Author: bharati

  • दिल्ली में पानी का संकट गहराया: यमुना का स्तर गिरा, सप्लाई 25% तक कम

    दिल्ली में पानी का संकट गहराया: यमुना का स्तर गिरा, सप्लाई 25% तक कम


    दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर गंभीर जल संकट की चपेट में है। यमुना नदी का जलस्तर लगातार गिरने से शहर के कई प्रमुख वाटर ट्रीटमेंट प्लांट प्रभावित हो गए हैं, जिसके चलते पानी उत्पादन में लगभग 25 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। इसका सीधा असर राजधानी की जलापूर्ति पर पड़ रहा है और कई इलाकों में आने वाले दिनों में पानी की किल्लत और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

    रिपोर्ट के अनुसार, वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला जैसे प्रमुख जल शोधन संयंत्रों को पर्याप्त कच्चा पानी नहीं मिल पा रहा है। यमुना में पानी की कमी के कारण इन प्लांटों की क्षमता प्रभावित हुई है और उत्पादन में लगातार गिरावट देखी जा रही है।

    दिल्ली की लगभग 40 प्रतिशत जलापूर्ति यमुना नदी पर निर्भर है। ऐसे में जलस्तर में कमी का सीधा असर राजधानी के लाखों लोगों पर पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में पानी का दबाव कम हो गया है, जबकि कुछ इलाकों में आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि भीषण गर्मी, कम वर्षा और हरियाणा से आने वाले पानी में कमी इस संकट के प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा यमुना में बढ़ता प्रदूषण और अमोनिया का उच्च स्तर भी ट्रीटमेंट प्लांटों के संचालन को प्रभावित कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, अत्यधिक प्रदूषित पानी को शुद्ध करना प्लांटों की क्षमता से बाहर हो जाता है, जिससे उत्पादन घटाना पड़ता है।

    स्थिति को देखते हुए कई क्षेत्रों में लोग टैंकरों पर निर्भर होते जा रहे हैं। दिल्ली जल बोर्ड ने लोगों से पानी के सीमित उपयोग और बर्बादी रोकने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि हालात में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में जल संकट और गंभीर हो सकता है।

    सरकार की ओर से यमुना की सफाई और सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता बढ़ाने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं, लेकिन फिलहाल स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

  • एक बार फिर कैमरे के सामने आने को तैयार मीनाक्षी शेषाद्रि, कहा– किरदार छोटा हो सकता है, असर बड़ा होना चाहिए

    एक बार फिर कैमरे के सामने आने को तैयार मीनाक्षी शेषाद्रि, कहा– किरदार छोटा हो सकता है, असर बड़ा होना चाहिए

    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा की चर्चित और दमदार अदाकारा Meenakshi Seshadri एक बार फिर सुर्खियों में लौट आई हैं। करीब तीन दशक बाद उन्होंने मायानगरी मुंबई में वापसी कर अपने प्रशंसकों को भावुक कर दिया है। लंबे समय से फिल्मी दुनिया से दूर रहने के बाद अब उन्होंने साफ संकेत दिए हैं कि वे फिर से अभिनय की दुनिया में सक्रिय होना चाहती हैं। खास बात यह है कि उन्होंने बड़े या मुख्य किरदार की शर्त नहीं रखी, बल्कि साफ कहा कि अगर कहानी और किरदार में दम हो तो छोटा रोल भी स्वीकार है। उनके इस बयान ने फिल्म जगत और प्रशंसकों के बीच नई चर्चा छेड़ दी है।

    मीनाक्षी शेषाद्रि ने अपने चाहने वालों के लिए एक भावुक संदेश साझा करते हुए वर्षों से मिले प्यार, सम्मान और समर्थन के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय बाद मुंबई लौटना उनके लिए किसी भावनात्मक सफर से कम नहीं है। एक नए उत्साह, सकारात्मक सोच और पुराने जुनून के साथ वे दोबारा मनोरंजन की दुनिया का हिस्सा बनना चाहती हैं। उनका मानना है कि कलाकार कभी अपने कला प्रेम से दूर नहीं हो सकता और अभिनय आज भी उनके दिल के बेहद करीब है।

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब वे ऐसे किरदारों की तलाश में हैं, जिनमें कुछ नया करने और अपनी कला को अलग अंदाज में प्रस्तुत करने का अवसर मिले। बदलते दौर में वे फिल्मों के साथ-साथ डिजिटल मंचों पर भी काम करने को लेकर उत्साहित हैं। उनका कहना है कि समय के साथ कहानी कहने के तरीके बदले हैं और अब कलाकारों के सामने खुद को नए रूप में पेश करने के अधिक अवसर मौजूद हैं।

    एक समय ऐसा था जब मीनाक्षी शेषाद्रि हिंदी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिनी जाती थीं। उनकी फिल्मों और अभिनय ने दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी थी। बड़े पर्दे पर उनकी मौजूदगी को आज भी लोग याद करते हैं। लंबे अंतराल के बाद उनकी वापसी की खबर उन दर्शकों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है, जो उन्हें फिर से अभिनय करते देखना चाहते थे।

    अब फिल्म जगत की नजर इस बात पर टिकी है कि मीनाक्षी की दूसरी पारी कितनी खास साबित होती है। प्रशंसकों को उम्मीद है कि जिस तरह उन्होंने अपने पहले सफर में लोगों के दिल जीते थे, उसी तरह वे नए दौर में भी अपनी छाप छोड़ने में सफल रहेंगी। उनकी वापसी केवल एक अभिनेत्री की वापसी नहीं, बल्कि पुराने दौर की यादों के फिर से जीवंत होने जैसी मानी जा रही है।

  • अशोकनगर में सनसनी: स्कूल में मिला युवक का फंदे पर लटका शव, गांव में मातम

    अशोकनगर में सनसनी: स्कूल में मिला युवक का फंदे पर लटका शव, गांव में मातम


    मध्य प्रदेश । अशोकनगर जिले के रिजौदा गांव में सोमवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गांव के ही 34 वर्षीय भरत यादव का शव सरकारी स्कूल के रोशनदान में फांसी के फंदे से लटका मिला। मृतक चार बेटियों का पिता था।

    घटना की शुरुआत उस समय हुई जब सुबह लगभग 7 बजे एक बच्ची ने स्कूल की तरफ देखा और रोशनदान में किसी व्यक्ति को लटका हुआ पाया। घबराई बच्ची ने तुरंत ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में शव को नीचे उतारकर जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    जानकारी के अनुसार, भरत यादव रविवार रात को परिवार के साथ सामान्य रूप से खाना खाकर सोया था। सुबह करीब 5 बजे वह बिना किसी को बताए घर से निकल गया था। परिजनों ने बताया कि रात तक उसकी किसी भी तरह की मानसिक परेशानी या तनाव की जानकारी नहीं थी, जिससे घटना और भी रहस्यमय हो गई है।

    घटना के बाद स्कूल परिसर और गांव में मातम का माहौल है। चार बेटियों के सिर से पिता का साया उठ जाने से परिवार गहरे सदमे में है। ग्रामीणों की भारी भीड़ अस्पताल और गांव दोनों जगह जुटी रही।

    सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा तैयार किया। इसके बाद पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है और गांव में गहरा शोक व्याप्त है।

  • ईरान बोला- अमेरिका की धमकियों से नहीं डरते, इजराइल पर बातचीत बिगाड़ने का आरोप; होर्मुज और समझौते को लेकर बढ़ा तनाव

    ईरान बोला- अमेरिका की धमकियों से नहीं डरते, इजराइल पर बातचीत बिगाड़ने का आरोप; होर्मुज और समझौते को लेकर बढ़ा तनाव




    नई दिल्ली। ईरान ने एक बार फिर अमेरिका के साथ चल रही बातचीत के बीच सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि वह किसी भी तरह की धमकियों से डरने वाला नहीं है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ईस्माइल बघाई ने साफ कहा कि अमेरिका पर भरोसा करना मुश्किल है, क्योंकि यह गारंटी नहीं है कि वह किसी संभावित समझौते का पूरी तरह पालन करेगा।

    ईरान ने आरोप लगाया है कि इजराइल लगातार अमेरिका-ईरान वार्ता को कमजोर करने और उसे पटरी से उतारने की कोशिश कर रहा है। बघाई के मुताबिक, कुछ देश युद्ध और टकराव का माहौल बनाकर बातचीत को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं।

    इसी बीच ईरान ने संकेत दिया है कि हाल के कूटनीतिक बदलावों में कुछ देशों, जिनमें पाकिस्तान और अन्य क्षेत्रीय साझेदार शामिल हैं, की मध्यस्थता की भूमिका रही है, हालांकि तेहरान आने को लेकर कोई आधिकारिक कार्यक्रम तय नहीं है।

    वहीं, पिछले 24 घंटे में बातचीत से जुड़े कई अहम अपडेट सामने आए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच अपेक्षित समझौते पर अभी तक हस्ताक्षर नहीं हो पाए हैं, जबकि ओमान के जरिए दोनों पक्षों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान जारी है।

    ईरान ने दोहराया है कि देश में किसी भी बड़े फैसले के लिए सुप्रीम लीडर की मंजूरी जरूरी होती है, जिससे अंतिम निर्णय प्रक्रिया और जटिल हो जाती है।

    उधर, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर इजराइल की चिंता बढ़ी हुई है, खासकर होर्मुज जलमार्ग से जुड़े रणनीतिक मुद्दों को लेकर। ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने बातचीत का स्वागत करते हुए क्षेत्रीय स्थिरता और परमाणु अप्रसार पर जोर दिया है।

    फिलहाल अमेरिका की ओर से भी यह संकेत दिए गए हैं कि बातचीत जारी है और जल्द कोई बड़ा अपडेट सामने आ सकता है, लेकिन अंतिम समझौते पर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।

  • गुना पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 1 किलो अफीम के साथ राजस्थान के दो तस्कर गिरफ्तार

    गुना पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 1 किलो अफीम के साथ राजस्थान के दो तस्कर गिरफ्तार


    मध्य प्रदेश । गुना जिले के मृगवास थाना क्षेत्र में पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 1 किलो से अधिक अफीम के साथ दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह दोनों आरोपी राजस्थान से अवैध मादक पदार्थ की सप्लाई देने गुना पहुंचे थे।

    पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई SP हितिका वासल के निर्देशन में चल रहे अवैध मादक पदार्थ विरोधी अभियान के तहत की गई। ASP मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन और चांचौड़ा SDOP मनोज कुमार झा के नेतृत्व में मृगवास थाना पुलिस और सानई चौकी टीम ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की।

    सूचना के अनुसार पुलिस को मुखबिर से जानकारी मिली थी कि राजस्थान की ओर से एक हीरो स्प्लेंडर बाइक (RJ28 ST 3530) पर दो व्यक्ति अफीम लेकर सानई क्षेत्र की ओर आने वाले हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम ने ग्राम बंजारीकला के कच्चे रास्ते पर घेराबंदी कर इंतजार किया।

    कुछ ही समय बाद संदिग्ध बाइक को आते देख पुलिस ने बिना देरी किए घेराबंदी कर दोनों को मौके पर ही दबोच लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से थैले में रखा 1.010 किलोग्राम अफीम बरामद हुआ।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राधेश्याम (45) और जगदीश उर्फ भूरा (35), निवासी ग्राम मानपुरा, थाना हरनावदा शाहजी, जिला बारां (राजस्थान) के रूप में हुई है।

    पुलिस ने बरामद अफीम की कीमत लगभग 10 लाख रुपए और इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल की कीमत करीब 1 लाख रुपए बताते हुए कुल 11 लाख रुपए का माल जब्त किया है।

    आरोपियों के खिलाफ मृगवास थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि यह अफीम कहां से लाई गई थी और जिले में इसका नेटवर्क किन-किन लोगों तक फैला हुआ है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • ईरान-अमेरिका बातचीत में नरमी के संकेत, लेकिन समझौता अभी अधर में; कुछ अहम मुद्दों पर जारी है गतिरोध

    ईरान-अमेरिका बातचीत में नरमी के संकेत, लेकिन समझौता अभी अधर में; कुछ अहम मुद्दों पर जारी है गतिरोध



    नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत में हल्की नरमी के संकेत जरूर दिख रहे हैं, लेकिन किसी अंतिम समझौते पर अभी सहमति नहीं बन पाई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिए हैं कि बातचीत में प्रगति हो रही है और जल्द कुछ सकारात्मक जानकारी सामने आ सकती है।

    वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी माना है कि पिछले एक सप्ताह में दोनों देशों के रुख में नजदीकी आई है, लेकिन अहम मुद्दों पर अभी भी मतभेद बने हुए हैं। उनका कहना है कि सिर्फ बातचीत में सुधार का मतलब यह नहीं है कि समझौता तय हो चुका है।

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी अपने प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी समझौते में जल्दबाज़ी न की जाए और बातचीत को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जाए।

    ईरानी सरकारी मीडिया का दावा है कि समझौता अमेरिका की पाबंदियों की वजह से अभी अटका हुआ है, जबकि दूसरी तरफ यह भी कहा जा रहा है कि एक-दो मुद्दों पर अब भी गंभीर मतभेद कायम हैं।

    ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने इस बातचीत का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि किसी ऐसे समझौते पर सहमति बने जिसमें क्षेत्रीय स्थिरता और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर स्पष्ट ढांचा तय हो।फिलहाल दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन अंतिम फैसला अभी दूर माना जा रहा है।

  • पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर राहुल गांधी का सरकार पर बड़ा हमला, ‘महंगाई मानव मोदी’ कहकर साधा निशाना

    पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर राहुल गांधी का सरकार पर बड़ा हमला, ‘महंगाई मानव मोदी’ कहकर साधा निशाना

    नई दिल्ली । देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक माहौल एक बार फिर गर्माता दिखाई दे रहा है। ईंधन दरों में बढ़ोतरी का असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है और यही वजह है कि यह मुद्दा राजनीतिक बहस का बड़ा केंद्र बन गया है। हालिया कीमत वृद्धि के बाद विपक्ष ने सरकार की आर्थिक नीतियों और महंगाई को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

    लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी करके आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने इस मुद्दे को महंगाई और जनजीवन से जोड़ते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।

    अपने बयान में राहुल गांधी ने तंज भरे अंदाज में प्रधानमंत्री की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि कीमतों में चरणबद्ध बढ़ोतरी की जा रही है, जिससे आम लोगों पर असर धीरे-धीरे पड़ता रहे। उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी वादों और बाद की आर्थिक परिस्थितियों के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। उनके बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर नई बहस शुरू हो गई है।

    दरअसल, पिछले कुछ समय से ईंधन की कीमतों में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के बाजार में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय हालात का असर घरेलू कीमतों पर भी पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां, भू-राजनीतिक तनाव और तेल आपूर्ति से जुड़े कारक ईंधन कीमतों को प्रभावित करते हैं।

    ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों के दैनिक खर्चों पर पड़ता है। पेट्रोल और डीजल महंगे होने से केवल वाहन चलाने की लागत ही नहीं बढ़ती, बल्कि परिवहन खर्च बढ़ने के कारण कई जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। यही कारण है कि पेट्रोल और डीजल की दरों में बदलाव हमेशा व्यापक चर्चा का विषय बन जाता है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महंगाई और ईंधन मूल्य हमेशा संवेदनशील मुद्दे रहे हैं और विपक्ष इन्हें जनता से सीधे जुड़े विषयों के रूप में उठाता रहा है। आने वाले समय में भी यह मुद्दा राजनीतिक चर्चाओं में प्रमुख बना रह सकता है, क्योंकि इसका संबंध सीधे आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति से जुड़ा है।

    फिलहाल ईंधन कीमतों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है। आने वाले दिनों में बाजार की स्थिति, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां और सरकारी फैसले इस मुद्दे की दिशा तय कर सकते हैं। जनता की नजर अब इस बात पर रहेगी कि आने वाले समय में ईंधन कीमतों में राहत मिलती है या बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहता है।

  • गुना में जैन समाज का मौन आक्रोश: रीवा कांड की SIT जांच और संत सुरक्षा नीति की उठी मांग

    गुना में जैन समाज का मौन आक्रोश: रीवा कांड की SIT जांच और संत सुरक्षा नीति की उठी मांग


    मध्य प्रदेश । गुना में सोमवार को जैन समाज का आक्रोश शांत स्वर में लेकिन बेहद प्रभावी रूप में सड़कों पर दिखाई दिया। रीवा में जैन साध्वी आर्यिका श्रुतमति माताजी एवं उपशममति माताजी की सड़क दुर्घटना में हुई असामयिक समाधि को लेकर पूरे समाज में गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है। इसी घटना की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर गुना सहित प्रदेशभर में जैन समाज के हजारों लोग सड़क पर उतर आए।

    गुना शहर में मौन जुलूस की शुरुआत चौधरी मोहल्ला स्थित श्री पाश्र्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर से हुई। हाथों में तख्तियां, आंखों में आंसू और चेहरों पर गहरी पीड़ा लिए समाज के पुरुष, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। बिना नारेबाजी के यह जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों बताशा गली, हाट रोड, रपटा और हनुमान चौराहा से होते हुए कलेक्टोरेट पहुंचा।

    कलेक्ट्रेट परिसर में समाज के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि रीवा की घटना केवल एक सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं हो सकती, बल्कि सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो और परिस्थितियों को देखते हुए इसकी SIT या न्यायिक जांच कराई जाए। साथ ही पूरे प्रकरण में किसी भी तरह की साजिश या लापरवाही की आशंका को गंभीरता से जांच के दायरे में लिया जाए।

    समाज ने मांग की कि घटनास्थल के आसपास के सभी CCTV फुटेज, डिजिटल साक्ष्य और वीडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित किए जाएं और दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। यदि जांच में कोई सुनियोजित साजिश सामने आती है, तो संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

    जैन समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि जैन साधु-संत पूरी तरह अहिंसक और निहत्थे होते हैं, जो पैदल विहार कर धर्म और शांति का संदेश देते हैं। ऐसे में उनके साथ हो रही लगातार दुर्घटनाएं और घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं।

    समाज ने देशभर में “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” और “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” लागू करने की भी मांग की है। इसमें विहार मार्गों पर प्रशासनिक समन्वय, ट्रैफिक नियंत्रण, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त और विशेष चेतावनी संकेतक लगाने की बात शामिल है। इसके साथ ही संत सुरक्षा समन्वय प्रकोष्ठ और आपातकालीन संपर्क व्यवस्था स्थापित करने की मांग भी रखी गई।

    इस मौन जुलूस में पूर्व विधायक राजेन्द्र सिंह सलूजा, वैश्य समाज अध्यक्ष राजेश मोहन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में सामाजिक प्रतिनिधि और नागरिक शामिल हुए। पूरे जिले में आरोन, राघौगढ़, बीनागंज और कुंभराज सहित कई क्षेत्रों में भी इसी तरह ज्ञापन सौंपे गए और विरोध दर्ज कराया गया।

  • गुना में दहेज का दर्दनाक मामला: 5 लाख की बाइक की मांग बनी मौत की वजह

    गुना में दहेज का दर्दनाक मामला: 5 लाख की बाइक की मांग बनी मौत की वजह


    गुना। मध्यप्रदेश के गुना जिले के म्याना थाना क्षेत्र में दहेज प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां 24 वर्षीय नवविवाहिता भावना यादव ने लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से परेशान होकर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृतका के पति गिर्राज यादव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सास, ससुर और देवर फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।

    ढाई साल पहले हुई थी शादी, दहेज के लिए बढ़ता दबाव
    मृतका भावना यादव की शादी करीब ढाई साल पहले अशोकनगर जिले के कदवाया निवासी परिवार से म्याना के नसीरा गांव में हुई थी। परिजनों के अनुसार शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा 5 लाख रुपये की मोटरसाइकिल और अन्य दहेज की मांग को लेकर उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजनों ने आरोप लगाया कि 13 मई को जब भावना का भाई उसे मायके लाने पहुंचा, तो ससुराल में उसके साथ मारपीट की गई। इसी दौरान वह मानसिक रूप से टूट गई और दोपहर में जहरीला पदार्थ खा लिया।

    मारपीट और धमकी का आरोप, अस्पताल ले जाते समय भी बर्बरता
    मृतका के भाई अभिषेक ने बताया कि जब वह बहन को लेने पहुंचा तो पति और ससुर ने उसके साथ भी मारपीट की। ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद उसे बाहर निकाला गया, लेकिन कुछ ही देर बाद ससुराल पक्ष ने बताया कि भावना ने जहर खा लिया है। परिजनों का आरोप है कि शुरुआत में उसे अस्पताल ले जाने में भी देरी की गई और बाद में रास्ते में भाई को गाड़ी से उतार दिया गया। जब परिवार अस्पताल पहुंचा, तो भावना को मृत घोषित कर दिया गया।

    ऑडियो से खुला राज: 5 लाख की बाइक की मांग
    इस मामले में एक ऑडियो भी सामने आया है, जिसमें पति गिर्राज यादव अपनी पत्नी से 5 लाख रुपये की मोटरसाइकिल की मांग करते हुए सुनाई दे रहा है। ऑडियो में वह धमकी देता है कि पैसे न मिलने पर रिश्ता खत्म समझा जाए। यह ऑडियो मामले में अहम सबूत माना जा रहा है, जिसने दहेज प्रताड़ना के आरोपों को और मजबूत कर दिया है।

    पुलिस जांच में चारों पर केस दर्ज, पति गिरफ्तार
    एसडीओपी स्तर की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि पति, सास, ससुर और देवर मिलकर नवविवाहिता को दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। इसके बाद पुलिस ने चारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने पति गिर्राज यादव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

  • वायरल ट्रेंड के पीछे छिपा खतरा, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम पर ऑनलाइन ठगी का नया खेल शुरू

    वायरल ट्रेंड के पीछे छिपा खतरा, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम पर ऑनलाइन ठगी का नया खेल शुरू

    नई दिल्ली ।सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने वाले ट्रेंड और डिजिटल अभियानों का प्रभाव युवाओं के बीच लगातार बढ़ता जा रहा है। लेकिन लोकप्रियता और उत्सुकता के इस दौर में साइबर अपराधी भी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। हाल के दिनों में एक वायरल डिजिटल ट्रेंड के नाम का इस्तेमाल कर साइबर ठगी का नया मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इसके बाद पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने की चेतावनी जारी की है।

    जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर कुछ संदिग्ध लिंक तेजी से प्रसारित किए जा रहे हैं। इन संदेशों में आकर्षक शब्दों और भावनात्मक अपील के जरिए लोगों को किसी डिजिटल अभियान या समूह से जुड़ने का निमंत्रण दिया जा रहा है। युवाओं को विशेष रूप से ध्यान में रखकर ऐसे संदेश तैयार किए जा रहे हैं ताकि वे उत्सुकतावश लिंक पर क्लिक कर दें।

    पुलिस का कहना है कि यह केवल एक साधारण लिंक नहीं बल्कि साइबर ठगी का हिस्सा हो सकता है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये कथित लिंक फिशिंग तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति इन पर क्लिक करता है, उसके मोबाइल या डिजिटल डिवाइस की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इसके जरिए निजी जानकारी, बैंकिंग विवरण, पासवर्ड और अन्य महत्वपूर्ण डेटा साइबर अपराधियों तक पहुंचने की आशंका बढ़ जाती है।

    साइबर विशेषज्ञों के अनुसार फिशिंग लिंक आज के समय में ऑनलाइन धोखाधड़ी का सबसे आम तरीका बनते जा रहे हैं। ये लिंक दिखने में सामान्य या भरोसेमंद लग सकते हैं, लेकिन इनके पीछे छिपा उद्देश्य लोगों की निजी जानकारी हासिल करना होता है। कई मामलों में ऐसे हमलों के जरिए बैंक खातों से रकम निकालने और डिजिटल पहचान के दुरुपयोग जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

    इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाला हर ट्रेंड या वायरल अभियान पूरी तरह सुरक्षित नहीं होता। कई बार लोकप्रिय विषयों का इस्तेमाल करके साइबर ठग लोगों की भावनाओं और उत्सुकता का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। यही कारण है कि पुलिस और साइबर एजेंसियां लगातार जागरूकता अभियान चला रही हैं।

    विशेषज्ञों का सुझाव है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करनी चाहिए। यदि कोई संदेश अत्यधिक आकर्षक, भावनात्मक या असामान्य वादा करता दिखाई दे तो सतर्क रहना आवश्यक है। इसके अलावा संदिग्ध संदेशों को आगे साझा करने से भी बचना चाहिए।

    डिजिटल दुनिया ने लोगों को जोड़ने के नए अवसर दिए हैं, लेकिन इसके साथ सतर्कता और जागरूकता भी उतनी ही जरूरी हो गई है। एक छोटी सी लापरवाही कई बार आर्थिक और व्यक्तिगत नुकसान का कारण बन सकती है। ऐसे में ऑनलाइन सुरक्षा नियमों का पालन करना आज की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है।