Author: bharati

  • Pakistan Army Chief Statement: ऑपरेशन सिंदूर पर बौखलाए असीम मुनीर, हार छिपाने के लिए दिए विवादित बयान

    Pakistan Army Chief Statement: ऑपरेशन सिंदूर पर बौखलाए असीम मुनीर, हार छिपाने के लिए दिए विवादित बयान




    नई दिल्ली। भारत के आतंकवाद विरोधी अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने भारतीय कार्रवाई को “दो विचारधाराओं की लड़ाई” बताते हुए दावा किया कि पाकिस्तान की रणनीति भारत से बेहतर रही। हालांकि, अपने दावों के समर्थन में उन्होंने कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया।

    दरअसल, पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान चलाया था। भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों के कई ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। भारतीय कार्रवाई में बड़ी संख्या में आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच चार दिन तक तनावपूर्ण सैन्य स्थिति बनी रही।

    रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान असीम मुनीर ने कहा कि 6 से 10 मई के बीच भारत ने पाकिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन किया, जिसका उनकी सेना ने “करारा जवाब” दिया। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान ने भारत के 26 ठिकानों को निशाना बनाया था, लेकिन इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया गया।

    पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने युद्धविराम को लेकर भी बड़ा दावा करते हुए कहा कि भारत ने अमेरिका के जरिए सीजफायर की पहल की थी। हालांकि भारत पहले ही साफ कर चुका है कि सैन्य तनाव कम करने का फैसला दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच हॉटलाइन बातचीत के जरिए हुआ था।

    भारत लगातार यह दोहराता रहा है कि उसका लक्ष्य केवल सीमा पार से संचालित आतंकवादी नेटवर्क को खत्म करना है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर का मकसद आतंकवाद के ढांचे को कमजोर करना और भविष्य के हमलों को रोकना था।

    इस बीच पाकिस्तान ने अपनी सैन्य तैयारियों को मजबूत करने की बात भी कही है। असीम मुनीर ने तकनीक आधारित युद्ध, रॉकेट फोर्स और नई पनडुब्बियों का जिक्र करते हुए सेना के आधुनिकीकरण की बात कही। हालांकि भारत ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर उसका रुख पहले की तरह सख्त रहेगा।

    ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारत ने फिर दोहराया कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है और आतंकवाद के खिलाफ हर हमले का जवाब मजबूती से दिया जाएगा।

  • Pakistan US Relations: ‘पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता’, पूर्व पेंटागन अधिकारी माइकल रुबिन का बड़ा बयान

    Pakistan US Relations: ‘पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता’, पूर्व पेंटागन अधिकारी माइकल रुबिन का बड़ा बयान


    नई दिल्ली। अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में हाल के महीनों में भले ही नरमी और नजदीकी देखने को मिली हो, लेकिन भरोसे को लेकर सवाल अब भी कायम हैं। इसी बीच पेंटागन के पूर्व अधिकारी और मिडिल ईस्ट मामलों के विशेषज्ञ Michael Rubin ने पाकिस्तान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करना चाहिए और भविष्य में इस्लामाबाद से किए गए किसी भी वादे को निभाने के लिए वॉशिंगटन बाध्य नहीं होगा।

    माइकल रुबिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिकी विदेश नीति में पाकिस्तान को कभी स्थायी सहयोगी के रूप में नहीं देखा गया। उनके मुताबिक, वॉशिंगटन ने हमेशा पाकिस्तान को केवल रणनीतिक जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया और मौजूदा नेतृत्व भी उसी नीति का हिस्सा है।

    रुबिन ने कहा कि Donald Trump प्रशासन का कार्यकाल खत्म होने के बाद चाहे रिपब्लिकन सरकार आए या डेमोक्रेट, दोनों इस बात पर सहमत होंगे कि पाकिस्तान पूरी तरह भरोसेमंद साझेदार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका पाक सेना प्रमुख Asim Munir से किए गए किसी भी वादे को निभाने के लिए खुद को मजबूर महसूस नहीं करेगा।

    दरअसल, ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में बदलाव देखने को मिला है। ट्रंप कई मौकों पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और आर्मी चीफ असीम मुनीर की तारीफ कर चुके हैं। इतना ही नहीं, ईरान से जुड़े क्षेत्रीय तनाव और वार्ता में भी अमेरिका ने पाकिस्तान की भूमिका को अहम बताया है।

    हालांकि, पाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों का इतिहास उतार-चढ़ाव भरा रहा है। साल 2001 में अमेरिका में हुए 9/11 आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था। अमेरिका को शक था कि आतंकी संगठन अल-कायदा सरगना Osama bin Laden को पाकिस्तान में पनाह मिली हुई है। इसके बाद साल 2011 में अमेरिकी सेना ने पाकिस्तान के एबटाबाद में ऑपरेशन चलाकर ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था। इस घटना के बाद दोनों देशों के रिश्ते लंबे समय तक तनावपूर्ण बने रहे।

    स्थिति यह रही कि साल 2006 के बाद से किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया। वहीं 2011 के बाद लंबे समय तक अमेरिका के बड़े अधिकारी भी इस्लामाबाद जाने से बचते रहे। हालांकि हाल ही में अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने ईरान वार्ता के सिलसिले में पाकिस्तान का दौरा किया, जिसे दोनों देशों के बीच नए समीकरण के तौर पर देखा जा रहा है।

  • खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस चौकी पर बड़ा आतंकी हमला, 21 जवानों की मौत; अस्पतालों में इमरजेंसी

    खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस चौकी पर बड़ा आतंकी हमला, 21 जवानों की मौत; अस्पतालों में इमरजेंसी


    नई दिल्ली। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शनिवार रात बड़ा आतंकी हमला हुआ, जिसमें कम से कम 21 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। हमला बन्नू जिले की एक पुलिस चौकी पर किया गया, जहां पहले विस्फोटकों से भरी कार में जोरदार धमाका किया गया और उसके बाद घात लगाकर फायरिंग शुरू कर दी गई। इस हमले के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और सरकारी अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों ने पहले सुरक्षा चौकी के पास बारूद से भरी गाड़ी को उड़ा दिया। धमाका इतना तेज था कि पुलिस पोस्ट का बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया। इसके बाद हथियारबंद विद्रोहियों ने चौकी पर धावा बोल दिया और भारी गोलीबारी शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि हमले के दौरान ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है।

    स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, धमाके के बाद जब अतिरिक्त पुलिस बल और राहत टीमें मौके पर पहुंचीं, तब हमलावरों ने उन पर भी घात लगाकर हमला कर दिया। इस वजह से मृतकों की संख्या तेजी से बढ़ी। कई घायल पुलिसकर्मियों को बन्नू के सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां इमरजेंसी लागू कर दी गई है।

    इस हमले की जिम्मेदारी ‘इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन पाकिस्तान’ नाम के हथियारबंद संगठन ने ली है। बन्नू जिला अफगानिस्तान सीमा से लगा हुआ है और लंबे समय से आतंकियों तथा विद्रोही गुटों की गतिविधियों का केंद्र माना जाता रहा है। आशंका जताई जा रही है कि हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद सीमा पार अफगानिस्तान की ओर भाग निकले।

    घटना के बाद सामने आई तस्वीरों में पूरी पुलिस चौकी तबाह नजर आई। इलाके में ईंटों, जली हुई गाड़ियों और मलबे के ढेर दिखाई दिए। धमाके से आसपास के रिहायशी इलाकों को भी नुकसान पहुंचा और कुछ आम नागरिकों के घायल होने की खबर है।

    सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पाकिस्तान में हाल के महीनों में सुरक्षा बलों पर हमलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान जैसे संवेदनशील इलाकों में। इस हमले के बाद अफगान सीमा से जुड़े इलाकों में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।

  • NTPC से मिला मेगा प्रोजेक्ट: इस कंपनी के स्टॉक ने 5 साल में दिया मल्टीबैगर रिटर्न

    NTPC से मिला मेगा प्रोजेक्ट: इस कंपनी के स्टॉक ने 5 साल में दिया मल्टीबैगर रिटर्न


    नई दिल्ली ।  सिविल कंस्ट्रक्शन सेक्टर की कंपनी SPML Infra को हाल ही में एक बड़ा कॉरपोरेट ऑर्डर मिला है, जिसने बाजार में निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। कंपनी को देश की प्रमुख ऊर्जा कंपनी NTPC Limited से ₹1128 करोड़ का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट मिला है। इस खबर के बाद कंपनी के शेयर में भी तेजी देखी गई और यह 3.91% की बढ़त के साथ ₹222 के स्तर पर बंद हुआ।
    यह प्रोजेक्ट 1 GWh क्षमता वाले एडवांस बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम से जुड़ा है, जिसे बिहार के बारौनी थर्मल पावर स्टेशन में स्थापित किया जाएगा। यह भारत के सबसे बड़े ग्रिड-लेवल स्टोरेज प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है। इसके तहत कंपनी को न केवल सप्लाई और सिविल वर्क करना है, बल्कि इंस्टॉलेशन और लंबे समय तक ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।
    इस मेगा प्रोजेक्ट में आधुनिक तकनीकों जैसे बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) और थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम (TMS) का उपयोग किया जाएगा, जिससे ऊर्जा भंडारण और वितरण को अधिक कुशल बनाया जा सकेगा।
    विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रोजेक्ट भारत के ऊर्जा ढांचे के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे ग्रिड स्टेबिलिटी बेहतर होगी, पीक लोड मैनेजमेंट आसान होगा और रिन्यूएबल एनर्जी को मुख्य ग्रिड में बेहतर तरीके से जोड़ा जा सकेगा।
    कंपनी के लिए यह डील एक रणनीतिक मील का पत्थर मानी जा रही है, क्योंकि इससे SPML Infra की एंट्री ग्रीन एनर्जी और स्टोरेज सेक्टर में मजबूत हो गई है। कंपनी पहले से ही इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में सक्रिय रही है, लेकिन अब यह नई दिशा उसकी ग्रोथ को और तेज कर सकती है।
    बाजार प्रदर्शन की बात करें तो इस स्टॉक ने पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। बीते 5 सालों में इसने लगभग 2122% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है, जबकि 3 साल में भी 500% से अधिक की बढ़त दर्ज की गई है। यह प्रदर्शन इसे रिटेल और लॉन्ग टर्म निवेशकों के बीच आकर्षक बनाता है।
    कंपनी प्रबंधन के अनुसार, यह ऑर्डर उनकी भविष्य की रणनीति को मजबूत करता है और उन्हें ऊर्जा भंडारण क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा। आने वाले समय में कंपनी का फोकस ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर रहेगा। शेयरहोल्डिंग पैटर्न में भी सुधार देखा गया है, जहां प्रमोटर्स की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 41% तक पहुंच गई है, जो कंपनी में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
    कुल मिलाकर, NTPC से मिला यह मेगा ऑर्डर न केवल SPML Infra के लिए बल्कि भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो भविष्य में क्लीन एनर्जी और स्टोरेज टेक्नोलॉजी को नई दिशा दे सकता है।

  • भारत बना वैश्विक ग्रोथ का नया केंद्र, उभरते ब्रांड्स के साथ बढ़ रहा सहयोग, डिजिटल कॉमर्स और इनोवेशन को मिल रही नई रफ्तार

    भारत बना वैश्विक ग्रोथ का नया केंद्र, उभरते ब्रांड्स के साथ बढ़ रहा सहयोग, डिजिटल कॉमर्स और इनोवेशन को मिल रही नई रफ्तार

    नई दिल्ली ।भारत की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और डिजिटल क्षेत्र में हो रहा विस्तार अब वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। हाल ही में हुए एक उच्च स्तरीय संवाद में यह बात सामने आई कि भारत अब केवल एक उभरता हुआ बाजार नहीं रहा, बल्कि दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन बन चुका है। इस बातचीत में विभिन्न क्षेत्रों के उभरते ब्रांड्स और वैश्विक व्यापार से जुड़े नेतृत्व ने भाग लिया और भविष्य की संभावनाओं पर विचार साझा किए।

    इस चर्चा का मुख्य केंद्र यह था कि कैसे भारत में तेजी से विकसित हो रहा स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल प्लेटफॉर्म नए ब्रांड्स को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सौंदर्य, फूड एंड बेवरेज, लाइफस्टाइल, फैशन और पालतू देखभाल जैसे क्षेत्रों से जुड़े कई नए उद्यमियों ने अपने अनुभव और चुनौतियों को साझा किया। इन सभी का उद्देश्य अपने ब्रांड को न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी स्थापित करना है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में उपभोक्ता बाजार तेजी से बदल रहा है और डिजिटल तकनीक ने व्यापार करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। अब छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसाय भी बड़े ब्रांड्स के साथ प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता हासिल कर रहे हैं। यह बदलाव भारतीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दे रहा है और उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है।

    इस बातचीत में यह भी सामने आया कि डिजिटल मार्केटप्लेस अब केवल बिक्री का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह व्यवसायों को विस्तार देने, नए ग्राहकों तक पहुंचने और वैश्विक बाजार में प्रवेश करने का एक मजबूत साधन बन चुका है। डेटा आधारित रणनीतियों और तकनीकी सहयोग के जरिए ब्रांड्स अपने विकास को तेज कर रहे हैं।

    वैश्विक स्तर के व्यापार नेतृत्व ने भारतीय उद्यमियों की सोच की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सबसे बड़ी ताकत उनकी नवाचार क्षमता और लंबे समय की योजना है। ये ब्रांड्स केवल स्थानीय जरूरतों को पूरा करने पर नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बनाने पर ध्यान दे रहे हैं।

    भारत में बढ़ती डिजिटल पहुंच और ई-कॉमर्स की तेजी ने छोटे व्यवसायों के लिए भी बड़े अवसर खोल दिए हैं। आज कोई भी उद्यमी अपने उत्पादों को सीमित क्षेत्र तक ही नहीं बल्कि पूरे देश और दुनिया तक पहुंचा सकता है। यह बदलाव न केवल व्यापार को प्रभावित कर रहा है बल्कि देश की आर्थिक वृद्धि में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

  • PM Modi Bengaluru Visit: कार्यक्रम स्थल के पास मिला विस्फोटक, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जांच में जुटी पुलिस

    PM Modi Bengaluru Visit: कार्यक्रम स्थल के पास मिला विस्फोटक, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जांच में जुटी पुलिस


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बेंगलुरु यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा अलर्ट सामने आया है। रविवार को बेंगलुरु के बाहरी इलाके कागलीपुरा के पास उस क्षेत्र से दो जिलेटिन स्टिक बरामद की गईं, जहां से कुछ दूरी पर पीएम मोदी का कार्यक्रम आयोजित होना था। विस्फोटक मिलने की खबर के बाद सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।

    जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेंगलुरु स्थित Art of Living Foundation के अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित विशेष समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। यह कार्यक्रम संस्था के 45 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया था। इसी बीच कार्यक्रम स्थल से करीब 3 किलोमीटर दूर फुटपाथ किनारे संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिलने से सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं।

    बेंगलुरु सेंट्रल रेंज के डीआईजी के अनुसार, प्रधानमंत्री के दौरे से पहले इलाके में नियमित सुरक्षा जांच की जा रही थी। इसी दौरान रविवार सुबह दो जिलेटिन स्टिक बरामद हुईं। बरामदगी के तुरंत बाद पूरे क्षेत्र को घेर लिया गया और बम निरोधक दस्ता तथा फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया। अधिकारियों ने बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

    घटना ऐसे समय सामने आई है जब खुफिया एजेंसियों ने हाल ही में संभावित आतंकी खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया था। इसके बाद दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। पुलिस को संवेदनशील इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों, लावारिस सामान और खड़ी गाड़ियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए थे।

    बेंगलुरु पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विस्फोटक सामग्री वहां कैसे पहुंची और क्या इसके पीछे किसी बड़ी साजिश का एंगल जुड़ा हुआ है। फिलहाल अधिकारियों ने कहा है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है।

  • आतंकी मॉड्यूल का खुलासा: MP के युवकों पर ISI के लिए काम करने का आरोप

    आतंकी मॉड्यूल का खुलासा: MP के युवकों पर ISI के लिए काम करने का आरोप


    नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मध्यप्रदेश के तीन युवकों को गिरफ्तार कर एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा किया है। पुलिस का दावा है कि ये युवक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में थे और दिल्ली के ऐतिहासिक मंदिर, हाईवे के एक प्रसिद्ध ढाबे तथा हरियाणा के सैन्य कैंप को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान टीकमगढ़ निवासी अनमोल राय (24), ग्वालियर के डबरा निवासी राजवीर (21) और विवेक बंजारा (19) के रूप में हुई है। तीनों को दिल्ली पुलिस ने मध्यप्रदेश से गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया है।

     मोबाइल से मिले संदिग्ध ई-मेल और पाकिस्तान कनेक्श
    स्पेशल सेल के अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन से कई संदिग्ध ई-मेल, ऑडियो और वीडियो कॉल रिकॉर्ड मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया कि सोशल मीडिया के जरिए संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेजे गए थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन युवकों को आतंकी गतिविधियों से जोड़ने के बदले क्या आर्थिक या अन्य लाभ दिए गए थे।

     ऐतिहासिक मंदिर की रेकी कर भेजी तस्वीरे
    दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर की रेकी की थी। मंदिर परिसर और वहां तैनात पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों की गतिविधियों की तस्वीरें पाकिस्तान भेजी गई थीं। जांच एजेंसियों का मानना है कि मॉड्यूल का मकसद मंदिर परिसर में हमला कर दहशत फैलाना था।

    हाईवे के ढाबे पर ग्रेनेड हमले की साजि
    जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि दिल्ली-सोनीपत हाईवे पर स्थित एक प्रसिद्ध ढाबे को भी निशाना बनाया गया था। आरोपियों को वहां ग्रेनेड हमला करने का टास्क दिया गया था। यह ढाबा प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही वाला स्थान माना जाता है, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां इस साजिश को बेहद गंभीर मान रही हैं।

     सैन्य कैंप की भी की गई रेक
    पुलिस के अनुसार, हरियाणा के हिसार स्थित सैन्य कैंप और उसके आसपास के इलाकों की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई थी। इन वीडियो को पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स तक पहुंचाया गया। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के कुछ पुलिस थाने भी मॉड्यूल के निशाने पर बताए जा रहे हैं।

    ‘गैंग बस्ट ऑपरेशन 2.0’ में हुआ खुलासा
    यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा चलाए जा रहे “गैंग बस्ट ऑपरेशन 2.0” के तहत की गई। इससे पहले भी इस ऑपरेशन में कई राज्यों से संदिग्ध ऑपरेटिव्स गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अब जांच एजेंसियां मॉड्यूल के नेटवर्क, फंडिंग और सीमा पार संपर्कों की गहराई से जांच कर रही हैं।

    सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जांच जार
    दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सुरक्षा सफलता माना जा रहा है। शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन जुड़े हुए हैं।

  • दिल्ली में पुष्कर सिंह धामी और नितिन नवीन की अहम मुलाकात, संगठन और समसामयिक मुद्दों पर हुआ मंथन

    दिल्ली में पुष्कर सिंह धामी और नितिन नवीन की अहम मुलाकात, संगठन और समसामयिक मुद्दों पर हुआ मंथन


    नई दिल्ली
    में रविवार को हुई एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुलाकात ने संगठन और नेतृत्व के बीच बेहतर तालमेल के संकेत दिए। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitin Naveen से मुलाकात कर विभिन्न संगठनात्मक और समसामयिक विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान भाजपा उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट भी मौजूद रहे।

    यह मुलाकात केवल औपचारिक शिष्टाचार तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें संगठन की मजबूती, राजनीतिक परिस्थितियों और विभिन्न समकालीन मुद्दों को लेकर विचार-विमर्श किया गया। राजनीतिक हलकों में इस बैठक को आगामी रणनीतियों और संगठनात्मक दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को उत्तराखंड का शहद भेंट किया। यह उपहार राज्य की प्राकृतिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना गया। इस छोटे लेकिन विशेष भाव ने बैठक के माहौल को और आत्मीय बना दिया। राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच इस तरह के सांस्कृतिक प्रतीक अक्सर राज्यों की पहचान और परंपराओं को सामने लाने का माध्यम बनते हैं।

    मुख्यमंत्री धामी ने मुलाकात के बाद कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ हुई चर्चा बेहद सकारात्मक रही और उन्हें संगठन तथा शासन से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि राज्य के विकास और संगठन की मजबूती के लिए केंद्र और राज्य नेतृत्व के बीच बेहतर समन्वय लगातार जारी रहेगा।

    हाल के वर्षों में भाजपा लगातार अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर जोर देती रही है। ऐसे में राष्ट्रीय नेतृत्व और राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच होने वाली बैठकें राजनीतिक रूप से अहम मानी जाती हैं। उत्तराखंड जैसे रणनीतिक और संवेदनशील राज्य में विकास, पर्यटन, रोजगार और बुनियादी ढांचे को लेकर कई बड़े लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, जिन पर सरकार आगे बढ़ रही है।

    इससे पहले मुख्यमंत्री धामी ने असम के राजनीतिक नेतृत्व को भी नई जिम्मेदारी मिलने पर शुभकामनाएं दी थीं। उन्होंने अपने संदेश में विकास, आत्मनिर्भरता और मजबूत प्रशासन की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद जताई थी। उनके संदेश में राज्यों के बीच राजनीतिक सहयोग और राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रति विश्वास की झलक दिखाई दी।

    इसके अलावा मातृ दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए मां के महत्व को भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि मां जीवन का पहला संस्कार, पहली सीख और सबसे बड़ा प्रेरणा स्रोत होती हैं। उनके अनुसार समाज और परिवार की मजबूती में मातृत्व की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।

    नई दिल्ली में हुई यह मुलाकात राजनीतिक दृष्टि से इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि आने वाले समय में विभिन्न राज्यों में संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय की भूमिका और अधिक बढ़ने वाली है। इस तरह की बैठकों को केवल राजनीतिक संवाद नहीं बल्कि रणनीतिक सहयोग के रूप में भी देखा जा रहा है, जो भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने में मददगार साबित हो सकती हैं।

  • होनहार बच्चों के लिए बड़ा अवसर: पीएम राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2026 के आवेदन शुरू, जानिए पूरी प्रक्रिया

    होनहार बच्चों के लिए बड़ा अवसर: पीएम राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2026 के आवेदन शुरू, जानिए पूरी प्रक्रिया


    नई दिल्ली ।
    देश के प्रतिभाशाली और प्रेरणादायक बच्चों को सम्मानित करने के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2026 की आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह सम्मान उन बच्चों को दिया जाता है जिन्होंने कम उम्र में किसी विशेष क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की हो या अपने साहस, प्रतिभा और सामाजिक योगदान से लोगों को प्रेरित किया हो।

    यह पुरस्कार देश के सबसे प्रतिष्ठित बाल सम्मानों में शामिल है, जिसका उद्देश्य बच्चों की क्षमता को पहचान देना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। हर वर्ष अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों का चयन किया जाता है और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाता है।

    इस पुरस्कार के लिए 5 वर्ष से अधिक और 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे आवेदन कर सकते हैं। खेल, कला, विज्ञान, नवाचार, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण और बहादुरी जैसे क्षेत्रों में विशेष कार्य करने वाले बच्चों को प्राथमिकता दी जाती है। सरकार का मानना है कि छोटी उम्र में असाधारण कार्य करने वाले बच्चों को पहचान देना समाज और देश दोनों के लिए प्रेरणादायक साबित होता है।

    आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन रखा गया है, ताकि देश के किसी भी हिस्से से आसानी से आवेदन किया जा सके। अभिभावक या संबंधित व्यक्ति बच्चे की उपलब्धियों से जुड़े दस्तावेजों और आवश्यक जानकारी के साथ आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इसके बाद किसी भी आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    चयन प्रक्रिया के दौरान विशेषज्ञ समिति बच्चों की उपलब्धियों, उनके कार्यों के प्रभाव और समाज में उनके योगदान का मूल्यांकन करती है। समिति यह सुनिश्चित करती है कि चयनित बच्चे वास्तव में अपने क्षेत्र में प्रेरणादायक कार्य कर चुके हों। इसके बाद अंतिम सूची तैयार की जाती है और चयनित बच्चों के नाम वीर बाल दिवस के अवसर पर घोषित किए जाते हैं।

    पुरस्कार समारोह के दौरान बच्चों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाता है। उन्हें मेडल, प्रमाणपत्र और अन्य विशेष सम्मान दिए जाते हैं। यह सम्मान न केवल बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाता है, बल्कि अन्य बच्चों को भी बेहतर करने के लिए प्रेरित करता है।

    पिछले वर्षों में कई ऐसे बच्चों को यह सम्मान मिला है जिन्होंने कम उम्र में असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कुछ ने खेलों में रिकॉर्ड बनाए, कुछ ने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कीं, जबकि कई बच्चों ने बहादुरी और मानवता की मिसाल पेश कर पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया।

    सरकार की यह पहल इस बात को दर्शाती है कि देश का भविष्य केवल बड़े शहरों या संसाधनों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर कोने में प्रतिभाएं मौजूद हैं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार उन बच्चों को मंच देने का प्रयास है जो अपनी मेहनत, साहस और प्रतिभा से समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।

    यह पुरस्कार केवल सम्मान नहीं बल्कि देश के युवा भविष्य पर विश्वास और उनकी क्षमता को पहचानने का प्रतीक भी माना जाता है।

  • भारतीय शेयर बाजार की ओर बढ़ा एनआरआई का झुकाव: अब प्रॉपर्टी नहीं, इक्विटी और म्यूचुअल फंड पर भरोसा

    भारतीय शेयर बाजार की ओर बढ़ा एनआरआई का झुकाव: अब प्रॉपर्टी नहीं, इक्विटी और म्यूचुअल फंड पर भरोसा

    नई दिल्ली ।
    खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के निवेश पैटर्न में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। लंबे समय तक रियल एस्टेट को सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प मानने वाले एनआरआई अब भारतीय शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड्स की तरफ तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। बदलते आर्थिक माहौल और बेहतर रिटर्न की संभावनाओं ने उनकी निवेश सोच को नई दिशा दी है।

    पहले विदेशों में काम करने वाले भारतीय अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा भारत में जमीन, मकान या दूसरी प्रॉपर्टी खरीदने में लगाते थे। इसे सुरक्षित भविष्य और स्थायी संपत्ति के रूप में देखा जाता था। लेकिन अब धीरे-धीरे यह धारणा बदलती दिखाई दे रही है। निवेशकों का मानना है कि वित्तीय बाजारों में लंबे समय में अधिक तेजी और बेहतर ग्रोथ की संभावना मौजूद है, जिसके कारण अब इक्विटी और म्यूचुअल फंड उनकी प्राथमिकता बनते जा रहे हैं।

    भारतीय शेयर बाजार को लेकर एनआरआई के बीच भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। बड़ी संख्या में निवेशक अब अपनी नई पूंजी सीधे शेयर बाजार में लगा रहे हैं। उनका मानना है कि भारत की अर्थव्यवस्था आने वाले वर्षों में तेजी से आगे बढ़ सकती है और इसका सबसे अधिक फायदा इक्विटी निवेश में देखने को मिल सकता है।

    वैश्विक स्तर पर बढ़ रही अनिश्चितताओं और आर्थिक उतार-चढ़ाव ने भी इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। निवेशक अब केवल पारंपरिक विकल्पों पर निर्भर नहीं रहना चाहते, बल्कि ऐसे क्षेत्रों में निवेश करना चाहते हैं जहां तेजी से विकास की संभावना हो। हालांकि बाजार में अस्थिरता बनी हुई है, लेकिन इसके बावजूद अधिकांश एनआरआई निवेशक आत्मविश्वास बनाए हुए हैं और लगातार अपने पोर्टफोलियो को मजबूत करने में लगे हुए हैं।

    म्यूचुअल फंड्स भी इस समय एनआरआई निवेशकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। व्यवस्थित निवेश योजनाओं के जरिए लोग लंबे समय तक सुरक्षित और संतुलित निवेश करना पसंद कर रहे हैं। इससे जोखिम को नियंत्रित करने के साथ-साथ बेहतर रिटर्न की संभावना भी बनी रहती है। यही कारण है कि अब कई लोग सीधे शेयरों के साथ-साथ फंड आधारित निवेश को भी महत्व दे रहे हैं।

    एक और बड़ा बदलाव यह देखने को मिला है कि विदेश से भारत भेजे जाने वाले पैसों का उद्देश्य भी बदल गया है। पहले यह पैसा मुख्य रूप से परिवार की जरूरतों और संपत्ति खरीदने के लिए उपयोग किया जाता था, लेकिन अब इसका बड़ा हिस्सा भविष्य की वित्तीय सुरक्षा, रिटायरमेंट प्लानिंग और निवेश पोर्टफोलियो तैयार करने में लगाया जा रहा है।

    विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव केवल निवेश के तरीके में परिवर्तन नहीं है, बल्कि वित्तीय सोच में आए बड़े बदलाव का संकेत है। एनआरआई अब भावनात्मक फैसलों के बजाय योजनाबद्ध और पेशेवर तरीके से निवेश कर रहे हैं। भारत का शेयर बाजार उनके लिए केवल ट्रेडिंग का माध्यम नहीं बल्कि लंबे समय तक संपत्ति निर्माण का मजबूत विकल्प बनकर उभरा है।

    कुल मिलाकर, यह ट्रेंड इस बात का संकेत देता है कि आने वाले समय में भारतीय वित्तीय बाजारों में एनआरआई निवेश और अधिक बढ़ सकता है। इससे न केवल निवेशकों को बेहतर अवसर मिलेंगे बल्कि भारतीय बाजार को भी मजबूती मिलने की संभावना है।