Author: bharati

  • अमेरिका-ईरान तनाव में नरमी से कच्चे तेल में बड़ी गिरावट, वैश्विक बाजार में ब्रेंट और WTI करीब 5% टूटे

    अमेरिका-ईरान तनाव में नरमी से कच्चे तेल में बड़ी गिरावट, वैश्विक बाजार में ब्रेंट और WTI करीब 5% टूटे


    नई दिल्ली । 
    अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव में फिलहाल नरमी आने के संकेतों का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर तुरंत देखने को मिला। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई और प्रमुख तेल बेंचमार्क लगभग पांच प्रतिशत तक टूट गए। निवेशकों ने तनाव कम होने की संभावना के बीच मुनाफावसूली की, जिससे पिछले कुछ सप्ताह की तेज बढ़त के बाद बाजार में दबाव बढ़ गया।

    कारोबार के शुरुआती घंटों में अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 4.8 प्रतिशत गिरकर लगभग 87.55 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चा तेल भी करीब 5.09 प्रतिशत टूटकर लगभग 85 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। एक ही कारोबारी सत्र में आई यह गिरावट हाल के समय की बड़ी गिरावटों में शामिल रही।

    बाजार में नरमी की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य गतिविधियों में विराम की संभावना रही। ईरान की ओर से यह संकेत दिए गए कि यदि अमेरिका सैन्य अभियान आगे नहीं बढ़ाता है तो वह भी जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा। इस घटनाक्रम के बाद निवेशकों को लगा कि पश्चिम एशिया में तनाव फिलहाल और नहीं बढ़ेगा, जिससे तेल आपूर्ति पर तत्काल संकट की आशंका कुछ कम हुई है।

    हालांकि मौजूदा गिरावट के बावजूद ऊर्जा बाजार पूरी तरह सामान्य स्थिति में नहीं पहुंचा है। पिछले तीन सप्ताह के दौरान पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया था। उस दौरान ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया था। बाजार को आशंका थी कि संघर्ष बढ़ने पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य और बाब-अल-मंदेब जलमार्ग जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों से तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर गंभीर असर पड़ता।

    विशेषज्ञों का मानना है कि ताजा गिरावट के बावजूद भू-राजनीतिक जोखिम पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं। हाल के दिनों में लाल सागर क्षेत्र में ऊर्जा प्रतिष्ठानों और समुद्री मार्गों को लेकर बढ़ी गतिविधियों ने बाजार की चिंता को पूरी तरह खत्म नहीं होने दिया है। यदि क्षेत्र में फिर से तनाव बढ़ता है तो तेल की कीमतों में दोबारा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

    बाजार विश्लेषकों के अनुसार, जुलाई महीने के दौरान आई तेज गिरावट के बावजूद कच्चे तेल की कीमतें अभी भी महीने की शुरुआत की तुलना में काफी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। इसका प्रमुख कारण यह है कि आपूर्ति से जुड़े जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं और वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर सामान्य आवाजाही अभी पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी है। इसलिए निवेशकों की नजर अब भी पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर बनी हुई है।

    कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का असर विदेशी मुद्रा बाजार पर भी दिखाई दिया। सोमवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर खुला। शुरुआती कारोबार में रुपया पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में 41 पैसे की मजबूती के साथ 96.15 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट लंबे समय तक बनी रहती है तो इसका सकारात्मक प्रभाव तेल आयात करने वाले देशों की अर्थव्यवस्था और मुद्रास्फीति पर भी पड़ सकता है।

    आने वाले दिनों में वैश्विक निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान संबंधों, पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति और प्रमुख समुद्री मार्गों पर तेल आपूर्ति की सामान्य स्थिति पर रहेगी। इन कारकों के आधार पर ही कच्चे तेल की कीमतों की अगली दिशा तय होने की संभावना है।

  • सुहागरात के दिन ही नकदी-जेवर लेकर फरार हो गई दुल्हन!

    सुहागरात के दिन ही नकदी-जेवर लेकर फरार हो गई दुल्हन!


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से शादी के नाम पर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। हरियाणा के एक युवक से धूमधाम से शादी कराने के बाद दुल्हन कुछ ही घंटों में नकदी और आभूषण लेकर फरार हो गई। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो महिला बिचौलियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार दुल्हन की तलाश जारी है।
    पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान पूरे गिरोह का खुलासा होने की संभावना है।

    शादी का झांसा देकर वसूले 1.10 लाख रुपये

    पुलिस के अनुसार, हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखौदा थाना क्षेत्र के सिसाना गांव निवासी रविंद्र कुमार सिंह को देवरिया में शादी कराने का भरोसा दिलाया गया था। इसके लिए बिचौलियों ने उससे 1.10 लाख रुपये लिए। 24 जुलाई की रात भलुअनी कस्बे के एक मैरिज हॉल में गोल्डी यादव नाम की युवती के साथ उसकी शादी कराई गई। सभी वैवाहिक रस्में पूरी हुईं और सात फेरे भी लिए गए।

    सुहागरात से पहले ही लेकर भागी नकदी और जेवर

    शादी के कुछ ही घंटों बाद दुल्हन अचानक गायब हो गई। आरोप है कि वह अपने साथ 1.10 लाख रुपये नकद और शादी के दौरान मिले आभूषण भी ले गई।

    काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला तो पीड़ित दूल्हे ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    पुलिस ने दो महिला बिचौलियों को दबोचा

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान शादी कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाली मीना देवी और गीता देवी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उनके पास से बिचौलिये के तौर पर लिए गए 40 हजार रुपये भी बरामद किए हैं।

    फरार दुल्हन की तलाश जारी

    पुलिस के मुताबिक, फरार दुल्हन गोरखपुर जिले के बड़हलगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

    अधिकारियों का कहना है कि जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं यह शादी के नाम पर ठगी करने वाले किसी संगठित गिरोह का हिस्सा तो नहीं है।

    पुलिस का क्या कहना है?

    बरहज क्षेत्राधिकारी (सीओ) राजेश कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि शादी के बाद दुल्हन के नकदी और आभूषण लेकर फरार होने की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और फरार दुल्हन की तलाश जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

  • देवास में गूंजा वीरों के शौर्य का जयघोष कारगिल योद्धाओं का सम्मान पूर्व सैनिकों और जनप्रतिनिधियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

    देवास में गूंजा वीरों के शौर्य का जयघोष कारगिल योद्धाओं का सम्मान पूर्व सैनिकों और जनप्रतिनिधियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि


    देवास । कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देवास में रविवार शाम शौर्य सम्मान और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत भव्य समारोह का आयोजन किया गया। सनातन विचार मंच की ओर से मल्हार स्मृति सभागृह में आयोजित इस कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान कारगिल के अमर शहीदों और देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पूरा सभागृह देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया और उपस्थित लोगों ने वीर सैनिकों के सम्मान में जोरदार तालियां बजाकर उनका अभिनंदन किया।

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक सेवारत सैनिक समाजसेवी और नागरिक मौजूद रहे। समारोह में भाजपा जिला अध्यक्ष राय सिंह सेंधव पूर्व मंत्री दीपक जोशी तथा कारगिल युद्ध में हिस्सा लेने वाले वीर सैनिक विशेष रूप से शामिल हुए। सभी अतिथियों ने मंच से कारगिल युद्ध के इतिहास को याद करते हुए देश की सीमाओं की रक्षा में जवानों के अदम्य साहस पर गर्व व्यक्त किया।

    सम्मान समारोह के दौरान वक्ताओं ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक ऐतिहासिक जीत का प्रतीक नहीं बल्कि उन वीर सपूतों के अद्वितीय साहस त्याग और राष्ट्रभक्ति को नमन करने का अवसर है जिन्होंने दुर्गम पहाड़ियों पर दुश्मनों का सामना करते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उन्होंने कहा कि देश आज सुरक्षित है तो उसके पीछे हमारे सैनिकों का अथक परिश्रम समर्पण और सर्वोच्च बलिदान है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।

    कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण उस समय देखने को मिला जब पूर्व मंत्री दीपक जोशी देशभक्ति गीतों की धुन पर वीर सैनिकों के साथ उत्साहपूर्वक झूमते नजर आए। सभागृह में मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। देशभक्ति गीतों और राष्ट्रगान से पूरा वातावरण राष्ट्रप्रेम की भावना से सराबोर हो गया।

    वक्ताओं ने अपने संबोधन में युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सैनिकों का अनुशासन समर्पण और देशप्रेम हर नागरिक के लिए प्रेरणा है। युवाओं को उनके आदर्शों से सीख लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। कार्यक्रम के दौरान कारगिल युद्ध के वीरों के संघर्ष और बलिदान से जुड़े प्रसंगों का भी उल्लेख किया गया जिससे उपस्थित लोग भावुक हो उठे।

    समारोह के अंत में सभी ने एक स्वर में भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष लगाए। देशभक्ति के नारों से पूरा सभागृह गूंज उठा और कारगिल के वीर शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। यह आयोजन न केवल वीर सैनिकों के सम्मान का अवसर बना बल्कि नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति और देश सेवा की भावना को मजबूत करने का भी संदेश दे गया।

  • दुनिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट, जिसका रकबा मुंबई से भी ज्यादा; कई छोटे देशों से है विशाल

    दुनिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट, जिसका रकबा मुंबई से भी ज्यादा; कई छोटे देशों से है विशाल


    नई दिल्ली। दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट की बात आते ही ज्यादातर लोग सबसे व्यस्त या सबसे ज्यादा यात्रियों वाले हवाई अड्डे के बारे में सोचते हैं। लेकिन यदि पैमाना जमीन का क्षेत्रफल हो, तो यह रिकॉर्ड सऊदी अरब के नाम दर्ज है। यहां स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट (King Fahd International Airport) अपने विशाल क्षेत्रफल के कारण दुनिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट माना जाता है।

    776 वर्ग किलोमीटर में फैला है एयरपोर्ट

    सऊदी अरब के दम्माम शहर के पास स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट लगभग 776 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। यह क्षेत्रफल कई देशों और बड़े शहरों से भी अधिक है। हालांकि, इस पूरे इलाके का उपयोग वर्तमान में एयरपोर्ट संचालन के लिए नहीं किया जाता। इसका बड़ा हिस्सा भविष्य में विस्तार (एक्सपेंशन) की योजनाओं के लिए सुरक्षित रखा गया है।

    कई छोटे देशों से भी बड़ा

    इस एयरपोर्ट का कुल क्षेत्रफल दुनिया के कई छोटे देशों से अधिक है। उदाहरण के लिए:

    सिंगापुर का क्षेत्रफल लगभग 735 वर्ग किलोमीटर है।
    बहरीन का क्षेत्रफल करीब 786 वर्ग किलोमीटर है, यानी एयरपोर्ट उसके लगभग बराबर है।
    वेटिकन सिटी और मालदीव जैसे देशों की तुलना में भी यह कई गुना बड़ा है।
    भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई का क्षेत्रफल करीब 603 वर्ग किलोमीटर है, जो इस एयरपोर्ट से काफी छोटा है।
    आकार के लिए मशहूर, भीड़ के लिए नहीं

    किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट दुनिया के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स में शामिल नहीं है। इसकी पहचान मुख्य रूप से इसके विशाल भूमि क्षेत्र के कारण है। एयरपोर्ट का बड़ा हिस्सा भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आरक्षित रखा गया है, जिससे आने वाले वर्षों में इसका विस्तार आसानी से किया जा सके।

    दम्माम क्षेत्र का प्रमुख एविएशन हब

    यह एयरपोर्ट सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में स्थित दम्माम और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हवाई केंद्र है। यहां से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों का संचालन होता है और यह देश के प्रमुख रणनीतिक एयरपोर्ट्स में गिना जाता है।

    दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट का खिताब यात्रियों की संख्या से नहीं, बल्कि उसके विशाल भू-भाग से तय होता है और इस मामले में किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट आज भी शीर्ष पर कायम है।

  • गुड़ खिलाना पड़ा भारी इंदौर में हाथी ने ऑटो ड्राइवर को बेरहमी से कुचला सीसीटीवी में कैद हुई दिल दहला देने वाली घटना

    गुड़ खिलाना पड़ा भारी इंदौर में हाथी ने ऑटो ड्राइवर को बेरहमी से कुचला सीसीटीवी में कैद हुई दिल दहला देने वाली घटना


    इंदौर । इंदौर में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। एक बेकाबू हाथी ने ऑटो चालक पर अचानक हमला कर उसे सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया और फिर पैरों से कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल चालक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मामले में महावत को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है जबकि हाथी को लेकर भी संबंधित विभाग को सूचना भेजी गई है।

    यह घटना शनिवार शाम करीब चार बजकर अठारह मिनट पर राजनगर पुलिस चौकी के पास हुई। मृतक की पहचान 49 वर्षीय विजय उर्फ लक्ष्मण राव होलकर के रूप में हुई है जो पेशे से ऑटो रिक्शा चालक थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विजय हाथी को गुड़ खिलाने के लिए उसके पास पहुंचे थे। इसी दौरान हाथी अचानक उग्र हो गया और उसने हमला कर दिया।

    पुलिस के मुताबिक हाथी को उज्जैन से जैन समाज के एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इंदौर लाया गया था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद महावत हाथी को लेकर इलाके में घूम रहा था और भिक्षावृत्ति कर रहा था। इसी दौरान विजय ने हाथी को रोककर उसे गुड़ खिलाना शुरू किया। कुछ ही क्षणों में हाथी ने आक्रामक रूप अपनाया और विजय को सूंड से उठाकर सड़क पर पटक दिया। इसके बाद उसने अपने पैरों से उन्हें बुरी तरह कुचल दिया जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

    घटना होते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई। लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए किसी तरह हाथी को नियंत्रित किया और घायल विजय को वहां से हटाकर अस्पताल पहुंचाया। पहले उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए वर्मा यूनियन अस्पताल रेफर किया गया लेकिन रात करीब साढ़े सात बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। विजय अपने पीछे पत्नी एक बेटा और अन्य परिजनों को छोड़ गए हैं।

    घटना के बाद चंदन नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की। थाना प्रभारी तिलक करोले ने बताया कि महावत को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही इंदौर चिड़ियाघर के अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है ताकि हाथी की स्थिति और उसके व्यवहार का परीक्षण किया जा सके।

    पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जानकारी में यह बात भी सामने आई है कि घटना के समय मृतक शराब के नशे में हो सकता था। हालांकि इसकी पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।

    गौरतलब है कि इंदौर में हाथी के हमले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी शहर के सीतलामाता बाजार और पाटनीपुरा क्षेत्र में हाथियों के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ताजा हादसे के बाद सार्वजनिक स्थानों पर हाथियों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोग ऐसे आयोजनों और हाथियों की आवाजाही के दौरान सख्त सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

  • 25 वर्षीय गौरव दवे का अंगदान बनेगा जीवन का वरदान इंदौर में 68वें ग्रीन कॉरिडोर की तैयारी लिवर और दोनों किडनी का होगा प्रत्यारोपण

    25 वर्षीय गौरव दवे का अंगदान बनेगा जीवन का वरदान इंदौर में 68वें ग्रीन कॉरिडोर की तैयारी लिवर और दोनों किडनी का होगा प्रत्यारोपण


    इंदौर । इंदौर एक बार फिर मानवता सेवा और अंगदान की भावना का प्रेरणादायी उदाहरण बनने जा रहा है। शहर के खजूरी बाजार निवासी 25 वर्षीय गौरव दवे के अंगदान से कई गंभीर मरीजों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगी है। यदि सभी चिकित्सकीय और कानूनी प्रक्रियाएं तय समय पर पूरी हो जाती हैं तो सोमवार को शहर में 68वां ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसके माध्यम से विभिन्न अस्पतालों तक अंगों को बेहद कम समय में सुरक्षित पहुंचाया जाएगा ताकि जरूरतमंद मरीजों का समय रहते प्रत्यारोपण किया जा सके।

    गौरव दवे को 13 जुलाई को अचानक गंभीर ब्रेन हेमरेज होने के बाद इलाज के लिए राजश्री अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने लगातार कई दिनों तक उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया लेकिन उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। चिकित्सकीय परीक्षण और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। गौरव फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग कोऑर्डिनेटर के रूप में कार्यरत थे और अपने परिवार के साथ इंदौर में रहते थे।

    परिवार के लिए यह बेहद कठिन समय था लेकिन इसी दुख की घड़ी में उन्होंने ऐसा फैसला लिया जिसने कई परिवारों में उम्मीद की नई किरण जगा दी। गौरव की बहन वैदही राठी बहनोई पल्केश राठी और भाई रितिक चावरे ने परिवार को अंगदान के लिए प्रेरित किया। इसके बाद पिता सतीश दवे और माता कविता दवे ने सहमति देकर मानवता की एक बड़ी मिसाल पेश की। उनके इस निर्णय की हर ओर सराहना हो रही है क्योंकि एक व्यक्ति के अंग कई लोगों को नया जीवन देने वाले हैं।

    अंगदान की पूरी प्रक्रिया में मुस्कान ग्रुप पारमार्थिक ट्रस्ट के सेवादार जीतू बगानी संदीपन आर्य और लकी खत्री ने समन्वय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। ट्रस्ट की टीम ने चिकित्सकीय संस्थानों और परिवार के बीच आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा कराने में सहयोग किया ताकि अंगदान की प्रक्रिया समय पर संपन्न हो सके।

    डॉक्टरों के अनुसार गौरव का लिवर राजश्री अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती एक गंभीर मरीज को प्रत्यारोपित किया जाएगा जबकि उनकी दोनों किडनियां चोइथराम हॉस्पिटल में उपचाराधीन दो अलग अलग मरीजों को नई जिंदगी देंगी। इसके अलावा हृदय फेफड़े हार्ट वाल्व पेनक्रियाज और छोटी आंत के आवंटन की प्रक्रिया राष्ट्रीय स्तर पर जारी है। इन अंगों का आवंटन तकनीकी अनुकूलता और मरीजों की चिकित्सकीय आवश्यकता के आधार पर किया जाएगा।

    अंगों को सुरक्षित और समय पर संबंधित अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन और पुलिस की मदद से 68वें ग्रीन कॉरिडोर की तैयारी की जा रही है। ग्रीन कॉरिडोर के जरिए ट्रैफिक को कुछ समय के लिए नियंत्रित कर एंबुलेंस को बिना किसी बाधा के अस्पतालों तक पहुंचाया जाता है जिससे अंगों की गुणवत्ता बनी रहती है और प्रत्यारोपण सफल होने की संभावना बढ़ जाती है।

    इंदौर लंबे समय से देश में अंगदान के क्षेत्र में अग्रणी शहरों में शामिल रहा है। यहां पहले भी कई ग्रीन कॉरिडोर बन चुके हैं और अनेक परिवार अपने प्रियजनों के अंगदान के जरिए जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन दे चुके हैं। गौरव दवे के परिवार का यह निर्णय भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है और यह संदेश देता है कि जीवन भले समाप्त हो जाए लेकिन अंगदान के माध्यम से कई जिंदगियां फिर से मुस्कुरा सकती हैं।

  • ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में दर्दनाक हादसा, हाई बार स्पर्धा के दौरान गंभीर रूप से चोटिल हुए ब्रिटिश जिम्नास्ट

    ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में दर्दनाक हादसा, हाई बार स्पर्धा के दौरान गंभीर रूप से चोटिल हुए ब्रिटिश जिम्नास्ट

    नई दिल्ली । ग्लास्गो में आयोजित हो रहे राष्ट्रमंडल खेल 2026 के जिम्नास्टिक पुरुष टीम फाइनल मुकाबले के दौरान एक बेहद गंभीर और भयावह हादसा देखने को मिला। ब्रिटेन के उन्नीस वर्षीय युवा जिम्नास्ट गेब्रियल लैंगटन हाई बार स्पर्धा में अपना प्रदर्शन प्रस्तुत कर रहे थे, तभी अचानक ग्रिप छूट जाने के कारण वे बेहद अनियंत्रित होकर सिर के बल सीधे फ्लोर पर गिर पड़े। इस अचानक घटी घटना के बाद एरिना में मौजूद दर्शक, कोच और साथी खिलाड़ी स्तब्ध रह गए और परिसर में कुछ देर के लिए गहरा सन्नाटा छा गया।

    घटना के तुरंत बाद आयोजन स्थल पर मौजूद मेडिकल टीम ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मोर्चा संभाला। चोटिल खिलाड़ी जमीन से उठने में पूरी तरह असमर्थ थे, जिसके बाद डॉक्टरों ने मौके पर ही प्राथमिक उपचार शुरू किया। खिलाड़ी की गर्दन और रीढ़ की हड्डी को सुरक्षित रखने के लिए विशेष मेडिकल सपोर्ट लगाया गया और उन्हें तुरंत स्ट्रेचर के जरिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। इस गंभीर आपात स्थिति के कारण प्रतियोगिता को कुछ समय के लिए रोक देना पड़ा।

    चिकित्सकीय जांच और अस्पताल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल पहुंचने के बाद खिलाड़ी पूरी तरह होश में आ गए थे और डॉक्टरों से संवाद कर रहे थे। उनके सिर और रीढ़ की हड्डी के कई विस्तृत स्कैन और परीक्षण किए गए, जिनकी रिपोर्ट सकारात्मक आई है। किसी भी प्रकार की गंभीर या जानलेवा आंतरिक चोट की पुष्टि न होने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी, जिसके बाद वे अपनी टीम के पास वापस लौट आए हैं जहां डॉक्टरों की देखरेख जारी है।

    इस दुर्घटना के कारण प्रतियोगिता में भाग ले रहे अन्य खिलाड़ियों के मनोबल पर गहरा असर पड़ा। इसके बावजूद टीमों ने अपने खेल को आगे बढ़ाया और फाइनल मुकाबला पूरा किया। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक कनाडा की टीम ने अपने नाम किया, जबकि पूर्व विजेता ब्रिटेन को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। ऑस्ट्रेलियाई दल ने इस मुकाबले में तीसरा स्थान हासिल कर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।

    खेल विशेषज्ञों और साथी एथलीटों ने इस घटना के बाद कहा कि जिम्नास्टिक एक अत्यधिक जोखिम भरा और कठिन खेल है, जिसमें मामूली सी चूक भी गंभीर परिणाम ला सकती है। हालांकि खिलाड़ी की स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है और उनके शीघ्र पूर्ण स्वस्थ होने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • आधी रात RRCAT में मची अफरा तफरी बैरियर तोड़कर परिसर में घुसी कार चालक हिरासत में परिवार ने बताया मानसिक स्थिति ठीक नहीं

    आधी रात RRCAT में मची अफरा तफरी बैरियर तोड़कर परिसर में घुसी कार चालक हिरासत में परिवार ने बताया मानसिक स्थिति ठीक नहीं


    इंदौर । इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र स्थित राजा रामन्ना सेंटर फॉर एडवांस्ड टेक्नोलॉजी यानी आरआरकैट परिसर में रविवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया जब एक कार चालक मुख्य प्रवेश द्वार पर लगे इलेक्ट्रॉनिक बूम बैरियर को तोड़ते हुए जबरन अंदर घुस गया। घटना के चलते शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चालक को हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं है और उसका इलाज चल रहा है।

    राजेंद्र नगर पुलिस के अनुसार आरआरकैट निवासी वसंत कुमार कुमरे की शिकायत पर कार क्रमांक एमपी 09 सीएस 8622 के चालक सारिम जफर मंसूरी निवासी ग्रीन पार्क कॉलोनी के खिलाफ शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है।

    जानकारी के मुताबिक रविवार रात करीब साढ़े बारह बजे कैट चौराहे पर नियमित वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान सारिम अपनी कार लेकर वहां पहुंचा। पुलिस जांच से बचने के प्रयास में उसने कार की रफ्तार बढ़ा दी और सीधे आरआरकैट के मुख्य प्रवेश द्वार की ओर निकल गया। वहां लगे इलेक्ट्रॉनिक बूम बैरियर को टक्कर मारते हुए वह परिसर के अंदर प्रवेश कर गया। टक्कर इतनी तेज थी कि बैरियर क्षतिग्रस्त हो गया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा।

    घटना के तुरंत बाद आरआरकैट के सुरक्षा गार्ड सक्रिय हो गए और कार का पीछा किया। कुछ दूरी पर चालक ने वाहन रोक दिया जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर राजेंद्र नगर थाने पहुंचाया। पूछताछ के दौरान आरोपी पुलिस के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया जिससे पुलिस को उसकी मानसिक स्थिति पर संदेह हुआ।

    इसके बाद पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन से उसके परिजनों से संपर्क किया। परिवार के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि सारिम पिछले कुछ समय से मानसिक बीमारी का उपचार करा रहा है और इसी कारण उसे किसी प्रकार की जिम्मेदारी या काम भी नहीं दिया जाता। परिजनों ने इलाज से जुड़े दस्तावेज भी पुलिस को उपलब्ध कराए जिनकी जांच की जा रही है।

    मामले को गंभीरता से लेते हुए राजेंद्र नगर थाना प्रभारी यशवंत बड़ोले ने परिजनों को भी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है तो उसे देर रात वाहन चलाने के लिए अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। इससे न केवल उसकी बल्कि आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। समय रहते घटना पर नियंत्रण पा लिया गया वरना बड़ा हादसा हो सकता था।

    फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना के समय चालक की मानसिक स्थिति क्या थी और क्या किसी अन्य कारण से उसने सुरक्षा व्यवस्था तोड़कर परिसर में प्रवेश किया। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • श्रीलंका दौरे से पहले भारतीय टेस्ट टीम के प्रमुख खिलाड़ियों की चोटों ने बढ़ाई चयनकर्ताओं की चिंताएं

    श्रीलंका दौरे से पहले भारतीय टेस्ट टीम के प्रमुख खिलाड़ियों की चोटों ने बढ़ाई चयनकर्ताओं की चिंताएं


    नई दिल्ली ।
    अगस्त माह से श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला से ठीक पहले भारतीय क्रिकेट टीम की चुनौतियां बढ़ती नजर आ रही हैं। आगामी दौरे के लिए टीम की घोषणा से पूर्व कई महत्वपूर्ण खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पांच प्रमुख खिलाड़ियों के चोटिल होने या पूरी तरह से फिट न होने के कारण टीम प्रबंधन और कप्तान के सामने सही संयोजन तैयार करने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, तेज गेंदबाज हर्षित राणा और उभरते हुए ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी चोट के कारण श्रीलंका दौरे के लिए चयन प्रक्रिया से बाहर हो चुके हैं। इन दोनों युवा खिलाड़ियों की अनुपस्थिति टीम के संतुलन के लिहाज से एक बड़ा झटका मानी जा रही है, क्योंकि दोनों ने ही हालिया समय में अपने हरफनमौला प्रदर्शन से प्रभावित किया था। इनके बाहर होने से तेज गेंदबाजी और ऑलराउंडर विभाग में नए विकल्पों की तलाश बढ़ गई है।

    इसके अतिरिक्त, स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मध्यक्रम के बल्लेबाज साई सुदर्शन के खेलने पर भी संशय बना हुआ है। दोनों खिलाड़ी इस समय अपनी रिकवरी प्रक्रिया से गुजर रहे हैं और उन्हें अपनी फिटनेस रिपोर्ट प्रस्तुत करने की सलाह दी गई है। राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में चिकित्सा परीक्षण पास करने के बाद ही उनके चयन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यदि ये खिलाड़ी पूरी तरह से फिट घोषित नहीं होते हैं, तो उन्हें भी इस दौरे से आराम दिया जा सकता है।

    ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर भी पूरी तरह फिट न होने के कारण गाले में आयोजित होने वाले पहले टेस्ट मैच से बाहर रह सकते हैं। हालांकि, दूसरे टेस्ट तक उनकी वापसी की उम्मीद जताई जा रही है, जो उनकी अंतिम फिटनेस रिपोर्ट पर निर्भर करेगा। दूसरी ओर, टीम के लिए राहत की बात यह है कि अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की टीम में वापसी लगभग तय मानी जा रही है, जिससे स्पिन विभाग को मजबूती मिलेगी।

    खिलाड़ियों के एक साथ चोटिल होने के कारण चयनकर्ताओं को अब नए और युवा चेहरों को मौका देने पर विचार करना पड़ सकता है। आगामी दिनों में होने वाले वार्म-अप मैच और फिटनेस रिपोर्ट के आधार पर ही श्रृंखला के लिए अंतिम भारतीय दल की तस्वीर साफ हो पाएगी।

  • इंदौर में छात्र आंदोलन पर सियासी तकरार NEET विरोधी छात्र नेताओं ने पुलिस पर लगाए अपशब्द मानसिक प्रताड़ना और परिवार से दूर रखने के आरोप

    इंदौर में छात्र आंदोलन पर सियासी तकरार NEET विरोधी छात्र नेताओं ने पुलिस पर लगाए अपशब्द मानसिक प्रताड़ना और परिवार से दूर रखने के आरोप


    इंदौर । नीट पेपर लीक के विरोध में इंदौर में प्रस्तावित न्याय यात्रा से पहले गिरफ्तार किए गए छह छात्र नेताओं ने रिहाई के बाद पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। छात्र नेताओं का आरोप है कि उन्हें प्रशासन ने डीसीपी से चर्चा कराने का भरोसा देकर बुलाया लेकिन बातचीत कराने के बजाय सीधे थाने ले जाकर धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। छात्रों का कहना है कि पूरी कार्रवाई के दौरान उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई और कानून व्यवस्था को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

    नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन के सदस्य राधे जाट ने बताया कि 23 जुलाई को प्रस्तावित न्याय यात्रा के संबंध में पुलिस प्रशासन से पहले ही संपर्क किया गया था। उन्होंने दावा किया कि यात्रा की पूरी जानकारी एक दिन पहले पुलिस कमिश्नर कार्यालय में दी गई थी और अनुमति भी मांगी गई थी। इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें यह कहकर बुलाया कि डीसीपी से चर्चा कराई जाएगी। छात्रों ने पुलिस पर भरोसा किया और उनके साथ चले गए लेकिन रास्ते में उनके मोबाइल फोन बंद करवा दिए गए। इसके बाद उन्हें पहले जिला अस्पताल चौकी और फिर चंदन नगर थाने ले जाया गया।

    छात्र नेताओं का कहना है कि अगले दिन मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उन्हें एसीपी के सामने पेश किया गया और फिर जेल भेज दिया गया। उनका आरोप है कि पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी भी स्तर पर उनकी बात सुनने की कोशिश नहीं की गई। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना चाहते थे लेकिन प्रशासन ने आंदोलन शुरू होने से पहले ही उन्हें हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।

    रिहा हुए छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया और मानसिक रूप से परेशान किया। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र सुरेंद्र यादव के साथ भी कथित रूप से अपशब्द कहे गए। इस मामले में विजय चौधरी चंद्रशेखर गुर्जर गौरव परिहार और हरिप्रपन्न गोस्वामी को भी गिरफ्तार किया गया था। सभी का कहना है कि उन्हें अपराधियों की तरह पेश किया गया जबकि उनका उद्देश्य केवल छात्रों की आवाज उठाना था।

    छात्र नेताओं का यह भी आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद चार दिनों तक उनके परिवारों को यह तक नहीं बताया गया कि उन्हें कहां रखा गया है। इससे परिजन लगातार परेशान रहे और उन्हें अपने बच्चों की कोई जानकारी नहीं मिल सकी। रिहाई के समय उनसे बॉन्ड ओवर भी भरवाया गया। छात्रों का कहना है कि इससे पहले उन्होंने एमपीपीएससी पटवारी भर्ती घोटाले और अन्य छात्र आंदोलनों में भी हिस्सा लिया था लेकिन कभी इस तरह की कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ा।

    रिहाई के बाद छात्र नेताओं ने इंदौर में लागू कमिश्नरी व्यवस्था और धारा 151 के इस्तेमाल की समीक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है और छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी नाराजगी जताई कि गिरफ्तारी के दौरान किसी भी राजनीतिक दल के नेता ने उनकी सुध नहीं ली। अब यह मामला छात्र संगठनों और प्रशासन के बीच नए विवाद का कारण बनता दिखाई दे रहा है जबकि पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल लगातार उठ रहे हैं।