Author: bharati

  • पचमढ़ी में बढ़ी पर्यटकों की संख्या विंटर वेकेशन से पहले होटल 60% तक फुल जिप्सी सफारी किराए में भी बढ़ोतरी

    पचमढ़ी में बढ़ी पर्यटकों की संख्या विंटर वेकेशन से पहले होटल 60% तक फुल जिप्सी सफारी किराए में भी बढ़ोतरी


    नर्मदापुरम । मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में इस साल विंटर वेकेशन के दौरान पर्यटकों की भारी संख्या आने की संभावना है। 24 दिसंबर से 2 जनवरी तक का समय पचमढ़ी में पीक सीजन के रूप में घोषित किया गया है। इस दौरान पर्यटकों के लिए कई नई घोषणाएं की गई हैं जिनमें जिप्सी सफारी और होटल किराए में बढ़ोतरी प्रमुख हैं।

    जिप्सी सफारी किराए में वृद्धि
    पचमढ़ी में पर्यटकों को अब जिप्सी सफारी के लिए पहले से अधिक किराया चुकाना होगा। अब प्रत्येक पर्यटन स्थल के लिए जिप्सी सफारी का किराया पुराने किराए से एक हजार रुपए अधिक होगा। यह बढ़ा हुआ किराया 2 जनवरी तक लागू रहेगा। इसी तरह टैक्सी किराए में भी बढ़ोतरी की गई है। टैक्सी संचालकों के अनुसार पीक सीजन के दौरान पर्यटकों को किसी भी पर्यटन स्थल पर जाने के लिए अतिरिक्त 1000 रुपए चुकाने होंगे।

    होटलों के किराए में 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी

    पचमढ़ी में होटलों के कमरों के किराए में भी बढ़ोतरी की गई है। होटल संचालकों का कहना है कि 12 से 14 दिन पहले की गई एडवांस बुकिंग के चलते कई होटल पहले ही 60% तक बुक हो चुके हैं। पचमढ़ी में कुल 100 से अधिक छोटे-बड़े होटल हैं लेकिन बढ़ती भीड़ के कारण कमरों की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है। इस समय होटलों में कमरे 2000 रुपए से शुरू हो रहे हैं और पीक सीजन के दौरान इनकी कीमत में और वृद्धि की संभावना है।

    नए साल की बुकिंग में तेजी

    नए साल के मौके पर पचमढ़ी में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। होटल और रिसॉर्ट्स में 31 दिसंबर और 1 जनवरी के लिए 60% से अधिक बुकिंग पहले ही हो चुकी है। शनिवार और रविवार को भी बड़ी संख्या में पर्यटक पचमढ़ी का रुख कर रहे हैं। नए साल के जश्न को लेकर पचमढ़ी में हलचल बढ़ गई है और पर्यटकों के बीच इस समय को मनाने का जोश है।

    सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
    पचमढ़ी में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। पिपरिया एसडीओपी को पचमढ़ी की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और रात में पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी। जाम से निपटने के लिए विशेष पॉइंट चिन्हित किए जा रहे हैं जहां पर निगरानी के लिए कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा पचमढ़ी और पिपरिया थाना स्टाफ भी गश्त करता रहेगा।

    पचमढ़ी के प्रमुख पर्यटन स्थल

    पचमढ़ी में पर्यटकों को आकर्षित करने वाले कई प्रमुख स्थल हैं जिनमें प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक स्थल शामिल हैं पांडव गुफाएं यह स्थल पचमढ़ी के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को दर्शाता है मान्यता है कि पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान यहां समय बिताया।प्राकृतिक झरने पचमढ़ी में बी-फॉल रजत प्रपात करीब 350 फीट ऊंचा और अप्सरा विहार जैसे खूबसूरत झरने पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। धूपगढ़ पचमढ़ी का सबसे ऊंचा बिंदु है जहां से सूर्यास्त का दृश्य बेहद आकर्षक होता है। धार्मिक स्थल पचमढ़ी में स्थित चौरागढ़ और जटाशंकर मंदिर प्रमुख शिव मंदिर हैं जहां महाशिवरात्रि के दौरान भारी भीड़ उमड़ती है।
    इन प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ-साथ पचमढ़ी में शांति ठंडा मौसम और हरे-भरे जंगल पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। पचमढ़ी में विंटर वेकेशन से पहले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है और पीक सीजन के दौरान होटल और सफारी के किराए में भी वृद्धि की गई है। पर्यटकों के लिए सुरक्षा और अन्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है ताकि वे अपनी छुट्टियां बिना किसी समस्या के अच्छे से मना सकें। पचमढ़ी के प्रमुख पर्यटन स्थलों की सुंदरता और शांति इसे मध्य प्रदेश का एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनाती है जहां हर साल सैलानियों का तांता लगा रहता है।

  • जबलपुर चर्च विवाद: ब्लाइंड बच्चों के धर्मांतरण के आरोप पर हंगामा, दो पक्षों में हाथापाई..

    जबलपुर चर्च विवाद: ब्लाइंड बच्चों के धर्मांतरण के आरोप पर हंगामा, दो पक्षों में हाथापाई..


    जबलपुर/मध्यप्रदेश के जबलपुर में शनिवार को एक चर्च में आयोजित कार्यक्रम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। गोरखपुर थाना क्षेत्र में स्थित चर्च में ब्लाइंड छात्र-छात्राओं के धर्मांतरण की सूचना मिलने के बाद हिंदू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि चर्च में मौजूद लोगों और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस के बाद हाथापाई तक हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही गोरखपुर थाना पुलिस और सीएसपी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की लेकिन काफी देर तक दोनों पक्षों में तनाव बना रहा। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को अलग किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार गोरखपुर क्षेत्र में जॉनसन स्कूल कैंपस के पीछे स्थित चर्च में क्रिसमस कार्यक्रम के नाम पर शहर के अलग-अलग छात्रावासों से करीब 70 दिव्यांग छात्र-छात्राओं को बुलाया गया था। चर्च के अंदर बच्चों से प्रार्थना कराई जा रही थी। इसी दौरान किसी ने हिंदू संगठनों को सूचना दी कि इन बच्चों को लालच देकर धर्मांतरण के उद्देश्य से लाया गया है।

    सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में हिंदू संगठन के कार्यकर्ता चर्च पहुंच गए और आरोप लगाने लगे कि दिव्यांग बच्चों को भोजन और अन्य सुविधाओं का लालच देकर उनका ब्रेनवॉश किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि बच्चों को जिस छात्रावास से लाया गया वहां से किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई।विवाद के दौरान पुलिस की मौजूदगी में ही दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाया और स्थिति को संभाला।पुलिस ने मौके से एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में भी लिया है जिसके पास कोई पहचान पत्र नहीं था।

    हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बच्चों से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि उन्हें खाने-पीने का लालच देकर चर्च के कार्यक्रम में लाया गया था। संगठन के पदाधिकारी विकास खरे ने कहा कि बच्चों को बताया गया था कि वे सिर्फ क्रिसमस की तैयारी में शामिल होने जा रहे हैं लेकिन चर्च में कथित रूप से धार्मिक बातें कराई जा रही थीं और हनुमान चालीसा को गलत बताया गया। उनका दावा है कि हर साल 25 दिसंबर के आसपास इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।वहीं चर्च की ओर से महिला लीला जोसफ ने सभी आरोपों को खारिज किया है।उन्होंने बताया कि यह एक सामान्य ईशू कार्यक्रम था जिसमें ब्लाइंड बच्चों को अलग-अलग स्कूलों और क्षेत्रों-मेडिकल कॉलेज के पास सिविल लाइन और बायपास इलाके से-आमंत्रित किया गया था। उनका कहना है कि बच्चों को संबंधित संस्थाओं की अनुमति से ही लाया गया था और धर्मांतरण जैसा कोई उद्देश्य नहीं था।

    सीएसपी एमडी नगोतिया ने बताया कि फिलहाल सभी बच्चों को सुरक्षित रूप से उनके छात्रावास वापस भेज दिया गया है।पुलिस अब चर्च में कार्यक्रम आयोजित करने वालों और जिन दिव्यांग छात्रावासों से बच्चों को लाया गया था दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच में अनुमति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि किसी भी पक्ष की ओर से कानून का उल्लंघन पाया जाता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाके में शांति बनी हुई है लेकिन पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

  • रक्षा मंत्रालय में रिश्वतखोरी का खुलासा: CBI ने लेफ्टिनेंट कर्नल को किया गिरफ्तार, 2.36 करोड़ नकद जब्त

    रक्षा मंत्रालय में रिश्वतखोरी का खुलासा: CBI ने लेफ्टिनेंट कर्नल को किया गिरफ्तार, 2.36 करोड़ नकद जब्त

    नई दिल्ली में रक्षा मंत्रालय से जुड़ा एक बड़ा रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो CBI ने शनिवार को रक्षा उत्पादन विभाग में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। CBI ने इस कार्रवाई के दौरान उनके घर से करीब 2.36 करोड़ रुपये नकद जब्त किए हैं। जांच एजेंसी ने इस मामले में उनकी पत्नी कर्नल काजल बाली को भी आरोपी बनाया है, जिनके आवास से 10 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

    CBI के अनुसार, लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा पर आरोप है कि वे रक्षा उत्पादों के निर्माण और निर्यात से जुड़ी निजी कंपनियों को अवैध लाभ पहुंचाने के बदले रिश्वत लेते थे। इस मामले में बिचौलिया विनोद कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद 23 दिसंबर तक CBI की हिरासत में भेज दिया गया है।यह मामला 19 दिसंबर को मिली एक गोपनीय सूचना के आधार पर दर्ज किया गया था। CBI को जानकारी मिली थी कि बेंगलुरु स्थित एक निजी कंपनी के लिए रक्षा मंत्रालय और अन्य सरकारी विभागों में अनुचित तरीके से काम करवाने के बदले लेफ्टिनेंट कर्नल रिश्वत ले रहे हैं। जांच में सामने आया कि कंपनी की ओर से विनोद कुमार नामक बिचौलिया लेफ्टिनेंट कर्नल को पैसे पहुंचाने का काम कर रहा था।

    CBI की जांच में यह भी सामने आया कि 18 दिसंबर को विनोद कुमार ने बेंगलुरु की उसी कंपनी के कहने पर लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा को 3 लाख रुपये की रिश्वत दी थी। इसके तुरंत बाद CBI ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया।जांच एजेंसी का कहना है कि यह कंपनी मूल रूप से दुबई की है, जिसके भारत में संचालन की जिम्मेदारी राजीव यादव और रवजीत सिंह नाम के दो व्यक्तियों के पास थी। ये दोनों लगातार लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा के संपर्क में थे और कंपनी को सरकारी स्तर पर फायदा पहुंचाने के लिए साजिश रच रहे थे। CBI के अनुसार, इन लोगों ने कई सरकारी मंत्रालयों और विभागों से अवैध लाभ लेने की कोशिश की।

    गिरफ्तारी के बाद CBI ने दिल्ली, श्रीगंगानगर, बेंगलुरु और जम्मू समेत कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। दिल्ली स्थित लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा के आवास से 3 लाख रुपये रिश्वत की रकम, 2.23 करोड़ रुपये नकद और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए। वहीं राजस्थान के श्रीगंगानगर में उनकी पत्नी कर्नल काजल बाली के घर से 10 लाख रुपये नकद मिले।काजल बाली वर्तमान में डिवीजन ऑर्डनेंस यूनिट DOU श्रीगंगानगर में कमांडिंग ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। CBI को संदेह है कि इस अवैध लेन-देन में उनकी भूमिका भी हो सकती है, इसलिए उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। जांच एजेंसी उनके कार्यालय में भी दस्तावेजों की जांच कर रही है।

    CBI अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रिश्वतखोरी का यह नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।रक्षा मंत्रालय जैसे संवेदनशील विभाग में तैनात एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी की गिरफ्तारी से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। यह मामला न सिर्फ भ्रष्टाचार की गंभीरता को उजागर करता है, बल्कि रक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता पर भी सवाल खड़े करता है।

  • आईएएस सर्विस मीट के दूसरे दिन भी जोश बरकरार, बोट रेस से लेकर क्रिकेट-फुटबॉल तक दिखी अफसरों की टीम स्पिरिट

    आईएएस सर्विस मीट के दूसरे दिन भी जोश बरकरार, बोट रेस से लेकर क्रिकेट-फुटबॉल तक दिखी अफसरों की टीम स्पिरिट

    भोपाल /राजधानी भोपाल में चल रहे आईएएस सर्विस मीट के दूसरे दिन शनिवार को भी अधिकारियों और उनके परिजनों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। दिन की शुरुआत बड़े तालाब स्थित बोट क्लब में रोमांचक बोट रेस से हुई, जहां कड़ाके की ठंड के बावजूद आईएएस अधिकारियों ने पूरे जोश और टीम भावना के साथ भाग लिया। सुबह से ही आयोजन स्थल पर उत्सव जैसा माहौल नजर आया, जिसे डीजे की धुनों और गीत-संगीत ने और भी रंगीन बना दिया।बड़े तालाब में आयोजित इस बोट रेस में चार हाउस-रेड, ब्लू, ग्रीन और यलो-की टीमें शामिल रहीं। खास बात यह रही कि इस रेस में सिर्फ अधिकारी ही नहीं, बल्कि उनके परिजन भी सक्रिय रूप से शामिल हुए। प्रत्येक टीम में तीन वयस्क पुरुष, एक अनुभवी खिलाड़ी, एक महिला और एक बच्चा शामिल था। इसके अलावा टीम के साथ चार सपोर्ट सदस्य, एक गाइड और एक ड्रमर भी मौजूद रहे, जिससे रेस के दौरान तालमेल और उत्साह बना रहा।
    200 मीटर की दूरी वाली इस रेस में लहरों के बीच नावों की रफ्तार और टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा देखने लायक रही। रेस के दौरान तालाब किनारे मौजूद दर्शक लगातार तालियां बजाकर और जयकारे लगाकर टीमों का हौसला बढ़ाते नजर आए। अधिकारियों का कहना था कि इस तरह के आयोजन न सिर्फ तनाव से राहत देते हैं, बल्कि आपसी सहयोग और टीमवर्क की भावना को भी मजबूत करते हैं।दूसरे दिन की बोट रेस में कड़ा मुकाबला देखने को मिला। पहले दो मुकाबलों के बाद ब्लू और ग्रीन टीम के बीच निर्णायक रेस हुई। इस मुकाबले में ब्लू टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 52.33.01 सेकंड में रेस जीत ली। वहीं ग्रीन टीम ने भी पूरा दमखम लगाया, लेकिन वह 55.55.02 सेकंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रही। ब्लू टीम की जीत पर साथियों और समर्थकों ने तालियों और जयकारों के साथ जश्न मनाया।

    बोट रेस के बाद अधिकारी और उनके परिजन अरेरा क्लब पहुंचे, जहां दिनभर खेल प्रतियोगिताओं का सिलसिला चलता रहा। क्रिकेट और फुटबॉल मैचों में आईएएस अधिकारियों ने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मैदान पर अधिकारियों को खिलाड़ी की भूमिका में देखकर दर्शकों में भी खास उत्साह देखने को मिला। कई अधिकारी लंबे समय बाद खेल के मैदान में उतरने को लेकर काफी उत्साहित नजर आए।शाम के समय अरेरा क्लब में चारों हाउस के बीच कुकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में महिला और पुरुष आईएएस अधिकारियों के साथ उनके परिजनों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अलग-अलग टीमों ने अपने-अपने व्यंजन तैयार किए और उन्हें रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया। कुकिंग प्रतियोगिता के दौरान हंसी-मजाक और आपसी बातचीत से माहौल पूरी तरह पारिवारिक बन गया।
    प्रतिभागियों का कहना था कि सर्विस मीट के दौरान इस तरह की गतिविधियां उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारियों की व्यस्तता से कुछ समय के लिए दूर ले जाकर नई ऊर्जा देती हैं। आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष सर्विस मीट में अधिकारियों के साथ उनके परिवारों की भागीदारी पहले की तुलना में अधिक रही है, जिससे आयोजन और भी जीवंत हो गया है।आईएएस सर्विस मीट के दूसरे दिन का समापन खेल, मनोरंजन और आपसी सौहार्द के माहौल में हुआ। अधिकारियों ने माना कि ऐसे आयोजन न सिर्फ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं, बल्कि आपसी संवाद और सहयोग को भी मजबूत बनाते हैं। सर्विस मीट के अगले और अंतिम दिन भी कई खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका सभी को बेसब्री से इंतजार रहा।
  • पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना: सीहोर के हर किसान के खेत तक पहुंचेगा पार्वती नदी का पानी20 गांव होंगे प्रभावित

    पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना: सीहोर के हर किसान के खेत तक पहुंचेगा पार्वती नदी का पानी20 गांव होंगे प्रभावित


    सीहोर । मध्य प्रदेश सीहोर जिले में पार्वती कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना के तहत दो महत्वपूर्ण सिंचाई योजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से श्यामपुर और सीहोर तहसील के 111 गांवों में किसानों को सिंचाई का सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावालगभग 20 गांव इस परियोजना क्षेत्र में प्रभावित होंगेजिनके लिए नियमानुसार पुनर्वास और मुआवजे की व्यवस्था की जाएगी।

    दिल्ली से आई टीम ने किया मृदा परीक्षण

    निर्माण कार्य की शुरुआत के लिए दिल्ली से एक विशेषज्ञ टीम सीहोर आई थीजिन्होंने मृदा के सेंपल लेकर परीक्षण किए हैं। इस परियोजना के पूर्ण होने से सीहोर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक किसान के खेत तक पार्वती नदी का पानी पहुंचेगा। इससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगीकिसानों की आय में सुधार होगा और क्षेत्र का समग्र आर्थिक विकास संभव होगा।

    दो बड़े बैराज का निर्माण
    इस परियोजना के तहत पार्वती नदी पर दो प्रमुख बैराज श्यामपुर बैराज और कराडिया बैराज का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्तग्राम जेटला में एक बड़े बांध का निर्माण प्रस्तावित हैजो पार्वती नदी से पानी उठाकर भरेगा। इन संरचनाओं से लगभग 1 लाख 18 हजार 750 एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। यह सीहोर विधानसभा क्षेत्र की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना मानी जा रही है।

    जेठला वृहद माइक्रो सिंचाई परियोजना

    इस योजना के तहत श्यामपुर तहसील के 71 गांवों की लगभग 72,500 एकड़ भूमि को स्प्रिंकलर प्रणाली के माध्यम से सिंचित किया जाएगा। इस परियोजना की कुल लागत 1349.51 करोड़ रुपये हैऔर इसके तहत प्रत्येक हेक्टेयर भूमि के लिए अलग जल कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे। इससे किसानों को अपनी आवश्यकता अनुसार पानी की आपूर्ति हो सकेगीजिससे जल की बचत होगी और फसलों का उत्पादन बढ़ेगा।

    पार्वती उद्वहन सिंचाई कॉम्प्लेक्स

    पार्वती उद्वहन सिंचाई कॉम्प्लेक्स” योजना के तहत ग्राम करिया और श्यामपुर में दो वृहद बैराजों का निर्माण किया जाएगा। इन बैराजों से 40 गांवों की 46,250 एकड़ भूमि को स्प्रिंकलर प्रणाली से सिंचित किया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत 1165.04 करोड़ रुपये है।

    किसे मिलेगा सिंचाई का पानी

    जेठला परियोजना के तहत 71 गांवों को सिंचाई का पानी मिलेगा, जिनमें दुर्गा, महुआखेडा, मगरदीखुर्द, चांदबड जांगीर, मानपुरा, बिसनखेडा, रावतखेडा, छतरपुरा, जेटला, पाटेर, अछारोही, सोकला, सीलखेडा, मुंगावली, जुगराजपुरा, बाजारगांव, बरखेडा हसन, पडालिया और कई अन्य गांव शामिल हैं। पार्वती उद्वहन परियोजना से 40 गांवों को सिंचाई का पानी मिलेगा, जिनमें पाटन, बरखेडा खरेट, चौकी, शाहजहापुर, भौज, बरखेडी, कतपोन, सोनकच्छ, सतपोन, जमुनियाखुर्द, बराडीकलां, सतोरनिया, तोरनिया, छापरी दोराहा, झागरिया, निवारिया, मिटटूखेडी, गुलखेडी, कादमपुर, मुख्तार नगर और अन्य गांव शामिल हैं।

    आर्थिक लाभ और जल प्रबंधन

    यह परियोजना किसानों के लिए एक बड़ी राहत होगीक्योंकि इससे जल संकट की समस्या को हल करने में मदद मिलेगी। इसके अलावाइससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होने के साथ-साथ जल की बचत भी संभव होगीजो क्षेत्रीय जल प्रबंधन में सुधार करेगा। पार्वती कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम हैजो मध्य प्रदेश के सीहोर और श्यामपुर क्षेत्र के किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी। इस परियोजना के तहत किसानों को सिंचाई के बेहतर साधन मिलेंगेजिससे उनकी कृषि आय में वृद्धि होगी और पूरे क्षेत्र का समग्र विकास होगा।

  • आईएएस सर्विस मीट का समापन: 18 किमी साइक्लोथॉन में अफसरों ने दिखाया जोश, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

    आईएएस सर्विस मीट का समापन: 18 किमी साइक्लोथॉन में अफसरों ने दिखाया जोश, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश


    भोपाल/राजधानी भोपाल में 19 दिसंबर से शुरू हुए तीन दिवसीय आईएएस सर्विस मीट का रविवार को समापन हो गया। आखिरी दिन की शुरुआत 18 किलोमीटर लंबी साइक्लोथॉन साइकिलिंग रैली से हुईजिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उनके परिजनों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यह आयोजन न सिर्फ फिटनेस को बढ़ावा देने वाला रहाबल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली का भी सशक्त संदेश देता नजर आया।

    साइक्लोथॉन की शुरुआत अरेरा क्लब से हुई। इसके बाद रैली सीएम हाउसवन विहार नेशनल पार्क और सैर सपाटा होते हुए वापस अरेरा क्लब पहुंचकर संपन्न हुई। हरे-भरे रास्तों से गुजरती यह साइकिल रैली सुबह के समय शहरवासियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनी रही। आयोजकों के अनुसारइस इवेंट में कुल 40 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।इस साइक्लोथॉन की खास बात यह रही कि सबसे कम उम्र की प्रतिभागी 11 वर्षीय अरण्य चौहान रहीं। इतनी कम उम्र में उनका आत्मविश्वास और जोश सभी के लिए प्रेरणादायक बना। अफसरों ने भी माना कि बच्चों की भागीदारी से ऐसे आयोजनों को नई ऊर्जा और सकारात्मक संदेश मिलता है।

    प्रतियोगिता में पारीकी पांडला अक्षर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मात्र 38 मिनट में 18 किलोमीटर की दूरी तय कर पहला स्थान हासिल किया। यह समय इस वर्ष के आईएएस सर्विस मीट साइकिलिंग इवेंट का सर्वश्रेष्ठ समय भी रहा। उनकी जीत का जश्न साथियों और अन्य अधिकारियों ने अनोखे अंदाज में मनाया। सम्मान स्वरूप कई अफसरों ने मौके पर ही पुश-अप्स लगाकर विजेता का हौसला बढ़ायाजिससे माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया।दूसरे स्थान पर एडिशनल कमिश्नर भोपाल शिवराज सिंह वर्मा और अभय सिंह संयुक्त रूप से रहे। दोनों ने 45 मिनट में रेस पूरी की। वहींतीसरा स्थान ईशान सुमन सिंह को मिलाजिन्होंने 47 मिनट में रेस पूरी कर अपनी फिटनेस का परिचय दिया।

    आयोजकों ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार प्रतिभागियों की संख्या और उत्साह दोनों में बढ़ोतरी देखने को मिली। खासतौर पर अधिकारियों के साथ उनके परिवारों की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया। साइक्लोथॉन के बाद अरेरा क्लब में दिनभर खेलकूद और मनोरंजक गतिविधियों का सिलसिला चलता रहा।इनमें क्विजडम्ब कराडेटग ऑफ वॉरबैडमिंटनटेबल टेनिसपूलबिलियर्ड्सब्रिजऔर रैपिड चेस जैसी प्रतियोगिताएं शामिल रहीं।अधिकारियों और उनके परिजनों ने इन खेलों मेंउत्साह के साथ भाग लेकर आपसी सौहार्द और टीम भावना का परिचय दिया।

    शाम को अरेरा क्लब में भव्य क्लोजिंग सेरेमनी और प्राइज डिस्ट्रीब्यूशन कार्यक्रम आयोजित किया गयाजिसमें विभिन्न हाउस और प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि सर्विस मीट के पहले दिन गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से आईएएस अधिकारियों और उनके परिजनों ने अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया था। वहींबोट क्लब में आयोजित रोइंग इवेंट के दौरान अधिकारियों ने हाथों से चप्पू चलाकर बड़े तालाब में जमकर मस्ती की।मुख्य सचिव अनुराग जैन भी सर्विस मीट की गतिविधियों में शामिल हुए और क्रिकेट सहित अन्य खेलों का आनंद लिया। कुल मिलाकरआईएएस सर्विस मीट का यह आयोजन फिटनेसमनोरंजन और आपसी मेलजोल का बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आयाजिसने प्रशासनिक व्यस्तताओं के बीच स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया।

  • मऊगंज में आदिवासी युवक की संदिग्ध मौत एएसआई सहित चार पुलिसकर्मी गिरफ्तारमामले की जांच जारी

    मऊगंज में आदिवासी युवक की संदिग्ध मौत एएसआई सहित चार पुलिसकर्मी गिरफ्तारमामले की जांच जारी


    मऊगंज । मध्य प्रदेश मऊगंज थाना में एक आदिवासी युवक की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया हैजिसे लेकर पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच की गई और चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। युवक की मौत 16 फरवरी 2023 को थाने में हुई थीजिसके बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने इसे हत्या का मामला बताया था। घटना को लेकर मजिस्ट्रेटियल जांच का आदेश दिया गयाऔर पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए।

    घटना 16 फरवरी 2023 की हैजब मऊगंज जिले के घुरेहटा वार्ड 12 के निवासी आदिवासी युवक कैलाश कोल उम्र 29 वर्ष को चोरी के संदेह में ग्रामीणों ने बंधक बना लिया था। ग्रामीणों का आरोप था कि कैलाश ने चोरी की थीजिसके बाद उन्होंने उसे पुलिस को सौंप दिया। सूचना मिलने पर डायल-100 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को थाने लेकर आई। थाने में युवक को मुंशी कक्ष में बैठाया गयाजबकि उस समय एएसआइ सूर्यबली सिंह थाने में ड्यूटी पर तैनात थे। बताया गया है कि युवक के शरीर पर पहले से ही गंभीर चोटों के निशान थेऔर थाने में पूछताछ के दौरान उसकी हालत बिगड़ी।

    कुछ ही देर में युवक की मौत हो गईजिसके बाद परिवार और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और थाने में हंगामा मच गया। इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया।मजिस्ट्रेट जांच के दौरान थाने के सीसीटीवी फुटेज जब्त किए गए। इन फुटेज की समीक्षा में यह स्पष्ट हुआ कि युवक के साथ पुलिसकर्मियों ने दुर्व्यवहार किया था। एएसआइ सूर्यबली सिंह की भूमिका संदिग्ध पाई गईजिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अलावाविवेक गिरीवीरेंद्र उर्फ वीरू रजक और गणेश गिरी को भी आरोपी बनाया गया।मजिस्ट्रेट जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने इन सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 हत्या 330 यातना 342 गिरफ्तारी के बाद अवैध तरीके से रखने 34 सामान्य उद्देश्य और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
    सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गयाजहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। यह घटना जिले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाती है और आदिवासी समुदाय के प्रति पुलिस के व्यवहार को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए न्याय की मांग कर रहे हैं। इस घटना के बाद प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की पूरी निष्पक्षता से जांच की जाएगी और दोषियों को कड़ी सजा दिलवाने की कोशिश की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम से यह भी स्पष्ट होता है कि पुलिस की जवाबदेही को लेकर अब और अधिक सख्त कदम उठाने की जरूरत हैताकि ऐसे मामले भविष्य में न हों।

  • Bangladesh: दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में 10 आरोपी गिरफ्तार

    Bangladesh: दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में 10 आरोपी गिरफ्तार


    ढाका।
    बांग्लादेश (Bangladesh) के मयमनसिंह के भालुका इलाके में ईशनिंदा (Blasphemy) के आरोप में 25 वर्षीय फैक्ट्री कर्मचारी दीपू चंद्र दास (Factory worker Deepu Chandra Das) की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में अधिकारियों ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रशासन ने यह कार्रवाई हत्या के दो दिन बाद की है। इस घटना में भीड़ ने दीपू की हत्या कर उसके शव को एक मुख्य मार्ग पर पेड़ से लटकाकर आग लगा दी थी और घटना का लाइव प्रसारण भी किया था।

    मयमनसिंह रैपिड एक्शन बटालियन (रैब) के कार्यालय ने शनिवार को बताया कि गिरफ्तार किए गए 10 लोगों में से सात को उसने और तीन अन्य को पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर पकड़ा है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लिमोन सरकार (19), तारेक हुसैन (19), माणिक मियां (20), इरशाद अली (39), निझुम उद्दीन (20), आलमगीर हुसैन (38), मिराज हुसैन (46), अजमल सगीर (26), शाहीन मियां (19) और नजमुल (21) के रूप में हुई है।

    रैब के अपर पुलिस अधीक्षक शम्सुज्जामन ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्तियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस को सौंप दिया जाएगा। रैब का दावा है कि फैक्ट्री के एक फ्लोर मैनेजर आलमगीर हुसैन ने दीपू चंद्र दास को नौकरी से इस्तीफा देने के लिए मजबूर करने के बाद उसे आक्रोशित भीड़ के हवाले कर दिया था। रैब निदेशक नैमुल हसन ने बताया कि इस मामले में फ्लोर मैनेजर और उसी फैक्ट्री के क्वालिटी मैनेजर मिराज हुसैन आकन को भी गिरफ्तार किया गया है। जांचकर्ता इस बात का जवाब खोजने का प्रयास कर रहे हैं कि पुलिस को बुलाने के बजाय युवक को भीड़ के हवाले क्यों किया गया। उन्होंने संदेह जताया कि इसके पीछे पुरानी रंजिश या भीड़ का दबाव उद्देश्य हो सकता है।

    इस घटना पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रिया हुई है। लेखिका तस्लीमा नसरीन ने सोशल मीडिया पर लिखा कि एक मुस्लिम सहकर्मी ने मामूली बात पर दीपू को सजा देने के लिए उस पर ईशनिंदा का झूठा आरोप लगाया था। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने इसे 21वीं सदी को शर्मसार करने वाली बर्बरता और मानवता की हार बताया। उन्होंने बंगलादेश नेतृत्व से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस पर ध्यान देने का आग्रह किया। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी घटना पर गहरी चिंता जताते हुए सरकार से बंगलादेशी अधिकारियों के समक्ष अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाने का आग्रह किया है।

  • CG: बाघ के शिकार मामले में महिला सरपंच समेत 7 गिरफ्तार… खोजी कुत्ते ने आरोपियों तक पहुंचाया

    CG: बाघ के शिकार मामले में महिला सरपंच समेत 7 गिरफ्तार… खोजी कुत्ते ने आरोपियों तक पहुंचाया


    रायपुर।
    छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के सूरजपुर जिले (Surajpur district) में बाघ का शिकार (Tiger hunting) करने के आरोप में वन विभाग ने एक महिला सरपंच (Woman Sarpanch) समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इस बारे में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि शिकार की यह घटना सूरजपुर जिले के घुई वन परिक्षेत्र के अंतर्गत भैंसामुंडा गांव के जंगल में हुई थी और पुलिस के खोजी कुत्ते की मदद से हम आरोपियों तक पहुंच सके। घटना को लेकर अधिकारियों ने बताया कि जंगली जानवरों का शिकार करने के लिए आरोपियों ने जंगल में बिजली का जाल बिछाया था, और उसी की चपेट में आकर बाघ की मृत्यु हो गई।

    इस दौरान नर बाघ का शिकार करने के आरोप में वन विभाग के दल ने गांव की सरपंच सिस्का कुजूर और उनके पति दिनेश के अलावा ईश्वर कुजूर, अभिषेक रोशन बड़ा, मिथिलेश सिंह, रामनाथ सिंह और भोला प्रसाद को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि इनमें से चार आरोपी सिस्का कुजूर, दिनेश, ईश्वर कुजूर और अभिषेक रोशन बड़ा भैंसामुंडा गांव के निवासी हैं तथा मिथिलेश और रामनाथ कैलाशपुर गांव के निवासी हैं। वहीं भोला प्रसाद जिले के बर्तिकाला गांव का निवासी है।

    अधिकारियों ने बताया कि 15 दिसंबर को जिले के घुई वन रेंज के तहत भैंसामुंडा में नर बाघ का शव बरामद किया गया था, जिसके कुछ अंग गायब थे। उन्होंने बताया कि बाघ के शव का पोस्टमार्टम करने के बाद वन विभाग ने जांच शुरू की और जांच के लिए एक खोजी कुत्ते को भी लगाया गया।

    अधिकारियों ने बताया, ‘तलाशी के दौरान खोजी कुत्ता सरपंच सिस्का कुजूर के घर तक जा पहुंचा। तब जांच अधिकारियों ने बुधवार को सिस्का के घर की तलाशी ली, जहां से बाघ के दो नाखून, बालों का गुच्छा और मांस के टुकड़े तथा बिजली और जीआई का तार बरामद किया गया।’ आगे उन्होंने बताया, ‘सिस्का से पूछताछ के आधार पर अगले दिन, छह अन्य लोगों को पकड़ा गया। उनके पास से बाघ के दांत, बालों के गुच्छे, नाखून, बिजली और जीआई तार, लकड़ी का खूंटा और रस्सी का फंदा बरामद किया गया।’

    उन्होंने बताया कि आरोपियों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया तथा उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें 30 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

  • आर्थिक संकट से जूझ रहे Pak को बड़ी राहत.. वर्ल्ड बैंक ने भी दी 70 करोड़ डॉलर के कर्ज को मंजूरी

    आर्थिक संकट से जूझ रहे Pak को बड़ी राहत.. वर्ल्ड बैंक ने भी दी 70 करोड़ डॉलर के कर्ज को मंजूरी


    इस्लामाबाद।
    आर्थिक संकट (Economic crisis) से जूझ रहे पाकिस्तान (Pakistan) को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से लगातार राहत मिल रही है। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund- IMF) से बड़ी राशि की मंजूरी के बाद अब वर्ल्ड बैंक (World Bank) ने भी पाकिस्तान के लिए करोड़ों डॉलर का ऐलान किया है। वर्ल्ड बैंक ने शुक्रवार को कहा कि उसने पाकिस्तान को 700 मिलियन डॉलर (70 करोड़ डॉलर) की वित्तीय सहायता को मंजूरी दे दी है। यह राशि एक बहुवर्षीय पहल के तहत दी जा रही है, जिसका उद्देश्य देश की मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता को मजबूत करना और सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी में सुधार करना है।

    विश्व बैंक के मुताबिक, यह धनराशि समावेशी विकास के लिए सार्वजनिक संसाधन – बहु-चरणीय प्रोग्रामेटिक दृष्टिकोण (PRID-MPA) के अंतर्गत जारी की जाएगी। इस कार्यक्रम के तहत पाकिस्तान को कुल मिलाकर 1.35 अरब डॉलर तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है। स्वीकृत 700 मिलियन डॉलर में से 600 मिलियन डॉलर केंद्र स्तर के कार्यक्रमों के लिए निर्धारित हैं, जबकि 100 मिलियन डॉलर दक्षिणी प्रांत सिंध में एक प्रांतीय कार्यक्रम को समर्थन देने के लिए दिए जाएंगे।

    यह मंजूरी ऐसे समय आई है, जब अगस्त महीने में विश्व बैंक ने पाकिस्तान के सबसे अधिक आबादी वाले प्रांत पंजाब में प्राथमिक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए 47.9 मिलियन डॉलर का अनुदान भी स्वीकृत किया था।

    हालांकि, पाकिस्तान की आर्थिक चुनौतियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की चिंता भी सामने आ चुकी है। नवंबर में प्रकाशित IMF-विश्व बैंक की एक संयुक्त रिपोर्ट, जिसे पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया था, में कहा गया कि देश में खंडित नियामक व्यवस्था, अपारदर्शी बजट प्रक्रिया और राजनीतिक दखल निवेश को प्रभावित कर रहे हैं और राजस्व संग्रह को कमजोर बना रहे हैं।