प्रशिक्षण संस्थान को सर्वश्रेष्ठ बनाने का लक्ष्य
सहकारी संरचना को मजबूत करने पर जोर
प्रशिक्षण गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार

पोस्ट ऑफिस आरडी स्कीम का आकर्षक ऑफर
पोस्ट ऑफिस की आरडी स्कीम में निवेशक को 6.7% वार्षिक ब्याज मिलता है जो तिमाही आधार पर जमा होता है। इस स्कीम की खास बात ये है कि यह पूरी तरह से रिस्क-फ्री है क्योंकि यह सरकार द्वारा संचालित योजना है। इसमें निवेश करने पर आपको अच्छा रिटर्न मिलता है जो आपको बैंक एफडी से भी ज्यादा ब्याज प्रदान करता है।
कैसे होगी 2.54 लाख की कमाई: कैलकुलेशन
पोस्ट ऑफिस आरडी स्कीम में आप हर महीने ₹5000 का निवेश करके बड़ी रकम जमा कर सकते हैं। अब जानें कैसे इस स्कीम में निवेश से आप ब्याज से 2.54 लाख रुपये कमा सकते हैं:
5 साल का निवेश:
हर महीने ₹5000 निवेश करने पर 5 साल में आपका कुल निवेश होगा ₹300000। इस निवेश पर 6.7% वार्षिक ब्याज मिलेगा जो तिमाही आधार पर जमा होता है। इस पर मिलने वाला ब्याज ₹56830 होगा।
कुल मिलाकर 5 साल में आपका फंड बढ़कर ₹356830 हो जाएगा।
रिस्क-फ्री निवेश: पोस्ट ऑफिस की आरडी स्कीम पूरी तरह से सुरक्षित है क्योंकि यह सरकार द्वारा संचालित है। इसमें कोई भी जोखिम नहीं होता है। बेहद आकर्षक ब्याज दर: इस स्कीम में आपको 6.7% का ब्याज मिलता है जो बहुत से बैंकों की एफडी से ज्यादा है। लचीलापन आप इस योजना को अपनी सुविधानुसार 5 या 10 साल के लिए बढ़ा सकते हैं।
पोस्ट ऑफिस आरडी स्कीम एक बेहतरीन और सुरक्षित निवेश विकल्प है जिसमें आप नियमित रूप से छोटी राशि का निवेश करके बड़ी रकम जमा कर सकते हैं। 10 साल के निवेश से ब्याज से ₹2.54 लाख की कमाई की जा सकती है और इस दौरान आपका कुल फंड ₹8.54 लाख तक पहुंच सकता है। यदि आप एक सुरक्षित और जोखिम-मुक्त निवेश की तलाश में हैं तो यह स्कीम आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है।

जल, ऊर्जा और आधारभूत संरचना
जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले के सभी 922 ग्रामों में 2.40 लाख से अधिक नल जल कनेक्शन दिए जा रहे हैं। लगभग 1332 करोड़ रुपए की लागत से नल-जल योजनाएं प्रगतिरत हैं।
इसके साथ ही गांधीसागर जल विद्युत गृह की 115 मेगावाट क्षमता की इकाइयों के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण हेतु 418.91 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।
स्वास्थ्य और शिक्षा में ऐतिहासिक प्रगति
मंदसौर जिला मुख्यालय पर श्री सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अक्टूबर 2024 से 100 सीटों के साथ प्रारंभ किया गया है, जहां वर्तमान में प्रथम व द्वितीय वर्ष के कुल 200 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
इसके अतिरिक्त जिले में 13 सांदीपनि विद्यालयों को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनमें से अधिकांश भवनों का निर्माण पूर्ण हो चुका है।
कृषि और किसान कल्याण
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत जिले के 2.19 लाख से अधिककिसानों को 43.96 करोड़ रुपए की सहायता दी गई है।सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना में 8,803 किसानों को 10.20करोड़ रुपए की राशि सीधे खातों में दी गई। अतिवृष्टि एवं फसल क्षति के लिए जिले को 267.29 करोड़ रुपए की राहत राशि प्राप्त हुई।
औद्योगिक विकास और रोजगार
जिले में 331.47 हेक्टेयर भूमि पर नए औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार किया गया है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में आयोजित कृषि उद्योग समागम 2025 में 3,600 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जिससे लगभग 12,500 रोजगार सृजित होंगे।मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 487 हितग्राहियों को 35.39 करोड़ रुपए का ऋण देकर स्वरोजगार से जोड़ा गया।
नगरीय और ग्रामीण विकास
अमृत 2.0 योजना में 194.82 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अंतर्गत 10,166 आवास पूर्ण हो चुके हैं।ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत भवन, सामुदायिक भवन, ग्राम सड़क एवं आवास सहित 50,512 विकास कार्यों के लिए 810.01 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है।
भविष्य की दिशा
प्रभारी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि मंदसौर जिला निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है और आने वाले समय में इसे विकास के नए शिखर पर पहुंचाया जाएगा।

स्वास्थ्य में सुधार के लिए
सफला एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करते समय उन्हें पीले रंग के फूल अर्पित करें और साथ ही 108 बार “ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें। यह उपाय शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं दूर हो सकती हैं।
व्यापार में सफलता के लिए
यदि आप अपने व्यापार में सफलता की कामना रखते हैं तो सफला एकादशी के दिन भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी की पूजा करें। विष्णु जी को पीले रंग के वस्त्र अर्पित करें और मां लक्ष्मी को लाल रंग के वस्त्र अर्पित करें। ऐसा करने से व्यापार में चौगुनी वृद्धि और सफलता प्राप्त होती है।
घर में सुख-शांति और संपन्नता के लिए
सफला एकादशी पर घर में सुख-शांति बनाए रखने के लिए 9 मुखी दीपक जलाएं और विष्णु-लक्ष्मी की पूजा करें। साथ ही सहस्त्रनाम का पाठ करें। यह उपाय घर में नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करता है और घर में शांति सुख और समृद्धि बनी रहती है।
विवाह में रुकावटें दूर करने के लिए
अगर आपके विवाह में कोई बाधाएं आ रही हैं तो सफला एकादशी के दिन एक लोटे में हल्दी मिला जल लेकर उसे केले के पौधे की जड़ में अर्पित करें। इससे विवाह संबंधी परेशानियों का समाधान होता है और साथ ही आपकी कुंडली में गुरु बृहस्पति की स्थिति भी मजबूत होती है।
धन प्राप्ति के लिए
मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए भगवान विष्णु का अभिषेक करना अत्यंत शुभ माना जाता है। जल से अभिषेक करते समय दक्षिणावर्ती शंख का उपयोग करें जो धन की प्राप्ति के लिए विशेष रूप से लाभकारी है। इसके अतिरिक्त शाम को तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं। यह उपाय घर में समृद्धि और धन के आगमन का कारण बनता है।
सफला एकादशी पर किए गए इन ज्योतिषीय उपायों से जीवन में न केवल धन और सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है बल्कि मानसिक शांति और शारीरिक स्वास्थ्य में भी सुधार होता है। इस दिन विष्णु जी और लक्ष्मी जी की पूजा से आपके जीवन में हर क्षेत्र में सफलता और समृद्धि की आशीर्वाद प्राप्त होती है।

दर्शकों का गुस्सा और विरोध प्रदर्शन
साल्ट लेक स्टेडियम, जिसे ‘भारतीय फुटबॉल का मक्का’ माना जाता है, पर यह घटना कोलकाता के फुटबॉल प्रेमियों के लिए सबसे बड़े झटके के रूप में आई। प्रीमियम टिकटों पर मोटी रकम खर्च कर स्टेडियम पहुंचे दर्शकों को जब मेसी का कार्यक्रम समय से पहले समाप्त होता दिखाई दिया, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए दर्शकों ने विरोध प्रदर्शन किया, बोतलें फेंकीं और आयोजकों के खिलाफ नारेबाजी की। कई होर्डिंग्स और कुर्सियों को नुकसान भी पहुँचाया गया।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा, “आज साल्ट लेक स्टेडियम में जो कुप्रबंधन देखने को मिला, उससे मैं अत्यधिक व्यथित हूं। मैं लियोनेल मेसी, सभी खेल प्रेमियों और उनके प्रशंसकों से दिल से माफी मांगती हूं।”
जांच कमेटी का गठन
इस शर्मनाक घटना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तत्काल एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया। कमेटी की अध्यक्षता कलकत्ता हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस आशिम कुमार रे करेंगे। जांच का उद्देश्य घटना की पूरी जाँच करना, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाना है।
राजनीतिक हलचल और भाजपा का हमला
यह घटना न केवल खेल जगत बल्कि राज्य की राजनीति में भी भूचाल ला गई है। भाजपा ने इस मामले को ममता सरकार के कुप्रबंधन का परिणाम बताया और राज्य के खेल मंत्री अरूप बिस्वास से इस्तीफे की मांग की। भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने इस घटना को “बड़ा अपमान” और “मेजर स्कैम” करार दिया। उनका आरोप था कि 70 फुट की प्रतिमा का अनावरण राजनीतिक उद्देश्य से किया गया और दर्शकों को गुमराह किया गया।
मेसी का दौरा अधूरा
यह घटना लियोनेल मेसी के ‘गोट इंडिया टूर 2025’ का पहला पड़ाव था, जो अब अधूरा रह गया है। सुरक्षा चिंताओं के कारण मेसी ने अपना दौरा समय से पहले ही समाप्त कर दिया। कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम, जैसे कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पूर्व कप्तान सौरव गांगुली से मुलाकात, अब अधूरे रह गए हैं। मेसी अब अपने अगले कार्यक्रम के लिए हैदराबाद के लिए रवाना हो गए हैं।
साल्ट लेक स्टेडियम में हुआ कुप्रबंधन फुटबॉल के प्रति कोलकाता की दीवानगी और उसके ऐतिहासिक महत्त्व के लिए एक काला धब्बा बनकर उभरा है। यह घटना न केवल फुटबॉल प्रशंसकों के लिए निराशाजनक थी, बल्कि राज्य सरकार और आयोजकों के लिए भी एक बड़ा कड़ा सबक साबित हुई है।

वर्तमान: प्रशासनिक सुधार और बुनियादी ढांचा
भविष्य: निवेश, ऊर्जा और स्वास्थ्य

संकट के मुख्य कारण
प्रशासन और बचाव प्रयास
सामाजिक और पर्यावरणीय असर

तिरुवनंतपुरम की राजनीतिक अहमियत
तिरुवनंतपुरम न सिर्फ केरल की प्रशासनिक राजधानी है, बल्कि यहां का राजनीतिक माहौल भी बेहद महत्वपूर्ण है। यहां से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर लगातार चार बार सांसद चुने गए हैं। यह क्षेत्र लंबे समय से कांग्रेस और वाम मोर्चे के प्रभाव वाला रहा है। ऐसे में नगर निगम में बीजेपी की जीत ने राज्य की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दिया है।
BJP की जीत: बदलाव के संकेत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत विधानसभा चुनावों में 2-3 सीटें जीतने से कहीं ज्यादा प्रभावशाली है। नगर निगम जैसे बड़े शहरी निकाय में बीजेपी की जीत यह संकेत देती है कि शहरी मतदाता पारंपरिक राजनीतिक ध्रुवीकरण से बाहर निकल कर नए विकल्प की तलाश में हैं। खासतौर पर, यह बदलाव उस राज्य में महत्वपूर्ण है, जहां चुनावी मुकाबला अब तक मुख्य रूप से LDF और UDF के बीच ही सीमित रहा है।
स्थानीय चुनावी रुझान यह दर्शाते हैं कि शहरी इलाकों में LDF के खिलाफ नाराजगी और असंतोष बढ़ा है। प्रशासन, शहरी बुनियादी ढांचे, पारदर्शिता और स्थानीय मुद्दों को लेकर मतदाताओं का असंतोष इस चुनाव में खुलकर सामने आया। तिरुवनंतपुरम जैसे LDF के मजबूत गढ़ में हार ने वाम मोर्चे की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
BJP का उत्साह और भविष्य की उम्मीदें
बीजेपी ने अपनी जीत को ऐतिहासिक और निर्णायक जनादेश बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह परिणाम केरल में बीजेपी के बढ़ते संगठनात्मक आधार और जनता के बदलते रुख का प्रमाण है। पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है, और इसे केरल में बीजेपी के लिए भविष्य की राजनीति का मजबूत आधार माना जा रहा है।
वहीं, LDF ने नतीजों को गंभीरता से लिया है और आत्ममंथन की बात कही है। वाम नेताओं का कहना है कि चुनाव परिणामों का विश्लेषण किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई
तिरुवनंतपुरम नगर निगम में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहर की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर उन्होंने लिखा, “Thank you Thiruvananthapuram!” पीएम मोदी ने इसे केरल की राजनीति में एक ‘वॉटरशेड मोमेंट’ करार देते हुए कहा कि तिरुवनंतपुरम नगर निगम में बीजेपी-एनडीए को मिले समर्थन से यह स्पष्ट हो गया है कि राज्य के लोग मानते हैं कि केवल बीजेपी ही केरल की विकासात्मक आकांक्षाओं को पूरा कर सकती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी तिरुवनंतपुरम जैसे जीवंत शहर के विकास के लिए काम करेगी और आम लोगों के लिए ‘Ease of Living’ को और बेहतर बनाएगी।
तिरुवनंतपुरम में बीजेपी की जीत ने न केवल राज्य की राजनीतिक स्थिति को हिलाया है, बल्कि एक नए राजनीतिक समीकरण की शुरुआत भी की है। इस ऐतिहासिक जीत ने केरल में बीजेपी के बढ़ते प्रभाव को उजागर किया है, और भविष्य में राज्य की राजनीति में इसका असर देखने को मिल सकता है।

LUMS का संस्कृत कोर्स
लाहौर विश्वविद्यालय ने संस्कृत को लेकर एक महत्वाकांक्षी पहल शुरू की हैजिसमें शास्त्रीय संस्कृत का अध्ययन कराया जाएगा। इस चार क्रेडिट कोर्स की शुरुआत तीन महीने चलने वाली वीकेंड वर्कशॉप से हुई थीजिसे छात्रों और विद्वानों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। इस कोर्स के अंतर्गत महाभारत टेलीविजन श्रृंखला की प्रसिद्ध थीम ‘है कथा संग्राम की का उर्दू संस्करण भी पढ़ाया जाएगा।
यह कोर्स विशेष रूप से उन छात्रों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो संस्कृत के शास्त्रीय ज्ञान और भारतीय साहित्य से जुड़ी गहरी समझ प्राप्त करना चाहते हैं। यह पहल भारतीय साहित्य और संस्कृति को समझने का एक सशक्त मंच प्रदान करती हैजिससे पाकिस्तान में संस्कृत के प्रति जागरूकता और रुचि में वृद्धि होगी।
पाकिस्तान के समृद्ध संस्कृत संग्रह पर ध्यान
गुरमानी सेंटर के निदेशक डॉ. अली उस्मान कासमी ने पाकिस्तान के संस्कृत संग्रह की स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पंजाब विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में संस्कृत के सबसे समृद्ध लेकिन उपेक्षित संग्रहों में से एक हैजिसे 1930 के दशक में विद्वान जेसीआर वूल्नर ने सूचीबद्ध किया था। हालांकि1947 के बाद से किसी पाकिस्तानी विद्वान ने इस संग्रह से जुड़ी गहरी रिसर्च नहीं की।
डॉ. कासमी का मानना है कि यदि स्थानीय विद्वानों को प्रशिक्षित किया जाएतो पाकिस्तान में संस्कृत के अध्ययन और शोध को एक नई दिशा मिल सकती है। उनका कहना है कि संस्कृत के माध्यम से पाकिस्तान में महाभारत और भगवद गीता जैसे महत्वपूर्ण भारतीय ग्रंथों का अध्ययन करने से न केवल सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्जीवित किया जा सकता हैबल्कि यह क्षेत्रीय इतिहास और साहित्य को भी एक नया आयाम देगा।
डॉ. शाहिद रशीद का योगदान
फोरमैन क्रिश्चियन कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शाहिद रशीद ने इस पहल को संभव बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने संस्कृत का अध्ययन करते हुए इस कोर्स को शुरू करने के लिए प्रेरित किया। डॉ. रशीद ने अरबी और फारसी के अध्ययन के बाद संस्कृत सीखी और इस क्षेत्र के प्रसिद्ध विद्वान एंटोनिया रुपेल और मैकमास टेलर के मार्गदर्शन में संस्कृत व्याकरण का अध्ययन किया। डॉ. रशीद का मानना है कि शास्त्रीय भाषाओंविशेष रूप से संस्कृत मेंमानवता के लिए गहन ज्ञान छिपा हुआ हैजो अन्यथा अनुपस्थित रह सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि संस्कृत केवल एक धर्म विशेष की भाषा नहीं हैबल्कि यह पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर है।
संस्कृत के माध्यम से सांस्कृतिक एकता
डॉ. शाहिद रशीद ने संस्कृत के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह भाषा ना सिर्फ भारतीय साहित्य और संस्कृति की पहचान हैबल्कि पाकिस्तान और भारत के बीच सांस्कृतिक पुल बनाने का एक माध्यम भी हो सकती है। उन्होंने आशा जताई कि यदि भारत में हिंदू और सिख अरबी भाषा सीखेंऔर पाकिस्तान में अधिक मुस्लिम संस्कृत सीखेंतो यह दोनों देशों के बीच भाषा के माध्यम से बेहतर समझ और सामंजस्य स्थापित कर सकता है।
भविष्य की योजना और उम्मीदें
डॉ. कासमी ने भविष्य की योजनाओं का खुलासा करते हुए कहा कि अगले 10-15 वर्षों में पाकिस्तान में महाभारत और भगवद गीता के विद्वान उभर सकते हैं। यह पहल पाकिस्तान में शास्त्रीय संस्कृत शिक्षा को नया जीवन देगीजिससे सांस्कृतिक अध्ययन और शोध को नई दिशा मिलेगी।
इस प्रकारपाकिस्तान में संस्कृत को शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल करना न केवल एक ऐतिहासिक कदम हैबल्कि यह एक बड़ी सांस्कृतिक और शैक्षिक क्रांति की शुरुआत हो सकती हैजो दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और भाषाई संबंधों को प्रगाढ़ बनाएगी।

भारत-पाकिस्तान मैच का समय और वेन्यू
कहां देखें लाइव मैच?
पाकिस्तान U19 टीम:
उस्मान खान, फरहान यूसुफ कप्तान, हुजैफा अहसन, हमजा जहूर विकेटकीपर, मोहम्मद सय्याम, अली हसन बलूच, डेनियल अली खान, समीर मिन्हास, अली रजा, मोमिन कमर, अब्दुल सुभान, मोहम्मद हुजैफा, मोहम्मद शायान, नकाब शफीक, अहमद हुसैन।
भारत की जीत से बढ़ा आत्मविश्वास
यूएई के खिलाफ शानदार जीत ने भारतीय टीम का मनोबल काफी ऊंचा कर दिया है। बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग-तीनों विभागों में भारत का प्रदर्शन संतुलित नजर आया। ऐसे में भारत-पाकिस्तान मुकाबले में टीम से एक और दमदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।