Author: bharati

  • महाराष्ट्र निकाय चुनाव में BJP-महायुति की ऐतिहासिक जीत…. PM बोले- जनता को धन्यवाद

    महाराष्ट्र निकाय चुनाव में BJP-महायुति की ऐतिहासिक जीत…. PM बोले- जनता को धन्यवाद


    मुम्बई।
    महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों (Maharashtra Local Body Elections) में भाजपा-महायुति गठबंधन (BJP-Mahayuti alliance) की ऐतिहासिक जीत ने एक बार फिर राज्य में विकास की लहर को मजबूत कर दिया है। जनता ने नगर परिषदों और नगर पंचायतों में भारी बहुमत से महायुति को समर्थन दिया, जिससे भाजपा ने कई नए रिकॉर्ड अपने नाम किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने इस जीत पर महाराष्ट्र की जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह जनकेंद्रित विकास में उनकी अटूट आस्था का प्रमाण है।

    पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर कहा कि महाराष्ट्र विकास के साथ मजबूती से खड़ा है। नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव में भाजपा और महायुति को आशीर्वाद देने के लिए महाराष्ट्र की जनता का आभारी हूं। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि यह जनकेंद्रित विकास के हमारे दृष्टिकोण में विश्वास को दर्शाता है। हम राज्य भर के प्रत्येक नागरिक की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए नई ऊर्जा के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने जमीनी स्तर पर किए गए अथक परिश्रम के लिए भाजपा और महायुति के पदाधिकारियों की सराहना की।


    भाजपा ने बनाया रिकॉर्ड

    वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) ने कहा कि भाजपा ने स्थानीय निकाय चुनावों में रिकॉर्ड बनाया है, जिसमें 48 प्रतिशत पार्षद पार्टी के चिह्न पर जीते हैं और पार्टी के उम्मीदवार 129 नगर परिषदों के अध्यक्ष चुने गए हैं। उन्होंने नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में महायुति गठबंधन की सफलता का श्रेय भाजपा के संगठन और सरकार के विकास एजेंडे को दिया। फडणवीस ने कहा कि 48 प्रतिशत पार्षद भाजपा के चिह्न पर निर्वाचित हुए हैं, जो एक रिकॉर्ड है। भाजपा ने 3300 पार्षदों के निर्वाचित होने के साथ एक और रिकॉर्ड बनाया है।

    अब तक प्राप्त रुझानों और परिणामों के अनुसार, भाजपा ने इस वर्ष 129 नगर परिषदों (45 प्रतिशत) में जीत हासिल की है, जो 2017 के 94 की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। महायुति ने कुल 288 नगर परिषदों में से 215 नगर परिषदों (74.65 प्रतिशत) में जीत दर्ज की है।

  • T20I में 4000 रन बनाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बनी स्मृति मंधाना, रचा इतिहास

    T20I में 4000 रन बनाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बनी स्मृति मंधाना, रचा इतिहास


    नई दिल्ली।
    वुमेंस वर्ल्ड कप 2025 (Women’s World Cup 2025) का खिताब जीतने के बाद हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) की अगुवाई वाली टीम इंडिया (Team India) पहली बार कल यानी रविवार, 21 दिसंबर को एक्शन में नजर आई। भारत ने श्रीलंका के खिलाफ विशाखापट्टनम में हुए पहले T20I में 8 विकेट से धमाकेदार जीत दर्ज की। इस दौरान टीम इंडिया की स्टार ओपनिंग बैटर स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) ने इतिहास रच दिया। मंधाना ने श्रीलंका द्वारा मिले 122 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए 25 रनों की पारी खेली, इस दौरान उन्होंने वह उपलब्धि हासिल की जो आज तक कोई भारतीय महिला क्रिकेट नहीं कर पाई।

    स्मृति मंधाना वुमेंस T20I क्रिकेट में 4000 रन का आंकड़ा छूने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बन गई है। जी हां, मंधाना के नाम अब T20I क्रिकेट में कुल 4007 रन है, जो उन्होंने 154 मैचों की 148 पारियों में बनाए हैं। मंधाना अपने T20I करियर में 1 शतक और 31 अर्धशतक जड़ चुकी हैं।

    वहीं ओवरऑल स्मृति मंधाना T20I क्रिकेट में 4000 रन का आंकड़ा पार करने वाली दूसरी महिला क्रिकेटर हैं। इस लिस्ट में टॉप पर न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स हैं, जिनके नाम इस फॉर्मेट में 4716 रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है।

    भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर भी इस लिस्ट में ज्यादा पीछे नहीं है। वह 3669 रनों के साथ लिस्ट में तीसरे पायदान पर हैं।


    कैसा रहा IND W vs SL W पहला टी20 मैच?

    टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी श्रीलंकाई टीम निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 121 ही रन बोर्ड पर लगा पाई। ओपनिंग बैटर विश्मी गुणरत्ने 39 रनों के साथ टीम की हाईएस्ट स्कोरर रहीं, उनके अलावा कोई बैटर 25 रन का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाया। श्रीलंका की इस पारी में तीन रनआउट थे, वहीं क्रांति गौड़, दीप्ति शर्मा और श्री चरणी को 1-1 विकेट मिला।

    122 के टारगेट का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शेफाली वर्मा दूसरे ही ओवर में 5 गेंदों पर 9 रन बनाकर आउट हो गई। 9वें ओवर में 67 के स्कोर पर भारत को दूसरा झटका स्मृति मंधाना के रूप में लगा। नंबर-3 पर आई जेमिमा रोड्रिग्स ने कमाल की पारी खेल भारत को जीत दिलाई। वह 69 रनों के सात नाबाद रही और भारत ने 8 विकेट और 32 गेंदें शेष रहते टारगेट को चेज किया।

  • ऑस्ट्रेलिया में खेलना सबसे मुश्किल… रोहित शर्मा बोले – आप इंग्लैंड से पूछ सकते हो

    ऑस्ट्रेलिया में खेलना सबसे मुश्किल… रोहित शर्मा बोले – आप इंग्लैंड से पूछ सकते हो


    नई दिल्ली।
    रोहित शर्मा (Rohit Sharma) मैदान के अंदर हो या बाहर, वह अपनी बातों से फैंस का मनोरंजन कभी नहीं रुकने देते। रविवार, 21 दिसंबर को रोहित गुरुग्राम में एक इवेंट में पहुंचे जहां उन्होंने भीड़ को संबोधित करते हुए अपने करियर को लेकर कई खुलासे किए। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि 2023 वर्ल्ड कप फाइनल (2023 World Cup Final) में ऑस्ट्रेलिया (Australia) के हाथों मिली हार ने उन्हें इतना तोड़ दिया था कि वह रिटायरमेंट का मन बना चुके थे। रोहित शर्मा ने इस बातचीत के दौरान ऑस्ट्रेलिया में खेली कई शानदार पारियों को याद किया, इस दौरान उन्होंने बेन स्टोक्स (Ben Stokes) की अगुवाई वाली इंग्लैंड की टीम को बुरी तरह ट्रोल कर दिया।

    इंग्लैंड की टीम इस समय ऑस्ट्रेलिया में एशेज सीरीज खेल रही है। 5 मैच की इस सीरीज के पहले तीन मैच हारकर इंग्लैंड सीरीज पहले ही गंवा चुकी है। हर किसी को उम्मीद थी कि बैजबॉल इस बार ऑस्ट्रेलिया में धमाल मचाएगा, मगर अभी तक परफॉर्मेंस इसके विपरीत ही नजर आ रही है। इंग्लैंड की इस हार पर टोंट कसते हुए रोहित शर्मा ने कहा, “ऑस्ट्रेलिया में खेलना सबसे मुश्किल है, आप इंग्लैंड को पूछ ही सकते हो।” रोहित इस दौरान क्या बात कर रहे थे, उसका कॉन्टेक्स्ट तो नहीं पता, मगर उन्होंने इंग्लैंड की टीम को ट्रोल जरूर कर दिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

    रोहित शर्मा ने 2024 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला था। वनडे में तो उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर खूब धमाल मचाया, वहीं ऑस्ट्रेलिया में वनडे क्रिकेट में 1000 रन बनाने वाले एकमात्र भारतीय हैं, मगर जब बात टेस्ट क्रिकेट की आती है तो उनका फ्लॉप प्रदर्शन नजर आता है। 2013 में सचिन तेंदुलकर की फेयरवेल सीरीज़ के दौरान भारत के लिए टेस्ट डेब्यू करने के बाद से, रोहित ने ऑस्ट्रेलिया में 10 मैच खेले लेकिन 19 पारियों में सिर्फ 439 रन ही बना पाए। उन्होंने बैगी ग्रीन्स के खिलाफ तीन टेस्ट फिफ्टी लगाईं और एक बार ज़ीरो पर आउट हुए। भारत के लिए अपनी आखिरी टेस्ट सीरीज में रोहित ने ऑस्ट्रेलिया में तीन टेस्ट खेले लेकिन पांच पारियों में कुल 31 रन ही बना पाए।

  • MP: सिक्स लेन रोड व गौ अभ्यारण्य की मांग… ग्वालियर में साधु-संत करेंगे टोल फ्री आंदोलन

    MP: सिक्स लेन रोड व गौ अभ्यारण्य की मांग… ग्वालियर में साधु-संत करेंगे टोल फ्री आंदोलन


    ग्वालियर।
    ग्वालियर भिंड हाईवे (Gwalior Bhind Highway) को सिक्स लेन बनाने, सड़क हादसों पर रोक और गौ अभ्यारण (Cow Sanctuary) की मांग को लेकर संत समाज अब खुलकर आंदोलन के रास्ते पर उतर रहा है। इसी कड़ी में 29 दिसंबर को बरेठा टोल प्लाजा पर संत सभा के साथ एक दिवसीय टोल फ्री आंदोलन (Toll-free movement) किया जाएगा। भिंड जिले के कालिका माता मंदिर बघेली बहादुरपुरा में अखिल भारतीय संत समिति के तत्वावधान में संत समाज की बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 29 दिसंबर, सोमवार को मालनपुर टोल प्लाजा पर संत सभा होगी। इसी दिन “नो रोड, नो टोल” थीम पर एक दिवसीय सांकेतिक टोल फ्री आंदोलन किया जाएगा और आगे के आंदोलन की रणनीति का उद्घोष किया जाएगा। संत समाज जिला अध्यक्ष संत कालीदास महाराज ने बताया कि संत समाज पहले संवाद के माध्यम से समाधान चाहता है।

    इसी उद्देश्य से सोमवार सुबह 10 बजे भिंड कलेक्टर के साथ बैठक होगी। बैठक में जिले में प्रस्तावित गौ अभ्यारण में अब तक कोई ठोस प्रगति न होने, ग्वालियर भिंड हाईवे पर लगातार हो रहे हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय, तथा भिंड जिले की जनता की भावनाओं से राज्य और केंद्र सरकार को अवगत कराने जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

    संत कालीदास महाराज ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि मानव जीवन और गौ वंश की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो संत समाज इस “धर्म युद्ध” में किसी भी त्याग से पीछे नहीं हटेगा। संत समाज ने सभी वर्गों से अपील की कि वे जाति धर्म से ऊपर उठकर गौ संरक्षण और सड़क सुरक्षा के इस अभियान में साथ खड़े हों। बैठक में बड़ी संख्या में संत समाज की उपस्थिति रही।

  • रूस की सेना में 200 से ज्यादा भारतीय, यूक्रेन युद्ध में ले रहे भाग…अब तक 26 की मौत

    रूस की सेना में 200 से ज्यादा भारतीय, यूक्रेन युद्ध में ले रहे भाग…अब तक 26 की मौत


    मास्को।
    रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध (Russia-Ukraine war) में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। भारत सरकार (Government of India) ने संसद में खुलासा किया है कि अब तक 200 से अधिक भारतीय नागरिक (Indian citizen) रूसी सेना (Russian Army) में भर्ती होकर इस युद्ध में लड़ रहे हैं। यह आंकड़ा विदेश मंत्रालय ने राज्यसभा में सांसदों के सवालों के जवाब में दिया। भारत के विदेश मंत्रालय ने यह आंकड़ा शुक्रवार को राज्यसभा में सांसदों साकेत गोखले और रणदीप सिंह सुरजेवाला द्वारा पूछे गए प्रश्नों के लिखित उत्तर में दिया।

    ‘रूसी सेना में भारतीय नागरिकों की रिहाई’ शीर्षक वाले बयान में मंत्रालय ने कहा कि फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से 202 भारतीय नागरिकों को रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती होने की जानकारी है। हालांकि, सरकार के कूटनीतिक प्रयासों से इनमें से 119 की समय से पहले छुट्टी कराई जा चुकी है। वहीं, मृतकों की संख्या के बारे में बयान में कहा गया है कि युद्ध में 26 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है और 7 को रूसी सीमा क्षेत्र में लापता बताया जा रहा है।

    मंत्रालय ने आगे बताया कि 50 भारतीय नागरिकों को रूसी सेना से रिहा कराने के प्रयास जारी हैं, साथ ही 10 मृतकों के शव वापस लाने की कोशिश भी की जा रही है। इस दौरान विदेश मंत्रालय ने आश्वासन दिया कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, कल्याण और शीघ्र रिहाई के लिए भारत सरकार रूसी पक्ष के साथ लगातार संपर्क में है। इस मामले पर दोनों देशों के नेताओं, मंत्रियों और अधिकारियों के बीच विभिन्न स्तरों पर चर्चा हो रही है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि मृत या लापता बताए गए 18 भारतीयों के डीएनए नमूने रूसी अधिकारियों के साथ साझा किए गए हैं।

    बता दें कि 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से रूस ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के युद्ध को आगे बढ़ाने के लिए 128 देशों में भर्ती अभियान तेज कर दिया है। अनुमान के मुताबिक, इस युद्ध में अब तक 10 लाख से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं या घायल हुए हैं। वहीं, रूस के करीब 7 लाख 90 हजार सैनिकों के हताहत होने का अनुमान है, जबकि लगभग 85 हजार सैनिक लापता बताए जाते हैं। करीब चार वर्षों में रूस यूक्रेन के 12 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा कर चुका है।

  • सऊदी अरब में शराब प्रतिबंध के नियमों में बदलाव, वाइन शॉप्स पर लगी लम्बी कतारें

    सऊदी अरब में शराब प्रतिबंध के नियमों में बदलाव, वाइन शॉप्स पर लगी लम्बी कतारें


    दुबई।
    सऊदी अरब (Saudi Arabia) ने चुपचाप एक ऐसा फैसला लिया है, जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। दरअसल, दशकों से लागू सख्त शराब प्रतिबंध (Alcohol Ban) के बीच बड़ा बदलाव किया गया है। सऊदी सरकार (Saudi Government) ने अपने एकमात्र शराब बेचने वाले स्टोर तक अमीरों की पहुंच बढ़ा दी है। इस बदलाव के बाद गैर-मुस्लिम विदेशी नागरिक, जिनके पास प्रीमियम रेजिडेंसी परमिट है, अब इस स्टोर से शराब खरीद सकते हैं। इस फैसले की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन खबर फैल चुकी है और सऊदी राजधानी रियाद के डिप्लोमैटिक क्वार्टर में स्थित बिना किसी पहचान वाले स्टोर के बाहर कारों और लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।


    शराब की दुकान कहां है?

    रिपोर्टों के अनुसार, यह शराब की दुकान रियाद के डिप्लोमैटिक क्वार्टर में स्थित है। यह दुकान बाहर से पूरी तरह सामान्य दिखती है और इस पर कोई नाम या पहचान नहीं है। बताया जाता है कि यह स्टोर जनवरी 2024 में खोला गया था, जहां पहले केवल गैर-मुस्लिम राजनयिकों को ही शराब खरीदने की अनुमति थी। लेकिन अब प्रीमियम रेजिडेंसी वाले गैर-मुस्लिम विदेशी नागरिक भी यहां से शराब खरीद सकते हैं।


    प्रीमियम रेजिडेंसी परमिट क्या है?

    प्रीमियम रेजिडेंसी परमिट सऊदी अरब की एक खास नीति का हिस्सा है, जिसके जरिए वह निवेशकों, उद्यमियों और विशेष कौशल वाले लोगों को आकर्षित करना चाहता है। इस परमिट के लिए मुख्य शर्त उच्च आय और बड़ा निवेश है। इसके तहत विदेशी लोग बिना किसी सऊदी स्पॉन्सर के संपत्ति खरीद सकते हैं, बिजनेस शुरू कर सकते हैं और अपना परिवार भी साथ रख सकते हैं।


    शराब की कीमतें कितनी हैं?

    एसोसिएटेड प्रेस और अन्य रिपोर्टों के अनुसार, स्टोर से बाहर निकलने वाले ग्राहकों ने बताया कि कीमतें काफी ज्यादा हैं। राजनयिकों को उनकी खरीदारी पर टैक्स में छूट मिलती है, लेकिन प्रीमियम रेजिडेंसी धारकों को नहीं। ग्राहकों ने स्टोर को अच्छी तरह से स्टॉक किया हुआ बताया, हालांकि कुछ ने कहा कि बीयर और वाइन का चयन अभी सीमित है।


    पहले लोग शराब कहां से पीते थे?

    सऊदी अरब में शराब पर सख्त प्रतिबंध होने के कारण यहां रहने वाले लोग अक्सर पड़ोसी देश बहरीन जाते थे, जहां मुसलमानों और गैर-मुसलमानों दोनों के लिए शराब कानूनी है। सप्ताह के अंत और छुट्टियों में सऊदी अरब और खाड़ी देशों से बड़ी संख्या में लोग बहरीन जाते हैं, जिससे यह एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल बन गया है। इसके अलावा, कुछ लोग तस्करी वाली शराब का भी सहारा लेते हैं, जो बेहद महंगी होती है।


    सऊदी अरब ऐसा क्यों कर रहा है?

    यह बदलाव सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और किंग सलमान के नेतृत्व में पिछले कुछ सालों से हो रहे बड़े सामाजिक और आर्थिक सुधारों का हिस्सा है। यहां सिनेमा हॉल खोले गए हैं, महिलाओं को ड्राइविंग की अनुमति दी गई है और बड़े म्यूजिक फेस्टिवल आयोजित किए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि ये फैसले पर्यटन बढ़ाने, विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने और तेल पर निर्भरता कम करने के लिए किए जा रहे हैं। यह बदलाव विजन 2030 के तहत देश को ज्यादा आधुनिक और वैश्विक बनाने की दिशा में एक कदम है।

  • रीवा में भीषण सड़क हादसागिट्टी लदा डंपर बाइक सवारों पर पलटा दो की मौत दो गंभीर घायल

    रीवा में भीषण सड़क हादसागिट्टी लदा डंपर बाइक सवारों पर पलटा दो की मौत दो गंभीर घायल


    रीवा । मध्य प्रदेश के रीवा जिले में बीती रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ जिसमें गिट्टी से लदा एक अनियंत्रित डंपर बाइक सवारों के ऊपर पलट गया जिससे दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा रायपुर कर्चुलियान थाना क्षेत्र के ग्राम बरही के पास हुआ और इसमें दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना रविवार और सोमवार की दरमियानी रात लगभग 1 बजे हुई।

    हादसा कैसे हुआ

    प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना मनिकवार मार्ग पर घटित हुई। गिट्टी से लदा डंपर तेज रफ्तार से जा रहा था। उसी दौरान सामने से आ रहे एक ट्रैक्टर से डंपर की सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि डंपर अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया और बाइक सवार दो युवकों के ऊपर गिर गया। पलटने के बाद डंपर बाइक और उसके सवारों को कुचलते हुए सड़क पर पूरी तरह से रुक गया।

    मृतक और घायलों की स्थिति

    हादसे में मृतकों की पहचान बाइक पर सवार दो युवकों के रूप में हुई जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है और उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया।

    जेसीबी से निकाले गए शव

    चूंकि डंपर सड़क पर पूरी तरह से पलट चुका था इसलिए शवों को निकालने के लिए जेसीबी का सहारा लिया गया। जेसीबी की मदद से शवों को डंपर के नीचे से निकाला गया और शवों का पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।

    स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई

    पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए गहराई से छानबीन की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि हादसा पूरी तरह से चालक की लापरवाही के कारण हुआ है। घटना के बाद पुलिस ने डंपर चालक को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।यह हादसा रीवा जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तेज रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। इस दर्दनाक हादसे ने क्षेत्र के लोगों को चेतावनी दी है कि सड़क पर सुरक्षा और सतर्कता बनाए रखना कितना जरूरी है।

  • मस्क के पास Pak-श्रीलंका-नेपाल की कुल GDP से ज्यादा संपत्ति, जानें कहां से आई इतनी दौलत

    मस्क के पास Pak-श्रीलंका-नेपाल की कुल GDP से ज्यादा संपत्ति, जानें कहां से आई इतनी दौलत


    वाशिंगटन।
    दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क (World’s Richest man, Elon Musk) की संपत्ति अब पाकिस्तान, श्रीलंका और नेपाल की कुल GDP (करीब 555 बिलियन डॉलर) से ज्यादा हो गई है। मात्र 4 दिनों में उनकी नेटवर्थ 150 बिलियन डॉलर (₹13.46 लाख करोड़) बढ़कर 750 बिलियन डॉलर (₹67.18 लाख करोड़) पार कर गई।

    हालांकि, आज फोर्ब्स रियल टाइम बिलियनेयर्स इंडेक्स में यह 748.9 बिलियन डॉलर दिख रही है, जो भारत के टॉप 40 सबसे अमीरों की कुल संपत्ति के बराबर है। मस्क पहले शख्स हैं ,जिन्होंने यह आंकड़ा छुआ। 16 दिसंबर को यह 600 बिलियन डॉलर पर पहुंची थी।


    दौलत में उछाल का डेलावेयर ट्रिगर

    उनकी संपत्ति में यह ऐतिहासिक उछाल अमेरिका की एक अदालत के फैसले के बाद आया, जिसमें टेस्ला के स्टॉक विकल्प पैकेज को बहाल कर दिया गया, जिसकी कीमत करीब 139 अरब डॉलर है। फोर्ब्स मैगजीन ने पहले मस्क को 600 अरब डॉलर से अधिक सम्पति वाला पहला व्यक्ति बताया था

    अदालत का यह फैसला मस्क के 2018 के उस वेतन पैकेज से जुड़ा है, जिसे निचली अदालत ने अकल्पनीय बताते हुए रद्द कर दिया था। टेस्ला कंपनी ने मस्क के लिए यह मोटा पैकेज स्वीकृत किया था, जो टेस्ला के शेयरों की मौजूदा कीमत के हिसाब से करीब 139 अरब डॉलर का है। फोर्ब्स रियल टाइम बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक मस्क की वेल्थ अब लैरी पेज (252.6 बिलियन), लैरी एलिसन (242.7 बिलियन) और जेफ बेजोस (239.4 बिलियन) की कुल संपत्ति से भी ज्यादा है।


    कारण 1: टेस्ला पे-पैकेज की वापसी

    2018 में टेस्ला ने मस्क को 56 बिलियन डॉलर का स्टॉक ऑप्शन दिया था। 2024 में लोअर कोर्ट ने रद्द किया, लेकिन दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने बहाल किया। इससे वेल्थ पहली बार 700 बिलियन पार हुई।


    कारण 2: स्पेसएक्स का 800 बिलियन वैल्यूएशन

    रॉयटर्स के अनुसार, आंतरिक शेयर बिक्री से स्पेसएक्स की वैल्यूएशन 800 बिलियन डॉलर पहुंची। मस्क की 42% हिस्सेदारी पर अगर लिस्टिंग हो, तो अकेले यह 336 बिलियन डॉलर से ज्यादा जोड़ सकती है।

    कारण 3: टेस्ला शेयरों की उछाल
    नवंबर 2025 में शेयरहोल्डर्स ने 1 ट्रिलियन डॉलर का नया पे-पैकेज अप्रूव किया। 2025 में मस्क की वेल्थ में 340 बिलियन डॉलर जुड़े। टेस्ला में 12% स्टेक अब 197 बिलियन डॉलर का है। शेयर 13% चढ़े, सोमवार को 4% ऊपर जब मस्क ने रोबोटैक्सी टेस्ट की घोषणा की।

  • आदित्य धर की ‘धुरंधर’ का बॉक्स ऑफिस पर धमाका, 555 करोड़ पार कर बनी ऑल-टाइम टॉप-10 फिल्म

    आदित्य धर की ‘धुरंधर’ का बॉक्स ऑफिस पर धमाका, 555 करोड़ पार कर बनी ऑल-टाइम टॉप-10 फिल्म


    नई दिल्ली/आदित्य धर की बहुचर्चित फिल्म धुरंधर ने बॉक्स ऑफिस पर नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। रिलीज के 17वें दिन, यानी तीसरे रविवार को फिल्म ने 555.7 करोड़ रुपये इंडिया नेटकी कमाई करते हुए ऑल टाइम टॉप-10 भारतीय फिल्मों की सूची में 10वां स्थान हासिल कर लिया। इस उपलब्धि के साथ ही धुरंधर ने संदीप रेड्डी वांगा के निर्देशन में बनी रणबीर कपूर स्टारर एनिमल को पीछे छोड़ दिया, जिसकी लाइफटाइम इंडिया कलेक्शन 553 करोड़ रुपये रही थी।
    ऑल टाइम टॉप-10 भारतीय फिल्मों की ताजा सूची
    कमाई के मामले में धुरंधर अब देश की सबसे ज्यादा कमाने वाली फिल्मों में शुमार हो चुकी है। इस लिस्ट में पहले स्थान पर पुष्पा:दरूल-पार्ट 21234.1 करोड़है, जबकि बाहुबली 2 दूसरे और केजीएफ चैप्टर 2 तीसरे नंबर पर बनी हुई है। खास बात यह है कि टॉप-10 में 2025 की तीन फिल्में शामिल हो चुकी हैं-कांतारा:ए लीजेंड चैप्टर-1,छावा औरअब धुरंधर।यह भारतीय सिनेमा के लिए एक मजबूत और ऐतिहासिक संकेत माना जा रहा है।
    एनिमल बनाम धुरंधर: रिकॉर्ड के साथ बढ़ा सम्मान
    रिकॉर्ड तोड़ने के बावजूद फिल्ममेकर्स के बीच आपसी सम्मान साफ नजर आया। एनिमल के निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा ने धुरंधर की जमकर तारीफ की। उन्होंने फिल्म को “दमदार, सटीक और प्रभावशाली” बताते हुए इसके निर्देशन, संगीत, अभिनय और स्क्रीनप्ले की खुलकर सराहना की। वांगा ने खासतौर पर रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना के अभिनय को शानदार बताया। इसके जवाब में आदित्य धर ने भी वांगा के प्रति आभार जताते हुए उनकी निडर और सशक्त स्टोरीटेलिंग की प्रशंसा की।
    सितारों और दर्शकों का मिल रहा जबरदस्त समर्थन
    धुरंधर को न सिर्फ दर्शकों का बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के बड़े नामों का भी भरपूर समर्थन मिला है। संदीप रेड्डी वांगा के अलावा राम गोपाल वर्मा, करण जौहर और सिद्धार्थ आनंद जैसे फिल्ममेकर्स भी फिल्म की तारीफ कर चुके हैं। 5 दिसंबर को रिलीज हुई यह फिल्म लगातार सिनेमाघरों में शानदार प्रदर्शन कर रही है। रणवीर सिंह के साथ अक्षय खन्ना, संजय दत्त और आर. माधवन की दमदार मौजूदगी ने फिल्म को और मजबूती दी है। ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में धुरंधर और भी नए रिकॉर्ड अपने नाम कर सकती है।

  • पत्नी की हत्या के बाद गूगल सर्च हिस्ट्री से खुलासा पति को उम्रकैद की सजा

    पत्नी की हत्या के बाद गूगल सर्च हिस्ट्री से खुलासा पति को उम्रकैद की सजा


    रतलाम । मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के एक मामले में कोर्ट ने गूगल सर्च हिस्ट्री को अहम साक्ष्य मानते हुए पति राकेश गायरी को आजीवन कारावास और तीन हजार रुपये की जुर्माना सजा सुनाई है। रतलाम की प्रधान सत्र न्यायाधीश निना आशापुरे ने यह फैसला सुनाया जिसमें गूगल पर सर्च किए गए ‘गला दबाने के निशान मिटाने की क्रीम’ के बारे में जानकारी को महत्वपूर्ण सबूत माना गया।

    पति और पत्नी के बीच विवाद

    जिला लोक अभियोजक सुरेश कुमार वर्मा ने बताया कि मृतका बुलबुल और उसके पति राकेश के बीच अक्सर घरेलू विवाद होता था। बुलबुल को राकेश का आदत से शराब पीना और देर रात घर लौटने की आदत बिल्कुल भी पसंद नहीं थी। यही विवाद राकेश और बुलबुल के रिश्ते में तनाव का कारण बनता था। शराब पीने को लेकर बार-बार विवाद होने के बाद राकेश ने एक दिन गुस्से में आकर बुलबुल के साथ मारपीट की और फिर उसे गला दबाकर हत्या कर दी।

    गूगल सर्च हिस्ट्री से खुला सच

    हत्या के बाद राकेश ने पत्नी के शरीर पर गला दबाने के निशान मिटाने के लिए गूगल पर “गला दबाने के निशान मिटाने की क्रीम” की तलाश की। यह सर्च उसकी गहरी चिंता को दर्शाता था क्योंकि वह हत्या के बाद निशान को छिपाना चाहता था। यही सर्च हिस्ट्री अदालत में महत्वपूर्ण साक्ष्य बनी जिससे राकेश की अपराध में संलिप्तता साबित हुई। इस साक्ष्य के आधार पर उसे सजा सुनाई गई।

    कोर्ट का फैसला और सजा

    कोर्ट ने राकेश को गूगल सर्च हिस्ट्री शव पर पाई गई चोटों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोषी ठहराया। उसे आजीवन कारावास की सजा दी गई और साथ ही 3000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। यह फैसला घरेलू हिंसा और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश देता है। इस मामले में कोर्ट ने तकनीकी साक्ष्यों के महत्व को भी स्वीकार किया जो आजकल के समय में अपराधों की जांच में अहम भूमिका निभाते हैं। गूगल सर्च हिस्ट्री और अन्य डिजिटल साक्ष्य अब अपराधों को उजागर करने में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं जैसे कि इस मामले में हुआ।

    रतलाम में पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के आरोपी राकेश को गूगल सर्च हिस्ट्री के आधार पर सजा मिलना इस बात का उदाहरण है कि कैसे डिजिटल साक्ष्य अब अपराधियों को पकड़ने में अहम साबित हो रहे हैं। यह घटना घरेलू हिंसा के खिलाफ कानून के सख्त कदमों और तकनीकी सहायता से जांच के महत्व को उजागर करती है।