गरीबी से शुरू हुआ सफर
नीरू से राखी सावंत तक
विवादों ने दिलाई पहचान
मुंबई की चॉल से बनी बॉलीवुड क्वीन

गरीबी से शुरू हुआ सफर
नीरू से राखी सावंत तक
विवादों ने दिलाई पहचान
मुंबई की चॉल से बनी बॉलीवुड क्वीन

क्रिकेट जगत से भी भावुक संदेश
जन्मदिन से ठीक पहले आई अंतिम विदाई
कृष्ण देओल से धर्मेंद्र तक का प्रेरक सफर

श्रद्धा ने अपने चुलबुले अंदाज में इस चोट को लेकर कहा, “मसल्स टीयर है, ठीक हो जाएगा। बस थोड़ा रेस्ट करना है, लेकिन मैं बिल्कुल ठीक हो जाऊंगी।” उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें उनका पैर प्लास्टर में लिपटा हुआ दिख रहा था। अभिनेत्री ने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि वह “टर्मिनेटर की तरह घूम रही हैं।”
लावणी डांस सीक्वेंस के दौरान हुआ हादसा
सूत्रों के मुताबिक, यह चोट ईथा फिल्म के एक महत्वपूर्ण लावणी डांस सीक्वेंस की शूटिंग के दौरान लगी। श्रद्धा को इस गाने में अजय-अतुल द्वारा कंपोज किए गए संगीत पर तेज गति से लावणी डांस करना था। इस डांस सीक्वेंस के दौरान, श्रद्धा ने गलती से सारा वजन अपने बाएं पैर पर डाल दिया, जिससे उनका संतुलन बिगड़ा और मांसपेशी में चोट आ गई। यह हादसा तब हुआ जब श्रद्धा ने इस भूमिका के लिए खुद पर कड़ी मेहनत की थी, जिसमें 15 किलो वजन बढ़ाने की चुनौती भी शामिल थी।
राहुल मोदी की फिल्म ईथा पर कर रही हैं काम
चोट के बावजूद, श्रद्धा कपूर अपनी आगामी फिल्मों पर काम कर रही हैं। अभिनेत्री ने पुष्टि की कि वह अभी अपने बॉयफ्रेंड और फिल्म निर्माता राहुल मोदी की फिल्म *ईथा* पर काम कर रही हैं। श्रद्धा ने इस फिल्म को लेकर कहा, “यह फिल्म स्टार्ट-अप्स की दुनिया और हसल कल्चर पर आधारित है। यह मेरे लिए एक नए तरह का और चुनौतीपूर्ण रोल है। मैं अब जानबूझकर ऐसे रोल चुन रही हूँ, जहाँ मुझे एक्टर के तौर पर चुनौती मिले और मैं एक सक्रिय किरदार निभाऊँ।”
इसके अलावा, श्रद्धा कपूर ने हाल ही में एनिमेटेड फिल्म जूटोपिया 2 के हिंदी संस्करण में जुडी हॉप्स के किरदार को अपनी आवाज दी है, जो 28 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
श्रद्धा के फैंस उनकी जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं, और अभिनेत्री ने अपनी सकारात्मकता से यह संदेश दिया है कि वह जल्द ही पूरी तरह से ठीक हो जाएंगी।

विवाह पंचमी का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विवाह पंचमी के दिन मिथिला नगरी में राजा जनक की पुत्री सीता का विवाह अयोध्या के राजकुमार श्रीराम से वैदिक रीति से संपन्न हुआ था। यह विवाह न केवल एक ऐतिहासिक घटना है, बल्कि आदर्श दांपत्य, मर्यादा, निष्ठा और धर्म का प्रतीक भी माना जाता है। मान्यता है कि गोस्वामी तुलसीदास ने भी इसी दिन रामचरितमानस की रचना पूरी की थी, जिससे यह तिथि और भी अधिक महत्व रखती है।
विवाह पंचमी के दिन व्रत का महत्व
विवाह पंचमी के दिन व्रत रखने से दांपत्य जीवन में प्रेम, स्थिरता और सौहार्द बढ़ता है। विशेष रूप से यह व्रत कुंवारे युवक-युवतियों के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है। इसके अलावा, इस दिन व्रत रखने से घर में सुख, शांति, समृद्धि और सौभाग्य की वृद्धि होती है। इस दिन की पूजा से जीवन में संतुलन और मानसिक शांति प्राप्त होती है, जो दांपत्य जीवन में प्रेम और समर्पण को बढ़ावा देती है।
विवाह पंचमी के दिन शादी क्यों नहीं होती
हालांकि विवाह पंचमी एक विवाह का प्रतीक दिन है, फिर भी इस दिन परंपरागत रूप से विवाह का आयोजन नहीं किया जाता। इसका कारण यह है कि यह तिथि एक धार्मिक और आध्यात्मिक दिन है, जो राम और सीता के विवाह के पुण्य स्मरण के लिए होती है, न कि नए विवाहों के आयोजन के लिए। हिंदू समाज में यह मान्यता है कि इस दिन विवाह की बजाय पूजा और व्रत करने से अधिक लाभ मिलता है।
विवाह पंचमी 2025: शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
विवाह पंचमी 2025 की तिथि 24 नवम्बर को शाम 9:22 बजे से आरंभ होगी और 25 नवम्बर को रात 10:56 बजे तक रहेगी। इस दिन पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त का समय विशेष रूप से शुभ माना गया है, जो सुबह 4:20 बजे से 4:59 बजे तक रहेगा।
विवाह पंचमी पर पूजा करने के लिए सबसे पहले स्नान करके स्वच्छ मन से पूजा स्थल पर जाएं। फिर पीले वस्त्रों से ढकी एक चौकी पर राम और सीता की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। इसके बाद गंगाजल, फल, फूल, धूप, दीप और प्रसाद अर्पित करें। इसके साथ-साथ रामचरितमानस के बालकांड में वर्णित विवाह प्रसंग का पाठ करें और दांपत्य जीवन में प्रेम और सुख-शांति की कामना करते हुए संकल्प लें।
विवाह पंचमी का संदेश
विवाह पंचमी का संदेश है प्रेम, समर्पण और पारिवारिक स्थिरता। यह तिथि भक्ति और आध्यात्मिक अनुशासन को जागृत करने का भी एक अवसर है। इस दिन से दांपत्य जीवन में सच्चे प्रेम, समर्पण और सम्मान को बढ़ावा मिलता है, जो कि किसी भी रिश्ते की मजबूती का आधार होता है।
इस दिन के व्रत और पूजा से हम न केवल भगवान राम और माता सीता के आदर्श दांपत्य का पालन करने का संकल्प लेते हैं, बल्कि अपने जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति की कामना भी करते हैं।
विवाह पंचमी के दिन हमें प्रेम, सम्मान और भक्ति की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।

ग्लोबल मार्केट में गिरावट
सोने की कीमतें सोमवार को ग्लोबल मार्केट में लगभग $4,040 प्रति औंस तक गिर गईं। हालांकि, वर्ष-दर-वर्ष की तुलना में सोने की कीमत में लगभग 54% की वृद्धि दर्ज की गई है, लेकिन यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। निवेशकों का ध्यान अमेरिकी रिटेल सेल्स और पीपीआई डेटा जैसे आगामी आर्थिक आंकड़ों पर बना हुआ है। इस बीच, मजबूत रोजगार डेटा के बाद दिसंबर में ब्याज दरों में कटौती की संभावना 40% से बढ़कर अब 69% हो गई है, जिससे सोने और चांदी के दामों में और गिरावट का संकेत मिल रहा है।
MCX वायदा बाजार में स्थिति
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का असर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी देखा गया। सोमवार सुबह 11:10 बजे तक दर्ज आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर डिलीवरी अनुबंध में सोने की कीमत ₹1,22,731 प्रति 10 ग्राम रही, जो 1.18% की गिरावट को दर्शाता है। चांदी की कीमत ₹1,53,147 प्रति किलोग्राम रही, जो 0.65% की गिरावट दिखाती है।
वर्तमान में सोने और चांदी के दामों में यह गिरावट ब्याज दरों में संभावित बदलाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं की वजह से हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को इस समय खरीदारी में सावधानी बरतनी चाहिए और हाजिर भाव तथा महानगरों में स्थानीय कीमतों को ध्यान में रखते हुए ही सोने या चांदी की खरीदारी करनी चाहिए।
महानगरों में सोने की कीमतें
गुडरिटर्न्स के अनुसार, प्रमुख महानगरों में 24 कैरेट सोने की हाजिर कीमत इस प्रकार रही:
दिल्ली: ₹12,528 प्रति ग्राम
मुंबई: ₹12,513 प्रति ग्राम
कोलकाता: ₹12,513 प्रति ग्राम
चेन्नई: ₹12,567 प्रति ग्राम
बैंगलोर: ₹12,513 प्रति ग्राम
22 कैरेट सोने की कीमतें इनसे थोड़ा कम हैं, और प्रत्येक शहर में यह ₹11,470 से ₹11,520 प्रति ग्राम के बीच रही हैं। वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में गिरते हुए दामों के बावजूद, निवेशकों को जल्दबाजी में खरीदारी करने से बचना चाहिए और बाजार की रुझानों को ध्यान से देखना चाहिए।
आर्थिक संकेत और भविष्य का रुझान
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट मुख्य रूप से अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति के कारण हुई है। ब्याज दरों में संभावित कटौती के कारण कीमती धातुओं के दामों में और भी उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। इसके साथ ही, वैश्विक आर्थिक हालात और निवेशकों की चिंता बढ़ी हुई है, जिसके चलते कीमती धातुओं में अस्थिरता बनी हुई है।
निवेशकों के लिए सलाह
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को इस समय हाजिर बाजार के भाव और स्थानीय कीमतों को देखकर खरीदारी करनी चाहिए। साथ ही, सोने और चांदी के दामों में गिरावट को देखते हुए, जल्दबाजी में निवेश करना सही कदम नहीं होगा। बाजार की स्थितियों को ध्यान से समझते हुए ही निवेश निर्णय लेना चाहिए, ताकि भविष्य में अच्छा मुनाफा हो सके।
सोने और चांदी के दामों में यह उतार-चढ़ाव यह भी संकेत देते हैं कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां लगातार बदल रही हैं, और इनकी वजह से कीमती धातुओं की कीमतों में अनिश्चितता बनी रहेगी। निवेशकों को इन परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए अपनी निवेश रणनीतियों में बदलाव करने की सलाह दी जा रही है।

शुक्रवार (Day 1): ₹2.25 करोड़ – धीमी लेकिन स्थिर शुरुआत
शनिवार (Day 2): ₹3.85 करोड़ – 70% से ज्यादा का उछाल
रविवार (Day 3): ₹4.00 करोड़ – मामूली वृद्धि के साथ कुल ₹10 करोड़ पार इस प्रदर्शन के साथ 120 बहादुर ने पहले ही सप्ताहांत में दर्शकों और बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।
मस्ती 4 से सीधी टक्कर
ऑक्यूपेंसी और दर्शकों की प्रतिक्रिया

चूंकि ये छुट्टियां राज्यों और शहरों के हिसाब से अलग-अलग हैं, इसलिए किसी भी परेशानी से बचने के लिए ग्राहकों को अपने क्षेत्र की छुट्टियों की पूरी सूची पहले से चेक कर लेनी चाहिए। इससे ब्रांच विजिट, चेक क्लियरिंग, लोन प्रोसेसिंग या अन्य जरूरी बैंकिंग काम में रुकावट नहीं आएगी।
दिसंबर की शुरुआत में क्षेत्रीय अवकाश
18 दिसंबर: गुरु घासीदास जयंती / यू सोसो थम पुण्यतिथि छत्तीसगढ़, मेघालय
19 दिसंबर: मुक्ति दिवस Liberation Day गोवा इन दिनों बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी, इसलिए चेक क्लियरिंग या ब्रांच विजिट की योजना पहले से बनाना लाभदायक रहेगा। क्रिसमस और साल के अंत का लंबा ब्रेक 24-31 दिसंबर साल के अंत में कई राज्यों में बैंकिंग कामकाज पर बड़ा असर पड़ेगा।
25 दिसंबर: क्रिसमस डे राष्ट्रीय अवकाश, अधिकांश राज्यों में
26 दिसंबर: क्रिसमस शहीद उधम सिंह जयंती मेघालय, मिजोरम, तेलंगाना, हरियाणा
27 दिसंबर: गुरु गोबिंद सिंह जयंती हरियाणा पंजाब, हिमाचल प्रदेश
30 दिसंबर: यू कियांग नांगबाह दिवस / तामु लोसर मेघालय, सिक्किम
31 दिसंबर: नए साल की पूर्व संध्या मिजोरम, मणिपुर इस लंबी छुट्टियों की श्रृंखला के दौरान बैंक शाखाओं में कोई भी सेवा उपलब्ध नहीं होगी।
नेट बैंकिंग और डिजिटल सेवाएं जारी रहेंगी

भारतीय टीम ने आखिरी ओडीआई सीरीज पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसी की धरती खेली थी. तब शुभमन गिल अगुवाई में टीम इंडिया को तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-2 से हार झेलनी पड़ी थी. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वनडे टीम का हिस्सा रहे चार खिलाड़ी साउथ अफ्रीका के खिलाफ आगामी ओडीआई सीरीज का हिस्सा नहीं होंगे.
इनमें शुभमन गिल, श्रेयस अय्यर, अक्षर पटेल और मोहम्मद सिराज शामिल हैं. शुभमन और श्रेयस का चोट के चलते बाहर रहना तय था. वहीं तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत रेस्ट दिया गया है. जबकि बाएं हाथ के ऑलराउंडर अक्षर पटेल ड्रॉप हुए.
ऋतुराज-तिलक की लंबे समय बाद वापसी
इन चारों के स्थान पर ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा, रवींद्र जडेजा और ऋषभ पंत को वनडे टीम में चुना गया है. ऋतुराज ने भारत के लिए आखिरी वनडे इंटरनेशनल मुकाबला 19 दिसंबर 2023 को साउथ अफ्रीका के खिलाफ ही गकेबरहा में खेला था. जबकि तिलक वर्मा भी अपना आखिरी ओडीआई मुकाबला 21 दिसंबर 2023 को इसी टीम के खिलाफ पार्ल में खेलने उतरे थे. अब दोनों खिलाड़ियों की लगभग 2 साल बाद वनडे टीम में वापसी हुई है.
ऋषभ पंत और रवींद्र जडेजा की बात करें, तो दोनों आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 के बाद पहली बार भारत की वनडे टीम में शामिल किए गए हैं. हालांकि पंत को चैम्पियंस ट्रॉफी में एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला था. पंत सेकेंड चॉइस विकेटकीपर के तौर पर वनडे टीम में चुने गए हैं. पंत का आखिरी ओडीआई मुकाबला 7 अगस्त 2024 को श्रीलंका के विरुद्ध कोलंबो में था. बाकी के 11 खिलाड़ी जो साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुने गए हैं, वो ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी ओडीआई सीरीज का पार्ट थे.
केएल राहुल के लिए कप्तानी कोई नई चीज नहीं है. राहुल इससे पहले भी वनडे इंटरनेशनल में भारतीय टीम की कप्तानी कर चुके हैं. राहुल की कप्तानी में टीम इंडिया ने 12 में से 8 ओडीआई मुकाबले जीते. जबकि चार मैचों में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा.
साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम: केएल राहुल (कप्तान/विकेटकीपर), रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली, तिलक वर्मा, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षित राणा, ऋतुराज गायकवाड़, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह और ध्रुव जुरेल
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में ऐसी थी भारतीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, केएल राहुल (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), कुलदीप यादव, हर्षित राणा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, यशस्वी जायसवाल और अर्शदीप सिंह.
भारत vs साउथ अफ्रीका शेड्यूल
पहला वनडे: 30 नवंबर, रांची
दूसरा वनडे: 3 दिसंबर, रायपुर
तीसरा वनडे: 6 दिसंबर, विशाखापत्तनम
पहला टी20: 9 दिसंबर, कटक
दूसरा T20: 11 दिसंबर, मुल्लांपुर
तीसरा T20: 14 दिसंबर, धर्मशाला
चौथा T20: 17 दिसंबर, लखनऊ
पांचवां T20: 19 दिसंबर, अहमदाबाद

स्मृति का कहना है कि पहले उनके पिता पूरी तरह ठीक हों उसके बाद ही शादी आयोजित होगी।नई तारीख तय नहीं, समारोह अनिश्चितकाल के लिए स्थगितशादी की नई तारीख अभी तय नहीं की गई है। तुहिन मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा, स्मृति स्पष्ट रूप से यह चाहती हैं कि पहले उनके पिता स्वस्थ हों। इसके बाद ही विवाह समारोह की नई योजना बनाई जाएगी।स्मृति के निर्णय ने परिवार टीम और प्रशंसकों में सहानुभूति और चिंता दोनों पैदा कर दी है।
डॉक्टरों की रिपोर्ट और स्वास्थ्य स्थिति
खिलाड़ी और बेटी की जिम्मेदारी

उनका तर्क था कि चीन जैसे देशों ने ऐसी मेहनती संस्कृति से तेज विकास हासिल किया। मूर्ति ने बताया कि उनकी कंपनी कैटामरन के कुछ अधिकारी चीन गए थे ताकि वे वहां की असली कामकाजी संस्कृति को समझ सकें। वहां एक कहावत है, “9, 9, 6” यानी “सुबह 9 से रात 9 तक, हफ्ते में 6 दिन।”
‘996’ वर्क कल्चर का मतलब है कि सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक, हफ्ते में 6 दिन काम करना। यानी कुल 72 घंटे काम करना, जो सामान्य कामकाजी घंटों से कहीं ज्यादा है। यह प्रथा खासकर चीन की टेक कंपनियों में ज्यादा प्रचलित थी।
चीन में कैसे शुरू हुआ 996 कल्चर
2010 के दशक में चीन की टेक इंडस्ट्री बहुत तेजी से बढ़ रही थी। मार्केट में आगे बढ़ने की होड़, कंपनियों की स्पीड और ज्यादा मेहनत की मांग ने ‘996’ को आम बना दिया। उस समय के कुछ मशहूर उद्यमी जैसे जैक मा ने इस कल्चर को एक प्रकार की ‘आशीर्वाद’ के रूप में प्रचारित किया।
996 कल्चर का बुरा असर
समय के साथ इन लंबे घंटों का बुरा असर दिखने लगा। कर्मचारियों में थकान, मानसिक तनाव, और काम-जीवन संतुलन बिगड़ने जैसी दिक्कतें आम हो गईं। कई कंपनियों में ज्यादा मेहनत के कारण बीमारियां और यहां तक कि मौत तक के मामले सामने आए। कर्मचारियों ने डिजिटल प्लेटफार्म पर 996 का विरोध किया और 2021 में चीन की सरकार ने इसे अवैध घोषित कर दिया।
996 की कानूनी रोक के बाद क्या बदला?
चीन की अदालतों ने साफ किया कि 996 नियम कानून के हिसाब से गलत है। फिर भी ये कल्चर पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। कई कंपनियों ने नए नाम से ओवरटाइम जारी रखा या नियमों में बदलाव किए। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन में औसतन 48.5 घंटे प्रति सप्ताह काम अब भी होता है, जो कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से ज्यादा है।
दुनिया के दूसरे देशों में काम के घंटे
यूरोप जैसे देशों में जहां औसतन बहुत कम घंटे काम होता है (जैसे नीदरलैंड्स में 32.1 घंटे/सप्ताह), वहीं भारत और चीन जैसे देशों में हफ्ते के 50 घंटे से ज्यादा आम बात है। शोध बताते हैं कि ज्यादा घंटे काम करने से उत्पादकता बढ़ती नहीं, बल्कि 50 घंटे के बाद और गिरने लगती है।
भारत के लिए उत्पादकता या लंबे घंटे?
भारत में भी लंबे कामकाजी घंटे आम हैं, पर उत्पादकता अभी भी कम है। विशेषज्ञों के मुताबिक, असली जरूरत काम के घंटों को बढ़ाने की नहीं, बल्कि स्मार्ट तरीके, टेक्नोलॉजी, कौशल और बेहतर प्रबंधन से उत्पादकता बढ़ाने की है।
स्मार्ट वर्क, न कि हार्ड वर्क
चीन के अनुभव से यही सीख मिलती है कि विकास के लिए जरूरी है कि काम की गुणवत्ता और श्रमिकों की सेहत पर ध्यान दिया जाए, न कि केवल घंटों की संख्या बढ़ाई जाए। कंपनियों और नीतिगत स्तर पर संतुलित और व्यावहारिक बदलाव ही टिकाऊ विकास ला सकते हैं।