Author: bharati

  • अर्मेनिया में युद्ध के बीच फंसी उज्जैन की महिला पहलवान प्रियांशी प्रजापत सुरक्षित लौटीं, सीएम मोहन यादव ने किया त्वरित हस्तक्षेप

    अर्मेनिया में युद्ध के बीच फंसी उज्जैन की महिला पहलवान प्रियांशी प्रजापत सुरक्षित लौटीं, सीएम मोहन यादव ने किया त्वरित हस्तक्षेप

    नई दिल्ली। अर्मेनिया में आयोजित कुश्ती वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा लेने गई उज्जैन की प्रियांशी प्रजापत पिछले चार दिनों से युद्ध के कारण फंसी थीं। अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के चलते उनका दुबई के रास्ते भारत लौटना असंभव हो गया।

    इस मुश्किल समय में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहलवान से लाइव बातचीत कर उनकी सुरक्षित वापसी के लिए तुरंत कदम उठाए। सीएम के निर्देश और मध्यप्रदेश कुश्ती संघ के सहयोग से प्रियांशी को अर्मेनिया से तुर्की और कजाकिस्तान के मार्ग से भारत लाया गया। गुरुवार सुबह प्रियांशी देश लौट आईं और उनके परिवार व खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई।

    प्रियांशी मध्यप्रदेश की एकमात्र खिलाड़ी थीं जो इस विश्व चैम्पियनशिप में प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रही थीं। उनकी सुरक्षित वापसी ने राज्य सरकार के त्वरित और प्रभावी हस्तक्षेप की अहमियत को भी दर्शाया।

    इन हालात में उनके पिता ने मध्यप्रदेश कुश्ती संघ के अध्यक्ष नारायण यादव से संपर्क किया और मदद के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सूचित किया। मुख्यमंत्री ने तुरंत हस्तक्षेप किया और प्रियांशी से ऑनलाइन बातचीत कर उन्हें युद्ध के खतरनाक हालात में सुरक्षित मार्ग से लौटने का भरोसा दिया।

    सीएम के निर्देशों और मध्यप्रदेश कुश्ती संघ के सहयोग से प्रियांशी को अर्मेनिया से तुर्की और कजाकिस्तान के मार्ग से सुरक्षित भारत लाया गया। गुरुवार सुबह वे देश लौट आईं, और उनके परिवार, प्रशिक्षक और खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रियांशी की वापसी ने राज्य सरकार की तत्परता और संकट प्रबंधन क्षमता को उजागर किया।

    प्रियांशी इस चैम्पियनशिप में मध्यप्रदेश की एकमात्र प्रतिनिधि खिलाड़ी थीं। उनके साथियों और प्रशिक्षकों ने बताया कि यह उनका सपना था कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करें, लेकिन युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनाव ने उन्हें अचानक कठिनाई में डाल दिया। इस बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सक्रिय भूमिका और त्वरित निर्णय ने उनकी जान को सुरक्षित रखने में अहम योगदान दिया।

    प्रियांशी के सुरक्षित लौटने के बाद प्रदेश की खेल प्रतिष्ठा भी बढ़ी है। युवा खिलाड़ी और उनके परिवार ने मुख्यमंत्री और मध्यप्रदेश कुश्ती संघ को धन्यवाद दिया। इसके अलावा, इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय संकट में राज्य सरकार और खेल संस्थाएं मिलकर खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती हैं।

    प्रियांशी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह चार दिन उनके जीवन के सबसे तनावपूर्ण रहे। उन्होंने बताया कि दुबई और अर्मेनिया में युद्ध के कारण भय का माहौल था, लेकिन उन्हें विश्वास था कि मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारी उनकी मदद करेंगे। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ने मुझे व्यक्तिगत रूप से आश्वस्त किया और सही मार्ग से भारत लौटने में मदद की। यह अनुभव यादगार तो है, लेकिन काफी डराने वाला भी रहा।”

    इस घटना ने यह संदेश भी दिया कि खेल और खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए प्रशासनिक तत्परता बेहद जरूरी है। प्रियांशी अब सुरक्षित हैं और अपने परिवार के साथ हैं, जबकि मध्यप्रदेश सरकार की इस सक्रिय भूमिका को खेल जगत में सराहा जा रहा है।

  • करणवीर बोहरा के पिता और फिल्म प्रोड्यूसर महेंद्र बोहरा का निधन, तेजा और टक्कर जैसी फिल्मों के निर्माता रहे

    करणवीर बोहरा के पिता और फिल्म प्रोड्यूसर महेंद्र बोहरा का निधन, तेजा और टक्कर जैसी फिल्मों के निर्माता रहे


    नई दिल्ली। अएक्टर करणवीर बोहरा ने सोशल मीडिया के जरिए अपने पिता और जाने-माने फिल्म प्रोड्यूसर महेंद्र बोहरा के निधन की जानकारी दी। महेंद्र बोहरा हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से कई दशकों से जुड़े थे और उन्होंने तेजा, टक्कर, प्यार का कर्ज और लश्कर जैसी फिल्मों का निर्माण किया।

    करणवीर ने इंस्टाग्राम पोस्ट में अपने पिता को याद करते हुए लिखा, “लव यू डैड। मैंने आपको शब्दों से ज्यादा मिस करूंगा। आपने एक अच्छी और पूरी जिंदगी जी।” उन्होंने बताया कि उनके पिता हमेशा कहते थे कि इस दुनिया से शांति से और बिना किसी तकलीफ के जाना चाहिए, और महेंद्र बोहरा ने ऐसा ही किया।

    एक्टर ने आगे कहा कि उनके पिता ने उन्हें और उनकी बहन को हिम्मत, उम्मीद और मेहनत करना सिखाया। उन्होंने लिखा, आपने मुझे सिखाया कि चाहे हालात कितने भी मुश्किल हों, उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। गिरो तो दोबारा खड़े होना चाहिए। जिंदगी को जोश और पॉजिटिविटी के साथ जीना चाहिए।

    करणवीर ने अपने पिता के पेशेवर जीवन की भी तारीफ की और कहा कि महेंद्र बोहरा ने उन्हें सिखाया कि एक्टर और प्रोड्यूसर दोनों के तौर पर मेहनत और क्रिएटिविटी की अहमियत समझना चाहिए। उनके पिता ने हमेशा अच्छा व्यवहार करना और सपने देखने की प्रेरणा दी।

    महेंद्र बोहरा हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में रामकुमार बोहरा के बेटे के रूप में आए और कई बड़े सितारों जैसे नसीरुद्दीन शाह, संजय दत्त, सुनील शेट्टी और सोनाली बेंद्रे के साथ काम किया। उनकी फिल्में दर्शकों में हमेशा यादगार रही हैं।

  • एआई समिट के बाद भारत का बड़ा रणनीतिक कदम सेना में तेजी से शामिल हो रही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक

    एआई समिट के बाद भारत का बड़ा रणनीतिक कदम सेना में तेजी से शामिल हो रही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक

    नई दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2026 के बाद भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। रिपोर्ट के अनुसार भारत अब अपनी सशस्त्र सेनाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक को तेजी से शामिल कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य सेना को भविष्य के तकनीक आधारित युद्ध के लिए तैयार करना है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक किसी देश की सैन्य ताकत का आकलन उसकी सेना के आकार टैंकों की संख्या और मिसाइलों की मारक क्षमता के आधार पर किया जाता था। लेकिन बदलते दौर में युद्ध की रणनीति भी बदल रही है। आधुनिक युद्ध में अब सूचना हासिल करने की गति और तेजी से निर्णय लेने की क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है जितनी कि हथियारों की ताकत।

    रक्षा रणनीतिकार अक्सर OODA Loop का जिक्र करते हैं जिसका अर्थ है ऑब्जर्व ओरिएंट डिसाइड और एक्ट यानी स्थिति को देखना समझना फैसला लेना और तुरंत कार्रवाई करना। किसी भी सेना की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वह इन चार चरणों को कितनी तेजी से पूरा कर सकती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इसी प्रक्रिया को तेज और अधिक सटीक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    समिट के दौरान Strategic Forces Command ने एक नया स्वदेशी एआई टूल भी प्रस्तुत किया। बताया जा रहा है कि यह तकनीक भारत की सीमा निगरानी प्रणाली को काफी हद तक बदल सकती है। यह एआई सिस्टम सैटेलाइट तस्वीरों ड्रोन फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक डेटा का विश्लेषण करके सीमा क्षेत्रों में संभावित सैन्य गतिविधियों का पता लगाने में सक्षम है।

    रिपोर्ट के अनुसार यह सिस्टम Line of Actual Control के आसपास होने वाली गतिविधियों पर विशेष नजर रख सकता है। इसकी सटीकता लगभग 94 प्रतिशत बताई जा रही है। खास बात यह है कि यह टूल तंबू या सैन्य उपकरण जैसे स्पष्ट संकेत दिखाई देने से पहले ही संभावित सैन्य जमावड़े की पहचान कर सकता है।

    अधिकारियों के अनुसार इस तकनीक की मदद से सेना किसी भी असामान्य गतिविधि को शुरुआती चरण में ही पहचान सकती है और तेजी से प्रतिक्रिया दे सकती है। पहले जहां मानव विश्लेषकों को बड़ी मात्रा में डेटा का अध्ययन करने में अधिक समय लगता था वहीं एआई सिस्टम इस डेटा को तेजी से प्रोसेस करके रियल टाइम जानकारी उपलब्ध कराता है। इससे सैन्य कमांडरों को जमीन पर तनाव बढ़ने से पहले ही रणनीतिक फैसले लेने में मदद मिलती है।

    रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को धीरे धीरे सेना की तीनों शाखाओं में शामिल किया जा रहा है। भारतीय सेना में SAM-UN platform नामक एक सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है जिसके माध्यम से पुराने टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया जा रहा है।

    इन सैन्य प्लेटफॉर्मों में एआई आधारित फायर कंट्रोल सिस्टम जोड़े जा रहे हैं जिससे पुराने हथियार भी आधुनिक युद्धक्षेत्र में प्रभावी बने रह सकें। इससे नई सैन्य गाड़ियों की पूरी नई फ्लीट खरीदने की आवश्यकता भी कम हो सकती है और रक्षा संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक भारतीय सेना की रणनीति और युद्ध क्षमता को नई दिशा दे सकती है और सीमा सुरक्षा को पहले से अधिक मजबूत बना सकती है।

  • लारा दत्ता इमोशनल हुईं, बेटी के साथ दुबई में फंसीं: शूटिंग के दौरान धमाके और फाइटर जेट देखे

    लारा दत्ता इमोशनल हुईं, बेटी के साथ दुबई में फंसीं: शूटिंग के दौरान धमाके और फाइटर जेट देखे



    नई दिल्ली। एक्ट्रेस लारा दत्ता दुबई में अपनी बेटी सायरा के साथ वर्क ट्रिप पर थीं, जब अचानक वहां तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। लारा ने बताया कि 28 फरवरी को दुबई के एक स्टूडियो में शूटिंग के दौरान उन्हें ऊपर से तेज धमाके सुनाई दिए और आसमान में कई फाइटर जेट उड़ते दिखे। उन्होंने कहा कि हालात डराने वाले थे, लेकिन वह खुद को असुरक्षित महसूस नहीं कर रही थीं।

    लारा ने बताया कि धमाकों के समय उनका परिवार सुरक्षित विला में था, लेकिन खिड़कियां और दरवाजे हिल रहे थे। उन्होंने यूएई सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि वहां हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है और लोग अपने सामान्य कामों में लगे हुए हैं। लारा ने कहा कि फ्लाइट्स सीमित हैं, लेकिन वे मुंबई लौटने की कोशिश कर रहे हैं ताकि उनकी बेटी और अन्य लोग इस तनावपूर्ण स्थिति से सुरक्षित रहें।

    एक्ट्रेस ने यह भी कहा कि किसी भी आम नागरिक को डर के माहौल में जीने का अधिकार नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्थिति जल्द सामान्य होगी और सही फैसले लिए जाएंगे।

    इस बीच दुबई में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण कई उड़ानें रद्द हुईं और हजारों यात्री फंसे। लारा ने वीडियो में अपने अनुभव साझा किए और इमोशनल होते हुए कहा कि हालात पिछले कुछ दिनों में काफी तनावपूर्ण रहे।

  • सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन की शादी: सानिया चंडोक संग मुंबई में रचाई जोड़ी, अमिताभ, अंबानी, धोनी-द्रविड़ समेत सितारे हुए शामिल

    सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन की शादी: सानिया चंडोक संग मुंबई में रचाई जोड़ी, अमिताभ, अंबानी, धोनी-द्रविड़ समेत सितारे हुए शामिल


    नई दिल्ली। सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर और सानिया चंडोक की शादी का भव्य समारोह मुंबई में संपन्न हुआ। शादी के फेरे 3 मार्च को आयोजित किए गए, जिसमें बॉलीवुड और क्रिकेट की दुनिया के दिग्गज शामिल हुए। समारोह में अमिताभ बच्चन और उनकी पत्नी जया बच्चन ने शिरकत की, वहीं भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अपनी पत्नी साक्षी के साथ उपस्थित रहे।
    इसके अलावा राहुल द्रविड़, अनिल कुंबले, अजिंक्य रहाणे, सुरेश रैना और हरभजन सिंह जैसे दिग्गज क्रिकेटर्स भी समारोह में मौजूद रहे।

    अर्जुन तेंदुलकर और सानिया चंडोक के प्री-वेडिंग फंक्शन का आयोजन 27 फरवरी को गुजरात के जामनगर में अंबानी परिवार के घर हुआ था। अर्जुन और सानिया ने अगस्त 2025 में सगाई की थी। सानिया चंडोक ग्रैविस ग्रुप के चेयरमैन रवि घई की पोती हैं और मुंबई में मिस्टर पॉज पैट स्पा एंड स्टोर एलएलपी (Mr. Paws Pet Spa & Store LLP) की डायरेक्टर और पार्टनर हैं। यह संस्था 2022 में शुरू की गई थी और यह पालतू जानवरों की ग्रूमिंग, स्किनकेयर और उससे संबंधित सेवाएं प्रदान करती है।

    सानिया का परिवार, घई परिवार, हॉस्पिटैलिटी और फूड वर्ल्ड में जाना-माना नाम है। उनका इंटरकॉन्टिनेंटल होटल्स ग्रुप है, जिसकी मल्टीनेशनल वैल्यू 1.6 लाख करोड़ रुपए (18.43 बिलियन डॉलर) आंकी जाती है। इसके अलावा, चंडोक परिवार फेमस आइसक्रीम ब्रांड ब्रूकलिन क्रीमरी का भी मालिक है।

    शादी समारोह में शामिल हुए मेहमानों और क्रिकेट दिग्गजों ने अर्जुन और सानिया को बधाई दी। समारोह की भव्यता और फंक्शन के दौरान किए गए स्वागत और आयोजन ने इसे और भी यादगार बना दिया।

    इस शादी में क्रिकेट और बॉलीवुड की दुनिया की कई बड़ी हस्तियों का शामिल होना इसे मीडिया और फैंस के लिए खास बना रहा।

    अर्जुन तेंदुलकर, जो अपने पिता सचिन तेंदुलकर की तरह ही क्रिकेट से जुड़े हैं, और सानिया चंडोक की शादी ने मुंबई में और देशभर में फैंस और मीडिया का ध्यान खींचा। इस शादी के आयोजन से दोनों परिवारों के बीच रिश्तों की मजबूती और सामाजिक प्रतिष्ठा का भी पता चलता है।

    इस भव्य शादी समारोह ने क्रिकेट और बॉलीवुड प्रेमियों में खुशी और उत्साह का माहौल पैदा कर दिया। अर्जुन और सानिया की जोड़ी को शुभकामनाएं देते हुए सभी मेहमान और परिवारजन समारोह के हर पल का आनंद लेते नजर आए।

  • बिहार की राजनीति में नया मोड़ नीतीश कुमार सहित एनडीए के पांच उम्मीदवारों ने भरा राज्यसभा नामांकन

    बिहार की राजनीति में नया मोड़ नीतीश कुमार सहित एनडीए के पांच उम्मीदवारों ने भरा राज्यसभा नामांकन


    नई दिल्ली :बिहार की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने गुरुवार को राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। खास बात यह रही कि नामांकन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah भी मौजूद रहे। इस घटनाक्रम को बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसे संभावित राजनीतिक बदलाव के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
    नामांकन प्रक्रिया के दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस के पांचों दलों ने एक साथ अपना नामांकन पर्चा दाखिल किया। इनमें नीतीश कुमार के अलावा नितिन नबीन, रामनाथ ठाकुर, शिवेश कुमार राम और उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। सभी उम्मीदवार बिहार विधान सभा परिसर पहुंचे और राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया।

    नामांकन के दौरान अमित शाह की मौजूदगी ने इस प्रक्रिया को और भी राजनीतिक रूप से अहम बना दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम बिहार की आगामी राजनीतिक रणनीति से भी जुड़ा हो सकता है।

    इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि उन्होंने पटना में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से शिष्टाचार मुलाकात की। उन्होंने अपने संदेश में जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले दो दशकों से अधिक समय से बिहार की जनता ने उन पर भरोसा बनाए रखा है और उसी विश्वास के बल पर उन्होंने राज्य की सेवा पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ की है।

    अपने पोस्ट में नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि उनके संसदीय जीवन की शुरुआत से ही यह इच्छा रही है कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें। इसी भावना के तहत उन्होंने इस बार राज्यसभा का सदस्य बनने की इच्छा जताई है और चुनाव मैदान में उतरने का फैसला लिया है।

    गौरतलब है कि Election Commission of India ने 18 फरवरी को देश के 10 राज्यों में खाली हो रही 37 सीटों के लिए राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया था। इन सीटों पर चुनाव इसलिए कराए जा रहे हैं क्योंकि मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त होने वाला है।

    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक कराया जाएगा। इसके बाद उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे।

    नामांकन से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे जहां उन्होंने नीतीश कुमार से मुलाकात की। इस बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary सहित कई अन्य नेता भी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि इस दौरान राज्यसभा चुनाव के साथ साथ बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और आगे की रणनीति को लेकर भी चर्चा की गई।

  • पीएम मोदी ने फिनलैंड के राष्ट्रपति स्टब से की मुलाकात व्यापार तकनीक और रणनीतिक साझेदारी पर जोर

    पीएम मोदी ने फिनलैंड के राष्ट्रपति स्टब से की मुलाकात व्यापार तकनीक और रणनीतिक साझेदारी पर जोर

    नई दिल्ली :प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित Hyderabad House में Alexander Stubb के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और Finland के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने के साथ व्यापार निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की। बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों यानी एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए गए।

    बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि फिनलैंड के राष्ट्रपति के रूप में अपनी पहली भारत यात्रा पर आए अलेक्जेंडर स्टब का भारत में स्वागत करना उनके लिए सम्मान और खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि स्टब जैसे अनुभवी नेता का इस वर्ष आयोजित होने वाले Raisina Dialogue का मुख्य अतिथि बनना भी भारत के लिए गर्व की बात है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। Ukraine से लेकर West Asia तक कई क्षेत्रों में तनाव देखा जा रहा है। ऐसे समय में भारत और यूरोप के देशों के बीच सहयोग का एक नया दौर शुरू हो रहा है जो वैश्विक स्थिरता और विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।

    उन्होंने कहा कि भारत और फिनलैंड के बीच बढ़ता सहयोग साझा विकास और समृद्धि के नए अवसर पैदा कर रहा है। वर्ष 2026 की शुरुआत में दोनों देशों के बीच एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता भी हुआ है जिससे व्यापार निवेश और तकनीकी सहयोग को और मजबूती मिलेगी।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल तकनीक इंफ्रास्ट्रक्चर और सस्टेनेबिलिटी जैसे क्षेत्रों में भारत और फिनलैंड महत्वपूर्ण साझेदार बनकर उभर रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि Nokia के मोबाइल फोन और टेलीकॉम नेटवर्क ने करोड़ों भारतीयों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अलावा फिनलैंड के आर्किटेक्ट्स के सहयोग से Chenab River पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज बनाया गया है।

    उन्होंने यह भी बताया कि फिनलैंड के सहयोग से Numaligarh में दुनिया की सबसे बड़ी बायो एथेनॉल रिफाइनरी परियोजनाओं में से एक स्थापित की गई है। इन परियोजनाओं से दोनों देशों के बीच तकनीकी और औद्योगिक सहयोग को नई दिशा मिली है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति स्टब की इस यात्रा से भारत और फिनलैंड के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का नया स्वरूप मिलेगा। यह सहयोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लेकर 6जी टेलीकॉम तकनीक तक और क्लीन एनर्जी से लेकर क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे हाईटेक क्षेत्रों तक विस्तारित होगा।

    उन्होंने यह भी कहा कि भारत और फिनलैंड दोनों ही अंतरराष्ट्रीय कानून संवाद और कूटनीति में विश्वास रखते हैं। दोनों देशों का मानना है कि किसी भी वैश्विक विवाद का समाधान केवल सैन्य शक्ति से नहीं बल्कि बातचीत और सहयोग से ही संभव है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चाहे यूक्रेन का संकट हो या पश्चिम एशिया का तनाव भारत और फिनलैंड शांति और स्थिरता के हर प्रयास का समर्थन करते रहेंगे और आतंकवाद के सभी रूपों को समाप्त करने के लिए मिलकर काम करेंगे।

  • नर्मदापुरम में होली पर गाने को लेकर युवाओं की जमकर पिटाई, बोतलें भी फेंकी गईं

    नर्मदापुरम में होली पर गाने को लेकर युवाओं की जमकर पिटाई, बोतलें भी फेंकी गईं

    नर्मदापुरम नर्मदापुरम के अनाज मंडी परिसर में होली के दिन दो युवा गुटों के बीच हिंसक झगड़ा देखने को मिला। यह झगड़ा कैंटीन के सामने गाने बजाने को लेकर शुरू हुआ और कुछ ही देर में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक पक्ष द्वारा बजाए जा रहे गाने की आवाज दूसरे पक्ष को नागवार गुजरी, जिससे आपत्ति जताई गई और दोनों पक्षों के बीच तकरार बढ़ गई। कुछ ही समय में विवाद हिंसक रूप ले गया और युवाओं ने एक-दूसरे पर लात-घूसे बरसाना शुरू कर दिया।

    झगड़े के दौरान युवाओं ने कैंटीन परिसर में रखी खाली कांच की बोतलें भी फेंकीं, जिससे वहां मौजूद अन्य लोग डर के मारे भाग खड़े हुए। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों गुटों के युवाओं के बीच जमकर मारपीट होती दिखाई दे रही है। वीडियो में एक गुट का युवक दूसरे युवक को जमीन पर पटककर लात-घूसे मारता दिखाई दे रहा है।

    सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के आने पर झगड़ रहे एक पक्ष के युवक भाग निकले, जबकि दूसरे पक्ष के कुछ युवाओं को हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस को समय रहते सूचना दी, जिससे बड़ी घटना को टाला जा सका।

    प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गानों को लेकर होने वाला विवाद केवल एक छोटी बहस से शुरू हुआ, लेकिन होली के दौरान उत्साह और शराब के प्रभाव के चलते यह हिंसा में बदल गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और वीडियो व अन्य सबूतों के आधार पर फरार युवाओं की पहचान करने में जुट गई है।

    अनाज मंडी परिसर में हुए इस झगड़े से आसपास के व्यापारिक प्रतिष्ठान और कैंटीन में आए लोग भयभीत हो गए। उन्होंने कहा कि होली के दिन इस तरह की हिंसा समाज और सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। पुलिस ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच पलीता जमाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता बढ़ाई जाएगी।

    इस घटना ने नर्मदापुरम में होली के अवसर पर सुरक्षा की चुनौतियों को भी उजागर कर दिया है। अधिकारियों ने कहा कि हिंसा में शामिल युवाओं के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें गिरफ्तार कर मामले को गंभीरता से निपटाया जाएगा।

  • मामा कोचिंग मामा चलित अस्पताल और प्रतिभा सम्मान शिवराज सिंह चौहान ने जन्मदिन पर शुरू किए जनसेवा के नए अभियान

    मामा कोचिंग मामा चलित अस्पताल और प्रतिभा सम्मान शिवराज सिंह चौहान ने जन्मदिन पर शुरू किए जनसेवा के नए अभियान


    विदिशा :केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने अपने जन्मदिन के अवसर पर जनसेवा से जुड़े कई बड़े संकल्प लेने की घोषणा की है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण सेवा सहायता शिक्षा और प्रतिभा प्रोत्साहन जैसे पांच महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम करने का संकल्प लिया है। उनके संसदीय क्षेत्र Vidisha में इस दिन को प्रेम सेवा संकल्प दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।

    इस मौके पर शिवराज सिंह चौहान ने युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए मामा कोचिंग क्लासेस शुरू करने का फैसला किया है। इस पहल के तहत छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क और गुणवत्तापूर्ण तैयारी कराई जाएगी। शुरुआत में यह कोचिंग Vidisha के साथ साथ Raisen और Bhairunda से शुरू की जाएगी। यहां छात्रों को बैंकिंग एसएससी एमपीपीएससी डीआरडीओ और फॉरेस्ट सर्विस जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी ताकि ग्रामीण और छोटे शहरों के प्रतिभाशाली युवाओं को भी बेहतर अवसर मिल सकें।

    शिवराज सिंह चौहान ने अपने मंत्रालयों में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक नई परंपरा भी शुरू की है। उन्होंने कहा है कि सरकारी कार्यक्रमों में अब गुलदस्ते शाल और मोमेंटो की जगह पौधे भेंट किए जाएंगे। उनका मानना है कि उपहार देने के बजाय प्रकृति के लिए उपकार करना ज्यादा जरूरी है। इस अभियान के तहत पौधे लगाने वाले लोग क्यूआर कोड के माध्यम से अपनी फोटो पोर्टल पर अपलोड कर शिव वृक्ष मित्र बन सकेंगे।

    उन्होंने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से भी अपील की है कि इस बार उनके जन्मदिन पर कोई भी होर्डिंग शाल या बुके लेकर न आए। इसके बजाय अधिक से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए पृथ्वी सुरक्षित रह सके।

    इसके अलावा शिवराज सिंह चौहान ने अपने माता पिता की स्मृति में प्रेम सुंदर प्रतिभा सम्मान शुरू करने की घोषणा भी की है। इस योजना के तहत विदिशा लोकसभा क्षेत्र की आठों विधानसभाओं में कक्षा दसवीं और बारहवीं के टॉपर्स को सम्मानित किया जाएगा। प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को क्रमशः 51 हजार 31 हजार और 21 हजार रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी। साथ ही लोकसभा स्तर पर भी शीर्ष तीन विद्यार्थियों को विशेष पुरस्कार दिए जाएंगे।

    ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मामा चलित अस्पताल भी शुरू किए जाएंगे। इन मोबाइल अस्पतालों में आधुनिक जांच सुविधाएं और योग्य डॉक्टरों की टीम मौजूद रहेगी जो गांव गांव और दूरदराज के मजरे टोलों तक पहुंचकर लोगों को निशुल्क इलाज और परामर्श देगी। इन अस्पतालों का संचालन सांसद निधि और जनसहयोग से किया जाएगा।

    इसके साथ ही दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत क्षेत्र में दिव्यांग लोगों की पहचान कर उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल दी जा रही है ताकि उनकी रोजमर्रा की आवाजाही आसान हो सके और वे बिना किसी पर निर्भर हुए अपने काम कर सकें।

  • वेतन-पीएफ नहीं मिलने से भड़के आउटसोर्स कर्मचारी, सिवनी मालवा CHC में ज्ञापन देकर काम बंद करने की चेतावनी

    वेतन-पीएफ नहीं मिलने से भड़के आउटसोर्स कर्मचारी, सिवनी मालवा CHC में ज्ञापन देकर काम बंद करने की चेतावनी



    नई दिल्ली। सिवनी मालवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आउटसोर्स कर्मचारियों का गुस्सा चरम पर है। कर्मचारियों ने गुरुवार को मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) को ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने सितंबर माह से पीएफ और दिसंबर माह से वेतन न मिलने की शिकायत की। कर्मचारियों का आरोप है कि शिवा हांक कंपनी ने अभी तक उनका बकाया भुगतान नहीं किया है। उन्होंने बताया कि जब भी वे ठेकेदार से वेतन के संबंध में बात करते हैं, तो अभद्र भाषा का सामना करना पड़ता है। ठेकेदार का कथित जवाब है, “या तो पीएफ ले लो या सैलरी ले लो।” कर्मचारियों का कहना है कि वेतन न मिलने के कारण उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने पहले भी अपनी समस्याओं को लेकर बीएमओ को ज्ञापन दिया था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इस बार उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जब तक उनका बकाया वेतन और पीएफ का भुगतान नहीं किया जाता, वे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किसी भी प्रकार का कार्य नहीं करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ठेकेदार उनकी शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के अनुसार उचित मासिक वेतन नहीं दे रहा है, जिससे उनका जीवन यापन मुश्किल हो गया है।

    सिवनी मालवा के स्वास्थ्य केंद्र में आउटसोर्स कर्मचारियों का यह विरोध न केवल उनके व्यक्तिगत हित से जुड़ा है, बल्कि यह स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की सुचारू व्यवस्था पर भी असर डाल सकता है। कर्मचारियों का कहना है कि अगर प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो वे आंदोलन तेज कर सकते हैं और केंद्र में काम पूरी तरह से बंद कर देंगे। यह मामला मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और आउटसोर्सिंग नीति की गंभीरता को भी उजागर करता है।