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  • 'मैंने प्यार किया' के 37 साल बाद भी बरकरार है भाग्यश्री की मासूमियत का जादू।

    'मैंने प्यार किया' के 37 साल बाद भी बरकरार है भाग्यश्री की मासूमियत का जादू।


    नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस भाग्यश्री आज इंडस्ट्री की जानी मानी एक्ट्रेस हैं। अपनी मासूमियत से दर्शकों का दिल जीतने वाली भाग्यश्री ने सलमान खान के साथ फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ से बॉलीवुड में डेब्यू में किया था।

    भाग्यश्री
    इस फिल्म ने भाग्यश्री और सलमान खान को रातों-रात सुपरस्टार बना दिया था। फिल्म की कहानी ही नहीं, बल्कि इसके गाने भी काफी हिट रहे, जिसे आज भी काफी पसंद किया जाता है।

    भाग्यश्री की एक बहन मधुवंती

    लेकिन क्या आप जानते हैं भाग्यश्री की तरह ही उनकी बहन भी एक्ट्रेस रही हैं। हालांकि, उनकी किस्मत ने उनका साथ नहीं। जी हां, भाग्यश्री की एक बहन हैं, जिनका नाम मधुवंती पटवर्धन है।

    भाग्यश्री ने सलमान संग किया डेब्यू
    मधुवंती ने भी अपनी बहन भाग्यश्री की तरह ही बड़े सुपरस्टार के साथ डेब्यू किया था। हालांकि, जब भाग्यश्री ने सलमान के साथ डेब्यू किया तब वो बड़े स्टार नहीं थे।

    दो आंखें बारह हाथ

    वहीं, मधुवंती ने जब 1997 में जब गोविंदा के साथ डेब्यू किया तब वो बड़े सुपरस्टार थे। मधुवंती ने गोविंदा के साथ ‘दो आंखें बारह हाथ’ साइन की थी तब उन्हें लगा कि ये उनके करियर के लिए सबसे अच्छा लॉन्च है।

    गोविंदा के भाई कीर्ति कुमार

    ‘दो आंखें बारह हाथ’ को गोविंदा के भाई कीर्ति कुमार ने डायरेक्ट किया था। उस वक्त गोविंदा का अच्छा खासा काम चल रहा था। वहीं, ये उनके घर की फिल्म थी, तो जब भी उन्हें टाइम मिलता था वो इसके लिए काम करते।

    मूवी पूरी तरह से बर्बाद हो गई
    हालांकि, कहानी कहा जा रही है, बाकी चीजों कैसी हैं, इस पर गोविंदा ने भी कभी ध्यान नहीं दिया। इसे अच्छा बनाने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन कभी देरी की वजह से कभी पैसों की दिक्कत के चलते ये मूवी पूरी तरह से बर्बाद हो गई।

    बुरी तरह से पिट गई फिल्म
    ‘दो आंखें बारह हाथ’ फिल्म जब रिलीज हुई तब भी इसने जरा भी अच्छी छाप नहीं छोड़ी। मधुवंती को लगा था कि ये उनके करियर की लिए बेस्ट साबित होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ये मूवी बुरी तरह से पिट गई।

    मधुवंती का रोल तो कुछ था ही नहीं

    फिल्म को रिलीज होने के काफी वक्त लगा, कहानी भी कुछ खास नहीं थी। वहीं, देखा जाए तो मधुवंती का रोल तो कुछ था ही नहीं। वहीं, जब गोविंदा किसी फिल्म में होते हैं तो सबकी नजरें सिर्फ गोविंदा पर ही होती थी।

    मधुवंती का करियर पूरी तरह से ठप पड़ गया

    ऐसे में मधुवंती अपनी एक्टिंग और डांसिंग से वो चार्म नहीं ला पाई कि वो ऑडियंस को लुभा पाए। यही वजह थी ये फिल्म औंधे मुंह गिरी और मधुवंती का करियर पूरी तरह से ठप पड़ गया।

  • मंदिर में मातम के बीच डांस परिवार ने निभाई आखिरी इच्छा सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

    मंदिर में मातम के बीच डांस परिवार ने निभाई आखिरी इच्छा सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस


    नई दिल्ली । थाईलैंड के नखोन सी थाम्मरत प्रांत से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सोशल मीडिया पर लोगों को हैरान और विभाजित कर दिया है। यहां एक बौद्ध मंदिर में हुए अंतिम संस्कार के दौरान ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसे देखकर लोग स्तब्ध रह गए। एक 59 वर्षीय व्यक्ति की अंतिम विदाई पर उसके परिवार ने पारंपरिक शोक के बजाय जश्न का माहौल बनाया और ताबूत के सामने कोयोट डांसर्स से प्रदर्शन कराया।

    यह घटना रॉन फिबुन जिले के वाट थेप्पानोम चुआट मंदिर में हुई जहां अंतिम संस्कार की धार्मिक रस्में पूरी होने के बाद अचानक तीन महिला डांसर्स ने ताबूत के सामने डांस करना शुरू कर दिया। बताया गया कि यह पूरा आयोजन मृतक की अंतिम इच्छा के अनुसार किया गया था। डांसर्स ने कोरियोग्राफ किया हुआ परफॉर्मेंस मंदिर परिसर के भीतर प्रस्तुत किया जिसे देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए।

    मृतक के परिवार का कहना है कि वह व्यक्ति बेहद खुशमिजाज स्वभाव का था और हमेशा जीवन को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखता था। उन्होंने अपने अंतिम संदेश में यह इच्छा जताई थी कि उनकी विदाई पर रोने की बजाय लोग उनके जीवन का जश्न मनाएं। इसी सोच को सम्मान देते हुए परिवार ने अंतिम संस्कार को एक अलग रूप देने का निर्णय लिया और शोक सभा को उत्सव में बदल दिया।

    बौद्ध भिक्षुओं द्वारा अंतिम प्रार्थना और मंत्रोच्चार पूरा करने के बाद यह डांस परफॉर्मेंस शुरू हुआ। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने इस दृश्य को देखा और इसे सोशल मीडिया पर लाइव भी किया गया। वीडियो सामने आने के बाद यह तेजी से वायरल हो गया और दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया।

    हालांकि, इस घटना को लेकर लोगों की राय बंटी हुई नजर आ रही है। एक वर्ग का मानना है कि यह मृतक की अंतिम इच्छा का सम्मान है और जीवन को सकारात्मक तरीके से देखने का प्रतीक है। वहीं दूसरा वर्ग इसे धार्मिक स्थल की मर्यादा के खिलाफ बता रहा है। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि इस तरह का प्रदर्शन खासकर मंदिर जैसे पवित्र स्थान पर उचित नहीं है।

    मरने वाले व्यक्ति का निधन 15 अप्रैल को हुआ था और उन्होंने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि वह नहीं चाहते कि उनकी मृत्यु पर लोग दुखी हों। उनका मानना था कि मृत्यु जीवन का हिस्सा है और इसे सहजता से स्वीकार करना चाहिए। इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए परिवार ने पारंपरिक शोक को हटाकर एक अलग प्रकार का अंतिम संस्कार आयोजित किया।

    यह घटना न सिर्फ थाईलैंड में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गई है। जहां एक ओर इसे जीवन को सेलिब्रेट करने का तरीका माना जा रहा है वहीं दूसरी ओर सांस्कृतिक और धार्मिक मर्यादाओं को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

  • टॉक्सिक के सेंसुअल सीन पर विवाद के बीच यश का बयान गीतू मोहनदास की सोच पर खुलकर बोले

    टॉक्सिक के सेंसुअल सीन पर विवाद के बीच यश का बयान गीतू मोहनदास की सोच पर खुलकर बोले


    नई दिल्ली । यश की आगामी फिल्म टॉक्सिक इन दिनों लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। जून में रिलीज होने वाली इस फिल्म का हाल ही में टीजर जारी किया गया था, जिसमें कुछ सेंसुअल और बोल्ड सीन दिखाए गए थे। इन दृश्यों को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई और कुछ दर्शकों ने इन्हें लेकर आपत्ति भी जताई। हालांकि, अब यश ने इस पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और फिल्म के विजन को लेकर महत्वपूर्ण बातें साझा की हैं।

    यश ने बताया कि फिल्म की डायरेक्टर गीतू मोहनदास का नजरिया काफी अलग और फ्रेश है। उनके अनुसार टॉक्सिक जैसी बड़े पैमाने की एक्शन फिल्म में महिला किरदारों को केवल सहायक भूमिका में नहीं बल्कि एक मजबूत और प्रभावशाली नजरिए से दिखाया गया है। यश ने कहा कि आमतौर पर एक्शन फिल्मों में मुख्य रूप से पुरुष किरदारों पर फोकस किया जाता है, लेकिन इस फिल्म में महिलाओं की मौजूदगी और उनका दृष्टिकोण कहानी का अहम हिस्सा है।

    उन्होंने यह भी कहा कि गीतू मोहनदास एक मजबूत लेखिका और निर्देशक हैं, जिनकी सोच बहुत स्पष्ट है। यश के अनुसार उन्होंने इस प्रोजेक्ट के दौरान कई नई चीजें सीखी हैं, खासकर यह कि स्क्रीन पर महिलाओं को किस तरह अलग और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जा सकता है। उनके मुताबिक यह अनुभव उनके लिए काफी रचनात्मक और सीखने वाला रहा।

    टीजर में दिखाए गए दृश्यों को लेकर भी यश ने अप्रत्यक्ष रूप से जवाब दिया। टीजर में एक कसीनो का दृश्य दिखाया गया था जहां यश के किरदार के साथ एक महिला मौजूद होती है और कुछ बोल्ड विजुअल्स भी सामने आते हैं। इन्हीं सीन को लेकर कुछ दर्शकों ने सवाल उठाए थे लेकिन मेकर्स का कहना है कि यह कहानी की डिमांड और विजन का हिस्सा है न कि केवल सनसनी पैदा करने के लिए।

    फिल्म की कहानी एक गैंगस्टर बैकड्रॉप पर आधारित बताई जा रही है जिसमें बड़े स्तर का ड्रामा और एक्शन देखने को मिलेगा। खास बात यह है कि फिल्म में फीमेल गेज यानी महिला दृष्टिकोण को कहानी का अहम हिस्सा बनाया गया है जो इसे पारंपरिक एक्शन फिल्मों से अलग बनाता है।

    पहले यह फिल्म 19 मार्च को रिलीज होने वाली थी लेकिन कुछ परिस्थितियों के कारण इसकी रिलीज डेट आगे बढ़ाकर अब 4 जून कर दी गई है। मेकर्स का कहना है कि वे इसे वैश्विक स्तर पर एक साथ रिलीज करना चाहते हैं इसलिए यह फैसला लिया गया।

    अब दर्शकों की नजर इस बात पर है कि विवादों के बीच रिलीज होने जा रही टॉक्सिक बॉक्स ऑफिस पर कितना धमाल मचाती है और क्या यह यश के करियर में एक और बड़ी हिट साबित होती है या नहीं।

  • अभय देओल ने ‘देव डी’ की शूटिंग का अनोखा अनुभव किया साझा..

    अभय देओल ने ‘देव डी’ की शूटिंग का अनोखा अनुभव किया साझा..

    नई दिल्ली।  दिल्ली में फिल्मी दुनिया के चर्चित अभिनेता अभय देओल ने अपनी लोकप्रिय फिल्म ‘देव डी’ से जुड़ा एक दिलचस्प अनुभव साझा किया है, जिसने दर्शकों और प्रशंसकों के बीच फिर से इस फिल्म को चर्चा में ला दिया है। यह फिल्म हाल ही में दोबारा सिनेमाघरों में रिलीज हुई है और एक बार फिर दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसी बीच अभिनेता ने शूटिंग के दौरान का एक ऐसा किस्सा बताया, जिसमें उन्होंने बिना एक भी डायलॉग बोले अपने किरदार को बेहद प्रभावशाली तरीके से पर्दे पर उतारा था।

    अभय देओल ने एक वीडियो क्लिप साझा करते हुए उस सीन को याद किया, जिसमें उनका किरदार पूरी तरह चुप रहता है। इस दृश्य में कहानी आगे बढ़ती है और दूसरे किरदार बातचीत करते हैं, जबकि उनका किरदार केवल मौजूद रहता है। उन्होंने बताया कि स्क्रिप्ट के अनुसार उस सीन में उनके लिए कोई संवाद लिखा ही नहीं गया था, लेकिन यही सादगी उस पल को खास बना गई।

    अभय देओल ने बताया कि उन्होंने उस सीन में अपने किरदार की भावनाओं को शब्दों के बिना व्यक्त करने की कोशिश की। उनका मानना था कि कभी-कभी चुप्पी भी कहानी को आगे बढ़ाने में उतनी ही प्रभावशाली होती है जितनी बातचीत। शूटिंग के दौरान उन्होंने केवल अपने किरदार की उपस्थिति और भाव को ही केंद्र में रखा, जिससे पूरा दृश्य अधिक स्वाभाविक और वास्तविक लगने लगा।

    अभिनेता ने यह भी साझा किया कि जब निर्देशक ने शूटिंग पूरी होने पर कट कहा, तो उन्होंने इस दृश्य को लेकर उनकी सराहना की। निर्देशक ने यह सवाल भी किया कि उन्होंने बिना किसी अतिरिक्त संवाद के पूरे कमरे के माहौल को इतने सहज तरीके से कैसे व्यक्त किया। इस प्रतिक्रिया ने अभय देओल के लिए इस अनुभव को और भी खास बना दिया।

    अभय देओल के अनुसार, यह सीन सिर्फ एक टेक में पूरा हो गया था, जो अपने आप में एक अनोखा अनुभव था। उन्होंने कहा कि उस क्षण उन्हें लगा जैसे उनका किरदार पूरी तरह जीवंत हो गया हो और वह खुद उस दुनिया का हिस्सा बन गए हों। यह अनुभव उनके लिए आज भी यादगार है।

    फिल्म ‘देव डी’ अपने अनोखे कथानक और आधुनिक प्रस्तुति के लिए जानी जाती है। यह पारंपरिक कहानी को एक नए दृष्टिकोण से पेश करती है, जिसमें रिश्तों, भावनाओं और जीवन की जटिलताओं को अलग अंदाज में दिखाया गया है। फिल्म में अभय देओल के साथ माही गिल और कल्कि कोचलीन जैसे कलाकारों ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई थीं।

    यह फिल्म अपने समय से आगे की सोच और प्रयोगात्मक शैली के कारण युवाओं के बीच खास जगह बनाने में सफल रही थी। आज भी इसकी कहानी और अभिनय को दर्शक सराहते हैं। अभय देओल द्वारा साझा किया गया यह अनुभव एक बार फिर साबित करता है कि कभी-कभी बिना शब्दों के भी कहानी को बेहद प्रभावशाली तरीके से कहा जा सकता है।

  • अरिजीत सिंह: सादगी से स्टारडम तक का सफर, रोमांटिक आवाज ने बनाया करोड़ों का दिलबर

    अरिजीत सिंह: सादगी से स्टारडम तक का सफर, रोमांटिक आवाज ने बनाया करोड़ों का दिलबर


    नई दिल्ली।बॉलीवुड में कई बेहतरीन आवाजें रही हैं, लेकिन कुछ ही ऐसी होती हैं जो सीधे दिल तक उतर जाती हैं। ऐसी ही एक आवाज है अरिजीत सिंह की, जिन्होंने अपनी गायकी से लोगों के दिलों में खास जगह बना ली है। उनकी आवाज में भावनाओं की गहराई, सादगी और दर्द का ऐसा मेल है जो हर गाने को यादगार बना देता है।

    अरिजीत सिंह का जन्म 25 अप्रैल 1987 को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। बचपन से ही उनका जुड़ाव संगीत से रहा, क्योंकि उनके परिवार में भी संगीत का माहौल था। दादी और मां गीत गाती थीं और मामा तबला बजाते थे, जिससे उनका झुकाव धीरे-धीरे संगीत की ओर बढ़ता गया। उन्होंने कम उम्र से ही शास्त्रीय संगीत की ट्रेनिंग शुरू कर दी थी, जिसने उनकी गायकी की नींव मजबूत कर दी।

    अपने करियर की शुरुआत में उन्हें ज्यादा पहचान नहीं मिली और उन्हें कई संघर्षों का सामना करना पड़ा। उन्होंने एक रियलिटी शो के जरिए अपनी शुरुआत की, लेकिन वहां से बड़ी सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने लगातार मेहनत जारी रखी और छोटे प्रोजेक्ट्स के जरिए खुद को साबित करते रहे। उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब फिल्म ‘आशिकी 2’ का गाना ‘तुम ही हो’ रिलीज हुआ। इस गाने ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया और यहीं से उनका सफर नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया।

    इसके बाद उन्होंने लगातार हिट गाने दिए और बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाई। “चन्ना मेरेया”, “केसरिया”, और “अपना बना ले” जैसे गानों ने उन्हें हर घर में लोकप्रिय बना दिया। अब तक वे 400 से अधिक गाने गा चुके हैं और हर तरह के संगीत में अपनी छाप छोड़ चुके हैं। उनकी खासियत यह है कि वे हर गाने को सिर्फ गाते नहीं, बल्कि उसमें भावनाएं भर देते हैं, जिससे श्रोता उससे गहराई से जुड़ जाते हैं।

    इतनी बड़ी सफलता के बावजूद उनकी जीवनशैली बेहद साधारण है। वे लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करते हैं और आम लोगों की तरह जीवन जीते हैं। वे सोशल मीडिया और मीडिया की चकाचौंध से दूर रहते हैं और अपने काम पर ज्यादा ध्यान देते हैं। यही सादगी उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाती है।

    हाल के समय में उन्होंने अपने करियर को लेकर एक बड़ा फैसला लिया, जिसमें उन्होंने पार्श्व गायन से दूरी बनाने की बात कही, लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया कि वे संगीत से पूरी तरह दूर नहीं हुए हैं। वे आगे भी अपने फैंस के लिए संगीत से जुड़े रहेंगे। उनकी यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि सच्ची लगन और मेहनत से कोई भी व्यक्ति संगीत की दुनिया में अमिट पहचान बना सकता है।

  • जैकी भगनानी ने अपनी शादी पर किया दिलचस्प खुलासा, रकुल संग रिश्ते को बताया सिचुएशनशिप

    जैकी भगनानी ने अपनी शादी पर किया दिलचस्प खुलासा, रकुल संग रिश्ते को बताया सिचुएशनशिप


    नई दिल्ली। मनोरंजन जगत में चर्चित जोड़ी रकुल प्रीत सिंह और जैकी भगनानी एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। लंबे समय तक डेटिंग के बाद 2024 में शादी के बंधन में बंधे इस कपल को अक्सर सार्वजनिक कार्यक्रमों और सोशल मीडिया पर एक साथ देखा जाता है। इसी बीच हाल ही में जैकी भगनानी के एक बयान ने उनके रिश्ते को लेकर नई चर्चा को जन्म दे दिया है।

    एक बातचीत के दौरान जैकी भगनानी ने अपने वैवाहिक जीवन को हल्के-फुल्के अंदाज में सिचुएशनशिप बताया, जिससे लोग हैरान रह गए। हालांकि उन्होंने यह शब्द पारंपरिक अर्थ में नहीं बल्कि अपने और रकुल के बीच सहज और खुले रिश्ते को दर्शाने के लिए इस्तेमाल किया। उनका कहना था कि उनके बीच बातचीत बहुत आसान है और वे हर विषय पर बिना किसी झिझक के बात कर सकते हैं।

    जैकी भगनानी के अनुसार, उनका रिश्ता केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें दोस्ती और समझदारी का मजबूत आधार है। उन्होंने यह भी कहा कि वे अपनी पत्नी से किसी भी बात को छिपाते नहीं हैं और दोनों के बीच पारदर्शिता उनके रिश्ते की सबसे बड़ी ताकत है।

    उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उनके जीवन में किसी भी तरह की स्थिति हो, वे उसे रकुल के साथ खुलकर साझा करते हैं। उनके अनुसार, यही सहजता उनके रिश्ते को मजबूत बनाती है और उन्हें एक-दूसरे के और करीब लाती है। इस बयान को उन्होंने एक हल्के अंदाज में दिया था, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं

    रकुल प्रीत सिंह और जैकी भगनानी दोनों ही अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय हैं। रकुल प्रीत सिंह फिल्मी दुनिया में लगातार काम कर रही हैं और विभिन्न परियोजनाओं में अपनी भूमिका निभा रही हैं। वहीं जैकी भगनानी अभिनय के साथ-साथ फिल्म निर्माण में भी सक्रिय हैं और कई बड़ी फिल्मों से जुड़े रहे हैं।

    दोनों की जोड़ी को इंडस्ट्री में एक समझदार और संतुलित कपल के रूप में देखा जाता है। सार्वजनिक जीवन में दोनों का व्यवहार और आपसी तालमेल अक्सर चर्चा का विषय बनता है। हाल ही में दिया गया यह बयान उनके रिश्ते को लेकर लोगों की जिज्ञासा को और बढ़ा रहा है।

    हालांकि, यह स्पष्ट है कि जैकी भगनानी ने यह टिप्पणी गंभीर संदर्भ में नहीं बल्कि हल्के और मजाकिया अंदाज में की थी। इसके बावजूद यह बयान मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय बन गया है और उनके रिश्ते को लेकर एक बार फिर लोगों की नजरें उन पर टिक गई हैं।

  • तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेत्री अक्षया हरिहरन का गंभीर आरोप, नाम पर पहले ही वोट डाले जाने का किया दावा

    तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेत्री अक्षया हरिहरन का गंभीर आरोप, नाम पर पहले ही वोट डाले जाने का किया दावा


    नई दिल्ली। तमिलनाडु में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें अभिनेत्री अक्षया हरिहरन ने मतदान प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि जब वह अपना वोट डालने मतदान केंद्र पहुंचीं, तो उन्हें बताया गया कि उनके नाम पर पहले ही किसी अन्य व्यक्ति द्वारा मतदान किया जा चुका है। इस घटना के बाद उन्होंने पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर चिंता जताई है।
    अभिनेत्री के अनुसार, वह अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर समय से पहुंचीं और वोट डालने के लिए लाइन में भी लगीं, लेकिन जब उनका नाम सूची में जांचा गया तो अधिकारियों ने बताया कि उनके नाम पर पहले ही मतदान दर्ज हो चुका है। इस जानकारी से वह पूरी तरह हैरान रह गईं और उन्होंने तत्काल इस स्थिति की जांच की मांग की।
    उन्होंने बताया कि दस्तावेजों में उनकी सभी जानकारी सही दर्ज थी, लेकिन मतदान रिकॉर्ड में गड़बड़ी दिखाई दी। इस अंतर ने उनके मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि यदि किसी व्यक्ति के नाम पर पहले ही वोट डाला जा सकता है, तो यह पूरी मतदान प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न उठाता है।
    इस स्थिति के बाद उन्होंने कानूनी सलाह भी ली और वैकल्पिक प्रक्रिया के तहत अपना वोट दर्ज किया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह अनुभव उनके लिए संतोषजनक नहीं रहा, क्योंकि मतदान जैसा महत्वपूर्ण अधिकार इस तरह की स्थिति से प्रभावित हुआ है।
    अभिनेत्री ने कहा कि मतदान केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र की नींव है, और इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी जनता के विश्वास को कमजोर कर सकती है। उन्होंने इस मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों के समक्ष दर्ज कराने की बात भी कही है, ताकि इसकी निष्पक्ष जांच हो सके।
    इस घटना के बाद आम जनता और सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई लोग मतदान व्यवस्था में तकनीकी सुधार और अधिक पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • रियलिटी शो के मंच से अक्षय कुमार ने गृहणियों पर फिल्म बनाने की इच्छा जताई, समाज को दिया उनके योगदान का नया संदेश


    नई दिल्ली। फिल्मों के साथ-साथ टेलीविजन पर भी सक्रिय अभिनेता अक्षय कुमार ने एक बार फिर समाज के एक अहम वर्ग की ओर ध्यान आकर्षित किया है। एक क्विज रियलिटी शो के सेट पर उन्होंने गृहणियों को घर का सुपरस्टार बताते हुए उनके जीवन पर आधारित फिल्म बनाने की अपनी इच्छा साझा की। उनकी यह सोच न केवल भावनात्मक बल्कि सामाजिक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    कार्यक्रम के दौरान अक्षय कुमार ने कहा कि वह लंबे समय से ऐसी फिल्म बनाना चाहते हैं, जिसमें महिलाओं की भूमिका को केंद्र में रखा जाए और यह दिखाया जाए कि किस तरह घर की जिम्मेदारियां निभाने वाली महिलाएं परिवार की रीढ़ होती हैं। उन्होंने बताया कि इस विषय पर उनके पास पूरी स्क्रिप्ट तैयार है, लेकिन अभी तक इसे लेकर प्रोडक्शन स्तर पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका है।

    सेट पर मौजूद महिला प्रतिभागियों से बातचीत के दौरान उन्होंने उनके अनुभव सुने और महसूस किया कि उनकी वास्तविक जीवन की कहानियां उस फिल्म के विचार से काफी मेल खाती हैं, जिसे वह पर्दे पर उतारना चाहते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गृहणियों का योगदान अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है, जबकि उनका काम लगातार, जिम्मेदारी भरा और बेहद महत्वपूर्ण होता है।

    अक्षय कुमार का मानना है कि समाज में गृहणियों की भूमिका को सही पहचान मिलनी चाहिए और सिनेमा इस दिशा में एक प्रभावी माध्यम बन सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी फिल्म का उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन नहीं होगा, बल्कि यह उन महिलाओं के संघर्ष, समर्पण और ताकत को सामने लाने का प्रयास भी होगा, जो बिना किसी पहचान या सराहना के अपने परिवार के लिए दिन-रात काम करती हैं।

    फिलहाल इस प्रस्तावित फिल्म को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन इस विचार को व्यापक समर्थन मिल रहा है। दर्शक भी इस तरह की कहानी को बड़े पर्दे पर देखने के लिए उत्साहित नजर आ रहे हैं।

    टेलीविजन पर उनकी सक्रियता भी लगातार बढ़ रही है और वह अपने क्विज शो के जरिए दर्शकों से जुड़ाव बनाए हुए हैं। शो के नए सीजन को भी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है, जिससे यह स्पष्ट है कि वह छोटे पर्दे पर भी अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रहे हैं।

  • रियलिटी शो के सेट पर मेंटर्स के बीच विवाद से रुकी शूटिंग, बहस के बाद माहौल हुआ तनावपूर्ण..

    रियलिटी शो के सेट पर मेंटर्स के बीच विवाद से रुकी शूटिंग, बहस के बाद माहौल हुआ तनावपूर्ण..


    नई दिल्ली। फिटनेस और रणनीति आधारित रियलिटी शो बैटलग्राउंड सीजन 2 के सेट पर उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब मेंटर अभिषेक मल्हान और निक्की तंबोली के बीच तीखी बहस देखने को मिली। यह विवाद इतना बढ़ गया कि शूटिंग को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। सेट पर मौजूद टीम को स्थिति संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा, जिससे पूरे यूनिट में असहजता का माहौल बन गया।

    बताया जा रहा है कि निक्की तंबोली की नई मेंटर के रूप में एंट्री के बाद से ही उनके और अभिषेक मल्हान के बीच मतभेद सामने आने लगे थे। शुरुआत में यह मतभेद सामान्य चर्चा तक सीमित थे, लेकिन समय के साथ इनकी तीव्रता बढ़ती गई। शो के एक टास्क के दौरान दोनों के बीच फिर से बहस शुरू हुई, जो जल्द ही गंभीर विवाद में बदल गई।

    स्थिति तब और बिगड़ गई जब अभिषेक मल्हान ने कथित तौर पर शूटिंग बीच में छोड़कर सेट से बाहर जाने का फैसला किया। उनके इस कदम के बाद शूटिंग को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। प्रोडक्शन टीम और अन्य मेंटर्स ने माहौल को शांत करने और शूटिंग दोबारा शुरू कराने के लिए प्रयास किए। हालांकि, इस घटना के बाद सेट पर तनाव बना रहा।

    यह शो अपने अनोखे फॉर्मेट और प्रतिस्पर्धात्मक टास्क के कारण दर्शकों के बीच लोकप्रियता हासिल कर चुका है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों से आए मेंटर्स प्रतिभागियों को मार्गदर्शन देते हैं और उन्हें चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के लिए तैयार करते हैं। इस सीजन में कई चर्चित चेहरे भी मेंटर की भूमिका में नजर आ रहे हैं, जिससे शो की लोकप्रियता और बढ़ी है।

    घटना के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या इस विवाद का असर शो की आगे की शूटिंग और मेंटर्स के आपसी संबंधों पर पड़ेगा। फिलहाल, इस पूरे मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन दर्शकों के बीच इस घटनाक्रम को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।

  • Met Gala 2026: इस साल कब होगा दुनिया का सबसे बड़ा फैशन इवेंट

    Met Gala 2026: इस साल कब होगा दुनिया का सबसे बड़ा फैशन इवेंट


    नई दिल्ली । Met Gala दुनिया का सबसे मशहूर फैशन इवेंट माना जाता है, जिसे हर साल न्यूयॉर्क शहर में आयोजित किया जाता है। यह इवेंट को Metropolitan Museum of Art (The Met) के कॉस्ट्यूम इंस्टीट्यूट के लिए फंड जुटाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। फैशन की सबसे बड़ी शाम और सबसे बड़े फैशन शो मेट गाला में शिरकत करना हर सेलेब्रिटी के लिए एक उपलब्धि की बात होती है। प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) सहित कई बॉलीवुड सेलेब्स इसमें शामिल होते हैं। बीते साल 2025 में शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) और कियारा आडवाणी (Kiara Advani) ने भी मेट गाला में अपना डेब्यू किया।

    कब शुरू हुआ Met Gala
    Met Gala की शुरुआत साल 1948 में हुई थी, लेकिन समय के साथ यह एक ग्लोबल फैशन शो बन गया, जिसमें दुनिया भर की सेलिब्रिटीज, मॉडल्स, डिजाइनर्स और बिजनेस पर्सन शामिल होते हैं। इस इवेंट की खास बात इसका थीम होता है, जिसके अनुसार सभी सेलेब्रिटी अपने आउटफिट तैयार करते हैं। हर साल का थीम अलग होता है, जैसे कभी “Camp”, कभी “Heavenly Bodies” या किसी खास डिजाइनर को ट्रिब्यूट।

    Met Gala में क्या होता है
    इस इवेंट में रेड कार्पेट पर सेलेब्रिटी अपने सबसे यूनिक और एक्स्ट्रावैगेंट फैशन लुक्स दिखाते हैं। यह सिर्फ एक पार्टी नहीं बल्कि फैशन और आर्ट का एक बड़ा प्रदर्शन होता है। दुनिया भर के मीडिया की नजरें इस इवेंट पर टिकी रहती हैं।

    इस साल कब मनाया जायेगा
    साल की तरह इस बार भी मेट गाला अपने शानदार आयोजन के लिए तैयार है। 2026 मेट गाला सोमवार, 4 मई को आयोजित होने वाला है। (इस बीच, आप लाइव ब्लॉग पर मेट गाला के रेड कार्पेट के खास पलों को देख सकते हैं। इसके साथ ही इसकी थीम के बारे में बात करें तो , मेट गाला 2026 प्रदर्शनी का थीम आधिकारिक तौर पर घोषित हो जोकि ‘कॉस्ट्यूम आर्ट’ है। यह साहसिक प्रदर्शनी फैशन और ललित कला के बीच लंबे समय से चली आ रही पदानुक्रम को चुनौती देती है, जिसमें परिधानों को 5,000 वर्षों से अधिक पुराने चित्रों और मूर्तियों के साथ प्रदर्शित किया गया है।