Author: bharati

  • अंतरिक्ष में भारतीय संस्कृति की झलक, स्पेस स्टेशन पर हुआ बिहू डांस वायरल

    अंतरिक्ष में भारतीय संस्कृति की झलक, स्पेस स्टेशन पर हुआ बिहू डांस वायरल


    नई दिल्ली। अंतरिक्ष की शून्यता में जब धरती की संस्कृति की झलक दिखे तो वह पल अपने आप में खास बन जाता है। ऐसा ही एक अनोखा दृश्य तब देखने को मिला जब माइक फिंके ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर बिहू नृत्य कर सभी को चौंका दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में फिंके पारंपरिक असमिया ‘गमोसा’ पहने नजर आते हैं और बिहू गीत की धुन पर थिरकते दिखाई देते हैं। खास बात यह है कि फिंके का असम से निजी जुड़ाव भी है उनकी पत्नी रेनिता सैकिया असम की रहने वाली हैं, जिसके चलते यह प्रस्तुति और भी भावनात्मक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण बन जाती है। अंतरिक्ष जैसे वैज्ञानिक माहौल में इस तरह भारतीय लोकसंस्कृति की झलक देखना लोगों के लिए गर्व का विषय बन गया है।

    सीएम सरमा ने की सराहना, बोले असम की संस्कृति का वैश्विक सम्मान
    इस अनोखे प्रदर्शन की सराहना करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वीडियो साझा किया। उन्होंने ‘बिहू बिनंदिया’ टैग के साथ लिखा कि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में बिहू नृत्य देखना असम की संस्कृति के लिए गौरव का क्षण है। सरमा ने फिंके के इस प्रयास को असमिया परंपरा के प्रति सम्मान बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिहू पर दिए गए विशेष ध्यान के बाद अब इस त्योहार को वैश्विक पहचान मिल रही है। गौरतलब है कि असम में हर साल रोंगाली बिहू के अवसर पर नववर्ष का स्वागत बड़े उत्साह से किया जाता है और यह त्योहार राज्य की पहचान बन चुका है।

    पहले भी दिखा चुके हैं अंतरिक्ष में भारतीय संस्कृति की झलक
    यह पहला मौका नहीं है जब माइक फिंके ने अंतरिक्ष में भारतीय संस्कृति का प्रदर्शन किया हो। इससे पहले भी वे अपनी एक अंतरिक्ष यात्रा के दौरान बिहू नृत्य का वीडियो साझा कर चुके हैं। चार अंतरिक्ष मिशनों का हिस्सा रह चुके फिंके ने जनवरी के मध्य में अपनी हालिया उड़ान पूरी की थी। हालांकि, वायरल हो रहा यह नया वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। फिर भी यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और लोग इसे संस्कृति और विज्ञान के अनोखे संगम के रूप में देख रहे हैं।

    ‘बिहू बिनंदिया’ से बना विश्व रिकॉर्ड, पीएम मोदी भी रहे साक्षी
    असम में बिहू को लेकर उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अप्रैल 2023 में गुवाहाटी में लगभग 10,000 कलाकारों ने एक साथ ‘बिहू बिनंदिया’ प्रस्तुति देकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इस ऐतिहासिक आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे थे। अब जब अंतरिक्ष तक बिहू की गूंज पहुंच चुकी है, तो यह कहना गलत नहीं होगा कि असम की यह पारंपरिक कला वैश्विक मंच पर नई ऊंचाइयों को छू रही है।

  • उम्रकैद की सजा काट रहे बंदी का सुसाइड, जेल प्रशासन में हड़कंप

    उम्रकैद की सजा काट रहे बंदी का सुसाइड, जेल प्रशासन में हड़कंप


    नई दिल्ली। राजधानी Bhopal की Bhopal Central Jail में रविवार शाम एक बंदी द्वारा आत्महत्या किए जाने से हड़कंप मच गया। हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा 58 वर्षीय गुड्डू आदिवासी जेल परिसर की गौशाला में पेड़ से लटका मिला।

    गौशाला में काम के दौरान उठाया खौफनाक कदम

    पुलिस के अनुसार, गुड्डू आदिवासी वर्ष 2017 से जेल में बंद था और गौशाला में गौसेवक के रूप में कार्य करता था। रविवार को वह रोज की तरह अन्य बंदियों के साथ काम करने गया था। शाम करीब 5:30 बजे जब वह बाकी बंदियों के साथ लौट रहा था, तब पानी का पंप बंद करने के लिए उसे वापस भेजा गया यही उसका आखिरी पल साबित हुआ।

    प्रहरी ने देखा फंदे पर लटका शव

    काफी देर तक वापस न लौटने पर जेल प्रहरी अंदर गया, जहां गुड्डू पेड़ से रस्सी के सहारे लटका मिला। उसने गायों को बांधने वाली रस्सी से ही फंदा बनाया था। तुरंत जेल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई।

    परिजनों से दूरी और मानसिक तनाव की आशंका

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक से उसके परिजन मिलने नहीं आते थे और वह कभी पैरोल पर भी नहीं गया था। ऐसे में मानसिक तनाव और अकेलेपन को आत्महत्या की वजह माना जा रहा है। वहीं, कुछ सूत्रों के अनुसार जेल अधिकारियों से उसका विवाद भी चल रहा था।

    पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम आज

    Gandhi Medical College की मर्चुरी में शव रखवाया गया है। सोमवार सुबह परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया जाएगा। Gandhinagar Police Station ने मर्ग कायम कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

    भोपाल सेंट्रल जेल की यह घटना जेल प्रशासन और बंदियों की मानसिक स्थिति पर कई सवाल खड़े करती है। जांच के बाद ही आत्महत्या के पीछे की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।

  • शिवपुरी में रेत माफिया पर प्रहार, शिकायत के बाद टीम ने मौके पर की बड़ी कार्रवाई

    शिवपुरी में रेत माफिया पर प्रहार, शिकायत के बाद टीम ने मौके पर की बड़ी कार्रवाई


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Shivpuri जिले में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर नरवर तहसील के ग्राम अंदौरा में छापेमारी कर अवैध खनन में लगी पनडुब्बी मशीन को मौके पर ही जलाकर नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई से रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

    शिकायतों के बाद टीम ने मारा छापा

    ग्राम अंदौरा के नदी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर एसडीएम अनुराग निंगवाल और तहसीलदार ललित शर्मा के नेतृत्व में राजस्व व प्रशासनिक टीम ने रविवार शाम अचानक दबिश दी। मौके पर पनडुब्बी मशीन के जरिए अवैध उत्खनन करते हुए लोगों को पाया गया।

    मौके पर ही मशीन जब्त कर जलाई गई

    कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने अवैध खनन में उपयोग हो रही पनडुब्बी मशीन को तत्काल जब्त कर आग के हवाले कर दिया। प्रशासन का कहना है कि इस तरह की सख्ती से अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी और दोषियों में भय पैदा होगा।

    प्रशासन का स्पष्ट संदेश ‘बर्दाश्त नहीं होगा अवैध खनन’

    अधिकारियों ने साफ कहा है कि जिले में किसी भी प्रकार का अवैध उत्खनन सहन नहीं किया जाएगा। इसमें शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी संकेत दिया कि आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।

    पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

    गौरतलब है कि इससे पहले करैरा तहसील क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन करते एक ट्रैक्टर को भी जब्त कर पुलिस के हवाले किया गया था। लगातार हो रही कार्रवाइयों से अवैध खनन माफियाओं पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है।

    शिवपुरी में प्रशासन की यह सख्ती साफ संदेश देती है कि अवैध खनन के खिलाफ अब जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। आने वाले दिनों में ऐसी और कार्रवाइयों की संभावना है।

  • IPL में सिक्सर किंग बनने की रेस, श्रेयस ने प्रियांश-कूपर को दिया बड़ा मोटिवेशन

    IPL में सिक्सर किंग बनने की रेस, श्रेयस ने प्रियांश-कूपर को दिया बड़ा मोटिवेशन


    नई दिल्ली। Punjab Kings के कप्तान Shreyas Iyer ने जीत के बाद ड्रेसिंग रूम में माहौल और भी मजेदार बना दिया। उन्होंने युवा बल्लेबाज Priyansh Arya और Cooper Connolly को एक खास ‘लालच’ दिया सीजन में जो ज्यादा छक्के मारेगा, उसे उनका बैट इनाम में मिलेगा।

    182 रन की साझेदारी ने मैच पलटा

    मुल्लांपुर में खेले गए मुकाबले में प्रियांश (93 रन, 9 छक्के) और कूपर (87 रन, 7 छक्के) ने दूसरे विकेट के लिए 182 रन की शानदार साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। इस दमदार प्रदर्शन की तारीफ करते हुए Shreyas Iyer ने कहा कि दोनों के शॉट्स “होश उड़ाने वाले” थे।

    ‘मेरा बैट मिलेगा’ कप्तान का मोटिवेशन मंत्र

    अय्यर ने कहा, “मैंने दोनों से कहा कि देखते हैं सीजन में सबसे ज्यादा छक्के कौन मारता है। इनाम के तौर पर मेरा बल्ला मिलेगा।” उन्होंने इसे मजाकिया अंदाज में कहा, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि इससे खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ेगा और टीम का माहौल पॉजिटिव रहेगा।

    ‘खिलाड़ियों को आजादी देना ही सफलता की कुंजी’

    Shreyas Iyer का मानना है कि खिलाड़ियों को अपने तरीके से खेलने की आजादी देने से उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन सामने आता है। उन्होंने बताया कि कोच Ricky Ponting भी मैच से पहले खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, जिसके बाद टीम मैदान पर खुलकर खेलती है।

    अंक तालिका में टॉप पर पंजाब किंग्स

    इस जीत के साथ Punjab Kings 6 मैचों में 5 जीत के साथ 11 अंकों के साथ शीर्ष पर पहुंच गई है। वहीं Lucknow Super Giants को लगातार तीसरी हार का सामना करना पड़ा।

    मैच का संक्षिप्त हाल

    पंजाब ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 254/7 का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में लखनऊ की टीम 200/5 तक ही पहुंच सकी। गेंदबाजी में Marco Jansen, Arshdeep Singh और Yuzvendra Chahal ने अहम योगदान दिया।

    श्रेयस अय्यर का यह ‘बैट चैलेंज’ सिर्फ मजाक नहीं, बल्कि टीम में प्रतिस्पर्धा और उत्साह बढ़ाने का स्मार्ट तरीका है। इससे युवा बल्लेबाजों को और आक्रामक खेलने की प्रेरणा मिलेगी।

  • आयकर स्लैब से कम है सालाना कमाई तो भी भरें ITR… इसके फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान

    आयकर स्लैब से कम है सालाना कमाई तो भी भरें ITR… इसके फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान


    नई दिल्ली।
    एक अप्रैल 2026 से नया वित्तीय वर्ष (New Financial Year) शुरू हो चुका है और टैक्सपेयर (Taxpayer.) आयकर रिटर्न (Income Tax Return.-ITR) दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन, बहुत सारे ऐसे लोग हैं, जिनकी सालाना इनकम कमाई टैक्स स्लैब (Annual Income Tax Slab.) से कम है या कटौती के बाद उनकी टैक्स की देनदारी शून्य हो जाती है। ऐसे में उन्हें लगता है कि उन्हें अब आईटीआर दाखिल करने की जरूरत नहीं है, लेकिन टैक्स एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ऐसे मामलों में ‘शून्य आईटीआर’ दाखिल की जा सकती है, जिसके अपने कई फायदे हैं।

    सभी के लिए आईटीआर भरना जरूरी
    इनकम टैक्स रूल्स के मुताबिक, उन सभी लोगों को आईटीआर जमा करना जरूरी है, जिनकी कुल इनकम मूल टैक्स छूट की सीमा से अधिक है। कई लोगों को गलतफहमी रहती है कि यदि उनकी सालाना आय ओल्ड टैक्स रिजीम में पांच लाख रुपये और नए टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपये से कम है तो ITR भरना जरूरी नहीं है, लेकिन ऐसा नहीं है।

    टैक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस सीमा से कम आय होने पर टैक्स इसलिए नहीं देना पड़ता क्योंकि धारा 87ए के तहत ओल्ड टैक्स रिजीम में 12,500 रुपये और नए टैक्स रिजीम में 60 हजार रुपये तक की रिबेट मिलती है, लेकिन पुरानी व्यवस्था में छूट की वास्तविक सीमा अब सिर्फ 2.5 लाख रुपये है। वहीं, नई कर व्यवस्था में यह सीमा चार लाख रुपये है। अगर इससे एक रुपये भी अधिक आय है तो टैक्सपेयर के लिए आईटीआर दाखिल करना जरूरी है, भले ही उनका टैक्स शून्य हो। इसे जीरो आईटीआर भी कहते हैं।

    इन मामलों में जरूर भरें आईटीआर
    1. भारी-भरकम बिजली बिल का भुगतान

    नियमों के अनुसार, अगर टैक्सपेयर ने एक वित्त वर्ष के दौरान कुल मिलाकर एक लाख रुपये या उससे अधिक का बिजली बिल चुकाया है, तो आपके लिए आईटीआर दाखिल करना अनिवार्य है। भले ही उसकी कुल सालाना टैक्स स्लैब से कम हो। विभाग यह मानकर चलता है कि आपकी जीवनशैली और खर्च घोषित आय से मेल नहीं खा रहे हैं।

    2. विदेश यात्रा पर बड़ा खर्च
    अगर टैक्सपेयर ने विदेश यात्रा पर दो लाख या उससे ज्यादा खर्च किए हैं, तो आईटीआर भरना होगा। इस मामले में नियम बहुत स्पष्ट हैं। इसके अनुसार, विदेश यात्रा पर दो लाख से अधिक का खर्च उच्च श्रेणी के लेनदेन में शामिल होता है। इसलिए इस खर्च के कारण विभाग को सूचित करना अनिवार्य हो जाता है।


    3. बैंक खातों में बड़ी रकम जमा करना

    यदि व्यक्ति ने अपने बचत खाते में 50 लाख या उससे ज्यादा की नकद राशि जमा की है, तो आईटीआर भरना जरूरी है। ‘करेंट अकाउंट’ के मामले में यह सीमा एक करोड़ रुपये या इससे अधिक है। कई बार संपत्ति बेचने या निवेश की रकम प्राप्त होने पर इतनी बड़ी रकम खाते में प्राप्त होती है। बैंक इसकी जानकारी आयकर विभाग को देता है। ऐसे में टैक्सपेयर के लिए भी रिटर्न भरना अनिवार्य हो जाता है।


    4. इसके लिए भी जरूरी

    अगर किसी व्यक्ति का टीडीएस या टीसीएस 25,000 रुपये या उससे अधिक कटा है (बुजुर्गों के लिए ₹50,000), तो रिफंड लेने या न लेने, दोनों ही स्थितियों में रिकॉर्ड के लिए आईटीआर दाखिल करना होता है। इसके अलावा अगर अगर कुल व्यावसायिक बिक्री 60 लाख रुपये से अधिक है या पेशेवर आय 10 लाख रुपये से ज्यादा है, तब भी रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है।


    जीरो आईटीआर भरने के फायदे
    1. लोन लेना आसान

    होम लोन या व्यक्तिगत कर्ज देने से पहले बैंक या वित्तीय संस्थान पिछलने तीन वर्षों का आयकर रिटर्न मांगते हैं। इससे कर्ज मिलने की प्रक्रिया आसान हो जाती है।


    2. विदेश जाने के लिए भी मददगार

    विदेश यात्रा के लिए वीजा आवेदन करते समय संबंधित देश के दूतावास वित्तीय स्थिति जांचने करते हैं। इसके लिए भी आईटीआर मांगते हैं। इससे वीजा मिलना आसान हो जाता है।


    3. शेयर बाजार में निवेश पर बचा सकते हैं टैक्स

    शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में अगर घाटा हुआ है, तो उस हानि को अगले कुछ सालों के लिए समायोजित (कैरी फॉरवर्ड) करने की सुविधा तभी मिलती है, जब आप समय पर आईटीआर दाखिल करते हैं।


    4. बिना आईटीआर टीडीएस रिफंड नहीं मिलेगा

    कई बार बैंक टैक्स दायरे में नहीं आने के बावजूद फिक्स डिपॉजिट (FD) के ब्याज पर टीडीएस काट लेते हैं। इसका रिफंड बिना आईटीआर दाखिल किए नहीं मिलेगा।


    विभाग के पास हर वित्तीय गतिविधि की जानकारी

    मौजूदा समय में आयकर विभाग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा एनालिटिक्स का भरपूर इस्तेमाल कर रहा है। वार्षिक सूचना विवरण (एआईएस) और टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी (टीआईए,) जैसे टूल्स के जरिए विभाग के पास आपके बैंक ब्याज, शेयर बाजार के निवेश, डिविडेंड और हाई-वैल्यू ट्रांजेक्शन की पूरी डिटेल मौजूद रहती है। ऐसी में अगर आप अपनी कमाई का ब्यौरा नहीं देते हैं, तो डाटा में विसंगति होने पर विभाग की ओर से नोटिस आने की संभावना बढ़ जाती है।


    ITR Slab (नई व्यवस्था)

    ₹0 से ₹4 लाख: शून्य
    ₹4 लाख से ₹8 लाख: 5%
    ₹8 लाख से ₹12 लाख: 10%
    ₹12 लाख से ₹16 लाख: 15%
    ₹16 लाख से ₹20 लाख: 20%
    ₹20 लाख से ₹24 लाख: 25%
    ₹24 लाख से अधिक: 30%


    पुरानी टैक्स व्यवस्था के स्लैब

    ₹0 से ₹2.5 लाख : शून्य
    ₹2.5 लाख से ₹5 लाख: 5%
    ₹5 लाख से ₹10 लाख : 20%
    ₹10 लाख से अधिक: 30%

  • चारधाम यात्रा प्रारंभ…. गैर-सनातनियों के लिए तीन धामों में शर्तें व नियम लागू, एक धाम में सबका स्वागत

    चारधाम यात्रा प्रारंभ…. गैर-सनातनियों के लिए तीन धामों में शर्तें व नियम लागू, एक धाम में सबका स्वागत


    देहरादून।
    अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के शुभ अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम (Gangotri and Yamunotri shrines) के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड (Uttarakhand) की चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) शुरू हो गई है। पहली पूजा प्रधानमंत्री मोदी के नाम से की गई। इस बार सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। साथ ही मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन और कैमरों पर प्रतिबंध लगाया गया है। महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में तीन धामों में गैर-सनातनियों के प्रवेश के लिए विशेष शर्तें एवं नियम लागू हैं जबकि एक धाम में सभी का स्वागत किया जाएगा। यात्रा के लिए अब तक लाखों श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।


    चारधाम यात्रा शुरू

    अक्षय तृतीया के मौके पर रविवार को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दरवाजे भक्तों के लिए फिर से खुल गए। इसके साथ ही उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू हो गई।


    पहली पूजा प्रधानमंत्री मोदी के नाम

    उत्तरकाशी जिले में मौजूद गंगोत्री और यमुनोत्री दोनों धामों में पहली पूजा प्रधानमंत्री मोदी के नाम से की गई। गंगोत्री के कपाट खुलने के समय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी वहां मौजूद रहे जहां उन्होंने यात्रा की सफलता और देश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।


    गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर के खुले कपाट

    धार्मिक विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगोत्री मंदिर के कपाट अपराह्न करीब 12:15 बजे और यमुनोत्री मंदिर के कपाट 12:35 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। CM धामी ने कहा कि उत्तराखंड के चारधाम देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।


    यहां गैर सनातनियों को देना होगा हलफनामा

    इस साल 3 धामों में गैर सनातनियों के प्रवेश को लेकर अलग-अलग शर्तें हैं। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने दोनों मंदिर परिसरों में प्रवेश के लिए सनातन धर्म के प्रति आस्था का हलफनामा अनिवार्य किया है।

    गंगोत्री मंदिर समिति ने पंचगव्य के बाद एंट्री
    वहीं गंगोत्री मंदिर समिति ने पंचगव्य (गोबर, गोमूत्र, दूध, दही और घी) ग्रहण करने के बाद ही धाम में एंट्री की अनुमति देने की घोषणा की है।


    यमुनोत्री धाम में सबका स्वागत

    दूसरी ओर यमुनोत्री मंदिर समिति ने अलग रुख अपनाते हुए बिना जाति-धर्म पूछे श्रद्धाभाव से आने वाले सभी श्रद्धालुओं के स्वागत का निर्णय लिया है।

    मोबाइल फोन और कैमरे पूरी तरह बैन
    इस बार चारों धामों के मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन और कैमरों के इस्तेमाल पर पूरी तरह बैन लगाया गया है। पिछले साल चारधाम यात्रा में 51 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। वहीं इस साल अब तक करीब 19 लाख श्रद्धालु ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।


    कब खुलेंगे केदारनाथ और बदरीनाथ मंदिर के कपाट?

    उत्तराखंड के चारधामों में शामिल अन्य दो धाम-रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को जबकि चमोली जिले के बदरीनाथ मंदिर के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाएंगे। बता दें कि ये चारों धाम सर्दियों में भारी बर्फबारी और भीषण ठंड के कारण हर साल अक्टूबर-नवंबर में बंद कर दिए जाते हैं। ये धाम अप्रैल-मई में दोबारा खोले जाते हैं।

  • UAE का भारी-भरकम कर्ज चुकाने की तैयारी में पाकिस्तान…. US-ईरान की डील से हुआ मालामाल

    UAE का भारी-भरकम कर्ज चुकाने की तैयारी में पाकिस्तान…. US-ईरान की डील से हुआ मालामाल


    इस्लामाबाद।
    पाकिस्तान (Pakistan) 23 अप्रैल तक संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates.- UAE) का 1.5 अरब डॉलर का बकाया कर्ज चुकाने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक (Central Bank) स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (State Bank of Pakistan.-SBP) ने शनिवार को कहा कि वह 3.5 अरब डॉलर के कर्ज में से बाकी बची राशि को तय समयसीमा तक लौटा देगा। इससे पहले पाकिस्तान ने यूएई को 2 अरब डॉलर का भुगतान कर दिया है। यह भुगतान उस समय किया गया जब सऊदी अरब ने अपनी सहायता के तहत 3 अरब डॉलर में से 2 अरब डॉलर की राशि SBP में जमा कराई। बताया गया कि मध्यस्थता की भूमिका के चलते पाकिस्तान को सऊदी अरब से यह मोटी धनराशि मिली।

    SBP के प्रवक्ता के अनुसार, यूएई की ओर से जमा की गई 3.5 अरब डॉलर की राशि में से 2 अरब डॉलर की अवधि पूरी होने पर वापस कर दी गई है और शेष 1.5 अरब डॉलर 23 अप्रैल तक चुकाने हैं। पाकिस्तान के वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने वाशिंगटन में कहा कि देश को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से लगभग 1.2 अरब डॉलर की अगली किश्त मिलने की उम्मीद है। IMF की कार्यकारी बोर्ड की बैठक मई के मध्य में प्रस्तावित है, जिसमें इस समझौते की समीक्षा होगी और अगली राशि जारी हो सकती है। यूएई ने पाकिस्तान को भुगतान संतुलन को संभालने के लिए 3.5 अरब डॉलर की सहायता दी थी। हाल ही में पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते UAE ने यह राशि जल्द वापस करने की मांग की थी।


    सऊदी अरब ने कैसे की पाकिस्तान की मदद

    वहीं, सऊदी अरब ने पाकिस्तान के साथ 3 अरब डॉलर की जमा राशि की अवधि बढ़ाने का समझौता किया है, जिससे पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार को सहारा मिला है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 27 मार्च तक पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 16.4 अरब डॉलर था, जो लगभग तीन महीने के आयात को कवर करने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है। हालांकि, यूएई को भुगतान के कारण देश के बाहरी वित्तीय संसाधनों पर दबाव बना हुआ है।

    पाकिस्तान की ओर से UAE का कर्ज ऐसे समय चुकाया जा रहा है जब इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत होनी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिकी वार्ताकार सोमवार को ईरान के साथ दूसरे दौर की बातचीत के लिए पाकिस्तान पहुंचेंगे। होर्मुज स्ट्रेट वार्ता के पहले दौर के दौरान प्रमुख विवादों में से एक था। शनिवार को इसे लेकर जारी गतिरोध तब और बढ़ गया, जब ईरान ने संकरे जलमार्ग को पार करने की कोशिश कर रहे जहाजों पर गोलीबारी की, जबकि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखी।

  • असम के CM बोले- घुसपैठ करने वाले बांग्लादेशी मुसलमानों को लात मार-मारकर भगाऊंगा

    असम के CM बोले- घुसपैठ करने वाले बांग्लादेशी मुसलमानों को लात मार-मारकर भगाऊंगा


    कोलकाता
    । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) में असम (Assam) के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Chief Minister Himanta Biswa Sarma) भी प्रचार कर रहे हैं। वे बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) पर हमलावर हैं और उनपर बांग्लादेशी मुस्लिमों की घुसपैठ करवाने का आरोप लगा रहे। हाल ही में एक चुनावी रैली करते हुए हिमंत सरमा ने दो टूक कहा कि वह जितने भी बांग्लादेशी मुसलमान हैं, उन्हें लात मार-मारकर भगाने वाले हैं। वह किसी से डरते नहीं हैं।

    उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने बंगाल की सीमाओं को बांग्लादेश के साथ खोलकर रखा है। हर दिन बांग्लादेशी मुसलमान लोग, बंगाल की सीमा से आते हैं, मैं लात मारकर असम से भगाता हूं, लेकिन फिर आ जाते हैं। इसलिए अगर भारत को बांग्लादेशी मुसलमानों से मुक्त करना है तो पश्चिम बंगाल में भी भाजपा सरकार चाहिए।

    सरमा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद से बनर्जी ने पूरे बंगाल को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने कहा, “हमें ममता बनर्जी को बंगाल के मुख्यमंत्री पद से हटाना होगा, अन्यथा एक दिन बांग्लादेशी मुसलमान हमसे यह राज्य छीन लेंगे।” भाजपा नेता ने दावा किया कि बनर्जी के कार्यकाल में उत्तर बंगाल में कोई विकास नहीं हुआ। उन्होंने कहा, ”जैसे ही बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी, हम इस क्षेत्र से सभी बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर कर देंगे।” उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य में सत्ता में आने पर गोरखालैंड मुद्दे का संवैधानिक समाधान तलाशेगी और ”गोरखाओं के लिए न्याय सुनिश्चित करेगी।”


    TMC ने दर्ज करवाई शिकायत

    वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने शनिवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत के खिलाफ निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि उन्होंने पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान ‘ध्रुवीकरण करने वाले और आपराधिक रूप से धमकी भरे बयान” दिए हैं। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को दिए गए एक पत्र में, सत्तारूढ़ पार्टी ने वरिष्ठ भाजपा नेता पर चुनाव आचार संहिता (एमसीसी), भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। शिकायत में कहा गया, ”16 अप्रैल को, सरमा ने कूचबिहार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए भड़काऊ, ध्रुवीकरण करने वाले और आपराधिक रूप से डराने वाले बयान दिए, जो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति मानहानिकारक भी थे।”

    इसमें यह भी दावा किया गया कि इस तरह के बयान पश्चिम बंगाल में विभिन्न समुदायों के बीच सांप्रदायिक तनाव पैदा कर सकते हैं, जिससे शांतिपूर्ण चुनाव बाधित हो सकता है। पार्टी ने दावा किया कि बनर्जी के खिलाफ की गई टिप्पणियां मानहानिकारक थीं और सार्वजनिक भाषण में गरिमा बनाए रखने के संबंध में एमसीसी का उल्लंघन करती हैं। शिकायत में कहा गया कि सरमा की टिप्पणियां चुनाव प्रचार अभियान में धर्म का उपयोग करने से परहेज करने के संबंध में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का भी उल्लंघन करती हैं।

  • केतु का नक्षत्र परिवर्तन आज, इन राशियों को होगा धन लाभ, चमकेगी किस्‍मत

    केतु का नक्षत्र परिवर्तन आज, इन राशियों को होगा धन लाभ, चमकेगी किस्‍मत

    नई दिल्ली। अप्रैल के अंतिम दिनों में ग्रहों की चाल एक बार फिर बड़ा परिवर्तन लेकर आई है। आज 20 अप्रैल 2026 को केतु नक्षत्र परिवर्तन कर रहे हैं, जिसे ज्योतिष में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस बदलाव का असर कई राशियों पर देखने को मिलेगा, कहीं अचानक धन लाभ के योग बनेंगे तो कहीं करियर में नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।

    केतु का नक्षत्र परिवर्तन कब और कैसे?
    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आज केतु अपने ही नक्षत्र मघा में प्रवेश कर रहे हैं। यह गोचर लंबे समय तक प्रभाव डालने वाला माना जाता है। केतु को रहस्यमय और आध्यात्मिक ग्रह माना जाता है, जो अचानक बदलाव और कर्मफल से जुड़ा होता है।

    मघा नक्षत्र में प्रवेश क्यों है अहम?
    केतु का मघा नक्षत्र में जाना एक विशेष ज्योतिषीय घटना मानी जाती है। यह नक्षत्र राजसी गुण, पितृ संबंध और अधिकार का प्रतीक है। इस दौरान कई लोगों को पूर्वजों का आशीर्वाद मिल सकता है और भाग्य का साथ भी मिल सकता है। यह समय अचानक लाभ, नई दिशा और जीवन में सकारात्मक बदलाव के संकेत देता है।

    इन राशियों के लिए खुलेगा भाग्य का दरवाजा
    इस नक्षत्र परिवर्तन का सबसे अधिक प्रभाव कुछ खास राशियों पर देखने को मिल सकता है:-
    मेष राशि: रुके हुए कार्य पूरे होंगे, अटका हुआ धन वापस मिल सकता है और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
    कर्क राशि: मानसिक तनाव कम होगा, धन लाभ के योग बनेंगे और पारिवारिक सुख में बढ़ोतरी होगी।
    सिंह राशि: करियर में उन्नति के अवसर मिलेंगे, प्रमोशन या नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
    धनु राशि: आय के स्रोत बढ़ेंगे और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

    जीवन में दिखेंगे ये बड़े बदलाव
    इस अवधि में कई लोगों को अचानक नए अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से रुके काम तेजी पकड़ेंगे और पुरानी समस्याओं का समाधान मिलने की संभावना है। साथ ही, आध्यात्मिकता की ओर झुकाव बढ़ेगा और व्यक्ति जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने लगेगा।

  • Malaysia के इस राज्य में लगी भीषण आग में 1000 मकान जलकर राख… 9000 से ज्यादा लोग हुए बेघर

    Malaysia के इस राज्य में लगी भीषण आग में 1000 मकान जलकर राख… 9000 से ज्यादा लोग हुए बेघर


    कुआलालंपुर।
    मलेशिया (Malaysian) के सबाह (Sabah) राज्य के संडाकन जिले (Sandakan District) में रविवार को लगी भीषण आग ने एक गांव के करीब 1000 घरों को पूरी तरह राख कर दिया। बताया जा रहा है कि इस दुर्घटना में 9000 से अधिक लोग बेघर हो गए, हालांकि किसी की जान जाने की खबर नहीं है। दमकल विभाग के अनुसार, बोर्नियो द्वीप पर स्थित सबाह के संडाकन जिले में स्थित इस जल-आधारित गांव (वॉटर विलेज) में आग की सूचना रविवार तड़के लगभग 1.32 बजे (1732 जीएमटी) मिली। जिले के अग्निशमन और बचाव प्रमुख जिम्मी लगुंग (Jimmy Lagung) ने बयान में कहा कि तेज हवाओं और घरों की निकटता के कारण आग तेजी से फैल गई। कम ज्वार की वजह से खुले पानी का स्रोत प्राप्त करना भी मुश्किल हो गया।

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह आग सबाह के उन जल-आधारित गांवों में से एक में लगी, जहां खंभों पर बने लकड़ी के घर होते हैं। ये क्षेत्र देश के सबसे गरीब समुदायों का निवास स्थान है, जिसमें कई राज्यविहीन और स्वदेशी समूह शामिल हैं। संडाकन पुलिस ने राज्य समाचार एजेंसी बरनामा को बताया कि आग से 9000 से अधिक निवासी प्रभावित हुए हैं। हालांकि, अब तक किसी की मौत की कोई खबर नहीं है।

    रिपोर्ट के अनुसार, दमकल विभाग के अनुसार, आग पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं। फिलहाल मौके पर कई टीमें पहुंची हैं और हताहतों को मौके से निकालकर राहत केंद्रों में शिफ्ट किया जा रहा है। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम (Prime Minister Anwar Ibrahim) ने कहा कि संघीय सरकार प्रभावित लोगों को बुनियादी सहायता और अस्थायी पुनर्वास उपलब्ध कराने के लिए सबाह अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही है। फेसबुक पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री इब्राहिम ने लिखा कि अभी प्राथमिकता पीड़ितों की सुरक्षा और मौके पर तत्काल सहायता प्रदान करना है।