Author: bharati

  • जर्मनी से 5000 अमेरिकी सैनिकों की वापसी: बयानबाजी से बढ़ा तनाव, NATO पर मंडराया खतरा

    जर्मनी से 5000 अमेरिकी सैनिकों की वापसी: बयानबाजी से बढ़ा तनाव, NATO पर मंडराया खतरा


    नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और जर्मन चांसलर Friedrich Merz के बीच बढ़ते जुबानी टकराव के बीच अमेरिका ने जर्मनी से करीब 5,000 सैनिकों को वापस बुलाने का बड़ा फैसला लिया है। अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार यह प्रक्रिया अगले 6 से 12 महीनों में पूरी की जाएगी। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब ईरान मुद्दे पर अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच मतभेद लगातार गहराते जा रहे हैं।

    तनाव की शुरुआत उस वक्त हुई जब मर्ज ने एक कार्यक्रम में अमेरिका की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि वॉशिंगटन के पास स्पष्ट योजना नहीं है और ईरान के साथ उसकी कोशिशें बेअसर साबित हो रही हैं। इस बयान से नाराज ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए जर्मन नेतृत्व की आलोचना की और कहा कि उन्हें वैश्विक सुरक्षा की वास्तविक समझ नहीं है।

    दरअसल, जर्मनी में अमेरिकी सेना की मौजूदगी लंबे समय से यूरोप में NATO की सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा रही है। वर्तमान में जर्मनी में 36,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, जो यूरोप में अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य मौजूदगी में से एक है। यहां के प्रमुख सैन्य ठिकाने जैसे Ramstein Air Base और स्टुटगार्ट स्थित कमांड सेंटर पूरे यूरोप, अफ्रीका और मध्य पूर्व में अमेरिकी अभियानों के लिए ‘लॉन्चिंग पैड’ का काम करते हैं।

    हालांकि, ट्रंप पहले भी जर्मनी से सैनिक हटाने की कोशिश कर चुके हैं। उन्होंने NATO के 2% रक्षा खर्च लक्ष्य को लेकर जर्मनी की आलोचना की थी और 12,000 सैनिकों की वापसी का प्रस्ताव रखा था, जिसे बाद में Joe Biden प्रशासन ने रोक दिया था। अब एक बार फिर सैनिकों की वापसी का फैसला सामने आने से यूरोप-अमेरिका संबंधों में खटास बढ़ती दिख रही है।

    इस फैसले के पीछे एक बड़ी रणनीति भी मानी जा रही है। ट्रंप प्रशासन यूरोप से सैन्य फोकस हटाकर एशिया-प्रशांत क्षेत्र की ओर बढ़ाना चाहता है, ताकि China के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला किया जा सके।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह फैसला लागू होता है, तो इससे NATO की एकजुटता कमजोर हो सकती है और यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। साथ ही, यह संदेश भी जा सकता है कि अमेरिका अब अपने पारंपरिक सहयोगियों के प्रति पहले जितना प्रतिबद्ध नहीं है।

    कुल मिलाकर, जर्मनी से सैनिकों की संभावित वापसी सिर्फ एक सैन्य निर्णय नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक राजनीति और शक्ति संतुलन का संकेत है, जिसका असर आने वाले समय में यूरोप और दुनिया की सुरक्षा व्यवस्था पर साफ दिखाई दे सकता है।

  • दैनिक अंक राशिफल: मूलांक 1 से 9 तक जानें आज का भाग्य और संकेत

    दैनिक अंक राशिफल: मूलांक 1 से 9 तक जानें आज का भाग्य और संकेत

    नई दिल्ली। 2 मई 2026 का दिन अंक ज्योतिष की दृष्टि से खास माना जा रहा है क्योंकि आज का भाग्यांक 8 बनता है, जो शनि ग्रह के प्रभाव को दर्शाता है। अंक 8 को जीवन में कर्म, अनुशासन, जिम्मेदारी और परिणाम का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में आज का दिन कई लोगों के लिए नए अनुभव, अवसर और कुछ चुनौतियां लेकर आ सकता है। मूलांक 1 से 9 तक के जातकों के लिए दिन का प्रभाव अलग-अलग रूप में सामने आएगा।

    मूलांक 1 वालों के लिए आज का दिन नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने वाला रहेगा। कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और निर्णय लेने की क्षमता की परीक्षा होगी। हालांकि, किसी भी स्थिति में अहंकार से दूरी बनाए रखना जरूरी रहेगा, नहीं तो संबंधों में तनाव पैदा हो सकता है।

    मूलांक 2 के लोगों के लिए दिन भावनात्मक उतार-चढ़ाव से भरा रह सकता है। मन में अस्थिरता और संवेदनशीलता अधिक रहेगी, जिससे छोटे निर्णयों में भी भ्रम की स्थिति बन सकती है। ऐसे समय में संयम और स्पष्ट सोच बनाए रखना जरूरी होगा।

    मूलांक 3 वालों के लिए यह दिन सकारात्मक संकेत दे रहा है। रचनात्मक कार्यों में प्रगति होगी और शिक्षा या नए प्रोजेक्ट्स में सफलता मिलने की संभावना है। वरिष्ठों और सहयोगियों का सहयोग भी प्राप्त होगा, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा।

    मूलांक 4 के जातकों को आज धैर्य के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है। कार्यों में कुछ देरी हो सकती है, जिससे थोड़ी निराशा महसूस हो सकती है, लेकिन परिणाम अंततः सकारात्मक रहेंगे। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतना जरूरी होगा।

    मूलांक 5 वालों के लिए दिन अवसरों से भरा हो सकता है। नए संपर्क बनेंगे और व्यापार या करियर में लाभ के संकेत मिल सकते हैं। संवाद कौशल आज महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यात्रा की संभावना भी बन रही है।

    मूलांक 6 के जातकों के लिए यह दिन पारिवारिक और भावनात्मक रूप से अच्छा रहेगा। रिश्तों में मजबूती आएगी और घर का माहौल सुखद रहेगा। कला, सौंदर्य या रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों के लिए यह समय लाभकारी साबित हो सकता है।

    मूलांक 7 वालों का रुझान आज आत्मचिंतन और आध्यात्मिकता की ओर रहेगा। एकांत में समय बिताने की इच्छा बढ़ सकती है और किसी गहरे विषय पर विचार करने का मन करेगा। कार्यक्षेत्र में गति थोड़ी धीमी रह सकती है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में रहेगी।

    मूलांक 8 के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि भाग्यांक भी इसी संख्या से जुड़ा है। मेहनत का फल मिलने के संकेत हैं और कार्यक्षेत्र में प्रगति संभव है। हालांकि जिम्मेदारियां भी बढ़ सकती हैं, इसलिए संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावना है, लेकिन तनाव से दूर रहना होगा।

    मूलांक 9 वालों के लिए दिन ऊर्जा और उत्साह से भरा रहेगा। सामाजिक कार्यों में भागीदारी बढ़ सकती है और दूसरों की मदद करने से संतोष मिलेगा। प्रेम संबंधों में सकारात्मकता बनी रहेगी और स्वास्थ्य भी सामान्य रहेगा।

  • आज का पंचांग: ज्येष्ठ कृष्ण प्रतिपदा और नारद जयंती, जानें शुभ-अशुभ समय का पूरा विवरण

    आज का पंचांग: ज्येष्ठ कृष्ण प्रतिपदा और नारद जयंती, जानें शुभ-अशुभ समय का पूरा विवरण

    नई दिल्ली। 2 मई 2026, शनिवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व लिए हुए है। आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि का प्रभाव है, जो रात 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगा, इसके बाद द्वितीया तिथि प्रारंभ हो जाएगी। इस दिन का सबसे बड़ा धार्मिक महत्व नारद जयंती से जुड़ा है, जिसे ज्ञान और भक्ति के प्रतीक देवर्षि नारद को समर्पित माना जाता है।

    दिन की शुरुआत सूर्य उदय के साथ सुबह 5:40 बजे हुई, जबकि सूर्यास्त शाम 6:57 बजे होगा। चंद्रमा का उदय शाम 7:50 बजे के बाद होगा और इस दिन चंद्रास्त नहीं रहेगा। ग्रहों की यह स्थिति सामान्य रूप से संतुलित मानी जाती है, लेकिन कुछ समय विशेष सावधानी की आवश्यकता दर्शाते हैं।

    ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज व्यातीपात योग का प्रभाव सुबह से लेकर रात 9:44 बजे तक रहेगा। इस योग को सामान्यतः चुनौतीपूर्ण माना जाता है, जहां बड़े निर्णयों में जल्दबाजी से बचने की सलाह दी जाती है। इसके बाद वरीयान योग प्रारंभ होगा, जो मानसिक स्थिरता और सकारात्मकता का संकेत देता है।

    दिन की शुरुआत बालव करण से हुई, जो सुबह 11:49 बजे तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद कौलव करण शुरू होगा, जो रात तक बना रहेगा। यह समय दैनिक कार्यों के लिए सामान्य रूप से ठीक माना जाता है, लेकिन महत्वपूर्ण कार्यों में शुभ मुहूर्त देखना उचित रहता है।

    यह दिन विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948 और गुजराती संवत 2082 के अंतर्गत आता है, जो परिवर्तन और नए आरंभ का संकेत देता है। ज्योतिष के अनुसार यह काल जीवन में नई दिशा और अवसरों का समय माना जाता है।

    धार्मिक दृष्टि से आज का दिन विशेष है क्योंकि नारद जयंती पर भक्ति और ज्ञान की साधना का महत्व बढ़ जाता है। इस दिन पूजा और ध्यान करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ने की मान्यता है। साथ ही यह दिन ज्येष्ठ मास के आरंभ का भी प्रतीक है, जिसे धार्मिक कार्यों, दान और तप के लिए शुभ माना जाता है।

  • प्यार और जुनून की कहानी, दीवान बशेश्वरनाथ कपूर ने प्रेमिका के लिए उठाया था बड़ा कदम..

    प्यार और जुनून की कहानी, दीवान बशेश्वरनाथ कपूर ने प्रेमिका के लिए उठाया था बड़ा कदम..

    नई दिल्ली। कपूर परिवार के इतिहास से जुड़ा एक पुराना और दिलचस्प किस्सा एक बार फिर चर्चा में है, जिसमें अभिनेता ऋषि कपूर के परदादा दीवान बशेश्वरनाथ कपूर के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक घटनाओं का उल्लेख मिलता है। यह कहानी उनके व्यक्तित्व, सोच और उस दौर की सामाजिक परिस्थितियों की एक झलक पेश करती है।

    दीवान बशेश्वरनाथ कपूर ब्रिटिश शासनकाल में प्रशासनिक सेवा से जुड़े हुए थे और अपने प्रभावशाली व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। उनका स्वभाव सामान्य से अलग और बेहद आत्मविश्वासी बताया जाता है, जिसकी वजह से उनके कई किस्से समय-समय पर सामने आते रहे हैं। परिवार से जुड़े लोग भी अक्सर उनके जीवन की इन कहानियों को याद करते रहे हैं।

    एक पुराने किस्से के अनुसार, एक बार जब वह अपनी घोड़ी पर यात्रा कर रहे थे, तब रास्ते में एक ब्रिटिश अधिकारी अपनी पत्नी के साथ मौजूद था। बातचीत के दौरान जब उस अधिकारी ने उनकी घोड़ी की तारीफ की, तो उन्होंने भी उसी अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि उनकी पत्नी भी उतनी ही अच्छी है। उनका यह जवाब उस समय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया था और उनके बेबाक स्वभाव को दर्शाता था।

    उनके जीवन से जुड़ा एक और किस्सा प्रेम से संबंधित बताया जाता है, जो उनके रोमांटिक और भावुक स्वभाव को दर्शाता है। कहा जाता है कि उन्होंने अपने प्रेम के लिए एक असाधारण कदम उठाया और अपनी प्रेमिका तक पहुंचने के लिए एक सुरंग खुदवाने का निर्णय लिया। यह घटना उस दौर में काफी असामान्य मानी गई और लोगों के बीच लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रही।

    हालांकि इस कदम के कारण उन्हें अपने पद से हटाए जाने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उनके इस निर्णय को उनके जुनूनी और भावनात्मक स्वभाव के उदाहरण के रूप में देखा जाता है। यह घटना उनके जीवन का एक ऐसा पहलू बन गई, जिसे लोग आज भी याद करते हैं।

    अभिनेता ऋषि कपूर ने अपने जीवनकाल में इस पारिवारिक इतिहास का जिक्र करते हुए बताया था कि उनके परिवार में जो रोमांटिक और भावनात्मक स्वभाव देखने को मिलता है, उसकी जड़ें कहीं न कहीं उनके पूर्वजों से जुड़ी हुई हैं। उनका मानना था कि यह गुण उन्हें विरासत में मिला है, जो उनके अभिनय में भी दिखाई देता था।

    यह पूरा किस्सा केवल एक पारिवारिक कहानी नहीं है, बल्कि उस समय की सोच, भावनात्मक अभिव्यक्ति और सामाजिक वातावरण को भी दर्शाता है। दीवान बशेश्वरनाथ कपूर का यह प्रसंग आज भी लोगों के बीच एक रोचक और चर्चित कहानी के रूप में याद किया जाता है, जो कपूर परिवार के इतिहास को और भी दिलचस्प बना देता है।

  • 3 बड़ी फिल्मों की टक्कर में बड़ा उलटफेर: 74 साल के स्टार की फिल्म ने मचाया धमाल..

    3 बड़ी फिल्मों की टक्कर में बड़ा उलटफेर: 74 साल के स्टार की फिल्म ने मचाया धमाल..

    नई दिल्ली। एक ही दिन सिनेमाघरों में तीन बड़ी फिल्मों की टक्कर देखने को मिली, जिसने बॉक्स ऑफिस को पूरी तरह से हाई-वोल्टेज बना दिया। इस मुकाबले में Patriot, Raja Shivaji और A Day शामिल रहीं। लेकिन पहले दिन के कलेक्शन ने साफ कर दिया कि दर्शकों का सबसे ज्यादा रुझान एक फिल्म की तरफ रहा।

    Patriot ने रिलीज के साथ ही जबरदस्त शुरुआत की और पहले दिन ही मजबूत कमाई दर्ज कर ली। फिल्म में अनुभवी कलाकारों की जोड़ी और दमदार कहानी ने दर्शकों को थिएटर तक खींचा। यही वजह रही कि ओपनिंग डे पर इस फिल्म ने बाकी दोनों फिल्मों को पीछे छोड़ दिया।

    इसके मुकाबले में उतरी Raja Shivaji ने भी ठीक-ठाक शुरुआत की, लेकिन उम्मीदों के मुकाबले थोड़ी कमजोर साबित हुई। फिल्म को शुरुआती दर्शकों से मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला, जिसका असर इसकी कमाई पर साफ दिखाई दिया। हालांकि कुल मिलाकर इसने सम्मानजनक ओपनिंग दर्ज की।

    वहीं A Day पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा सकी। सीमित दर्शकों और कमजोर शुरुआत के चलते इसकी कमाई अन्य दो फिल्मों की तुलना में काफी कम रही। इससे साफ हो गया कि मुकाबले में यह फिल्म पीछे रह गई।

    तीनों फिल्मों की इस टक्कर में सबसे आगे Patriot रही, जिसने पहले ही दिन बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली। दिग्गज कलाकारों की मौजूदगी और फिल्म को लेकर पहले से बनी चर्चा ने इसके कलेक्शन को काफी मजबूत बनाया।

  • एवरेस्ट पर हाई-टेक टकराव: अमेरिका के ड्रोन टेस्ट पर रोक, नेपाल ने चीन को पहले दी थी अनुमति; ट्रंप के दूत भी रहे मौजूद

    एवरेस्ट पर हाई-टेक टकराव: अमेरिका के ड्रोन टेस्ट पर रोक, नेपाल ने चीन को पहले दी थी अनुमति; ट्रंप के दूत भी रहे मौजूद


    नई दिल्ली। नेपाल के एवरेस्ट बेस कैंप पर अमेरिका द्वारा किए जा रहे हाई-एल्टीट्यूड ड्रोन टेस्ट को स्थानीय प्रशासन ने अनुमति न होने के कारण रोक दिया, जिससे हिमालय क्षेत्र में तकनीक और भू-राजनीति को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। यह मामला उस समय और संवेदनशील हो गया जब कार्यक्रम में अमेरिका के विशेष दूत सर्जियो गोर की मौजूदगी भी रही।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी कंपनी “Freefly Systems” के भारी-भरकम इंडस्ट्रियल ड्रोन का प्रदर्शन एवरेस्ट बेस कैंप (करीब 5,364 मीटर ऊंचाई) पर किया गया, लेकिन इसे औपचारिक उड़ान परीक्षण की मंजूरी नहीं मिली थी। नेपाली अधिकारियों ने साफ किया कि केवल डेमो हुआ था, जबकि वास्तविक फ्लाइट टेस्ट रोक दिया गया।

    इस ड्रोन की समुद्र तल पर पेलोड क्षमता लगभग 15.88 किलोग्राम बताई जाती है, लेकिन इतनी ऊंचाई और कम ऑक्सीजन वाले वातावरण में इसकी वास्तविक क्षमता अभी भी परीक्षण के दायरे में ही है। अधिकारियों का कहना है कि एवरेस्ट जैसी कठिन परिस्थितियों में ड्रोन का प्रदर्शन तभी समझा जा सकता है जब इसे पूर्ण अनुमति के साथ उड़ाया जाए।

    नेपाल प्रशासन ने इस टेस्ट को लेकर सुरक्षा और डेटा कलेक्शन से जुड़ी चिंताएं भी जताई हैं, क्योंकि एवरेस्ट क्षेत्र नेपाल और चीन की सीमा पर स्थित एक संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र है। इसी वजह से सरकार ने किसी भी कमर्शियल या तकनीकी उड़ान से पहले विस्तृत अध्ययन की जरूरत बताई है।

    दिलचस्प बात यह है कि पिछले वर्ष नेपाल ने चीन की कंपनी DJI को इसी क्षेत्र में ड्रोन ऑपरेशन की अनुमति दी थी, जहां सफल हाई-एल्टीट्यूड डिलीवरी टेस्ट भी किया गया था। उस दौरान ड्रोन ने बेहद कठिन मौसम और ऊंचाई में 15 किलोग्राम तक सामान पहुंचाया था।

    अब अमेरिका और चीन दोनों की बढ़ती सक्रियता ने हिमालय क्षेत्र को हाई-टेक टेस्टिंग और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के नए केंद्र के रूप में उभार दिया है, जहां तकनीक के साथ-साथ भू-राजनीतिक संतुलन भी लगातार चुनौती बनता जा रहा है।

  • अभिनय की नई उड़ान, अनुपम खेर ने शुरू की 551वीं फिल्म, भूमिका होगी चौंकाने वाली..

    अभिनय की नई उड़ान, अनुपम खेर ने शुरू की 551वीं फिल्म, भूमिका होगी चौंकाने वाली..

    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के अनुभवी और चर्चित अभिनेता अनुपम खेर ने एक बार फिर अपने लंबे और सक्रिय करियर में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। उन्होंने अपनी 551वीं फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी है, जिसकी जानकारी उन्होंने अपने प्रशंसकों के साथ साझा की है। इस नई शुरुआत के साथ ही एक बार फिर उनके अभिनय सफर को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है।
    इस फिल्म की खास बात यह बताई जा रही है कि इसमें अनुपम खेर का किरदार उनके अब तक निभाए गए सभी किरदारों से बिल्कुल अलग होगा। अभिनेता ने खुद इस बात की ओर इशारा किया है कि वह इस बार खुद को एक नई चुनौती देने जा रहे हैं, ताकि अभिनय के स्तर पर कुछ नया और अलग किया जा सके। उनका मानना है कि लगातार एक जैसी भूमिकाएं करने से कलाकार की रचनात्मकता सीमित हो जाती है, इसलिए नए प्रयोग करना जरूरी है।
    फिल्म की शूटिंग शुरू होने के साथ ही उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे वह एक बार फिर अपने करियर की पहली फिल्म की शुरुआत कर रहे हों। यह भावना उनके लिए बेहद खास रही, क्योंकि इतने लंबे करियर के बाद भी नया काम शुरू करते समय वही उत्साह और ऊर्जा महसूस हो रही है।
    इस फिल्म की एक पहली झलक भी सामने आई है, जिसमें वह सफेद परिधान में नजर आ रहे हैं। यह लुक उनके किरदार को लेकर उत्सुकता को और बढ़ा रहा है। हालांकि कहानी के बारे में ज्यादा जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन इसे रहस्य से भरा हुआ बताया जा रहा है, जो दर्शकों के लिए आगे चलकर एक नया अनुभव लेकर आएगा।
    अनुपम खेर ने यह भी कहा है कि वह लंबे समय से ऐसी कहानी की तलाश में थे, जिसमें वास्तविकता और गहराई हो। अब उन्हें ऐसा प्रोजेक्ट मिला है जो उनकी इस तलाश को पूरा करता है। उनका मानना है कि यह किरदार उनके अभिनय जीवन में एक नया मोड़ साबित हो सकता है।
    अपने करियर में चार दशकों से अधिक समय तक सक्रिय रहने वाले अनुपम खेर ने सैकड़ों फिल्मों में अलग-अलग प्रकार के किरदार निभाए हैं। उनकी अभिनय यात्रा भारतीय सिनेमा में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है, जहां उन्होंने हास्य, गंभीर और भावनात्मक सभी प्रकार की भूमिकाओं को बखूबी निभाया है।
    उनकी पिछली फिल्म कुछ समय पहले रिलीज हुई थी, जिसके बाद अब वह इस नए प्रोजेक्ट के साथ फिर से दर्शकों के सामने आने की तैयारी कर रहे हैं। इस बार वह एक डिजिटल प्रोजेक्ट से भी जुड़े हैं, जिससे उनके काम का दायरा और भी व्यापक होता नजर आ रहा है।
    नई फिल्म की शुरुआत के साथ अनुपम खेर ने अपने प्रशंसकों से समर्थन और आशीर्वाद की उम्मीद जताई है। उनका यह नया प्रयास न केवल उनके करियर को एक नई दिशा देता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि अनुभव और जुनून के साथ कलाकार लगातार खुद को नया रूप दे सकता है।
  • 2000 नोट वापसी में रिकॉर्ड: बाजार से लगभग खत्म, RBI ने जारी किए नए आंकड़े..

    2000 नोट वापसी में रिकॉर्ड: बाजार से लगभग खत्म, RBI ने जारी किए नए आंकड़े..

    नई दिल्ली। 2000 रुपये के नोटों को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है, जिसमें यह साफ हुआ है कि लगभग पूरी राशि बैंकिंग सिस्टम में वापस आ चुकी है। इन नोटों को चलन से हटाने के बाद से लगातार वापसी की प्रक्रिया चल रही थी और अब यह अपने अंतिम चरण के करीब पहुंच गई है।
    जानकारी के अनुसार, जब इन नोटों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, तब बाजार में इनकी कुल वैल्यू लगभग 3.56 लाख करोड़ रुपये थी। समय के साथ लोगों ने इन्हें बैंकिंग चैनल में जमा करना शुरू किया और अब यह आंकड़ा घटकर करीब 5,451 करोड़ रुपये तक रह गया है। इसका मतलब है कि लगभग पूरी मुद्रा वापस सिस्टम में आ चुकी है।
    वापसी की इस प्रक्रिया के दौरान लोगों को कई सुविधाएं दी गईं, ताकि वे आसानी से अपने पास मौजूद नोट बैंक खाते में जमा करा सकें। इसके लिए देशभर के अधिकृत केंद्रों पर इन्हें बदलने और जमा करने की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा, डाक सेवाओं के जरिए भी नोट भेजने की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोग भी इसका लाभ उठा सके।
    हालांकि इन नोटों को चलन से हटाने की घोषणा की गई थी, लेकिन इन्हें पूरी तरह अमान्य नहीं किया गया है। यानी ये अभी भी कानूनी रूप से वैध मुद्रा हैं, लेकिन रोजमर्रा के लेन-देन में इनका उपयोग लगभग खत्म हो चुका है।
    धीरे-धीरे हुई इस वापसी से यह साफ हो गया है कि बड़ी मात्रा में नकदी अब बैंकिंग सिस्टम में समाहित हो चुकी है। इससे नकदी प्रबंधन को संतुलित करने और वित्तीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिली है।
    अब स्थिति यह है कि 2000 रुपये के नोट लगभग बाजार से गायब हो चुके हैं और केवल बहुत सीमित मात्रा में ही शेष बचे हैं। यह पूरा बदलाव देश की मुद्रा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण चरण के रूप में देखा जा रहा है।
  • एवरेस्ट पर ड्रोन जंग: अमेरिका-चीन की हाई-टेक रेस में नेपाल बना नया मैदान, अमेरिकी टेस्ट पर लगा ब्रेक

    एवरेस्ट पर ड्रोन जंग: अमेरिका-चीन की हाई-टेक रेस में नेपाल बना नया मैदान, अमेरिकी टेस्ट पर लगा ब्रेक


    नई दिल्ली। अमेरिका और चीन के बीच ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक को लेकर नई प्रतिस्पर्धा तेज होती दिख रही है। नेपाल के एवरेस्ट बेस कैंप पर अमेरिकी भारी-भरकम ड्रोन “Alte X Gen 2” का परीक्षण बिना अनुमति के रोक दिया गया, जिससे कूटनीतिक और तकनीकी विवाद खड़ा हो गया है।

    रिपोर्ट के मुताबिक इस ड्रोन की समुद्र तल पर पेलोड क्षमता लगभग 15.88 किलोग्राम बताई गई है, लेकिन इतनी ऊंचाई (5,364 मीटर से ऊपर) पर इसका वास्तविक प्रदर्शन अभी स्पष्ट नहीं है। नेपाली अधिकारियों ने कहा कि कठिन पर्वतीय परिस्थितियों में इसकी क्षमता तभी समझी जा सकेगी जब इसे पूरी तरह से परीक्षण की अनुमति मिलेगी।

    अमेरिकी टीम ने एवरेस्ट बेस कैंप पर केवल प्रदर्शन किया, जबकि औपचारिक उड़ान परीक्षण के लिए जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी। इसी कारण नेपाल सरकार ने परीक्षण रोक दिया। इस कार्यक्रम में अमेरिका के विशेष दूत सर्जियो गोर भी मौजूद थे।

    स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, नेपाल सरकार ने ड्रोन की तकनीकी क्षमताओं और संभावित संवेदनशील डेटा कलेक्शन को लेकर सुरक्षा चिंताएं जताई हैं। एवरेस्ट का क्षेत्र नेपाल और चीन की सीमा पर स्थित होने के कारण यह मुद्दा और भी रणनीतिक महत्व रखता है।

    दिलचस्प बात यह है कि पिछले वर्ष नेपाल ने चीन की कंपनी DJI को इसी क्षेत्र में कमर्शियल ड्रोन ऑपरेशन की अनुमति दी थी, जिसमें सफल हाई-एल्टीट्यूड डिलीवरी टेस्ट भी किया गया था। उस परीक्षण में ड्रोन ने बेहद कठिन मौसम और ऊंचाई में 15 किलोग्राम तक सामान पहुंचाया था।

    अब अमेरिका और चीन के बीच यह तकनीकी प्रतिस्पर्धा केवल ड्रोन क्षमता तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसे रणनीतिक और भू-राजनीतिक प्रभाव के रूप में भी देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि हिमालयी क्षेत्र भविष्य में हाई-टेक परीक्षणों और रणनीतिक तकनीकी प्रयोगों का नया केंद्र बन सकता है।

  • तेल महंगा होने का खतरा गहराया: कच्चे तेल की आग से पेट्रोल-डीजल और LPG के दाम उछलने की आहट

    तेल महंगा होने का खतरा गहराया: कच्चे तेल की आग से पेट्रोल-डीजल और LPG के दाम उछलने की आहट


    नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने भारत के ईंधन बाजार में हलचल मचा दी है, और पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ रसोई गैस (LPG) के दाम बढ़ने की आशंका भी तेज हो गई है। 120 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच चुके क्रूड ऑयल ने तेल कंपनियों की लागत बढ़ा दी है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का दबाव और गहरा सकता है।

    सूत्रों के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां लगातार घाटे में चल रही हैं और कीमतों में संशोधन की मांग कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह उछाल मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सप्लाई चेन को लेकर अनिश्चितता के कारण आया है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका ने बाजार को अस्थिर कर दिया है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी स्तर पर बनी रहती हैं, तो भारत में पेट्रोल, डीजल और LPG की कीमतों में बढ़ोतरी लगभग तय मानी जा सकती है। हालांकि सरकार फिलहाल स्थिति को संभालने और उपभोक्ताओं पर सीधा असर कम करने की कोशिश में है। पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि कीमतों पर अंतिम फैसला हालात की समीक्षा के बाद लिया जाएगा।

    गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में वाणिज्यिक LPG और विमान ईंधन की कीमतों में पहले ही बढ़ोतरी हो चुकी है, जबकि पेट्रोल और डीजल के दाम लंबे समय से स्थिर बने हुए हैं। ऐसे में अगर वैश्विक बाजार में तेजी जारी रहती है तो सरकार के सामने या तो जनता पर बोझ डालने या तेल कंपनियों को राहत देने का बड़ा आर्थिक फैसला लेना पड़ सकता है।