रूस का दबदबा घटा, पर अभी भी सबसे बड़ा सप्लायर
2030 तक $100 अरब ट्रेड का लक्ष्य
इंडियन वर्कर्स के लिए रूस में नौकरी और पेमेंट सिस्टम पर बात
पुतिन करेंगे ज़्यादा तेल खरीद की डिमांड

रूस का दबदबा घटा, पर अभी भी सबसे बड़ा सप्लायर
2030 तक $100 अरब ट्रेड का लक्ष्य
इंडियन वर्कर्स के लिए रूस में नौकरी और पेमेंट सिस्टम पर बात
पुतिन करेंगे ज़्यादा तेल खरीद की डिमांड

पौष मास 2025 की शुरुआत और प्रमुख व्रत
पौष मास 2025 की शुरुआत 5 दिसंबर, शुक्रवार से हो रही है। इस दिन पौष कृष्ण प्रतिपदा तिथि है और साथ ही रोहिणी व्रत रखा जाएगा। रोहिणी व्रत उस समय मनाया जाता है जब सूर्योदय के बाद रोहिणी नक्षत्र प्रबल होता है। यह व्रत जैन धर्म और हिंदू धर्म में समान रूप से महत्व रखता है। इसके बाद 7 दिसंबर, रविवार को पौष कृष्ण चतुर्थी के दिन अखुरथ संकष्टी चतुर्थी व्रत मनाया जाएगा। इस व्रत को करने से घर में सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
मध्य पौष मास: मासिक व्रत और त्यौहार
11 दिसंबर, गुरुवार को कालाष्टमी व्रत और मासिक कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। वहीं 15 दिसंबर, सोमवार को पौष कृष्ण पक्ष की सफला एकादशी होगी। इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करने से जीवन में सफलता और मानसिक शांति प्राप्त होती है। 16 दिसंबर, मंगलवार को धनु संक्रांति होगी, जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेंगे और खरमास की शुरुआत होगी। इसके अगले दिन 17 दिसंबर, बुधवार को बुध प्रदोष व्रत रखा जाएगा। इसी तरह, 18 दिसंबर, गुरुवार को मासिक शिवरात्रि मनाई जाएगी, जो हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को पड़ती है।
पौष अमावस्या और अन्य महत्वपूर्ण तिथियां
19 दिसंबर, शुक्रवार को पौष अमावस्या है, जो व्रत और दान के लिए विशेष रूप से शुभ मानी जाती है। इसके अलावा, 24 दिसंबर, बुधवार को विघ्नेश्वर चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा। पौष शुक्ल चतुर्थी के दिन विघ्नेश्वर चतुर्थी का आयोजन होता है। 27 दिसंबर, शनिवार को गुरु गोविंद सिंह जयंती मनाई जाएगी। यह पर्व सिख धर्म के संस्थापक गुरु गोविंद सिंह के जन्मोत्सव के रूप में पूरे श्रद्धा भाव से मनाया जाता है। इसके बाद 30 दिसंबर, मंगलवार को पौष शुक्ल एकादशी के रूप में पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इस व्रत को संतान सुख और परिवार की खुशहाली के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
पौष पूर्णिमा और माघ मास की शुरुआत
पौष मास का समापन 3 जनवरी 2026, शनिवार को पौष पूर्णिमा के साथ होगा। इस दिन से माघ स्नान की परंपरा प्रारंभ होती है। माघ मास में संगम में स्नान करने का विशेष महत्व है। प्रयागराज सहित अन्य पवित्र स्थलों पर माघ मेले का आयोजन होता है, जहां हजारों श्रद्धालु कल्पवास और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं।
पौष मास का धार्मिक और आध्यात्मिक संदेश
पौष मास में किए जाने वाले व्रत और त्यौहार जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, आध्यात्मिक शांति और सामाजिक कल्याण लाने का माध्यम हैं। भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा अन्न और धन का दान, पवित्र नदियों में स्नान करने से न केवल पुण्य की प्राप्ति होती है बल्कि मन और आत्मा की शुद्धि भी होती है। पौष मास में श्रद्धा और भक्ति के साथ किए गए कर्म सौभाग्य और समृद्धि के लिए लाभकारी माने जाते हैं।

इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन शुरुआती ओवरों में ही टीम को झटका लगा। केवल 5 रन पर दो विकेट गिर गए। बेन डकेट और ओली पोप दोनों बिना खाता खोले आउट हो गए, और उन्हें ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने पवेलियन भेजा। इसके बाद ओपनर जैक क्रॉली ने रूट के साथ शानदार साझेदारी निभाई। दोनों ने मिलकर 117 रन की पार्टनरशिप बनाई, जिसमें क्रॉली ने 76 रन बनाए। क्रॉली के आउट होने के बाद रूट ने बल्लेबाजी की कमान अपने हाथ में ली। उनके सामने हैरी ब्रूक 31, कप्तान बेन स्टोक्स 19 और जैमी स्मिथ बिना खाता खोले आउट हो गए।
रूट का ऐतिहासिक शतक
रूट ने अपने शतक के दौरान कई अहम पारियां खेलीं और स्कॉट बोलैंड की गेंद पर फाइन लेग की ओर चौका लगाकर 40वीं टेस्ट सेंचुरी पूरी की। उनके इस शतक ने इंग्लैंड को मुश्किल समय में संभाला और टीम के स्कोर को स्थिर किया। रूट की यह ऑस्ट्रेलिया में पहली टेस्ट सेंचुरी इसलिए भी खास रही क्योंकि उन्होंने लंबे समय से इस उपमहाद्वीप में शतक बनाने का इंतजार कर रहे थे। इस शतक के साथ ही रूट का अंतरराष्ट्रीय करियर भी शानदार ढंग से आगे बढ़ा, जहां अब उनके नाम 59 अंतरराष्ट्रीय शतक दर्ज हो चुके हैं।
मिचेल स्टार्क का कमाल
ऑस्ट्रेलिया की तरफ से तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को घबराए रखा। स्टार्क ने पारी में 6 विकेट लिए और अपनी टीम को पहली पारी में बड़ा दबाव बनाने का मौका दिया। इसके अलावा, माइकल नेसर और स्कॉट बोलैंड ने 1-1 विकेट लिया, जबकि ब्रेंडन डॉगेट और कैमरन ग्रीन बिना सफलता के रहे। स्टार्क का यह प्रदर्शन पिंक-बॉल टेस्ट में लगातार छठी बार 5 या उससे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड है। उन्होंने अब 15 मैचों की 28 पारियों में कुल 87 विकेट ले लिए हैं और पिंक-बॉल टेस्ट में सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं।
दिन का सारांश और अगले कदम
दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड ने 9 विकेट के नुकसान पर 325 रन बना लिए। रूट और आर्चर की नॉटआउट पारियों ने इंग्लैंड को पारी में मजबूती दी। ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए स्टार्क का प्रदर्शन राहत की खबर था लेकिन इंग्लैंड ने रूट की शतकीय पारी की बदौलत खुद को मजबूत स्थिति में रखा।
इंग्लैंड की प्लेइंग-11: जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, हैरी ब्रूक, बेन स्टोक्स कप्तान, जैमी स्मिथ विकेटकीपर, विल जैक्स, गस एटकिंसन, ब्रायडन कार्स और जोफ्रा आर्चर।
ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग-11: जैक वेदराल्ड, ट्रैविस हेड, मार्नस लाबुशेन, स्टीव स्मिथ कप्तान, कैमरन ग्रीन, जोश इंग्लिस, एलेक्स कैरी विकेटकीपर, माइकल नेसर, मिचेल स्टार्क, स्कॉट बोलैंड और ब्रेंडन डॉगेट। इस पारी में जो रूट ने अपनी अनुभव और धैर्य का लोहा मनवाय जबकि मिचेल स्टार्क ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से हमला बरकरार रखा। अब यह देखना होगा कि दूसरे दिन खेल में कौन किस पर हावी होता है और मैच किस दिशा में मुड़ता है।

सत्यनारायण पूजा का शुभ मुहूर्त
स्नान-दान का शुभ समय
क्यों खास है मार्गशीर्ष मास
सत्यनारायण पूजा और व्रत की विधि
पितरों के लिए तर्पण और पिंडदान
पुराणों में वर्णित महत्व
चंद्र दर्शन का धार्मिक महत्व
मार्गशीर्ष पूर्णिमा का आध्यात्मिक संदेश

कंगना रनौत जो हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद हैं, सोशल मीडिया पर एक्टिव रहती हैं और अपनी लाइफ के अपडेट्स साझा करती रहती हैं। बुधवार को उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर पोस्ट की जिसमें वह और उनकी साथी सांसद महुआ मोइत्रा और सुप्रिया सुले साथ में डांस रिहर्सल करते हुए दिखाई दे रही थीं। यह तस्वीर देखकर फैंस ने राजनीति और बॉलीवुड का यह संगम देखकर बहुत हैरानी जताई। इसके साथ ही कंगना ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा साथी सांसदों के साथ कुछ फिल्मी पल नवीन जिंदल जी की बेटी की शादी के संगीत समारोह की रिहर्सल कर रही हूं।
राजनीति और बॉलीवुड का यह संगम
कंगना रनौत का फिल्मी करियर शानदार रहा है और वह अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए भी जानी जाती हैं। इसके अलावा राजनीति में भी कंगना ने अपनी पैठ बनाई है जब से उन्होंने 2021 में हिमाचल प्रदेश के मंडी से लोकसभा चुनाव में अपनी उम्मीदवारी पेश की और जीत हासिल की। वह बीजेपी की समर्थक रही हैं और इस पार्टी के साथ मिलकर कार्य करती हैं।
महुआ मोइत्रा और सुप्रिया सुले दोनों ही अनुभवी राजनीतिज्ञ हैं, जो अपने तीखे बयानों और मुखर व्यक्तित्व के लिए प्रसिद्ध हैं। महुआ मोइत्रा टीएमसी पार्टी की सक्रिय सदस्य हैं जबकि सुप्रिया सुले एनसीपी से जुड़ी हैं। इन दोनों नेताओं के साथ कंगना का डांस रिहर्सल करना एक अजीब लेकिन दिलचस्प मोड़ है। यह तस्वीर राजनीतिक दलों से अलग-थलग कार्यरत इन नेताओं का एक सकारात्मक और गैर-राजनीतिक रूप प्रस्तुत करती है।
नवीन जिंदल जो कि जिंदल स्टील एंड पावर के अध्यक्ष हैं, इस विवाह समारोह के आयोजनकर्ता हैं। वह एक ऐसे व्यवसायी हैं जो राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं। उन्होंने 2004 में कांग्रेस से सांसद के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत की थी। लेकिन 2024 में कांग्रेस से अलग होकर उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया था।
फिल्मी और राजनीतिक तालमेल
कंगना रनौत के बारे में बात करें तो, वह फिल्मों के साथ-साथ राजनीति में भी खासा सक्रिय हो चुकी हैं। हाल ही में वह “इमरजेंसी” फिल्म में दिखाई दी थीं, जिसमें उन्होंने भारतीय राजनीति के इतिहास के एक महत्वपूर्ण समय को पर्दे पर उतारा था। फिल्मी करियर में रानी तानाजी मणिकर्णिका जैसी हिट फिल्मों का हिस्सा रही कंगना अब राजनीति में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रही हैं।
कंगना ने अपने चुनावी प्रचार के दौरान यह भी कहा था कि वह राजनीति में जनता की सेवा करना चाहती हैं। वह कम फिल्मों में काम कर रही हैं लेकिन उनकी राजनीतिक सक्रियता उन्हें अक्सर खबरों में बनाए रखती है। कंगना की यह भूमिका एक नई दिशा को संकेत देती है जिसमें वह न सिर्फ फिल्मों की दुनिया बल्कि राजनीति के क्षेत्र में भी अपनी जगह बना रही हैं।
शादी का आयोजन और उम्मीदें
नवीन जिंदल की बेटी की शादी को लेकर चर्चा हो रही है कि यह एक भव्य आयोजन हो सकता है जिसमें राजनीति और बॉलीवुड के कई दिग्गज शामिल हो सकते हैं। इस शादी के संगीत समारोह में कंगना रनौत महुआ मोइत्रा और सुप्रिया सुले के अलावा कई अन्य प्रमुख नेता भी हिस्सा ले सकते हैं। इसके अलावा बॉलीवुड के कुछ प्रमुख सितारे भी इस आयोजन का हिस्सा बन सकते हैं जो इसे और भी खास बना देगा।
इस तरह के आयोजनों में राजनीति और बॉलीवुड के बीच की दीवारें धुंधली हो जाती हैं, और यह साबित होता है कि दोनों ही दुनिया में एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना है। कंगना रनौत और अन्य नेताओं का साथ में डांस करना यह दिखाता है कि लोग अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धताओं के बावजूद कुछ अच्छे और सकारात्मक वक्त बिता सकते हैं।
कुल मिलाकर यह शादी न केवल राजनीतिक और बॉलीवुड के महत्वपूर्ण चेहरों का मिलन होगी बल्कि यह एक उदाहरण भी प्रस्तुत करेगी कि कैसे विभिन्न क्षेत्रों के लोग अपने व्यक्तिगत जीवन और पेशेवर जिंदगी में संतुलन बनाए रख सकते हैं।

हालांकि हरभजन ने उम्मीद जताई कि रोहित और कोहली 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप तक खेलते रहेंगे। वर्तमान में रोहित 38 वर्ष के और विराट कोहली 37 वर्ष के हैं, और ये दोनों केवल वनडे प्रारूप में सक्रिय हैं। उनके वनडे विश्व कप तक खेलते रहने को लेकर अभी टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर ने कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की है।
हरभजन ने जताई अपनी चिंता
हरभजन ने कहा ये मेरी समझ से परे है। मैं इसका जवाब नहीं दे पाऊंगा। मैं खुद खिलाड़ी रहा हूं और जो मैं देख रहा हूं, वह मेरे साथ भी हुआ है। कई साथियों के साथ ऐसा हुआ, लेकिन ये दुर्भाग्यपूर्ण है। भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में 417 विकेट लेने वाले इस स्पिनर ने कोहली और रोहित के साथ किए जा रहे व्यवहार पर कहा, जब मैं विराट कोहली जैसे खिलाड़ी को देखता हूं, जो अभी भी शानदार प्रदर्शन कर रहा है, तो मुझे बहुत खुशी होती है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनके भविष्य के बारे में फैसला ऐसे लोग कर रहे हैं जिन्होंने अपने करियर में कुछ खास हासिल नहीं किया।
रोहित-कोहली युवा पीढ़ी के लिए मिसाल हैं
हरभजन ने उम्मीद जताई कि वनडे विश्व कप तक रोहित और कोहली शानदार फॉर्म में रहेंगे और युवा खिलाड़ियों के लिए मानक स्थापित करेंगे। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों के हालिया प्रदर्शन की भी तारीफ की। विराट कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू मैदान पर लगातार दो शतक लगाए हैं जबकि रोहित शर्मा ने पिछली चार पारियों में दो अर्धशतक और एक शतक बनाया। हरभजन ने कहा, उन्होंने हमेशा रन बनाए हैं और भारत के लिए लगातार अच्छा योगदान दिया है। उन्होंने बल्लेबाज के रूप में शानदार प्रदर्शन किया है और टीम के कप्तान भी रहे हैं।
हरभजन ने जोड़ते हुए कहा

पूनम जो 2023 से पहले तक एक सामान्य महिला मानी जाती थी, के व्यवहार में अचानक बदलाव आया था। उसके परिवार के सदस्य बताते हैं कि कभी-कभी पूनम का चेहरा और आचरण बिल्कुल बदल जाता था, और वह गुस्से में कहती सबका नाश कर दूंगी जैसे उसके अंदर कोई और बोल रहा हो। उसकी इस अजीब हरकत को देखकर परिवार को लगता था कि शायद वह मानसिक असंतुलन का शिकार हो रही है। हालांकि उस समय किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
पूनम की मानसिक स्थिति के बारे में उसके परिवार के लोग अब खुलकर बयान दे रहे हैं। पूनम ने अपनी जेठानी की छह साल की बेटी विधि को जानबूझकर गर्म चाय गिराकर घायल कर दिया था और जब इस बारे में पूछताछ की गई तो उसने कहा ये बड़ी होकर बहुत खूबसूरत हो जाती इसलिए इसका चेहरा जला दिया। इसके बाद वह अपनी हरकतों को छिपाने की बजाय एक सामान्य व्यक्तित्व दिखाती थी जिससे परिवार और आसपास के लोग उसे कभी भी शक की निगाह से नहीं देख पाए।
पूनम की पढ़ाई भी काफी अच्छी थी, उसने एमए पॉलिटिकल साइंस और B.Ed किया था। लेकिन उसकी बाहरी छवि के विपरीत वह अंदर से हिंसक और अस्वस्थ मानसिकता की हो गई थी। 2023 में उसने अपनी ननद की 11 साल की बेटी इशिका को पानी में डुबोकर मार डाला, और उसके बाद अपने बेटे शुभम को भी उसी तरह डुबोकर हत्या कर दी। पूनम ने इसे हादसा बताकर सबको गुमराह किया लेकिन किसी को यह अंदाजा नहीं था कि एक मां अपने ही बच्चे की जान ले सकती है।
इसके बाद 2025 में पूनम ने अपनी मायके गई भतीजी जिया और फिर जेठानी की बेटी विधि की हत्या की। जिया को पूनम ने पानी से भरे टब में दबाकर मार डाला और विधि की हत्या भी उसी तरीके से की। पुलिस ने जब घटना की जांच शुरू की, तो कई चीजें संदिग्ध लगीं। विशेष रूप से, यह तथ्य कि हर बार हत्या के समय पूनम ही आसपास थी और उसकी हरकतें बहुत अजीब थीं।
पुलिस की पूछताछ में पूनम ने कबूल किया कि उसे सुंदर बच्चों से जलन होती थी, और वह उन्हें मारकर शांति महसूस करती थी। उसने यह भी कहा कि किसी और की आत्मा उसके शरीर में सवार हो जाती थी, जिससे वह यह घिनौनी हत्या करने पर मजबूर हो जाती थी। पूनम ने पुलिस को बताया कि उसने चार हत्याएं कीं इशिका ननद की बेटी शुभम अपना बेटा जिया मायके की भतीजी और विधि जेठानी की बेटी।
पूनम के परिवार में लोग अब भी यह मानने के लिए तैयार नहीं हैं कि उनके बीच की शांत और समझदार बहू इतनी निर्दयी हो सकती थी। उसकी सास का कहना है कि उन्होंने हमेशा उसे बेटी की तरह प्यार किया था और अब वह खुद को दोषी महसूस कर रही हैं कि उन्होंने उसके मानसिक असंतुलन को समय रहते नहीं पहचाना। गांव के लोग भी बताते हैं कि पूनम के चेहरे पर अक्सर एक अजीब सा बदलाव आ जाता था जैसे किसी और की आत्मा उस पर सवार हो जाती थी।
पुलिस ने पूनम की मानसिक स्थिति का मेडिकल परीक्षण कराने की योजना बनाई है लेकिन उसकी बाद हत्या के बाद का शांत और सामान्य व्यवहार एक खतरनाक मानसिक बीमारी या सायकोसिस जैसी स्थिति का संकेत देता है। इस मामले में अभी भी कई सवाल उठते हैं और जांच जारी है ताकि यह पता चल सके कि पूनम के अपराध के पीछे का असली कारण क्या था।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस बार आयोग की सिफारिशें 2026 के अंत से 2027 की शुरुआत के बीच लागू की जा सकती हैं। ऐसे समय में जब महंगाई लगातार लोगों की जेब पर भार डाल रही है, यह वृद्धि कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए राहत की बड़ी सौगात साबित हो सकती है।
आयोग को रिपोर्ट तैयार करने में 18–24 महीने लगने का अनुमान
8वें वेतन आयोग को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के लिए शुरुआत में 18 महीने दिए गए हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि काम की व्यापकता और विभिन्न मंत्रालयों से डेटा इकट्ठा करने में आयोग को 18 से बढ़कर 24 महीने तक भी लग सकते हैं फिलहाल, वेतन ढांचे, भत्तों और पेंशन से जुड़े अधिकतर आंकड़े इकट्ठा किए जा चुके हैं। आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों, केंद्रीय मंत्रालयों और राज्यों से फीडबैक भी ले रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि रिपोर्ट का निर्माण तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
कब बढ़ेगी सैलरी और पेंशन?
वित्तीय मामलों के विशेषज्ञ स्वप्निल अग्रवाल के मुताबिक, किसी भी वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने में सरकार को रिपोर्ट मिलने के बाद 12 से 24 महीने लग जाते हैं। 7वें वेतन आयोग को लागू होने में लगभग 29 महीने लगे थे। इसी पैटर्न के आधार पर माना जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 2026 के अंत या 2027 की पहली तिमाही में लागू हो सकती हैं। इसके लागू होने पर: बेसिक पे, महंगाई भत्ता DA, मकान किराया भत्ता HRA ट्रांसपोर्ट एवं अन्य भत्ते पेंशन इन सभी में एक साथ बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
UP चुनाव से पहले बड़ा ऐलान संभव?
राजनीतिक हलकों में भी वेतन आयोग की चर्चा तेज़ है। 2027 के फरवरी में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने हैं। विश्लेषकों का कहना है कि बड़ा कर्मचारी वर्ग होने के कारण UP में वेतन आयोग का प्रभाव काफी अहम होगा।इसलिए संभावना जताई जा रही है कि सरकार चुनाव से पहले वेतन आयोग लागू कर कर्मचारी समुदाय को बड़ी राहत दे सकती है। कुछ वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि अगर पूरी रिपोर्ट लागू करना संभव नहीं हुआ, तो सरकार अंतरिम राहत के तौर पर बेसिक पे में आंशिक बढ़ोतरी भी कर सकती है।
क्या आयोग को स्थगित करने की संभावना है?
विशेषज्ञों का मानना है कि अब 8वें वेतन आयोग को टालना लगभग असंभव है। आयोग का गठन हो चुका है। ToR मंजूर हो चुके हैं । सरकार पहले ही 1 जनवरी 2026 से इसे लागू करने का लक्ष्य तय कर चुकी है। साथ ही दिसंबर 2027 में राजस्थान चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव भी सरकार के कैलेंडर को प्रभावित करते हैं। ऐसे में आयोग को समय से लागू करना ही सरकार के लिए अधिक व्यावहारिक माना जा रहा है।
लागू होने पर किन चीजों में होगा बदलाव?
8वें वेतन आयोग के लागू होते ही सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की आय में कई बड़े परिवर्तन होने वाले हैं: बेसिक सैलरी में उल्लेखनीय वृद्धि, DA की नई दरें HRA का पुनर्गठन ट्रांसपोर्ट व अन्य अलाउंस सुधार पेंशन में बड़ा उछाल कुछ पुराने भत्ते हटाने और नए जोड़ने की संभावना
इससे कुल मासिक आय में अच्छा खासा सुधार आएगा।
कुल मिलाकर, 8वें वेतन आयोग का काम अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है। अगर सब कुछ योजना के अनुसार आगे बढ़ा, तो 2026–27 तक करोड़ों कर्मचारियों और पेंशनर्स की आय में भारी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। इससे न केवल उनकी वित्तीय स्थिति मजबूत होगी, बल्कि घरेलू उपभोग बढ़ने से अर्थव्यवस्था में भी नई गति आने की उम्मीद है।

ब्रिसबेन में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों का दबदबा देखने को मिला है। इंग्लैंड ने लगातार अंतराल पर विकेट गंवाए हैं। हालांकि जो रूट एक छोर पर डटे हुए हैं। जो रूट ने ऑस्ट्रेलिया में 30वीं पारी में अपना पहला शतक पूरा किया। ऑस्ट्रेलिया में सबसे ज्यादा पारी खेलने के बाद शतक लगाने का रिकॉर्ड इयान हीली के नाम है। उन्होंने 41 पारी ली थी। बॉब सिम्पसन ने 36, गोर्डन और स्टीव वॉ ने 32 पारियों में ये कमाल किया था।

हाल ही में एक मरीज, जो रतलाम से न्यूरोसर्जरी विभाग में इलाज के लिए एमवायएच अस्पताल आया था, का इलाज करने के बजाय उसे निजी अस्पताल भेजने का मामला सामने आया। रात के समय ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने मरीज को इलाज के लिए भेजने के बजाय उसे जमीन पर लिटा दिया और कहा कि उसका आयुष्मान कार्ड है, इसलिए उसे इंडेक्स अस्पताल में भेजा जाए। यह सारी प्रक्रिया मरीज द्वारा लिखित शिकायत करने के बाद उजागर हुई, जिसमें यह बात सामने आई कि एमसीएच के एक विद्यार्थी ने मरीज को निजी अस्पताल भेजने का निर्णय लिया था, और इसके बदले उसे निजी अस्पताल से रकम मिलती थी। इस मामले की जांच के बाद डॉक्टर का 15 दिन का वेतन काटा गया है।
इतना ही नहीं एमवाय अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही की यह घटना अकेली नहीं है। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण मरीजों को इमरजेंसी इलाज देने में भी परेशानी होती है। हाल ही में सिमरोल सड़क हादसे के बाद घायलों को इलाज के लिए एमवाय अस्पताल भेजा गया था, लेकिन इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में कोई ड्यूटी डॉक्टर मौजूद नहीं था। कलेक्टर के अस्पताल पहुंचने पर यह लापरवाही सामने आई। दो घंटे बाद जब महिला सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर आईं, तो उन्होंने बताया कि वह घर पर आराम कर रही थीं। इस लापरवाही के लिए डीन ने महिला डॉक्टर को बर्खास्त कर दिया।
अस्पताल में भर्ती मरीजों की कमी के पीछे भी इन डॉक्टरों की लापरवाही और निजी अस्पतालों के साथ सांठगांठ मुख्य कारण मानी जा रही है। एमवायएच अस्पताल के हड्डी रोग विभाग, पेट रोग विभाग, मेडिसिन विभाग और न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉक्टर भी मरीजों को निजी अस्पताल भेजने के इस गिरोह में शामिल हैं। इन गिरोहों के संरक्षण में ही ड्यूटी डॉक्टर और जूनियर डॉक्टर यह कृत्य कर रहे हैं। इसके अलावा एंबुलेंस संचालक स्टाफ और आउटसोर्स कंपनियों के कर्मचारी भी इन गतिविधियों में शामिल हैं। इस कारण से सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या घटती जा रही है, और निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए कहा कि मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस घटना में एक डॉक्टर का 15 दिन का वेतन काटा गया है, और ड्यूटी पर अनुपस्थित रहने वाली सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर को बर्खास्त किया गया है।
यह घटना इंदौर के सरकारी अस्पतालों में व्याप्त भ्रष्टाचार और लापरवाही की गंभीर समस्या को उजागर करती है। मरीजों की जान से खेलने वाले इन डॉक्टरों और उनके गिरोह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि जनता को उचित इलाज मिल सके और सरकारी अस्पतालों में विश्वास पुनः बहाल हो।