Author: bharati

  • 60 लाख की चोरी मामले में नया मोड़: बयान बदलने का दबाव, धमकी का आरोप

    60 लाख की चोरी मामले में नया मोड़: बयान बदलने का दबाव, धमकी का आरोप


    मध्यप्रदेश । इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में सामने आए 60 लाख रुपए की बड़ी चोरी के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। अब इस केस में पीड़िता को अदालत में बयान बदलने के लिए धमकाने और दबाव बनाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मामले में शिकायत दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

    यह मामला कुम्हार खाड़ी निवासी मनीषा यादव से जुड़ा है, जिनके घर 7 फरवरी 2026 को चोरी की वारदात हुई थी। उस समय परिवार घर पर नहीं था और 9 फरवरी को लौटने पर उन्हें घर का ताला टूटा मिला। जांच में सामने आया कि घर से सोने के जेवर और नकदी समेत करीब 60 लाख रुपए का कीमती सामान चोरी हो गया था।

    पुलिस जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें तीन से अधिक संदिग्ध युवक दिखाई दिए। इनकी पहचान में महिला के रिश्तेदार भी शामिल पाए गए, जिनमें जेठ का बेटा रोहित उर्फ गोलू और उसके कुछ साथी आरोपी बनाए गए। पुलिस ने इन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, हालांकि बाद में वे जमानत पर बाहर आ गए।

    अब पीड़िता मनीषा यादव ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने दोबारा उसे डराने-धमकाने की कोशिश की है ताकि वह कोर्ट में अपना बयान बदल दे। महिला का कहना है कि 19 मई 2026 की दोपहर करीब 4 बजे आरोपी रोहित उर्फ गोलू अपने साथी प्रदुम्य के साथ उसके घर आया और पहले दर्ज कराए गए चोरी के केस में समझौता करने और बयान बदलने का दबाव बनाने लगा।

    महिला के अनुसार, जब उसने इसका विरोध किया तो दोनों आरोपियों ने उसके और उसके पति के साथ अभद्रता की और जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद पीड़िता ने सीधे थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और सुरक्षा की मांग की।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, चोरी के मुख्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, लेकिन अब धमकी और गवाह को प्रभावित करने के आरोपों की अलग से जांच की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या यह मामला गवाह को डराकर केस कमजोर करने की कोशिश का हिस्सा है।

    इस पूरे मामले में अब दोहरी जांच चल रही है एक चोरी की वारदात की और दूसरी गवाह को धमकाने और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि सबूतों और बयानों के आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पीड़िता और उसका परिवार दहशत में है और उन्होंने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। यह मामला अब सिर्फ चोरी का नहीं बल्कि न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।

  • नाजिया इलाही खान का बयान: सीएम योगी को बताया फरिश्ता, सड़क पर नमाज को लेकर दिया समर्थन

    नाजिया इलाही खान का बयान: सीएम योगी को बताया फरिश्ता, सड़क पर नमाज को लेकर दिया समर्थन

    लखनऊ। लखनऊ में बीजेपी नेता नाजिया इलाही खान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर दिए गए बयान का समर्थन किया है। उन्होंने सीएम योगी की सराहना करते हुए उन्हें “फरिश्ता” बताया और कहा कि वे समाज को सही दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं।

    नाजिया इलाही खान ने कहा कि धार्मिक इबादत का स्थान सड़क नहीं हो सकता और इसे मस्जिद, ईदगाह या घर जैसे स्थानों पर ही किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी धार्मिक गतिविधि से दूसरों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

    उन्होंने अपने बयान में धार्मिक ग्रंथों का हवाला देते हुए यह भी कहा कि इबादत का उद्देश्य शांति है, न कि किसी को असुविधा देना। नाजिया ने यह भी टिप्पणी की कि धार्मिक गतिविधियों को सार्वजनिक सड़कों पर करना उचित नहीं है।

    इस बयान के बाद उनका यह वीडियो और बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

  • दर्दनाक घटना: डॉक्टर की संदिग्ध मौत, परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

    दर्दनाक घटना: डॉक्टर की संदिग्ध मौत, परिवार ने लगाए गंभीर आरोप


    मध्यप्रदेश । इंदौर स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में जूनियर डॉक्टर अमन पटेल की आत्महत्या मामले ने नया मोड़ ले लिया है। परिजनों और दोस्तों ने इस मामले में प्रेम प्रसंग और इंटरकास्ट विवाह को लेकर बढ़ते तनाव को कारण बताया है। घटना के बाद पूरे मेडिकल कॉलेज परिसर में तनाव और सवालों का माहौल बना हुआ है।

    परिजनों का आरोप है कि अमन पटेल का कॉलेज की ही एक छात्रा के साथ लगभग तीन साल से प्रेम संबंध था और दोनों शादी को लेकर गंभीर थे। लेकिन पिछले कुछ समय से रिश्तों में आई दूरी और मानसिक तनाव ने स्थिति को बिगाड़ दिया। परिजनों के अनुसार युवती के व्यवहार में बदलाव आया था और वह किसी अन्य व्यक्ति से बातचीत करने लगी थी, जिससे अमन गहरे तनाव में आ गए थे।

    सबसे गंभीर आरोप यह है कि घटना से पहले फोन पर बातचीत के दौरान युवती ने कथित रूप से कहा था—“जो करना है कर लो”, जिसके बाद अमन हॉस्टल की पांचवीं मंजिल पर पहुंचे और छलांग लगा दी। घटना के बाद उनकी मौत हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

    परिजनों ने दावा किया है कि इस रिश्ते में इंटरकास्ट शादी को लेकर भी विरोध था। युवती के परिवार ने कथित रूप से इस रिश्ते को स्वीकार नहीं किया और हाल ही में इंदौर आकर इसका विरोध जताया था। परिजनों का कहना है कि इसी दबाव और मानसिक तनाव के कारण अमन टूट गए।

    घटना से पहले अमन ने अपनी लकवाग्रस्त मां को फोन कर कहा था कि “अच्छा नहीं लग रहा है।” इसके बाद उन्होंने अपने एक दोस्त को मोबाइल पासवर्ड भी भेजा था। पुलिस ने उनका मोबाइल और लैपटॉप जब्त कर लिया है और कॉल रिकॉर्ड, चैट और डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है।

    दोस्तों का दावा है कि अमन और युवती के बीच संबंध लंबे समय से मजबूत थे और दोनों ने साथ में कई बार समय भी बिताया था। इसी महीने की शुरुआत में दोनों इंदौर से जबलपुर भी घूमने गए थे, जहां वे कई जगह साथ रहे थे।

    परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटना से 24 घंटे पहले युवती के माता-पिता इंदौर पहुंचे थे और उन्होंने इस रिश्ते का कड़ा विरोध किया था। इसके बाद युवती ने अमन से दूरी बना ली, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गए।

    वहीं, अंतिम संस्कार के दौरान युवती की अनुपस्थिति को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। दोस्तों का कहना है कि यदि रिश्ता इतना गहरा था तो उसकी गैरमौजूदगी कई संदेह पैदा करती है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह मामला अब प्रेम संबंध, मानसिक तनाव और सामाजिक दबाव के गंभीर पहलुओं से जुड़ गया है।

  • साइबर फ्रॉड पर सख्ती: वरिष्ठ नागरिकों के लिए डबल OTP सिस्टम से बढ़ेगी बैंकिंग सुरक्षा

    साइबर फ्रॉड पर सख्ती: वरिष्ठ नागरिकों के लिए डबल OTP सिस्टम से बढ़ेगी बैंकिंग सुरक्षा


    नई दिल्ली । देश में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध और ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड के मामलों के बीच वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। डिजिटल लेनदेन के दौरान होने वाली ठगी की घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से अब “डबल OTP सिस्टम” लागू किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के खाताधारकों के बैंक ट्रांजैक्शन को तभी मंजूरी मिलेगी जब दो अलग-अलग स्तरों पर OTP की पुष्टि पूरी हो जाएगी।

    जानकारी के अनुसार, इस प्रणाली के तहत पहला OTP खाताधारक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा, जबकि दूसरा OTP उस व्यक्ति के मोबाइल नंबर पर जाएगा जिसे खाताधारक ने अपने विश्वसनीय संपर्क यानी “ट्रस्टेड कॉन्टैक्ट” के रूप में चुना होगा। यह संपर्क आमतौर पर परिवार का कोई सदस्य या भरोसेमंद व्यक्ति होता है। जब तक दोनों OTP की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक कोई भी वित्तीय लेनदेन पूरा नहीं किया जा सकेगा।

    इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वरिष्ठ नागरिकों के साथ किसी भी प्रकार की डिजिटल धोखाधड़ी न हो सके। कई बार देखा गया है कि साइबर अपराधी फर्जी कॉल, लिंक या खुद को अधिकारी बताकर लोगों से बैंक डिटेल्स हासिल कर लेते हैं। ऐसे मामलों में बुजुर्ग अधिक असुरक्षित माने जाते हैं क्योंकि वे तकनीकी धोखाधड़ी को तुरंत पहचान नहीं पाते। डबल OTP सिस्टम इस खतरे को काफी हद तक कम करने में मदद करेगा।

    फिलहाल इस व्यवस्था को सीमित स्तर पर लागू किया गया है और इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कुछ बैंकों में शुरू किया गया है। शुरुआती चरण में चुनिंदा शाखाओं को इसमें शामिल किया गया है, जहां वरिष्ठ नागरिक ग्राहकों के लिए इस नई सुविधा का परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण सफल रहने के बाद इसे धीरे-धीरे अन्य बैंकों में भी लागू किए जाने की संभावना है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम डिजिटल बैंकिंग सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल है। इससे न केवल धोखाधड़ी की घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि परिवार के सदस्यों की भागीदारी भी वित्तीय सुरक्षा में बढ़ेगी। हालांकि विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि सुरक्षा के साथ-साथ सिस्टम को सरल बनाए रखना भी जरूरी है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों को किसी प्रकार की तकनीकी परेशानी का सामना न करना पड़े।

    डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधियों के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं। ऐसे में यह डबल OTP सिस्टम एक अतिरिक्त सुरक्षा परत की तरह काम करेगा, जिससे बिना दूसरी पुष्टि के कोई भी बड़ा लेनदेन संभव नहीं होगा। इससे ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट और फर्जी लेनदेन जैसे मामलों पर अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • शिवपुरी में महिला का बच्चों संग प्रदर्शन: माधव चौक पर पेट्रोल छिड़ककर बैठी

    शिवपुरी में महिला का बच्चों संग प्रदर्शन: माधव चौक पर पेट्रोल छिड़ककर बैठी


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी जिले के माधव चौक पर गुरुवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक महिला अपने तीन बच्चों के साथ अचानक सड़क पर पहुंची और खुद पर पेट्रोल छिड़ककर धरना प्रदर्शन करने लगी। महिला ने इस दौरान भीम आर्मी नेता ठाकुरलाल जाटव और उनके साथियों पर मारपीट, छेड़छाड़ और जमीन विवाद से जुड़े गंभीर आरोप लगाए। घटना की सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को समझाइश देकर थाने ले गई।

    महिला ने बताया कि वह देहात थाना क्षेत्र के रायश्री गांव की रहने वाली है। उसके अनुसार पति ने उसे छोड़कर दूसरी महिला के साथ रहना शुरू कर दिया, जिसके बाद वह अपने तीन बच्चों के साथ कठिन परिस्थितियों में जीवन जीने को मजबूर हो गई। महिला ने आरोप लगाया कि परिवार के कुछ सदस्यों ने मिलकर उसकी संपत्ति और जमीन से उसे वंचित कर दिया, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई।

    महिला का यह भी कहना है कि भीम आर्मी नेता ठाकुरलाल जाटव और उनके परिवार के सदस्यों ने न केवल उसकी जमीन का सौदा करवाया बल्कि उसका हिस्सा भी नहीं दिया। इसी विवाद को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ है। महिला ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसकी बेटी के साथ छेड़छाड़ जैसी घटनाएं भी हुईं।

    पीड़िता ने दावा किया कि उसने पहले भी थाने और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी से परेशान होकर उसने गुरुवार को बच्चों के साथ माधव चौक पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और न्याय की मांग की।

    वहीं दूसरी ओर आरोपी पक्ष के भीम आर्मी नेता ठाकुरलाल जाटव ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि महिला का बेटा उनके रिश्तेदार की दुकान में चोरी का प्रयास करते हुए पकड़ा गया था। इसी विवाद को दबाने के लिए उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामला पूरी तरह संपत्ति और पारिवारिक विवाद से जुड़ा हुआ है।

    पुलिस के अनुसार यह मामला दो परिवारों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद से जुड़ा है। देहात थाना प्रभारी विकास यादव ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल जरूर बना, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से स्थिति नियंत्रण में आ गई। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

  • वाराणसी: विश्वनाथ धाम मार्ग पर हेड कांस्टेबल ने महिला से मारपीट, वीडियो वायरल; पुलिस ने किया सस्पेंड

    वाराणसी: विश्वनाथ धाम मार्ग पर हेड कांस्टेबल ने महिला से मारपीट, वीडियो वायरल; पुलिस ने किया सस्पेंड


    वाराणसी । उत्तर प्रदेश के वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम के गेट नंबर-4 से करीब 50 मीटर दूर फूलमंडी क्षेत्र में हेड कांस्टेबल और एक महिला फूल विक्रेता के बीच विवाद मारपीट में बदल गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सामने आया।

    वीडियो में हेड कांस्टेबल राधेश्याम यादव महिला को पहले जमीन पर गिराकर पीटते हुए और बाद में बाल पकड़कर मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान महिला भी विरोध में लाठी से वार करती नजर आती है। मौके पर मौजूद लोग और श्रद्धालु घटना को देखते रहे, लेकिन बीच-बचाव की कोशिश सीमित रही।

    जानकारी के अनुसार, विवाद उस समय शुरू हुआ जब ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल ने फूलमंडी में दुकानों को हटाने को कहा। इसी दौरान महिला दुकानदार से बहस बढ़ गई और मामला हिंसक झड़प में बदल गया।

    स्थानीय लोगों के अनुसार महिला लंबे समय से मंदिर क्षेत्र में फूल-माला बेचकर आजीविका चला रही थी। घटना के बाद वीडियो वायरल होने पर पुलिस प्रशासन ने जांच कराई और पीएसी ने आरोपी हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया।

    इसी बीच मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो को गलत तरीके से काशी विश्वनाथ धाम परिसर से जोड़ा जा रहा है, जबकि यह घटना मंदिर परिसर के अंदर की नहीं है। प्रशासन ने इसे भ्रामक बताते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

    साथ ही गेट नंबर-4 के बाहर अधिवक्ताओं से कथित अभद्रता और छिनैती के आरोपों की भी जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच जारी है और दोषियों पर कार्रवाई होगी।

  • यातायात विभाग का सख्त एक्शन: एक बस पर 10 हजार का चालान

    यातायात विभाग का सख्त एक्शन: एक बस पर 10 हजार का चालान


    मध्यप्रदेश । शाजापुर में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर आरटीओ और यातायात विभाग ने गुरुवार सुबह संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान शहर और आसपास के मार्गों पर चल रही बसों की सघन जांच की गई, जिसमें नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दो बसों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया। साथ ही एक बस पर 10 हजार रुपये का चालान भी किया गया।

    जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि दोनों बसें वैध फिटनेस प्रमाणपत्र के बिना ही सड़क पर संचालित हो रही थीं। इसके अलावा बसों में जरूरी सुरक्षा उपकरणों की भी कमी पाई गई। इमरजेंसी एग्जिट गेट, अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं या तो अनुपस्थित थीं या खराब हालत में थीं। इन गंभीर खामियों को देखते हुए विभाग ने सख्त कार्रवाई की।

    यातायात थाना प्रभारी सौरव शुक्ला ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना फिटनेस और सुरक्षा मानकों को पूरा किए कोई भी बस सड़क पर नहीं चलने दी जाएगी। नियमों का पालन न करने वाले वाहन मालिकों पर आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

    यह कार्रवाई हाल ही में हुई एक दर्दनाक घटना के बाद और अधिक तेज कर दी गई है। कुछ दिन पहले शाजापुर से लगभग 20 किलोमीटर दूर एक होटल के पास खड़ी बस में अचानक आग लग गई थी, जिसमें 4 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई थी। इस घटना ने परिवहन विभाग और प्रशासन को सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीरता से कार्रवाई करने पर मजबूर कर दिया है।

    घटना के बाद से ही जिले में बसों की फिटनेस, सुरक्षा उपकरणों और परमिट की जांच को तेज कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    स्थानीय लोगों ने भी इस कार्रवाई का स्वागत किया है और मांग की है कि ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाएं ताकि सड़क दुर्घटनाओं और आगजनी जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

    कुल मिलाकर, शाजापुर में की गई यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि अब परिवहन नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है और सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

  • शंकराचार्य ने किया ‘Go-LX’ का ऐलान, OLX की तर्ज पर अब ऑनलाइन खरीदी-बिक्री होंगी गायें

    शंकराचार्य ने किया ‘Go-LX’ का ऐलान, OLX की तर्ज पर अब ऑनलाइन खरीदी-बिक्री होंगी गायें



    नई दिल्ली। गोहत्या के खिलाफ लंबे समय से आंदोलन चला रहे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अब एक नई डिजिटल पहल की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि “Go-LX” नाम की एक वेबसाइट तैयार की जा रही है, जो OLX की तर्ज पर काम करेगी, लेकिन इसका उद्देश्य गायों की खरीद और संरक्षण होगा।शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ‘Go-LX’ नाम से एक वेबसाइट लॉन्च करने का ऐलान किया है, जहां गायों की ऑनलाइन खरीद-बिक्री की जा सकेगी।
    इस पहल का उद्देश्य गायों को कटने से बचाना और गो-संरक्षण को बढ़ावा देना बताया गया है।

    शंकराचार्य के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म पर पशुपालक या व्यापारी अपनी गायों को बेचने के लिए विज्ञापन दे सकेंगे। वहीं गो-भक्त और गो-सेवक उन गायों को खरीदकर उनकी देखभाल करेंगे, खासकर उन गायों को जो दूध देना बंद कर चुकी हैं या जिन्हें कसाई को बेचा जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि कोई भी सच्चा हिंदू अपनी गाय को कटने के लिए नहीं बेच सकता और यह मंच गायों को कत्लखाने जाने से रोकने में मदद करेगा।

    शंकराचार्य ने यह भी दावा किया कि इस मुद्दे पर समाज के विभिन्न वर्गों, यहां तक कि मुस्लिम समाज के कुछ लोग भी गोहत्या बंदी के समर्थन में हैं। उनके अनुसार, यदि देश में गोहत्या और गोमांस सेवन पर रोक लगती है, तो सामाजिक सौहार्द और आपसी विश्वास बढ़ेगा।

  • मथुरा में बारात के दौरान बवाल, डांस से शुरू हुआ विवाद पथराव तक पहुंचा

    मथुरा में बारात के दौरान बवाल, डांस से शुरू हुआ विवाद पथराव तक पहुंचा

    नई दिल्ली। मथुरा जिले के हाईवे थाना क्षेत्र के नरहौली गांव में बुधवार रात एक शादी समारोह अचानक हिंसा का मैदान बन गया। बरसाना से आई बारात में खुशियों का माहौल उस समय बिगड़ गया जब डांस के दौरान बारातियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और मामला देखते ही देखते पथराव तक पहुंच गया।

    जानकारी के अनुसार, बरसाना के भरनाकलां गांव से अशोक और कुलदीप की बारात नरहौली गांव में भगवान दास की बेटियों के घर पहुंची थी। रात करीब 10 बजे जब बारात चढ़ रही थी, तभी किसी बात को लेकर विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि डांस के दौरान एक पत्थर लगने के बाद तनाव और बढ़ गया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर पत्थरबाजी शुरू हो गई।

    स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मौके पर पहुंची पुलिस टीम को भी उपद्रवियों का सामना करना पड़ा। थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी सहित कुछ पुलिसकर्मी भी इस झड़प में घायल हो गए। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने कई थानों की फोर्स बुलाकर स्थिति को नियंत्रित किया और कुछ लोगों को हिरासत में लिया।

    घटना के बाद भरतपुर रोड पर यातायात भी रोकना पड़ा, जिससे कुछ समय के लिए आवाजाही बाधित रही। पुलिस ने लाठीचार्ज कर दोनों पक्षों को तितर-बितर किया और देर रात तक स्थिति को नियंत्रण में लाया गया।

    विवाद को लेकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। एक पक्ष का कहना है कि बारात के दौरान गाली-गलौज और बग्गी में लात मारने से विवाद शुरू हुआ, जबकि दूसरे पक्ष का आरोप है कि बाराती आपस में ही डांस को लेकर भिड़ गए और विवाद दुकान तक पहुंचकर तोड़फोड़ में बदल गया।

    इस पूरे घटनाक्रम में शादी की रस्में भी पुलिस की मौजूदगी में पूरी कराई गईं ताकि मामला और न बिगड़े। एक महिला के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    फिलहाल गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • बंगाल की राजनीति में हलचल तेज, शुभेंदु अधिकारी के PA हत्या मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई, जांच में सामने आई बड़ी चूक

    बंगाल की राजनीति में हलचल तेज, शुभेंदु अधिकारी के PA हत्या मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई, जांच में सामने आई बड़ी चूक


    नई दिल्ली ।
    पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़े चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक रहे चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में अब जांच एक नए मोड़ पर पहुंच चुकी है। लंबे समय से चल रही पड़ताल के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है जिसे इस पूरे हत्याकांड का असली मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। इस खुलासे के बाद शुरुआती जांच प्रक्रिया और पुलिस कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं, क्योंकि मामले में पहले एक निर्दोष व्यक्ति को गलत पहचान के आधार पर गिरफ्तार कर लिया गया था।

    जांच के शुरुआती दौर में पुलिस ने बिहार और उत्तर प्रदेश से तीन लोगों को हिरासत में लिया था। इनमें मयंक मिश्रा, विक्की मौर्य और राज सिंह नाम के व्यक्ति शामिल थे। पुलिस का दावा था कि ये लोग हत्या की साजिश और वारदात से जुड़े हुए हैं। हालांकि परिवार वालों ने शुरुआत से ही राज सिंह की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि घटना के समय वह अयोध्या में मौजूद था और उसका इस मामले से कोई संबंध नहीं है। बावजूद इसके उसे कई दिनों तक हिरासत में रखा गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंप दी गई। इसके बाद जब पूरे नेटवर्क और घटनाक्रम की दोबारा जांच की गई तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। एजेंसी ने तकनीकी साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड और संदिग्धों के आपसी संपर्कों की गहन पड़ताल की। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि पहले गिरफ्तार किया गया व्यक्ति गलत पहचान का शिकार हुआ था और वास्तविक साजिशकर्ता कोई दूसरा व्यक्ति है।

    इसके बाद जांच टीम ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में छापेमारी कर राजकुमार नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार वही इस पूरे हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता है और लंबे समय से वारदात की योजना तैयार कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद उससे लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि हत्या के पीछे की पूरी साजिश और अन्य जुड़े लोगों की जानकारी हासिल की जा सके।

    इसी बीच जांच एजेंसी ने वाराणसी से विनय राय नाम के एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। अब तक इस मामले में कुल चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। जांच अधिकारियों का मानना है कि इस हत्याकांड का नेटवर्क अभी पूरी तरह सामने नहीं आया है और आने वाले दिनों में कुछ और नाम भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।

    इस पूरे घटनाक्रम ने शुरुआती जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गलत पहचान के आधार पर गिरफ्तारी और निर्दोष व्यक्ति को कई दिनों तक हिरासत में रखने की घटना ने पुलिस कार्रवाई की कार्यप्रणाली को लेकर नई बहस छेड़ दी है। वहीं राजनीतिक गलियारों में भी इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों की नजर अब जांच की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

    फिलहाल जांच एजेंसी इस बात का पता लगाने में जुटी है कि चंद्रनाथ रथ की हत्या के पीछे आखिर असली मकसद क्या था और इस साजिश में किन-किन लोगों की भूमिका रही। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस हाई प्रोफाइल हत्याकांड से जुड़े नए खुलासे सामने आने की संभावना भी बढ़ती जा रही है।