भी भरपूर मौका मिलता है।भीड़ से दूर सुकून भरी जगहअगर आप सर्दियों में भीड़-भाड़ से दूर किसी शांत जगह पर जाना चाहते हैं तो यरकौड एक अच्छा विकल्प है। तमिलनाडु का यह हिल स्टेशन सर्दियों में ठंडी हवा और हरियाली से भर जाता है। यहां का शांत माहौल और प्राकृतिक खूबसूरती ट्रैवल को खास बना देती है।अब सर्दियों में घूम आओदक्षिण भारत के ये हिल स्टेशन सर्दियों में न सिर्फ खूबसूरत लगते हैं बल्कि यहां का मौसम भी घूमने के लिए बेहद आरामदायक होता है। अगर आप इस सर्दी कुछ अलग और सुकून भरा ट्रैवल अनुभव चाहते हैं तो इन जगहों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल करें। यहां आकर सच में ट्रैवल का मजा डबल हो जाता है। -

वैभव सूर्यवंशी: 36 गेंदों में शतक वैभव सूर्यवंशी ने विजय हजारे ट्रॉफी में मचाया गर्दा उड़ाए इतने छक्के-चौके
नई दिल्ली । विजय हजारे ट्रॉफी 2025: 14 साल के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अंडर 19 एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान से मिली हार को भूलते हुए विजय हजारे ट्रॉफी में धमाकेदार आगाज किया है उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ गर्दा मचाते हुए सिर्फ 36 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया वैभव सूर्यवंशी की पारी में छक्के-चौकों की बाढ़ सी दिखी सबसे बड़ी बात ये कि वैभव सूर्यवंशी ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ अपनी ताबड़तोड़ पारी की नुमाइश धोनी के घर में की है ये मुकाबला रांची में खेला जा रहा हैवैभव सूर्यवंशी ने 36 गेंदों पर ठोका पहला शतकविजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के पहले ही मैच में बिहार की ओर से ओपन करते हुए वैभव सूर्यवंशी ने अरुणाचल प्रदेश के गेंदबाजों का धागा खोल दिया उन्होंने सिर्फ 36 गेंदों पर शतक पूरा किया, जिसमें 10 चौके और 8 छक्के शामिल रहे ये तो सिर्फ शतक का हाल रहा उनकी पारी इससे आगे भी बरकरार रही ये विजय हजारेे ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी का पहला शतक है
विजय हजारे ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी ने क्या रिकॉर्ड बनायावैभव सूर्यवंशी ने पिछले साल ही विजय हजारे ट्रॉफी में डेब्यू किया था 13 साल की उम्र में डेब्यू कर वो इस टूर्नामेंट को खेलने वाले सबसे छोटे खिलाड़ी बने थे पिछले सीजन अपनी उम्र से इतिहास रचने वाले वैभव ने इस बार अपने बल्ले से विजय हजारे में इतिहास रचा है वो अब विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बन गए हैंवैभव सूर्यवंशी का विजय हजारे ट्रॉफी में सबसे बड़ा स्कोर
वैभव सूर्यवंशी का विजय हजारे ट्रॉफी में ये 7वां मैच है इससे पहले 6 मुकाबले उन्होंने टूर्नामेंट के पिछले सीजन में खेले थे उन 6 मैचों में वो बस 132 रन ही बना सके थे, जिसमें उनका बेस्ट स्कोर 71 रन रहा था लेकिन, इस बार उन्होंने पहले ही मैच में पिछले 6 मैचों के मुकाबले ज्यादा रन ठोक दिए हैं -

पुत्रदा एकादशी 2025 साल की आखिरी एकादशी पर विष्णु जी को कैसे करें प्रसन्न जानें 5 सरल उपाय
नई दिल्ली । पुत्रदा एकादशी 2025 हिंदू धर्म में सभी तिथियों का विशेष महत्व माना गया है। हालांकि इनमें प्रत्येक महीने की ग्यारहवीं तिथि अधिक महत्वपूर्ण होती हैं। मान्यता है कि इस दिन एकादशी व्रत किया जाता है जो सृष्टि के पालनहार विष्णु जी को समर्पित है। इस दिन उनकी पूजा-अर्चना दान-दक्षिणा या भजन-कीर्तन जैसे शुभ कार्य करने से प्रभु शीघ्र प्रसन्न होते हैं। इसके प्रभाव से घर से लेकर साधक के निजी जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं यही नहीं धन की माता लक्ष्मी जी भी अपनी असीम कृपा बरसाती हैं।वर्तमान में पौष महीना जारी है और इस माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर पुत्रदा एकादशी मनाई जाती है। इस वर्ष 30 दिसंबर 2025 को पुत्रदा एकादशी व्रत रखा जाएगा। यह साल 2025 की आखिरी एकादशी होगी। ऐसे में इस दिन कुछ सरल उपाय करने से प्रभु प्रसन्न हो सकते हैं। साथ ही कार्यों में आ रही रुकावटें विवाह मार्ग बाधाएं और करियर में अच्छे रिजल्ट मिल सकते हैं। ऐसे में आइए इन उपायों को जानते हैं।पुत्रदा एकादशी 2025
इस वर्ष पौष महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 30 दिसंबर 2025 को सुबह 7 बजकर 50 मिनट पर शुरू होगी। इस तिथि का समापन अगले दिन 31 दिसंबर की सुबह 5 बजे होगा। इसलिए 30 दिसंबर 2025 को पुत्रदा एकादशी मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक पुत्रदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु का पंचामृत से अभिषेक करें। यह सरल उपाय करियर में तरक्की प्रमोशन के योग और व्यापार विस्तार की बाधाओं को दूर करता है। साथ ही मानसिक शांति भी बनी रहती हैं।
पुत्रदा एकादशी के दिन आप पान के पत्ते पर ‘ॐ विष्णवे नमः’ लिखकर विष्णु जी के चरणों में चढ़ाएं। यह शुभ होता है। मान्यता है कि इस सरल उपाय से प्रभु प्रसन्न होकर अपनी कृपा बरसाते हैं। पूजा के बाद इस पत्ते को आप अपनी तिजोरी में रख लें। इससे आर्थिक उन्नति भी होती हैं।एकादशी के दिन विष्णु जी को केले का भोग लगाएं। इसके बाद गाय को घी चुपड़ी हुई रोटी पर गुड़ रखकर खिला दें। मान्यता है कि यह सरल उपाय संतान के जीवन में सुख-समृद्धि से लेकर उनकी खुशियों में वृद्धि करता है।
पुत्रदा एकादशी पर आप तीन तुलसी के पत्ते पर 11 बार श्री का जाप करके भगवान विष्णु को अर्पित करें। इस इसके बाद शाम को तुलसी के पास दीपक जलाकर उनकी पूजा भी करें। यह सरल उपाय बरकत के योग का निर्माण करता है एकादशी पर आप पीपल के पेड़ के नीचे तेल का एक दीपक जलाएं। इसके बाद पूजा करते हुए आप ऊँ नमो नारायणाय नमः मंत्र का जाप करें। मान्यता है कि इससे भगवान विष्णु की कृपा मिलती हैं। साथ ही व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।
पूजा का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह में 5:24 से 06:19
प्रातः सन्ध्या- सुबह में 5:51 से 07:13
अभिजित मुहूर्त- दोपहर में 12:3 से 12:44
विजय मुहूर्त- दोपहर में 2:07 से 02:49
निशिता मुहूर्त- रात 11:57 से सुबह 12:51 -

धुरंधर की ताबड़तोड़ कमाई 19वें दिन 17 25 करोड़ की कमाई अवतार 3 भी कर रहा अच्छा प्रदर्शन
नई दिल्ली । रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना की स्पाई थ्रिलर धुरंधर बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई कर रही है। फिल्म को रिलीज हुए 19 दिन हो चुके हैं और इन 19 दिनों में फिल्म की कमाई में लगातार उछाल देखने को मिला है। धुरंधर ने 19वें दिन 17 25 करोड़ की कमाई की जिससे फिल्म का कुल कलेक्शन 589 50 करोड़ तक पहुँच गया है। वर्ल्डवाइड कलेक्शन ने 897 5 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है जिससे यह फिल्म इस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है।धुरंधर की हिंदी ऑक्यूपेंसी 30 70% रही और शोज की बात करें तो सुबह के शोज में 18 59% दोपहर के शोज में 32 66% शाम के शोज में 35 67% और रात के शोज में 35 88% ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई। यह फिल्म अब तक बॉक्स ऑफिस पर बेहद प्रभावी साबित हुई है और दर्शकों से भी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।
वहीं हॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित फिल्म अवतार: फायर एंड एश का कलेक्शन भी अच्छे आंकड़े दिखा रहा है। 5 दिनों में फिल्म ने भारत में 85 50 करोड़ की कमाई की है जबकि वर्ल्डवाइड कलेक्शन 3550 करोड़ तक पहुँच चुका है। फिल्म की सोशल मीडिया पर भी खूब तारीफ हो रही है और इसका रिस्पॉन्स पॉजिटिव है। हालांकि भारत में अवतार 3 धुरंधर से पीछे है लेकिन फिल्म ने अच्छी कमाई की है और इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है।
अवतार: फायर एंड एश के पहले दो पार्ट्स भी बॉक्स ऑफिस पर हिट रहे थे पहला पार्ट 2009 में आया था और दूसरा 2022 में। अब साल 2025 में अवतार के तीसरे पार्ट के रूप में अवतार: फायर एंड एश ने दर्शकों का दिल जीतने में सफलता पाई है। दोनों फिल्में धुरंधर और अवतार 3 बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई कर रही हैं। जहां धुरंधर भारतीय सिनेमाघरों में हिट हो रही है वहीं अवतार: फायर एंड एश भी वर्ल्डवाइड दर्शकों का दिल जीतने में सफल रही है।
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विघ्नेश्वर चतुर्थी 2025: गणेश जी के मंत्र पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
नई दिल्ली । आज 24 दिसंबर को विघ्नेश्वर चतुर्थी का पर्व मनाया जा रहा है जो विशेष रूप से भगवान गणेश की पूजा से जुड़ा हुआ है। यह पर्व पौष माह की विनायक चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है और इसे विघ्नेश्वर चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से गणेश जी की पूजा करने से जीवन के सारे विघ्न दूर होते हैं और समृद्धि सफलता और सिद्धि की प्राप्ति होती है।विघ्नेश्वर चतुर्थी का शुभ मुहूर्त चतुर्थी मध्याह्न पूजा मुहूर्त
सुबह 11:19 बजे से दोपहर 1:11 बजे तक वर्जित चंद्रोदय काल सुबह 10:16 बजे से रात 9:26 बजे तक इस दौरान चंद्र दर्शन न करें
गणेश जी की पूजा विधि
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर के मंदिर या पूजा स्थल की साफ-सफाई करें। पूजा की चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर भगवान गणेश की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। कलश स्थापना करके पंचामृत से भगवान गणेश का अभिषेक करें। इसके बाद वस्त्र जनेऊ चंदन दूर्वा फूल धूप और दीप अर्पित करें। भगवान गणेश को मोदक गुड़ या लड्डू का भोग लगाएं। गणेश जी के मंत्रों का जाप करें और अंत में आरती करें।
गणेश जी के मंत्र:ॐ गण गणपतये नमः कम से कम 108 बार जाप करें श्री गणेशाय नम: ऊं गं गणपतये नमः वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ । निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥गणेश गायत्री मंत्र:
ॐ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभः। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥गणेश जी की आरतीजय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा माता जाकी पार्वती पिता महादेवा।
एक दंत दयावंत चार भुजा धारी माथे सिंदूर सोहे मूसे की सवारी। यह आरती भगवान गणेश के गुणों और उनकी कृपा के बारे में है जो भक्तों के जीवन में सुख समृद्धि और शांति लाती है।
विघ्नेश्वर चतुर्थी का महत्वइस दिन का व्रत रखने और गणेश जी की पूजा करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं। विशेष रूप से नौकरी व्यापार शिक्षा और वैवाहिक जीवन में आने वाली समस्याओं से राहत मिलती है और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। आज के दिन गणेश जी की पूजा विधि और मंत्रों के जाप से न केवल आशीर्वाद प्राप्त होता है बल्कि जीवन में सुख-शांति और समृद्धि भी आती है।
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माधुरी दीक्षित की बहू दीक्षा जुनेजा के बोल्ड सीन से मचा तहलका वेब सीरीज ने उड़ाई रातों की नींद
नई दिल्ली । बॉलीवुड की लिजेंड माधुरी दीक्षित इन दिनों अपनी नई वेब सीरीज मिसेज देशपांडे को लेकर चर्चा में हैं। इस सीरीज में माधुरी ने एक अलग तरह की भूमिका निभाई है लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रही हैं उनकी ऑन-स्क्रीन बहू तन्वी का किरदार निभा रही अभिनेत्री दीक्षा जुनेजा।दीक्षा जुनेजा की एक्टिंग और स्क्रीन पर उनकी केमिस्ट्री ने इस सीरीज को और भी खास बना दिया है। खासकर पहले एपिसोड में दीक्षा और अभिनेता सिद्धार्थ चंदेकर के बीच फिल्माया गया एक बोल्ड सीन सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह सीन दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है और दीक्षा जुनेजा की लोकप्रियता में जबरदस्त इजाफा हुआ है।
दीक्षा का करियर भी काफी दिलचस्प रहा है। वह पहले एक महिला पत्रकार थीं लेकिन बाद में उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अपनी पहचान बनाने के बाद उन्होंने मिसेज देशपांडे में अपनी एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीत लिया। इससे पहले वह सारे जहां से अच्छा सीरीज में भी नसीमा के किरदार में नजर आ चुकी हैं।
दीक्षा जुनेजा अपनी स्टाइल और ग्लैमरस अंदाज के लिए भी सोशल मीडिया पर फेमस हैं। उनकी तस्वीरें और अपडेट्स हमेशा वायरल होते रहते हैं और उनके फैंस उन्हें बेहद पसंद करते हैं। यदि आप भी इस सीरीज को देखना चाहते हैं तो मिसेज देशपांडे जियो हॉटस्टार पर उपलब्ध है। छह एपिसोड की यह सस्पेंस और इमोशन से भरपूर सीरीज आपको अंत तक बांधे रखेगी।
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अमित शाह कल करेंगे ग्वालियर व्यापार मेला का उद्घाटन शिल्प और संस्कृति का संगम
ग्वालियर । ग्वालियर व्यापार मेला जो मध्य भारत का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक मेला माना जाता है 25 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में इस मेले का उद्घाटन होने वाला है जो व्यापारियों और सैलानियों के लिए एक खास अवसर बनेगा। मेला प्राधिकरण और प्रशासन ने उद्घाटन की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है और अब इस मेला के उद्घाटन का इंतजार है।इस वर्ष का मेला पहले से भी ज्यादा खास होगा क्योंकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आगमन से व्यापारियों और स्थानीय लोगों का उत्साह दोगुना हो गया है। सुरक्षा और स्वागत की भव्य तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
मेले में इस बार विभिन्न सेक्टरों की छटा देखने को मिलेगी ऑटोमोबाइल क्षेत्र में शोरूम सजाए जा रहे हैं और बड़ी संख्या में लोग वाहन खरीदारी की योजना बना रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में नए गैजेट्स और घरेलू उपकरणों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनेगी।इसके साथ ही झूला सेक्टर और फूड जोन में रोमांच और स्वाद का तड़का होगा। हाई-टेक झूले युवाओं के लिए तैयार हैं जबकि फूड जोन में राजस्थानी पंजाबी और दक्षिण भारतीय व्यंजन भी स्वादिष्ट रूप से परोसे जाएंगे। मेला न केवल व्यापार बल्कि कला और संस्कृति का भी केंद्र बनेगा जहां 1 जनवरी से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन शुरू होगा।
जनवरी के महीने में पहलवानी का भी आयोजन होगा। 19-20 जनवरी को जिला स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता और 23-25 जनवरी को राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता होगी जो खेल प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी।व्यापारी भी इस वर्ष मेला में उत्साहित हैं। पारदर्शी प्रक्रिया के तहत दुकान आवंटन के बाद उत्तर प्रदेश राजस्थान दिल्ली जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में व्यापारी ग्वालियर आ रहे हैं। हस्तशिल्प और फर्नीचर सेक्टर में इस बार ऐसी अनोखी कलाकृतियां देखने को मिलेंगी जो पहले कभी नहीं आईं। ग्वालियर व्यापार मेला इस बार एक बेहतरीन अनुभव देने वाला है जिसमें व्यापार कला संस्कृति और खेल का जबरदस्त मिश्रण देखने को मिलेगा।
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भारत से रिश्ते सुधारने के प्रयास…. यूनुस सरकार ने 50000 टन चावल खरीदने के प्रस्ताव को दी मंजूरी
ढाका। बांग्लादेश (Bangladesh) की अंतरिम सरकार (Interim Government) के वित्त सलाहकार सालेहुद्दीन अहमद (Finance Advisor Salehuddin Ahmed) ने मंगलवार को कहा कि मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) भारत के साथ तनावपूर्ण रिश्तों को आसान बनाने के लिए कदम उठा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन आर्थिक हितों को राजनीतिक बयानबाजी से अलग रखते हुए भारत के साथ व्यापारिक रिश्तों को आगे बढ़ाने पर काम कर रहा है।अहमद ने यह टिप्पणी अपने कार्यालय में सरकारी खरीद से जुड़े सलाहकार परिषद समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में की। उन्होंने कहा कि मुख्य सलाहकार भारत के साथ राजनयिक रिश्तों में सुधार के लिए विभिन्न हितधारकों से संवाद कर रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या यूनुस ने सीधे भारत से बात की है, तो अहमद ने कहा कि मुख्य सलाहकार ने सीधे तौर पर नहीं, लेकिन इस मसले से जुड़े लोगों से बातचीत जरूर की है।
वित्त सलाहकार ने जोर देकर कहा कि बांग्लादेश की व्यापार नीति राजनीतिक कारणों से संचालित नहीं होती। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि भारत से चावल आयात करना वियतनाम या अन्य देशों की तुलना में सस्ता पड़ता है, तो आर्थिक दृष्टि से भारत से ही खरीदना उचित है। अहमद ने बताया कि भारत के बजाय वियतनाम से चावल मंगाने पर प्रति किलोग्राम लगभग 10 टका (0.082 अमेरिकी डॉलर) अधिक खर्च आता है।
इस बीच, बांग्लादेश सरकार ने मंगलवार को भारत से 50,000 टन चावल खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। अहमद ने कहा कि यह कदम दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों की दिशा में भी मददगार साबित हो सकता है, साथ ही इससे बांग्लादेश को आर्थिक लाभ भी होगा।
अहमद की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब कूटनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ढाका और नई दिल्ली के बीच संबंध 1971 में पाकिस्तान से बांग्लादेश की स्वतंत्रता के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। हाल के महीनों में दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजनयिकों को तलब किया है और दोनों राजधानियों समेत विभिन्न स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन भी हुए हैं।
हालांकि, वित्त सलाहकार ने इन आकलनों से आंशिक रूप से असहमति जताई। उन्होंने कहा- स्थिति इतनी खराब नहीं हुई है। उनके अनुसार, बाहरी तौर पर भले ही ऐसा लगे कि कई तरह की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन कुछ बयान ऐसे होते हैं जिन्हें पूरी तरह रोका नहीं जा सकता।
जब उनसे पूछा गया कि क्या लोग या बाहरी ताकतें भारत विरोधी बयान दे रही हैं, तो अहमद ने कहा कि बांग्लादेश किसी भी तरह की कड़वाहट नहीं चाहता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई बाहरी तत्व दोनों देशों के बीच तनाव भड़काने की कोशिश कर रहा है, तो यह किसी के भी हित में नहीं है।
अहमद ने स्पष्ट किया कि ऐसे बयान या घटनाएं राष्ट्रीय अभिव्यक्ति का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं, बल्कि वे बांग्लादेश के लिए अनावश्यक रूप से जटिल हालात पैदा करती हैं। उनका कहना था कि सरकार का उद्देश्य व्यावहारिक और आर्थिक तर्कों के आधार पर फैसले लेना और पड़ोसी देशों के साथ स्थिर तथा सहयोगपूर्ण रिश्ते बनाए रखना है।
बहरहाल, बांग्लादेश सरकार के इस रुख से संकेत मिलता है कि वह क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक लाभ को प्राथमिकता देते हुए भारत के साथ संबंधों में सुधार की राह तलाश रही है, भले ही राजनीतिक बयानबाजी और कूटनीतिक तनावों की चुनौतियां बनी हुई हों।
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US: अभी खत्म नहीं हुआ ट्रंप के Tariff का खेल, चाइना पर फिर फूटेगा टैरिफ बम
वाशिगटन। डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ (Donald Trump Tariff) का खेल अभी खत्म नहीं हुआ है. अमेरिकी राष्ट्रपति (American President) एक बार फिर चीन पर टैरिफ लगाने (US Tariff On China) के लिए तैयार हैं और इसके लिए तारीख भी तय कर दी गई है. जी हां, अमेरिका चीन से आयात सेमीकंडक्टर चिप (Tariff On Chinese chips) टैरिफ बढ़ाने की तैयारी में है और लेकिन इसे 18 महीने के लिए अभी टाला गया है. चाइनीज चिप आयात पर ट्रंप कितना टैरिफ लगाएंगे इसकी दर भी कम से कम एक महीने पहले तय की जाएगी।
18 महीने तक जीरो, फिर होगा फैसला
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका चीनी चिप्स पर टैरिफ में 18 महीने बाद बढ़ोतरी करेगा. Donald Trump प्रशासन ने मंगलवार को फेडरल रजिस्टर में दाखिल एक दस्तावेज में साफ किया है कि अमेरिका जून 2027 में चीनी सेमीकंडक्टर आयात पर टैरिफ बढ़ाएगा और इसके लागू होने से महीनेभर पहले Tariff Rate भी तय कर दिया जाएगा।डॉक्युमेंट्स के मुताबिक, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय द्वारा शेयर जानकारी में बताया गया है कि चीन से सेमीकंडक्टर आयात पर प्रारंभिक टैरिफ दर इन 18 महीनों के लिए शून्य (Zero Tariff) ही रहेगा. अमेरिका ने पाया है कि चीन सेमीकंडक्टर बिजनेस में अनुचित व्यापार प्रथाओं में लिप्त है. यह नोटिस पुराने चिप्स पर केंद्रित प्रोसेस का अगला चरण है, जो बिजनेस एक्ट की धारा 301 के तहत बाइडेन प्रशासन के दौरान शुरू हुई थी।
23 जून की तारीख हो गई तय
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय की ओर से फाइलिंग में कहा गया है कि दशकों से China ने इस उद्योग पर अपना दबदबा कायम करने का टारगेट बनाकर तेजी से आक्रामक और व्यापक गैर-बाजार नीतियों को अपनाया है. हालांकि, नए टैरिफ को कम से कम 18 महीनों के लिए टालने का Donald Trump का निर्णय इस बात का संकेत भी देता है कि ट्रंप प्रशासन अमेरिका और चीन के बीच किसी भी व्यापारिक शत्रुता को कम करने की कोशिश कर रहा है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीते अक्टूबर महीने में ट्रेड टेंशन को खत्म करने के लिए एक करार किया था, जिसके अमेरिका ने कुछ Tariff Cut किया और चीन ने दुर्लभ पृथ्वी धातुओं (Rare Earth Metals) के निर्यात की अनुमति दी थी. अमेरिकी आयकर विभाग (USTR) द्वारा मंगलवार को दाखिल किए गए दस्तावेज में US Tariff On China की डेट 23 जून 2027 तय की गई है।
टैरिफ के असर पर बारीक नजर
NYT की रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि ट्रंप प्रशासन द्वारा टैरिफ बढ़ाने के लिए तय की गई 2027 की नई तारीख अमेरिकी कंपनियों को स्पष्टता प्रदान करती है, जिन्होंने कहा है कि वे इस बात पर बारीकी से नजर रख रही हैं कि अमेरिकी टैरिफ उनके व्यवसायों या आपूर्ति श्रृंखलाओं को कैसे प्रभावित (US Tariff Imapct) कर सकते हैं. ये टैरिफ कानून की धारा 232 के तहत ट्रंप प्रशासन द्वारा चीनी चिप्स आयात (China Cips Import) पर लगाए जाने वाले अन्य शुल्कों से अलग हैं। -

जीतन राम मांझी का दावा… बोले- हर MP-MLA लेता है कमीशन', सियासी गलियारे में मची हलचल
गयाजी। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने अपने नए और सनसनीखेज बयान से NDA को असहज स्थिति में डाल दिया है। जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने दावा किया है कि सभी सांसद और विधायक (MP-MLA ) अपने निर्वाचन क्षेत्र के डेवलपमेंट फंड में कमीशन (Development Fund Commission) लेते हैं। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (धर्मनिरपेक्ष) सुप्रीमो मांझी ने आगे दावा किया कि उन्होंने कई बार पार्टी को अपना कमीशन दिया था और पार्टी नेताओं को सलाह दी थी कि वे उस पैसे का इस्तेमाल कार खरीदने के लिए करें। जीतन राम मांझी ने हाल ही में HAM के एक कार्यक्रम में ये बयान दिया है।
सांसद-विधायक लेते हैं कमीशन- जीतन राम मांझी
जीतन राम मांझी ने विधायकों से कहा कि अगर उन्हें 10% कमीशन नहीं मिल पा रहा है, तो 5% तो ले ही लें। उन्होंने आगे कहा, ‘हर सांसद और विधायक कमीशन लेता है और एक रुपये में से 10 पैसे भी लेना एक बड़ी रकम है।’ गया जी लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले श्री मांझी ने कहा, ‘मैंने व्यक्तिगत रूप से कई बार अपनी कमीशन राशि पार्टी कोष में दी है। एक सांसद को 5 करोड़ रुपये मिलते हैं, और अगर उसे 10% कमीशन मिलता है, तो यह 40 लाख रुपये हो जाएगा।’
मैंने तो बेटे से भी कमीशन लेने को कहा- मांझी
एक रिपोर्ट के अनुसार जीतन राम मांझी यहीं नहीं रुके, यहां तक कहा कि उन्होंने अपने बेटे और पार्टी अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन, जो राज्य में कैबिनेट मंत्री हैं, से भी कमीशन लेने को कहा, क्योंकि यह कोई रहस्य नहीं था और हर कोई ऐसा करता था।’ अपने बेटे की ओर देखते हुए मांझी ने कहा, ‘अगर ये लोग [पार्टी नेता] ऐसा करने में असमर्थ हैं, तो यह पार्टी अध्यक्ष की गलती है।’
2030 में HAM 100 सीटों पर लड़े चुनाव- मांझी
उन्होंने घोषणा की कि आगामी विधानसभा चुनाव में HAM को 100 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए और यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी। जीतन राम मांझी ने अपने बेटे को लक्ष्य हासिल करने के लिए एक कार्य योजना तैयार करने को कहा और बताया कि उनकी जाति के लोग इसका समर्थन करेंगे, हालांकि HAM को कुछ और जातियों के समर्थन की भी आवश्यकता होगी। उन्होंने यह भी कहा कि एनडीए की सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन्हें कम आंककर गलती की है।
तीन प्रमंडलों में मांझी ने ठोका दावा
जीतन राम मांझी ने कहा कि ‘पूर्णिया, मगध और मुंगेर डिवीजनों में हम कोई साधारण पार्टी नहीं हैं। पश्चिम चंपारण में भी हमारे समर्थक हैं। हमारी पार्टी हर जगह मजबूत है, लेकिन भाजपा ने हर चुनाव में हमें कम आंका है। अब तक जो हुआ है, वह ठीक है। अगर अगले चुनाव में हमें महत्व नहीं दिया गया, तो हम अपना अलग रास्ता अपनाएंगे।’ कुछ दिनों पहले, जीतन राम मांझी के भाषण का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसमें उन्हें यह कहते हुए सुना गया था कि 2020 के विधानसभा चुनाव में, उन्होंने अपने टिकारी उम्मीदवार को, जो 2,700 वोटों से पीछे चल रहे थे, गया जी के तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट के समर्थन से जीत दिलाने में मदद की थी।
मांझी पहले भी दे चुके हैं ऐसे बयान
ये कोई पहली बार नहीं है जब बेबाकी से जीतन राम मांझी ने ऐसे बयान दिए हैं। इससे पहले मांझी ने 2015 में मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद बिहार में एस्टीमेट घोटाले का जिक्र कर बहस छेड़ दी थी। तब मांझी ने कहा था कि सरकारी ठेकों में जमकर एस्टीमेट घोटाला किया जाता है। ठेकों में पैसा बनाने के लिए एस्टीमेट को जान बूझ कर बढ़ा चढ़ा कर बताया जाता है। हाल ही में राज्यसभा सीट की उनकी मांग पूरी न होने पर गठबंधन से बाहर निकलने की उनकी टिप्पणी ने भी हलचल मचा दी थी।बीजेपी ने बताया निजी राय
मंत्री और भाजपा नेता दिलीप कुमार जायसवाल ने जीतन राम मांझी की टिप्पणी को उनकी निजी राय बताया है। वहीं विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल को बैठे-बिठाए मुद्दा मिल गया है। RJD के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि विधानसभा चुनाव में 202 सीटें जीतने के बावजूद एनडीए में सब कुछ ठीक नहीं है।