Author: bharati

  • Winter Skincare Routine: सर्दियों में सुबह चेहरे पर क्या लगाने से त्वचा मुलायम और सुंदर होती है? स्किनकेयर में ये चीजें सबसे असरदार

    Winter Skincare Routine: सर्दियों में सुबह चेहरे पर क्या लगाने से त्वचा मुलायम और सुंदर होती है? स्किनकेयर में ये चीजें सबसे असरदार

    नई दिल्ली। सर्दियों में चेहरे को चमकदार, मुलायम और सुंदर बनाए रखने के लिए उसकी एक्ट्रा केयर करने की जरूरत होती है। कुछ लोग सोने से पहले स्किन केयर करते हैं, तो कुछ सुबह उठते ही चेहरे पर निखार लाने के लिए रोजाना कुछ चीजें अप्लाई करते हैं। ऐसे में कई लोगों में यह कंफ्यूजन रहती है कि आखिरकार सर्दियों में सुबह चेहरे पर क्या लगाने से स्किन मुलायम और सुंदर होती है? साथ ही यह भी जानना चाहते हैं कि सर्दियों में स्किनकेयर में कौन सी चीजें सबसे ज्यादा असरदार होती हैं? ऐसे में अपनी स्किन के हिसाब से आप नेचुरल, हर्बल या स्किन केयर प्रॉडक्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं, आइए जानें इसके बारे में।

    सबसे पहले चेहरे को साफ करें
    सुबह उठने के बाद सबसे पहले चेहरे को पानी से साफ करें। पानी बहुत ज्यादा ठंडा या गर्म नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही Hydrating face wash यूज करें। इसके बाद चेहरे पर गुलाबजल का स्प्रे करें। गुलाबजल चेहरे पर लगाने से नेचुरल ग्लो आता है।

    Vitamin C Serum लगाएं
    स्किन को ब्राइट और टाइट बनाने के लिए आप सुबह चेहरा धोने के बाद Vitamin C Serum लगा सकते हैं। इससे दाग-धब्ददबे कम होते हैं। इसके बाद मॉइस्चराइज़र लगाएं। नेचुरल चीजों का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो आप एलोवेरा जेल लगा सकते है। यह स्किन को अंदर से मॉइश्चराइज करता है। इसके उपयोग से स्किन सॉफ्ट भी बनी रहती है।
    Sunscreen लगाना सबसे जरूरी
    सर्दी के मौसम में अगर आप घर पर हैं तो ये न सोचें कि सनस्क्रीन लगाने की क्या जरूरत है। अपनी स्किन को लंबे समय तक जवान बनाए रखने के लिए आपको रोजाना इसे लगाना है। SPF 30–50 वाली सनस्क्रीन का चुनाव करें।

  • इंदौर में कोहराम पटेल ब्रिज के नीचे बस ने बाइक को मारी टक्कर आक्रोशित भीड़ ने बस को किया आग के हवाले

    इंदौर में कोहराम पटेल ब्रिज के नीचे बस ने बाइक को मारी टक्कर आक्रोशित भीड़ ने बस को किया आग के हवाले


    इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के व्यस्ततम इलाके पटेल ब्रिज के नीचे बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गईजब एक भीषण सड़क हादसे ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया। शुक्ला ब्रदर्स की एक तेज रफ्तार यात्री बस ने एक बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दीजिसके बाद मौके पर मौजूद गुस्साई भीड़ ने कानून को हाथ में लेते हुए बस में आग लगा दी। देखते ही देखते बस आग के गोले में तब्दील हो गई और काले धुएं का गुबार पूरे आसमान में छा गया।

    टक्कर के बाद भड़का जन-आक्रोश यह घटना सुबह करीब 9:30 बजे की हैजब छोटी ग्वालटोली क्षेत्र में पटेल ब्रिज के नीचे यातायात का भारी दबाव था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसारशुक्ला ब्रदर्स की बस ने बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत रही कि बाइक सवार को गंभीर चोटें नहीं आईंलेकिन इस हादसे ने वहां मौजूद लोगों के गुस्से को भड़का दिया। आरोप है कि चालक की लापरवाही से नाराज भीड़ ने बस को घेर लिया और उसमें आग लगा दी। आगजनी की आशंका इसलिए भी प्रबल है क्योंकि टक्कर के कुछ ही मिनटों बाद बस धू-धू कर जलने लगी थी।दमकल ने पाया काबूचालक मौके से फरार घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम और तुकोगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड के सब इंस्पेक्टर शोभाराम मालवीय ने बताया कि आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि दूर से ही दिखाई दे रही थीं। दमकलकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए एक टैंकर पानी की मदद से आग पर काबू पायालेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। हैरानी की बात यह रही कि आग लगने के दौरान बस का चालक मौके पर नहीं मिला आशंका है कि वह भीड़ के डर से वाहन छोड़कर भाग खड़ा हुआ।

    पुलिस की पड़ताल: दुर्घटना या साजिश? तुकोगंज थाना प्रभारी जितेंद्र यादव ने बताया कि बाइक सवार को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया हैजहाँ उसकी हालत खतरे से बाहर है। पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि बस में आग तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट से लगी या फिर इसे भीड़ ने जानबूझकर लगाया। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आगजनी करने वाले संदिग्धों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि यदि आगजनी की पुष्टि होती हैतो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यातायात हुआ बाधितलाखों का नुकसान ब्रिज के नीचे हुई इस घटना के कारण घंटों तक यातायात व्यवस्था चरमरा गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रूट को डायवर्ट किया और वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को निकाला। इस अग्निकांड में बस पूरी तरह नष्ट हो गई हैजिससे बस ऑपरेटर को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। फिलहालपुलिस बस चालक की तलाश कर रही है और बाइक सवार के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

  • ICC ODI रैंकिंग 2026: विराट कोहली बने नंबर एक, रोहित शर्मा तीसरे स्थान पर खिसके, मिचेल ने लिया नंबर दो

    ICC ODI रैंकिंग 2026: विराट कोहली बने नंबर एक, रोहित शर्मा तीसरे स्थान पर खिसके, मिचेल ने लिया नंबर दो


    नई दिल्ली। आईसीसी ने 2026 की पहली वनडे रैंकिंग जारी की है, जिसमें भारतीय क्रिकेट के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने फिर से शीर्ष स्थान हासिल कर अपने शानदार फॉर्म का सबूत दिया है। साल के पहले ही मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ 93 रनों की दमदार पारी खेलकर कोहली ने अपनी रेटिंग 785 तक बढ़ा दी और लंबे 1403 दिनों बाद आईसीसी वनडे रैंकिंग में नंबर एक बल्लेबाज बनने में सफल रहे। इस बदलाव के साथ ही न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल दूसरे नंबर पर हैं, जिनकी रेटिंग कोहली से केवल एक अंक कम यानी 784 है, जबकि रोहित शर्मा जो पहले शीर्ष स्थान पर थे, दो स्थान गिरकर तीसरे नंबर पर आ गए हैं।
    रोहित शर्मा ने साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ 29 गेंदों में 26 रन बनाए, जो उनके उच्च मानक के अनुसार कम साबित हुआ और इसके कारण उनकी रेटिंग 775 तक गिर गई। कोहली की लगातार पांच मैचों में 50 या उससे अधिक रन की पारी ने उन्हें इस बार नंबर एक की कुर्सी पर पहुँचाया। इस रैंकिंग से साफ होता है कि कोहली ने लंबे समय के बाद अपनी सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजी छवि लौटाई है और उनकी निरंतरता ने उन्हें फिर से वनडे क्रिकेट के शीर्ष खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है।
    आईसीसी की यह नई रैंकिंग न केवल खिलाड़ियों के प्रदर्शन का संकेत देती है, बल्कि आगामी मैचों और सीरीज के लिए उनके मनोबल और टीम की रणनीति पर भी प्रभाव डालती है। आने वाले मैचों में कोहली, रोहित और मिचेल जैसे बल्लेबाजों के प्रदर्शन के आधार पर रैंकिंग में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कोहली की यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए गर्व का विषय है और दर्शाती है कि वे अब भी दुनिया के टॉप बल्लेबाजों में अपनी जगह बनाए हुए हैं।
    इस रैंकिंग अपडेट ने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह भर दिया है, वहीं रोहित शर्मा के लिए चुनौती और बढ़ गई है कि वे पुनः शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए अपने खेल में सुधार करें। ऐसे समय में जब भारत और न्यूजीलैंड की सीरीज जारी है, खिलाड़ियों का हर प्रदर्शन सीधे उनकी रेटिंग और रैंकिंग पर असर डाल रहा है। कोहली की वापसी नंबर एक पर उनकी मेहनत, अनुभव और निरंतर उच्च प्रदर्शन का परिणाम है, जो उन्हें भारतीय क्रिकेट की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजी ताकत बनाता है।
  • सनातन धर्म की मुखर आवाज हर्षा रिछारिया का बड़ा फैसला, प्रचार कार्य से लिया पूर्ण विराम

    सनातन धर्म की मुखर आवाज हर्षा रिछारिया का बड़ा फैसला, प्रचार कार्य से लिया पूर्ण विराम


    ग्वालियर। अपनी ओजस्वी वाणी और प्रखर तर्कों के माध्यम से सोशल मीडिया पर सनातन धर्म का पक्ष रखने वाली चर्चित व्यक्तित्व हर्षा रिछारिया ने एक चौंकाने वाला फैसला लिया है। हर्षा ने घोषणा की है कि वह अब सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के कार्यों से विराम ले रही हैं। लंबे समय से हिंदुत्व और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को युवाओं तक पहुँचाने में सक्रिय रहीं हर्षा के इस निर्णय ने उनके लाखों प्रशंसकों को स्तब्ध कर दिया है।

    अचानक लिए गए निर्णय के पीछे के संकेत हर्षा रिछारिया ने अपने आधिकारिक माध्यमों से जानकारी साझा करते हुए बताया कि वह अब इस क्षेत्र से दूरी बना रही हैं। हालांकि उन्होंने इस फैसले के पीछे किसी एक विशिष्ट कारण का उल्लेख नहीं किया है लेकिन उनके इस कदम को उनके निजी जीवन और आत्ममंथन से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपनी इच्छा से यह विराम ले रही हैं और भविष्य में उनकी क्या योजनाएं हैं इस पर अभी सस्पेंस बना हुआ है।

    सोशल मीडिया पर रहा है गहरा प्रभाव गौरतलब है कि हर्षा रिछारिया ने बहुत कम समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई थी। उनके वीडियो और वक्तव्य अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होते थे जिनमें वे सनातन परंपराओं शास्त्रों और समसामयिक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखती थीं। उनके तर्कपूर्ण वीडियो के कारण ही वे युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हुईं। उनके इस विराम से उन लोगों में निराशा है जो उन्हें धर्म के एक सशक्त पक्षकार के रूप में देखते थे।

    क्या यह स्थाई विदाई है? हर्षा के इस फैसले के बाद इंटरनेट पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे उनकी निजी पसंद मान रहे हैं तो कुछ का मानना है कि वे किसी नए स्वरूप में वापसी कर सकती हैं। फिलहाल उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे अभी किसी भी प्रकार के सार्वजनिक प्रचार कार्य का हिस्सा नहीं रहेंगी। उनके समर्थकों ने उनके इस निर्णय का सम्मान करते हुए उनके सुखद भविष्य की कामना की है।

  • भोपाल-इंदौर हाईवे पर बड़ा हादसा: भौरी जोड़ के पास 3-4 कारों की भिड़ंत, 6 से अधिक लोग घायल

    भोपाल-इंदौर हाईवे पर बड़ा हादसा: भौरी जोड़ के पास 3-4 कारों की भिड़ंत, 6 से अधिक लोग घायल


    भोपाल । भोपाल-इंदौर हाईवे पर मंगलवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। भौरी जोड़ के पास तीन से चार कारों की आपस में जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें 6 से अधिक लोग घायल हो गए। हादसा इतना भीषण था कि कई वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और हाईवे पर कुछ समय के लिए ट्रैफिक पूरी तरह से ठप हो गया।
    घायलों को तुरंत घटनास्थल से एम्बुलेंस द्वारा नजदीकी अस्पताल भेजा गया जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की। घटना के बाद पुलिस ने ट्रैफिक को डायवर्ट किया जिससे सड़क पर लंबा जाम लग गया। पुलिस द्वारा स्थिति को नियंत्रित किया गया और यातायात को पुनः बहाल किया गया।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हादसा तेज रफ्तार या लेन बदलने की कोशिश के कारण हुआ हो सकता है। हालांकि पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है कि क्या हादसे का कारण ओवरस्पीडिंग लापरवाही या कोई अन्य वजह थी। हाईवे पर इस तरह के हादसे से यातायात प्रभावित होने के अलावा दुर्घटना में घायलों की बढ़ती संख्या ने सुरक्षा के मुद्दे को भी उजागर किया है। पुलिस और प्रशासन अब हादसे के कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए जरूरी कदम उठाने की योजना बना रहे हैं।

  • मध्य प्रदेश में सर्द हवाओं का सितम जारी, लेकिन कोहरे से मिली राहत, 15 से बदलेगा मौसम

    मध्य प्रदेश में सर्द हवाओं का सितम जारी, लेकिन कोहरे से मिली राहत, 15 से बदलेगा मौसम


    भोपाल। मध्य प्रदेश में ठंड का दौर लगातार जारी है, हालांकि पिछले कुछ दिनों की तुलना में कोहरे से लोगों को कुछ राहत मिली है। ज्यादातर इलाकों में आसमान साफ रहा और दिन में धूप निकलने से हल्की राहत महसूस की गई। भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में सुबह हल्का से मध्यम कोहरा देखने को मिला। उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं का असर प्रदेश के उत्तरी जिलों में ज्यादा दिखाई दे रहा है।
    मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा और धूप खिलने की संभावना है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में दिन के समय तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी होगी, लेकिन रात की ठंड बरकरार रहेगी। ग्वालियर-चंबल अंचल के साथ सागर और रीवा संभाग में सर्दी का असर अभी कम होने के आसार नहीं हैं।

    बुधवार सुबह ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में कोहरे के कारण दृश्यता प्रभावित रही। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सीहोर, शाजापुर, देवास समेत 15 से अधिक जिलों में विजिबिलिटी 2 से 4 किलोमीटर के बीच दर्ज की गई। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा। फिलहाल कहीं भी शीतलहर या कोल्ड डे का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    उत्तरी हिस्सों में कड़ाके की ठंड, ग्वालियर–कटनी रहे सबसे ठंडे
    प्रदेश के उत्तरी जिलों में बर्फीली हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान काफी नीचे चला गया है। मंगलवार रात ग्वालियर, छतरपुर का नौगांव और कटनी का करौंदी प्रदेश के सबसे ठंडे स्थान रहे। ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री, कटनी के करौंदी में 4.7 डिग्री, सतना के चित्रकूट में 5.3 डिग्री और नौगांव में 5.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कोहरे की वजह से रेल यातायात पर भी असर पड़ा और कई ट्रेनें देरी से चलीं। प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 5.8 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो में 6 डिग्री, दतिया में 6.2 डिग्री, मंडला और राजगढ़ में 6.4 डिग्री तथा रीवा में 6.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री, इंदौर में 9.5 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और जबलपुर में 9.5 डिग्री दर्ज हुआ।

    दिन में भी ठंड का असर
    मंगलवार को दिन के तापमान में भी खास बढ़ोतरी नहीं हो सकी। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 24.3 डिग्री, दतिया में 23.4 डिग्री और श्योपुर में 23.2 डिग्री रहा। पचमढ़ी में 21.8 डिग्री, खजुराहो में 23.4 डिग्री, नौगांव में 23.5 डिग्री, रीवा में 22.4 डिग्री, सीधी में 23 डिग्री, टीकमगढ़ और उमरिया में 24 डिग्री तथा मलाजखंड में 23 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    15 जनवरी से बदलेगा मौसम का मिजाज
    मौसम विभाग ने बताया कि 15 जनवरी से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से दो से तीन दिन बाद मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। खास तौर पर उत्तरी जिलों में मावठा गिरने की संभावना जताई गई है।

  • ग्वालियर: ड्यूटी से लौटकर युवक ने लगाया मौत को गले, सूने कमरे में फंदे से झूलती मिली लाश

    ग्वालियर: ड्यूटी से लौटकर युवक ने लगाया मौत को गले, सूने कमरे में फंदे से झूलती मिली लाश


    ग्वालियर। शहर के हजीरा थाना क्षेत्र में मंगलवार की शाम एक हृदयविदारक घटना सामने आई जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक 27 वर्षीय ऊर्जावान युवक जो कुछ ही घंटों पहले अपनी ड्यूटी पूरी कर घर लौटा था उसने अज्ञात कारणों के चलते अपने ही कमरे में फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। जब पिता ने कमरे का दरवाजा खोला तो सामने का मंजर देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। घर की खुशियाँ पल भर में मातम में बदल गईं और चीख-पुकार से पूरा मोहल्ला दहल उठा।

    सामान्य दिनचर्या और अचानक उठाया खौफनाक कदम मृतक की पहचान लाइन नंबर-8 निवासी राकेश दुरखरिया 27 के रूप में हुई है। राकेश एक निजी फर्म में नौकरी करता था और अपने परिवार का सहारा था। परिजनों के अनुसार मंगलवार का दिन भी अन्य दिनों की तरह सामान्य था। राकेश सुबह तैयार होकर काम पर गया और दिन भर मेहनत करने के बाद शाम को घर लौटा। घर आने के बाद उसने परिजनों से सामान्य बातचीत की और अपने कमरे में चला गया। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कमरे के बंद दरवाजे के पीछे वह मौत का रास्ता चुन लेगा।

    जब पिता ने देखा हृदयविदारक दृश्य काफी देर तक जब राकेश कमरे से बाहर नहीं आया और भीतर से कोई आहट नहीं हुई तो पिता को चिंता हुई। उन्होंने आवाज लगाई लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका में जब उन्होंने दरवाजा खोलकर भीतर झांका तो राकेश फंदे से लटका हुआ था। पिता की चीख सुनकर परिवार के अन्य सदस्य और पड़ोसी मौके पर दौड़े। आनन-फानन में उसे नीचे उतारा गया और नब्ज टटोली गई लेकिन तब तक राकेश की सांसें थम चुकी थीं।

    बिना सुसाइड नोट के उलझी गुत्थी सूचना मिलते ही हजीरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस को तलाशी के दौरान कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। राकेश के व्यवहार में भी हाल-फिलहाल कोई बदलाव नहीं देखा गया था जिससे आत्महत्या की वजह और भी रहस्यमयी हो गई है। पुलिस अब युवक के मोबाइल कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगाल रही है ताकि मौत के पीछे छिपे संभावित तनाव या कारणों का पता लगाया जा सके।

    सदमे में परिवार जांच जारी हजीरा थाना पुलिस का कहना है कि प्राथमिक तौर पर मामला आत्महत्या का ही नजर आ रहा है लेकिन बिना किसी पुख्ता सबूत के ठोस कारण बताना जल्दबाजी होगी। फिलहाल मर्ग कायम कर लिया गया है। परिजनों की स्थिति अभी बयान देने लायक नहीं है; उनके सामान्य होने पर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। क्या यह कदम किसी कार्यस्थल के दबाव आर्थिक तंगी या किसी निजी उलझन का परिणाम था यह जांच का मुख्य विषय है। इस घटना ने एक बार फिर युवाओं में बढ़ते मानसिक तनाव और अचानक लिए जाने वाले घातक फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।ग्वालियर के हजीरा थाना क्षेत्र में 27 वर्षीय निजी कर्मचारी राकेश दुरखरिया ने ड्यूटी से लौटने के बाद घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है जिससे मौत के कारण रहस्य बने हुए हैं। पुलिस मोबाइल और अन्य साक्ष्यों के जरिए मामले की जांच कर रही है।

  • National Army Day: ये बॉलीवुड फिल्में दर्शाती हैं भारतीय सेना के शौर्य और अदम्य साहस

    National Army Day: ये बॉलीवुड फिल्में दर्शाती हैं भारतीय सेना के शौर्य और अदम्य साहस



    नई दिल्ली। हर साल 15 जनवरी को भारत में आर्मी डे मनाया जाता है। यह दिन भारतीय सेना के अदम्य साहस, अनुशासन, सेवा और बलिदान को समर्पित होता है। इस अवसर पर देश अपने वीर जवानों को याद करता है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों तक की आहुति दे दी। भारतीय सेना की इसी वीरता और गौरव को बॉलीवुड ने समय-समय पर फिल्मों के ज़रिए बड़े पर्दे पर जीवंत किया है। ये फिल्में न सिर्फ इतिहास के स्वर्णिम पन्नों को सामने लाती हैं, बल्कि नई पीढ़ी में देशभक्ति और सम्मान की भावना भी जगाती हैं।

    भारतीय सेना के शौर्य की कहानी कहने वाली प्रमुख फिल्मों में ‘सैम बहादुर’ का नाम सबसे ऊपर आता है।

    यह फिल्म भारत के पहले फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ के जीवन और सैन्य सफर पर आधारित है। विक्की कौशल ने सैम मानेकशॉ की भूमिका को बेहद प्रभावशाली ढंग से निभाया है, जबकि सान्या मल्होत्रा और फातिमा सना शेख भी अहम भूमिकाओं में नजर आती हैं। मेघना गुलजार के निर्देशन में बनी इस फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे सैम मानेकशॉ ने चार दशकों तक भारतीय सेना की सेवा की और पांच युद्धों में भाग लिया। 1971 के भारत-पाक युद्ध में उनकी रणनीति और नेतृत्व ने भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश का गठन हुआ।
    वहीं, ‘शेरशाह’ फिल्म भारतीय सेना के जांबाज़ अधिकारी कैप्टन विक्रम बत्रा की वीरगाथा को पर्दे पर उतारती है। कारगिल युद्ध में उनके असाधारण साहस और बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी अभिनीत इस फिल्म में बत्रा के सैन्य जीवन के साथ-साथ उनके व्यक्तिगत संघर्ष और देश के प्रति समर्पण को भावनात्मक तरीके से दिखाया गया है। फिल्म ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया और आलोचकों से भी जमकर सराहना बटोरी।
    भारतीय नौसेना की बहादुरी को दर्शाने वाली फिल्म ‘द ग़ाज़ी अटैक’ भी आर्मी डे के मौके पर खास मानी जाती है। 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान पाकिस्तानी पनडुब्बी ग़ाज़ी के डूबने की ऐतिहासिक घटना पर आधारित इस फिल्म का निर्देशन संकल्प रेड्डी ने किया। राणा दग्गुबाती और के.के. मेनन की दमदार अदाकारी के साथ यह फिल्म समुद्री युद्ध की रणनीति और भारतीय नौसेना के साहस को प्रभावशाली ढंग से पेश करती है।

    साल 2019 में रिलीज़ हुई ‘उरी – द सर्जिकल स्ट्राइक’ आधुनिक भारतीय सैन्य इतिहास की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक है। यह फिल्म 2016 के उरी आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक पर आधारित है। विक्की कौशल, यामी गौतम, परेश रावल और मोहित रैना की शानदार परफॉर्मेंस ने फिल्म को खास बना दिया। आदित्य धार के निर्देशन में बनी यह फिल्म भारतीय सेना की त्वरित कार्रवाई, रणनीतिक क्षमता और साहस को रोमांचक अंदाज़ में दिखाती है।

    भारतीय वॉर फिल्मों की बात ‘बॉर्डर’ के बिना अधूरी है। जे.पी. दत्ता द्वारा निर्देशित यह फिल्म 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान हुई लोंगेवाला की ऐतिहासिक लड़ाई पर आधारित है।

    सनी देओल ने ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह चांदपुरी के किरदार में जान फूंक दी, जबकि जैकी श्रॉफ, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना और पुनीत इस्सर जैसे कलाकारों ने फिल्म को और मजबूती दी। ‘बॉर्डर’ आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित देशभक्ति फिल्मों में गिनी जाती है।

    कुल मिलाकर, ये सभी फिल्में भारतीय सेना की बहादुरी, बलिदान और देशभक्ति की भावना को मजबूती से दर्शाती हैं। आर्मी डे के मौके पर इन फिल्मों को देखना न सिर्फ एक श्रद्धांजलि है, बल्कि उन जवानों के प्रति सम्मान भी है जो दिन-रात देश की सुरक्षा में तैनात रहते हैं। बॉलीवुड ने इन कहानियों के ज़रिए मनोरंजन के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति की भावना को भी सशक्त किया है।

  • प्रयास विफल हो सकते हैं, प्रार्थना नहीं’-DK शिवकुमार की पोस्ट से सियासी हलचल तेज़

    प्रयास विफल हो सकते हैं, प्रार्थना नहीं’-DK शिवकुमार की पोस्ट से सियासी हलचल तेज़

    नई दिल्ली। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री DK शिवकुमार ने राज्य में सत्ता संघर्ष के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक अहम पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “प्रयास भले ही विफल हो जाये, लेकिन प्रार्थना विफल नहीं होती।” इस पोस्ट को राजनीतिक जानकार सियासी संदेश के रूप में देख रहे हैं। माना जा रहा है कि डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार हैं और यह पोस्ट उनके इंतजार और उम्मीद की झलक देती है।

    मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी खींचतान

    कर्नाटक में कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी खींचतान लगातार जारी है। वर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री DK शिवकुमार दोनों ही पार्टी आलाकमान के फैसले के इंतजार में हैं। सिद्धारमैया ने साफ कर दिया कि पार्टी आलाकमान ही अंतिम निर्णय करेगा। राजनीतिक विश्लेषक इसे सियासी संतुलन और फासलों को कम करने की रणनीति के तौर पर देख रहे हैं।

    राहुल गांधी से हुई अहम मुलाकात

    राज्य में चल रही सियासी चर्चाओं के बीच मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मैसुरु एयरपोर्ट पर DK शिवकुमार और CM सिद्धारमैया से अलग-अलग मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने दोनों नेताओं से राजनीतिक स्थिति और संभावित बदलाव पर चर्चा की। इस मुलाकात को सियासी अटकलों के बीच निर्णायक कदम माना जा रहा है।

    सोशल मीडिया पोस्ट का राजनीतिक महत्व

    DK शिवकुमार का ट्वीट सिर्फ एक उद्धरण नहीं बल्कि रणनीतिक संदेश माना जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि वह मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी उम्मीद नहीं छोड़ रहे हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह पोस्ट अपने समर्थकों को उत्साहित करने और मीडिया का ध्यान खींचने के लिए भी किया गया है।

    सिद्धारमैया ने सियासी अटकलों को खारिज किया

    मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी के निर्णय का सभी नेता पालन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अलाभकारी बदलावों और सत्ता फेरबदल की चर्चा केवल अफवाहें हैं। हालांकि, राहुल गांधी से हुई मुलाकात और DK शिवकुमार का ट्वीट इसे राजनीतिक मोड़ और भविष्य के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

    कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस में जारी सत्ता संघर्ष और सियासी खींचतान के बीच DK शिवकुमार का ट्वीट और राहुल गांधी से मुलाकात ने राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। सोशल मीडिया पोस्ट और निजी चर्चा से यह स्पष्ट होता है कि राज्य में सत्ता संरचना पर अभी भी निर्णायक फैसले बाकी हैं, और पार्टी आलाकमान की भूमिका इस समय सबसे अहम बनी हुई है।

  • Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 का शेड्यूल हुआ रिलीज, 10 टीमों के बीच होगी कड़ी टक्कर, जानें पूरी डिटेल्स

    Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 का शेड्यूल हुआ रिलीज, 10 टीमों के बीच होगी कड़ी टक्कर, जानें पूरी डिटेल्स

    नई दिल्ली।एशियाई खेल 2026 में क्रिकेट का रोमांच इस बार जापान में देखने को मिलेगा. एशियाई खेलों के आयोजकों ने रविवार को क्रिकेट टूर्नामेंट का शेड्यूल जारी किया, जिसमें मैच 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक खेले जाएंगे. जापान के आयाची-नागोया में आयोजित होने वाले इस आयोजन में क्रिकेट टूर्नामेंट की शुरुआत कुछ खेलों की तरह उद्घाटन समारोह से नौ दिन पहले ही होगी.

    महिला क्रिकेट के मुकाबलें कब खेले जाएंगे?

    महिला क्रिकेट प्रतियोगिता 17 सितंबर से शुरू होगी और मेडल मैच 22 सितंबर से खेले जाएंगे. इस प्रतियोगिता में कुल आठ टीमों की भागीदारी होगी, जिसमें भारत की टीम पिछले चैम्पियन के रूप में उतरेगी. महिला क्रिकेट टूर्नामेंट क्वार्टरफाइनल से सीधा नॉकआउट फॉर्मेट में होगा, यानी हर मैच में हारने वाली टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी.

    पुरुष क्रिकेट में 10 टीमों की चुनौती

    पुरुष क्रिकेट टूर्नामेंट 24 सितंबर से खेला जाना है, जबकि मेडल मैच 3 अक्टूबर से आयोजित होंगे. इसमें कुल 10 टीमों की भागीदारी होगी. यदि पुरुष प्रतियोगिता 2023 हांगझोउ एशियाई खेलों की तरह होती है, तो टॉप 4 सीड वाली टीमें सीधे क्वार्टरफाइनल में प्रवेश करेंगी. बाकी छह टीमें प्रारंभिक मुकाबले खेलकर चार क्वार्टरफाइनल टीमों का निर्धारण करेंगी.

    मैच का समय और लोकेशन

    सभी मैचों के दिन डबल-हेडर होंगे। सुबह का मैच स्थानीय समयानुसार 9 बजे शुरू होगा, जो भारतीय समयानुसार 5:30 बजे होगा. वहीं, दोपहर के मैच जापान में 2 बजे यानी भारतीय समयानुसार 10:30 बजे शुरू होंगे. सभी मैच आयाची प्रान्त के कोरोगी एथलेटिक पार्क में खेले जाएंगे.

    भारत की तैयारी और पिछला रिकॉर्ड

    2023 एशियन गेम्स में भारत की ओर से पुरुष और महिला दोनों वर्गों की टीमें शामिल होंगी. पुरुष टीम में युवा खिलाड़ियों को मौका दिया गया और कप्तानी ऋतुराज गायकवाड़ ने संभाली थी. टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नेपाल और बांग्लादेश को हराया और फाइनल बारिश के कारण रद्द होने पर रैंकिंग के आधार पर गोल्ड मेडल हासिल किया. इस बार भी भारत की टीम से इसी तरह का प्रदर्शन देखने को मिलने की उम्मीद है.

    2023 एशियन गेम्स के लिए भारत की टीम

    पुरुष टीम- ऋतुराज गायकवाड़ (कप्तान), यशस्वी जयसवाल, राहुल त्रिपाठी, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, शाहबाज अहमद, रवि बिश्नोई, आवेश खान, अर्शदीप सिंह, मुकेश कुमार, शिवम दुबे, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), आकाश दीप.

    महिला टीम: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शैफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेट-कीपर), अमनजोत कौर, देविका वैद्य, पूजा वस्त्रकार, टाइटस साधु, राजेश्वरी गायकवाड़, मिन्नू मणि, कनिका आहूजा, उमा छेत्री (विकेट-कीपर), अनुषा बरेड्डी.