Author: bharati

  • आज का राशिफल 3 मई 2026: किस्मत का खेल बदलेगा आज, जानें मेष से मीन तक किसका दिन चमकेगा

    आज का राशिफल 3 मई 2026: किस्मत का खेल बदलेगा आज, जानें मेष से मीन तक किसका दिन चमकेगा


    नई दिल्ली। 3 मई 2026 का दिन ग्रह-नक्षत्रों की चाल के हिसाब से कई राशियों के लिए बदलाव और अवसर लेकर आया है। रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित होता है और मान्यता है कि आज उनकी पूजा करने से मान-सम्मान और सफलता में वृद्धि होती है। ऐसे में आज का राशिफल कई लोगों के लिए नई उम्मीदें और कुछ के लिए सावधानी का संकेत दे रहा है।

    मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन सकारात्मक संकेत लेकर आया है। लंबे समय से अटके काम पूरे हो सकते हैं और परिवार का सहयोग भी मिलेगा। ऑफिस में दबाव जरूर रहेगा, लेकिन आप अपनी समझदारी से सब संभाल लेंगे। वहीं वृषभ राशि वालों को थोड़ा सुस्त महसूस हो सकता है। काम में मन कम लगेगा और छोटे-छोटे खर्च परेशान कर सकते हैं, इसलिए बजट पर ध्यान देना जरूरी है।

    मिथुन राशि के लिए आज संवाद ही सफलता की कुंजी बनेगा। कोई कॉल या मैसेज बड़ा फायदा दे सकता है, लेकिन जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना होगा। कर्क राशि वालों के लिए घर-परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और भावनाओं पर नियंत्रण रखना जरूरी रहेगा।

    सिंह राशि के जातक आज ऊर्जा से भरपूर रहेंगे। नए काम की शुरुआत के लिए दिन अनुकूल है, लेकिन दिखावे में खर्च करने से बचना चाहिए। वहीं कन्या राशि के लिए दिन स्थिर और सकारात्मक रहेगा। ऑफिस में आपकी बात सुनी जाएगी और सीनियर्स का सपोर्ट मिलेगा।

    तुला राशि के लिए आर्थिक मामलों में राहत मिलने के संकेत हैं। रुका हुआ पैसा मिल सकता है, हालांकि सेहत पर ध्यान देना जरूरी रहेगा। वृश्चिक राशि वालों के लिए भाग्य का साथ मिलेगा और अटके काम आगे बढ़ेंगे। यात्रा के भी योग बन सकते हैं।

    धनु राशि के जातकों के लिए दिन संतुलित रहेगा। लोग आपकी बातों को महत्व देंगे और पुराने विवाद सुलझ सकते हैं। वहीं मकर राशि वालों को मानसिक उलझन का सामना करना पड़ सकता है। खर्च बढ़ने के संकेत हैं, इसलिए फोकस बनाए रखना जरूरी होगा।

    कुंभ राशि के लिए आज का दिन लाभदायक साबित हो सकता है। आर्थिक अवसर मिलेंगे और दोस्तों का सहयोग भी मिलेगा। छोटी यात्रा के योग भी बन सकते हैं। वहीं मीन राशि के जातकों को आज थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। जल्दबाजी में लिए गए फैसले नुकसान दे सकते हैं, इसलिए धैर्य और सावधानी बनाए रखें।

    कुल मिलाकर, 3 मई का दिन कई राशियों के लिए अवसरों से भरा है, लेकिन सही निर्णय और संयम ही सफलता की कुंजी साबित होगा।

  • दवाओं से आगे बढ़कर अपनाएं ये 4 जरूरी बदलाव, टाइप-2 डायबिटीज पर मिलेगा बेहतर नियंत्रण

    दवाओं से आगे बढ़कर अपनाएं ये 4 जरूरी बदलाव, टाइप-2 डायबिटीज पर मिलेगा बेहतर नियंत्रण

    नई दिल्ली। आज के दौर में टाइप-2 डायबिटीज एक ऐसी स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है, जो तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रही है। बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं। हालांकि यह बीमारी गंभीर जरूर है, लेकिन सही आदतों को अपनाकर इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल दवाओं पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि दैनिक जीवन में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव भी उतने ही जरूरी हैं।

    सबसे पहले शरीर के वजन को संतुलित रखना बेहद आवश्यक है। बढ़ता हुआ वजन न केवल डायबिटीज के खतरे को बढ़ाता है, बल्कि इसे नियंत्रित करना भी मुश्किल बना देता है। इसलिए नियमित रूप से वजन की निगरानी करना और जरूरत के अनुसार उसे कम करने के प्रयास करना चाहिए। संतुलित वजन शरीर में इंसुलिन की कार्यक्षमता को बेहतर बनाता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है।

    इसके साथ ही शारीरिक सक्रियता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना बेहद जरूरी है। रोजाना कम से कम 20 से 30 मिनट तक व्यायाम करने से शरीर सक्रिय रहता है और शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। तेज चलना, साइकिल चलाना, योग या हल्का व्यायाम जैसे विकल्प आसानी से अपनाए जा सकते हैं। नियमित शारीरिक गतिविधि शरीर में ऊर्जा संतुलन बनाए रखती है और मेटाबॉलिज्म को मजबूत बनाती है।

    खानपान की भूमिका भी इस बीमारी को नियंत्रित करने में बेहद अहम है। संतुलित और पौष्टिक आहार लेने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और ब्लड शुगर अचानक बढ़ने से बचता है। भोजन में हरी सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर चीजें शामिल करनी चाहिए। इसके साथ ही अधिक तले-भुने और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाना भी जरूरी है। सही डाइट न केवल डायबिटीज को कंट्रोल करती है, बल्कि शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखती है।

    इसके अलावा कुछ आदतों से दूरी बनाना भी उतना ही जरूरी है, जो इस समस्या को बढ़ा सकती हैं। ज्यादा चीनी और सैचुरेटेड फैट वाले खाद्य पदार्थ ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाते हैं, इसलिए इनका सेवन सीमित करना चाहिए। साथ ही तंबाकू का सेवन भी स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। यह न केवल डायबिटीज के खतरे को बढ़ाता है, बल्कि हृदय और फेफड़ों पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।

  • मिनटों में तैयार टमाटर पुलाव, हर उम्र के लोगों को आएगा पसंद..

    मिनटों में तैयार टमाटर पुलाव, हर उम्र के लोगों को आएगा पसंद..

    नई दिल्ली। आज के व्यस्त जीवन में लोग ऐसे भोजन की तलाश में रहते हैं जो जल्दी तैयार हो, स्वादिष्ट भी हो और घर के सभी सदस्यों को पसंद आए। ऐसे में टमाटर पुलाव एक बेहतरीन विकल्प के रूप में उभरता है। यह डिश न केवल अपने खट्टे-मीठे स्वाद के कारण खास है, बल्कि इसकी सादगी और सुगंध भी इसे रोजमर्रा के खाने से अलग बनाती है। घर की रसोई में मौजूद सामान्य मसालों और कुछ ताजी सामग्री से तैयार होने वाला यह पुलाव लंच और डिनर दोनों के लिए उपयुक्त माना जाता है।

    टमाटर पुलाव की सबसे बड़ी खासियत इसकी संतुलित स्वाद संरचना है। टमाटर की हल्की खटास, मसालों की खुशबू और चावल की नरमी मिलकर ऐसा स्वाद तैयार करते हैं, जो खाने वाले को संतुष्टि देता है। यही कारण है कि यह डिश बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आती है। इसे दही, रायता या अचार के साथ परोसा जाए तो इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है, जिससे यह एक संपूर्ण भोजन का रूप ले लेता है।

    इस व्यंजन को बनाने की प्रक्रिया भी बेहद आसान है, जो इसे और अधिक लोकप्रिय बनाती है। सबसे पहले चावल को धोकर कुछ समय के लिए भिगोया जाता है, ताकि पकने के बाद वे फूले-फूले और अलग-अलग रहें। इसके बाद कड़ाही या कुकर में तेल या घी गर्म करके उसमें जीरा डाला जाता है, जो तड़कने पर अपनी खुशबू छोड़ता है। फिर इसमें प्याज डालकर हल्का सुनहरा होने तक भुना जाता है, जिससे बेस का स्वाद तैयार होता है।

    अगले चरण में अदरक-लहसुन पेस्ट और हरी मिर्च डालकर मसाले को और गहराई दी जाती है। इसके बाद कटे हुए टमाटर डाले जाते हैं, जिन्हें तब तक पकाया जाता है जब तक वे पूरी तरह गल न जाएं। मसालों का सही संतुलन इस डिश की आत्मा होता है, इसलिए हल्दी, लाल मिर्च और गरम मसाला डालकर इसे अच्छी तरह भूनना जरूरी होता है। जब मसाले से तेल अलग होने लगे, तब समझा जाता है कि बेस तैयार है।

    इसके बाद भीगे हुए चावल को मसाले में मिलाकर हल्के हाथ से चलाया जाता है, ताकि दाने टूटें नहीं। फिर पानी डालकर इसे पकने के लिए छोड़ दिया जाता है। चाहे कुकर का इस्तेमाल करें या कड़ाही का, कुछ ही मिनटों में चावल पूरी तरह पक जाते हैं और एक खुशबूदार पुलाव तैयार हो जाता है।

    अंत में हरे धनिए से सजाकर इसे गर्मागर्म परोसा जाता है। टमाटर पुलाव न केवल स्वाद में बेहतरीन होता है, बल्कि यह एक ऐसा विकल्प भी है जो कम समय में पौष्टिक और संतुलित भोजन प्रदान करता है। यही वजह है कि यह डिश धीरे-धीरे हर रसोई का अहम हिस्सा बनती जा रही है और लोगों के खाने के अनुभव को और भी खास बना रही है।

  • खंडवा के नए एसपी बने अगम जैन: छतरपुर से ट्रांसफर, मनोज कुमार राय PHQ भोपाल में DIG पद पर तैनात

    खंडवा के नए एसपी बने अगम जैन: छतरपुर से ट्रांसफर, मनोज कुमार राय PHQ भोपाल में DIG पद पर तैनात


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में देर रात बड़े स्तर पर तबादले किए गए, जिसके तहत खंडवा जिले को नया पुलिस अधीक्षक मिल गया है। छतरपुर में पदस्थ रहे आईपीएस अधिकारी अगम जैन को अब खंडवा का नया एसपी नियुक्त किया गया है।
    अगम जैन 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 133वीं रैंक हासिल की थी। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले जैन इससे पहले छतरपुर जिले में एसपी के रूप में कार्यरत थे, जहां उनके कार्यकाल के दौरान कानून व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया था।
    वहीं, खंडवा के वर्तमान एसपी मनोज कुमार राय, जो हाल ही में डीआईजी पद पर प्रमोट हुए थे, अब उन्हें पुलिस मुख्यालय भोपाल (PHQ) में उप पुलिस महानिरीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। भोपाल स्थित मुख्यालय में उनकी नई पोस्टिंग को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी माना जा रहा है।
    मनोज कुमार राय 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उनके प्रमोशन के बाद उनकी नई पोस्टिंग का इंतजार किया जा रहा था, जो अब पूरा हो गया है।
    इस तबादले को पुलिस प्रशासन में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जिससे दोनों जिलों में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है।
  • भारत में बनेगी देश की पहली बुलेट ट्रेन: मिडिल क्लास के लिए किफायती किराया, जल्द तय होगा नाम

    भारत में बनेगी देश की पहली बुलेट ट्रेन: मिडिल क्लास के लिए किफायती किराया, जल्द तय होगा नाम


    नई दिल्ली।  भारत में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। सरकार अब देश में ही बुलेट ट्रेन निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इस परियोजना का उद्देश्य न सिर्फ तकनीकी आत्मनिर्भरता हासिल करना है, बल्कि आम लोगों, खासकर मिडिल क्लास यात्रियों के लिए तेज और किफायती यात्रा विकल्प उपलब्ध कराना भी है।

    इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत भविष्य में देश की पहली बुलेट ट्रेन पूरी तरह से भारत में ही तैयार की जाएगी। इसमें इंजन से लेकर कोच तक अधिकतर हिस्से स्वदेशी तकनीक और निर्माण क्षमता पर आधारित होंगे। माना जा रहा है कि इससे देश की रेलवे निर्माण क्षमता को नई मजबूती मिलेगी।

    सरकारी योजना के अनुसार, किराया ऐसा रखा जाएगा जिससे मध्यम वर्ग के लोग भी आसानी से इसका उपयोग कर सकें। अभी तक हाई-स्पीड ट्रेनों को आमतौर पर महंगा माना जाता था, लेकिन नई नीति में इसे अधिक सुलभ बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

    परियोजना के तहत ट्रेन की रफ्तार और सुरक्षा मानकों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक से लैस यह बुलेट ट्रेन देश के प्रमुख शहरों को तेज गति से जोड़ने में सक्षम होगी, जिससे यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी।

    इसके अलावा, सरकार इस ट्रेन के लिए एक नया और आकर्षक नाम भी तय करने की प्रक्रिया में है, जो भारतीय पहचान और आधुनिकता दोनों को दर्शाएगा। नाम को लेकर सुझाव और विचार-विमर्श जारी है।

    इस परियोजना को देश के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जो भविष्य में परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह बदल सकता है।

  • अनदेखे संकेत जो बन सकते हैं जानलेवा: महिलाओं में हार्ट अटैक के अलग लक्षण

    अनदेखे संकेत जो बन सकते हैं जानलेवा: महिलाओं में हार्ट अटैक के अलग लक्षण


    नई दिल्ली। दिल की बीमारी को लंबे समय तक एक “पुरुष-प्रधान” स्वास्थ्य समस्या माना जाता रहा है, लेकिन बदलती जीवनशैली और बढ़ते जोखिम कारकों ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। आज के समय में दिल की बीमारियां महिलाओं में भी तेजी से बढ़ रही हैं और यह वैश्विक स्तर पर एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन चुकी हैं।
    विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाओं में हृदय रोगों की सबसे बड़ी समस्या उनकी देर से पहचान है। इसका मुख्य कारण यह है कि महिलाओं में दिल की बीमारी के लक्षण अक्सर पुरुषों की तुलना में अलग और कम स्पष्ट होते हैं। यही वजह है कि कई बार इन संकेतों को सामान्य थकान, गैस या तनाव समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
    आमतौर पर दिल के दौरे का सबसे सामान्य लक्षण सीने में तेज दर्द माना जाता है, लेकिन यह लक्षण महिलाओं में हमेशा स्पष्ट नहीं होता। इसके बजाय महिलाओं में सांस फूलना, अत्यधिक थकान, जी मिचलाना, पीठ, गर्दन या जबड़े में असहजता जैसे संकेत दिखाई दे सकते हैं। ये लक्षण इतने सामान्य लगते हैं कि महिलाएं अक्सर इन्हें गंभीरता से नहीं लेतीं, जिससे इलाज में देरी हो जाती है।
    डॉक्टरों का कहना है कि चिकित्सा शोधों और क्लिनिकल ट्रायल्स में लंबे समय तक महिलाओं की भागीदारी कम रही है, जिसके कारण हृदय रोगों की समझ मुख्य रूप से पुरुषों के लक्षणों पर आधारित हो गई। यही कारण है कि महिलाओं में बीमारी की पहचान कई बार देर से होती है और जोखिम बढ़ जाता है।
    विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि महिला और पुरुष का हृदय एक जैसा होने के बावजूद, शरीर की जैविक संरचना और हार्मोनल अंतर के कारण रोग के लक्षण और प्रभाव अलग हो सकते हैं। इसलिए सभी के लिए एक ही प्रकार का डायग्नोसिस या इलाज हमेशा प्रभावी नहीं होता।
    अच्छी बात यह है कि दिल की अधिकांश बीमारियों को रोका जा सकता है, क्योंकि इनका सीधा संबंध जीवनशैली से होता है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और तनाव नियंत्रण दिल की सेहत को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
    फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त भोजन को दैनिक आहार में शामिल करना चाहिए, जबकि अधिक तैलीय, नमकीन और मीठे खाद्य पदार्थों से दूरी बनाए रखना जरूरी है। रोजाना कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि, जैसे तेज चलना या हल्का व्यायाम, दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
    इसके साथ ही पर्याप्त नींद लेना, धूम्रपान से बचना और तनाव को नियंत्रित करना भी बेहद जरूरी है। लगातार तनाव हृदय पर सीधा नकारात्मक प्रभाव डालता है और कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
    कुछ विशेष स्थितियां, जैसे गर्भावस्था के दौरान जटिलताएं या ऑटोइम्यून बीमारियां, महिलाओं में हृदय रोगों का खतरा बढ़ा सकती हैं। लेकिन अक्सर इन परिस्थितियों के बाद भी नियमित जांच को नजरअंदाज कर दिया जाता है।
    इसीलिए विशेषज्ञ समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को बेहद जरूरी मानते हैं। नियमित चेकअप से बीमारी का शुरुआती चरण में ही पता लगाया जा सकता है और गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।
    कुल मिलाकर, महिलाओं के लिए दिल की बीमारी एक छिपा हुआ लेकिन गंभीर खतरा है। सही जानकारी, जागरूकता और समय पर जांच ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
  • शिवपुरी में आंधी-तूफान का कहर: 100 बीघा फसल खाक, 55 मवेशियों की मौत, कई गांवों में तबाही

    शिवपुरी में आंधी-तूफान का कहर: 100 बीघा फसल खाक, 55 मवेशियों की मौत, कई गांवों में तबाही


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में शनिवार को आई तेज आंधी और बारिश ने व्यापक तबाही मचा दी। महज 15 मिनट की इस प्राकृतिक आपदा ने शहर से लेकर गांव तक जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली धूल भरी आंधी के बाद कई जगहों पर आग और हादसों की भयावह स्थिति बन गई।

    नरवर क्षेत्र के सिमरिया, इमलिया और पारागढ़ गांवों में नरवाई की आग ने विकराल रूप ले लिया। आंधी के कारण आग तेजी से फैल गई और देखते ही देखते करीब 100 बीघा में खड़ी लहसुन की फसल जलकर राख हो गई। इसके अलावा 100 से अधिक भूसे और कंडों के कूप भी आग की चपेट में आकर नष्ट हो गए। किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।

    सबसे दर्दनाक घटना पशुधन से जुड़ी रही, जहां करीब 55 मवेशियों की जलकर मौत हो गई। खेतों और बाड़ों में बंधे ये पशु आग से बच नहीं सके और जिंदा जल गए, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश और दुख है।

    इसी दौरान कई अन्य जिलों में भी आंधी ने भारी नुकसान पहुंचाया। करैरा के बांसवेरा में मकान की छत गिरने से एक मां और बेटा मलबे में दब गए, जिन्हें ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर बचाया। वहीं शिवपुरी शहर में पोलो ग्राउंड की बाउंड्रीवाल गिरने से चार युवक घायल हो गए।

    तेज आंधी के चलते पेड़ और बिजली के खंभे भी बड़ी संख्या में गिर गए, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। बिजली विभाग के अनुसार अकेले शिवपुरी क्षेत्र में 60 से अधिक पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं।

    भीमपुर तहसील के बर्राढाना गांव में आग की एक और बड़ी घटना सामने आई, जहां चूल्हे की चिंगारी से लगी आग ने 18 मकानों को जला दिया। इस हादसे में 30 से अधिक बकरियां और 25 मवेशी भी जिंदा जल गए। गैस सिलेंडर फटने से स्थिति और भयावह हो गई।

    इसी तरह दमोह और रायसेन जिलों में भी आंधी-तूफान से बिजली व्यवस्था चरमरा गई और आगजनी की घटनाओं में भारी नुकसान हुआ।

    प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है और प्रभावित परिवारों को अस्थायी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। हालांकि, इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों और ग्रामीणों की कमर तोड़ दी है।

  • शिवपुरी में गेहूं उपार्जन केंद्रों पर सख्ती: कलेक्टर ने दिए कड़े निर्देश, गड़बड़ी पर होगी कार्रवाई

    शिवपुरी में गेहूं उपार्जन केंद्रों पर सख्ती: कलेक्टर ने दिए कड़े निर्देश, गड़बड़ी पर होगी कार्रवाई


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में गेहूं उपार्जन व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उपार्जन केंद्रों की लगातार निगरानी की जाए और किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जाए।

    कलेक्टर ने स्पष्ट कहा है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संपन्न की जानी चाहिए। इसी के तहत जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों पर नियमित निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।

    निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने टोकन वितरण व्यवस्था, बारदाना उपलब्धता, गेहूं की गुणवत्ता और परिवहन व्यवस्था की बारीकी से जांच की। इसके साथ ही किसानों को भुगतान समय पर हो रहा है या नहीं, इसकी भी समीक्षा की गई।

    डिप्टी कलेक्टर अजय शर्मा ने बैराड़ उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किया, जबकि डिप्टी कलेक्टर शिवदयाल धाकड़ ने मलावनी, कमालपुर और पिछोर स्थित उपार्जन केंद्रों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कुछ स्थानों पर सुधार की आवश्यकता है।

    अधिकारियों ने केंद्रों पर किसानों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, छाया और बैठने की व्यवस्था की भी समीक्षा की। जहां कमियां पाई गईं, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।

    प्रशासन का कहना है कि उपार्जन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी केंद्रों पर निगरानी लगातार जारी रहेगी ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो।

  • शिवपुरी में योग दिवस की तैयारी तेज: 50 दिन का काउंटडाउन शुरू, जगह-जगह योग सत्र

    शिवपुरी में योग दिवस की तैयारी तेज: 50 दिन का काउंटडाउन शुरू, जगह-जगह योग सत्र


    नई दिल्ली। 21 जून को होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। आयोजन से 50 दिन पहले ही प्रशासन ने काउंटडाउन अभियान शुरू कर दिया है, जिसके तहत पूरे जिले में योग को लेकर जागरूकता गतिविधियां चलाई जा रही हैं।

    शनिवार को जिला मुख्यालय के स्टेडियम परिसर में एक सामूहिक योगाभ्यास सत्र आयोजित किया गया, जिसमें खिलाड़ी, बच्चे, बुजुर्ग और आम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

    कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने योग के माध्यम से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने पर जोर दिया। अधिकारियों ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति है, जिसे रोजमर्रा की दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।

    जिला आयुष विभाग की ओर से बताया गया कि आने वाले दिनों में जिलेभर में नियमित योग सत्र आयोजित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें। मुख्य आयोजन में अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न संस्थानों में भी विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

    जिला आयुष अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा ने कहा कि योग भारत की प्राचीन परंपरा और स्वास्थ्य विज्ञान का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे अपनाकर लोग रोगमुक्त और संतुलित जीवन जी सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे योग को केवल एक दिन का कार्यक्रम न मानकर इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

    इस अवसर पर जिला खेल अधिकारी डॉ. केके खरे भी उपस्थित रहे और उन्होंने युवाओं को योग के प्रति प्रेरित किया। प्रशासन का मानना है कि इस अभियान से जिले में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और भागीदारी दोनों बढ़ेंगी।

  • आलमपुर में दर्दनाक हादसा: बस ने महिला को कुचला, मौके पर मौत; ड्राइवर भागते हुए पकड़ा गया

    आलमपुर में दर्दनाक हादसा: बस ने महिला को कुचला, मौके पर मौत; ड्राइवर भागते हुए पकड़ा गया


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के आलमपुर में शनिवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना कॉक्सी सरकार तिराहे के पास हुई, जब महिला अपने भाई और भतीजी के साथ बाइक से मायके जा रही थी।

    जानकारी के अनुसार, 48 वर्षीय गुड्डी देवी अपने भाई कन्हैयालाल और भतीजी बबली के साथ बाइक पर सवार थीं। इसी दौरान सामने से आ रही तेज रफ्तार बस ने अचानक संतुलन खो दिया और बाइक को टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि बस चालक ने सड़क पर बने गड्ढे को बचाने की कोशिश की, जिससे वाहन अनियंत्रित हो गया और यह दर्दनाक हादसा हो गया।

    टक्कर इतनी भीषण थी कि गुड्डी देवी बस के पिछले पहिए के नीचे आ गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ जुट गई।

    घटना के बाद बस चालक ने भागने की कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। इस दौरान लोगों में गुस्सा और आक्रोश भी देखने को मिला।

    स्थानीय लोगों ने पुलिस की देरी पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि हादसा थाने से कुछ ही दूरी पर हुआ था, फिर भी पुलिस को मौके पर पहुंचने में काफी समय लग गया।

    पुलिस के अनुसार, बस को जब्त कर लिया गया है और चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।