Author: bharati

  • मनासा कोर्ट के बाहर बवाल: दो गुटों में जमकर पत्थरबाजी, वीडियो आया सामने

    मनासा कोर्ट के बाहर बवाल: दो गुटों में जमकर पत्थरबाजी, वीडियो आया सामने


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के नीमच जिले के मनासा नगर में सोमवार शाम कोर्ट परिसर के बाहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब वैवाहिक विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर जमकर पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे मुख्य मार्ग पर दहशत का माहौल बन गया।

    घटना के बाद मौके पर मौजूद दुकानदारों ने तुरंत अपने शटर गिरा दिए, जबकि राहगीर जान बचाकर इधर-उधर भागते नजर आए। कुछ ही देर में पूरी सड़क रणभूमि जैसी स्थिति में बदल गई।

    यह विवाद ग्राम मालाहेड़ा निवासी एक युवती के विवाह से जुड़ा बताया जा रहा है, जो चार साल पहले सावन कुंड क्षेत्र में हुआ था। आरोप है कि ससुराल पक्ष युवती को अपने साथ रखने से मना कर रहा था, जिससे मामला कोर्ट तक पहुंचा। इसी मामले में युवती का मामा सोमवार को मनासा कोर्ट पहुंचा था, जहां दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद बढ़ गया।

    देखते ही देखते कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और पत्थरबाजी शुरू हो गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर पत्थर फेंकते दिखाई दे रहे हैं।

    सूचना मिलते ही थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें से चार को एसडीएम कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया।

    एसडीएम किरण आंजना ने साफ कहा कि सार्वजनिक स्थान पर हिंसा और शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मामले में क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली गई है और दोनों पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस के अनुसार, इस घटना में शामिल विभिन्न गांवों के लोगों की पहचान कर ली गई है और आगे की जांच की जा रही है। फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।

  • पाकिस्तान पर ईरानी विमान छिपाने के आरोप से मचा अंतरराष्ट्रीय विवाद, अमेरिका रिपोर्ट से बढ़ा तनाव, इस्लामाबाद ने किया खंडन

    पाकिस्तान पर ईरानी विमान छिपाने के आरोप से मचा अंतरराष्ट्रीय विवाद, अमेरिका रिपोर्ट से बढ़ा तनाव, इस्लामाबाद ने किया खंडन



    नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और सीजफायर से जुड़े हालात के बीच पाकिस्तान को लेकर एक नई अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया है। CBS न्यूज की रिपोर्ट में दावा किया गया कि ईरान के कुछ सैन्य विमान सीजफायर के बाद पाकिस्तान के रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस पर पहुंचे थे, जिनमें खुफिया और निगरानी से जुड़े विमान भी शामिल बताए गए। हालांकि इन दावों की किसी भी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है।

    रिपोर्ट सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की भूमिका को लेकर सवाल उठे, लेकिन पाकिस्तान ने इन सभी आरोपों को सख्ती से खारिज कर दिया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि नूर खान एयरबेस पर ईरानी विमानों को “छिपाने” या “संरक्षण देने” जैसे दावे पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन हैं।

    पाकिस्तान की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सीजफायर के बाद क्षेत्रीय शांति प्रयासों के तहत कुछ बातचीत और कूटनीतिक गतिविधियां जरूर हुईं, लेकिन इसका किसी तरह के सैन्य विमान छिपाने या विशेष अनुमति से कोई संबंध नहीं है। मंत्रालय ने इसे “सनसनी फैलाने वाली और अटकलों पर आधारित रिपोर्ट” बताया।

    पाकिस्तान ने यह भी कहा कि वह इस पूरे मामले में एक जिम्मेदार और निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और सभी पक्षों के साथ पारदर्शी संवाद बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करने के लिए इस तरह की अपुष्ट खबरें फैलाई जा रही हैं।

    इस पूरे मामले में अब तक किसी भी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय संस्था या सरकार की ओर से इन दावों की पुष्टि नहीं की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सूचना युद्ध और राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, जिससे अपुष्ट खबरें तेजी से फैल रही हैं।

    फिलहाल यह मामला मीडिया रिपोर्ट्स, राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और कूटनीतिक खंडनों के बीच उलझा हुआ है और इसकी वास्तविक सच्चाई को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।

  • पूर्व विधायक पर जमीन कब्जे के आरोप निकले बेबुनियाद, प्रशासन ने की साफ पुष्टि

    पूर्व विधायक पर जमीन कब्जे के आरोप निकले बेबुनियाद, प्रशासन ने की साफ पुष्टि


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले की पृथ्वीपुर तहसील में पूर्व विधायक Shishupal Yadav पर लगे जमीन कब्जे के आरोपों को प्रशासन ने पूरी तरह निराधार बताया है। यह विवाद 9 मई को हुए एक सीमांकन प्रकरण से जुड़ा है, जिसके बाद 10 मई को वायरल वीडियो सामने आने से मामला सुर्खियों में आ गया था।
    तहसीलदार द्वारा मंगलवार को जारी स्पष्टीकरण में कहा गया कि सीमांकन की पूरी कार्रवाई तत्कालीन एसडीएम के आदेश पर और नियमानुसार की गई थी। यह प्रक्रिया प्रकरण क्रमांक 0025/अ-74/2025-26 के तहत की जा रही थी, जिसमें खसरा नंबर 612/4/1 की लगभग 245 आरे भूमि का सीमांकन शामिल था।
    जानकारी के अनुसार, इस प्रक्रिया के दौरान दोनों पक्षों के प्रतिनिधि मौके पर मौजूद थे, लेकिन पूर्व विधायक शिशुपाल यादव वहां उपस्थित नहीं थे। जैसे ही सीमा चिन्ह लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई, कुछ लोगों ने इसका विरोध किया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई थी।
    किसानों की ओर से लगाए गए आरोपों में कहा गया था कि जमीन पर जबरन कब्जा कराया जा रहा है और हाईकोर्ट के स्टे का उल्लंघन किया जा रहा है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की मौके पर कोई पुष्टि नहीं हुई और न ही किसी प्रकार का कब्जा या धमकी जैसी स्थिति पाई गई।
    तहसीलदार ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित खसरा भूमि एकल स्वामित्व वाली है और इसका हाईकोर्ट में चल रहे अन्य मामलों से कोई संबंध नहीं है। पहले इस भूमि का स्वामित्व अलग व्यक्ति के पास था, बाद में नामांतरण के बाद पूर्व विधायक का नाम दर्ज हुआ।
    प्रशासन के अनुसार सीमांकन के समय खेत में फसल कट चुकी थी और मौके पर किसी भी तरह की खेती या कब्जे की स्थिति नहीं पाई गई। केवल सीमा चिन्ह लगाने का विरोध किया गया था। अब प्रशासन की इस सफाई के बाद मामला शांत होने की बजाय राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया है, जहां दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं।

  • पन्ना में जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप, दो पक्षों में जमकर मारपीट और कुल्हाड़ी से हमला

    पन्ना में जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप, दो पक्षों में जमकर मारपीट और कुल्हाड़ी से हमला


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के शाहनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बीजाखेड़ा में मंगलवार को जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पिछले कई दिनों से चल रहे आपसी विवाद के चलते दो पक्ष आमने-सामने आ गए और मामला मारपीट तक पहुंच गया।
    जानकारी के अनुसार, यह विवाद सुमन चौधरी और काशीराम चौधरी के परिवारों के बीच पिछले लगभग आठ दिनों से चल रहा था। मंगलवार को दीवार गिराने को लेकर दोनों पक्षों में फिर से कहासुनी शुरू हुई, जो धीरे-धीरे हिंसक झड़प में बदल गई।
    इस दौरान लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी का जमकर इस्तेमाल किया गया। झड़प में सुमन चौधरी के हाथ में कुल्हाड़ी लगने से गंभीर चोट आई, जबकि दूसरे पक्ष के काशीराम चौधरी के सिर पर डंडे से वार किया गया, जिससे वे भी घायल हो गए।
    घटना की सूचना मिलते ही शाहनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दोनों घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका प्राथमिक उपचार और मेडिकल परीक्षण किया गया।
    पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और पूरे विवाद की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि विवाद का मूल कारण जमीन और सीमा पर बनी दीवार को लेकर चल रहा मतभेद था।
    फिलहाल गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस सतर्क है और मामले पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
  • ईरान-पाकिस्तान विमान विवाद से मचा भू-राजनीतिक तूफान: अमेरिका में बढ़ी हलचल, पाकिस्तान ने किया दावों का खंडन

    ईरान-पाकिस्तान विमान विवाद से मचा भू-राजनीतिक तूफान: अमेरिका में बढ़ी हलचल, पाकिस्तान ने किया दावों का खंडन



    नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण हालात के बीच पाकिस्तान को लेकर सामने आए कुछ मीडिया दावों ने अंतरराष्ट्रीय बहस को और तेज कर दिया है। CBS न्यूज सहित कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि संघर्षविराम के बाद ईरान के कुछ सैन्य विमान पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस (रावलपिंडी) पर देखे गए थे, जिनमें निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने वाले विमान भी शामिल बताए गए। हालांकि इन दावों की किसी भी स्वतंत्र या सरकारी स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है।

    रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि ईरान ने अपने कुछ सैन्य संसाधनों को संभावित हमलों से बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया हो सकता है, लेकिन पाकिस्तान में उनकी मौजूदगी को लेकर स्पष्ट सबूत सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इसी वजह से यह मामला अभी भी विवाद और अटकलों के घेरे में है।

    इस बीच अमेरिका में राजनीतिक प्रतिक्रिया भी देखने को मिली। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने सोशल मीडिया पर कहा कि अगर ये रिपोर्ट सही साबित होती है तो पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका और उसके अंतरराष्ट्रीय रिश्तों पर पुनर्विचार जरूरी होगा। हालांकि यह बयान भी एक राजनीतिक प्रतिक्रिया है, न कि किसी आधिकारिक जांच का परिणाम।

    पाकिस्तान सरकार ने इन सभी आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज किया है। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि नूर खान एयरबेस एक संवेदनशील और कड़ी निगरानी वाला सैन्य ठिकाना है, जहां किसी भी तरह के विदेशी सैन्य विमानों की गुप्त मौजूदगी संभव नहीं है। पाकिस्तान ने इन रिपोर्ट्स को “बिना आधार वाली और भ्रामक” बताया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा अमेरिका-ईरान तनाव के दौर में क्षेत्रीय देशों को लेकर कई तरह की अपुष्ट खबरें और दावे सामने आ रहे हैं, जिनका उद्देश्य राजनीतिक दबाव बनाना या रणनीतिक संदेश देना भी हो सकता है। ऐसे मामलों में केवल आधिकारिक और प्रमाणित सूचनाओं पर ही भरोसा करना उचित माना जाता है।

    फिलहाल यह पूरा मुद्दा मीडिया रिपोर्ट्स, राजनीतिक बयानों और कूटनीतिक खंडनों के बीच फंसा हुआ है, और इसकी वास्तविकता को लेकर स्पष्ट स्थिति अभी तक सामने नहीं आई है।

  • CMO की सख्ती: सड़क पर उतरी टीम, शहरवासियों को दिलाई सफाई की शपथ

    CMO की सख्ती: सड़क पर उतरी टीम, शहरवासियों को दिलाई सफाई की शपथ


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के रायसेन नगर में स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत नगर पालिका ने सफाई व्यवस्था को लेकर सख्त अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में मंगलवार सुबह मुख्य नगर पालिका अधिकारी Surekha Jatav के नेतृत्व में टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की।
    निरीक्षण के दौरान सुबह करीब 9:30 बजे मुख्य मार्ग स्थित एक होंडा शोरूम के सामने कर्मचारियों द्वारा सड़क पर कचरा फेंका हुआ पाया गया। इस लापरवाही पर नगर पालिका टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 2500 रुपए का जुर्माना वसूल किया। साथ ही शोरूम प्रबंधन को चेतावनी दी गई कि भविष्य में ऐसी गलती दोहराने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।
    नगर पालिका की टीम ने केवल कार्रवाई ही नहीं की, बल्कि लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया। श्रीजी कॉलोनी गेट क्षेत्र में निवासियों को नालियों या सड़कों पर कचरा न फेंकने की समझाइश दी गई और उन्हें निर्धारित स्थान पर ही कचरा डालने के लिए प्रेरित किया गया।
    सीएमओ ने मौके पर मौजूद नागरिकों को “स्वच्छ रायसेन, सुंदर रायसेन” की शपथ दिलाई और शहर को साफ-सुथरा बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है।
    नगर पालिका की इस कार्रवाई से शहर में स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ी है और लोगों में भी सकारात्मक संदेश गया है कि नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • पेट्रोल पंप अग्निकांड से हड़कंप, 13 वाहन जले और भारी नुकसान का अनुमान

    पेट्रोल पंप अग्निकांड से हड़कंप, 13 वाहन जले और भारी नुकसान का अनुमान


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के पचोर में हुए पेट्रोल पंप आग हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया है। सोमवार रात भारत पेट्रोल पंप पर अचानक भड़की आग में 13 लोग झुलस गए, जबकि 12 मोटरसाइकिल और एक डीजल टैंकर जलकर खाक हो गया।
    अब इस दर्दनाक हादसे का एक नया वीडियो सामने आया है, जो लोगों को झकझोर रहा है। वीडियो में आग में झुलसा एक युवक अस्पताल ले जाए जाने के बजाय अपने पैसों की चिंता करता नजर आता है। यह दृश्य हादसे की भयावहता और उसकी मानसिक स्थिति दोनों को उजागर करता है।
    वीडियो में युवक सड़क किनारे पानी से भरी सीमेंट की टंकी के पास बैठा दिखाई देता है। उसके शरीर पर गंभीर जलन के निशान हैं और कपड़े जलकर त्वचा से चिपक चुके हैं। आसपास मौजूद लोग उसे पानी डालकर राहत देने की कोशिश करते हैं।
    इसी दौरान एंबुलेंस मौके पर पहुंचती है और लोग उसे तुरंत अस्पताल ले जाने की सलाह देते हैं, लेकिन युवक कहता है “मेरे पास पैसे रखे हैं।” इस पर वहां मौजूद लोग उसे समझाते हैं कि पहले इलाज जरूरी है, पैसे बाद में देख लिए जाएंगे।
    जानकारी के अनुसार, यह हादसा तब हुआ जब पेट्रोल पंप पर डीजल टैंकर से ईंधन खाली किया जा रहा था। इसी दौरान एक बाइक में अचानक स्पार्क हुआ और देखते ही देखते आग फैल गई। कुछ ही सेकंड में पूरा परिसर आग की चपेट में आ गया।
    बताया जा रहा है कि पंप पर कैन में भी ईंधन दिया जा रहा था, जिससे आग और तेजी से फैल गई। तेज लपटों के कारण वहां मौजूद लोगों को संभलने या वाहन हटाने का मौका तक नहीं मिला। इस भयावह हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं।
  • ऑपरेशन सिंदूर पर बड़ा विवाद: लश्कर कमांडर के दावों से पाकिस्तान में मचा हड़कंप, सैन्य ठिकानों पर हमले के आरोप

    ऑपरेशन सिंदूर पर बड़ा विवाद: लश्कर कमांडर के दावों से पाकिस्तान में मचा हड़कंप, सैन्य ठिकानों पर हमले के आरोप



    नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच कथित “ऑपरेशन सिंदूर” को लेकर सामने आए दावों के बाद एक बार फिर सोशल मीडिया और क्षेत्रीय मीडिया में अलग-अलग तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई वायरल वीडियो और बयानों में यह दावा किया जा रहा है कि मई 2025 में हुए इस कथित ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के मुरीदके और कुछ अन्य इलाकों में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा था, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है।

    वायरल दावों में यह भी कहा जा रहा है कि हमलों के बाद स्थिति काफी गंभीर हो गई थी और कुछ आतंकी ढांचों को बड़ा नुकसान हुआ था, यहां तक कि मलबे से शवों के टुकड़े इकट्ठा करने जैसे दावे भी सामने आए हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे विवरण अक्सर अपुष्ट स्रोतों और प्रचार वीडियो पर आधारित होते हैं, जिनकी सत्यता की पुष्टि जरूरी होती है।

    इसी तरह कुछ वीडियो क्लिप्स में यह भी दावा किया गया है कि पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों और एयरबेस को निशाना बनाया गया, और हमले के बाद वहां सुरक्षा और प्रतिक्रिया व्यवस्था पर सवाल उठे। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि पाकिस्तान के शीर्ष सैन्य नेतृत्व ने धार्मिक दुआओं और धार्मिक आयतों का सहारा लिया, लेकिन इन सभी बातों पर किसी भी सरकारी स्तर से आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

    भारत सरकार या भारतीय सेना की ओर से भी इस नाम से किसी बड़े “ऑपरेशन सिंदूर” की विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा नहीं की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कई रिपोर्ट्स अभी तक अपुष्ट और दावे आधारित हैं।

    रक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर अक्सर सूचना युद्ध (information warfare) की भूमिका बढ़ जाती है, जहां दोनों पक्ष अपने-अपने दावे और नैरेटिव पेश करते हैं। इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले केवल विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करना जरूरी होता है।

    फिलहाल यह पूरा मामला सोशल मीडिया दावों, वीडियो क्लिप्स और अनौपचारिक बयानों के बीच उलझा हुआ है और इसकी सच्चाई को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने आना बाकी है।

  • नामांतरण मामलों की जानकारी न मिलने पर भड़के विधायक, प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप

    नामांतरण मामलों की जानकारी न मिलने पर भड़के विधायक, प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप


    नई दिल्ली ।  मध्य प्रदेश के रतलाम जिले की सैलाना विधानसभा से विधायक Kamleshwar Dodiyar ने नगर परिषद सैलाना के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए 14 मई से धरने पर बैठने की चेतावनी दी है। विधायक का आरोप है कि नगर परिषद द्वारा जनहित से जुड़े नामांतरण प्रकरणों की जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधि के अधिकारों का उल्लंघन है।

    विधायक डोडियार ने बताया कि उन्होंने 28 अप्रैल 2026 को पत्र क्रमांक 244/VIP/2026 के माध्यम से मुख्य नगरपालिका अधिकारी से नामांतरण मामलों की विस्तृत जानकारी मांगी थी। इसमें यह पूछा गया था कि 26 मार्च 2026 तक कितने नामांतरण प्रकरण प्राप्त हुए, उनमें से कितने स्वीकृत और कितने अस्वीकृत किए गए।

    इसके अलावा उन्होंने स्वीकृत और अस्वीकृत मामलों की अलग-अलग सूची, आवेदकों के नाम, संपत्ति का विवरण, खसरा नंबर, वार्ड नंबर और स्वीकृति तिथि जैसी विस्तृत जानकारी भी मांगी थी। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया था कि स्वीकृत सभी प्रकरण नगरीय सीमा क्षेत्र में आते हैं या नहीं।

    विधायक का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे पर नगर परिषद द्वारा निर्धारित समय सीमा में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे क्षेत्र के लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। नागरिकों की लगातार शिकायतें भी सामने आ रही हैं कि नामांतरण मामलों में अनावश्यक देरी की जा रही है।

    इसी लापरवाही के विरोध में विधायक ने 14 मई से नगर परिषद के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा की है। उन्होंने इसकी सूचना सैलाना एसडीएम और थाना प्रभारी को भी दे दी है तथा धरने के दौरान सुरक्षा और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की है। यह मामला अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव का रूप लेता दिख रहा है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

  • रीवा में देर रात सड़क पर पुलिसकर्मी और युवती के बीच तीखी बहस, वीडियो वायरल

    रीवा में देर रात सड़क पर पुलिसकर्मी और युवती के बीच तीखी बहस, वीडियो वायरल


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के रीवा जिले के समान थाना क्षेत्र में देर रात एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां डायल 112 में तैनात एक पुलिसकर्मी और एक युवती के बीच सड़क पर तीखी बहस हो गई। यह घटना दीप ज्योति स्कूल के पास करीब रात 1:15 बजे हुई, जिससे इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो धीरे-धीरे बहस में बदल गया। सड़क पर हुई इस नोकझोंक के दौरान आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    घटना के दौरान वहां से गुजर रहे एक राहगीर ने पूरी बहस का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में युवती और पुलिसकर्मी के बीच तीखी बातचीत होती दिख रही है, हालांकि बहस का कारण स्पष्ट रूप से सामने नहीं आ सका है।

    फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ था। न तो युवती की ओर से और न ही पुलिस विभाग की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।

    घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं, लेकिन सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ सकेगी। पुलिस विभाग की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है ताकि पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सके।