सुनील आंबेकर ने कहा कि संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का जीवन और कार्य राष्ट्रीयता से प्रेरित था। उनका मानना था कि स्वतंत्रता के बाद भी देश की स्वाधीनता कायम रहनी चाहिए और राष्ट्र को समृद्धि की दिशा में ले जाना चाहिए। हेडगेवार ने इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थीताकि हिंदू समाज को एकजुट किया जा सके और देश में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके।
संघ की शाखाओं का महत्व
संघ की विचारधारा और समाज में बदलाव
आंबेकर ने यह भी जोड़ा कि संघ का संगठन और शाखाएं देश के विभिन्न हिस्सों में अपने कार्यों को लेकर सक्रिय हैं और आने वाले समय में जब तक देश को इसकी आवश्यकता होगीसंघ का यह प्रयास जारी रहेगा।सुनील आंबेकर का यह बयान संघ के कार्यों और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के महत्व को उजागर करता है। उन्होंने स्वयंसेवकों की भूमिका पर जोर देते हुए यह संदेश दिया कि समाज को बेहतर बनाने के लिए हमें अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाने की आवश्यकता है।









