कौन सी उंगली में सोना पहनना शुभ है?
सोना पहनने के शुभ दिन
सोने की अंगूठी पहनने की पारंपरिक विधि
सोना और ग्रहों का संबंध
धार्मिक दृष्टि से महत्व

सोना पहनने के शुभ दिन
सोना और ग्रहों का संबंध
धार्मिक दृष्टि से महत्व

मेष: आर्थिक लाभ के योग, व्यापार में नई शुरुआत संभव। जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर ध्यान दें।


अगर सीधे आंखों में देखना आपको असहज करता है, तो आप सामने वाले के चेहरे पर एक काल्पनिक त्रिकोण ट्रायंगल बना सकते हैं। इस ट्रिक में आप कभी एक आंख कभी दूसरी आंख और फिर नाक या होंठ के पास नजर डाल सकते हैं। इससे सामने वाले को लगेगा कि आप उनकी बातों को ध्यान से सुन रहे हैं और आपको भी दबाव महसूस नहीं होगा। यह तरीका आपको आई कॉन्टैक्ट बनाए रखने में सहज बनाएगा, खासकर जब आप शुरुआत कर रहे हों।
50/70 का आसान फॉर्मूला
आपको हमेशा आंखों में आंखें डालकर बात करने की जरूरत नहीं है। इसके बजाय, आप बातचीत के दौरान लगभग आधे समय आंखों में देखें (जब आप बोल रहे हों) और 70% समय जब सामने वाला बोल रहा हो, तो आंखों में आंखें डालें। यह संतुलन एक स्वाभाविक और आत्मविश्वास से भरी बातचीत को जन्म देता है।
आंखों के रंग पर ध्यान दें
कभी किसी से पहली मुलाकात हो, तो उनके आंखों का रंग पहचानने की कोशिश करें। ऐसा करने से आपको कुछ सेकंड के लिए नजर मिलानी पड़ेगी, जो धीरे-धीरे आई कॉन्टैक्ट बनाने की आदत बना सकती है। यह एक आसान तरीका है, जिससे आप आत्मविश्वास से बात करने की दिशा में एक कदम और बढ़ सकते हैं।
अपनों के साथ अभ्यास करें
सीधे अजनबियों या इंटरव्यू में खुद को परखने से पहले, दोस्तों, परिवार या करीबी लोगों के साथ प्रैक्टिस करें। जब आप अपने परिचितों के सामने सहज हो जाएंगे, तो बाहर की दुनिया में भी कॉन्फिडेंस अपने आप दिखने लगेगा। यह अभ्यास आपको आत्मविश्वास से भरी बातचीत की आदत डालने में मदद करेगा।
नजरें हटाना भी है जरूरी
आई कॉन्टैक्ट का मतलब घूरना नहीं होता। यदि आप महसूस करें कि सामने वाला असहज हो रहा है या आपको खुद को रिलैक्स करने की जरूरत महसूस हो रही है, तो कुछ सेकंड के लिए अपनी नजरें हटा लें और फिर दोबारा सामने देखें। यह छोटा सा ब्रेक आपको कूल रहने में मदद करेगा और बातचीत को और स्वाभाविक बनाएगा। आंखों में आंखें डालकर बात करना आपकी बॉडी लैंग्वेज को और भी प्रभावशाली बना सकता है, लेकिन इसके लिए जरूरी है थोड़ी सी प्रैक्टिस। अपनी बातचीत में इन ट्रिक्स को धीरे-धीरे अपनाएं और देखिए कैसे आपका आत्मविश्वास बढ़ता है। याद रखें, यह आदत समय ले सकती है, लेकिन अगर आप रोज़मर्रा की बातचीत में इन छोटी-छोटी आदतों को शामिल करेंगे, तो आपकी आंखें आपकी बातों से कहीं ज्यादा असरदार साबित होंगी।

इंदौर हादसे की जांच में सामने आया कि देश के सात बड़े शहर पानी की गुणवत्ता मानकों पर फेल हो गए हैं।
दूषित पानी के सेवन से आम लोगों में दस्त, उल्टी, हैजा, टाइफाइड और डायरिया जैसी गंभीर बीमारियां देखी जा रही हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर इन शहरों में पानी की शुद्धता पर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई, तो यह केवल स्वास्थ्य आपात स्थिति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बड़े पैमाने पर सामाजिक और आर्थिक संकट भी पैदा कर सकता है। नागरिकों को साफ और सुरक्षित पानी सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम और राज्य सरकारों की ओर से तत्काल कदम उठाना बेहद जरूरी है।
इंदौर की घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि दूषित पानी सिर्फ एक शहर की समस्या नहीं है, बल्कि देश के कई शहरों में स्वास्थ्य सुरक्षा की गंभीर चुनौती बन गई है। इसलिए प्रशासन को अब निष्क्रियता छोड़कर, सख्त निरीक्षण और त्वरित सुधार लागू करना होगा, ताकि लोगों की जान और स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।

1. उगते सूर्य को अर्घ्य दें
2. लाल रंग का दान और उपयोग
3. सूर्य स्तुति और दीप प्रज्ज्वलन
4. पिता और वरिष्ठों का आशीर्वाद लें
5. तांबे से जुड़े उपाय
6. नौकरी-व्यापार में बाधा हो तो उपाय
रविवार के उपाय क्यों जरूरी हैं?

पीएम मोदी ने मंदिर में लगभग 30 मिनट तक पूजा-अर्चना की। उन्होंने शिवलिंग पर जल चढ़ाया, पंचामृत से अभिषेक किया और फूल अर्पित किए। इसके बाद उन्होंने कहा कि 1026 में पहले आक्रमण के बाद गजनवी ने सोमनाथ का वजूद मिटाने की कोशिश की थी, लेकिन मंदिर फिर से पुनर्निर्मित हुआ।
पीएम ने कहा कि आज जब सोमनाथ मंदिर के आक्रमण की 1000वीं वर्षगांठ और इसके पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे हो रहे हैं, तो यह हमें हमारे गौरवशाली इतिहास और आस्था की शक्ति की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि यहां 72 घंटे तक अनवरत ओमकार और मंत्रोच्चार चलता रहा और इस हजार साल की गाथा को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। यह केवल समय और अनुभव ही संकलित कर सकता है।
सद्भावना ग्राउंड में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह अद्भुत समय और वातावरण है। समुद्र की लहरें, सूर्य की किरणें, मंत्रों की गूंज और भक्तों की उपस्थिति इस दिव्य उत्सव को और भव्य बना रही है। मोदी ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में सेवा का अवसर मिला।
पीएम मोदी ने कहा कि जिस देश के पास अपनी विरासत होती है, वह उस पर गर्व करता है। लेकिन स्वतंत्रता के बाद गुलामी की मानसिकता वाले लोगों ने उस विरासत को भूलने की कोशिश की। सोमनाथ मंदिर ने यह साबित कर दिया कि आस्था, साहस और विश्वास किसी भी आघात के सामने टिक सकते हैं।
सोमनाथ में पूजा-अर्चना और रैली के बाद पीएम मोदी ने रोड शो भी किया और लोगों को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने एकजुटता, स्वाभिमान और देशभक्ति का संदेश दोहराया।

रैली को रवाना करने से पहले कोकता बायपास क्षेत्र ‘बोल बम’ और भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों को संबोधित करते हुए इतिहास और आस्था का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक हजार साल पहले महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर को तोड़ने का प्रयास किया था, लेकिन आज वही सोमनाथ मंदिर फिर से अपने वैभव में भोलेनाथ के जयकारों से गूंज रहा है।
ट्रैक्टर रैली के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह पिछले वर्ष पूरे प्रदेश में ‘उद्योग और रोजगार वर्ष’ मनाया गया था, उसी तर्ज पर अब सरकार ने पूरे साल को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने का फैसला किया है। यह केवल एक दिन या एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सालभर किसानों के हित में योजनाबद्ध और निरंतर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि इस वर्ष के अंत तक किसानों की आय, खेती की लागत और उत्पादन से जुड़े कई ठोस और सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि कृषक कल्याण वर्ष केवल कृषि विभाग तक सीमित नहीं रहेगा। अब प्रदेश के 16 विभाग मिलकर किसानों के लिए काम करेंगे, ताकि खेती से जुड़े हर पहलू को मजबूत किया जा सके।
रैली के बाद मुख्यमंत्री जंबूरी मैदान पहुंचे, जहां ‘कृषक कल्याण वर्ष-2026’ के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों को सरकार की आगामी योजनाओं, कार्यक्रमों और कार्ययोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
कृषक कल्याण वर्ष-2026 के तहत सरकार का विशेष फोकस उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों पर रहेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन और वानिकी को एकीकृत करते हुए जिला स्तरीय क्लस्टर आधारित विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही प्राकृतिक खेती, डिजिटल सेवाओं, उच्च उत्पादकता और कृषि प्रसंस्करण के माध्यम से किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। एग्री-टेक, ड्रोन सेवाएं, एफपीओ प्रबंधन, हाइड्रोपोनिक्स और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में ग्रामीण युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि और समृद्ध ग्रामीण क्षेत्र मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इसी कारण राज्य सरकार लगातार कृषि बजट में बढ़ोतरी कर रही है। समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीदी, सोयाबीन उत्पादकों के लिए भावांतर योजना, प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को राहत, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना और रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना जैसी कई योजनाएं पहले से संचालित हैं।
इस भव्य ट्रैक्टर रैली और कार्यक्रम के चलते भोपाल की कई सड़कों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया। कोकता बायपास, मिसरोद-सलैया क्षेत्र, खजूरी कला, पटेल नगर चौराहा, प्रेस्टीज कॉलेज के आसपास और जंबूरी मैदान तक जाने वाले मार्गों पर विशेष ट्रैफिक प्लान लागू रहा। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की कि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।
कुल मिलाकर, 1101 ट्रैक्टरों की यह रैली केवल एक शक्ति प्रदर्शन नहीं थी, बल्कि यह संदेश भी थी कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों को केंद्र में रखकर विकास की नई कहानी लिखने जा रही है। ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के जरिए सरकार का लक्ष्य अन्नदाता के सम्मान, आय वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देना है।

भोपाल राइज की प्रेसिडेंट रुखसाना मोहसिन ने बताया कि इनर व्हील क्लब दुनिया के प्रमुख महिला स्वैच्छिक संगठनों में से एक है, जो पिछले एक शताब्दी से समाज सेवा और सामुदायिक कल्याण में सक्रिय है। सम्मेलन में सदस्य अपने अनुभव साझा करेंगे, नए सामाजिक प्रोजेक्ट्स पर चर्चा करेंगे और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए आगे की योजना बनाएंगे।
इस आयोजन में अभिषेक बच्चन ने उपस्थित सदस्यों को प्रेरित करते हुए कहा कि समाज सेवा और सामुदायिक योगदान केवल एक पहल नहीं, बल्कि जीवन का हिस्सा होना चाहिए। सम्मेलन का नाम “सिनर्जी” इस बात का प्रतीक है कि सामूहिक प्रयास और सहयोग से ही सामाजिक बदलाव संभव है।
सम्मेलन के दौरान इनर व्हील डिस्ट्रिक्ट-304 की पिछली छह महीनों की उपलब्धियों की रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, महिलाओं और बच्चों के लिए किए गए विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों का विवरण शामिल था। इसके साथ ही आगामी छह महीनों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी, जिसमें नए प्रोजेक्ट्स, सामाजिक जागरूकता अभियान और स्थानीय समुदायों के लिए विकासात्मक गतिविधियां शामिल होंगी।
यह जिला सम्मेलन न केवल क्लब की उपलब्धियों का जश्न है, बल्कि आने वाले समय में महिलाओं और समाज के विकास के लिए नई पहल और दिशा तय करने का मंच भी साबित होगा।

शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया और इस एप का औपचारिक शुभारंभ किया।
यह एप श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराएगा। मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि एप का डिज़ाइन इस प्रकार किया गया है कि मेला क्षेत्र के किसी भी हिस्से में मौजूद श्रद्धालु या पर्यटक सीधे अपनी समस्या या सुझाव मेला प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। इसके लिए मेला क्षेत्र में स्थापित सभी बिजली के खंभों पर QR कोड लगाए गए हैं। श्रद्धालु अपने मोबाइल फोन से इन QR कोड को स्कैन करके ऑनलाइन फॉर्म भरकर अपनी समस्या दर्ज कर सकते हैं।
इस एप की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह डिजिटल शिकायत एवं मार्गदर्शन प्रणाली के जरिए प्रशासन और श्रद्धालुओं के बीच सीधे संवाद की सुविधा प्रदान करता है।
माघ मेले में यह पहल पहली बार लागू की गई है और इसे सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल मेला बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। एप के माध्यम से श्रद्धालु न केवल शिकायत दर्ज कर सकेंगे, बल्कि मेले में होने वाली विभिन्न सुविधाओं, मार्गदर्शन, स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी जानकारी भी सीधे प्राप्त कर सकेंगे।
इस डिजिटल नवाचार से माघ मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के अनुभव को और सहज बनाने के साथ ही प्रशासन की कार्यकुशलता भी बढ़ेगी। QR कोड और मोबाइल एप के माध्यम से श्रद्धालुओं को स्थानिक मार्गदर्शन, हेल्पलाइन संपर्क और शिकायत निवारण जैसी सेवाएं तुरंत उपलब्ध होंगी।