Author: bharati

  • 2026 को लेकर भविष्यमालिका की भविष्यवाणी पर मचा बवाल: सोशल मीडिया दावों और वैश्विक हालातों के बीच बढ़ी चर्चा

    2026 को लेकर भविष्यमालिका की भविष्यवाणी पर मचा बवाल: सोशल मीडिया दावों और वैश्विक हालातों के बीच बढ़ी चर्चा



    नई दिल्ली। सोशल मीडिया और कुछ अनौपचारिक रिपोर्ट्स में भविष्यमालिका की कथित भविष्यवाणियों को लेकर 2026-27 के दौरान बड़े वैश्विक बदलाव, आर्थिक संकट और युद्ध जैसी स्थितियों के दावे किए जा रहे हैं। इन दावों को हाल के अंतरराष्ट्रीय हालात और महंगाई जैसी आर्थिक चुनौतियों से जोड़कर वायरल किया जा रहा है, लेकिन इनकी कोई वैज्ञानिक या आधिकारिक पुष्टि मौजूद नहीं है।

    वहीं भारत सरकार या प्रधानमंत्री की ओर से 2026 को लेकर सोने की खरीद, पेट्रोल-डीजल खर्च या घरेलू बचत जैसी किसी विशेष अपील का कोई आधिकारिक बयान सार्वजनिक रूप से जारी नहीं किया गया है। ऐसे दावे अक्सर सोशल मीडिया पर संदर्भ से हटकर फैलाए जाते हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बनती है।

    वर्तमान समय में दुनिया भर में महंगाई, ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव जरूर देखा जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इन्हें किसी “भविष्यवाणी” से जोड़कर देखना सही नहीं है। वैश्विक अर्थव्यवस्था और राजनीति पर असर ठोस नीतियों, युद्धों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर निर्भर करता है, न कि धार्मिक या पारंपरिक भविष्यवाणियों पर।

    विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि ऐसी भविष्यवाणियां अक्सर प्रतीकात्मक या आस्था पर आधारित होती हैं, जिनका उद्देश्य भविष्य की निश्चित भविष्यवाणी करना नहीं होता। इसलिए इन्हें वास्तविक घटनाओं के रूप में प्रस्तुत करना गलत सूचना को बढ़ावा दे सकता है।

    फिलहाल यह पूरा मामला सोशल मीडिया दावों, धार्मिक मान्यताओं और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों की चर्चाओं के बीच उलझा हुआ है, जिसकी सत्यता को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

  • फिक्स्ड डिपॉजिट में कमाई का सुनहरा मौका: छोटे बैंक दे रहे हाई इंटरेस्ट, ₹5 लाख निवेश पर शानदार रिटर्न

    फिक्स्ड डिपॉजिट में कमाई का सुनहरा मौका: छोटे बैंक दे रहे हाई इंटरेस्ट, ₹5 लाख निवेश पर शानदार रिटर्न


    नई दिल्ली ।अगर आप अपने पैसों को सुरक्षित जगह निवेश करके बेहतर रिटर्न की तलाश में हैं, तो फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD अभी भी एक भरोसेमंद विकल्प माना जा रहा है। खासकर स्मॉल फाइनेंस बैंक इस समय निवेशकों को आकर्षक ब्याज दरें ऑफर कर रहे हैं, जिससे आम लोगों के लिए यह एक लाभदायक निवेश विकल्प बनता जा रहा है।

    वर्तमान समय में कई स्मॉल फाइनेंस बैंक 8 प्रतिशत से भी अधिक ब्याज दर प्रदान कर रहे हैं। इनमें कुछ बैंक सीमित अवधि की FD पर बेहतर रिटर्न दे रहे हैं, जिससे कम समय में अच्छा फायदा उठाया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह विकल्प उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो बिना जोखिम के स्थिर आय चाहते हैं।

    उदाहरण के तौर पर यदि कोई निवेशक ₹5 लाख की FD करता है और उसे 8.10 प्रतिशत सालाना ब्याज दर मिलती है, तो तय अवधि के बाद उसे लगभग ₹78,000 से अधिक का ब्याज मिल सकता है। इस तरह कुल राशि बढ़कर ₹5.78 लाख के करीब पहुंच जाती है। यह गणना इस बात को दर्शाती है कि सही बैंक और सही अवधि का चुनाव निवेश को और अधिक फायदेमंद बना सकता है।

    विभिन्न स्मॉल फाइनेंस बैंक अलग-अलग अवधि पर अलग ब्याज दरें ऑफर कर रहे हैं। कुछ बैंक लगभग 666 दिनों की FD पर 8.10 प्रतिशत तक का रिटर्न दे रहे हैं, जबकि कुछ बैंक 30 महीने की अवधि पर समान दर प्रदान कर रहे हैं। वहीं कुछ अन्य बैंक 7.75 प्रतिशत से लेकर 7.80 प्रतिशत तक की ब्याज दरें 18 से 22 महीने की अवधि पर ऑफर कर रहे हैं।

    लंबी अवधि के निवेशकों के लिए भी विकल्प मौजूद हैं, जहां 3 से 5 साल की FD पर लगभग 7.77 प्रतिशत तक का ब्याज मिल रहा है। यह उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है जो लंबे समय तक अपने पैसे को सुरक्षित रखना चाहते हैं।

    हालांकि, निवेश से पहले सुरक्षा को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, स्मॉल फाइनेंस बैंक भारतीय रिजर्व बैंक के नियमन के तहत काम करते हैं और पूरी तरह से निगरानी में रहते हैं। इसके अलावा, इन बैंकों में ₹5 लाख तक की जमा राशि डिपॉजिट इंश्योरेंस के तहत सुरक्षित मानी जाती है, जिससे छोटे निवेशकों को अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है।

    विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि FD में निवेश करते समय केवल ब्याज दर ही नहीं, बल्कि अवधि और अपनी जरूरतों को भी ध्यान में रखना चाहिए। अगर भविष्य में ब्याज दरों में बदलाव की संभावना हो, तो छोटी अवधि की FD अधिक फायदेमंद हो सकती है, क्योंकि इससे निवेशक को समय-समय पर बेहतर विकल्प चुनने का अवसर मिलता है।

  • गूगल और एप्पल का बड़ा कदम: आरसीएस मैसेजिंग में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से बढ़ेगी यूजर्स की प्राइवेसी और सुरक्षा

    गूगल और एप्पल का बड़ा कदम: आरसीएस मैसेजिंग में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से बढ़ेगी यूजर्स की प्राइवेसी और सुरक्षा


    नई दिल्ली । डिजिटल कम्युनिकेशन की दुनिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां दो प्रमुख टेक कंपनियों ने मिलकर मैसेजिंग को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस नई पहल के तहत अब आरसीएस मैसेजिंग को एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के साथ पेश किया गया है, जिससे एंड्रॉइड और आईफोन दोनों यूजर्स के बीच होने वाली बातचीत पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित हो जाएगी।

    इस बदलाव के बाद यूजर्स द्वारा भेजे गए संदेश अब ट्रांसमिशन के दौरान किसी तीसरे पक्ष द्वारा पढ़े या एक्सेस नहीं किए जा सकेंगे। इसका सीधा अर्थ यह है कि बातचीत केवल भेजने वाले और प्राप्त करने वाले के बीच ही सीमित रहेगी, जिससे प्राइवेसी का स्तर काफी मजबूत हो जाएगा।

    इस नई सुविधा को धीरे-धीरे सभी समर्थित डिवाइसों पर लागू किया जा रहा है और इसे डिफॉल्ट रूप से सक्रिय रखने की व्यवस्था की गई है। इसका मतलब यह है कि यूजर्स को इसे अलग से ऑन करने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि यह खुद-ब-खुद सुरक्षित मोड में काम करेगा। बातचीत के दौरान एक विशेष आइकन भी दिखाई देगा, जिससे यह पता चलेगा कि चैट एन्क्रिप्टेड है।

    लंबे समय से मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस तकनीक को विकसित किया गया है, ताकि क्रॉस-प्लेटफॉर्म कम्युनिकेशन भी सुरक्षित रह सके। अब एंड्रॉइड और आईफोन यूजर्स बिना किसी चिंता के एक-दूसरे से बातचीत कर सकेंगे।

    इस तकनीकी बदलाव को मैसेजिंग सेक्टर में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है, क्योंकि अब तक अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर सुरक्षा मानक अलग-अलग थे। इस नई व्यवस्था के बाद एक समान और मजबूत सुरक्षा ढांचा तैयार किया गया है, जो सभी यूजर्स के लिए लाभदायक होगा।

    इस बीच यह भी बताया गया है कि कुछ मैसेजिंग सेवाओं ने अपने प्लेटफॉर्म पर पहले उपलब्ध एन्क्रिप्शन सुविधाओं में बदलाव किए हैं, जिससे प्राइवेसी को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। ऐसे माहौल में यह नई पहल यूजर्स के लिए भरोसे को बढ़ाने का काम कर सकती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में डिजिटल कम्युनिकेशन पूरी तरह सुरक्षित और प्राइवेसी-केंद्रित बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस तरह की तकनीकें न केवल व्यक्तिगत बातचीत को सुरक्षित बनाती हैं, बल्कि साइबर सुरक्षा के खतरे को भी काफी हद तक कम करती हैं।

  • बांदा: गजनी गांव में श्रीमद् भागवत कथा का पांचवां दिन सम्पन्न, रामाशीष महाराज ने बताया भक्ति और सत्कर्म का महत्व

    बांदा: गजनी गांव में श्रीमद् भागवत कथा का पांचवां दिन सम्पन्न, रामाशीष महाराज ने बताया भक्ति और सत्कर्म का महत्व




    नई दिल्ली। बांदा के तिंदवारी क्षेत्र के ग्राम गजनी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का पांचवां दिन श्रद्धा और भक्ति के माहौल में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर पूज्य रामाशीष महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए जीवन में भक्ति, धर्म और सत्कर्मों के महत्व पर प्रकाश डाला।

    उन्होंने कहा कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य भगवान की भक्ति और अच्छे कर्मों के माध्यम से मोक्ष की ओर अग्रसर होना है। कथा स्थल पर भजन-कीर्तन और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और आशीर्वाद प्राप्त किया।

    यह धार्मिक आयोजन श्री अशोक सिंह द्वारा किया जा रहा है, जिसमें क्षेत्र के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और आध्यात्मिक संदेशों से लाभान्वित हो रहे हैं।

  • सस्ते हवाई सफर का सुनहरा अवसर: Indigo ने लॉन्च किया ‘ग्रेट कनेक्शंस फेस्ट’, टिकट और एक्स्ट्रा सर्विस पर भारी छूट

    सस्ते हवाई सफर का सुनहरा अवसर: Indigo ने लॉन्च किया ‘ग्रेट कनेक्शंस फेस्ट’, टिकट और एक्स्ट्रा सर्विस पर भारी छूट


    नई दिल्ली । गर्मियों की छुट्टियों का सीजन शुरू होने से पहले हवाई यात्रियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। एयरलाइन कंपनी Indigo ने अपने यात्रियों के लिए एक विशेष ट्रैवल ऑफर लॉन्च किया है, जिसके तहत घरेलू और इंटरनेशनल कनेक्टिंग फ्लाइट्स पर आकर्षक छूट दी जा रही है। इस ऑफर का उद्देश्य यात्रियों को कम खर्च में सुविधाजनक और आरामदायक यात्रा का मौका देना है।

    नई योजना के तहत घरेलू कनेक्टिंग फ्लाइट्स के टिकट की शुरुआती कीमत 3999 रुपये रखी गई है, जबकि इंटरनेशनल यात्रा के लिए शुरुआती किराया 9999 रुपये तय किया गया है। यह ऑफर खासतौर पर उन यात्रियों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है, जो छुट्टियों के दौरान परिवार या दोस्तों के साथ यात्रा की योजना बना रहे हैं।

    एयरलाइन ने केवल टिकट किराए में ही राहत नहीं दी है, बल्कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई अतिरिक्त सेवाओं पर भी विशेष छूट की घोषणा की है। इसमें फास्ट फॉरवर्ड जैसी सेवाएं कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे एयरपोर्ट प्रक्रिया को तेज और आसान बनाया जा सके। इसके अलावा इमरजेंसी XL सीट्स भी रियायती दरों पर उपलब्ध होंगी, ताकि यात्रियों को ज्यादा आरामदायक सफर का अनुभव मिल सके।

    यह ऑफर केवल कनेक्टिंग फ्लाइट्स पर लागू किया गया है। यानी वे यात्री जो किसी गंतव्य तक पहुंचने के लिए एक से अधिक उड़ानों का इस्तेमाल करेंगे, उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। डायरेक्ट फ्लाइट्स को इस ऑफर में शामिल नहीं किया गया है।

    बुकिंग के लिए एक सीमित समय तय किया गया है, जिसके दौरान यात्री अपने टिकट रिजर्व कर सकते हैं। वहीं यात्रा की अवधि को भी कई महीनों तक रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका फायदा उठा सकें। एयरलाइन का मानना है कि इस पहल से यात्रियों को बजट फ्रेंडली यात्रा विकल्प मिलेगा और समर ट्रैवल सीजन में उनकी योजना बनाना आसान हो जाएगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि छुट्टियों के मौसम में यात्रा की मांग तेजी से बढ़ती है, ऐसे में एयरलाइन कंपनियां आकर्षक ऑफर के जरिए यात्रियों को लुभाने की कोशिश करती हैं। इस तरह की योजनाएं यात्रियों को पहले से यात्रा प्लान करने के लिए भी प्रेरित करती हैं।

    इसके साथ ही एयरलाइन ने बुकिंग प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और अन्य सुविधाजनक विकल्प भी उपलब्ध कराए हैं, जिससे यात्री घर बैठे आसानी से टिकट बुक कर सकें।

  • मिडिल ईस्ट संकट पर टिप्पणी बनी चर्चा का कारण, केजरीवाल के बयान पर विपक्ष और यूजर्स ने उठाए सवाल

    मिडिल ईस्ट संकट पर टिप्पणी बनी चर्चा का कारण, केजरीवाल के बयान पर विपक्ष और यूजर्स ने उठाए सवाल


    नई दिल्ली । देश की मौजूदा आर्थिक और वैश्विक परिस्थितियों को लेकर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय चर्चा का केंद्र बन गई जब आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अंतरराष्ट्रीय हालात पर टिप्पणी करते हुए एक ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक और सोशल मीडिया दोनों ही स्तर पर बहस छेड़ दी।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और मध्य पूर्व की स्थिति का उल्लेख करते हुए बार-बार “इराक-अमेरिका युद्ध” का जिक्र किया। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उनकी जानकारी को लेकर सवाल उठाए और कहा कि वर्तमान वैश्विक तनाव का संदर्भ अलग घटनाओं से जुड़ा है।

    इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रिया देखने को मिली, जहां इसे तथ्यात्मक त्रुटि के रूप में देखा गया। कई लोगों का कहना है कि इस तरह के संवेदनशील मुद्दों पर बयान देने से पहले पूरी जानकारी और तथ्यात्मक समझ होना जरूरी है, खासकर जब मामला अंतरराष्ट्रीय संबंधों और वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़ा हो।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने सरकार से देश की आर्थिक स्थिति को लेकर पारदर्शिता की मांग भी की। उन्होंने कहा कि जनता को यह बताया जाना चाहिए कि वर्तमान समय में अर्थव्यवस्था किस स्थिति में है और आने वाले समय में इसके क्या प्रभाव हो सकते हैं। उनका कहना था कि देश के सामने आने वाली चुनौतियों को छुपाया नहीं जाना चाहिए, बल्कि स्पष्ट रूप से साझा किया जाना चाहिए।

    उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि सरकार की ओर से कठोर आर्थिक कदम उठाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है, तो इसके पीछे वास्तविक कारण क्या हैं और इसका सबसे अधिक प्रभाव किन वर्गों पर पड़ेगा। उन्होंने मध्यम वर्ग पर पड़ने वाले संभावित दबाव को लेकर भी चिंता जताई।

    हालांकि, उनके भाषण का बड़ा हिस्सा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और आर्थिक प्रभावों पर केंद्रित था, लेकिन इराक-अमेरिका संबंधी संदर्भ के बार-बार उल्लेख ने पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस की दिशा बदल दी। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई और कई लोगों ने इसे तथ्यात्मक रूप से गलत बताया।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सार्वजनिक मंचों पर दिए गए बयानों का प्रभाव व्यापक होता है और ऐसे में किसी भी अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर टिप्पणी करते समय सावधानी और सटीक जानकारी बेहद जरूरी होती है। खासकर जब मुद्दा वैश्विक राजनीति और आर्थिक स्थिरता से जुड़ा हो, तो गलत संदर्भ से विवाद और भ्रम दोनों पैदा हो सकते हैं।

  • महोबा में शादी की खुशियां मातम में बदलीं: ट्रक ने दुल्हन के दो भाइयों को रौंदा, मौके पर दर्दनाक मौत

    महोबा में शादी की खुशियां मातम में बदलीं: ट्रक ने दुल्हन के दो भाइयों को रौंदा, मौके पर दर्दनाक मौत


    नई दिल्ली। महोबा के पसवारा गांव के पास तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को रौंद दिया, जिससे दुल्हन के सगे भाई और ममेरे भाई की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। दोनों युवक शादी समारोह के लिए जनरेटर में डीजल लेने जा रहे थे, तभी यह भीषण हादसा हो गया।

    जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश के प्रकाश बम्हौरी गांव निवासी संतोष प्रजापति की बेटी की शादी की तैयारियां चल रही थीं। हमीरपुर के देव गांव से बारात आनी थी और घर में रस्में पूरी हो रही थीं। इसी दौरान दुल्हन का भाई रामनरेश (22) और उसका ममेरा भाई नवाब (19) बाइक से डीजल लेने महोबा जा रहे थे।

    पसवारा गांव के पास पहुंचते ही तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रामनरेश दूर जा गिरा, जबकि नवाब ट्रक के पहियों में फंस गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चालक ने वाहन रोकने के बजाय रफ्तार और बढ़ा दी, जिससे नवाब सड़क पर घिसटता हुआ बुरी तरह कुचल गया।

    हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार ने आरोपी चालक पर सख्त कार्रवाई और आर्थिक सहायता की मांग की है।

    सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, ट्रक को कब्जे में लेकर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।

  • आगरा में यमुना हादसा: घाट पर नहाने उतरे छह युवक-युवतियां और किशोर डूबे, चार की मौत से मचा कोहराम

    आगरा में यमुना हादसा: घाट पर नहाने उतरे छह युवक-युवतियां और किशोर डूबे, चार की मौत से मचा कोहराम

    नई दिल्ली। आगरा के बल्केश्वर घाट पर मंगलवार सुबह यमुना नदी में नहाने के दौरान बड़ा हादसा हो गया, जिसमें छह युवक-युवतियां और एक किशोर डूब गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से पांच लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन इलाज के दौरान तीन की मौत हो गई, जबकि दो घंटे की मशक्कत के बाद किशोर का शव भी बरामद हुआ।

    जानकारी के अनुसार, तेज गर्मी के चलते सभी लोग यमुना में नहाने उतरे थे, तभी अचानक गहरे पानी में चले जाने से एक के बाद एक सभी डूबने लगे। घाट पर मौजूद लोगों ने शोर मचाकर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।

    रेस्क्यू टीम ने कड़ी मेहनत के बाद पांच लोगों को बाहर निकाला और उन्हें एसएन अस्पताल भेजा गया, जहां कान्हा, महक और रिया की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं 11 वर्षीय विक्की का शव बाद में यमुना से बरामद किया गया।

    घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सबसे दर्दनाक दृश्य तब सामने आया जब विक्की का शव बाहर निकाला गया और उसके पिता बिलख पड़े। उन्होंने बताया कि चार बेटियों के बाद बड़ी मन्नत से मिला एक बेटा भी हादसे में खो दिया।

    डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।

  • भारत ने दिखाई आर्थिक मजबूती की मिसाल: संकट के समय भी लगातार आगे बढ़ रही अर्थव्यवस्था, बोले पीयूष गोयल

    भारत ने दिखाई आर्थिक मजबूती की मिसाल: संकट के समय भी लगातार आगे बढ़ रही अर्थव्यवस्था, बोले पीयूष गोयल


    नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर चल रहे आर्थिक और भू-राजनीतिक संकटों के बीच भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती दिखा रही है। इसी संदर्भ में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत ने हर चुनौती के समय खुद को पहले से अधिक मजबूत बनाकर दुनिया के सामने एक भरोसेमंद अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित किया है।

    नई दिल्ली में आयोजित एक बड़े बिजनेस समिट को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत की आर्थिक नींव स्थिर और मजबूत बनी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के विभिन्न देश अब भारत की क्षमता और स्थिरता पर अधिक विश्वास जता रहे हैं, जो देश की बढ़ती आर्थिक ताकत का संकेत है।

    उन्होंने अपने संबोधन में यह स्पष्ट किया कि केवल सरकार के प्रयासों से आर्थिक प्रगति संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए उद्योग जगत, व्यापार क्षेत्र और आम नागरिकों के बीच मजबूत सहयोग आवश्यक है। उनका मानना है कि जब सभी हिस्से मिलकर काम करते हैं, तभी देश की आर्थिक गति और अधिक मजबूत होती है।

    पीयूष गोयल ने भारतीय उद्योगों से यह भी अपील की कि वे घरेलू आपूर्तिकर्ताओं और स्थानीय उत्पादन को प्राथमिकता दें। उनके अनुसार, बदलते वैश्विक माहौल में आत्मनिर्भरता केवल एक नीति नहीं बल्कि आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी औद्योगिक क्षमता को भीतर से मजबूत करना होगा, ताकि बाहरी निर्भरता कम हो सके।

    उन्होंने अंतरराष्ट्रीय उदाहरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि कई विकसित देश अपने घरेलू उद्योगों को प्राथमिकता देकर मजबूत औद्योगिक नेटवर्क तैयार कर चुके हैं। भारत को भी इसी दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है, जहां उद्योग एक-दूसरे का समर्थन करें और देश के भीतर मजबूत सप्लाई चेन विकसित हो।

    मंत्री ने यह भी कहा कि आज की परिस्थितियों में सामान्य व्यापारिक सोच से आगे बढ़ने की जरूरत है। वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए भारत को अपनी रणनीति को और अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना होगा। उनका कहना था कि यह केवल एक विकल्प नहीं बल्कि भविष्य की जरूरत है।

    उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत की आर्थिक मजबूती केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस विश्वास का परिणाम है जो दुनिया अब भारत पर जता रही है। विभिन्न वैश्विक चुनौतियों के बावजूद देश ने उत्पादन, निवेश और विकास के क्षेत्र में लगातार प्रगति दिखाई है।

  • महोबा में युवती ने सल्फास खाकर दी जान देने की कोशिश, हालत गंभीर, हायर सेंटर रेफर

    महोबा में युवती ने सल्फास खाकर दी जान देने की कोशिश, हालत गंभीर, हायर सेंटर रेफर


    नई दिल्ली। महोबा कोतवाली क्षेत्र के पचपहरा गांव में एक 23 वर्षीय युवती द्वारा सल्फास का सेवन कर आत्महत्या का प्रयास करने का मामला सामने आया है। गंभीर हालत में परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया।

    जानकारी के अनुसार, वीरसिंह की पुत्री पिंकी यादव ने यह कदम उठाया, हालांकि उसने ऐसा क्यों किया, इस बारे में अभी स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। परिजनों ने भी घटना के पीछे की वजह बताने से इनकार कर दिया है, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है।

    अस्पताल प्रशासन के मुताबिक युवती की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उसे विशेषज्ञ उपचार की जरूरत है। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है।

    कोतवाली प्रभारी मनीष पांडेय ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। फिलहाल कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।