जिप्सी सफारी किराए में वृद्धि
होटलों के किराए में 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी
नए साल की बुकिंग में तेजी
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
पचमढ़ी के प्रमुख पर्यटन स्थल

होटलों के किराए में 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी
नए साल की बुकिंग में तेजी
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घटना की सूचना मिलते ही गोरखपुर थाना पुलिस और सीएसपी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की लेकिन काफी देर तक दोनों पक्षों में तनाव बना रहा। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को अलग किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार गोरखपुर क्षेत्र में जॉनसन स्कूल कैंपस के पीछे स्थित चर्च में क्रिसमस कार्यक्रम के नाम पर शहर के अलग-अलग छात्रावासों से करीब 70 दिव्यांग छात्र-छात्राओं को बुलाया गया था। चर्च के अंदर बच्चों से प्रार्थना कराई जा रही थी। इसी दौरान किसी ने हिंदू संगठनों को सूचना दी कि इन बच्चों को लालच देकर धर्मांतरण के उद्देश्य से लाया गया है।
सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में हिंदू संगठन के कार्यकर्ता चर्च पहुंच गए और आरोप लगाने लगे कि दिव्यांग बच्चों को भोजन और अन्य सुविधाओं का लालच देकर उनका ब्रेनवॉश किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि बच्चों को जिस छात्रावास से लाया गया वहां से किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई।विवाद के दौरान पुलिस की मौजूदगी में ही दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाया और स्थिति को संभाला।पुलिस ने मौके से एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में भी लिया है जिसके पास कोई पहचान पत्र नहीं था।
हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बच्चों से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि उन्हें खाने-पीने का लालच देकर चर्च के कार्यक्रम में लाया गया था। संगठन के पदाधिकारी विकास खरे ने कहा कि बच्चों को बताया गया था कि वे सिर्फ क्रिसमस की तैयारी में शामिल होने जा रहे हैं लेकिन चर्च में कथित रूप से धार्मिक बातें कराई जा रही थीं और हनुमान चालीसा को गलत बताया गया। उनका दावा है कि हर साल 25 दिसंबर के आसपास इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।वहीं चर्च की ओर से महिला लीला जोसफ ने सभी आरोपों को खारिज किया है।उन्होंने बताया कि यह एक सामान्य ईशू कार्यक्रम था जिसमें ब्लाइंड बच्चों को अलग-अलग स्कूलों और क्षेत्रों-मेडिकल कॉलेज के पास सिविल लाइन और बायपास इलाके से-आमंत्रित किया गया था। उनका कहना है कि बच्चों को संबंधित संस्थाओं की अनुमति से ही लाया गया था और धर्मांतरण जैसा कोई उद्देश्य नहीं था।
सीएसपी एमडी नगोतिया ने बताया कि फिलहाल सभी बच्चों को सुरक्षित रूप से उनके छात्रावास वापस भेज दिया गया है।पुलिस अब चर्च में कार्यक्रम आयोजित करने वालों और जिन दिव्यांग छात्रावासों से बच्चों को लाया गया था दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच में अनुमति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि किसी भी पक्ष की ओर से कानून का उल्लंघन पाया जाता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाके में शांति बनी हुई है लेकिन पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

CBI के अनुसार, लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा पर आरोप है कि वे रक्षा उत्पादों के निर्माण और निर्यात से जुड़ी निजी कंपनियों को अवैध लाभ पहुंचाने के बदले रिश्वत लेते थे। इस मामले में बिचौलिया विनोद कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद 23 दिसंबर तक CBI की हिरासत में भेज दिया गया है।यह मामला 19 दिसंबर को मिली एक गोपनीय सूचना के आधार पर दर्ज किया गया था। CBI को जानकारी मिली थी कि बेंगलुरु स्थित एक निजी कंपनी के लिए रक्षा मंत्रालय और अन्य सरकारी विभागों में अनुचित तरीके से काम करवाने के बदले लेफ्टिनेंट कर्नल रिश्वत ले रहे हैं। जांच में सामने आया कि कंपनी की ओर से विनोद कुमार नामक बिचौलिया लेफ्टिनेंट कर्नल को पैसे पहुंचाने का काम कर रहा था।
CBI की जांच में यह भी सामने आया कि 18 दिसंबर को विनोद कुमार ने बेंगलुरु की उसी कंपनी के कहने पर लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा को 3 लाख रुपये की रिश्वत दी थी। इसके तुरंत बाद CBI ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया।जांच एजेंसी का कहना है कि यह कंपनी मूल रूप से दुबई की है, जिसके भारत में संचालन की जिम्मेदारी राजीव यादव और रवजीत सिंह नाम के दो व्यक्तियों के पास थी। ये दोनों लगातार लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा के संपर्क में थे और कंपनी को सरकारी स्तर पर फायदा पहुंचाने के लिए साजिश रच रहे थे। CBI के अनुसार, इन लोगों ने कई सरकारी मंत्रालयों और विभागों से अवैध लाभ लेने की कोशिश की।
गिरफ्तारी के बाद CBI ने दिल्ली, श्रीगंगानगर, बेंगलुरु और जम्मू समेत कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। दिल्ली स्थित लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा के आवास से 3 लाख रुपये रिश्वत की रकम, 2.23 करोड़ रुपये नकद और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए। वहीं राजस्थान के श्रीगंगानगर में उनकी पत्नी कर्नल काजल बाली के घर से 10 लाख रुपये नकद मिले।काजल बाली वर्तमान में डिवीजन ऑर्डनेंस यूनिट DOU श्रीगंगानगर में कमांडिंग ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। CBI को संदेह है कि इस अवैध लेन-देन में उनकी भूमिका भी हो सकती है, इसलिए उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। जांच एजेंसी उनके कार्यालय में भी दस्तावेजों की जांच कर रही है।
CBI अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रिश्वतखोरी का यह नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।रक्षा मंत्रालय जैसे संवेदनशील विभाग में तैनात एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी की गिरफ्तारी से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। यह मामला न सिर्फ भ्रष्टाचार की गंभीरता को उजागर करता है, बल्कि रक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता पर भी सवाल खड़े करता है।


साइक्लोथॉन की शुरुआत अरेरा क्लब से हुई। इसके बाद रैली सीएम हाउसवन विहार नेशनल पार्क और सैर सपाटा होते हुए वापस अरेरा क्लब पहुंचकर संपन्न हुई। हरे-भरे रास्तों से गुजरती यह साइकिल रैली सुबह के समय शहरवासियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनी रही। आयोजकों के अनुसारइस इवेंट में कुल 40 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।इस साइक्लोथॉन की खास बात यह रही कि सबसे कम उम्र की प्रतिभागी 11 वर्षीय अरण्य चौहान रहीं। इतनी कम उम्र में उनका आत्मविश्वास और जोश सभी के लिए प्रेरणादायक बना। अफसरों ने भी माना कि बच्चों की भागीदारी से ऐसे आयोजनों को नई ऊर्जा और सकारात्मक संदेश मिलता है।
प्रतियोगिता में पारीकी पांडला अक्षर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मात्र 38 मिनट में 18 किलोमीटर की दूरी तय कर पहला स्थान हासिल किया। यह समय इस वर्ष के आईएएस सर्विस मीट साइकिलिंग इवेंट का सर्वश्रेष्ठ समय भी रहा। उनकी जीत का जश्न साथियों और अन्य अधिकारियों ने अनोखे अंदाज में मनाया। सम्मान स्वरूप कई अफसरों ने मौके पर ही पुश-अप्स लगाकर विजेता का हौसला बढ़ायाजिससे माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया।दूसरे स्थान पर एडिशनल कमिश्नर भोपाल शिवराज सिंह वर्मा और अभय सिंह संयुक्त रूप से रहे। दोनों ने 45 मिनट में रेस पूरी की। वहींतीसरा स्थान ईशान सुमन सिंह को मिलाजिन्होंने 47 मिनट में रेस पूरी कर अपनी फिटनेस का परिचय दिया।
आयोजकों ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार प्रतिभागियों की संख्या और उत्साह दोनों में बढ़ोतरी देखने को मिली। खासतौर पर अधिकारियों के साथ उनके परिवारों की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया। साइक्लोथॉन के बाद अरेरा क्लब में दिनभर खेलकूद और मनोरंजक गतिविधियों का सिलसिला चलता रहा।इनमें क्विजडम्ब कराडेटग ऑफ वॉरबैडमिंटनटेबल टेनिसपूलबिलियर्ड्सब्रिजऔर रैपिड चेस जैसी प्रतियोगिताएं शामिल रहीं।अधिकारियों और उनके परिजनों ने इन खेलों मेंउत्साह के साथ भाग लेकर आपसी सौहार्द और टीम भावना का परिचय दिया।
शाम को अरेरा क्लब में भव्य क्लोजिंग सेरेमनी और प्राइज डिस्ट्रीब्यूशन कार्यक्रम आयोजित किया गयाजिसमें विभिन्न हाउस और प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि सर्विस मीट के पहले दिन गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से आईएएस अधिकारियों और उनके परिजनों ने अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया था। वहींबोट क्लब में आयोजित रोइंग इवेंट के दौरान अधिकारियों ने हाथों से चप्पू चलाकर बड़े तालाब में जमकर मस्ती की।मुख्य सचिव अनुराग जैन भी सर्विस मीट की गतिविधियों में शामिल हुए और क्रिकेट सहित अन्य खेलों का आनंद लिया। कुल मिलाकरआईएएस सर्विस मीट का यह आयोजन फिटनेसमनोरंजन और आपसी मेलजोल का बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आयाजिसने प्रशासनिक व्यस्तताओं के बीच स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया।

घटना 16 फरवरी 2023 की हैजब मऊगंज जिले के घुरेहटा वार्ड 12 के निवासी आदिवासी युवक कैलाश कोल उम्र 29 वर्ष को चोरी के संदेह में ग्रामीणों ने बंधक बना लिया था। ग्रामीणों का आरोप था कि कैलाश ने चोरी की थीजिसके बाद उन्होंने उसे पुलिस को सौंप दिया। सूचना मिलने पर डायल-100 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को थाने लेकर आई। थाने में युवक को मुंशी कक्ष में बैठाया गयाजबकि उस समय एएसआइ सूर्यबली सिंह थाने में ड्यूटी पर तैनात थे। बताया गया है कि युवक के शरीर पर पहले से ही गंभीर चोटों के निशान थेऔर थाने में पूछताछ के दौरान उसकी हालत बिगड़ी।

मयमनसिंह रैपिड एक्शन बटालियन (रैब) के कार्यालय ने शनिवार को बताया कि गिरफ्तार किए गए 10 लोगों में से सात को उसने और तीन अन्य को पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर पकड़ा है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लिमोन सरकार (19), तारेक हुसैन (19), माणिक मियां (20), इरशाद अली (39), निझुम उद्दीन (20), आलमगीर हुसैन (38), मिराज हुसैन (46), अजमल सगीर (26), शाहीन मियां (19) और नजमुल (21) के रूप में हुई है।
रैब के अपर पुलिस अधीक्षक शम्सुज्जामन ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्तियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस को सौंप दिया जाएगा। रैब का दावा है कि फैक्ट्री के एक फ्लोर मैनेजर आलमगीर हुसैन ने दीपू चंद्र दास को नौकरी से इस्तीफा देने के लिए मजबूर करने के बाद उसे आक्रोशित भीड़ के हवाले कर दिया था। रैब निदेशक नैमुल हसन ने बताया कि इस मामले में फ्लोर मैनेजर और उसी फैक्ट्री के क्वालिटी मैनेजर मिराज हुसैन आकन को भी गिरफ्तार किया गया है। जांचकर्ता इस बात का जवाब खोजने का प्रयास कर रहे हैं कि पुलिस को बुलाने के बजाय युवक को भीड़ के हवाले क्यों किया गया। उन्होंने संदेह जताया कि इसके पीछे पुरानी रंजिश या भीड़ का दबाव उद्देश्य हो सकता है।
इस घटना पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रिया हुई है। लेखिका तस्लीमा नसरीन ने सोशल मीडिया पर लिखा कि एक मुस्लिम सहकर्मी ने मामूली बात पर दीपू को सजा देने के लिए उस पर ईशनिंदा का झूठा आरोप लगाया था। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने इसे 21वीं सदी को शर्मसार करने वाली बर्बरता और मानवता की हार बताया। उन्होंने बंगलादेश नेतृत्व से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस पर ध्यान देने का आग्रह किया। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी घटना पर गहरी चिंता जताते हुए सरकार से बंगलादेशी अधिकारियों के समक्ष अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाने का आग्रह किया है।

इस दौरान नर बाघ का शिकार करने के आरोप में वन विभाग के दल ने गांव की सरपंच सिस्का कुजूर और उनके पति दिनेश के अलावा ईश्वर कुजूर, अभिषेक रोशन बड़ा, मिथिलेश सिंह, रामनाथ सिंह और भोला प्रसाद को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि इनमें से चार आरोपी सिस्का कुजूर, दिनेश, ईश्वर कुजूर और अभिषेक रोशन बड़ा भैंसामुंडा गांव के निवासी हैं तथा मिथिलेश और रामनाथ कैलाशपुर गांव के निवासी हैं। वहीं भोला प्रसाद जिले के बर्तिकाला गांव का निवासी है।
अधिकारियों ने बताया कि 15 दिसंबर को जिले के घुई वन रेंज के तहत भैंसामुंडा में नर बाघ का शव बरामद किया गया था, जिसके कुछ अंग गायब थे। उन्होंने बताया कि बाघ के शव का पोस्टमार्टम करने के बाद वन विभाग ने जांच शुरू की और जांच के लिए एक खोजी कुत्ते को भी लगाया गया।
अधिकारियों ने बताया, ‘तलाशी के दौरान खोजी कुत्ता सरपंच सिस्का कुजूर के घर तक जा पहुंचा। तब जांच अधिकारियों ने बुधवार को सिस्का के घर की तलाशी ली, जहां से बाघ के दो नाखून, बालों का गुच्छा और मांस के टुकड़े तथा बिजली और जीआई का तार बरामद किया गया।’ आगे उन्होंने बताया, ‘सिस्का से पूछताछ के आधार पर अगले दिन, छह अन्य लोगों को पकड़ा गया। उनके पास से बाघ के दांत, बालों के गुच्छे, नाखून, बिजली और जीआई तार, लकड़ी का खूंटा और रस्सी का फंदा बरामद किया गया।’
उन्होंने बताया कि आरोपियों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया तथा उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें 30 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

विश्व बैंक के मुताबिक, यह धनराशि समावेशी विकास के लिए सार्वजनिक संसाधन – बहु-चरणीय प्रोग्रामेटिक दृष्टिकोण (PRID-MPA) के अंतर्गत जारी की जाएगी। इस कार्यक्रम के तहत पाकिस्तान को कुल मिलाकर 1.35 अरब डॉलर तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है। स्वीकृत 700 मिलियन डॉलर में से 600 मिलियन डॉलर केंद्र स्तर के कार्यक्रमों के लिए निर्धारित हैं, जबकि 100 मिलियन डॉलर दक्षिणी प्रांत सिंध में एक प्रांतीय कार्यक्रम को समर्थन देने के लिए दिए जाएंगे।
यह मंजूरी ऐसे समय आई है, जब अगस्त महीने में विश्व बैंक ने पाकिस्तान के सबसे अधिक आबादी वाले प्रांत पंजाब में प्राथमिक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए 47.9 मिलियन डॉलर का अनुदान भी स्वीकृत किया था।
हालांकि, पाकिस्तान की आर्थिक चुनौतियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की चिंता भी सामने आ चुकी है। नवंबर में प्रकाशित IMF-विश्व बैंक की एक संयुक्त रिपोर्ट, जिसे पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया था, में कहा गया कि देश में खंडित नियामक व्यवस्था, अपारदर्शी बजट प्रक्रिया और राजनीतिक दखल निवेश को प्रभावित कर रहे हैं और राजस्व संग्रह को कमजोर बना रहे हैं।