Author: bharati

  • 4 साल के उच्च स्तर पर पहुंचा क्रूड…. ईरान युद्ध चरम पर था तब भी इतने नहीं बढ़े थे दाम

    4 साल के उच्च स्तर पर पहुंचा क्रूड…. ईरान युद्ध चरम पर था तब भी इतने नहीं बढ़े थे दाम


    तेहरान ।
    ईरान युद्ध (Iran War) जब चरम पर था, तब क्रूड (Crude) ने इतनी बड़ी छलांग नहीं लगाई थी। अब जब बातचीत की कोशिशें दिख रही हैं और युद्ध की रफ्तार धीमी हुई है, तब ब्रेंट क्रूड (Brent crude) उछलकर चार साल के उच्च स्तर 126 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। यह विरोधाभास नहीं है। तेल बाजार युद्ध की आवाज नहीं, आपूर्ति की सांस सुनता है।

    दरअसल, एक्सिओस की एक रिपोर्ट (Axios reports) आने के बाद बृहस्पतिवार को कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड 126.41 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया, जो 9 मार्च, 2022 के बाद इसका उच्चतम स्तर है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बृहस्पतिवार को ईरान पर सैन्य हमलों की एक शृंखला की योजनाओं के बारे में जानकारी दी जानी है। ऐसा इस उम्मीद में किया जा रहा है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए वापस लौट आएगा। ऊर्जा विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिका के इस रुख से संघर्ष और बढ़ सकता है, जिससे क्रूड आपूर्ति में लंबे समय तक रुकावट आ सकती है। 

    बाद में बिना किसी स्पष्ट कारण के ब्रेंट क्रूड में गिरावट आई और कीमतें 3.5 फीसदी गिरकर 113.89 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गईं। तेल ब्रोकर पीवीएम के तमास वर्गा ने कहा, क्रूड में यह गिरावट किसी खास घटना से जुड़ी नहीं लगती, बल्कि ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से बाजार में बढ़ी अस्थिरता को दर्शाती है। यह बस ट्रंप की दुनिया में ट्रेडिंग के अप्रत्याशित स्वभाव को संक्षेप में बताती है।


    डर ही नहीं बैरल भी कम

    बाजार में सिर्फ डर नहीं, असल में बैरल भी कम हैं। आईईए के आंकड़े बताते हैं, मार्च में वैश्विक तेल भंडार 8.5 करोड़ बैरल घटा है। खाड़ी के बाहर भंडार में 20.5 करोड़ बैरल की गिरावट आई। समुद्र में चल रहा तेल भी घटा है। ऑयल ऑन वाटर 10.7 करोड़ बैरल कम हुआ, क्योंकि होर्मुज के बंद होने से ट्रांजिट में मौजूद तेल 18.1 करोड़ बैरल घट गया।


    उबाल की असली वजह होर्मुज

    तेल में उबाल की असल वजह है होर्मुज। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के मुताबिक, युद्ध से पहले होर्मुज से रोज 2 करोड़ बैरल से ज्यादा कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और रिफाइंड उत्पाद निकलते थे। अप्रैल के शुरू में यह घटकर सिर्फ 38 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया। वैकल्पिक रास्तों से निर्यात जरूर बढ़कर 72 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंचा, लेकिन कुल निर्यात नुकसान अब भी 1.3 करोड़ बैरल प्रतिदिन से ज्यादा है।

    केडिया कमोडिटी के प्रमुख अजय केडिया कहते हैं, यही वह आंकड़ा है, जिसने बाजार को बेचैन किया है। युद्ध रुक भी जाए, तो जहाज तुरंत नहीं चलेंगे। बीमा, रूट, बंदरगाह, लोडिंग और रिफाइनरी आपूर्ति को सामान्य होने में समय लगेगा। यही बात तेल के बाजार को परेशान कर रही है।


    आपूर्ति का प्रभावित होना भी बड़ी वजह

    अर्थवृक्ष फाइनेंशियल सर्विसेज के संस्थापक रविंद्र राव ने बताया, आपूर्ति प्रभावित होने से भी क्रूड में मजबूती दिख रही है। उनका कहना है कि ट्रंप ने साफ कहा है कि जब तक ईरान परमाणु समझौता नहीं करता, जब तक उस पर नाकेबंदी जारी रहेगी, जिससे तेल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो रही है। जब बाजार को पता है कि तेल अभी नहीं मिल रहा, तो जो कॉन्ट्रैक्ट आज डिलीवरी का है, वो सबसे ज्यादा महंगा हो जाता है। रिफाइनरी और ट्रेडर्स किसी भी दाम पर खरीदने को तैयार हो जाते हैं।

  • पांच राज्यों में चुनाव के बाद काउंटिंग की तैयारी…. केन्द्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा… QR आधारित फोटो ID होंगे जारी

    पांच राज्यों में चुनाव के बाद काउंटिंग की तैयारी…. केन्द्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा… QR आधारित फोटो ID होंगे जारी


    नई दिल्ली।
    अभी हाल ही में संपन्न हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों (Assembly Elections Five states) में मतों की गिनती के दिन यानी 4 मई को सभी मतगणना केंद्रों (Counting centres) पर चुनाव आयोग (Election Commission.) क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र (QR-Based Identity Cards) जारी करेगा ताकि किसी अनाधिकृत व्यक्ति के प्रवेश को रोका जा सके। चुनाव आयोग की यह अनूठी पहल है और पहली बार व्यापक पैमाने पर लागू किया जाएगा। पांच राज्यों की सभी विधानसभा क्षेत्रों के काउंटिंग सेंटर के अलावा यह व्यवस्था पांच राज्यों की सात असेंबली सीटों पर हुए उपचुनाव में मतगणना केंद्रों पर भी की जाएगी।

    भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने गुरुवार को एक प्रेस नोट जारी कर घोषणा की कि काउंटिंग सेंटर्स पर सुरक्षा को मजबूत करने और अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश को रोकने के लिए ECINET पर QR कोड-आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली शुरू की गई है। आयोग के अनुसार, “काउंटिंग सेंटर्स में किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति के प्रवेश की संभावना को खत्म करने के लिए QR कोड-आधारित फोटो पहचान पत्र मॉड्यूल शुरू किया गया है।”


    पिछले एक साल में 30 से अधिक पहलों का हिस्सा

    यह प्रणाली 4 मई, 2026 को होने वाली मतगणना से लागू की जाएगी। यह असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी की विधानसभाओं के आम चुनावों के साथ-साथ पांच राज्यों के सात विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनावों के लिए होगी। ECI ने कहा कि इस प्रणाली का विस्तार भविष्य में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के सभी आम चुनावों और उपचुनावों तक भी किया जाएगा। आयोग ने कहा कि यह कदम पिछले एक साल में की गई 30 से अधिक पहलों का हिस्सा है, जिसमें बूथ स्तर के अधिकारियों (BLOs) के लिए मानकीकृत QR कोड-आधारित पहचान पत्र शामिल हैं।


    मतगणना केद्रों पर तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था

    आयोग के मुताबिक मतगणना केंद्रों पर पहचान सत्यापन के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी। पहले और दूसरे स्तर पर, संबंधित निर्वाचन अधिकारियों द्वारा जारी किए गए फोटो पहचान पत्रों की व्यक्तिगत रूप से जांच की जाएगी। मतगणना कक्ष के पास स्थित तीसरे और सबसे भीतरी सुरक्षा घेरे में, क्यूआर कोड की सफल ‘स्कैनिंग’ के बाद ही कर्मी को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। क्यूआर आधारित पहचान पत्र मतगणना केंद्रों के भीतर प्रवेश करने की अनुमति प्राप्त सभी श्रेणियों के अधिकृत कर्मियों को जारी किए जाएंगे, जिनमें चुनाव अधिकारी, सहायक चुनाव अधिकारी, मतगणना कर्मचारी, तकनीकी कर्मी, उम्मीदवार, चुनाव एजेंट और मतगणना एजेंट शामिल हैं।

    केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही QR-आधारित पहचान पत्र
    आयोग ने कहा है कि QR-आधारित पहचान पत्र केवल अधिकृत व्यक्तियों को जारी किए जाएंगे। इनमें रिटर्निंग ऑफिसर, सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, मतगणना कर्मचारी, तकनीकी कर्मी, उम्मीदवार, चुनाव एजेंट, मतगणना एजेंट और आयोग द्वारा अनुमति प्राप्त अन्य व्यक्ति शामिल हैं। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि मौजूदा निर्देशों के अनुसार उसके द्वारा जारी किए गए प्राधिकार पत्रों के आधार पर मीडियाकर्मियों को प्रवेश की अनुमति जारी रहेगी। लोकसभा चुनाव-2024 में उस समय विवाद पैदा हो गया था, जब मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट पर मतगणना के दौरान एक उम्मीदवार के सहयोगी द्वारा एक ”अधिकृत व्यक्ति” के मोबाइल फोन का ”अनाधिकृत रूप से” उपयोग किया गया था।

  • पश्चिम बंगाल में Exit Poll से BJP में उत्साह….. दलितों के साथ मुसलमानों का वोट भी मिला

    पश्चिम बंगाल में Exit Poll से BJP में उत्साह….. दलितों के साथ मुसलमानों का वोट भी मिला


    कोलकाता।
    ज्यादातर एग्जिट पोल्स (Exit Polls) में इस बार पश्चिम बंगाल (West Bengal) में भाजपा (BJP) की जीत का अनुमान लगाया गया है। गुरुवार को सामने आए टुडेज चाणक्य के एग्जिट पोल (Todays Chanakya Exit Poll) में भाजपा को बंपर जीत मिलती दिख रही। बीजेपी को 192 तो टीएमसी (TMC) को 100 सीटें मिल सकती हैं। दोनों के बीच 10 फीसदी वोट शेयर का अंतर रह सकता है। सर्वे में दावा किया गया है कि इस बार भाजपा को पश्चिम बंगाल में मुसलमानों का भी वोट मिल रहा, जबकि 67 फीसदी दलित भी भाजपा पर भरोसा जता रहे।

    टुडेज चाणक्य एग्जिट पोल के अनुसार, भाजपा को आठ फीसदी मुस्लिम वोट मिल रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस को 71 फीसदी वोट मुस्लिमों का मिल सकता है। 67 फीसदी दलित वोट भाजपा को, जबकि 22 फीसदी टीएमसी को मिलने का अनुमान है। 61 फीसदी ओबीसी वोट भाजपा के खाते में जा सकते हैं, जबकि 27 फीसदी वोट टीएमसी को मिल सकता है। 53 फीसदी एसटी वोट भाजपा को और 40 फीसदी टीएमसी को मिल सकता है। वहीं, इसमें तीन फीसदी प्लस माइनस मार्जिन दिया गया है।

    भाजपा 48 फीसदी वोटों के साथ इस बार राज्य में 192 सीटें जीत सकती है। इसमें मार्जिन 11 सीटों का दिया गया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा सकता है। ममता बनर्जी की पार्टी महज 100 सीटों पर सिमट सकती है। उसे 38 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है। वहीं, 14 फीसदी वोट अन्य के खाते में जा सकते हैं, जोकि सीटों में कन्वर्ट होकर दो होंगे। इसमें भी मार्जिन दो का रखा गया है।


    ममता ने उठाए एग्जिट पोल पर सवाल

    ममता बनर्जी ने विभिन्न एग्जिट पोल्स पर सवाल उठाते हुए टीएमसी की बड़ी जीत का दावा किया। बनर्जी ने भरोसा जताया कि चार मई को बंगाल विधानसभा चुनावों के नतीजे घोषित होने के बाद TMC ही सरकार बनाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी गिनती के दौरान किसी भी तरह का खेल नहीं होने देगी। बनर्जी ने एक वीडियो संदेश में कहा, “एग्जिट पोल भाजपा के दफ्तर से आए हैं। ये आंकड़े मनगढ़ंत हैं, जिनका मकसद TMC कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराना है।”

    ज्यादातर बंगाल एग्जिट पोल्स में भाजपा की जीत का अनुमान है। मैट्रिज के अनुसार, टीएमसी को 125-140 सीटें मिल सकती हैं, जबकि भाजपा 146-161 सीटें जीत सकती है। इसके अलावा, पी मार्क्यू के अनुसार, भाजपा को 150-175 सीटें, टीएमसी को 118-138 सीटें मिल सकती हैं। पोल डायरी के अनुसार, भाजपा 142-171 और टीएमसी 99-127 सीटें जीत सकती है। वहीं, पीपुल्स पल्स एग्जिट पोल ने बताया है कि टीएमसी की जीत होगी और उसे 177-187 सीटें मिल सकती हैं। भाजपा को 95-110 सीटें मिलेंगी।

  • ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’: सिगरेट फॉयल पर लिखा गया गीत जिसने नेहरू की आंखें भी नम कर दीं

    ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’: सिगरेट फॉयल पर लिखा गया गीत जिसने नेहरू की आंखें भी नम कर दीं


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा और देशभक्ति गीतों के इतिहास में Aye Mere Watan Ke Logon का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। यह सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि देश के शहीदों को दी गई एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि है, जिसने करोड़ों लोगों की आंखें नम कर दीं और तत्कालीन प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru को भी भावुक कर दिया था।
    यह गीत 1962 के भारत-चीन युद्ध में शहीद हुए जवानों की स्मृति में लिखा गया था। इसके गीतकार Kavi Pradeep ने इसे बेहद कम समय में तैयार किया था। कहा जाता है कि जब यह रचना उनके मन में आई, तब उनके पास कागज नहीं था। उन्होंने मुंबई के माहीम बीच पर चलते-चलते एक अनोखे तरीके से इसे लिखा किसी राहगीर से पेन मांगकर सिगरेट की डिब्बी के एल्यूमिनियम फॉयल पर इसके बोल उतारे।
    शुरुआत में इस गीत के लिए 100 से ज्यादा पंक्तियां लिखी गई थीं, लेकिन अंतिम संस्करण में सिर्फ चुनिंदा पंक्तियों को ही शामिल किया गया। यही वजह है कि इसके हर शब्द में गहरी भावनाएं और देशभक्ति का जज्बा महसूस होता है।
    इस गीत को स्वर दिया था महान गायिका Lata Mangeshkar ने, जिनकी आवाज ने इसे अमर बना दिया। इस गीत की पहली पसंद वास्तव में Asha Bhosle थीं और उन्होंने इसकी रिहर्सल भी की थी, लेकिन बाद में लता मंगेशकर ने इसे गाने की इच्छा जताई, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
    जब यह गीत पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किया गया, तो इसका प्रभाव अविस्मरणीय था। पंडित नेहरू मंच पर मौजूद थे और गीत सुनते ही उनकी आंखें नम हो गईं। वहां मौजूद हर व्यक्ति भावनाओं से भर उठा और पूरा माहौल देशभक्ति की भावना से सराबोर हो गया।
    आज भी यह गीत हर स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर गूंजता है और शहीदों के बलिदान की याद दिलाता है। इसकी लोकप्रियता इस बात का प्रमाण है कि सच्ची भावनाओं से लिखा गया गीत समय की सीमाओं से परे जाकर इतिहास बन जाता है।
  • AAP छोड़ BJP में शामिल हुए सांसद राजिंदर गुप्ता की फैक्ट्री पर छापा, कार्रवाई से मचा हड़कंप

    AAP छोड़ BJP में शामिल हुए सांसद राजिंदर गुप्ता की फैक्ट्री पर छापा, कार्रवाई से मचा हड़कंप

    नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राजिंदर गुप्ता से जुड़ी कंपनी पर पंजाब में बड़ी कार्रवाई हुई है। उनकी कंपनी ट्राइडेंट ग्रुप की धौला स्थित फैक्ट्री पर पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने छापेमारी की।

    जानकारी के अनुसार, दोपहर में प्रदूषण विभाग की टीम नौ वाहनों के काफिले के साथ फैक्ट्री परिसर में पहुंची। टीम में लगभग 10 अधिकारी शामिल थे, जो फैक्ट्री के अंदर मौजूद रहकर प्लांट और जरूरी दस्तावेजों की गहन जांच कर रहे हैं। यह कार्रवाई बिना किसी पूर्व सूचना के की गई, जिससे फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, विभाग की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह रूटीन निरीक्षण है या किसी विशेष शिकायत के आधार पर की गई जांच। इस कार्रवाई की टाइमिंग को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। इसे राजनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

    उधर, राजिंदर गुप्ता के भाजपा में शामिल होने के बाद आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। चंडीगढ़ में उनके आवास की दीवारों पर “गद्दार” तक लिखा गया था, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर सुरक्षा बढ़ा दी थी। राजिंदर गुप्ता पंजाब के प्रमुख उद्योगपतियों में गिने जाते हैं और पद्मश्री से सम्मानित भी रह चुके हैं। वे पहले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद थे और बाद में भाजपा में शामिल हो गए।

  • GT vs RCB: “स्कोर कम रह गया”, हार के बाद बोले रजत पाटीदार-मिडिल ऑर्डर की नाकामी बनी वजह

    GT vs RCB: “स्कोर कम रह गया”, हार के बाद बोले रजत पाटीदार-मिडिल ऑर्डर की नाकामी बनी वजह


    नई दिल्ली। Indian Premier League 2026 में अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में खेले गए मुकाबले में Gujarat Titans ने Royal Challengers Bengaluru को 4 विकेट से हराकर एक और महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। इस हार के बाद RCB कप्तान Rajat Patidar ने साफ तौर पर माना कि उनकी टीम 20-25 रन कम बना पाई, जिसका खामियाजा उन्हें हार के रूप में भुगतना पड़ा।

    मैच के बाद रजत पाटीदार ने कहा कि शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद टीम दबाव में आ गई और मिडिल ऑर्डर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सका। उन्होंने स्वीकार किया कि पिच पर हालात सामान्य थे, लेकिन साझेदारियों की कमी ने टीम की स्थिति कमजोर कर दी।

    गुजरात टाइटंस की ओर से गेंदबाजी में शानदार अनुशासन देखने को मिला। शुरुआती ओवरों में ही दबाव बनाकर उन्होंने RCB के टॉप ऑर्डर को झकझोर दिया। दूसरी ओर, RCB की बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी साफ दिखाई दी, जिससे बड़ा स्कोर खड़ा नहीं हो सका।

    रजत पाटीदार ने यह भी कहा कि इस तरह के मैचों में मिडिल ओवर सबसे अहम होते हैं, लेकिन उनकी टीम उन ओवरों में रन गति को बढ़ाने में असफल रही। उन्होंने माना कि अगर 15-20 रन अतिरिक्त जुड़ जाते, तो परिणाम अलग हो सकता था।

    गुजरात टाइटंस की ओर से कप्तान Shubman Gill ने टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई और रणनीतिक रूप से पारी को संभाला। उनकी कप्तानी और बल्लेबाजों के संतुलित प्रदर्शन ने टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

    RCB के लिए यह हार अंकतालिका के लिहाज से बड़ी चिंता का विषय नहीं बनी, लेकिन टीम प्रबंधन के लिए यह एक चेतावनी जरूर है कि मिडिल ऑर्डर को जल्द सुधार की जरूरत है।

    रजत पाटीदार ने आगे कहा कि टीम में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन दबाव की स्थिति में सही निर्णय और साझेदारी बनाना जरूरी है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले मुकाबलों में टीम वापसी करेगी और गलतियों से सीख लेगी।

    कुल मिलाकर यह मुकाबला RCB के लिए एक सीख की तरह रहा, जहां छोटे अंतर ने बड़े परिणाम को बदल दिया। वहीं गुजरात टाइटंस ने एक बार फिर साबित किया कि घरेलू परिस्थितियों में वे किसी भी टीम को कड़ी टक्कर देने में सक्षम हैं।

  • होटल में शर्मनाक हरकत: महिला खिलाड़ियों का वीडियो बनाने पर श्रीलंकाई U-19 क्रिकेटर गिरफ्तार

    होटल में शर्मनाक हरकत: महिला खिलाड़ियों का वीडियो बनाने पर श्रीलंकाई U-19 क्रिकेटर गिरफ्तार


    नई दिल्ली। Sri Lanka Under-19 Cricket Team से जुड़ा एक बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने क्रिकेट जगत को हिला दिया है। आरोप है कि टीम के दो युवा खिलाड़ियों ने होटल में ठहरी महिला खिलाड़ियों का आपत्तिजनक वीडियो मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया, जिसके बाद उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

    यह घटना Colombo के नाराहेनपीटा इलाके की बताई जा रही है, जहां महिला खिलाड़ियों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बाथरूम के पास मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही थी। शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों खिलाड़ियों को हिरासत में ले लिया।

    रिपोर्ट्स के अनुसार, शुरुआती पूछताछ के बाद दोनों खिलाड़ियों को अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें करीब 5 लाख श्रीलंकाई रुपये के मुचलके पर जमानत मिल गई। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह वीडियो किसी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर साझा तो नहीं किया गया।

    इस घटना के बाद श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (Sri Lanka Cricket) पर भी दबाव बढ़ गया है। हालांकि बोर्ड ने अभी तक कोई आधिकारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई घोषित नहीं की है, लेकिन अंदरूनी स्तर पर मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

    यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब श्रीलंका क्रिकेट पहले से ही प्रशासनिक बदलावों और विवादों से गुजर रहा है। बोर्ड में हाल ही में कई बड़े बदलाव हुए हैं और एक अंतरिम समिति को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो ऐसे मामलों की निगरानी कर रही है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि अंडर-19 स्तर पर इस तरह की घटनाएं बेहद गंभीर हैं, क्योंकि यह न केवल खिलाड़ियों की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं बल्कि खेल की गरिमा पर भी सवाल खड़े करती हैं।

    इस घटना ने खेल जगत में अनुशासन, सुरक्षा और नैतिकता को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर जांच के नतीजों और बोर्ड की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

  • लू और थकान से बचने के लिए आयुर्वेद ने सुझाया गर्मियों का सबसे बेहतर डाइट प्लान।

    लू और थकान से बचने के लिए आयुर्वेद ने सुझाया गर्मियों का सबसे बेहतर डाइट प्लान।

    नई दिल्ली । भीषण गर्मी के मौसम में अक्सर हमारे खान-पान की आदतों में बड़ा बदलाव आता है। चूंकि बाहरी तापमान बढ़ने से शरीर के भीतर पित्त दोष का स्तर भी बढ़ने लगता है, इसलिए आयुर्वेद विशेषज्ञों द्वारा गर्म तासीर वाली चीजों से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है। इसी संदर्भ में अक्सर शहद के सेवन को लेकर एक दुविधा बनी रहती है। आमतौर पर शहद को गर्म और आर्द्र प्रवृत्ति का माना जाता है, जिससे कई लोग गर्मियों में इसके इस्तेमाल से कतराते हैं। हालांकि, आयुर्वेद का गहरा विज्ञान यह स्पष्ट करता है कि शहद का प्रभाव इस बात पर निर्भर नहीं करता कि वह क्या है, बल्कि इस पर निर्भर करता है कि उसे किसके साथ लिया जा रहा है।

    आयुर्वेद में शहद को ‘योगवाही’ द्रव्य की श्रेणी में रखा गया है, जिसका अर्थ है एक ऐसा तत्व जो स्वयं के गुणों से अधिक उस पदार्थ के गुणों को अपना लेता है जिसके साथ इसे मिश्रित किया जाता है। यदि गर्मियों के दौरान शहद का सेवन सीधे तौर पर किया जाए, तो यह निश्चित रूप से शरीर में गर्मी और पित्त को बढ़ा सकता है। परंतु, यदि इसे बुद्धिमानी से ठंडी तासीर वाले खाद्यों के साथ मिलाया जाए, तो यह शरीर के लिए एक उत्कृष्ट शीतल पेय और ऊर्जा स्रोत बन जाता है। सुबह के समय मिट्टी के घड़े के ताजे पानी में नींबू और शहद का मिश्रण शरीर के आंतरिक तापमान को संतुलित करने और वजन घटाने में जादुई भूमिका निभाता है।

    गर्मियों के पारंपरिक आहार जैसे सत्तू और दही में भी शहद का समावेश स्वास्थ्य के लिए क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। सत्तू के शरबत में चीनी के विकल्प के रूप में शहद का उपयोग न केवल शरीर को हाइड्रेटेड रखता है, बल्कि मांसपेशियों की थकान को भी तुरंत मिटाता है। इसी तरह, दोपहर के भोजन में दही के साथ शहद का मेल एक शक्तिशाली प्राकृतिक प्रोबायोटिक तैयार करता है। यह मिश्रण पाचन तंत्र को सुदृढ़ करने के साथ-साथ शरीर को लू के थपेड़ों से बचाने के लिए एक सुरक्षा कवच प्रदान करता है। आयुर्वेद के अनुसार, ये तरीके शहद की उष्णता को शीतलता में बदलने की अद्भुत क्षमता रखते हैं।

    शहद के औषधीय लाभों के बीच आयुर्वेद में कुछ कड़े प्रतिबंध भी लगाए गए हैं जिन्हें नजरअंदाज करना घातक हो सकता है। शहद को कभी भी गर्म पानी में उबालकर या बहुत तेज तापमान वाली चीजों के साथ नहीं लेना चाहिए, क्योंकि अत्यधिक ताप इसे विषैला बना सकता है। इसके अतिरिक्त, घी और शहद का समान मात्रा में सेवन ‘विरुद्ध आहार’ माना जाता है, जो वात और पित्त के संतुलन को बिगाड़कर त्वचा और पाचन संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। यदि इन बुनियादी नियमों का पालन किया जाए, तो शहद गर्मियों में भी आपकी जीवनशैली का एक अनिवार्य और गुणकारी हिस्सा बना रह सकता है।

  • इमरान खान ने मांगी मानवीय आधार पर रिहाई, एकांत कारावास और आंखों की गंभीर समस्या को बताई वजह

    इमरान खान ने मांगी मानवीय आधार पर रिहाई, एकांत कारावास और आंखों की गंभीर समस्या को बताई वजह

    इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में मानवीय आधार पर रिहाई की अपील की है। उन्होंने अपने वकील के जरिए अदालत को बताया कि उन्हें लंबे समय से एकांत कारावास में रखा गया है और उनकी आंखों में गंभीर संक्रमण की समस्या बनी हुई है।

    यह याचिका इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की ओर से 190 मिलियन पाउंड भ्रष्टाचार मामले में दी गई सजा के खिलाफ दायर अपीलों की सुनवाई के दौरान पेश की गई। इस मामले में पिछले वर्ष जनवरी में जवाबदेही अदालत ने इमरान खान को 14 साल और बुशरा बीबी को 7 साल की कैद की सजा सुनाई थी। यह मामला नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) द्वारा दर्ज किया गया था।

    सुनवाई के दौरान इमरान खान के वकील सलमान सफदर ने सजा निलंबित करने की मांग की। उन्होंने अदालत में कहा कि मामला 16 महीनों से लंबित है और अब तक 17 से अधिक सुनवाई हो चुकी हैं। वकील ने दावा किया कि इमरान खान की आंखों की स्थिति गंभीर है और उनकी दृष्टि काफी कमजोर हो गई है। उनके अनुसार, “उनकी आंखों की रोशनी लगभग 15% रह गई है और 85% तक नुकसान हो चुका है।” उन्होंने यह भी कहा कि यह नुकसान स्थायी हो सकता है।

    सफदर ने अदालत को बताया कि इमरान खान को एकांत कारावास में रखा गया है, जिस पर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जेल में उचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं और कई बार उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा है। वकील ने यह भी आग्रह किया कि जेल अधिकारियों और संबंधित चिकित्सा रिकॉर्ड को अदालत में पेश किया जाए, ताकि उनकी स्थिति की सही जांच हो सके। साथ ही उन्होंने आईजी जेल और अन्य अधिकारियों को तलब करने की मांग भी दोहराई।

    सुनवाई के दौरान इस्लामाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सरफराज डोगर ने सुझाव दिया कि अपील की मुख्य सुनवाई पर ध्यान केंद्रित किया जाए ताकि मामले का शीघ्र निपटारा हो सके। हालांकि, बचाव पक्ष ने पहले सजा निलंबन पर निर्णय लेने पर जोर दिया। इसके बाद अदालत ने सुनवाई को आगे के लिए स्थगित कर दिया।

  • पसीना और असहजता से राहत: गर्मी में कूल रहने के 7 स्मार्ट फैशन नियम..

    पसीना और असहजता से राहत: गर्मी में कूल रहने के 7 स्मार्ट फैशन नियम..

    नई दिल्ली । गर्मियों की सुबह अक्सर एक आम उलझन के साथ शुरू होती है कि आखिर आज क्या पहना जाए। कपड़ों से भरी अलमारी होने के बावजूद सही आउटफिट चुनना मुश्किल लगने लगता है। तेज धूप, उमस और पसीना दिनभर की थकान को और बढ़ा देते हैं, जिससे सही कपड़ों का चुनाव और भी जरूरी हो जाता है।

    लेकिन अगर कुछ सरल और व्यावहारिक फैशन नियमों को समझ लिया जाए, तो यह रोज की परेशानी काफी हद तक कम हो सकती है। सही कपड़े न केवल शरीर को आराम देते हैं, बल्कि पूरे दिन आत्मविश्वास और ताजगी भी बनाए रखते हैं।

    गर्मियों में सबसे पहला ध्यान कपड़े के फैब्रिक पर देना चाहिए। हल्के और हवा को गुजरने देने वाले कपड़े जैसे कॉटन, लिनन और खादी शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं। ये पसीना जल्दी सोखते हैं और त्वचा को सांस लेने का मौका देते हैं, जिससे असहजता कम होती है। इसके विपरीत भारी और सिंथेटिक कपड़े गर्मी को बढ़ा देते हैं, जिससे शरीर जल्दी थक जाता है।

    इसके बाद रंगों का चुनाव भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हल्के रंग जैसे सफेद, क्रीम और हल्के पेस्टल शेड्स गर्मी को कम आकर्षित करते हैं, जिससे शरीर अपेक्षाकृत ठंडा महसूस करता है। वहीं गहरे रंग गर्मी को अधिक सोखते हैं, जिससे असहजता बढ़ सकती है।

    गर्मियों में ढीले कपड़े पहनना एक और महत्वपूर्ण नियम है। टाइट कपड़े शरीर से चिपककर हवा के प्रवाह को रोकते हैं, जिससे पसीना और जलन बढ़ सकती है। ढीले और आरामदायक कपड़े न केवल शरीर को राहत देते हैं, बल्कि एक सहज और स्टाइलिश लुक भी देते हैं।

    एक और जरूरी बात यह है कि गर्मियों में लेयरिंग से बचना चाहिए। कई परतों वाले कपड़े शरीर के तापमान को बढ़ा देते हैं, जिससे गर्मी और ज्यादा महसूस होती है। सिंगल और हल्के आउटफिट इस मौसम में सबसे बेहतर विकल्प होते हैं।

    फुटवियर का सही चयन भी उतना ही जरूरी है। बंद जूते लंबे समय तक पहनने से पैरों में पसीना और बदबू की समस्या हो सकती है। ऐसे में खुले सैंडल, चप्पल या हल्के और सांस लेने वाले शूज बेहतर विकल्प साबित होते हैं।

    इसके अलावा एक्सेसरीज को भी हल्का रखना चाहिए। भारी गहने या ज्यादा सजावट गर्मी में असुविधा पैदा कर सकती है। मिनिमल एक्सेसरीज न केवल आराम देती हैं बल्कि पूरे लुक को संतुलित और स्टाइलिश बनाए रखती हैं।

    अंत में, कपड़ों का चुनाव हमेशा दिनचर्या और जरूरत के अनुसार होना चाहिए। अगर दिनभर बाहर रहना है तो हल्के और प्रोटेक्टिव कपड़े पहनना बेहतर होता है, जबकि ऑफिस या घर के लिए आरामदायक और स्मार्ट कैजुअल आउटफिट अधिक उपयुक्त रहते हैं।

    गर्मियों में सही कपड़े चुनना कोई मुश्किल काम नहीं है। बस थोड़ी समझदारी और सही विकल्पों के साथ न केवल आराम पाया जा सकता है, बल्कि हर दिन एक स्टाइलिश और आत्मविश्वास भरा लुक भी हासिल किया जा सकता है।