Author: bharati

  • गुजरात के मोती पलसन गांव में पानी का संकट, जान जोखिम में डालकर कुओं से पानी भरने को मजबूर ग्रामीण

    गुजरात के मोती पलसन गांव में पानी का संकट, जान जोखिम में डालकर कुओं से पानी भरने को मजबूर ग्रामीण


    नई दिल्ली । गुजरात में विकास और बुनियादी सुविधाओं के बड़े-बड़े दावों के बीच वलसाड जिले के कपराडा तहसील से एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। मोती पलसन गांव में पीने के पानी की गंभीर किल्लत ने ग्रामीणों की जिंदगी को मुश्किलों से भर दिया है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की गई जल आपूर्ति योजनाओं के बावजूद गांव के लोग आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

    यह गांव, जिसे भारी वर्षा के कारण कभी-कभी गुजरात का चेरापूंजी भी कहा जाता है, आज गर्मी के मौसम में पानी की भारी कमी से जूझ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर है कि गांव की महिलाएं और पुरुष अपने परिवार की प्यास बुझाने के लिए 45 फीट गहरे कुओं में उतरने को मजबूर हैं। कई बार लोहे की सीढ़ियों और रस्सियों के सहारे खतरनाक तरीके से नीचे जाकर पानी निकाला जाता है, जिससे हादसे का खतरा हमेशा बना रहता है।

    ग्रामीणों के अनुसार, गांव में मौजूद सरकारी कुएं भी गर्मी बढ़ते ही सूखने लगते हैं और उनमें बहुत कम पानी बचता है। ऐसे में लोगों को घंटों तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है ताकि वे कुछ बाल्टी पानी भर सकें। कई परिवारों को सिर्फ एक या दो बाल्टी पानी के लिए एक से दो घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। इस दौरान महिलाएं छोटे बच्चों को साथ लेकर तेज धूप में कुएं के पास बैठने को मजबूर हैं।

    पानी भरने की यह प्रक्रिया आसान नहीं है। कई बार महिलाएं और युवा कुएं में उतरते समय फिसलकर चोटिल भी हो जाते हैं। इसके बावजूद मजबूरी में यह काम रोजाना करना पड़ता है। गांव में पानी की इतनी कमी है कि हर बूंद की कीमत बढ़ती जा रही है और जीवन की बुनियादी जरूरतें भी चुनौती बन गई हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि कई साल पहले सरकार की ओर से बड़ी जल आपूर्ति योजना शुरू की गई थी, जिसके तहत गांव-गांव में नल लगाए गए। इस योजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इन नलों से आज तक पानी की एक बूंद भी नियमित रूप से नहीं पहुंची। गांव के लोग इसे योजनाओं की विफलता और प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम मान रहे हैं।

    हालांकि हाल के दिनों में कुछ स्थानों पर पानी की आपूर्ति शुरू किए जाने की बात सामने आई है, लेकिन यह व्यवस्था अभी भी अस्थायी और अपर्याप्त बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान न होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

    यह स्थिति न केवल गांव की जीवनशैली को प्रभावित कर रही है, बल्कि यह भी सवाल खड़े कर रही है कि जब योजनाओं पर भारी-भरकम बजट खर्च किया जा रहा है, तब भी अंतिम व्यक्ति तक पानी क्यों नहीं पहुंच पा रहा। मोती पलसन गांव की यह तस्वीर ग्रामीण भारत में जल संकट की गंभीरता को उजागर करती है और विकास के दावों की वास्तविकता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है।

  • SAIL की जमीन पर बने कथित अवैध दफ्तर पर प्रशासन की कार्रवाई, बर्नपुर में चार कार्यालय हटाए गए

    SAIL की जमीन पर बने कथित अवैध दफ्तर पर प्रशासन की कार्रवाई, बर्नपुर में चार कार्यालय हटाए गए

    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में इन दिनों डीजल आपूर्ति को लेकर स्थिति गंभीर चर्चा का विषय बनी हुई है। भीषण गर्मी और खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच किसानों को पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों का सामना करना पड़ रहा है। कई ग्रामीण इलाकों में स्थिति ऐसी बन गई है कि किसान 50 से 80 किलोमीटर दूर तक डीजल लेने के लिए यात्रा करने को मजबूर हैं। इससे खेती की तैयारियों पर असर पड़ने की आशंका गहराने लगी है।

    बुलढाणा, वाशिम और आसपास के जिलों में पेट्रोल पंपों पर ट्रैक्टरों और डीजल कैनों की लंबी लाइनें देखी जा रही हैं। किसान सुबह से ही पंपों पर पहुंचकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कई जगहों पर उन्हें पर्याप्त मात्रा में डीजल नहीं मिल पा रहा। इस स्थिति ने किसानों के बीच चिंता और असंतोष दोनों को बढ़ा दिया है।

    वाशिम जिले के कई किसान बताते हैं कि उन्हें अपने ही क्षेत्र में डीजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा, जिसके चलते उन्हें अकोला जैसे जिलों का रुख करना पड़ रहा है। एक किसान के अनुसार, उन्होंने कई पेट्रोल पंपों के चक्कर लगाए, लेकिन अंततः बहुत कम मात्रा में डीजल मिल पाया, जिससे उनकी खेती की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही।

    इस बीच अकोला जिले की स्थिति थोड़ी अलग बताई जा रही है। यहां बड़े डिपो होने के कारण डीजल उपलब्ध तो है, लेकिन आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने के कारण पंपों पर दबाव काफी बढ़ गया है। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि वास्तविक कमी की बजाय यह स्थिति अचानक बढ़ी मांग और घबराहट के कारण बनी है।

    अधिकारियों और पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार पिछले कुछ दिनों में डीजल की बिक्री में 30 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। उनका कहना है कि ट्रांसपोर्टेशन में देरी के कारण सप्लाई समय पर नहीं पहुंच पा रही, जिससे कुछ पंपों पर अस्थायी रूप से स्टॉक कम हो जाता है और लोगों में डर बढ़ जाता है।

    अकोला के एक पेट्रोल पंप संचालक का कहना है कि उनके पास डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है, लेकिन भीड़ बढ़ने से दबाव जरूर महसूस किया जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि किसान जरूरत से ज्यादा डीजल खरीदने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ रही है।

    हालांकि किसानों का तर्क है कि खरीफ सीजन की तैयारी के लिए समय पर जुताई और बुवाई जरूरी है, और डीजल की अनुपलब्धता से उनकी खेती प्रभावित हो सकती है। तेज धूप और 45 से 46 डिग्री तक पहुंचते तापमान में किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

    इस पूरे मामले में दो अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। एक ओर किसान डीजल की कमी और लंबी कतारों की शिकायत कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पेट्रोल पंप संचालक इसे पैनिक और अफवाह का परिणाम बता रहे हैं।

    फिलहाल स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन इतना तय है कि अगर सप्लाई और वितरण व्यवस्था समय पर दुरुस्त नहीं हुई, तो खरीफ सीजन की खेती पर इसका सीधा असर पड़ सकता है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।

  • बिहार एनकाउंटर विवाद: बढ़ती पुलिस कार्रवाई पर जातीय राजनीति के आरोप, सत्ता और विपक्ष में टकराव

    बिहार एनकाउंटर विवाद: बढ़ती पुलिस कार्रवाई पर जातीय राजनीति के आरोप, सत्ता और विपक्ष में टकराव


    नई दिल्ली ।
    बिहार में पुलिस मुठभेड़ों को लेकर राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ता जा रहा है। राज्य में हाल के दिनों में हुई कई एनकाउंटर कार्रवाइयों ने जहां कानून-व्यवस्था पर सरकार की सख्ती को दिखाया है, वहीं दूसरी ओर इसे लेकर जातीय राजनीति भी खुलकर सामने आ गई है। विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल का आरोप है कि इन कार्रवाइयों में एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

    राज्य में हाल के हफ्तों में पटना, सीवान, भागलपुर, नवादा और समस्तीपुर सहित कई जिलों में पुलिस एनकाउंटर की घटनाएं सामने आई हैं। इन कार्रवाइयों में कुछ अपराधियों की मौत हुई है, जबकि कई घायल होकर गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस इन ऑपरेशनों को अपराध नियंत्रण की सख्त रणनीति के रूप में देख रही है, जिसे अनौपचारिक रूप से “ऑपरेशन लंगड़ा” भी कहा जा रहा है, जिसमें अपराधियों को पैर में गोली मारकर पकड़ने की रणनीति अपनाई जा रही है।

    विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि इन मुठभेड़ों में जातीय आधार पर भेदभाव किया जा रहा है और एक विशेष समुदाय के लोगों को ज्यादा निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था के नाम पर निष्पक्षता से समझौता नहीं होना चाहिए और हर कार्रवाई पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए।

    इन आरोपों पर राज्य सरकार की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पुलिस कार्रवाई पूरी तरह अपराधियों के खिलाफ है और इसमें किसी भी प्रकार का जातीय भेदभाव नहीं किया जाता। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि कानून को जाति देखकर नहीं चलाया जा सकता और बिहार में अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

    इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अपराध का कोई जाति से संबंध नहीं होता और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को स्वतंत्र रूप से काम करने देना चाहिए। साथ ही उन्होंने विपक्ष पर सवाल उठाते हुए यह भी कहा कि अपराध के मामलों को जातीय नजरिए से देखना उचित नहीं है।

    बीते कुछ हफ्तों में हुई मुठभेड़ों में कई मामलों में अपराधियों के मारे जाने और घायल होने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। सरकार का दावा है कि ये सभी कार्रवाई अपराध नियंत्रण और जनता की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम हैं। वहीं विपक्ष का कहना है कि इन कार्रवाइयों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि किसी भी तरह के पक्षपात की स्थिति स्पष्ट हो सके।

    बिहार की राजनीति में यह मुद्दा अब कानून-व्यवस्था से आगे बढ़कर सामाजिक और जातीय विमर्श का हिस्सा बन गया है। सत्ता और विपक्ष के बीच इस टकराव ने राज्य की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है, और आने वाले दिनों में यह बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

  • गोविंदपुरी हत्याकांड का आरोपी सौरभ एनकाउंटर में घायल, पुलिस की जवाबी फायरिंग में हुआ गिरफ्तार

    गोविंदपुरी हत्याकांड का आरोपी सौरभ एनकाउंटर में घायल, पुलिस की जवाबी फायरिंग में हुआ गिरफ्तार

    नई दिल्ली । राजधानी Delhi के दक्षिण-पूर्वी इलाके गोविंदपुरी में हुए मां-बेटे के सनसनीखेज हत्याकांड के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे आरोपी सौरभ को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरी घटना शनिवार को उस समय सामने आई जब पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी घाटी पार्क क्षेत्र में छिपा हुआ है और उसकी गतिविधियां संदिग्ध हैं। पुलिस टीम ने तुरंत इलाके की घेराबंदी की और आरोपी को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन स्थिति अचानक हिंसक हो गई।

    पुलिस के अनुसार जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, आरोपी ने सरेंडर करने के बजाय फायरिंग शुरू कर दी। उसने पुलिस टीम पर लगातार कई राउंड गोलियां चलाईं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी नियंत्रित फायरिंग की, जिसमें एक गोली आरोपी के पैर में जा लगी और वह घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने तुरंत उसे काबू में लेकर हिरासत में ले लिया और इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया।

    यह मामला 20 मई को सामने आया था, जब गोविंदपुरी इलाके में मां और बेटे की हत्या की घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया था। वारदात के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहा था और पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई थीं। जांच के दौरान तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस को उसके लोकेशन का सुराग मिला, जिसके बाद यह मुठभेड़ हुई।

    सूत्रों के अनुसार घटना के समय आरोपी घाटी पार्क में बैठा हुआ था और संदिग्ध अवस्था में था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर प्रवृत्ति का है और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। मुठभेड़ के दौरान बरामद हथियार और कारतूस भी जांच का हिस्सा बनाए गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि हथियार कहां से आया और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है।

    घायल आरोपी को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। पुलिस अब उससे विस्तृत पूछताछ कर रही है ताकि हत्या के पीछे की असली वजह और पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो सके। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस जघन्य अपराध में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।

    इस कार्रवाई के बाद इलाके में पुलिस की सतर्कता बढ़ा दी गई है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे गंभीर मामलों में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • पेट्रोल-डीजल सप्लाई पर बड़ा बयान, देशभर में पर्याप्त स्टॉक मौजूद: इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन

    पेट्रोल-डीजल सप्लाई पर बड़ा बयान, देशभर में पर्याप्त स्टॉक मौजूद: इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन

    नई दिल्ली ।  कंपनी के अनुसार देशभर में उसके नेटवर्क के तहत हजारों पेट्रोल पंपों पर ईंधन की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है और केवल कुछ ही आउटलेट्स पर अस्थायी बाधा देखी गई है। Indian Oil Corporation ने यह भी कहा कि वह लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जहां भी समस्या सामने आ रही है, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि ग्राहकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

    जानकारी के मुताबिक हाल के दिनों में कुछ इलाकों में डीजल की मांग में बढ़ोतरी देखी गई है, जिसका प्रमुख कारण कृषि क्षेत्र में फसल कटाई का मौसम बताया जा रहा है। इसके साथ ही कुछ निजी पेट्रोल पंपों पर कीमतें अधिक होने के कारण उपभोक्ता सरकारी पंपों की ओर अधिक संख्या में जा रहे हैं, जिससे कुछ स्थानों पर अस्थायी दबाव की स्थिति बन गई है। इसके अलावा संस्थागत खरीद में वृद्धि ने भी कुछ क्षेत्रों में आपूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाला है।

    कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और किसी भी तरह की राष्ट्रीय स्तर की कमी की स्थिति नहीं है। मौजूदा चुनौतियां केवल वितरण और मांग के स्थानीय बदलाव से जुड़ी हैं, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए तेल विपणन कंपनियां लगातार सक्रिय हैं।

    इसी बीच वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और कुछ अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों में भू-राजनीतिक तनाव के कारण ईंधन की कीमतों में हाल ही में बढ़ोतरी देखी गई है। हालांकि Indian Oil Corporation ने यह भरोसा दिलाया है कि वह देशभर में निर्बाध ईंधन आपूर्ति बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    कुल मिलाकर कंपनी का संदेश साफ है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सप्लाई व्यवस्था मजबूत और स्थिर बनी हुई है।

  • Cannes 2026: ब्लू क्रिस्टल गाउन में ऐश्वर्या राय बच्चन की ग्रैंड एंट्री, सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरें

    Cannes 2026: ब्लू क्रिस्टल गाउन में ऐश्वर्या राय बच्चन की ग्रैंड एंट्री, सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरें


    नई दिल्ली । कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 में इस बार एक बार फिर भारतीय सिनेमा और ग्लैमर का जलवा देखने को मिला, जब पूर्व मिस वर्ल्ड और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध अभिनेत्री Aishwarya Rai Bachchan रेड कार्पेट पर अपने शानदार लुक के साथ पहुंचीं। उनका यह अवतार न केवल फैंस के लिए आकर्षण का केंद्र बना, बल्कि फैशन और फिल्म जगत में भी चर्चा का बड़ा विषय बन गया। ब्लू क्रिस्टल से सजे उनके गाउन ने पूरे माहौल को एक रॉयल और ड्रीमी टच दे दिया, जिसमें हर तरफ कैमरों की चमक और दर्शकों की नजरें सिर्फ उन्हीं पर टिक गईं।

    इस बार ऐश्वर्या राय बच्चन ने प्रसिद्ध डिजाइनर अमित अग्रवाल द्वारा तैयार की गई खास कस्टम कॉउचर ड्रेस “Luminara” पहनी, जिसे बनाने में महीनों की मेहनत और हजारों घंटों का समय लगा बताया जा रहा है। गहरे ब्लू शेड और क्रिस्टल एम्ब्रॉयडरी से सजे इस गाउन की चमक रेड कार्पेट पर हर कदम के साथ अलग ही प्रभाव छोड़ रही थी। उनके लुक को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ एक अभिनेत्री नहीं, बल्कि एक ग्लोबल फैशन आइकन भी हैं।

    रेड कार्पेट पर उनके आत्मविश्वास भरे अंदाज ने सभी का दिल जीत लिया। उन्होंने कैमरों के सामने अपने सिग्नेचर पोज दिए, मुस्कुराते हुए फैंस का अभिवादन किया और फ्लाइंग किस देकर माहौल को और भी खास बना दिया। सोशल मीडिया पर उनके इस लुक की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जहां फैंस उनकी खूबसूरती और ग्रेस की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

    उनके मेकअप लुक की बात करें तो इस बार भी उन्होंने अपने क्लासिक स्टाइल को बरकरार रखा। शार्प आईलाइनर, लंबी लैशेज और सॉफ्ट लेकिन आकर्षक आई मेकअप ने उनके चेहरे को और अधिक प्रभावशाली बना दिया। वहीं उनके रेडिश-ब्राउन सैटिन लिप शेड ने पूरे लुक को एक रॉयल फिनिश दिया, जो उनके ब्लू गाउन के साथ बेहतरीन कॉन्ट्रास्ट बनाता दिखाई दिया।

    कान्स फिल्म फेस्टिवल में Aishwarya Rai Bachchan की यह मौजूदगी केवल एक फैशन स्टेटमेंट नहीं बल्कि उनकी लंबी और सफल अंतरराष्ट्रीय यात्रा का प्रतीक भी है। वर्ष 2002 में फिल्म देवदास के प्रीमियर के साथ कान्स में डेब्यू करने के बाद से वह लगातार इस प्रतिष्ठित मंच का हिस्सा बनी हुई हैं। समय के साथ उनका यह सफर केवल एक कलाकार से आगे बढ़कर एक वैश्विक आइकन बनने तक पहुंच चुका है।

    आज उनकी हर रेड कार्पेट एंट्री न केवल फैशन जगत में ट्रेंड सेट करती है, बल्कि भारतीय सिनेमा की अंतरराष्ट्रीय पहचान को भी मजबूत करती है। Cannes 2026 में उनका यह ब्लू क्रिस्टल लुक भी उसी विरासत का एक और चमकदार अध्याय बनकर सामने आया है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

  • IPL 2026: धोनी की कमी और इंजरी से CSK का टूटा प्लेऑफ सपना

    IPL 2026: धोनी की कमी और इंजरी से CSK का टूटा प्लेऑफ सपना


    नई दिल्ली । चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का आईपीएल 2026 में प्लेऑफ तक पहुंचने का सपना एक बार फिर अधूरा रह गया। 14 मुकाबलों में केवल 6 जीत के साथ टीम लगातार दूसरे सीजन नॉकआउट राउंड में जगह बनाने में असफल रही। पांच बार की चैंपियन रही इस टीम के खराब प्रदर्शन के पीछे कई बड़े कारण सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे सीजन टीम के संतुलन और प्रदर्शन को प्रभावित किया।

    सबसे बड़ा झटका टीम को खिलाड़ियों की लगातार चोटों के रूप में लगा। नाथन एलिस चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए, वहीं शानदार लय में नजर आ रहे आयुष म्हात्रे भी इंजरी के चलते टीम से हट गए। तेज गेंदबाज खलील अहमद ने शुरुआती 5 मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन बाद में चोटिल होकर बाहर हो गए। इसके अलावा जेमी ओवरटन जैसे ऑलराउंडर का भी अहम समय पर बाहर होना टीम के लिए बड़ा नुकसान साबित हुआ।

    टीम के लिए सबसे बड़ी कमी एमएस धोनी की गैरमौजूदगी रही। विकेट के पीछे से मैच को पढ़ने और मुश्किल परिस्थितियों में टीम को संभालने वाले धोनी इस पूरे सीजन चोट के कारण एक भी मैच नहीं खेल सके। उनकी अनुपस्थिति में कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ पर अतिरिक्त दबाव रहा, लेकिन वे टीम को उस तरह से संभाल नहीं पाए जैसी उम्मीद थी।

    सीएसके ने इस सीजन कई युवा खिलाड़ियों पर बड़ा निवेश किया था, लेकिन वे उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। प्रशांत वीर और कार्तिक शर्मा जैसे महंगे खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन उनका योगदान बेहद सीमित रहा। उर्विल पटेल भी केवल एक अर्धशतक ही लगा सके, जिससे टीम की बल्लेबाजी कमजोर पड़ती गई।

    टीम के दो प्रमुख बल्लेबाज ऋतुराज गायकवाड़ और डेवाल्ड ब्रेविस भी लगातार प्रभाव नहीं छोड़ सके। ब्रेविस 11 मैचों में सिर्फ 151 रन बना सके और एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए। वहीं ऋतुराज का स्ट्राइक रेट भी अपेक्षित स्तर से नीचे रहा, जिससे टीम को मजबूत शुरुआत नहीं मिल सकी।

    गेंदबाजी विभाग भी CSK की कमजोरी साबित हुआ। अनुभवी गेंदबाजों की कमी साफ दिखाई दी। खलील अहमद के बाहर होने के बाद तेज गेंदबाजी आक्रमण कमजोर हो गया। अंशुल कंबोज और स्पेंसर जॉनसन जैसे गेंदबाज लगातार रन लुटाते रहे, जबकि स्पिन विभाग में नूर अहमद भी निरंतरता नहीं दिखा सके।

    इन सभी कारणों ने मिलकर चेन्नई सुपर किंग्स के प्लेऑफ सपने को तोड़ दिया और टीम एक बार फिर अपने पुराने प्रदर्शन की छाया में संघर्ष करती नजर आई।

  • मैदान पर टकराव के बाद भी तनाव कायम, विराट कोहली ने नहीं किया हैंडशेक

    मैदान पर टकराव के बाद भी तनाव कायम, विराट कोहली ने नहीं किया हैंडशेक

    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के SRH बनाम RCB मुकाबले में मैच के दौरान विराट कोहली और ट्रेविस हेड के बीच जुबानी जंग देखने को मिली। मैच खत्म होने के बाद कोहली ने हेड से हाथ मिलाने से भी इनकार कर दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

    हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए आईपीएल 2026 के मुकाबले के बाद एक नया विवाद सामने आया है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच हुए इस मैच में भले ही एसआरएच ने 55 रनों से जीत दर्ज की हो, लेकिन चर्चा अब मैदान के बाहर हुए व्यवहार को लेकर हो रही है।

    मैच के दौरान आरसीबी के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और एसआरएच के ट्रेविस हेड के बीच तीखी जुबानी जंग देखने को मिली थी। हेड के आउट होने के बाद कोहली ने आक्रामक अंदाज में जश्न मनाया, जिसे लेकर दोनों खिलाड़ियों के बीच तनाव बढ़ गया। इसके बाद आरसीबी की पारी के दौरान भी दोनों खिलाड़ियों के बीच इशारों-इशारों में तंज और जवाबी प्रतिक्रिया देखने को मिली।

    हालात इतने बिगड़ गए कि मैच खत्म होने के बाद भी इसका असर साफ नजर आया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि जब दोनों टीमें हाथ मिला रही थीं, तब विराट कोहली ने ट्रेविस हेड की ओर देखा तक नहीं और सीधे आगे बढ़ गए। जबकि हेड ने हाथ मिलाने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया, लेकिन कोहली ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया।

    कोहली ने इस दौरान एसआरएच के अन्य खिलाड़ियों से हाथ मिलाया, लेकिन हेड से दूरी बनाए रखी। इस घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और इस पर क्रिकेट फैंस की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

    मैच की बात करें तो एसआरएच ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट पर 255 रन बनाए। अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और हेनरिक क्लासेन ने शानदार पारियां खेलीं। जवाब में आरसीबी 200 रन तक ही पहुंच सकी, जिसमें कप्तान रजत पाटीदार और वेंकटेश अय्यर ने अच्छी पारियां खेलीं।

    हालांकि मैदान पर शानदार क्रिकेट के बावजूद यह मैच अब खिलाड़ियों के बीच तनाव और विवाद को लेकर ज्यादा चर्चा में है।

  • IPL 2026: SRH से हारकर भी RCB ने मारी बाजी, क्वालिफायर-1 में एंट्री

    IPL 2026: SRH से हारकर भी RCB ने मारी बाजी, क्वालिफायर-1 में एंट्री


    नई दिल्ली । हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए आईपीएल 2026 के 67वें मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को 55 रनों से हराकर शानदार जीत दर्ज की। हालांकि, इस हार के बावजूद आरसीबी ने लीग स्टेज में अपने मजबूत प्रदर्शन के दम पर अंक तालिका में पहला स्थान बरकरार रखा और पहले क्वालिफायर में जगह पक्की कर ली।

    आरसीबी और एसआरएच दोनों ही टीमों ने लीग चरण का समापन 18 अंकों के साथ किया, लेकिन बेहतर नेट रन रेट के कारण आरसीबी शीर्ष पर पहुंच गई, जबकि गुजरात टाइटंस दूसरे और एसआरएच तीसरे स्थान पर रही। इसी के साथ अब प्लेऑफ की तस्वीर साफ हो गई है। आरसीबी 26 मई को क्वालिफायर-1 में गुजरात टाइटंस से भिड़ेगी, जबकि एसआरएच 27 मई को एलिमिनेटर मुकाबला खेलेगी।

    मैच की बात करें तो पहले बल्लेबाजी करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद ने ताबड़तोड़ शुरुआत की। ट्रैविस हेड और अभिषेक शर्मा ने पहले विकेट के लिए तेज साझेदारी की। अभिषेक शर्मा ने 22 गेंदों में 56 रनों की विस्फोटक पारी खेली। इसके बाद ईशान किशन ने 46 गेंदों में 79 रन बनाकर पारी को संभाला और बड़ा स्कोर खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई। हेनरिक क्लासेन ने भी 24 गेंदों में 51 रनों की तेजतर्रार पारी खेली। अंत में नीतीश कुमार रेड्डी की नाबाद 29 रनों की पारी की बदौलत एसआरएच ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 255 रन बना दिए।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी की टीम ने भी संघर्ष किया। विराट कोहली और वेंकटेश अय्यर ने शुरुआत में 60 रनों की साझेदारी की, लेकिन कोहली जल्दी आउट हो गए। वेंकटेश अय्यर ने 44 रन बनाए, जबकि कप्तान रजत पाटीदार ने 56 रनों की शानदार पारी खेली। क्रुणाल पांड्या ने नाबाद 41 रन जोड़े, लेकिन टीम 200 रन तक ही पहुंच सकी।

    इस तरह SRH ने मैच जीत लिया, लेकिन लीग स्टेज की अंक तालिका में आरसीबी ने बढ़त बनाए रखी और अब उसका ध्यान सीधे फाइनल की ओर है।

  • आईपीएल 2026: ऑरेंज कैप की रेस में ईशान किशन की एंट्री, बढ़ा रोमांच

    आईपीएल 2026: ऑरेंज कैप की रेस में ईशान किशन की एंट्री, बढ़ा रोमांच


    मध्यप्रदेश । राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए आईपीएल 2026 के 67वें मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को 55 रनों से हराकर जोरदार जीत दर्ज की। इस मुकाबले में SRH के बल्लेबाजों ने धमाकेदार प्रदर्शन किया और पूरे मैच में आरसीबी पर दबाव बनाए रखा।

    पहले बल्लेबाजी करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 255 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से अभिषेक शर्मा, हेनरिक क्लासेन और ईशान किशन ने शानदार अर्धशतकीय पारियां खेलीं। ईशान किशन ने 79 रनों की तेजतर्रार पारी खेलकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी की टीम 4 विकेट खोकर 200 रन ही बना सकी। कप्तान रजत पाटीदार ने 56 रनों की अच्छी पारी खेली, जबकि वेंकटेश अय्यर ने 44 रन जोड़े, लेकिन टीम जीत तक नहीं पहुंच सकी।

    इस प्रदर्शन के साथ ईशान किशन अब ऑरेंज कैप की रेस में टॉप-5 बल्लेबाजों में शामिल हो गए हैं। वह इस सीजन 14 मैचों में 569 रन बना चुके हैं। फिलहाल ऑरेंज कैप गुजरात टाइटंस के साई सुदर्शन के पास है, जिन्होंने 638 रन बनाए हैं। दूसरे नंबर पर शुभमन गिल और तीसरे पर हेनरिक क्लासेन मौजूद हैं।

    दूसरी ओर गेंदबाजी में भी रोमांच जारी है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार 24 विकेट लेकर पर्पल कैप पर कब्जा जमाए हुए हैं। उनके बराबर ही गुजरात टाइटंस के कगिसो रबाडा भी 24 विकेट के साथ टक्कर में बने हुए हैं। चेन्नई सुपर किंग्स के अंशुल कंबोज 21 विकेट लेकर तीसरे स्थान पर हैं।

    हालांकि हार के बावजूद आरसीबी ने अंक तालिका में शीर्ष स्थान बनाए रखा है और पहले क्वालिफायर में अपनी जगह पक्की कर ली है। वहीं SRH की यह जीत टीम के आत्मविश्वास को मजबूत करने वाली साबित हुई है।