Author: bharati

  • पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकार को आंख मारी… भड़के लोग

    पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकार को आंख मारी… भड़के लोग


    इस्लामाबाद।
    पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) की सेना के जनरल का एक वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। दरअसल इस वीडियो में पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (Inter-Services Public Relations of Pakistan) के डायरेक्टर जनरल (Director General) और सैन्य प्रवक्ता (Military spokesman) लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी (Lieutenant General Ahmed Sharif Chaudhry) एक महिला पत्रकार को आंख मारते नाराज आ रहे हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक वायरल वीडियो कथित तौर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकार अबसा कोमल जनरल चौधरी से पाक के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर सवाल पूछ रही थीं। पत्रकार ने कहा, “आपने आज कहा कि वह (इमरान खान) राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं, देश विरोधी हैं और दिल्ली के इशारों पर काम कर रहे हैं। यह पहले से कैसे अलग है या क्या हम आगे इस पर कोई डेवलपमेंट की उम्मीद करें?”

    इस गंभीर सवाल का मजाकिया जवाब देते हुए जनरल ने कहा, “और एक चौथा पॉइंट जोड़ लें वह एक ‘जेहनी मरीज’ (मानसिक रोगी) भी हैं।” इसके बाद वह मुस्कुराए और पत्रकार को देख कर आंख मारी, जिसका वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान स्वतंत्र रूप से वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

    भड़के लोग
    पाकिस्तानी जनरल का वीडियो वायरल होते ही यूजर्स का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने इस पर आश्चर्य जताया है कि कोई वर्दी पहना हुआ शख्स, सार्वजनिक रूप से इस तरह की हरकत कैसे कर सकता है। एक यूजर ने लिखा, “ये कूल बनने की कोशिश कर रहे हैं। इनको ये नहीं पता कि इनको कोई सीरियसली नहीं लेता।”

    एक अन्य यूजर ने लिखा, “यह दिखाता है कि उनकी सेना कितनी गैर-पेशेवर है। वर्दी में कोई इस तरह सार्वजनिक रूप से किसी को आंख कैसे मार सकता है?” वहीं एक अन्य ने लिखा कि इस तरह के लोग पाकिस्तान सेना के जनरल हैं तो कोई आश्चर्य नहीं है कि उनका देश किस स्थिति में हैं।

  • Pakistan की संसद में ईमानदारी के इम्तिहान… एक दर्जन से ज्यादा सांसद हुए फेल

    Pakistan की संसद में ईमानदारी के इम्तिहान… एक दर्जन से ज्यादा सांसद हुए फेल


    इस्लामाबाद।
    पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) की संसद में बैठे सांसद कितने ईमानदार (Honest MPs) हैं? इसकी जब परीक्षा हुई तो करीब एक दर्जन से ज्यादा सांसद उसमें फेल हो गए। यह सब हुआ ऑन कैमरा। अब उसका वीडियो फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दरअसल, हुआ यूं कि पाकिस्तान की नेशनल असेंबली (Pakistan National Assembly) के स्पीकर सरदार अयाज सादिक (Speaker Sardar Ayaz Sadiq) ने सांसदों की ईमानदारी का इम्तिहान लेने के लिए एक मजेदार तरकीब निकाला। उन्होंने कुछ कड़क-कड़क नोट लहराकर संसद में पूछा कि ये किसके हैं?

    वीडियो में दिख रहा है कि वह हाथों में नोट लहराते हुए पूछ रहे हैं कि ये किसी के पैसे गिर गए हैं, जिनके हैं हाथ खड़े करें। इसी बीच संसद में बैठे 12-13 सांसदों ने हाथ खड़े कर दिए। इस पर मुस्कुराते हुए स्पीकर ने कहा, “ये तो 10-12 हाथ खड़े हो गए हैं, पैसे उतने नहीं हैं, जितने लोगों के हाथ खड़े हुए हैं। ये तो सारे हाउस के हाथ खड़े हो गए हैं।” उसके बाद उन्होंने थैंक यू कहकर मामला समाप्त कर दिया। अब ये वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।


    रूपये असली मालिक को मिल गए

    पाकिस्तान के टीवी के मुताबिक, नेशनल असेंबली की ये घटना सोमवार की है। स्पीकर अयाज सादिक के हाथ में उस वक्त 5000 रुपये के कुल 10 नोट थे, जिन्हें वह लहरा रहे थे। यानी उनके हाथ में कुल 50,000 रुपये थे, जो किसी सांसद के संसद भवन में गिर गए थे। आखिरकार कैश अपने असली मालिक PTI के सांसद मुहम्मद इकबाल अफरीदी के पास पहुंच गया लेकिन पाक सोशल मीडिया पर इसको लेकर गरमागरम बहस छिड़ गई है।


    पाकिस्तानी सांसदों की हो रही खिंचाई

    जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर पॉपुलर हुआ, पाकिस्तानियों ने अपने सांसदों की खिंचाई शुरू कर दी। कुछ लोगों का कहना है कि जिन 12 MPs ने हाथ उठाए थे, उन्हें संसद का अपमान करने का दोषी मानकर सदन से निकाल देना चाहिए। एक मज़ाकिया यूज़र, महनूर आसिफ ने ट्वीट किया, “स्पीकर ने शरीफ भाइयों के 25 कॉल मिस कर दिए।” हालांकि, कुछ लोग इस घटना से हैरान नहीं हैं। एक और ने ट्वीट किया, “वे लाखों में सैलरी और भत्ते लेते हैं, फिर भी यह उनका हाल है।”

  • भारी कर्ज और कुप्रबंधन में डूबा पाकिस्तान… IMF-ADB ने खोली अर्थव्यवस्था की पोल

    भारी कर्ज और कुप्रबंधन में डूबा पाकिस्तान… IMF-ADB ने खोली अर्थव्यवस्था की पोल


    इस्लामाबाद।
    पाकिस्तान (Pakistan) के लिए बुधवार को आई दो रिपोर्टें बेहद चौंकाने वाली और उसकी अर्थव्यवस्था (Economy) की कलई खोलने वाली हैं। पहली रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) (International Monetary Fund – IMF) की है जिसके नवीनतम अनुमानों से पता चलता है कि यह देश अब भी भारी कर्ज, कमजोर निवेश और धीमी रोजगार वृद्धि से जूझ रहा है। दूसरी रिपोर्ट एशियाई विकास बैंक (एडीबी) (Asian Development Bank -ADB) की है जिसमें चेताया गया है कि पाकिस्तान कुप्रबंधन में डूबा है और जल संकट गंभीरतम हालत में है।

    आईएमएफ ने पाकिस्तान को 1.2 अरब डॉलर की नई राशि देने के बीच चेताया कि देश की आर्थिक वृद्धि दर वित्त वर्ष 2025 में 2.6% से बढ़कर 2026 तक 3.2% हो जाएगी, जो 24 करोड़ की आबादी वृद्धि की दर से लगभग मेल नहीं खाती। मुद्रास्फीति भी घटकर 4.5% रह गई है जो अस्थिरता का संकेत देती है। उधर, एडीबी ने कहा- पाकिस्तान में 80% से अधिक आबादी स्वच्छ पेयजल से वंचित है। देश अनियंत्रित आबादी व कुप्रबंधन से भारी दबाव में है।

    कमजोर रोजगार सृजन क्षमता का शिकार
    आईएमएफ की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की जनसंख्या मध्य 2025 के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2.55% है, जबकि विश्व बैंक के आंकड़े 1.8-1.9% दर्शाते हैं। बेरोजगारी दर वित्त वर्ष 2026 में मामूली रूप से 7.5% रहने का अनुमान है, जो वर्तमान विकास पथ की कमजोर रोजगार सृजन क्षमता को दर्शाता है। राजकोषीय मोर्चे पर, सरकारी राजस्व और अनुदान 2026 तक 16.3% होने का अनुमान है, जबकि व्यय जीडीपी के करीब 20% के आसपास ही रह सकेगा।

    सार्वजनिक ऋण के बोझ तले दबा है पाकिस्तान
    अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष के मुताबिक, पाकिस्तान सार्वजनिक ऋण के बोझ तले बुरी तरह से दबा हुआ है। आईएमएफ दायित्वों सहित कुल सामान्य सरकारी ऋण जीडीपी के लगभग 72-73% तक रहने का अनुमान है, जबकि सरकारी व गारंटीकृत ऋण करीब 76% रहने की उम्मीद है। घरेलू ऋण जीडीपी का लगभग आधा हिस्सा है, जिससे घरेलू उधार दरों में वृद्धि के कारण ब्याज लागत अधिक बनी हुई है। ये हालात अर्थव्यवस्था के बेहद संकट में रहने का संकेत देते हैं।

    पाकिस्तानी नीतियों पर चेतावनी
    पाकिस्तान में प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता 1972 में 3,500 घन मीटर से गिरकर 2020 में मात्र 1,100 घन मीटर रह गई है, जिससे यह पूर्ण कमी की दहलीज के खतरनाक रूप से करीब पहुंच गया है। एडीबी ने कहा कि पाकिस्तान की राष्ट्रीय जल नीति योजना और कार्यान्वयन के बीच गंभीर अंतर से ग्रस्त है। इसे लेकर एडीबी ने पाकिस्तानी नीतियों पर चेतावनी भी जारी की।

    जल प्रबंधन अक्षमता और संस्थागत विखंडन से ग्रस्त
    एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने अपनी नवीनतम एशियाई जल विकास आउटलुक (एडब्ल्यूडीओ) रिपोर्ट में चेतया है कि पाकिस्तान में जल संकट गंभीर बना हुआ है। इसके पीछे देश में कुप्रबंधन की सबसे बड़ी भूमिका है। इस कारण पाकिस्तान के जल संसाधन अत्यधिक दबाव में हैं। रिपोर्ट में असुरक्षित पानी और कृषि में भूजल के अत्यधिक उपयोग से होने वाली व्यापक जलजनित बीमारियों का भी जिक्र है। इसी के चलते भूजल का क्षरण व आर्सेनिक प्रदूषण हुआ है। एडीबी ने कहा, पाकिस्तानी जल प्रबंधन अभी भी अक्षमता, संस्थागत विखंडन और अपर्याप्त निधि से ग्रस्त है।

  • इस साल सबसे ज्यादा रन बनाने वाले क्रिकेटर बने शे होप, शुभमन गिल को छोड़ा पीछे

    इस साल सबसे ज्यादा रन बनाने वाले क्रिकेटर बने शे होप, शुभमन गिल को छोड़ा पीछे


    नई दिल्ली।
    भारतीय टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान (Indian Test and ODI teams Captain) शुभमन गिल (Shubman Gill) का बल्ला इस साल खूब चला है। कप्तानी मिलने के बाद तो टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने तबाही मचा दी है। हालांकि टी20 में उनकी फॉर्म अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। साल 2025 में शुभमन गिल (Shubman Gill) ने अभी तक सभी फॉर्मेट में खेले 33 मैचों की 40 पारियों में 51.05 की औसत के साथ 1736 रन बनाए हैं जिसमें 7 शतक और 3 अर्धशतक शामिल है। गिल अभी तक इस साल सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे, मगर वेस्टइंडीज के शे होप ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन में जारी दूसरे टेस्ट में उनको पछाड़ नंबर-1 का ताज हासिल कर लिया है।

    शे होप के नाम 2025 में अब सबसे अधिक 1749 रन हो गए हैं। साल 2025 में तीनों फॉर्मेट -टेस्ट, वनडे और टी20- में सबसे ज्यादा रन बनाने की रेस अब शे होप और शुभमन गिल के बीच ही हैं। इन दोनों के अलावा अभी तक कोई 1600 रन का आंकड़ा तक नहीं छू पाया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस साल का अंत होते-होते कौन बाजी मारता है।

    बात शे होप की करें तो, न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी वेलिंगटन टेस्ट में उनकी एक पारी बाकी है, वहीं उन्हें कीवी टीम के खिलाफ एक और टेस्ट मैच खेलना है जहां उन्हें दो बार और बैटिंग करने का मौका मिलेगा।

    वहीं शुभमन गिल साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय टीम का हिस्सा हैं। इस साल का अंत होते-होते भारत को मेहमानों के साथ 4 और टी20 मैच खेलने हैं, ऐसे में गिल के पास नंबर-1 की दावेदारी ठोकने के लिए 4 मौके होंगे। हालांकि उनके लिए यह काम आसान नहीं होने वाला है।

    शे होप की बची तीन पारियां टेस्ट फॉर्मेट में हैं। इस दौरान उनके पास लंबी पारी खेलने के ज्यादा मौके होंगे। वहीं शुभमन गिल को टी20 में 4 पारियां खेलनी है जहां उन्हें बहुत कम समय मिलेगा। अब 2025 का बादशाह कौन बनेगा ये तो आने वाले कुछ दिनों में ही पता चल पाएगा।

  • राजनीति का सुखद पल… शरद पवार के घर डिनर में राहुल, अजित, अडानी समेत कई केंद्रीय मंत्री भी हुए शामिल

    राजनीति का सुखद पल… शरद पवार के घर डिनर में राहुल, अजित, अडानी समेत कई केंद्रीय मंत्री भी हुए शामिल


    नई दिल्ली।
    राजधानी दिल्ली (Capital Delhi) में राजनीतिक गलियारों की शाम बुधवार बेहद ख़ास रही. एनसीपी–एसपी प्रमुख शरद पवार (NCP-SP chief Sharad Pawar) के आवास पर दलगत सीमाओं से परे कई नेता डिनर के लिए जुटे. इस डिनर में देश के उद्योगपति भी नज़र आए. यह मुलाकात उनके 85वें जन्मदिन (85th Birthday) से ठीक एक दिन पहले हुई और माहौल पूरी तरह निजी रहा.

    शरद पवार एक दिग्गज नेता हैं, जो लंबे समय से सियासत करते आ रहे हैं और उनके डिनर आयोजन में मौजूद नेताओं की लिस्ट ने इसे और ख़ास बना दिया. इस डिनर आयोजन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हुए. सबसे ज्यादा ध्यान इस आयोजन में उद्योगपति गौतम अडानी की मौजूदगी ने खींचा, क्योंकि राजनीति और व्यापार के ऐसे मेलजोल के मौके कम देखने को मिलते हैं.

    इसके अलावा तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी शामिल हुए. प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद यह पहला मौका होगा जब मुख्यमंत्री रेड्डी किसी बड़े राजनीतिक आयोजन में दिखे। एक और दिलचस्प दृश्य देखने मिला कि शरद पवार के भतीजे और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार भी इस डिनर में शामिल दिखाई दिए. अजित पवार के इस आयोजन में शामिल होना दर्शाता है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद दोनों के व्यक्तिगत रिश्ते राजनीति की सीमाओं से परे चलते हैं।

    शरद पवार ने छह दशक से अधिक समय तक राजनीति में सक्रिय रहकर लगभग हर दल के नेताओं से मजबूत संबंध बनाए हैं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, रक्षा मंत्री और कृषि मंत्री जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए उन्होंने न केवल एडमिनिस्ट्रेटिव क्षमता दिखाई, बल्कि अपनी राजनीतिक समझ के कारण सम्मान भी हासिल किया।

  • नेतन्याहू ने PM मोदी से की फोन पर बातचीत, 'बहुत जल्द मुलाकात पर जताई सहमति'

    नेतन्याहू ने PM मोदी से की फोन पर बातचीत, 'बहुत जल्द मुलाकात पर जताई सहमति'


    येरूशलम।
    इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu) ने बुधवार (10 दिसंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से फोन पर बातचीत की। जिसमें दोनों नेताओं ने ‘बहुत जल्द’ मुलाकात करने पर सहमति जताई है। यह जानकारी इस्राइल प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने साझा की। नेतन्याहू और पीएम मोदी के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत के बारे में बताते हुए इस्राइल पीएमओ (Israel PMO) ने एक सोशल मीडिया पोस्ट शेयर किया।


    इस्राइली पीएमओ ने साझा किया पोस्ट

    पीएमओ की ओर से सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में कहा गया, “गर्मजोशी भरी और मित्रतापूर्ण बातचीत के अंत में दोनों नेताओं ने बहुत जल्द मिलने पर सहमति दी।” मालूम हो कि दोनों नेताओं ने आपसी बातचीत में भारत–इस्राइल रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। इस्राइली प्रधानमंत्री की यह बहुप्रतीक्षित यात्रा दोनों तरफ से कई उच्च-स्तरीय मंत्री स्तरीय यात्राओं के बाद होगी।

    फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के अंतिम चरण में दोनों देश
    इस साल इस्राइल के पर्यटन मंत्री हैम काट्ज, अर्थव्यवस्था और उद्योग मंत्री नीर बरकत, कृषि और खाद्य सुरक्षा मंत्री एवी डिचटर तथा वित्त मंत्री बेजलेल स्मोट्रिच भारत का दौरा कर चुके हैं। ये सभी दौरे दोनों रणनीतिक साझेदार देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को अंतिम रूप देने की दिशा में बढ़ते कदमों को दर्शाते हैं।

    दोनों देशों ने स्मोट्रिच की यात्रा के दौरान एक द्विपक्षीय निवेश संधि (BIT) पर हस्ताक्षर किए और फिर पिछले महीने वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की इस्राइल यात्रा के दौरान FTA की ओर ले जाने वाले नियमों और शर्तों (TOR) पर हस्ताक्षर किए।


    भारत की यात्रा को लेकर किया था ये दावा खारिज

    हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि दिल्ली धमाकों के बाद सुरक्षा कारणों से नेतन्याहू ने भारत की यात्रा स्थगित कर दी है, लेकिन इस्राइल पीएमओ ने इन दावों को खारिज कर दिया था। साथ ही इस्राइल ने भारत की सुरक्षा व्यवस्था पर ‘पूरा भरोसा’ जताते हुए कहा कि नेतन्याहू की यात्रा को लेकर दोनों देश तारीखों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं।

  • सीएम मोहन यादव के दो साल नेतृत्व में बदलाव विकास की नई दिशा और रोजगार के नए अवसर

    सीएम मोहन यादव के दो साल नेतृत्व में बदलाव विकास की नई दिशा और रोजगार के नए अवसर


    भोपाल । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यकाल के दो साल जल्द ही पूरे होने वाले हैं। दिसंबर 2023 में विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा विधायक दल की बैठक में शायद ही किसी ने यह सोचा था कि वह मुख्यमंत्री बनेंगे। उस समय बड़े नाम खासकर शिवराज सिंह चौहान जो 17 साल तक मुख्यमंत्री रहे चर्चा में थे। इस वजह से जब डॉ. यादव ने पद संभाला तो उनके नेतृत्व को लेकर कुछ हिचक और आशंकाएं थीं। लेकिन अब उनके दो साल के कार्यकाल ने उन सभी अफवाहों पर विराम लगा दिया है और उन्होंने मध्य प्रदेश में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।

    डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में कई नए बदलाव हुए हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश में विकास की नई दिशा दिखाने के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की। केन-बेतवा लिंक परियोजना की शुरुआत भी प्रदेश से हुई है जो बुंदेलखंड के पिछड़े इलाकों में विकास की नई राह खोलेगी। उन्होंने प्रशासनिक सुधारों पर भी जोर दिया है जैसे प्रमोटी अधिकारियों को हटाकर युवा अधिकारियों को जिलों की जिम्मेदारी सौंपना जिससे प्रदेश में बेहतर प्रशासन का माहौल बना है।

    डॉ. यादव ने रोजगार सृजन के मामले में भी कई उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने सिर्फ एक साल में 75 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। निजी क्षेत्र में भी रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। इसके अलावा सात लाख करोड़ के निवेश से नए उद्योग शुरू किए गए हैं और निजी क्षेत्र में दो लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। वहीं प्रदेश में सिंचाई क्षमता को बढ़ाने की दिशा में भी लगातार काम हो रहा है। जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने बताया कि 2028 तक एक करोड़ हेक्टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा मुहैया कराई जाएगी जिससे किसानों की आमदनी में भी वृद्धि होगी।

    बिजली क्षेत्र में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी मध्य प्रदेश अच्छा प्रदर्शन कर रहा है जो राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद कर रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं में भी सुधार हुआ है। प्रदेश में अब मेडिकल कॉलेजों की संख्या 25 से अधिक हो गई है और सरकारी अस्पतालों में सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। इसके अलावा सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में मध्य प्रदेश ने अन्य राज्यों के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया है। धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में भी डॉ. मोहन यादव ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
    श्री महाकाल महालोक के उद्घाटन के बाद उज्जैन में पर्यटकों की संख्या में 20 गुना वृद्धि हुई है। 2023 में जहां 5 लाख पर्यटक उज्जैन आए थे वहीं 2024 में यह संख्या सात करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। प्रदेश में 12 लोक बन रहे हैं जिससे मध्य प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान मजबूत हो रही है। डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में समग्र विकास की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। हालांकि उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूत करना है जिसे वह अपनी सरकार के अगले दो सालों में पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में राज्य का विकास निश्चित रूप से एक नए मुकाम पर पहुंचने की ओर अग्रसर है।

  • बंद हुई कंपनियों के वाहनों के लिए एचएसआरपी बनवाना हुआ मुश्किल भोपाल में दो हजार से अधिक वाहन मालिक परेशान

    बंद हुई कंपनियों के वाहनों के लिए एचएसआरपी बनवाना हुआ मुश्किल भोपाल में दो हजार से अधिक वाहन मालिक परेशान



    भोपाल ।
    भोपाल में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने की अनिवार्यता अब पुराने वाहन मालिकों के लिए समस्या बन गई है। यह समस्या खासतौर पर उन गाड़ियों के मालिकों के लिए है जो कंपनियां अब बंद हो चुकी हैं या जिन्होंने भारत में अपना कारोबार समेट लिया है। इन गाड़ियों पर एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाने का काम अब नहीं हो पा रहा है क्योंकि एचएसआरपी बनाने के लिए वाहन निर्माता कंपनियों OEM और नंबर प्लेट निर्माता कंपनियों के बीच एक करार एग्रीमेंट होना जरूरी होता है ।
    ऐसी कंपनियों की गाड़ियों के मालिकों को अब परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि इन कंपनियों का कोई प्रतिनिधि या सिस्टम अब उपलब्ध नहीं है। इसका सीधा असर भोपाल में दो हजार से अधिक वाहन मालिकों पर पड़ रहा है जो अपने वाहन पर एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाने के लिए आरटीओ और डीलरों के चक्कर काट रहे हैं ।
    लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं निकल पा रहा है। यहां तक कि भोपाल में काम करने वाली प्रमुख नंबर प्लेट निर्माता कंपनियों जैसे रोजमाटा सेफ्टी प्राइवेट लिमिटेड एफटीए और सुजुकी इन कंपनियों की गाड़ियों के लिए एचएसआरपी बनाती हैं लेकिन जिन कंपनियों का अब अस्तित्व नहीं है उनके वाहन मालिकों के लिए यह प्रक्रिया ठप हो चुकी है।
    दरअसल एचएसआरपी व्यवस्था के तहत एक नंबर प्लेट बनाने वाली कंपनी को वाहन निर्माता कंपनी से एक एग्रीमेंट की आवश्यकता होती है जिससे पोर्टल पर डाटा प्रोसेस हो सके। अगर वाहन निर्माता कंपनी बंद हो गई है तो पोर्टल पर उनका डाटा प्रोसेस नहीं हो सकता और इस कारण उन गाड़ियों की नंबर प्लेट बनवाना संभव नहीं होता।
    इस प्रकार उन पुराने वाहनों के मालिकों के लिए जो बंद हो चुकी कंपनियों से संबंधित हैं एचएसआरपी नंबर प्लेट का मिलना एक बड़ा संकट बन गया है। कई वाहन मालिक महीनों से इस समस्या का समाधान ढूंढ़ रहे हैं लेकिन किसी भी तरह का ठोस समाधान सामने नहीं आ पा रहा है। ऐसे में वाहन मालिकों को विभिन्न अधिकारियों से मिलकर अपनी समस्याओं का समाधान ढूंढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
    इसके अलावा यह भी देखा गया है कि नए नियमों के तहत एचएसआरपी की अनिवार्यता बढ़ने से वाहन मालिकों की परेशानियां और भी बढ़ गई हैं खासकर उन गाड़ियों के मालिकों के लिए जिनकी कंपनियां अब बंद हो चुकी हैं। अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक एचएसआरपी सिस्टम को लागू करने का उद्देश्य वाहनों की पहचान को सुनिश्चित करना और सुरक्षा बढ़ाना है लेकिन इस प्रक्रिया में पुराने वाहन मालिकों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

  • खजुराहो केबिनेट में बुंदेलखंड को हजारों करोड़ की मिली विकास कार्यों की बड़ी सौगातें

    खजुराहो केबिनेट में बुंदेलखंड को हजारों करोड़ की मिली विकास कार्यों की बड़ी सौगातें


    भोपाल! खजुराहो में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। बुंदेलखंड के लिए केबिनेट बैठक का दिन स्वर्णिम रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागर को महत्वपूर्ण विकास कार्यों की सौगातें देकर सागर के विकास की नई इबारत लिखी। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि केबिनेट में बुंदेलखंड एवं सागर के लिए हजारों करोड़ की सौगातें दी हैं, जिससे सागर विकास के नये आयामों को छुएगा। यहां के युवाओं को रोजगार से जोड़कर विकास की नई कहानी लिखी जायेगी, वहीं पर्यटन के क्षेत्र में नया इतिहास रचने की घोषणा भी हुई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में सागर में 608.93 हेक्टेयर भूमि पर 25 हजार करोड़ की लागत से नया उद्योग क्षेत्र स्थापित किया जायेगा। इससे 30 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं दूसरी ओर नौरादेही अभयारण्य में जुलाई माह में 4 चीतों को बसाया जायेगा। इससे क्षेत्र में स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

    मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि सागर से दमोह फोरलेन सड़क, छतरपुर तथा दमोह में नये मे‍डिकल कॉलेज के लिये नये पदों का सृजन किया जायेगा। साथ ही बीना में 100 बिस्तरीय अस्पताल बनेगा। इससे सागर विकास की ऊँचाइयों तक पहुँचेगा। मंत्री श्री राजपूत ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का धन्यवाद और आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सागर तथा बुंदेलखण्ड के लिये दी गई सौगातें विकास के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगी।

    25 हजार करोड़ से विकसित होगा नया औद्यौगिक क्षेत्र

    मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि उद्योगों के लिए भी सागर को विशेष पैकेज प्रदान किया गया है। इसके तहत रिछोड़ा के पास 25 हजार करोड़ की लागत से नया औद्यौगिक क्षेत्र विकसित किया जायेगा, जिसमें लगभग 30 हजार लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। मसवासी ग्रंट औद्योगिक क्षेत्र के लिये स्वीकृत विशेष औद्योगिक प्रोत्साहन पैकेज में भूमि टोकन शुल्क मात्र एक रुपये प्रति वर्गमीटर, किराया और रजिस्ट्रेशन शुल्क में पूर्ण छूट एवं बिजली दरों में रियायत शामिल है।

    जुलाई माह में आयेंगे नौरादेही में 4 चीते

    मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि जब प्रधानमंत्री कूनो में चीता लेकर आये थे तो पूरे देश को बड़ी खुशी हुई थी और अब बुंदेलखंड में पहली बार मुख्यमंत्री डॉ. यादव जुलाई माह में नौरादेही अभयारण्य में 4 चीते छोड़ेंगे, यह हमारे लिए गर्व की बात है। इससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यह वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भी सागर जिले को बड़ी उपलब्धि है। नौरादेही अभयारण्य को प्रदेश का तीसरा चीता आवास के रूप में विकसित करने की सैद्धांतिक सहमति दी गई है। यह क्षेत्र में पर्यावरणीय संरक्षण और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की सकारात्मक पहल है।

    सागर-दमोह फोरलेन निर्माण को 2059 करोड़ मंजूर

    मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि केबिनेट बैठक में सागर-दमोह मार्ग को 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर के साथ विकसित करने के लिए 2059.85 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। 76.680 किमी लंबे इस मार्ग का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) के अंतर्गत किया जाएगा। परियोजना में 13 अंडरपास, 3 फ्लाईओवर, 9 मिडियन, 1 आरओबी तथा 13 पुल-पुलिया निर्माण का प्रावधान है। भूमि अर्जन और अन्य कार्यों पर 323.41 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इससे सागर दमोह भोपाल जबलपुर जाने वालों के लिए आवागमन सुलभ होगा।

    100 बेड का होगा बीना अस्पताल, पद सृजन को मंजूरी

    स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए बीना सिविल अस्पताल की क्षमता 50 से 100 बिस्तर तक बढ़ाने और नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है। इससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलेंगी।

  • जल जीवन मिशन का कार्य निर्धारित लक्ष्य वर्ष 2028 के पहले मार्च-2027 में होगा पूर्ण

    जल जीवन मिशन का कार्य निर्धारित लक्ष्य वर्ष 2028 के पहले मार्च-2027 में होगा पूर्ण


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जल स्रोतों में सीवरेज का दूषित जल किसी भी स्थिति में नहीं मिले और इसके लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन मध्यप्रदेश इस कार्य को मार्च 2027 तक पूर्ण कर राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल पेश करेगा। उन्होंने कहा कि मिशन के संचालन-संधारण के लिए मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी परिस्थिति में जल आपूर्ति प्रभावित न हो।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी कहा कि जल जीवन मिशन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंचों और महिला समूहों को राज्य, संभाग, जिला और ग्राम स्तर पर सम्मानित किया जाए। विगत 10 वर्षों में जिन ग्रामों को जल संकट का सामना करना पड़ा है, उनकी रिपोर्ट तैयार कर उन क्षेत्रों में जल प्रदाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल की उपलब्धता के अनुसार जल वितरण का समय तय किया जाए, जिससे नियमित आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। मिशन के प्रभाव का विश्लेषण अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के माध्यम से कराए जाने की बात भी कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गाँव के ऐसे ट्यूबवेल की सूची बनवाएं, जिनमें हमेशा पानी रहता हो और ट्यूबवेल मालिक सेवाभावी हों। जरूरत पड़ने पर इनके ट्यूबवेल से पानी की आपूर्ति कराने का प्रयास करें।

    लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने जल जीवन मिशन के कार्यों के समुचित संचालन-संधारण के लिये प्रभावी योजना बनाने की बात कही।

    बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री श्री नीरज मण्डलोई, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी और प्रबंध संचालक जल निगम श्री के.वी.एस. चौधरी भी उपस्थित थे।

    प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री पी. नरहरि ने बताया कि अब तक प्रदेश में 80 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं और मिशन की कुल प्रगति 72.54 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 में 8.19 लाख कनेक्शन का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा किया गया है और वर्ष 2025-26 में अब तक 5.50 लाख कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं।

    बोरवेल दुर्घटना रोकने कानून बनाने वाला पहला राज्य

    बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश बोरवेल दुर्घटना रोकने के लिए कानून बनाने वाला देश का पहला राज्य है। साथ ही “स्वच्छ जल से सुरक्षा अभियान” में प्रदेश को पूरे देश में प्रथम स्थान मिला है।

    वर्ष 2024-25 में 12,990 करोड़ रु. का व्यय कर 92.89 प्रतिशत वित्तीय लक्ष्य हासिल किया गया है। वर्ष 2025-26 में 6,016 करोड़ रु. का व्यय किया गया है, जो 30 सितंबर 2025 तक 35.11 प्रतिशत की प्रगति दर्शाता है। प्रदेश में 21,552 ग्राम “हर घर जल” घोषित किए जा चुके हैं तथा 15,026 ग्रामों को प्रमाणित किया जा चुका है। समूह नल जल योजनाओं के माध्यम से 3,890 ग्रामों में नियमित जल आपूर्ति प्रारंभ हो चुकी है और एकल नल जल योजनाएँ 93 प्रतिशत प्रगति के साथ तेजी से पूर्णता की ओर अग्रसर हैं।

    विभाग द्वारा तकनीकी और डिजिटल मॉनिटरिंग को प्राथमिकता दी जा रही है। जल रेखा मोबाइल ऐप के माध्यम से योजनाओं की सतत निगरानी की जा रही है। राज्य की सभी 155 प्रयोगशालाओं को एनएबीएल मान्यता प्राप्त हो चुकी है। ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए पंचायत दर्पण पोर्टल के माध्यम से डिजिटल जल कर संग्रह व्यवस्था लागू की गई है। इंदौर में IoT (इंटरनेट ऑफ थिंक्स) आधारित जल आपूर्ति मॉडल सफलतापूर्वक लागू किया गया है और इसे अन्य जिलों में भी विस्तार दिया जा रहा है।

    ऊर्जा प्रबंधन को देखते हुए 100 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना PPP मॉडल पर स्वीकृत की गई है, जिससे आने वाले 25 वर्षों तक सस्ती और स्थिर ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इसके अतिरिक्त 60 मेगावाट पवन ऊर्जा परियोजना पर भी कार्ययोजना तैयार की गई है। नागरिकों की सुविधा के लिए जलदर्पण पोर्टल संचालित है तथा शिकायत निवारण हेतु कॉल सेंटर स्थापित किए गए हैं। अभी 64 ग्रामों में 24×7 जल आपूर्ति पायलट रूप में सफल रही है, जिसे आगे और विस्तृत किया जाएगा।

    बैठक में भविष्य के विजन पर जानकारी देते हुए बताया गया कि आगामी तीन वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक घर तक सुरक्षित नल-जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। जल स्रोतों के संरक्षण, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, डिजिटल प्रबंधन, तकनीकी क्षमता संवर्धन और ऊर्जा सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नए ग्राम, बसाहट, विद्यालय, आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य संस्थान और महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थानों में पेयजल सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि मध्यप्रदेश जल प्रदाय व्यवस्था में देश का अग्रणी राज्य बन सके।