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  • सिनेमा का सबसे विशाल सेट: बाहुबली 2: द कॉन्क्लूजन के महिष्मती राज्य ने रचा इतिहास

    सिनेमा का सबसे विशाल सेट: बाहुबली 2: द कॉन्क्लूजन के महिष्मती राज्य ने रचा इतिहास

    नई दिल्ली। भारतीय फिल्म जगत में बाहुबली 2: द कॉन्क्लूजन एक ऐसी ऐतिहासिक फिल्म के रूप में जानी जाती है, जिसने अपने शानदार निर्माण और विशालता से एक नया मानक स्थापित किया। इस फिल्म की सफलता के पीछे केवल कहानी या अभिनय ही नहीं, बल्कि इसकी भव्य प्रस्तुति और विशाल सेट भी बड़ी वजह रहे।

    फिल्म में दिखाया गया महिष्मती साम्राज्य वास्तव में एक कल्पनात्मक दुनिया था, जिसे बेहद वास्तविक रूप देने के लिए विशाल स्तर पर निर्माण कार्य किया गया। हैदराबाद के प्रसिद्ध रामोजी फिल्म सिटी में करीब 100 एकड़ क्षेत्र में इस सेट को तैयार किया गया। इस भव्य सेट को खड़ा करने में लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च हुए और 500 से अधिक लोगों ने मिलकर इसे तैयार किया।

    इस विशाल प्रोजेक्ट के पीछे कला निर्देशक साबू सिरिल और उनकी टीम की अहम भूमिका रही। उन्होंने हर एक संरचना, महल और युद्धस्थल को इस तरह डिजाइन किया कि वह पर्दे पर पूरी तरह जीवंत नजर आए। सेट की बारीकियों पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे दर्शकों को एक वास्तविक साम्राज्य का अनुभव मिल सके।

    फिल्म की शूटिंग केवल स्टूडियो तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई महत्वपूर्ण दृश्यों को प्राकृतिक लोकेशनों पर भी फिल्माया गया। केरल के प्रसिद्ध अथिरप्पिल्ली जलप्रपात जैसे स्थानों पर शूट किए गए दृश्य फिल्म की खूबसूरती और भव्यता को और बढ़ाते हैं। खासकर झरनों के आसपास फिल्माए गए सीन दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने।

    एक रोचक तथ्य यह भी है कि फिल्म के पहले भाग की शूटिंग के दौरान ही दूसरे भाग के कुछ हिस्सों को पहले ही शूट कर लिया गया था। इससे फिल्म निर्माण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित किया गया और समय की बचत भी हुई। बाद में शेष हिस्सों को पूरी सावधानी और सुरक्षा के साथ पूरा किया गया।

    फिल्म की लोकप्रियता इतनी अधिक रही कि इससे जुड़ी चीजों को संरक्षित रखने के लिए एक विशेष संग्रहालय भी बनाया गया, जहां फिल्म में इस्तेमाल किए गए हथियार, कवच और सेट के हिस्से आज भी सुरक्षित रखे गए हैं। यहां आने वाले लोग उस भव्य दुनिया को करीब से महसूस कर सकते हैं, जिसे उन्होंने पर्दे पर देखा था।

    इस तरह बाहुबली 2: द कॉन्क्लूजन ने यह साबित कर दिया कि अगर कल्पना, तकनीक और मेहनत का सही तालमेल हो, तो सिनेमा केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक भव्य अनुभव भी बन सकता है।

  • ‘हम तुम्हारे हैं सनम’ की अनोखी कहानी: लंबा इंतजार और बिना फीस शाहरुख का फैसला

    ‘हम तुम्हारे हैं सनम’ की अनोखी कहानी: लंबा इंतजार और बिना फीस शाहरुख का फैसला

    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा में कुछ फिल्में सिर्फ अपनी कहानी की वजह से नहीं, बल्कि अपने बनने की प्रक्रिया के कारण भी लंबे समय तक याद रखी जाती हैं। ऐसी ही एक फिल्म रही, जिसमें तीन बड़े सितारे एक साथ नजर आए, लेकिन इसके बनने और रिलीज होने की कहानी उतनी ही दिलचस्प और लंबी रही जितनी इसकी स्टारकास्ट बड़ी थी।
    इस फिल्म की शुरुआत 1990 के दशक के अंत में हुई थी, जब इसे बड़े स्तर पर बनाने की योजना तैयार की गई। इसमें शाहरुख खान, सलमान खान और माधुरी दीक्षित जैसे बड़े नामों को एक साथ जोड़ा गया, जिससे शुरुआत से ही इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी उम्मीदें थीं। लेकिन जैसे-जैसे फिल्म की शूटिंग आगे बढ़ी, वैसे-वैसे कई तकनीकी और रचनात्मक कारणों से इसका काम धीमा होता गया।
    समय के साथ फिल्म के कई हिस्सों में बदलाव करने पड़े। गानों से लेकर कुछ दृश्यों तक को दोबारा तैयार किया गया, क्योंकि बदलते समय के साथ फिल्म को नए अंदाज़ में ढालने की जरूरत महसूस की गई। यही कारण रहा कि यह प्रोजेक्ट अपने तय समय पर पूरा नहीं हो सका और लगातार आगे खिसकता चला गया।
    करीब 6 साल की लंबी प्रक्रिया के बाद आखिरकार यह फिल्म 2002 में दर्शकों के सामने आई। इतने लंबे इंतजार के बावजूद इस फिल्म को लेकर लोगों में उत्साह बना रहा, क्योंकि इसमें उस दौर के तीन बड़े सितारे एक साथ स्क्रीन पर नजर आए थे।
    इस फिल्म में शाहरुख खान ने एक ऐसा किरदार निभाया जो उनके पारंपरिक रोमांटिक रोल्स से काफी अलग था। यह किरदार एक ऐसे व्यक्ति का था जिसमें भावनात्मक संघर्ष और शंका जैसे पहलू दिखाए गए थे। शुरुआत में उन्होंने इस भूमिका को लेकर संकोच भी जताया था, लेकिन बाद में रचनात्मक टीम के समझाने पर उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया।
    सबसे खास बात यह रही कि शाहरुख खान ने इस फिल्म के लिए कोई पारिश्रमिक नहीं लिया। बताया जाता है कि उनका मेहनताना पहले तय किया गया था, लेकिन फिल्म के निर्माण में देरी और बढ़ते खर्च को देखते हुए उन्होंने स्वेच्छा से फीस लेने से इनकार कर दिया। उनका यह निर्णय फिल्म निर्माण टीम के लिए बड़ी मदद साबित हुआ।
    फिल्म से जुड़े लोगों का मानना है कि इतने लंबे समय तक प्रोजेक्ट का अटका रहना आसान नहीं था, लेकिन कलाकारों के सहयोग और उनके आपसी तालमेल ने इसे पूरा करने में अहम भूमिका निभाई। खासकर तीनों प्रमुख कलाकारों की मौजूदगी ने इस फिल्म को किसी तरह अंतिम रूप तक पहुंचाने में मदद की।
    आज भी यह फिल्म उस दौर की उन खास फिल्मों में गिनी जाती है, जिनकी पहचान सिर्फ कहानी से नहीं बल्कि उनके बनने के पीछे की लंबी और संघर्षपूर्ण यात्रा से भी होती है। यह फिल्म यह भी दिखाती है कि बड़े सपनों को पूरा करने के लिए धैर्य, सहयोग और समर्पण कितना जरूरी होता है।
  • हंसाने वाले एक्टर का गंभीर अतीत: राजपाल यादव का सेना से जुड़ा अनोखा सफर..

    हंसाने वाले एक्टर का गंभीर अतीत: राजपाल यादव का सेना से जुड़ा अनोखा सफर..

    नई दिल्ली। कॉमेडी फिल्मों में अपनी बेहतरीन टाइमिंग और सरल अभिनय से दर्शकों को हंसाने वाले राजपाल यादव की असल जिंदगी पर्दे पर दिखने वाली उनकी छवि से कहीं ज्यादा संघर्षपूर्ण रही है। फिल्मों में लोगों को गुदगुदाने वाले यह कलाकार अपने शुरुआती दिनों में एक बिल्कुल अलग और कठिन सफर से गुजरे हैं।

    अपने करियर की शुरुआत में उनका सपना नौसेना में शामिल होने का था, लेकिन शारीरिक कारणों की वजह से यह सपना पूरा नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और नए अवसरों की तलाश शुरू की। इसी दौरान उन्हें एक ऐसी जगह काम करने का मौका मिला, जहां उन्हें सेना के लिए जरूरी वर्दी तैयार करने का काम दिया गया।

    इस काम में उनका सीधा संबंध सेना के जवानों की जरूरतों से था। वे उन कपड़ों और वर्दियों को तैयार करते थे, जिन्हें देश के सैनिक पहनते हैं। यह जिम्मेदारी उनके लिए भले ही अलग थी, लेकिन इसने उन्हें अनुशासन और मेहनत का असली मतलब सिखाया।

    शुरुआत में उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि यह काम उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाएगा, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने समझा कि देश की सेवा सिर्फ हथियार उठाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि हर छोटे योगदान का भी बड़ा महत्व होता है।

    बाद में उनके इस योगदान को पहचान भी मिली और यह अनुभव उनके जीवन में गर्व का कारण बना। यह उनके लिए एक ऐसा पड़ाव था, जिसने उनके सोचने और आगे बढ़ने के तरीके को बदल दिया।

    इसके बाद उन्होंने फिल्मी दुनिया में कदम रखा और अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर खास पहचान बनाई। आज वे भारतीय सिनेमा के सबसे लोकप्रिय कॉमेडी कलाकारों में गिने जाते हैं। उनका सफर इस बात का उदाहरण है कि जीवन में कोई भी अनुभव छोटा नहीं होता और हर अनुभव आगे बढ़ने की ताकत देता है।

  • 71 की उम्र में भी फिटनेस का जलवा, अनुपम खेर की जिम मेहनत ने सबको चौंकाया..

    71 की उम्र में भी फिटनेस का जलवा, अनुपम खेर की जिम मेहनत ने सबको चौंकाया..


    नई दिल्ली।
    कई लोग 70 की उम्र के बाद जीवन को आराम और सीमित गतिविधियों तक समेट लेते हैं, लेकिन अनुपम खेर इस सोच को पूरी तरह बदलते नजर आते हैं। 71 वर्ष की उम्र में भी वे जिस तरह से खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से सक्रिय रखे हुए हैं, वह लोगों के लिए प्रेरणा का विषय बन गया है। हाल ही में उनका एक जिम वीडियो सामने आया, जिसमें उनकी फिटनेस और ऊर्जा ने सभी का ध्यान खींच लिया।

    इस वीडियो में वे पूरी लगन के साथ व्यायाम करते दिखाई देते हैं। उनका अंदाज़ यह दर्शाता है कि वे फिटनेस को केवल एक शौक नहीं, बल्कि जीवन का जरूरी हिस्सा मानते हैं। वर्कआउट के दौरान उनकी एकाग्रता और निरंतरता यह साबित करती है कि उन्होंने अनुशासन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया है।

    अनुपम खेर का मानना है कि शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ मानसिक संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। उनके अनुसार नियमित व्यायाम न केवल शरीर को मजबूत करता है, बल्कि मन को भी शांत और स्थिर बनाता है। यही कारण है कि वे हर परिस्थिति में अपनी फिटनेस रूटीन को प्राथमिकता देते हैं।

    कई बार जब सामान्य रूप से मन व्यायाम करने का नहीं होता, तब भी वे खुद को प्रेरित करते हैं और अभ्यास जारी रखते हैं। उनका यह दृष्टिकोण दिखाता है कि असली अनुशासन वही है जो बिना मन के भी जिम्मेदारी को निभाए। इसी वजह से उनकी फिटनेस यात्रा लोगों के लिए एक मजबूत संदेश बन चुकी है।

    उनकी यह सक्रिय जीवनशैली केवल शारीरिक फिटनेस तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक मजबूती और जीवन के प्रति सकारात्मक सोच को भी दर्शाती है। वे अक्सर अपने अनुभवों के माध्यम से यह संदेश देते हैं कि जीवन में निरंतरता और सकारात्मकता बनाए रखना बेहद जरूरी है।

    उनका यह भी मानना है कि जब कोई व्यक्ति अपने अनुशासन और प्रयासों से दूसरों को प्रेरित करने लगता है, तो उसकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। इसी सोच के साथ वे अपनी फिटनेस यात्रा को साझा करते हैं ताकि लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो सकें।

    फिलहाल अनुपम खेर अपने थिएटर और अन्य रचनात्मक प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हैं, लेकिन इसके बावजूद वे अपने फिटनेस रूटीन से समझौता नहीं करते। उनकी यह जीवनशैली यह साबित करती है कि उम्र कभी भी सक्रियता और सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती, अगर व्यक्ति में इच्छाशक्ति और अनुशासन मजबूत हो।

  • राम-लक्ष्मण से कम, रावण से ज्यादा बातचीत: दीपिका चिखलिया ने बताए ‘रामायण’ सेट के किस्से

    राम-लक्ष्मण से कम, रावण से ज्यादा बातचीत: दीपिका चिखलिया ने बताए ‘रामायण’ सेट के किस्से


    नई दिल्ली।
    भारतीय टेलीविजन के इतिहास में रामायण एक ऐसा सीरियल रहा है, जिसने दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी। इस सीरियल में मां सीता का किरदार निभाने वाली दीपिका चिखलिया आज भी उसी भूमिका के कारण पहचानी जाती हैं। उनका कहना है कि इस किरदार ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया, लेकिन इसके पीछे कई ऐसे अनुभव भी रहे, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।

    दीपिका चिखलिया ने बताया कि जब उन्हें सीता के किरदार के लिए चुना गया, तो यह उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ था। ऑडिशन की प्रक्रिया लंबी और प्रतिस्पर्धी थी, जहां कई राउंड के बाद उनका चयन हुआ। उस समय यह अंदाजा नहीं था कि यह किरदार उन्हें इतनी बड़ी पहचान दिला देगा।

    सेट पर माहौल काफी अनुशासित रहता था। हर कलाकार अपने किरदार में इतना डूबा रहता था कि आपसी बातचीत सीमित हो जाती थी। अरुण गोविल और अन्य सह-कलाकारों के साथ उनका संवाद औपचारिक और कम ही होता था, क्योंकि सभी अपनी भूमिकाओं की गंभीरता को बनाए रखते थे।

    उन्होंने यह भी बताया कि सेट पर अपेक्षाकृत अधिक बातचीत अरविंद त्रिवेदी से होती थी, जिन्होंने रावण का किरदार निभाया था। हालांकि यह बातचीत भी सीमित दायरे में ही रहती थी और उसमें निजी संबंधों की गहराई नहीं बन पाई।

    सीरियल के प्रसारण के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। लोग उन्हें वास्तविक जीवन में भी देवी स्वरूप मानने लगे। कई बार सार्वजनिक जगहों पर लोग उनके चरण स्पर्श करते, आरती करते और फूल अर्पित करते नजर आते थे। यह लोकप्रियता उनके लिए जितनी सम्मानजनक थी, उतनी ही असामान्य भी साबित हुई।

    एक अनुभव के दौरान उन्हें ऐसी स्थिति का भी सामना करना पड़ा जहां लोगों की आस्था के कारण सामान्य जीवन प्रभावित हुआ और भोजन जैसी बुनियादी चीजों में भी कठिनाई आ गई। यह उनके लिए भावनात्मक रूप से एक अलग और यादगार अनुभव था।

    इस पूरी यात्रा ने उन्हें यह एहसास कराया कि एक किरदार केवल अभिनय तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह कलाकार की वास्तविक पहचान बन सकता है। दीपिका चिखलिया की यह कहानी आज भी बताती है कि लोकप्रियता के साथ जिम्मेदारी और चुनौतियां भी जुड़ी होती हैं।

  • संजय दत्त का बड़ा कदम: विवाद के बाद मांगी माफी, अब 50 बच्चों को कराएंगे शिक्षा

    संजय दत्त का बड़ा कदम: विवाद के बाद मांगी माफी, अब 50 बच्चों को कराएंगे शिक्षा


    नई दिल्ली| बॉलीवुड अभिनेता Sanjay Dutt एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार किसी फिल्म या किरदार को लेकर नहीं, बल्कि विवादित गाने ‘सरके चुनर तेरी’ को लेकर उठे विवाद के कारण। मामला तब और गंभीर हो गया जब राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने इस गाने के कथित आपत्तिजनक बोलों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए उन्हें और अभिनेत्री Nora Fatehi को तलब किया।
    रविवार को Sanjay Dutt सरिता विहार स्थित आयोग के कार्यालय पहुंचे, जहां उनसे करीब एक घंटे तक पूछताछ हुई। पूछताछ के बाद उन्होंने आयोग के सामने अपनी सफाई दी और कथित विवादित बोलों को लेकर खेद भी व्यक्त किया। उनके वकील हेमंत शाह के अनुसार, अभिनेता ने स्पष्ट किया कि जिस समय शूटिंग हुई थी, उस दौरान गाना कन्नड़ भाषा में था और उन्हें इसके अर्थ की पूरी जानकारी नहीं थी। बाद में हिंदी डबिंग के दौरान इसके कुछ शब्दों पर आपत्ति उठी।
    मामले में एक अहम मोड़ तब आया जब संजय दत्त ने न सिर्फ माफी मांगी, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का बड़ा फैसला भी लिया। उन्होंने घोषणा की कि वे 50 आदिवासी बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाएंगे, जिससे यह विवाद एक सकारात्मक पहल में बदलता नजर आ रहा है।
    हालांकि, दूसरी ओर Nora Fatehi लगातार दूसरी बार आयोग के सामने पेश नहीं हुईं। उनके वकील ने आयोग के समक्ष पक्ष रखा, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया। आयोग ने स्पष्ट किया है कि नोरा फतेही को 27 अप्रैल 2026 को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का अंतिम अवसर दिया गया है।
    इस पूरे मामले ने मनोरंजन जगत में हलचल पैदा कर दी है। एक तरफ विवादित गीत को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी ओर संजय दत्त के सामाजिक कदम को लेकर उनकी चर्चा भी हो रही है। अब देखना होगा कि आने वाली सुनवाई में यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है।

  • 100 करोड़ी ‘राजा शिवाजी’ की कास्ट फीस का खुलासा, सबसे ज्यादा कमाई किसने की?

    100 करोड़ी ‘राजा शिवाजी’ की कास्ट फीस का खुलासा, सबसे ज्यादा कमाई किसने की?


    नई दिल्ली| रितेश देशमुख स्टारिंग यह फिल्म 1 मई, 2026 को थिएटर में रिलीज होने वाली है। रितेश देशमुख ही इस फिल्म को डायरेक्ट भी कर रहे हैं। फिल्म में संजय दत्त, अभिषेक बच्चन, विद्या बालन और जेनेलिया डिसूजा जैसी दमदार स्टार लीड रोल में हैं।

    100 करोड़ी ‘राजा शिवाजी’ का सबसे महंगा एक्टर है ये?
    हिस्टोरिकल एक्शन ड्रामा ‘राजा शिवाजी’ बॉलीवुड की सबसे ज्यादा इंतजार की जाने वाली फिल्मों में से एक है। इस मल्टीस्टारर फिल्म को लेकर हर किसी में एक्साइटमेंट देखने को मिल रही है।

    इस दिन थिएटर में होगी रिलीज
    रितेश देशमुख स्टारिंग यह फिल्म 1 मई, 2026 को थिएटर में रिलीज होने वाली है। रितेश देशमुख ही इस फिल्म को डायरेक्ट भी कर रहे हैं। फिल्म में संजय दत्त, अभिषेक बच्चन, विद्या बालन और जेनेलिया डिसूजा जैसी दमदार स्टार लीड रोल में हैं। इस बीच आइए जानते हैं कि फिल्म के लिए किसने कितनी फीस ली है?

    रितेश देशमुख
    ‘राजा शिवाजी’ में रितेश देशमुख छत्रपति शिवाजी महाराज का रोल कर रहे हैं। टाइम्स नाउ के मुताबिक, एक्टर ने इस रोल के लिए मोटी फीस ली है। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने फिल्म के लिए 15 करोड़ रुपये से 18 करोड़ रुपये के बीच कमाई की है। वो फिल्म के सबसे महंगे एक्टर हैं।

    जेनेलिया डिसूजा
    रितेश देशमुख की पत्नी और एक्ट्रेस जेनेलिया डिसूजा भी इस फिल्म में लीड रोल में हैं। एक्ट्रेस मूवी में सईबाई भोसले का अहम रोल निभा रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने अपनी परफॉर्मेंस के लिए लगभग 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपये चार्ज किए हैं।

    अभिषेक बच्चन
    अभिषेक बच्चन फिल्म में संभाजी शाहजी भोसले के रोल में दिखेंगे। यह उनका मराठी सिनेमा में डेब्यू है। खबर है कि उन्हें इस रोल के लिए 6 करोड़ से 8 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

    संजय दत्त
    बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर संजय दत्त इस हिस्टोरिकल ड्रामा में अफजल खान का रोल कर रहे हैं। ट्रेलर में उनकी एक्टिंग की पहले ही तारीफ हो चुकी है। खबर है कि उन्होंने फिल्म के लिए 8 करोड़ से 10 करोड़ रुपये चार्ज किए हैं। इसके अलावा संजय ‘खलनायक 2’ को लेकर भी खबरों में हैं।

    फरदीन खान
    एक्टर फरदीन खान मूवी में मुगल बादशाह शाहजहां का रोल कर रहे हैं। खबर है कि उन्हें अपनी एक्टिंग के लिए 2 करोड़ से 3 करोड़ रुपये मिले हैं।

    भाग्यश्री

    ‘मैंने प्यार किया’ एक्टर भाग्यश्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज की मां जीजाबाई का अहम रोल किया है। खबर है कि उन्होंने फिल्म के लिए लगभग 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपये कमाए हैं।

    महेश मांजरेकर
    एक्टर महेश मांजरेकर राजा शिवाजी में लखुजीराव जाधव का रोल करेंगे। खबर है कि उन्होंने अपने रोल के लिए 2 करोड़ से 3 करोड़ रुपये कमाए हैं।

    विद्या बालन
    फिल्म में विद्या बालन, मोहम्मद आदिल शाह (संजय दत्त) की मां ताजुल मुक्खिदारत हाजी बड़ी साहिबा के रोल में नजर आएंगी। मूवी के लिए उनकी फीस लगभग 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

  • ‘स्त्री’ को पीछे छोड़ा, क्या ‘भूल भुलैया 2’ का किला फतह कर पाई ‘भूत बंगला’?

    ‘स्त्री’ को पीछे छोड़ा, क्या ‘भूल भुलैया 2’ का किला फतह कर पाई ‘भूत बंगला’?

    नई दिल्ली| बॉलीवुड में इन दिनों हॉरर-कॉमेडी फिल्मों का ट्रेंड लगातार मजबूत हो रहा है और इसी कड़ी में Bhoot Bangla ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी शुरुआत की थी। Akshay Kumar और निर्देशक Priyadarshan की इस फिल्म से लंबे समय बाद कमबैक देखने को मिला। हालांकि, रिलीज के दूसरे हफ्ते में फिल्म की कमाई की रफ्तार धीमी पड़ती नजर आई है। खासकर डे 11 पर फिल्म के कलेक्शन में करीब 75% की गिरावट दर्ज की गई, जिसने इसके आगे के सफर पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    ‘भूत बंगला’ का अब तक का बॉक्स ऑफिस सफर

    डे 11 पर Bhoot Bangla ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 3.65 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इसके साथ ही फिल्म की कुल कमाई 117.05 करोड़ रुपये (नेट) तक पहुंच गई है। वहीं वर्ल्डवाइड कलेक्शन की बात करें तो फिल्म ने करीब 184.75 करोड़ रुपये का ग्रॉस कारोबार कर लिया है। फिल्म की ओपनिंग और शुरुआती वीकेंड काफी मजबूत रहे, लेकिन वीकडेज में कलेक्शन में गिरावट ने इसकी रफ्तार को धीमा कर दिया है।

    ‘स्त्री’ को पीछे छोड़ा, लेकिन…

    अगर तुलना करें Stree से, तो Bhoot Bangla ने बेहतर प्रदर्शन किया है। Shraddha Kapoor और Rajkummar Rao की फिल्म ‘स्त्री’ ने 11 दिनों में 85.59 करोड़ रुपये कमाए थे, जबकि ‘भूत बंगला’ 117.05 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। इस हिसाब से देखा जाए तो ‘भूत बंगला’ ने ‘स्त्री’ के पहले पार्ट को पीछे छोड़ दिया है।

    ‘भूल भुलैया 2’ से अब भी पीछे

    हालांकि, असली मुकाबला Bhool Bhulaiyaa 2 से है, जिसमें Kartik Aaryan ने शानदार प्रदर्शन किया था। इस फिल्म ने 11 दिनों में 129.83 करोड़ रुपये की कमाई कर ली थी, जो ‘भूत बंगला’ से ज्यादा है। डे 11 के कलेक्शन की बात करें तो ‘भूल भुलैया 2’ ने 7 करोड़ रुपये कमाए थे, जबकि ‘भूत बंगला’ सिर्फ 3.65 करोड़ रुपये ही जुटा पाई। ऐसे में साफ है कि ‘भूल भुलैया 2’ अभी भी इस जॉनर की मजबूत दावेदार बनी हुई है।

    ‘स्त्री 2’ और ‘भूल भुलैया 3’ के सामने फीकी

    अगर आगे की फिल्मों से तुलना करें तो Stree 2 और Bhool Bhulaiyaa 3 के आंकड़े कहीं ज्यादा बड़े हैं। ‘स्त्री 2’ ने जहां 11 दिनों में 384.55 करोड़ रुपये की कमाई की, वहीं ‘भूल भुलैया 3’ ने भी 200 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया था। इन आंकड़ों के सामने ‘भूत बंगला’ की कमाई थोड़ी फीकी नजर आती है।

    क्या आगे बना पाएगी रिकॉर्ड?

    कुल मिलाकर Bhoot Bangla ने अच्छी शुरुआत के बाद ‘स्त्री’ को पीछे छोड़ दिया है, लेकिन ‘भूल भुलैया 2’ का रिकॉर्ड तोड़ने में अभी पीछे है। अब सबकी नजरें आने वाले दिनों पर टिकी हैं कि क्या फिल्म वीकेंड पर फिर से रफ्तार पकड़ पाएगी या नहीं। अगर फिल्म को मजबूत वर्ड ऑफ माउथ मिला, तो यह आगे बेहतर प्रदर्शन कर सकती है, वरना बड़े रिकॉर्ड तोड़ना मुश्किल होगा।

  • SRK को बताया शानदार, आमिर बोले-तीनों खान का साथ आना मुमकिन

    SRK को बताया शानदार, आमिर बोले-तीनों खान का साथ आना मुमकिन


    नई दिल्ली हिंदी सिनेमा के इतिहास में अगर तीन सबसे बड़े सुपरस्टार्स का नाम लिया जाए तो Shah Rukh Khan, Salman Khan और Aamir Khan का नाम सबसे ऊपर आता है। पिछले तीन दशकों से ये तीनों खान इंडस्ट्री पर राज कर रहे हैं और हर पीढ़ी के दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाए हुए हैं। हालांकि, आज तक इन तीनों को एक साथ किसी फिल्म में नहीं देखा गया, जो फैंस के लिए हमेशा एक अधूरी ख्वाहिश रही है। अब इस अधूरी ख्वाहिश को पूरा करने के संकेत खुद आमिर खान ने दिए हैं, जिससे फैंस के बीच उत्साह और बढ़ गया है।
    शाहरुख की एक्टिंग के कायल हुए आमिर
    हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान Aamir Khan ने Shah Rukh Khan की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि शाहरुख एक शानदार अभिनेता हैं, जिनका अपना अलग चार्म है और जो दर्शकों के साथ गहराई से जुड़ने की क्षमता रखते हैं। आमिर ने यह भी कहा कि शाहरुख सिर्फ एक स्टार नहीं बल्कि बेहतरीन आर्टिस्ट हैं, जो हर किरदार में जान डाल देते हैं। आमिर के इस बयान से दोनों सितारों के बीच आपसी सम्मान और दोस्ती साफ झलकती है।
    अच्छी स्क्रिप्ट बनी सबसे बड़ी शर्त
    इंटरव्यू में आमिर खान ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने और शाहरुख खान ने साथ काम करने को लेकर बातचीत की है। हालांकि, दोनों ही किसी भी प्रोजेक्ट को लेकर बेहद चयनात्मक हैं और एक दमदार स्क्रिप्ट की तलाश में हैं। आमिर ने कहा कि जैसे ही उन्हें एक मजबूत कहानी मिलेगी, वे शाहरुख के साथ काम करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि शाहरुख और सलमान पहले साथ काम कर चुके हैं, वहीं आमिर और सलमान भी स्क्रीन शेयर कर चुके हैं, लेकिन आमिर और शाहरुख अब तक किसी फिल्म में साथ नजर नहीं आए।
    क्या सच होगा तीनों खान का सपना?
    सबसे दिलचस्प बात यह रही कि आमिर खान ने तीनों खान को एक साथ स्क्रीन पर लाने के विचार पर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि करीब एक साल पहले जब Shah Rukh Khan और Salman Khan उनके साथ बैठे थे, तब तीनों ने इस संभावना पर चर्चा की थी। आमिर का मानना है कि दर्शकों के लिए यह एक बेहद खास और यादगार अनुभव होगा। हालांकि, फिल्म का स्केल कितना बड़ा होगा, यह अलग मुद्दा है, लेकिन तीनों का साथ आना ही अपने आप में एक बड़ी घटना होगी। अगर यह सपना साकार होता है तो यह बॉलीवुड इतिहास की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक साबित हो सकती है।
    वर्क फ्रंट पर आमिर खान
    वर्क फ्रंट की बात करें तो Aamir Khan इन दिनों अपने प्रोडक्शन में बन रही फिल्म ‘एक दिन’ को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म में उनके बेटे जुनैद खान के साथ साउथ की चर्चित अभिनेत्री Sai Pallavi नजर आएंगी। खास बात यह है कि यह साई पल्लवी की पहली हिंदी फिल्म होगी, जिससे फिल्म को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह है। फिल्म 1 मई को रिलीज होने वाली है और इसकी एडवांस बुकिंग पहले ही शुरू हो चुकी है।
  • दिग्गज एक्टर भरत कपूर का निधन…. 80 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

    दिग्गज एक्टर भरत कपूर का निधन…. 80 साल की उम्र में ली अंतिम सांस


    नई दिल्ली।
    फिल्म इंडस्ट्री (Film Industry) से बुरी खबर सामने आ रही है। बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर भरत कपूर (Bharat Kapoor) अब इस दुनिया में नहीं रहे। 80 साल की उम्र में भरत कपूर (Bharat Kapoor) ने अंतिम सांस ली। उनके निधन (Passed Away) की खबर से फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों के बीच गहरा दुख और शोक की लहर दौड़ गई है।


    अशोक पंडित ने जताया शोक

    भरत कपूर ने निधन पर निर्माता अशोक पंडित शोक व्यक्त किया है। अशोक पंडित ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर दिग्गज एक्टर की तस्वीर शेयर करते हुए उनके निधन की खबर की पुष्टि की है। उन्होंने लिखा, “दिग्गज थिएटर और फिल्म अभिनेता भरत कपूर जी के निधन के बारे में जानकर दुख हुआ। मेरे करियर के शुरुआती दिनों में उनके साथ काम करने की बहुत अच्छी यादें हैं। एक महान इंसान। ओम शांति।”


    तीन दिनों से बीमार थे एक्टर

    भरत कपूर का निधन मुंबई के Sion Hospital में दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ। उनका अंतिम संस्कार शाम 6:30 बजे परिवार के सदस्यों और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में किया गया। एक्टर और उनके करीबी दोस्त अवतार गिल ने India Today को बताया, “मैं अभी-अभी श्मशान घाट से लौटा हूं, जहां शाम 6:30 बजे अंतिम संस्कार हुआ। उनका निधन आज दोपहर करीब 3 बजे अस्पताल में हुआ। पिछले तीन दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। पिछले कुछ दिनों से उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था।”


    चार दशकों तक पर्दे पर किया राज

    भरत कपूर ने 1972 में फिल्म इंडस्ट्री में करियर की शुरुआत की और लगभग चार दशक तक पर्दे पर छाए रहे। भरत सपोर्टिंग रोल और खलनायक की भूमिकाओं के लिए जाने जाते थे। वह 1970, 80 और 90 के दशक में हिंदी सिनेमा में एक जाना-पहचाना चेहरा बन गए। उन्होंने नूरी (1979), राम बलराम (1980), लव स्टोरी (1981), बाजार (1982), गुलामी (1985), आखिरी रास्ता (1986), सत्यमेव जयते (1987), स्वर्ग (1990), खुदा गवाह (1992), और रंग (1993) सहित कई उल्लेखनीय फिल्मों में अभिनय किया।


    इन फिल्मों में दिखाया जलवा

    भरत कपूर ने इसके अलावा ‘बरसात’ (1995), ‘साजन चले ससुराल’ (1996), और ‘मीनाक्षी: ए टेल ऑफ थ्री सिटीज’ (2004) जैसी फिल्मों में नजर आए, जिनमें उन्होंने हर दौर के हिसाब से खुद को ढालने की अपनी काबिलियत दिखाई। फिल्मों के अलावा, भरत कपूर ने ‘कैंपस’, ‘परंपरा’, ‘राहत’, ‘सांस’, ‘अमानत’, ‘तारा’, ‘चुनौती’ और ‘कहानी चंद्रकांता की’ जैसे टीवी शो के जरिए टेलीविजन पर भी अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें अलग-अलग माध्यमों के बीच आसानी से काम करने का मौका दिया।