Author: bharati

  • डिजिटल क्रांति की ओर बढ़ता खनन क्षेत्र, भारत की अर्थव्यवस्था को मिल सकता है ऐतिहासिक बढ़ावा

    डिजिटल क्रांति की ओर बढ़ता खनन क्षेत्र, भारत की अर्थव्यवस्था को मिल सकता है ऐतिहासिक बढ़ावा

    नई दिल्ली । भारत के भविष्य की आर्थिक कहानी में खनन क्षेत्र एक महत्वपूर्ण अध्याय बनने की ओर बढ़ रहा है। देश जिस गति से औद्योगिक विस्तार, शहरीकरण और ऊर्जा परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ रहा है, उसमें खनिज संसाधनों की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। अनुमान है कि यदि यह क्षेत्र आधुनिक तकनीक और टिकाऊ खनन मॉडल को तेजी से अपनाता है, तो वर्ष 2047 तक यह भारत की अर्थव्यवस्था में लगभग 500 अरब डॉलर का अतिरिक्त योगदान देने में सक्षम हो सकता है। यह बदलाव न केवल आर्थिक वृद्धि को गति देगा बल्कि रोजगार के नए द्वार भी खोल सकता है, जिनसे करीब 2.5 करोड़ लोगों को अवसर मिलने की संभावना है।

    खनन उद्योग की कहानी अब केवल जमीन से खनिज निकालने तक सीमित नहीं रह गई है। यह एक तकनीक आधारित, डेटा-संचालित और स्मार्ट सिस्टम की ओर बढ़ता हुआ क्षेत्र बन चुका है। उद्योग अब उस दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां मशीनें, सेंसर और डिजिटल प्लेटफॉर्म मिलकर पूरे खनन कार्य को नियंत्रित करेंगे। इस बदलाव में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उन्नत विश्लेषण प्रणाली, डिजिटल मॉडलिंग और रीयल-टाइम निगरानी जैसे उपकरण अहम भूमिका निभा रहे हैं। इससे उत्पादन प्रक्रिया अधिक सुरक्षित, तेज और कुशल बनने की उम्मीद है।

    भारत में खनन क्षेत्र पहले से ही कई प्रमुख उद्योगों की नींव माना जाता है। इस्पात, सीमेंट, ऊर्जा और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों की निर्भरता सीधे तौर पर खनिज संसाधनों पर है। बढ़ते बुनियादी ढांचे और ऊर्जा जरूरतों ने इस क्षेत्र की मांग को और अधिक बढ़ा दिया है। खासकर स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों के विस्तार ने महत्वपूर्ण खनिजों की आवश्यकता को नई दिशा दी है। यही कारण है कि खनन उद्योग को आने वाले समय में रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    हालांकि इस परिवर्तन के बीच कुछ चुनौतियां भी सामने हैं। कई खनन इकाइयों में डिजिटल तकनीक का उपयोग तो शुरू हो चुका है, लेकिन इन सभी प्रणालियों को एकीकृत रूप से जोड़ना अभी भी कठिन कार्य बना हुआ है। जब तक योजना, उत्पादन, परिवहन, रखरखाव और सुरक्षा जैसे सभी पहलुओं को एक साझा डिजिटल ढांचे से नहीं जोड़ा जाएगा, तब तक तकनीकी निवेश का पूरा लाभ नहीं मिल सकेगा।

    इसी बीच खनन उद्योग एक नए चरण की ओर बढ़ रहा है, जिसे एक उन्नत तकनीकी युग के रूप में देखा जा रहा है। इस नए मॉडल में मानव हस्तक्षेप कम होकर सिस्टम अधिक स्वचालित और बुद्धिमान बनेंगे। डिजिटल जुड़ाव और रीयल-टाइम डेटा के उपयोग से निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज और सटीक होगी। इससे न केवल लागत कम होगी बल्कि पर्यावरणीय प्रभाव को भी नियंत्रित किया जा सकेगा।

    भारत के लिए यह परिवर्तन केवल तकनीकी नहीं बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जैसे-जैसे देश आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की दिशा में आगे बढ़ रहा है, खनन क्षेत्र एक मजबूत आधार प्रदान कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस क्षेत्र में सही दिशा में निवेश और सुधार जारी रहे, तो यह भारत की अर्थव्यवस्था को अगले स्तर तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र न केवल उत्पादन बढ़ाने का माध्यम बनेगा बल्कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रोजगार और विकास का नया केंद्र भी बन सकता है। यही कारण है कि खनन उद्योग को भारत के भविष्य के आर्थिक ढांचे का एक महत्वपूर्ण स्तंभ माना जा रहा है।

  • ट्रैवल, केमिकल और एडवांस्ड सेक्टर के 3 मिडकैप शेयर बने एक्सपर्ट की पसंद, मजबूत ग्रोथ का संकेत

    ट्रैवल, केमिकल और एडवांस्ड सेक्टर के 3 मिडकैप शेयर बने एक्सपर्ट की पसंद, मजबूत ग्रोथ का संकेत


    नई दिल्ली ।शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है और निवेशकों के सामने सही स्टॉक चुनना पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। ऐसे समय में जब बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है, कुछ चुनिंदा मिडकैप कंपनियां निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं।
    बाजार के एक विश्लेषक ने हाल ही में तीन ऐसे मिडकैप शेयरों की पहचान की है, जो अलग-अलग समय अवधि में मजबूत रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं। इन स्टॉक्स में स्पेशियलिटी केमिकल, एडवांस्ड मटेरियल्स और ट्रैवल सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं, जहां 10 प्रतिशत से लेकर 62 प्रतिशत तक की संभावित बढ़त का अनुमान लगाया गया है।

    इस रणनीति के तहत शॉर्ट टर्म के लिए स्पेशियलिटी केमिकल सेक्टर की एक स्थापित कंपनी Atul Ltd को चुना गया है। यह कंपनी लंबे समय से विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है और इसके प्रोडक्ट्स फार्मा, एग्रोकेमिकल्स, टेक्सटाइल और कंज्यूमर इंडस्ट्री तक फैले हुए हैं।

    समय के साथ कंपनी ने न सिर्फ अपनी बिक्री में वृद्धि दर्ज की है, बल्कि मार्जिन और मुनाफे में भी लगातार सुधार दिखाया है। हाल के वर्षों में किए गए निवेश और विस्तार योजनाओं का असर अब इसके प्रदर्शन में दिखाई देने लगा है। मजबूत वित्तीय नतीजों और स्थिर ग्रोथ ट्रेंड को देखते हुए इसमें लगभग 10 प्रतिशत तक की बढ़त की संभावना जताई गई है।

    मध्यम अवधि यानी पोजिशनल निवेश के लिए Himadri Speciality Chemical को चुना गया है, जो कार्बन आधारित स्पेशियलिटी केमिकल्स के क्षेत्र में तेजी से उभर रही कंपनी है। इस कंपनी ने अपनी उत्पादन क्षमता को लगातार बढ़ाया है और नए तकनीकी क्षेत्रों में भी कदम रखा है।

    खासकर इलेक्ट्रिक व्हीकल और एनर्जी स्टोरेज सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले लिथियम आयन बैटरी मटेरियल्स के क्षेत्र में इसकी एंट्री इसे भविष्य की मजबूत कंपनियों की सूची में ला खड़ा करती है। कंपनी का फोकस नए उत्पादों और क्षमता विस्तार पर है, जिससे आने वाले समय में इसके राजस्व और मुनाफे में सुधार की उम्मीद की जा रही है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए इसमें करीब 21 प्रतिशत तक के रिटर्न की संभावना बताई गई है।

    लंबी अवधि के निवेश के लिए Yatra Online को चुना गया है, जो डिजिटल ट्रैवल प्लेटफॉर्म के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह कंपनी फ्लाइट बुकिंग, होटल सेवाएं और ट्रैवल पैकेज जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराती है और इसका ग्राहक आधार लगातार बढ़ रहा है। कॉरपोरेट और व्यक्तिगत दोनों सेगमेंट में इसकी मजबूत पकड़ इसे अलग पहचान देती है। डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल से कंपनी अपने संचालन को अधिक कुशल बना रही है, जिससे लागत में कमी और लाभ में सुधार हो रहा है।

    हालांकि हाल के समय में इस स्टॉक में उतार-चढ़ाव देखा गया है, लेकिन लंबे समय में इसमें रिकवरी और ग्रोथ की मजबूत संभावना जताई जा रही है। अनुमान है कि इसमें लगभग 62 प्रतिशत तक का अपसाइड संभव हो सकता है।

  • रीवा–दुर्ग रेल सेवा की मांग तेज: पार्थिव देह परिवहन के लिए विशेष सुविधा की मांग भी सामने आई

    रीवा–दुर्ग रेल सेवा की मांग तेज: पार्थिव देह परिवहन के लिए विशेष सुविधा की मांग भी सामने आई


    नई दिल्ली । रीवा-दुर्ग के बीच सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव तक पहुंची। भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय मंत्री गौरव तिवारी ने विंध्य क्षेत्र के यात्रियों की सुविधा और पार्थिव देह परिवहन के लिए विशेष व्यवस्था की मांग रखी, जिस पर मंत्री ने विचार का आश्वासन दिया।

    नई दिल्ली में मध्यप्रदेश के विंध्य क्षेत्र से जुड़ी एक अहम रेल मांग सामने आई है। भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय मंत्री गौरव तिवारी ने केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw से मुलाकात कर रीवा और दुर्ग के बीच सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने का आग्रह किया है।

    उन्होंने प्रस्ताव दिया कि यदि Rewa–Durg Express शुरू की जाती है, तो रीवा संभाग और छत्तीसगढ़ के औद्योगिक शहरों जैसे दुर्ग, भिलाई और रायपुर के बीच सीधा संपर्क स्थापित हो जाएगा।
    सीधी ट्रेन न होने से यात्रियों को हो रही परेशानी
    गौरव तिवारी ने रेल मंत्री को बताया कि विंध्य क्षेत्र के हजारों लोग रोजगार, शिक्षा और व्यापार के लिए छत्तीसगढ़ जाते हैं, लेकिन सीधी रेल सेवा न होने के कारण उन्हें कई बार ट्रेन बदलनी पड़ती है। इससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं और यात्रियों को भारी असुविधा होती है।
    नई ट्रेन से मिलेगा बड़ा लाभ
    भाजपा नेता का कहना है कि रीवा-दुर्ग एक्सप्रेस शुरू होने से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह ट्रेन विंध्य और छत्तीसगढ़ के बीच एक मजबूत परिवहन कड़ी साबित हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, रेल मंत्री ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाया है और इसे विभागीय स्तर पर विचार के लिए आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया है।

    पार्थिव देह के सम्मानजनक परिवहन की भी उठी मांग
    मुलाकात के दौरान एक और संवेदनशील मुद्दा भी उठाया गया। गौरव तिवारी ने कहा कि कई बार लोगों को महानगरों से अपने परिजनों की पार्थिव देह को छोटे शहरों तक लाने में भारी आर्थिक और प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

    उन्होंने रेलवे से आग्रह किया कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे पार्थिव देह को यात्री ट्रेनों के माध्यम से सम्मानजनक और कम खर्च में उनके घर तक पहुंचाया जा सके। इससे शोकग्रस्त परिवारों को मुश्किल समय में बड़ी राहत मिलेगी।

    क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर बढ़ी उम्मीदें
    इस मुलाकात के बाद रीवा और विंध्य क्षेत्र में नई रेल सेवा को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो यह क्षेत्रीय विकास और यात्रा सुविधा दोनों के लिए बड़ा कदम होगा।

  • मजबूत नतीजों के बाद फूड डिलीवरी कंपनी के शेयर में तेजी की उम्मीद, ₹350 तक पहुंचने का अनुमान

    मजबूत नतीजों के बाद फूड डिलीवरी कंपनी के शेयर में तेजी की उम्मीद, ₹350 तक पहुंचने का अनुमान

    नई दिल्ली ।फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स सेक्टर में तेजी से बदलते ट्रेंड्स के बीच एक बड़ी कंपनी ने अपने मजबूत तिमाही नतीजों से बाजार का ध्यान खींचा है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी के प्रदर्शन ने निवेशकों और विश्लेषकों दोनों को सकारात्मक संकेत दिए हैं, जिसके बाद शेयर को लेकर तेजी की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं। बाजार में यह चर्चा तेज है कि आने वाले समय में शेयर में उल्लेखनीय बढ़त देखी जा सकती है।

    कंपनी के ताजा नतीजों में सबसे अहम बदलाव घाटे में कमी और राजस्व में तेज बढ़ोतरी के रूप में सामने आया है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार घाटा कम हुआ है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी अपने खर्चों और संचालन पर बेहतर नियंत्रण कर रही है। साथ ही, रेवेन्यू में लगभग 45 प्रतिशत की वृद्धि ने यह साफ कर दिया है कि प्लेटफॉर्म पर ऑर्डर और ग्राहक गतिविधि लगातार बढ़ रही है। यह वृद्धि केवल एक तिमाही तक सीमित नहीं है, बल्कि पिछले कुछ तिमाहियों से कंपनी की ग्रोथ लगातार मजबूत बनी हुई है।

    ब्रोकरेज रिपोर्ट्स में कंपनी को लेकर सकारात्मक रुख देखने को मिला है। विश्लेषकों का मानना है कि फूड डिलीवरी बिजनेस में लगातार मजबूत मांग बनी हुई है, जबकि क्विक कॉमर्स सेगमेंट भी तेजी से विस्तार कर रहा है। हालांकि इस सेक्टर में मुनाफे की चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं, लेकिन ग्रोथ की रफ्तार इन चुनौतियों को पीछे छोड़ती नजर आ रही है। इसी आधार पर शेयर पर खरीदारी की सलाह बरकरार रखी गई है और नए टारगेट दिए गए हैं।

    विशेषज्ञों का अनुमान है कि शेयर अपने मौजूदा स्तर से लगभग 35 से 40 प्रतिशत तक की तेजी दिखा सकता है। यह अनुमान कंपनी के मजबूत फंडामेंटल्स और बढ़ते यूजर बेस पर आधारित है। जैसे-जैसे डिजिटल फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स की मांग बढ़ रही है, वैसे-वैसे कंपनी का बाजार में प्रभाव भी मजबूत होता जा रहा है।

    कंपनी के तिमाही आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि कारोबार लगातार विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। रेवेन्यू में लगातार सुधार और ऑर्डर वैल्यू में बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि उपभोक्ताओं का भरोसा प्लेटफॉर्म पर बढ़ा है। इसके साथ ही, घाटे में कमी यह दिखाती है कि कंपनी अब लाभप्रदता की दिशा में धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है।

    भविष्य को लेकर कंपनी ने भी सकारात्मक संकेत दिए हैं। प्रबंधन का मानना है कि आने वाले समय में बिजनेस का आकार और तेजी से बढ़ सकता है और नेट ऑर्डर वैल्यू में बड़ा विस्तार देखने को मिल सकता है। कंपनी का लक्ष्य है कि वह ऑपरेशनल मार्जिन को बेहतर बनाकर स्थिर मुनाफे की दिशा में आगे बढ़े।

    शेयर बाजार में हाल के दिनों में भी इस स्टॉक में हल्की तेजी देखने को मिली है और पिछले कुछ समय में इसमें सकारात्मक रुझान बना हुआ है। बाजार पूंजीकरण और निवेशकों की दिलचस्पी यह दिखाती है कि यह स्टॉक अब भी ग्रोथ स्टोरी के रूप में देखा जा रहा है।

    कुल मिलाकर, मजबूत तिमाही नतीजों, घटते घाटे और बढ़ते राजस्व के बीच यह फूड डिलीवरी कंपनी निवेशकों के लिए एक बार फिर आकर्षण का केंद्र बन गई है, और आने वाले समय में इसके शेयर में और मजबूती देखने की संभावना जताई जा रही है।

  • एक मां का अद्भुत त्याग: 75 वर्षीय महिला ने किडनी देकर बेटी को दी नई जिंदगी

    एक मां का अद्भुत त्याग: 75 वर्षीय महिला ने किडनी देकर बेटी को दी नई जिंदगी


    नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश के सागर जिले के शाहगढ़ की एक ऐसी प्रेरक कहानी सामने आई है, जो मातृत्व की शक्ति को एक नई परिभाषा देती है। 40 वर्षीय कंचन असाटी, जो पिछले 10 वर्षों से गंभीर किडनी रोग से जूझ रही थीं, उन्हें उनकी 75 वर्षीय मां मनोरमा असाटी ने अपनी किडनी दान कर नया जीवन दिया। यह सफल ट्रांसप्लांट जून 2025 में भोपाल के बंसल अस्पताल में किया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उम्र के जोखिम के बावजूद यह जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की। आज मां और बेटी दोनों स्वस्थ हैं और सामान्य जीवन जी रही हैं।

    10 साल की बीमारी और लंबा संघर्ष

    करीब एक दशक पहले गर्भावस्था के दौरान कंचन को किडनी से जुड़ी गंभीर समस्या का पता चला था। समय के साथ उनकी स्थिति बिगड़ती गई और क्रिएटिनिन व यूरिया का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया। दिल्ली, इंदौर, हरियाणा और अहमदाबाद जैसे कई बड़े अस्पतालों में इलाज के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। अंत में डॉक्टरों ने स्पष्ट कर दिया कि किडनी ट्रांसप्लांट ही एकमात्र विकल्प है।

    10 रिश्तेदारों की किडनी नहीं हुई मैच

    परिवार ने बेटी की जान बचाने के लिए कई प्रयास किए। लगभग 10 रिश्तेदारों की जांच कराई गई, लेकिन किसी की भी किडनी मैच नहीं हुई। आखिर में मां मनोरमा असाटी का टेस्ट किया गया, जिसमें उनकी किडनी मैच कर गई। हालांकि, उम्र 75 वर्ष होने के कारण डॉक्टरों ने शुरुआत में ट्रांसप्लांट को अत्यधिक जोखिम भरा बताते हुए ऑपरेशन से मना कर दिया था। लेकिन परिवार की उम्मीद और मां के दृढ़ संकल्प ने हालात बदल दिए।

    पति के निधन के बाद और कठिन हुआ जीवन

    इस संघर्ष के बीच वर्ष 2024 में कंचन के पति अमित आनंद असाटी का हृदय गति रुकने से निधन हो गया। इसके बाद वे पूरी तरह डायलिसिस पर निर्भर हो गईं और अपने दो बच्चों के साथ संघर्षपूर्ण जीवन जी रही थीं। बेटी की हालत को दिन-ब-दिन बिगड़ते देख मां ने निर्णय लिया कि अगर उनकी किडनी से बेटी की जान बच सकती है, तो वे यह जोखिम उठाने को तैयार हैं।

    डॉक्टरों ने बताया भावनात्मक और मेडिकल मिसाल

    बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अजीत आनंद असाटी ने इस केस को एक दुर्लभ और प्रेरक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक ऑपरेशन नहीं था, बल्कि मां के त्याग और प्रेम की सबसे बड़ी मिसाल है।

    अब दोनों स्वस्थ, नई जिंदगी की शुरुआत

    सफल ट्रांसप्लांट के बाद मां और बेटी दोनों स्वस्थ हैं। मनोरमा असाटी वर्तमान में दमोह में रह रही हैं, जबकि कंचन अपने बच्चों के साथ सामान्य जीवन की ओर लौट चुकी हैं।

  • निफ्टी की सीमित रेंज टूटते ही बाजार में आ सकता है बड़ा ट्रेंड, वोल्टास पर दबाव बरकरार और तेजस नेटवर्क में मजबूत रिकवरी के संकेत

    निफ्टी की सीमित रेंज टूटते ही बाजार में आ सकता है बड़ा ट्रेंड, वोल्टास पर दबाव बरकरार और तेजस नेटवर्क में मजबूत रिकवरी के संकेत

    नई दिल्ली । शेयर बाजार इस समय लगातार उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहा है, जहां निवेशक किसी स्पष्ट दिशा के इंतजार में नजर आ रहे हैं। बाजार की चाल फिलहाल सीमित दायरे में घूम रही है, जिससे यह समझना मुश्किल हो गया है कि अगली बड़ी मूव किस दिशा में होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक निफ्टी अपनी मौजूदा रेंज से बाहर नहीं निकलता, तब तक किसी मजबूत ट्रेंड की पुष्टि नहीं की जा सकती। उनका मानना है कि एक बार यह दायरा टूटने के बाद बाजार किसी एक दिशा में तेज और स्पष्ट रुख अपना सकता है, जो आने वाले दिनों में निर्णायक साबित होगा।

    इस समय बाजार की स्थिति को प्रभावित करने वाले कई वैश्विक कारण भी सामने हैं, जिनमें भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव प्रमुख हैं। इन वजहों से निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और खरीदारी में सतर्कता देखी जा रही है। इसके साथ ही आईटी और बैंकिंग जैसे बड़े सेक्टरों में कमजोरी ने भी बाजार की रफ्तार को सीमित कर दिया है, जिससे प्रमुख इंडेक्स ऊपर की ओर मजबूत बढ़त नहीं दिखा पा रहे हैं।

    इसी बीच वोल्टास के शेयरों पर दबाव लगातार बना हुआ है। यह स्टॉक पिछले कुछ समय से एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है और हाल के सत्रों में इसमें गिरावट का रुझान देखने को मिला है। तकनीकी संकेत भी इसकी कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं, जहां मोमेंटम में गिरावट और बिकवाली का दबाव साफ दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक यह स्टॉक एक निश्चित स्तर के ऊपर मजबूती नहीं दिखाता, तब तक इसमें सुधार की संभावना सीमित बनी रह सकती है।

    दूसरी ओर तेजस नेटवर्क के शेयरों में हाल के दिनों में मजबूत रिकवरी देखने को मिली है। यह स्टॉक अपने निचले स्तर से तेजी से उभरता हुआ दिखाई दिया है और इसमें बढ़ते वॉल्यूम के साथ खरीदारी भी बढ़ी है। तकनीकी रूप से यह अपने महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है, जो इसे सकारात्मक संकेत देता है। हालांकि, इस तेजी को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि स्टॉक मौजूदा स्तरों पर स्थिरता बनाए रखे, अन्यथा इसमें फिर से उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

    कुल मिलाकर बाजार की मौजूदा स्थिति यह दर्शाती है कि निफ्टी की अगली बड़ी दिशा उसके रेंज ब्रेकआउट पर निर्भर करेगी। वहीं स्टॉक स्तर पर वोल्टास में कमजोरी और तेजस नेटवर्क में सुधार के संकेत अलग-अलग अवसर और जोखिम दोनों को दर्शा रहे हैं। ऐसे माहौल में निवेशकों के लिए चयनात्मक और सतर्क रणनीति अपनाना अधिक उपयुक्त माना जा रहा है।

  • ईरान-यूएस टकराव चरम पर: IRGC की सीधी चेतावनी, अमेरिकी ठिकाने और जहाज निशाने पर 14-पॉइंट प्रस्ताव पर तनाव जारी

    ईरान-यूएस टकराव चरम पर: IRGC की सीधी चेतावनी, अमेरिकी ठिकाने और जहाज निशाने पर 14-पॉइंट प्रस्ताव पर तनाव जारी


    नई दिल्ली। मध्य पूर्व में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, जहां ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खुली चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि फारस की खाड़ी या होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया गया, तो जवाब में सीधे अमेरिकी सैन्य ठिकानों और युद्धपोतों पर हमला किया जाएगा।

    IRGC नौसेना कमांड ने सोशल मीडिया पोस्ट में साफ कहा है कि क्षेत्र में किसी भी तरह की “आक्रामक कार्रवाई” को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं एयरोस्पेस फोर्स ने दावा किया है कि उसके मिसाइल और ड्रोन पहले से ही अमेरिकी ठिकानों और संभावित लक्ष्यों पर लॉक हैं और केवल आदेश का इंतजार है।

    इस बीच, अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वॉशिंगटन ने ईरान के सामने 14 सूत्रीय प्रस्ताव रखा है, जिसमें परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने, यूरेनियम संवर्धन पर रोक और क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे को लेकर कई सख्त शर्तें शामिल हैं। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया था कि इस प्रस्ताव पर जल्द जवाब की उम्मीद है, लेकिन ईरान ने किसी समयसीमा को मानने से इनकार कर दिया है।

    ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि अमेरिकी प्रस्ताव अभी समीक्षा में है और इसका जवाब “उचित समय पर और राष्ट्रीय हितों को देखते हुए” दिया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि ईरान किसी बाहरी दबाव में निर्णय नहीं करेगा।

    तनाव के बीच खाड़ी क्षेत्र में स्थिति और भी संवेदनशील हो गई है। कतर के पास एक मालवाहक जहाज पर संदिग्ध प्रोजेक्टाइल से हमला और ईरान के खार्ग द्वीप के पास बड़े तेल रिसाव ने समुद्री सुरक्षा और पर्यावरणीय चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेल रिसाव 20 वर्ग मील तक फैल चुका है, जिससे क्षेत्रीय पारिस्थितिकी पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

    इसी बीच अमेरिका के प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि समझौते की स्थिति में ईरान पर लगे प्रतिबंध धीरे-धीरे हटाए जा सकते हैं और उसकी जमी हुई संपत्ति भी जारी की जा सकती है, लेकिन इसके बदले परमाणु गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण जरूरी होगा।

    क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए ब्रिटेन और फ्रांस ने भी अपनी नौसैनिक तैनाती बढ़ा दी है, जबकि रूस ने प्रस्ताव दिया है कि वह ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम को सुरक्षित रखने के लिए तैयार है।

    मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट अब वैश्विक ऊर्जा और व्यापार का सबसे संवेदनशील क्षेत्र बन गया है, जहां किसी भी टकराव का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

  • सागर के शाहपुर में हंगामा: दो मौतों के बाद सड़क पर शव रखकर आक्रोश, तनाव बढ़ा

    सागर के शाहपुर में हंगामा: दो मौतों के बाद सड़क पर शव रखकर आक्रोश, तनाव बढ़ा


    नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश के सागर जिले के शाहपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में हुई हिंसक वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया है। शराब माफियाओं की पिटाई में घायल दूसरे युवक सूरज अहिरवार ने भी रविवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले इसी घटना में नीरज प्रजापति की मौत हो चुकी थी।

    लगातार दो मौतों के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया और आक्रोशित परिजनों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मार्ग को जाम कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    बोलेरो से आए हमलावरों ने की थी बेरहमी से पिटाई

    जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार रात की है जब वार्ड क्रमांक-7 शाहपुर निवासी नीरज प्रजापति और सूरज अहिरवार गढ़ाकोटा से काम के बाद लौट रहे थे। रास्ते में बोलेरो सवार 10 से 12 लोगों ने उन्हें रोक लिया और शराब बेचने के संदेह में लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। हमले में नीरज गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया था, जबकि सूरज किसी तरह बचकर घर पहुंचा था। बाद में नीरज की मौत हो गई थी।

    सबूत मिटाने की कोशिश का आरोप

    शनिवार सुबह नीरज का शव बरेठा बाबा की घाटी के पास सड़क किनारे मिला था। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने हत्या को सड़क हादसा दिखाने के लिए शव को वहां फेंक दिया। इसी बीच सूरज को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार को उसकी भी मौत हो गई।

    मरने से पहले दिए आरोपियों के नाम

    अस्पताल में भर्ती सूरज ने पुलिस को दिए बयान में कई नामों का खुलासा किया था। उसने बताया कि अंशुल, छोटू, भगवत और नीलेश समेत कई लोगों ने मिलकर दोनों की पिटाई की थी। इसी बयान के आधार पर पुलिस ने हत्या समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है और आरोपियों की तलाश में टीमें गठित कर दी हैं।

    शाहपुर में तनाव, चक्काजाम और पुलिस पर सवाल

    दो मौतों के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों और ग्रामीणों ने शाहपुर में शव रखकर सड़क जाम कर दिया और प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और चौकी प्रभारी को हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने पहले ही मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे स्थिति बिगड़ गई।

    पुलिस की कार्रवाई जारी

    पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। प्रशासन ने इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है।

  • रविवार की भस्म आरती में Mahakaleshwar Jyotirlinga का अलौकिक रूप: रजत मुकुट और भस्म से हुआ भव्य श्रृंगार

    रविवार की भस्म आरती में Mahakaleshwar Jyotirlinga का अलौकिक रूप: रजत मुकुट और भस्म से हुआ भव्य श्रृंगार


    नई दिल्ली । विश्व प्रसिद्ध Shri Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple में रविवार तड़के भस्म आरती के दौरान अद्भुत आध्यात्मिक दृश्य देखने को मिला। सुबह करीब 4 बजे जैसे ही मंदिर के पट खुले, पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देव प्रतिमाओं का विधिवत पूजन किया और भगवान महाकाल का जलाभिषेक संपन्न कराया।
    इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया गया। इस दौरान त्रिशूल, त्रिपुंड और डमरू के साथ भांग अर्पित कर विशेष श्रृंगार किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
    भस्म अर्पण के साथ हुआ दिव्य श्रृंगार
    कपूर आरती के बाद हरिओम जल अर्पित किया गया और फिर भगवान महाकाल के ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर भस्म अर्पित की गई। भस्म अर्पण के बाद भगवान का दिव्य श्रृंगार और भी भव्य रूप में सामने आया।
    शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला के साथ सुगंधित पुष्पों की मालाएं बाबा महाकाल को अर्पित की गईं। मोगरे और गुलाब के फूलों से सजे भगवान महाकाल का स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
    भोग और आरती के बाद भक्तों को मिला दर्शन
    श्रृंगार पूर्ण होने के बाद भगवान को फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। भस्म आरती के दौरान महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।
    आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरा मंदिर परिसर “हर हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।
  • उज्जैन में आस्था का संगम: अर्जुन रामपाल ने किए महाकाल दर्शन, साथ दिखीं गायिका इशिता विश्वकर्मा

    उज्जैन में आस्था का संगम: अर्जुन रामपाल ने किए महाकाल दर्शन, साथ दिखीं गायिका इशिता विश्वकर्मा


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता Arjun Rampal रविवार तड़के मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे और बाबा महाकाल के दर्शन किए। वे सुबह करीब 4 बजे मंदिर पहुंचे और लगभग दो घंटे तक नंदी हॉल में बैठकर भस्म आरती में शामिल हुए। इस दौरान उनका पूरा ध्यान शिव साधना में केंद्रित नजर आया। भस्म आरती के बाद उन्होंने चांदी द्वार पर विधिवत दर्शन किए और भगवान महाकाल के सामने माथा टेककर आशीर्वाद लिया। इसके बाद मंदिर के पुजारियों द्वारा उनका देहरी पूजन कराया गया।

    मंदिर प्रशासन ने किया पारंपरिक स्वागत

    मंदिर प्रशासन की ओर से उप प्रशासक एस.एन. सोनी ने अर्जुन रामपाल का ‘महाकाल’ लिखे दुपट्टे से स्वागत किया। अभिनेता ने मंदिर की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां की व्यवस्था बेहद सुव्यवस्थित और आध्यात्मिक अनुभव देने वाली है। उन्होंने आगामी सिंहस्थ तैयारियों का भी उल्लेख किया। अर्जुन रामपाल इससे पहले भी मार्च 2025 में उज्जैन आ चुके हैं, जब उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान मंदिर में पूजा-अर्चना की थी।

    इशिता विश्वकर्मा ने जन्मदिन पर लिया महाकाल का आशीर्वाद

    इसी दौरान गायिका Ishita Vishwakarma भी महाकाल मंदिर पहुंचीं और भस्म आरती में शामिल होकर दर्शन किए। यह अवसर उनके 24वें जन्मदिन के साथ खास बन गया। इशिता ने बताया कि वे मध्यप्रदेश के जबलपुर की रहने वाली हैं और बाबा महाकाल में उनकी गहरी आस्था है। उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां आकर उन्हें आध्यात्मिक शांति मिलती है।

    भस्म आरती के दौरान उन्होंने भक्ति गीत “मन मेरा मंदिर, शिव मेरी पूजा, शिव से बड़ा नहीं कोई दूजा” भी प्रस्तुत किया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।