Author: bharati

  • बार-बार ट्रांसफार्मर फॉल्ट से परेशान जनता का विरोध, सड़क पर बैठकर किया हनुमान चालीसा पाठ

    बार-बार ट्रांसफार्मर फॉल्ट से परेशान जनता का विरोध, सड़क पर बैठकर किया हनुमान चालीसा पाठ


    देवास । देवास के जमुना नगर और आवास नगर क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती ने आखिरकार लोगों के सब्र का बांध तोड़ दिया। शुक्रवार रात क्षेत्र के सैकड़ों महिला-पुरुष सड़क पर उतर आए और मक्सी रोड पर चक्काजाम कर बिजली विभाग और प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। करीब आधे घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया और बिजली समस्या के स्थायी समाधान की मांग उठाई।

    रहवासियों का कहना है कि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति लंबे समय से अव्यवस्थित बनी हुई है। इलाके में लगे ट्रांसफार्मर में बार-बार फॉल्ट आने के कारण घंटों बिजली गुल रहती है। भीषण गर्मी के बीच लगातार बिजली कटौती ने लोगों का जीवन प्रभावित कर दिया है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर घरेलू कामकाज तक प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान करने के बजाय केवल अस्थायी मरम्मत कर काम चलाया जा रहा है।

    शुक्रवार रात जब एक बार फिर बिजली आपूर्ति बाधित हुई तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा मक्सी रोड पर पहुंच गए और सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने धार्मिक तरीके से अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। इससे पूरे क्षेत्र का माहौल अनोखा लेकिन विरोधपूर्ण नजर आया।

    चक्काजाम के कारण मक्सी रोड पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हो गया। सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ। नायब तहसीलदार कपिल गुर्जर सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनीं और जल्द ही स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।

    स्थानीय रहवासी कविता बाई ने बताया कि ट्रांसफार्मर की समस्या कोई नई नहीं है। कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग केवल अस्थायी मरम्मत करता है, जिससे कुछ समय बाद फिर वही स्थिति बन जाती है। उनका कहना है कि क्षेत्र के लोगों को अब स्थायी समाधान चाहिए, क्योंकि बार-बार बिजली गुल होने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।

    इधर बिजली कंपनी के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे और ट्रांसफार्मर को सुधारने का प्रयास किया। लेकिन मरम्मत कार्य के दौरान ही दोबारा फॉल्ट आने से समस्या की गंभीरता उजागर हो गई। इससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने और समाधान के भरोसे के बाद लोगों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और यातायात फिर से सामान्य हो सका।

    रहवासियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ट्रांसफार्मर और बिजली आपूर्ति की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे दोबारा बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य है, लेकिन क्षेत्रवासियों की नजर अब वादों के अमल पर टिकी हुई है।

  • 15 साल के वैभव की धमाकेदार पारी पर बिग बी हुए इम्प्रेस, सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

    15 साल के वैभव की धमाकेदार पारी पर बिग बी हुए इम्प्रेस, सोशल मीडिया पर चर्चा तेज


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन से सुर्खियां बटोर रहे युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी ने न सिर्फ क्रिकेट फैंस को प्रभावित किया है, बल्कि बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन भी उनके खेल के कायल हो गए हैं। वैभव की धमाकेदार पारियों के बाद सोशल मीडिया पर उनकी चर्चा लगातार तेज होती जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, अमिताभ बच्चन ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट साझा करते हुए वैभव सूर्यवंशी की जमकर सराहना की। उन्होंने 15 वर्षीय इस युवा खिलाड़ी की प्रतिभा को “अद्भुत” बताया और उनकी बल्लेबाजी की तुलना करते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में लिखा कि इस उम्र में तो लोग सामान्य खेल भी ठीक से नहीं खेल पाते, जबकि वैभव बड़े मंच पर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

    बिग बी के इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। जहां कई फैंस ने अमिताभ बच्चन की तारीफ की, वहीं कुछ लोगों ने इस पोस्ट पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी दीं। हालांकि अमिताभ बच्चन अक्सर अपने विचारों और ट्वीट्स को लेकर चर्चा में रहते हैं, और एक बार फिर उन्होंने सुर्खियां बटोर ली हैं।

    दूसरी ओर, वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन IPL 2026 में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने हाल ही में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मात्र 37 गेंदों में 103 रनों की विस्फोटक पारी खेली थी। इसके बाद गुजरात टाइटन्स के खिलाफ क्वालिफायर मुकाबले में भी उन्होंने 47 गेंदों में 96 रन बनाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

    भले ही उनकी टीम को गुजरात के खिलाफ जीत नहीं मिली, लेकिन वैभव की बल्लेबाजी ने सभी का दिल जीत लिया। कम उम्र में इतने बड़े मंच पर इस तरह का प्रदर्शन उन्हें भविष्य का बड़ा सितारा साबित कर रहा है।

    अमिताभ बच्चन का यह रिएक्शन भी इस बात का संकेत है कि वैभव सूर्यवंशी अब सिर्फ क्रिकेट जगत ही नहीं, बल्कि फिल्म और मनोरंजन जगत में भी अपनी पहचान बना रहे हैं।

  • Vastu Shastra Tips: घर की इन दिशाओं में करें बदलाव, जीवन में आ सकती है खुशहाली

    Vastu Shastra Tips: घर की इन दिशाओं में करें बदलाव, जीवन में आ सकती है खुशहाली


    नई दिल्ली । वास्तु शास्त्र को भारतीय परंपरा में जीवन और घर-परिवार की ऊर्जा को संतुलित करने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। माना जाता है कि सही दिशा और सही व्यवस्था से घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, जबकि गलत दिशा में रखी वस्तुएं जीवन में बाधाएं पैदा कर सकती हैं। ऐसे में कुछ सरल वास्तु उपाय अपनाकर घर के वातावरण को बेहतर बनाया जा सकता है और जीवन में तरक्की के अवसर बढ़ सकते हैं।

    वास्तु के अनुसार, घर में धन और समृद्धि से जुड़ी वस्तुओं की दिशा का विशेष महत्व होता है। कहा जाता है कि धन रखने के लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा सबसे उपयुक्त मानी जाती है। इस दिशा में तिजोरी, अलमारी या कीमती वस्तुएं रखने से आर्थिक स्थिरता और समृद्धि बढ़ने की संभावना बताई जाती है। वहीं धन को पश्चिम या दक्षिण दिशा में रखने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इसे असंतुलन का कारण माना जाता है।

    इसके अलावा, घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए कुछ प्रतीकों और वस्तुओं का भी महत्व बताया गया है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, उत्तर दिशा में कुबेर का प्रतीक रखने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है, जबकि दक्षिण दिशा में लाल घोड़े की जोड़ी को शक्ति और सफलता का प्रतीक माना जाता है। ये उपाय विशेष रूप से करियर और व्यापार में प्रगति के संकेत से जोड़े जाते हैं।

    वास्तु शास्त्र में रंगों का भी महत्वपूर्ण स्थान बताया गया है। माना जाता है कि यदि घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में नीले रंग का अधिक उपयोग हो रहा है, तो यह आर्थिक प्रवाह को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में हल्के नारंगी या गुलाबी रंग का उपयोग सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने में सहायक माना जाता है।

    इसके अलावा, घर में पौधों का भी विशेष महत्व बताया गया है। तुलसी के पौधे को अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि जिस घर में तुलसी का पौधा होता है, वहां सकारात्मकता और खुशहाली बनी रहती है। रोज शाम के समय तुलसी के पास दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है, जिससे घर में शांति और समृद्धि का वातावरण बना रहता है।

    वास्तु शास्त्र के अनुसार ये उपाय जीवन में छोटे लेकिन प्रभावी बदलाव ला सकते हैं। हालांकि, इन्हें आस्था और परंपरा के रूप में देखा जाता है, और किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में व्यक्तिगत विवेक और व्यावहारिकता का ध्यान रखना जरूरी होता है।

  • झुर्रियों और पिगमेंटेशन से राहत के लिए अपनाएं ये नेचुरल नाइट स्किन केयर

    झुर्रियों और पिगमेंटेशन से राहत के लिए अपनाएं ये नेचुरल नाइट स्किन केयर


    नई दिल्ली । आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बढ़ते प्रदूषण का सीधा असर हमारी त्वचा पर देखने को मिलता है। धूल, मिट्टी और धूप के कारण चेहरे पर दाग-धब्बे, झुर्रियां और पिगमेंटेशन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में महंगे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स हर किसी के लिए असरदार साबित नहीं होते। विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ प्राकृतिक उपायों को रात के समय अपनाकर त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाया जा सकता है।

    रात का समय त्वचा की मरम्मत (स्किन रिपेयर) के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी दौरान त्वचा खुद को रिपेयर करने की प्रक्रिया में होती है। ऐसे में अगर सही प्राकृतिक तत्वों का उपयोग किया जाए तो इसका असर और भी बेहतर हो सकता है।

    एलोवेरा: त्वचा के लिए प्राकृतिक वरदान
    एलोवेरा को त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन A, C और E त्वचा को गहराई से पोषण देते हैं और उसे स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। इसके नियमित इस्तेमाल से त्वचा में नमी बनी रहती है और चेहरा अधिक फ्रेश और ग्लोइंग दिखने लगता है।

    एलोवेरा में मौजूद एलोइन और एलोसिन जैसे तत्व त्वचा में मेलेनिन के अत्यधिक उत्पादन को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं। यही कारण है कि यह पिगमेंटेशन, झाइयों और मुंहासों के निशानों को हल्का करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा यह नई स्किन सेल्स के निर्माण को भी बढ़ावा देता है, जिससे त्वचा समय के साथ अधिक साफ और निखरी हुई नजर आती है।

    झुर्रियों और दाग-धब्बों पर असर
    नियमित रूप से एलोवेरा लगाने से त्वचा की लोच (elasticity) बेहतर हो सकती है, जिससे झुर्रियों की समस्या में राहत मिल सकती है। यह त्वचा को गहराई से हाइड्रेट करता है और ड्राईनेस को कम करता है, जो झुर्रियों का एक प्रमुख कारण होता है।

    सन डैमेज और टैनिंग में राहत
    तेज धूप और प्रदूषण के कारण होने वाली टैनिंग, रेडनेस और जलन में भी एलोवेरा काफी असरदार माना जाता है। इसकी ठंडी तासीर त्वचा को राहत देती है और जलन को कम करने में मदद करती है। नियमित उपयोग से टैनिंग धीरे-धीरे हल्की पड़ सकती है और स्किन टोन बेहतर हो सकता है।

    अगर रोजाना सोने से पहले एलोवेरा जैसे प्राकृतिक उपायों को स्किन केयर रूटीन में शामिल किया जाए, तो त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि, किसी भी गंभीर त्वचा समस्या के लिए विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी होता है।

  • फ्यूल प्राइस हाई, गोल्ड डिमांड क्रैश: जानिए अपने शहर में पेट्रोल-डीजल और सोने का रेट

    फ्यूल प्राइस हाई, गोल्ड डिमांड क्रैश: जानिए अपने शहर में पेट्रोल-डीजल और सोने का रेट


    नई दिल्ली । देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें एक बार फिर आम लोगों की जेब पर भारी पड़ रही हैं। 30 मई 2026 को तेल कंपनियों ने ईंधन के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन पिछले दिनों हुई बढ़ोतरी के बाद कई शहरों में पेट्रोल की कीमत 102 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुकी है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई सहित कई प्रमुख महानगरों में ईंधन के दाम रिकॉर्ड स्तर पर बने हुए हैं।

    तेल कंपनियों के अनुसार, 25 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2.50 रुपये प्रति लीटर से अधिक की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद से बाजार स्थिर जरूर है, लेकिन कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ईरान-अमेरिका तनाव के चलते स्थिति अनिश्चित बनी हुई है, जिसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है।

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। तेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत की 22 रिफाइनरियां घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ निर्यात भी कर रही हैं। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि ईंधन का उपयोग जिम्मेदारी से किया जाए और अनावश्यक खपत से बचा जाए।

    देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम (प्रति लीटर)
    दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये पर स्थिर है। मुंबई में पेट्रोल 111.18 रुपये और डीजल 97.83 रुपये तक पहुंच गया है। कोलकाता में पेट्रोल 113.47 रुपये और डीजल 99.82 रुपये दर्ज किया गया है। चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 99.55 रुपये, जबकि बेंगलुरु में पेट्रोल 110.93 रुपये और डीजल 98.80 रुपये पर बना हुआ है। पटना और जयपुर जैसे शहरों में भी कीमतें 110 रुपये के ऊपर बनी हुई हैं। वहीं पोर्ट ब्लेयर में ईंधन सबसे सस्ता दर्ज किया गया है।

    इधर, सोने के बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सरकार द्वारा सोने पर आयात शुल्क 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी किए जाने के बाद बाजार में मांग तेजी से घट गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, सोने की मांग पिछले दो हफ्तों में लगभग 70 प्रतिशत तक गिरकर 7.5 टन रह गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह करीब 25 टन थी।

    सोने पर बढ़े टैक्स का असर ग्राहकों की खरीदारी पर साफ दिखाई दे रहा है। अब सोने पर कुल प्रभावी टैक्स 18.45 फीसदी तक पहुंच गया है, जिससे इसकी कीमतें और बढ़ गई हैं। मुंबई के स्पॉट मार्केट में 999 शुद्धता वाला सोना लगभग 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की मांग में गिरावट केवल टैक्स बढ़ने से नहीं, बल्कि मौसमी कारणों और खरीदारी पर आई गिरावट से भी जुड़ी है। महंगाई, ईंधन की ऊंची कीमतें और त्योहारों से पहले की सुस्ती भी बाजार को प्रभावित कर रही है।

  • गाजियाबाद में जघन्य वारदात: पहले बुलाया, फिर चाकू से हमला-नाबालिग की मौत से बवाल

    गाजियाबाद में जघन्य वारदात: पहले बुलाया, फिर चाकू से हमला-नाबालिग की मौत से बवाल


    उत्तर प्रदेश। गाजियाबाद जिले के खोड़ा इलाके में बकरीद के दिन एक दर्दनाक और जघन्य वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। 17 वर्षीय युवक सूर्या प्रताप की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।

    जानकारी के अनुसार, गुरुवार को सूर्या प्रताप अपने दोस्तों के साथ मौजूद था, तभी किसी बात को लेकर दूसरे पक्ष के युवकों से उसका विवाद हो गया। शुरुआती कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि इसी दौरान एक युवक ने चाकू निकालकर सूर्या पर हमला कर दिया और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गया।

    गंभीर रूप से घायल सूर्या को तुरंत स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए नोएडा के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया। लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।

    परिजनों ने इस मामले में कई लोगों को नामजद करते हुए आरोप लगाया है कि यह हमला पुरानी रंजिश का नतीजा है। उनका कहना है कि पहले युवक को बुलाया गया और फिर उस पर जानलेवा हमला किया गया। परिजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    घटना के बाद स्थानीय लोगों और कुछ संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठाई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

    शॉर्ट डिस्क्रिप्शन:

    गाजियाबाद के खोड़ा में 17 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और पुलिस बल तैनात किया गया।

  • यूपी में मौतों के आंकड़ों पर बवाल, अफसर के विदेश दौरे से उठे सवाल

    यूपी में मौतों के आंकड़ों पर बवाल, अफसर के विदेश दौरे से उठे सवाल


    उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान से हुई भीषण जनहानि के बीच राज्य प्रशासन में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। 13 मई को प्रदेश के कई जिलों में आए तूफान और आंधी के कारण 117 लोगों की मौत हुई, जबकि कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया था। इसी गंभीर स्थिति के बीच राज्य के राहत आयुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोद के विदेश दौरे पर जाने की जानकारी सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।

    सूत्रों के अनुसार, राहत कार्यों की समीक्षा और प्रभावित परिवारों को मुआवजा वितरण से जुड़ी रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत आयुक्त से तलब की थी। लेकिन जब अपेक्षित रिपोर्ट समय पर नहीं मिली, तो जांच में यह सामने आया कि राहत आयुक्त डॉ. यशोद 15 मई से 23 मई तक लगभग 9 दिनों के लिए विदेश यात्रा पर थे। इससे आपदा प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    13 मई को प्रदेश में आए आंधी-तूफान ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई थी। पेड़ गिरने, तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं में सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए और 117 लोगों की जान चली गई थी। ऐसे संवेदनशील समय में शीर्ष राहत अधिकारी के अनुपस्थित रहने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर असंतोष गहराता जा रहा है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव एसपी गोयल से सीधे जवाब तलब किया है। यह माना जा रहा है कि यह पहली बार है जब किसी वरिष्ठ अधिकारी की छुट्टी मंजूरी को लेकर सीएम ने सीधे मुख्य सचिव से स्पष्टीकरण मांगा है। सीएम ने इस बात पर नाराजगी जताई कि जब प्रदेश आपदा जैसी स्थिति से गुजर रहा था, तब इतने महत्वपूर्ण पद पर तैनात अधिकारी की विदेश यात्रा को कैसे मंजूरी दी गई।

    सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पहले ही बिना आवश्यक कारण के विदेश यात्राओं से बचने की अपील की गई थी, ऐसे में राज्य में गंभीर आपदा के दौरान इस तरह की अनुमति देना उचित नहीं था।

    वहीं, मुख्य सचिव एसपी गोयल ने अपनी ओर से सफाई देते हुए कहा है कि राहत आयुक्त की विदेश यात्रा की अनुमति प्रधानमंत्री की अपील से पहले ही स्वीकृत कर दी गई थी, इसलिए उस समय नियमों के तहत उन्हें रोका नहीं जा सकता था।

    इस पूरे मामले ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और आपदा प्रबंधन व्यवस्था की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य में पहले ही प्राकृतिक आपदा से भारी नुकसान हो चुका है और अब इस विवाद ने सरकार के भीतर जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

  • सहारनपुर में दिन में छाया अंधेरा, तेज आंधी-तूफान से यूपी में तबाही-कई जिलों में अलर्ट

    सहारनपुर में दिन में छाया अंधेरा, तेज आंधी-तूफान से यूपी में तबाही-कई जिलों में अलर्ट


    उत्तर प्रदेशउत्तर प्रदेश में नौतपा के दौरान मौसम ने अचानक करवट ले ली है और पिछले दो दिनों से आंधी-तूफान, बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शनिवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में आसमान में घने बादल छाए रहे और कई स्थानों पर रुक-रुककर बारिश दर्ज की गई। ठंडी हवाओं के कारण गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन मौसम का यह बदलाव कई जिलों में भारी तबाही का कारण बन गया है।

    सहारनपुर में शनिवार दोपहर करीब 3 बजे अचानक मौसम पूरी तरह बदल गया। तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई और कुछ ही समय में आसमान में काले बादल छा गए, जिससे दिन में ही अंधेरा जैसा माहौल बन गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, दृश्यता काफी कम हो गई और सड़कें भीग गईं। यह बदलाव अचानक होने के कारण लोग असहज और सतर्क नजर आए।

    मौसम विभाग ने पूरे उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिनमें से लगभग 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। विभाग के अनुसार यह मौसम प्रणाली अगले तीन दिनों यानी 2 जून तक सक्रिय रह सकती है, जिससे राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुककर बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहेगा।

    इस मौसम परिवर्तन का सबसे बड़ा असर तापमान पर पड़ा है। प्रदेश में कई जगहों पर अधिकतम तापमान में लगभग 10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। जहां कुछ दिन पहले बांदा में तापमान 47.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहीं अब यह घटकर लगभग 37 डिग्री सेल्सियस तक आ गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह गिरावट अस्थायी राहत तो है, लेकिन आंधी-तूफान के कारण खतरा बढ़ गया है।

    बीते गुरुवार रात और शुक्रवार को भी पश्चिमी और पूर्वी यूपी के कई जिलों में तेज बारिश और आंधी देखने को मिली थी। कई जगहों पर ओलावृष्टि भी हुई, जिससे कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा और टिनशेड उड़ गए। पेड़ गिरने की घटनाएं भी बड़े पैमाने पर सामने आईं। चित्रकूट में तेज आंधी के कारण लगभग 500 तोतों की मौत की भी सूचना है, जिसने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया।

    प्रदेश में आंधी-तूफान और बिजली गिरने से अब तक कुल 31 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। सबसे ज्यादा नुकसान बुंदेलखंड क्षेत्र में हुआ है, जहां हमीरपुर, बांदा, महोबा, उरई और जालौन जैसे जिलों में कई लोगों की जान गई। इसके अलावा कौशांबी, सहारनपुर, देवरिया, प्रतापगढ़, अंबेडकरनगर, बलिया, महाराजगंज, मथुरा, उन्नाव, फतेहपुर और रामपुर जैसे जिलों में भी जानमाल का नुकसान हुआ है।

    मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी भरी हवाओं के कारण यह स्थिति बनी हुई है। इसके साथ ही एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी इस मौसम परिवर्तन का कारण है। विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी यूपी और तराई क्षेत्रों में तूफान का खतरा सबसे अधिक है, जहां हवा की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

    राज्य सरकार ने हालात पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं और जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के आदेश दिए गए हैं। मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों तथा सावधानी बरतें।

  • भारत-कनाडा व्यापारिक रिश्तों में मजबूती की दिशा में कदम, पीयूष गोयल ने बताया यात्रा को सफल

    भारत-कनाडा व्यापारिक रिश्तों में मजबूती की दिशा में कदम, पीयूष गोयल ने बताया यात्रा को सफल

    नई दिल्ली । केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने अपने हालिया कनाडा दौरे को भारत और कनाडा के द्विपक्षीय संबंधों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और सकारात्मक बताया है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा ने दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई गति प्रदान की है, जिससे भविष्य में साझेदारी के और मजबूत होने की उम्मीद है।

    केंद्रीय मंत्री ने अपनी यात्रा के अनुभव साझा करते हुए कहा कि कनाडा में हुई उच्च स्तरीय बैठकों ने दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग को और मजबूत किया है। इस दौरान उनकी मुलाकात कनाडा के शीर्ष नेतृत्व, व्यापार जगत के प्रतिनिधियों और निवेश से जुड़े प्रमुख हितधारकों से हुई, जहां भविष्य की आर्थिक संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

    दौरे के दौरान Piyush Goyal ने कनाडा के प्रधानमंत्री और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठकें कीं, जिनमें द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने और निवेश के नए अवसरों को विकसित करने पर सहमति बनी। उन्होंने कहा कि भारत और कनाडा के बीच मौजूदा आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए दोनों देशों की सरकारें साझा रूप से काम कर रही हैं।

    सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच वर्तमान व्यापार लगभग 8.5 अरब डॉलर का है, जिसे वर्ष 2030 तक 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर बातचीत को गति देने पर भी जोर दिया गया है, ताकि व्यापारिक बाधाओं को कम किया जा सके और निवेश के नए रास्ते खोले जा सकें।

    कनाडा यात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने निवेश गोलमेज बैठकों में भाग लिया और विभिन्न उद्योग जगत के नेताओं के साथ संवाद किया। उन्होंने भारत के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम, तकनीकी नवाचार और डिजिटल अर्थव्यवस्था की मजबूती को रेखांकित किया। साथ ही उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लीनटेक, एग्रीटेक और डीप-टेक जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

    इसके अलावा उन्होंने ओंटारियो के प्रीमियर के साथ भी बैठक की, जिसमें विनिर्माण, बुनियादी ढांचा, स्वच्छ ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिज जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में साझेदारी को और आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि आर्थिक सहयोग को केवल व्यापार तक सीमित न रखते हुए उसे दीर्घकालिक निवेश और तकनीकी साझेदारी के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।

    केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि भारत और कनाडा की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक हैं और यदि दोनों देश मिलकर काम करें तो वैश्विक स्तर पर एक मजबूत आर्थिक साझेदारी का मॉडल तैयार किया जा सकता है। उन्होंने अपनी यात्रा को सफल बताते हुए कहा कि यह दौरा दोनों देशों के संबंधों में एक नई ऊर्जा और दिशा लेकर आया है।

    कुल मिलाकर यह दौरा भारत और कनाडा के बीच आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में व्यापार और निवेश के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

  • आगरा में टिफनी ट्रम्प का ताजमहल दौरा, नक्काशी देख बोलीं-इतना सुंदर मार्बल कहां से आया

    आगरा में टिफनी ट्रम्प का ताजमहल दौरा, नक्काशी देख बोलीं-इतना सुंदर मार्बल कहां से आया

    उत्तर प्रदेश आगरा में शनिवार को एक खास और चर्चित नजारा देखने को मिला जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बेटी टिफनी ट्रम्प अपने पति माइकल बॉऊलोस के साथ ताजमहल पहुंचीं। चार्टर्ड विमान से खेरिया एयरपोर्ट पर उतरने के बाद वह सीधे होटल न जाकर अपने काफिले के साथ ताजमहल के लिए रवाना हो गईं। ताजमहल परिसर में पहुंचते ही उन्होंने करीब एक घंटे तक विश्व प्रसिद्ध इस धरोहर की भव्यता और नक्काशी को करीब से निहारा।

    गोल्फ कार्ट के जरिए परिसर में प्रवेश करने के बाद टिफनी और उनके पति ने ताजमहल के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण किया। इस दौरान दोनों काफी उत्साहित और खुश नजर आए। टिफनी ने गाइड रमेश दीवान से ताजमहल में इस्तेमाल हुए संगमरमर और उसकी नक्काशी को लेकर कई सवाल पूछे। उन्होंने विशेष रूप से यह जानने की कोशिश की कि इतनी बारीक और आकर्षक नक्काशी कैसे तैयार की गई और यह मार्बल कहां से लाया गया।

    गाइड ने उन्हें बताया कि ताजमहल में इस्तेमाल हुआ प्रमुख संगमरमर भारत के ही विभिन्न क्षेत्रों से लाया गया था, जबकि जड़ाई और नक्काशी में प्रयुक्त बहुमूल्य पत्थर अफ्रीका, यमन और अन्य देशों से मंगाए गए थे। यह जानकारी सुनकर टिफनी ने आश्चर्य और प्रशंसा दोनों जताई।

    ताजमहल परिसर में टिफनी और माइकल ने प्रसिद्ध “डायना बेंच” के पास भी समय बिताया, जहां दोनों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर तस्वीरें खिंचवाईं। इसके अलावा उन्होंने अपने स्टाफ के साथ भी ग्रुप फोटो क्लिक करवाई। इस दौरान टिफनी नारंगी रंग की लंबी ड्रेस में और माइकल टी-शर्ट व ट्राउजर में नजर आए। दोनों ने धूप का चश्मा भी लगाया हुआ था, जिससे उनका लुक काफी कैजुअल और रिलैक्स्ड दिखाई दिया।

    दौरे के दौरान टिफनी ने वहां मौजूद लोगों का अभिवादन करते हुए हाथ जोड़कर धन्यवाद भी कहा। उनके साथ भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भी मौजूद रहे, जिन्होंने पूरे दौरे में उनका साथ दिया।

    ताजमहल भ्रमण के बाद टिफनी और उनका काफिला होटल अमर विलास पैलेस पहुंचा, जहां से ताजमहल का नजारा सीधे दिखाई देता है। यहां वह कुछ समय विश्राम के बाद दोपहर का भोजन करेंगी और इसके बाद उनका काफिला राजस्थान के जैसलमेर के लिए रवाना होगा।

    यह पहली बार नहीं है जब ट्रम्प परिवार का कोई सदस्य ताजमहल पहुंचा हो। इससे पहले वर्ष 2020 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपनी पत्नी मेलानिया ट्रम्प, बेटी इवांका ट्रम्प और दामाद जेरेड कुशनर के साथ ताजमहल का दौरा कर चुके हैं। अब करीब छह साल बाद परिवार का एक और सदस्य ताजनगरी की खूबसूरती का साक्षी बना है।

    ताजमहल का यह दौरा एक बार फिर इसकी वैश्विक लोकप्रियता और आकर्षण को दर्शाता है, जहां हर साल दुनिया भर से लाखों पर्यटक इसकी अनोखी सुंदरता को देखने आते हैं।