Category: Entertainment

  • धुरंधर 2 का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज रणवीर सिंह बने हमजा अली एक्शन और बदले की कहानी ने बढ़ाया रोमांच

    धुरंधर 2 का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज रणवीर सिंह बने हमजा अली एक्शन और बदले की कहानी ने बढ़ाया रोमांच

    नई दिल्ली। निर्देशक आदित्य धर की सुपरहिट फिल्म धुरंधर ने पिछले साल दिसंबर में रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त इतिहास रच दिया था और अब उसके सीक्वल धुरंधर 2 द रिवेंज को लेकर दर्शकों के बीच उत्साह चरम पर पहुंच चुका है। हाल ही में फिल्म का दमदार ट्रेलर रिलीज किया गया है जिसने सोशल मीडिया पर धूम मचा दी है और फैंस इसे पहले से ही ब्लॉकबस्टर बता रहे हैं। ट्रेलर में जबरदस्त एक्शन कॉमा इमोशन और देशभक्ति की झलक देखने को मिलती है जिसने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं।

    फिल्म में रणवीर सिंह एक बार फिर अपने दमदार अवतार में दिखाई दे रहे हैं। कहानी में वह एक रॉ एजेंट के रूप में मिशन पर निकलते हैं और हमजा अली नाम के गैंगस्टर का रूप धारण कर दुश्मनों के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की कोशिश करते हैं। ट्रेलर में दिखाए गए एक्शन सीक्वेंस कॉमा तेज रफ्तार कहानी और बड़े स्तर की सिनेमैटोग्राफी ने लोगों का ध्यान खींच लिया है। सोशल मीडिया पर ट्रेलर को लेकर जबरदस्त प्रतिक्रियाएं आ रही हैं और कई फैंस इसे साल की सबसे बड़ी फिल्म बता रहे हैं।

    धुरंधर की सफलता ने रणवीर सिंह के करियर को एक नई ऊंचाई दी थी। फिल्म ने भारत में करीब 838 करोड़ रुपये का शानदार कारोबार किया था जबकि दुनियाभर में इसकी कमाई 1300 करोड़ रुपये से भी ज्यादा पहुंच गई थी। इतनी बड़ी सफलता के बाद मेकर्स को उम्मीद है कि इसका सीक्वल पहले भाग के सभी रिकॉर्ड तोड़ सकता है।

    फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी मजबूत स्टारकास्ट भी है। रणवीर सिंह के साथ संजय दत्त कॉमा अर्जुन रामपाल कॉमा अक्षय खन्ना कॉमा आर माधवन और राकेश बेदी जैसे कलाकार फिल्म में अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। संजय दत्त एक सख्त पुलिस अफसर की भूमिका निभाते दिखाई देते हैं जबकि अर्जुन रामपाल का खतरनाक विलेन अवतार कहानी में रोमांच बढ़ाता है। वहीं अक्षय खन्ना की दमदार अदाकारी और आर माधवन की गंभीर मौजूदगी फिल्म की कहानी को संतुलित बनाती है।

    फिल्म के संगीत की जिम्मेदारी शाश्वत सचदेव ने संभाली है और ट्रेलर में ही इसके बैकग्राउंड म्यूजिक ने दर्शकों को प्रभावित किया है। पहले भाग की तरह इस बार भी मेकर्स ने बड़े पैमाने पर एक्शन और ड्रामा पेश करने की तैयारी की है।

    दिलचस्प बात यह भी रही कि पिछली फिल्म को मिडिल ईस्ट के कुछ देशों में बैन कर दिया गया था लेकिन इसके बावजूद वहां इसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ गई कि कई दर्शक खास तौर पर भारत आकर फिल्म देखने पहुंचे थे। यही वजह है कि अब सीक्वल को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।

    अब दर्शकों की निगाहें 19 मार्च पर टिकी हैं जब ईद के मौके पर धुरंधर 2 द रिवेंज सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। हालांकि फिल्म को अभी भारत में सेंसर बोर्ड से प्रमाण पत्र मिलना बाकी है। हाल के समय में कुछ फिल्मों को सेंसर की प्रक्रिया के कारण देरी और कट्स का सामना करना पड़ा है इसलिए यह देखना दिलचस्प होगा कि धुरंधर 2 को बिना किसी बड़े बदलाव के रिलीज की मंजूरी मिलती है या नहीं।फिलहाल ट्रेलर ने इतना जरूर साफ कर दिया है कि फिल्म का एक्शन कॉमा कहानी और स्टार पावर दर्शकों को बड़े पर्दे पर एक और जबरदस्त सिनेमाई अनुभव देने के लिए तैयार है।

  • करण औजला के दिल्ली कॉन्सर्ट में भारी भीड़ और देरी से नाराज फैंस इवेंट कंपनी ने कहा नियमों का किया पालन

    करण औजला के दिल्ली कॉन्सर्ट में भारी भीड़ और देरी से नाराज फैंस इवेंट कंपनी ने कहा नियमों का किया पालन

    नई दिल्ली । पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के लोकप्रिय गायक करण औजला के दिल्ली में आयोजित कॉन्सर्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम के बाद कई प्रशंसकों ने अव्यवस्था और असुविधाओं को लेकर नाराजगी जताई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और पोस्ट के जरिए फैंस ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। वहीं बढ़ती शिकायतों के बाद इवेंट आयोजित करने वाली कंपनी टीम इनोवेशन ने इस पूरे मामले पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए अपनी सफाई पेश की है।

    दरअसल करण औजला का पी पॉप कल्चर इंडिया टूर के तहत दिल्ली में यह कॉन्सर्ट 28 फरवरी को आयोजित किया गया था। इस शो में हजारों प्रशंसक अपने पसंदीदा गायक का लाइव प्रदर्शन देखने पहुंचे थे। लेकिन कार्यक्रम के दौरान कई लोगों को लंबी कतारों भीड़भाड़ और प्रवेश प्रक्रिया में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। इसके बाद फैंस ने सोशल मीडिया पर कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करनी शुरू कर दी।

    इवेंट कंपनी टीम इनोवेशन ने जारी बयान में कहा कि उनके द्वारा आयोजित हर कार्यक्रम में प्रशंसकों के अनुभव को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। कंपनी के अनुसार यह कार्यक्रम निर्धारित क्षमता के भीतर ही आयोजित किया गया था और तय सीमा से अधिक टिकट नहीं बेचे गए थे। उन्होंने कहा कि आयोजन से जुड़े सभी सुरक्षा निर्देशों और व्यवस्थाओं का पालन किया गया था।

    कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यक्रम स्थल पर अचानक कम समय में बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ पहुंच जाने के कारण कुछ जगहों पर भीड़ का दबाव बढ़ गया जिससे प्रवेश प्रक्रिया में देरी और असुविधा महसूस हुई। आयोजकों का कहना है कि टिकट जांच और प्रवेश प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए थे ताकि दर्शकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    हालांकि कार्यक्रम में शामिल हुए कई प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर गंभीर अव्यवस्था के आरोप लगाए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि कार्यक्रम के दौरान लंबी देरी हुई और कई बार भीड़ के कारण अफरा तफरी जैसी स्थिति भी बन गई। वहीं कुछ वीडियो में टिकट काउंटर के पास भारी भीड़ दिखाई दे रही है जहां कई लोग अपने पास या प्रवेश की मांग करते नजर आए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को भी हस्तक्षेप करना पड़ा था।

    इसके अलावा कुछ प्रशंसकों ने यह भी दावा किया कि रिस्टबैंड स्कैनिंग प्रक्रिया के दौरान वाई फाई नेटवर्क कमजोर होने के कारण प्रवेश में काफी समय लग रहा था जिससे भीड़ और बढ़ती चली गई। इसी कारण कई लोगों को कार्यक्रम में प्रवेश करने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुए इन वीडियो और शिकायतों के बाद इस कॉन्सर्ट की व्यवस्थाओं को लेकर बहस शुरू हो गई है। कई फैंस ने आयोजकों से बेहतर प्रबंधन की उम्मीद जताई है ताकि भविष्य में इस तरह की समस्याएं न हों। वहीं आयोजकों ने भी कहा है कि वे प्रशंसकों की प्रतिक्रिया को गंभीरता से ले रहे हैं और भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन में व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे।

  • गुजराती सिनेमा का चमकता सितारा बनी ‘लालो’ : 100 करोड़ क्लब में एंट्री पर गदगद हुए प्रतीक गांधी बोले -ईमानदार मेहनत ने रचा इतिहास

    गुजराती सिनेमा का चमकता सितारा बनी ‘लालो’ : 100 करोड़ क्लब में एंट्री पर गदगद हुए प्रतीक गांधी बोले -ईमानदार मेहनत ने रचा इतिहास


    नई दिल्ली। गुजराती सिनेमा के लिए साल 2025 बेहद खास साबित हुआ जब फिल्म ‘लालो–कृष्ण सदा सहायताते’ ने इतिहास रचते हुए विश्व स्तर पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर ली। यह उपलब्धि हासिल करने वाली यह पहली गुजराती फिल्म बन गई है। फिल्म की इस बड़ी सफलता ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर नया रिकॉर्ड बनाया बल्कि क्षेत्रीय सिनेमा की ताकत को भी नए सिरे से दुनिया के सामने रखा है। फिल्म की कामयाबी से अभिनेता प्रतीक गांधी बेहद उत्साहित और गर्वित नजर आए। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पूरी गुजराती फिल्म इंडस्ट्री के लिए गर्व का क्षण है और इससे क्षेत्रीय सिनेमा को नई पहचान मिली है।

    प्रतीक गांधी ने फिल्म की सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘लालो’ का 100 करोड़ के आंकड़े को पार करना किसी चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि फिल्म की टीम ने जब इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी तब किसी ने भी यह कल्पना नहीं की थी कि यह इतना बड़ा मुकाम हासिल कर पाएगी। उन्होंने कहा कि कई बार फिल्म इंडस्ट्री में शुरुआत के समय कई तरह की अनिश्चितताएं होती हैं लेकिन अगर काम ईमानदारी और समर्पण के साथ किया जाए तो उसका परिणाम जरूर मिलता है। यही बात इस फिल्म की सफलता में भी साफ दिखाई देती है।

    उन्होंने आगे कहा कि इस फिल्म ने उन्हें एक महत्वपूर्ण सीख भी दी है कि ज्यादा सोचने और परिणाम की चिंता करने के बजाय अपने काम को पूरी ईमानदारी और लगन से करते रहना चाहिए। प्रतीक गांधी के मुताबिक ‘लालो’ की कहानी और उसकी सादगी ने दर्शकों के दिल को छू लिया। यही वजह है कि फिल्म ने धीरे धीरे दर्शकों के बीच अपनी मजबूत पहचान बनाई और देखते ही देखते एक बड़ी ब्लॉकबस्टर बन गई।

    फिल्म अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध हो चुकी है। इसकी स्ट्रीमिंग सोनी लाइव पर गुजराती और हिंदी दोनों भाषाओं में शुरू हो गई है। इस पर खुशी जताते हुए प्रतीक गांधी ने कहा कि अब इस फिल्म को और ज्यादा दर्शक देख सकेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसकी सरल और भावनात्मक कहानी हर वर्ग के दर्शकों तक पहुंचेगी और उन्हें प्रेरित भी करेगी।

    भक्ति आधारित यह फिल्म अक्टूबर 2025 में रिलीज हुई थी। शुरुआत में इसे छोटे स्तर पर रिलीज किया गया था लेकिन दर्शकों की शानदार प्रतिक्रिया के चलते इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ती चली गई। सीमित बजट में बनी इस फिल्म ने विश्व स्तर पर 120 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली जिसमें भारत में करीब 97 करोड़ रुपये नेट कलेक्शन और विदेशों में लगभग 7.5 करोड़ रुपये की कमाई शामिल है। इसी के साथ यह गुजराती सिनेमा की अब तक की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म बन गई है।

    फिल्म की कहानी एक साधारण रिक्शा ड्राइवर के इर्द गिर्द घूमती है जो एक फार्महाउस में फंस जाता है। वहीं उसे भगवान कृष्ण के दर्शन होते हैं और उसके जीवन की दिशा बदल जाती है। भगवान कृष्ण उसे अपने पुराने डर और बुरे सपनों से लड़ने की प्रेरणा देते हैं और आत्म खोज की यात्रा पर ले जाते हैं। भक्ति और आध्यात्मिकता से जुड़ी यह कहानी दर्शकों के दिल को छू गई और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आई।

    फिल्म में मुख्य भूमिका रीवा राछ ने निभाई है जबकि करण जोशी और मिष्टी कडेचा जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण किरदारों में नजर आए हैं। फिल्म का निर्देशन अंकित सखिया ने किया है और इसकी कहानी कृष्णांश वाजा विक्की पूर्णिमा तथा अंकित सखिया ने मिलकर लिखी है। फिल्म का निर्माण मैनिफेस्ट फिल्म्स जय व्यास प्रोडक्शंस और अजय बलवंत पडारिया ने किया है। ‘लालो’ की ऐतिहासिक सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अच्छी कहानी और सच्ची भावना के साथ बनाई गई फिल्म भाषा की सीमाओं से परे जाकर दर्शकों के दिलों में जगह बना सकती है।

  • नेटफ्लिक्स पर सच्ची क्राइम कहानियों की डरावनी डॉक्यूमेंट्रीज: रहस्य, अपराध और रोमांच जो आपके रोंगटे खड़े कर दें!

    नेटफ्लिक्स पर सच्ची क्राइम कहानियों की डरावनी डॉक्यूमेंट्रीज: रहस्य, अपराध और रोमांच जो आपके रोंगटे खड़े कर दें!



    नई दिल्ली। नेटफ्लिक्स पर सिर्फ़ कॉमेडी, थ्रिलर और एक्शन ही नहीं बल्कि ऐसी क्राइम डॉक्यूमेंट्री भी मौजूद हैं, जिन्हें देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। ये डॉक्यूमेंट्री सच्ची घटनाओं पर आधारित हैं और अपराध, रहस्य, इंसानी मनोविज्ञान और न्याय प्रणाली के जटिल पहलुओं को पर्दे पर लाती हैं।

    हाउस ऑफ सीक्रेट्स: द बुराड़ी डेथ्स साल 2018 के दिल्ली बुराड़ी केस पर आधारित है, जिसमें एक ही परिवार के 11 सदस्यों की रहस्यमयी मौत हुई थी। इस मामले ने मानसिक स्वास्थ्य, परिवारिक दबाव और अंधविश्वास जैसी गंभीर समस्याओं को उजागर किया।

    मर्डर इन कोर्टरूम तीन पार्ट्स की डॉक्यूमेंट्री है। इसमें अक्कू यादव की कहानी दिखाई गई है, जिसने नागपुर के कस्तूरबा नगर में महिलाओं को डराया, लेकिन कोर्ट में 200 महिलाओं द्वारा उस पर हमला करने की घटना ने केस को ऐतिहासिक मोड़ दिया।

    मुंबई माफिया: पुलिस वर्सेस द अंडरवर्ल्ड 1990 के दशक में मुंबई में डी-कंपनी (दाऊद इब्राहिम) के बढ़ते अपराध और उनसे निपटने के लिए पुलिस के ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ की कहानी दिखाती है। यह डॉक्यूमेंट्री अंडरवर्ल्ड और कानून के बीच की जद्दोजहद को सस्पेंस और थ्रिलर के साथ पेश करती है।

    करी एंड साइनाइट 2023 में रिलीज़ हुई थी। इसमें जॉली जोसेफ पर अपने परिवार के छह सदस्यों को जहर देने का आरोप है। यह कहानी बेहद डार्क और सस्पेंस से भरी हुई है, जिसने दर्शकों को हिला दिया।

    क्राइम स्टोरीज इंडिया: डिटेक्टिव में बेंगलुरु पुलिस के वास्तविक इन्वेस्टिगेशन केस दिखाई गए हैं। हर एपिसोड में किडनैपिंग, मर्डर और वित्तीय धोखाधड़ी जैसी घटनाओं की जांच को रियल तरीके से पेश किया गया है।

    द इंडियन मुखर्जी स्टोरी: बरिड द ट्रुथ में शीना बोरा मर्डर केस दिखाया गया है, जिसमें इंद्राणी मुखर्जी पर अपनी बेटी की हत्या का आरोप था।

    सेक्शन 36 दिल्ली के नरेला इलाके पर आधारित क्राइम थ्रिलर है। इसमें विक्रांत मैसी मुख्य भूमिका में हैं और रियल लाइफ केस की कहानी को सस्पेंस और थ्रिलर के साथ पर्दे पर लाया गया है।

    इन डॉक्यूमेंट्रीज़ में दर्शकों को अपराध, न्याय, रहस्य और इंसानी मनोविज्ञान के ऐसे पहलू दिखाई देते हैं जो नेटफ्लिक्स पर देखने लायक सबसे डरावनी और सस्पेंस भरी कहानियों में शामिल हैं। ये सच्ची घटनाओं पर आधारित हैं और हर एपिसोड में रोमांच, डर और रहस्य का अनुभव कराते हैं।

  • मंदाना करीमी भारत छोड़ेंगी: कहा‑ भारत ने मुझे धोखा दिया, काम मिलना बंद, ईरान आज़ाद होते ही लौटूंगी

    मंदाना करीमी भारत छोड़ेंगी: कहा‑ भारत ने मुझे धोखा दिया, काम मिलना बंद, ईरान आज़ाद होते ही लौटूंगी



    नई दिल्ली। ईरानी मूल की बॉलीवुड अभिनेत्री मंदाना करीमी ने बड़ा बयान दिया है कि वह जल्द ही भारत छोड़कर अपने देश ईरान लौटने का निर्णय कर चुकी हैं। उन्होंने कहा है कि भारत में अब उनकी कोई आवाज़ नहीं बची है और उन्हें ‘भारत ने धोखा दिया’ जैसा महसूस हो रहा है।

    मंदाना, जिन्होंने कई फिल्मों और रियलिटी शो में अपनी पहचान बनाई थी, ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि उन्होंने अपना सारा सामान पहले से ही पैक कर लिया है और जैसे ही ईरान में मौजूदा शासन बदलने का ऐलान होगा, वह तुरंत वहीं लौट जाएँगी। उन्होंने कहा कि वह भारत से अब अपना नाता तोड़ रही हैं।

    क्या कहा मंदाना ने?
    मंदाना ने कहा, “मैं भारत से ब्रेकअप कर रही हूँ। भारत ने मुझे मॉडलिंग और एक्टिंग करियर दिया, लेकिन अब मुझे लगता है कि यहाँ मेरी आवाज़ नहीं सुनी जाती।
    उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में उन्हें काम बिल्कुल नहीं मिल रहा और उनके कई कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिए गए हैं। इसका कारण वह अपनी खुली राय और ईरान के समर्थन में प्रदर्शन मानती हैं।

    मंदाना ने कहा कि मुंबई में अकेलापन महसूस हुआ, और कुछ पुराने दोस्त भी उनसे दूर हो गए क्योंकि उन्होंने बहुत खुले तौर पर राय व्यक्त की।

    ईरान के प्रति उनकी राय
    मंदाना ने कहा कि उनका सपना एक ऐसा ईरान है जहाँ महिलाएं आज़ाद हों, अपनी मर्जी के कपड़े पहन सकें और किसी भी यूनिवर्सिटी में पढ़ सकें। उन्होंने कहा कि ईरान में राजनीतिक बदलाव आने पर वह तुरंत वापस चली जाएँगी।

    काम और मीडिया में गिरावट
    एक अन्य इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि जनवरी 2026 से उन्हें काम मिलना लगभग बंद हो गया, और कई कॉन्ट्रैक्ट भी कैंसिल हो गए। मंदाना ने यह अपने राजनीतिक बयान और विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने से जोड़कर बताया।
    कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि उन्होंने भारतीय मीडिया पर ‘एकतरफ़ा कवरेज़’ का आरोप लगाया है और चाहती हैं कि वैकल्पिक आवाज़ों को भी मंच मिले।


    उनका बॉलीवुड सफर
    मंदाना करीमी का जन्म तेहरान, ईरान में हुआ।
    वह 2010 में मॉडलिंग के लिए भारत आईं और 2013 से मुंबई में ही बस गईं।
    उन्होंने ‘क्या कूल हैं हम 3’, ‘मैं और चार्ल्स’, ‘भाग जॉनी’ जैसी फिल्मों में काम किया और ‘बिग बॉस’ और ‘लॉकअप’ जैसे रियलिटी शो में भी हिस्सा लिया।
    2017 में उनका भारतीय बिजनेसमैन गौरव गुप्ता से विवाह हुआ, लेकिन 2021 में उनका तलाक हो गया था।
    मंदाना करीमी ने कहा है कि वह भारत छोड़ेंगी क्योंकि उन्हें लगता है कि यहाँ उनकी आवाज़ दब गई है और उन्हें धोखा महसूस हुआ है। उन्होंने कहा है कि काम मिलना बंद हो गया है और कॉन्ट्रैक्ट रद्द हो गए हैं। वह ईरान में बदलाव आने पर वापस लौटना चाहती हैं, खासकर महिलाओं के अधिकारों और आज़ादी के लिए।उन्होंने भारतीय मीडिया पर भी आलोचनात्मक टिप्पणी की है कि रिपोर्टिंग एकतरफ़ा है।
  • सोनू सूद ने दुबई में फंसे नागरिकों के लिए इंसानियत का हाथ बढ़ाया, मुफ्त में सुरक्षित ठहरने की सुविधा दी

    सोनू सूद ने दुबई में फंसे नागरिकों के लिए इंसानियत का हाथ बढ़ाया, मुफ्त में सुरक्षित ठहरने की सुविधा दी



    नई दिल्ली। इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के कारण दुबई में फंसे लोगों के लिए बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद आगे आए हैं। उन्होंने यह घोषणा की है कि युद्ध या संकट के चलते फंसे सभी लोग—चाहे वे भारत से हों या किसी अन्य देश से फ्री में सुरक्षित रहने की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। इस सुविधा के लिए उन्हें केवल इंस्टाग्राम पर @dugastaproperties को मैसेज करना होगा।

    सोनू सूद ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि युद्ध के चलते कई यात्री दुबई में फंसे हुए हैं और उनके पास रहने की जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि मदद किसी भी शर्त या राष्ट्रीयता के बिना इंसानियत के नाते की जा रही है। उन्होंने सभी को आश्वस्त किया कि यह सुविधा पूरी तरह सुरक्षित और भरोसेमंद है।

    इस समय दुबई में फंसे लोगों में पंजाब के कई नागरिक भी शामिल हैं। पंजाब सरकार के अनुसार, अब तक 150 से अधिक कॉल दुबई में फंसे लोगों की प्राप्त हो चुकी हैं। ज्यादातर लोग होटलों में ठहरे हुए हैं, लेकिन उनका संपर्क सीमित है। मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि नवंबर से मार्च तक दुबई में टूरिस्ट सीजन होता है, इसलिए कई लोग छुट्टियों के लिए गए थे और वर्तमान हालात में फंस गए।

    सोनू सूद का यह कदम नया नहीं है। इससे पहले अगस्त 2025 में पंजाब में आई भयंकर बाढ़ के समय भी उन्होंने राहत और बचाव कार्य में सक्रिय योगदान दिया था। तब वह अपनी बहन मालविका सूद के साथ प्रभावित इलाकों जैसे मोगा, धर्मकोट, फाजिल्का, खमाणों और संगेरा में पहुंचे और पीड़ित परिवारों की मदद की।

    बाढ़ के समय उनके द्वारा प्रदान की गई सहायता में खाद्य सामग्री, पीने का पानी, बेबी न्यूट्रिशन किट, कंबल, तिरपाल, हाइजीन किट, मच्छरदानी और पशुओं के लिए चारा शामिल था। साथ ही, उन्होंने मेडिकल कैंप भी लगाए और एक बच्चे का किडनी का इलाज करवाया। निचले इलाकों में राशन और बचाव के लिए दो नावें भी भेजी गई थीं, और प्रभावित परिवारों की आजीविका के लिए 100 भैंसें देने का वादा भी किया गया।

    सोनू सूद के इस कदम ने दुबई में फंसे लोगों को राहत दी है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी कोशिश है कि किसी भी आम नागरिक को डर और असुरक्षा के माहौल में जीना न पड़े।

    यह पहल दर्शाती है कि सोनू सूद ने हमेशा विपरीत परिस्थितियों में भी इंसानियत और सेवा के लिए आगे आकर मदद करने का संकल्प रखा है। दुबई में फंसे लोगों के लिए यह राहत एक बड़ी उम्मीद बनकर सामने आई है।

  • करणवीर बोहरा के पिता और फिल्म प्रोड्यूसर महेंद्र बोहरा का निधन, तेजा और टक्कर जैसी फिल्मों के निर्माता रहे

    करणवीर बोहरा के पिता और फिल्म प्रोड्यूसर महेंद्र बोहरा का निधन, तेजा और टक्कर जैसी फिल्मों के निर्माता रहे


    नई दिल्ली। अएक्टर करणवीर बोहरा ने सोशल मीडिया के जरिए अपने पिता और जाने-माने फिल्म प्रोड्यूसर महेंद्र बोहरा के निधन की जानकारी दी। महेंद्र बोहरा हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से कई दशकों से जुड़े थे और उन्होंने तेजा, टक्कर, प्यार का कर्ज और लश्कर जैसी फिल्मों का निर्माण किया।

    करणवीर ने इंस्टाग्राम पोस्ट में अपने पिता को याद करते हुए लिखा, “लव यू डैड। मैंने आपको शब्दों से ज्यादा मिस करूंगा। आपने एक अच्छी और पूरी जिंदगी जी।” उन्होंने बताया कि उनके पिता हमेशा कहते थे कि इस दुनिया से शांति से और बिना किसी तकलीफ के जाना चाहिए, और महेंद्र बोहरा ने ऐसा ही किया।

    एक्टर ने आगे कहा कि उनके पिता ने उन्हें और उनकी बहन को हिम्मत, उम्मीद और मेहनत करना सिखाया। उन्होंने लिखा, आपने मुझे सिखाया कि चाहे हालात कितने भी मुश्किल हों, उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। गिरो तो दोबारा खड़े होना चाहिए। जिंदगी को जोश और पॉजिटिविटी के साथ जीना चाहिए।

    करणवीर ने अपने पिता के पेशेवर जीवन की भी तारीफ की और कहा कि महेंद्र बोहरा ने उन्हें सिखाया कि एक्टर और प्रोड्यूसर दोनों के तौर पर मेहनत और क्रिएटिविटी की अहमियत समझना चाहिए। उनके पिता ने हमेशा अच्छा व्यवहार करना और सपने देखने की प्रेरणा दी।

    महेंद्र बोहरा हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में रामकुमार बोहरा के बेटे के रूप में आए और कई बड़े सितारों जैसे नसीरुद्दीन शाह, संजय दत्त, सुनील शेट्टी और सोनाली बेंद्रे के साथ काम किया। उनकी फिल्में दर्शकों में हमेशा यादगार रही हैं।

  • लारा दत्ता इमोशनल हुईं, बेटी के साथ दुबई में फंसीं: शूटिंग के दौरान धमाके और फाइटर जेट देखे

    लारा दत्ता इमोशनल हुईं, बेटी के साथ दुबई में फंसीं: शूटिंग के दौरान धमाके और फाइटर जेट देखे



    नई दिल्ली। एक्ट्रेस लारा दत्ता दुबई में अपनी बेटी सायरा के साथ वर्क ट्रिप पर थीं, जब अचानक वहां तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। लारा ने बताया कि 28 फरवरी को दुबई के एक स्टूडियो में शूटिंग के दौरान उन्हें ऊपर से तेज धमाके सुनाई दिए और आसमान में कई फाइटर जेट उड़ते दिखे। उन्होंने कहा कि हालात डराने वाले थे, लेकिन वह खुद को असुरक्षित महसूस नहीं कर रही थीं।

    लारा ने बताया कि धमाकों के समय उनका परिवार सुरक्षित विला में था, लेकिन खिड़कियां और दरवाजे हिल रहे थे। उन्होंने यूएई सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि वहां हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है और लोग अपने सामान्य कामों में लगे हुए हैं। लारा ने कहा कि फ्लाइट्स सीमित हैं, लेकिन वे मुंबई लौटने की कोशिश कर रहे हैं ताकि उनकी बेटी और अन्य लोग इस तनावपूर्ण स्थिति से सुरक्षित रहें।

    एक्ट्रेस ने यह भी कहा कि किसी भी आम नागरिक को डर के माहौल में जीने का अधिकार नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्थिति जल्द सामान्य होगी और सही फैसले लिए जाएंगे।

    इस बीच दुबई में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण कई उड़ानें रद्द हुईं और हजारों यात्री फंसे। लारा ने वीडियो में अपने अनुभव साझा किए और इमोशनल होते हुए कहा कि हालात पिछले कुछ दिनों में काफी तनावपूर्ण रहे।

  • गोविंदा का छलका दर्द: बोले- "बदनामी हर बड़े एक्टर का हिस्सा", विरार वाले अंदाज में जब दी थी धमकियां देने वालों को मात!

    गोविंदा का छलका दर्द: बोले- "बदनामी हर बड़े एक्टर का हिस्सा", विरार वाले अंदाज में जब दी थी धमकियां देने वालों को मात!


    नई दिल्ली ।बॉलीवुड के नंबर 1अभिनेता गोविंदा इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ और पुराने विवादों को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। हाल ही में सिद्धार्थ कनन को दिए एक विशेष इंटरव्यू में गोविंदा ने अपने जीवन के उन पहलुओं पर खुलकर बात की, जिनसे उनके फैंस अब तक अनजान थे। गोविंदा ने बड़े ही बेबाक अंदाज में बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में एक ऐसा वक्त जरूर आता है, जब लगभग हर बड़े कलाकार को कड़वी आलोचनाओं और सोची-समझी बदनामी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने इसे इंडस्ट्री का एक कड़वा दस्तूर बताया।

    बदनामी पर गोविंदा का दार्शनिक अंदाज
    जब गोविंदा से उनकी छवि को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने बहुत ही गहराई से जवाब दिया। गोविंदा ने कहा कि ऐसा कभी नहीं होता कि ईश्वर ने आपको किसी विशेष प्रतिभा या सफलता से नवाजा हो और दुनिया में आपकी जबरदस्ती बदनामीन की जाए। अपनी बात को पुख्ता करने के लिए उन्होंने भारतीय सिनेमा के दिग्गज कलाकारों-अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना और आमिर खान का उदाहरण दिया। गोविंदा के अनुसार, इन महानायकों ने भी अपने करियर के चरम पर भारी आलोचनाएं और बदनामी झेली है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक बुरा ‘फेज’ होता है और उस कठिन समय से आप खुद को कैसे बाहर निकालते हैं, वही असली खेल है।

    कब जरूरी है पलटवार करना?
    अक्सर शांत रहने वाले गोविंदा ने स्पष्ट किया कि हमेशा हर बात पर प्रतिक्रिया देना जरूरी नहीं होता, लेकिन आत्म-सम्मान की रक्षा के लिए कभी-कभी बोलना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अगर आप चुप रहेंगे, तो लोग आपको ही गलत समझ लेंगे। ऐसे में सामने वाले को उसकी ही भाषा में जवाब देना अनिवार्य हो जाता है।इसी संदर्भ में उन्होंने एक बेहद हैरान कर देने वाला किस्सा साझा किया। गोविंदा ने बताया कि एक बार एक म्यूजिक डायरेक्टर के भाई उनके पास आए थे। उस शख्स को लगा कि गोविंदा का करियर अब खत्म हो चुका है और वह ‘फ्लॉप’ हो गए हैं। वह शख्स गोविंदा को धमकी देने लगा।

    विरार का अंदाज और वो धमकी
    गोविंदा ने उस वाकये को याद करते हुए बताया कि उन्होंने उस व्यक्ति को वहीं रोक दिया और कहा, सर, ये धमकी तो मैं तब भी नहीं सहता था जब मैं विरार के छोटे से कमरे में रहता था। जूता मारूंगा खींच के, सब भूल जाओगे! अभी उठो और बाहर निकलो।गोविंदा ने आगे उस शख्स को चेतावनी देते हुए कहा कि जो तुम आज मेरे साथ करने की कोशिश कर रहे हो, याद रखना कल को यह तुम्हारे साथ भी हो सकता है।

    लेट आने के आरोपों पर सफाई

    इंटरव्यू के दौरान गोविंदा ने उन आरोपों पर भी नाराजगी जताई जो अक्सर उनकी अनुशासनहीनता या सेट पर देरी से आने को लेकर लगाए जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक दौर ऐसा था जब उनके पास फिल्मों का इतना अंबार था कि हर जगह समय पर पहुँचना नामुमकिन था। हालांकि, उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वे इतने टैलेंटेड थे कि जो डायलॉग दूसरे कलाकार 6-6 घंटे रिहर्सल करके बोलते थे, वे उसे एक बार में ही परफेक्ट बोलकर निकल जाते थे। आज भी उनके फैंस उनके इसी हुनर के कायल हैं और उनकी पत्नी सुनीता के साथ चल रहे विवादों के बीच भी उनका पूरा समर्थन कर रहे हैं।

  • मिडिल ईस्ट वॉर और यश की 'टॉक्सिक' का क्या है कनेक्शन? जानें क्यों 19 मार्च की जगह अब 4 जून को मचेगा गदर!

    मिडिल ईस्ट वॉर और यश की 'टॉक्सिक' का क्या है कनेक्शन? जानें क्यों 19 मार्च की जगह अब 4 जून को मचेगा गदर!


    नई दिल्ली । कन्नड़ सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक’ की रिलीज डेट अचानक बदलने से फिल्म जगत और फैंस के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म है। “रॉकिंग स्टार” यश ने एक आधिकारिक बयान जारी कर फिल्म को 19 मार्च के बजाय अब 4 जून को रिलीज करने का फैसला लिया है। इस फैसले के पीछे का सबसे प्रमुख और चौंकाने वाला कारण मिडिल ईस्ट क्राइसिस (US-Israel-Iran तनाव) बताया गया है। अक्सर लोग यह सोच सकते हैं कि सात समंदर पार चल रहे युद्ध या तनाव का एक भारतीय फिल्म की रिलीज से क्या लेना-देना हो सकता है, लेकिन इसके पीछे एक बहुत ही गहरा व्यापारिक और रणनीतिक कारण छिपा है।

    मिडिल ईस्ट: भारतीय फिल्मों का नया ‘पावर हाउस’
    आज के दौर में दुबई, सऊदी अरब और कतर जैसे देश भारतीय फिल्मों, खासकर साउथ और बॉलीवुड की एक्शन फिल्मों के लिए दुनिया के सबसे बड़े ओवरसीज मार्केट्स में से एक बन चुके हैं। बड़े बजट की फिल्मों, जैसे ‘KGF 2’, ‘जवान’ और ‘पठान’ की कुल कमाई का लगभग 15% से 25% हिस्सा अकेले इसी क्षेत्र से आता है। यश जानते हैं कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण सिनेमाघर बंद होते हैं या दर्शक सुरक्षा कारणों से बाहर नहीं निकलते, तो फिल्म को सीधे तौर पर 100 से 200 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हो सकता है।

    सिर्फ भारत का बॉक्स ऑफिस अब काफी नहीं
    आज की ‘पैन-इंडिया’ फिल्में 300 से 500 करोड़ के भारी बजट पर तैयार होती हैं। ऐसे में केवल भारतीय बॉक्स ऑफिस के भरोसे मुनाफा कमाना मुश्किल होता जा रहा है। यश ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि ‘टॉक्सिक’ को कन्नड़ और अंग्रेजी में शूट किया गया है, जिसका सीधा अर्थ है कि उनकी नजर केवल भारत पर नहीं, बल्कि वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर है। जब कोई निर्माता ‘ग्लोबल सिनेमा’ बनाने का दावा करता है, तो उसके लिए दुनिया की स्थिरता और सुरक्षा पहली प्राथमिकता बन जाती है।

    एक तीर से दो निशाने: क्लैश का खतरा टला
    रिलीज डेट आगे बढ़ाने का फायदा केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि भारतीय बॉक्स ऑफिस पर भी मिलेगा। 19 मार्च को रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2’ के साथ क्लैश होने से दोनों फिल्मों का बिजनेस बंटने का खतरा था। अब ‘टॉक्सिक’ के हटने से ‘धुरंधर 2’ को सोलो रिलीज का मौका मिलेगा, जिससे क्लैश की वजह से होने वाला घाटा कम होगा। साथ ही, यश अब जून में बिना किसी बड़े मुकाबले के हिंदी दर्शकों को अधिक प्रभावी ढंग से आकर्षित कर पाएंगे।

    4 जून ही क्यों?
    फिल्म जानकारों का मानना है कि जून तक मिडिल ईस्ट के हालात सुधरने की उम्मीद है, जिससे फिल्म को एक बड़ी ‘विंडो’ मिल सकेगी। इसके अलावा, 4 जून के आसपास कोई बड़ी हाइप वाली फिल्म रिलीज नहीं हो रही है, जिससे ‘टॉक्सिक’ को लंबी रनिंग और रिकॉर्ड तोड़ कमाई का अवसर मिलेगा।

    मिडिल ईस्ट में भारतीय फिल्मों का जलवा (पिछला रिकॉर्ड)
    खाड़ी देशों में भारतीय फिल्मों की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ‘पठान’ ने पहले पांच दिनों में वहाँ से 26.20 मिलियन डॉलर का बिजनेस किया था, जबकि ‘जवान’ ने UAE से लगभग 9.2 मिलियन कमाए थे। खुद यश की ‘KGF: चैप्टर 2’ ने UAE में 8.15 मिलियन डॉलर का रिकॉर्ड बनाया था।

    सार: रचनात्मकता के साथ ग्लोबल बिजनेस विजन

    फिल्म ‘टॉक्सिक’ को पोस्टपोन करना पूरी तरह से एक सधा हुआ बिजनेस डिसीजन है। यह साफ दिखाता है कि आज का भारतीय फिल्म निर्माता केवल अपनी कला तक सीमित नहीं है, बल्कि वह एक ग्लोबल बिजनेसमैन की तरह सोच रहा है। मिडिल ईस्ट में शांति केवल राजनीति के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के ‘1000 करोड़ी क्लब’ के सपने को पूरा करने के लिए भी बेहद जरूरी है।