Category: Entertainment

  • बंगाली फिल्म ‘केउ बोले बिप्लोबी केउ बोले डाकात’ का टीजर आउट क्रांति और अपराध की उलझी कहानी

    बंगाली फिल्म ‘केउ बोले बिप्लोबी केउ बोले डाकात’ का टीजर आउट क्रांति और अपराध की उलझी कहानी


    नई दिल्ली: बंगाली सिनेमा के दर्शकों के लिए एक नई और दिलचस्प पेशकश के रूप में फिल्म ‘केउ बोले बिप्लोबी केउ बोले डाकात’ का टीजर जारी कर दिया गया है। इस टीजर ने रिलीज होते ही दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है क्योंकि इसमें एक ऐसी कहानी की झलक दिखाई गई है जो समाज, अपराध और क्रांति के बीच की जटिल रेखा को दर्शाती है। फिल्म की कहानी 1960 के दशक के कोलकाता की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जो उस समय के सामाजिक और राजनीतिक परिवेश को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है।

    टीजर में अभिनेता जीत एक बिल्कुल नए और प्रभावशाली अवतार में नजर आ रहे हैं। उनका किरदार अनंत सिंह नाम के एक रहस्यमयी शख्स के इर्द गिर्द घूमता है, जिसे समाज का एक हिस्सा अपराधी मानता है जबकि कुछ लोग उसे गरीबों का मसीहा समझते हैं। यह द्वंद्व ही फिल्म की कहानी को और गहराई देता है और दर्शकों के मन में कई सवाल खड़े करता है।

    फिल्म में अनंत सिंह के अतीत और वर्तमान को भी समानांतर रूप से दिखाया गया है। कहानी के अनुसार वह कभी स्वतंत्रता सेनानी रहा था और मास्टरदा सूर्य सेन के नेतृत्व में भारत की आजादी की लड़ाई में सक्रिय रूप से शामिल था। लेकिन आजादी के बाद जब वह उन आदर्शों को टूटते हुए देखता है, जिनके लिए उसने अपना सब कुछ समर्पित किया था, तो उसके भीतर गहरा मोहभंग पैदा होता है। यही मोहभंग उसे एक अलग राह पर ले जाता है, जहां वह समाज के भ्रष्ट और प्रभावशाली लोगों के खिलाफ अपनी लड़ाई शुरू करता है।

    टीजर में दिखाया गया है कि कैसे अनंत सिंह समाज के उन लोगों को निशाना बनाता है जो कमजोर और वंचित वर्ग का शोषण करते हैं। उसके इन कदमों से शहर में एक ओर डर का माहौल बनता है तो दूसरी ओर लोगों के बीच जिज्ञासा भी बढ़ती है। इसी बीच इंस्पेक्टर दुर्गा रॉय की एंट्री होती है, जो अनंत सिंह की तलाश में एक सख्त अभियान शुरू करती हैं। उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि क्या अनंत सिंह वास्तव में एक अपराधी है या फिर वह एक क्रांतिकारी है जो व्यवस्था के खिलाफ लड़ रहा है।

    फिल्म का टीजर अपने विजुअल्स और कहानी के अंदाज से दर्शकों को 1960 के दशक के कोलकाता में ले जाता है, जहां सामाजिक असमानता, भ्रष्टाचार और सत्ता की खामियां साफ दिखाई देती हैं। कहानी का यह पहलू इसे सिर्फ एक थ्रिलर नहीं बल्कि एक विचारोत्तेजक फिल्म भी बनाता है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देती है।

    कुल मिलाकर ‘केउ बोले बिप्लोबी केउ बोले डाकात’ का टीजर एक मजबूत और गहन कहानी की झलक पेश करता है, जिसमें जीत का किरदार, रहस्यमयी कथानक और सामाजिक संदेश मिलकर इसे एक बहुप्रतीक्षित फिल्म बनाते हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म अपने पूरे स्वरूप में दर्शकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है

  • धुरंधर 2 रिव्यू: रणवीर सिंह का जलवा बरकरार, लेकिन पहले पार्ट की तरह धमाका नहीं

    धुरंधर 2 रिव्यू: रणवीर सिंह का जलवा बरकरार, लेकिन पहले पार्ट की तरह धमाका नहीं


    नई दिल्ली । रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर: द रिवेंज रिलीज हो चुकी है और पहले पार्ट की सफलता के बाद इस फिल्म को लेकर हाइप तो जबरदस्त था। दर्शकों ने एडवांस बुकिंग कर अपनी वफादारी दिखाई लेकिन कुछ शहरों में प्रीव्यू शोज़ कैंसल होने से निराशा भी हुई। जो लोग फिल्म देखने पहुंचे उनके लिए अनुभव मिला लेकिन पूरी तरह संतोषजनक नहीं।

    कहानी
    फिल्म की कहानी छह चैप्टर में बंटी है। शुरुआत में जसकीरत सिंह रांगी रणवीर सिंह और उसके परिवार की पृष्ठभूमि दिखाई जाती है। पिता भी फौजी थे और जसकीरत भी फौज में भर्ती होने वाला था लेकिन परिवार की रक्षा के लिए उसे बंदूक उठानी पड़ती है। अपनी खुद की जंग लड़ते हुए जसकीरत देश के लिए एजेंट बनता है और पाकिस्तान में हमजा अली मजारी के रूप में काम करता है।

    पहले पार्ट की कहानी रहमान डकैत अक्षय खन्ना की मौत पर खत्म हुई थी। इस पार्ट में जसकीरत हमजा उसका भाई उजैर दानिश पंडोर को सत्ता में बैठाकर अपने मिशन में आगे बढ़ता है। मेजर इकबाल अर्जुन रामपाल उसे उसके बड़े साहब से मिलवाते हैं जिससे कहानी आगे बढ़ती है।

    अभिनय

    रणवीर सिंह पूरे चार घंटे स्क्रीन पर छाए रहते हैं। उनके एक्शन इमोशन और गुस्से के सीन परफेक्ट हैं। अर्जुन रामपाल को अधिक स्क्रीन स्पेस मिला है लेकिन उनके किरदार में उतनी गहराई नहीं। संजय दत्त और सारा अर्जुन के सीन सीमित हैं जबकि माधवन और राकेश बेदी बीच-बीच में फिल्म में जान डालते हैं।

    निर्देशन

    आदित्य धर का रिसर्च और डिटेल्ड वर्क काबिल-ए-तारीफ है। उन्होंने नोटबंदी अतीक अहमद और दाऊद इब्राहिम का कनेक्शन कहानी में जोड़ा है। लेकिन पहले पार्ट के मुकाबले इस बार कहानी में सरप्राइज एलिमेंट कम हैं और कई सीन लंबी खींची गई लगती हैं। शुरुआत और क्लाइमैक्स दमदार हैं लेकिन बीच का हिस्सा थोड़ा धीमा और अनुमानित लगता है।

    संगीत
    संगीत इस बार पहले पार्ट जितना प्रभावशाली नहीं। एक-दो गाने छोड़कर बाकी यादगार नहीं हैं और रोमांटिक सॉन्ग थोड़े जबरन ठूंसे हुए लगते हैं।

    देखें या नहीं
    अगर आपने पहला पार्ट देखा है तो यह जरूर देखें। हाइप या सेलेब्स के रिव्यू से प्रभावित न हों। फिल्म ठीक-ठाक एंटरटेनमेंट देती है लेकिन पहले पार्ट जैसी रोमांचक सरप्राइज और दमदार कहानी की उम्मीदें कम रखें।

  • अमिताभ बच्चन के लिए गाने से मना कर दिया था किशोर कुमार ने, कहा क्या तुम मुझे तानसेन समझते हो?

    अमिताभ बच्चन के लिए गाने से मना कर दिया था किशोर कुमार ने, कहा क्या तुम मुझे तानसेन समझते हो?


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के अमिताभ बच्चन को लेकर कई किस्से मशहूर हैं लेकिन उनमें से एक बेहद मज़ेदार और कम जानी-पहचानी कहानी है। यह कहानी जुड़ी है उनकी फिल्म ‘नमक हलाल से जिसमें किशोर कुमार ने एक गाने के लिए शुरू में मना कर दिया था।

    कहानी यह है कि फिल्म के गाने कि पग घुंघरू बांध मीरा नाची थीं को कंपोज़ किया था बप्पी लहरी ने। बप्पी लहरी चाहते थे कि यह गाना उनके मामा किशोर कुमार गाएं। जब उन्होंने किशोर कुमार को यह गाना पहली बार सुनाया तो किशोर कुमार ने बेहद मज़ाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया दी यह गाना है या कहानी? मैं यह नहीं गाऊंगा। क्या तुम मुझे तानसेन समझते हो?”

    किशोर कुमार के अनुसार यह गाना इतना लंबा और जटिल था कि उन्होंने शुरू में इसे गाने से इंकार कर दिया। उनका कहना था कि लोग इतनी बड़ी-बड़ी रचनाएँ लेकर आते हैं और इसे गाना आसान नहीं है। लेकिन बप्पी लहरी की लगातार समझाइश और मनाने के बाद किशोर कुमार आखिरकार राज़ी हो गए और उन्होंने यह गाना गाया।

    फिल्म के निर्देशक थे प्रकाश मेहरा और इस फिल्म का बजट करीब 2 करोड़ 80 लाख रुपये था। बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने जबरदस्त सफलता हासिल की और कुल ग्रॉस कलेक्शन करीब 12 करोड़ 64 लाख रुपये रहा। इस गाने ने दर्शकों के बीच खासा लोकप्रियता हासिल की और किशोर कुमार की आवाज़ को अमिताभ बच्चन की अदाकारी के साथ जोड़कर यादगार बना दिया।

    यह किस्सा यह दिखाता है कि भले ही किशोर कुमार जैसी महान आवाज़ वाले कलाकार के लिए भी कभी-कभी किसी गाने की शुरुआत चुनौतीपूर्ण होती थी लेकिन आखिरकार उनकी प्रतिभा और समझाइश ने हर बाधा पार कर दी। गाने और कहानी के बीच का यह मज़ेदार संवाद आज भी बॉलीवुड प्रेमियों के बीच चर्चित है।

  • 2004 की सुपरहिट रोमांस मूवी, जिसे ऋतिक रोशन ने ठुकराया और लीड एक्टर बना नेशनल अवॉर्ड विजेता

    2004 की सुपरहिट रोमांस मूवी, जिसे ऋतिक रोशन ने ठुकराया और लीड एक्टर बना नेशनल अवॉर्ड विजेता


    नई दिल्ली। आज हम आपको साल 2004 में आई एक ऐसी रोमांटिक फिल्म के बारे में बता रहे हैं जिसे जोधा अकबर स्टार ऋतिक रोशन ने रिजेक्ट कर दिया था। उन्हें फिल्म पसंद भी आई थी, लेकिन इसके बावजूद भी उन्होंने फिल्म को मना कर दिया था। बाद में, इसी फिल्म के लिए सैफ अली खान को बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला। क्या आप पहचान पाए फिल्म का नाम? अगर नहीं, तो चलिए हम आपको बताते हैं। इस फिल्म का नाम है हम तुम।

    क्या आमिर ने भी रिजेक्ट की थी हम तुम?
    फिल्म को कुणाल कोहली ने डायरेक्ट किया था। हाल ही में कुणाल कोहली ने ही बताया कि इस फिल्म को ऋतिक रोशन ने रिजेक्ट कर दिया था। हम तुम को लेकर बात की जाती है कि सैफ अली खान के रोल को हां करने से पहले कई स्टार्स जिसमें आमिर खान का नाम भी शामिल है, ने फिल्म को रिजेक्ट कर दिया था। अब फिल्म के डायरेक्टर ने स्क्रीन के साथ खास बातचीत में बताया कि आमिर खान ने फिल्म की स्क्रिप्ट ही नहीं सुनी थी।

    पहले तलाक से गुजर रहे थे आमिर खान
    हम तुम के डायरेक्टर कुणाल कोहली ने कहा, “नहीं, दरअसल, आमिर ने फिल्म की स्क्रिप्ट ही नहीं सुनी थी। उस वक्त वो रीना दत्ता के साथ अपने पहले तलाक से गुजर रहे थे। तो वो अपने राइट फ्रेम ऑफ माइंड में नहीं थे। ऋतिक रोशन को स्क्रिप्ट बहुत पसंद आई थी। लेकिन वो इस रोल के लिए तैयार नहीं थे। क्योंकि उन्होंने कहा था- मुझे पता नहीं है कि ‘मैं प्रेम की दीवानी हूं’ (2003) में मेरा किरदार कैसा दिखेगा या स्वीकार किया जाएगा, जो कि हुआ भी नहीं।

    ऋतिक ने क्यों रिजेक्ट कर दी थी फिल्म?
    कुणाल ने आगे कहा कि उनकी अपनी फिल्म मुझसे दोस्ती करोगे (2002) उनके (ऋतिक) साथ काम नहीं की थी। लेकिन उन्होंने कुणाल से कहा था ये फिल्म असली सोना है। ऋतिक ने कहा था कि हम तुम करने का उनके अंदर अभी कॉन्फिडेंस नहीं है। तो उन्होंने फिल्म के लिए मना कर दिया था।

    सैफ अली खान ने जीता था नेशनल अवॉर्ड

    जब सैफ को इस फिल्म के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला था तब उनके साथ स्वदेस के लिए शाहरुख खान और ब्लैक के लिए अमिताभ बच्चन नॉमिनेट हुए थे। सैफ ने जब नेशनल अवॉर्ड जीता तो लोगों ने कहा कि सैफ से ज्यादा अमिताभ और शाहरुख ये अवॉर्ड डिजर्व करते हैं। लोगों का कहना था कि सैफ को ये अवॉर्ड इसलिए मिला क्योंकि उनकी मां शर्मिला टैगोर उस वक्त सीबीएफसी की चेयरपर्सन थीं। हालांकि, ये पुराने इंटरव्यू में सैफ ने कहा था- मेरी मां इसे मेरे लिए लेकर नहीं आई हैं। क्योंकि अगर मेरी मां मुझे ऐसे चीजें दे सकतीं तो वो इससे कहीं ज्यादा देतीं।

  • मिस इंडिया से आध्यात्मिक सफर तक: तनुश्री दत्ता के जीवन के अनसुने और चौंकाने वाले किस्से

    मिस इंडिया से आध्यात्मिक सफर तक: तनुश्री दत्ता के जीवन के अनसुने और चौंकाने वाले किस्से


    नई दिल्ली। जमशेदपुर की गलियों से निकलकर मिस इंडिया यूनिवर्स 2004 का खिताब जीतने वाली तनुश्री दत्ता का जीवन सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रहा बल्कि उनके जीवन में कई ऐसे पहलू हैं जो किसी रहस्यमयी कहानी से कम नहीं लगते 19 मार्च को जन्मीं तनुश्री ने बॉलीवुड में अपनी पहचान फिल्म Aashiq Banaya Aapne और Dhol जैसी फिल्मों से बनाई लेकिन उनके निजी अनुभव अक्सर ज्यादा चर्चा में रहे

    तनुश्री दत्ता ने एक पुराने इंटरव्यू में अपने बचपन से जुड़ा ऐसा दावा किया था जिसने हर किसी को चौंका दिया उन्होंने बताया कि उन्हें बहुत छोटी उम्र से ही परलौकिक शक्तियों का अहसास होने लगा था उनका कहना था कि जब वह महज चार साल की थीं तब उन्हें अलग-अलग तरह की ऊर्जा दिखाई देती थीं जो कभी बच्चों के रूप में तो कभी किसी और रूप में उनके सामने आती थीं

    उन्होंने दावा किया कि ये ऊर्जा उनसे बात करती थीं उनके साथ खेलती थीं और कभी-कभी उन्हें आने वाली घटनाओं के बारे में चेतावनी भी देती थीं एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि उन्हें छह महीने पहले ही आभास हो गया था कि उनके पड़ोस के एक घर में कुछ बुरा होने वाला है उस समय उन्होंने अपनी मां से भी कहा था कि उस जगह पर नहीं जाना चाहिए

    तनुश्री के मुताबिक छह महीने बाद उस घर में एक महिला की मौत हो गई जिससे उनका विश्वास और गहरा हो गया कि उन्हें मिलने वाले ये संकेत सामान्य नहीं थे उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल के दिनों में भी उन्हें ऐसी ऊर्जा बच्चों के रूप में दिखाई देती थीं और वे उनसे बातचीत करती थीं

    हालांकि इन दावों को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं लेकिन तनुश्री हमेशा अपनी आध्यात्मिक सोच और अनुभवों को लेकर खुलकर बात करती रही हैं अपने करियर के पीक पर उन्होंने अचानक फिल्मों से दूरी बनाकर आत्मचिंतन और साधना का रास्ता चुना

    उन्होंने लद्दाख के मठों में समय बिताया और बाद में अमेरिका में भी अपनी आध्यात्मिक यात्रा को जारी रखा उनके इस फैसले ने यह साफ कर दिया कि वह सिर्फ ग्लैमर की दुनिया तक सीमित नहीं रहना चाहती थीं बल्कि जीवन के गहरे पहलुओं को समझने की तलाश में थीं

    तनुश्री दत्ता का यह सफर उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाता है जहां एक ओर उन्होंने फिल्मों में बोल्ड इमेज से पहचान बनाई वहीं दूसरी ओर उनका आध्यात्मिक और रहस्यमयी पक्ष लोगों के लिए आज भी जिज्ञासा का विषय बना हुआ है

  • 'गाड़ी रोको, मैं यह फिल्म नहीं कर रहा!' जब ऋषि कपूर ने पहला सीन सुनते ही निर्देशक को बीच सड़क पर उतारा

    'गाड़ी रोको, मैं यह फिल्म नहीं कर रहा!' जब ऋषि कपूर ने पहला सीन सुनते ही निर्देशक को बीच सड़क पर उतारा


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के ‘चिंटू जी’ यानी ऋषि कपूर अपनी बेबाकी और बेहतरीन अदाकारी के लिए तो मशहूर थे ही, लेकिन फिल्म इंडस्ट्री में उनके अनुशासन और समय की पाबंदी के किस्से भी कम नहीं हैं। फिल्ममेकर डेविड धवन ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान ऋषि कपूर की वर्किंग स्टाइल से जुड़ा एक ऐसा वाकया साझा किया, जो आज के दौर के एक्टर्स के लिए हैरान करने वाला हो सकता है। ऋषि कपूर का एक अटूट नियम था-वे शाम 7 बजे के बाद काम नहीं करते थे और ‘नाइट शिफ्ट’ के नाम से ही चिढ़ जाते थे।

    डेविड धवन ने कपिल शर्मा के शो पर बताया कि एक बार एक निर्देशक ऋषि कपूर को अपनी फिल्म की स्क्रिप्ट सुनाने आए थे। ऋषि कपूर उस वक्त घर के लिए निकल रहे थे, तो उन्होंने निर्देशक से कहा कि वे रास्ते में गाड़ी में ही कहानी सुना दें। जैसे ही निर्देशक ने नरेशन शुरू किया और पहले ही सीन का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक नाइट सीन (रात का दृश्य) है, ऋषि कपूर ने तुरंत अपना आपा खो दिया। उन्होंने बीच रास्ते में ही ड्राइवर को चिल्लाकर कहा, गाड़ी रोको!

    ऋषि कपूर ने उस निर्देशक से दो टूक शब्दों में कह दिया, मैं उन फिल्मों में काम नहीं करता जिनमें रात की शूटिंग होती है। चाहे कुछ भी हो जाए, मेरा पैकअप 7 बजे हो जाता है। उस बेचारे निर्देशक का नरेशन पहले ही सीन पर खत्म हो गया और फिल्म वहीं रिजेक्ट हो गई। डेविड धवन के अनुसार, ऋषि कपूर को नाइट शूटिंग से सख्त नफरत थी और वे अपनी शर्तों पर ही काम करना पसंद करते थे।
    सिर्फ समय ही नहीं, ऋषि कपूर हर सीन के पीछे तर्क (Logic) भी तलाशते थे। डेविड धवन बताते हैं कि वे एक बेहद बुद्धिमान अभिनेता थे। अगर उन्हें कोई सीन समझ नहीं आता, तो वे डायरेक्टर से सवाल करते थे- मैं इसे इसी तरह क्यों करूँ? जब तक डायरेक्टर उन्हें संतुष्ट नहीं कर देता था, वे काम आगे नहीं बढ़ाते थे। ‘अमर अकबर एंथनी’ और ‘चांदनी’ जैसी कालजयी फिल्में देने वाले ऋषि कपूर का यही अनुशासन और स्पष्टवादिता उन्हें फिल्म जगत का एक ऐसा सितारा बनाती है, जिसकी कमी आज भी सिनेमा को खलती है।
  • छोटे रोल, बड़ा धमाका: 'धुरंधर' ने सिर्फ अक्षय खन्ना ही नहीं, इन 6 गुमनाम कलाकारों की भी बदल दी किस्मत; अब पार्ट-2 का है इंतज़ार

    छोटे रोल, बड़ा धमाका: 'धुरंधर' ने सिर्फ अक्षय खन्ना ही नहीं, इन 6 गुमनाम कलाकारों की भी बदल दी किस्मत; अब पार्ट-2 का है इंतज़ार


    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा प्रेमियों के लिए 18 मार्च की शाम बेहद खास होने वाली है, क्योंकि बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘धुरंधर 2’ सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस फिल्म के पहले भाग ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़े थे, बल्कि इसने कई ऐसे कलाकारों को पहचान दिलाई जो लंबे समय से बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। हालांकि ‘धुरंधर’ की सफलता का बड़ा श्रेय मुख्य भूमिका निभा रहे अक्षय खन्ना को जाता है, लेकिन इस फिल्म की असली ताकत इसके वे सहायक कलाकार भी रहे, जिन्होंने अपने छोटे मगर प्रभावशाली किरदारों से जान फूँक दी।

    इस सूची में सबसे पहला नाम बिमल ओबेरॉय का आता है, जिन्होंने फिल्म में बलूच यूनाइटेड फोर्स (BUF) के लीडर ‘शिरानी अहमद बलोच’ की भूमिका निभाई। सालों तक छोटे-मोटे किरदारों में नजर आने वाले बिमल के लिए यह फिल्म एक रिफ्रेशिंग इमेज लेकर आई, जिससे उनकी पहचान एक गंभीर अभिनेता के रूप में स्थापित हुई। वहीं, रजत अरोड़ा ने ‘मुक्का गुरसेवक सिंह’ के किरदार में सीमित समय के बावजूद अपनी बॉडी लैंग्वेज और एक्टिंग से सबका ध्यान खींचा। रजत, जो रणवीर सिंह को अपनी प्रेरणा मानते हैं, इस फिल्म की सफलता के बाद रातों-रात चर्चा का केंद्र बन गए।

    फिल्म में ‘डोंगा’ का किरदार निभाने वाले नवीन कौशिक की कहानी बेहद प्रेरणादायक है। ‘रॉकेट सिंह’ जैसी फिल्मों में काम करने के बावजूद उन्हें असली शोहरत ‘धुरंधर’ से मिली। नवीन ने खुद स्वीकार किया कि एक समय वह अपनी मेहनत पर संदेह करने लगे थे, लेकिन इस फिल्म की सफलता ने उनका आत्मविश्वास लौटा दिया। इसी तरह, दानिश पंडोर के लिए साल 2025 एक ‘टर्निंग ईयर’ साबित हुआ। ‘छावा’ में इखलास खान और ‘धुरंधर’ में ‘उजैर बलूच’ बनकर उन्होंने साबित कर दिया कि मॉडलिंग से एक्टिंग तक का उनका सफर अब एक सफल मुकाम पर है।

    एंटी-हीरो के रूप में मशहूर अमरोही ने ‘नवाब शफीक’ के किरदार को इतनी शिद्दत से निभाया कि वे दर्शकों की यादों में बस गए। उनकी सहज अदाकारी ने उन्हें भीड़ से अलग खड़ा कर दिया। अंत में, आसिफ अली हैदर खान ने ‘बाबू डकैत’ यानी रहमान के पिता के रूप में एक बड़े स्केल की बॉलीवुड एक्शन फिल्म में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। इन सभी कलाकारों के लिए ‘धुरंधर’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि उनके करियर की नई उड़ान का जरिया बनी है। अब देखना यह है कि इनमें से कौन-कौन से सितारे ‘धुरंधर 2’ में अपनी अदाकारी का जलवा बिखेरते नजर आएंगे।

  • चोली के पीछे सही तो सरके चुनर पर बवाल क्यों? नोरा फतेही के गाने पर मचे हंगामे के बीच डायरेक्टर की पत्नी ने दागे तीखे सवाल

    चोली के पीछे सही तो सरके चुनर पर बवाल क्यों? नोरा फतेही के गाने पर मचे हंगामे के बीच डायरेक्टर की पत्नी ने दागे तीखे सवाल


    नई दिल्ली। साउथ की बहुप्रतीक्षित फिल्म केडी द डेविल अपनी रिलीज से पहले ही एक बड़े विवाद के केंद्र में आ गई है। फिल्म के नए गाने सरके चुनर तेरी सरके में नोरा फतेही और संजय दत्त की केमिस्ट्री को जहां कुछ लोग पसंद कर रहे थे, वहीं इसके डबल मीनिंग द्विअर्थी शब्दों ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है। विवाद इतना बढ़ा कि म्यूजिक पार्टनर ‘आनंद ऑडियो’ को यूट्यूब से इस गाने के हिंदी वर्जन को हटाना पड़ा। अब इस पूरे मामले पर फिल्म के राइटर-डायरेक्टर प्रेम की पत्नी और मशहूर अभिनेत्री रक्षिता प्रेम ने खुलकर अपनी बात रखी है।

    रक्षिता ने इंस्टाग्राम स्टोरीज के जरिए उन आलोचकों को आड़े हाथों लिया जो इस गाने की वजह से फिल्म के डायरेक्टर और उनके पिछले काम पर सवाल उठा रहे हैं। रक्षिता ने सवाल किया कि जब भारतीय सिनेमा में चोली के पीछे क्या है, पीलिंग्स और ड्रीमम वेकअपम जैसे गाने आए थे, तब उन्हें सहजता से स्वीकार कर लिया गया था। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा, जब पूरी की पूरी फिल्मों में केवल सेक्शुअल इंटरकोर्स की बातें की जाती हैं, तब किसी को ऐतराज नहीं होता, तो फिर अब इस एक गाने पर इतना बवाल क्यों? हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इसे सही नहीं ठहरा रही हैं, बल्कि केवल जनता के दोहरे रवैये को समझने की कोशिश कर रही हैं।

    रक्षिता ने फिल्म मेकर्स के प्रति हो रहे अभद्र व्यवहार पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दर्शकों को सवाल पूछने का पूरा अधिकार है, लेकिन किसी फिल्म मेकर या लेखक को गाली देना गलत है। उन्होंने कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री (सैंडलवुड) की चुनौतियों का जिक्र करते हुए बताया कि आज के समय में किसी फिल्म को ओटीटी या बड़े चैनल्स पर बेचना एक डायरेक्टर के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। रक्षिता के अनुसार, केडी (KD) हमारे बच्चे की तरह है और हम अंत में वही करेंगे जो फिल्म के लिए सही होगा।

    गौरतलब है कि यह फिल्म 30 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। गाने की शुरुआती लाइनों और इसके फिल्मांकन को लेकर मचे इस हंगामे ने फिल्म के प्रमोशन को एक अलग ही दिशा दे दी है। जहां एक तरफ फिल्म की टीम सिर्फ प्यार और भरोसे की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ सेंसर बोर्ड और दर्शकों की पैनी नजर अब पूरी फिल्म पर टिकी हुई है।
  • सिनेमाघरों में 'धुरंधर 2' का तांडव: 153 करोड़ की ग्लोबल ओपनिंग पक्की, सेंसर बोर्ड की कैंची के बाद भी फैंस में जबरदस्त क्रेज

    सिनेमाघरों में 'धुरंधर 2' का तांडव: 153 करोड़ की ग्लोबल ओपनिंग पक्की, सेंसर बोर्ड की कैंची के बाद भी फैंस में जबरदस्त क्रेज

    नई दिल्ली।  भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जिनका इंतजार दर्शक सांसें थामकर करते हैं, और रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ (धुरंधर द रिवेंज) बिल्कुल वैसी ही फिल्म साबित हो रही है। आज यानी 18 मार्च की शाम से यह फिल्म सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है, लेकिन पर्दे पर उतरने से पहले ही इस स्पाई-थ्रिलर ने कमाई के जो आंकड़े पेश किए हैं, उसने ट्रेड एनालिस्ट्स के होश उड़ा दिए हैं। आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस फिल्म का जादू दर्शकों के सिर चढ़कर बोल रहा है। फिल्म की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह 3 घंटे 49 मिनट की एक लंबी और गहन सिनेमाई यात्रा है। फिल्म में दिखाए गए जबरदस्त एक्शन और बोल्ड भाषा को देखते हुए CBFC ने इसे ‘A’ सर्टिफिकेट दिया है, जिसका सीधा अर्थ है कि यह फिल्म केवल वयस्क दर्शकों के लिए है, फिर भी इसकी मांग में कोई कमी नहीं देखी जा रही है।

    कमाई के आंकड़ों पर नजर डालें तो ‘धुरंधर 2’ ने एडवांस बुकिंग के मामले में पुराने सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। केवल 18 मार्च के शोज के लिए फिल्म ने “44.25 करोड़” रुपये की भारी-भरकम राशि बटोर ली है। वहीं, 19 मार्च के लिए 7 लाख से ज्यादा टिकटें बिक चुकी हैं, जिससे “33.60 करोड़” का कलेक्शन पहले ही पक्का हो गया है। भारत के साथ-साथ विदेशों में भी रणवीर सिंह का जादू चल रहा है, जहाँ वीकेंड की एडवांस बुकिंग से फिल्म ने “75 करोड़” रुपये का कलेक्शन कर लिया है। यदि इन सभी आंकड़ों को जोड़ दिया जाए, तो फिल्म रिलीज से पहले ही वैश्विक स्तर पर “153 करोड़” रुपये से ज्यादा का कारोबार कर चुकी है।

    भारत के भीतर पांच राज्यों ने इस फिल्म को ऐतिहासिक समर्थन दिया है। महाराष्ट्र 9.47 करोड़” के साथ शीर्ष पर है, जबकि कर्नाटक, दिल्ली, गुजरात और उत्तर प्रदेश से भी करोड़ों की एडवांस बुकिंग हुई है। रणवीर सिंह ने खुद इस फिल्म को लेकर बड़ा बयान दिया है कि अब इंडियन सिनेमा का मुस्तकबिल धुरंधर द रिवेंज तय करेगा। हालांकि, फिल्म को सेंसर बोर्ड की कड़ी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ा है। बोर्ड ने फिल्म के कई हिंसक दृश्यों, जैसे सिर काटना और आंख कुचलने जैसे शॉट्स पर कैंची चलाई है और कई अपशब्दों को म्यूट भी किया है, ताकि फिल्म अपनी मर्यादा बनाए रखे।

    ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि फिल्म को सकारात्मक वर्ड-ऑफ-माउथ मिलता है, तो यह अपने पहले दिन 200 करोड़” का ग्रॉस कलेक्शन कर सकती है। अगर ऐसा हुआ, तो यह बॉलीवुड की पहली फिल्म होगी जो ओपनिंग डे पर इस जादुई आंकड़े को छुएगी। वीकेंड तक फिल्म का भारतीय कलेक्शन 300 करोड़” और ग्लोबल कलेक्शन 500 करोड़ के पार जाने की प्रबल संभावना है। संगीत की बात करें तो इसके दो गानों का कनेक्शन पाकिस्तान से बताया जा रहा है, जो पहले ही यूट्यूब पर ट्रेंड कर रहे हैं। सारा अर्जुन ने भी दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि असली धुरंधर तो हमारी जनता ही है। अब देखना यह है कि शाम को जब पर्दे पर रणवीर सिंह का एक्शन शुरू होगा, तो बॉक्स ऑफिस के कितने और रिकॉर्ड टूटेंगे।

  • टीवी के फेवरेट कपल Divyanka Tripathi-Vivek Dahiya के घर आएगी खुशखबरी, 10 साल बाद गूंजेंगी किलकारियां

    टीवी के फेवरेट कपल Divyanka Tripathi-Vivek Dahiya के घर आएगी खुशखबरी, 10 साल बाद गूंजेंगी किलकारियां


    नई दिल्ली: टीवी इंडस्ट्री के सबसे लोकप्रिय और चहेते कपल्स में गिने जाने वाले Divyanka Tripathi और Vivek Dahiya को लेकर इन दिनों एक बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। खबरों की मानें तो शादी के लगभग 10 साल बाद यह कपल अपने पहले बच्चे का स्वागत करने जा रहा है। हालांकि अभी तक दोनों में से किसी ने भी इस खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन इस खबर ने फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा कर दिया है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, कपल के करीबी सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि दिव्यांका और विवेक जल्द ही माता-पिता बनने वाले हैं और उनके परिवारों ने इस खास मौके की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। बताया जा रहा है कि आने वाले समय में एक प्राइवेट बेबी शॉवर सेरेमनी भी आयोजित की जा सकती है, जिसमें केवल परिवार के सदस्य और करीबी दोस्त ही शामिल होंगे।

    इस खबर के सामने आते ही सोशल मीडिया पर फैंस ने खुशी जाहिर करनी शुरू कर दी है। हर कोई बस उस पल का इंतजार कर रहा है जब यह प्यारा कपल खुद इस खुशखबरी को अपने अंदाज में साझा करेगा।

    हाल ही में Divyanka Tripathi ने होली के मौके पर सोशल मीडिया पर कुछ खूबसूरत तस्वीरें साझा की थीं। इन तस्वीरों के साथ उन्होंने एक भावुक कैप्शन भी लिखा, जिसमें उन्होंने अपने बचपन की होली की यादों को ताजा किया। उन्होंने लिखा कि हर होली अपने साथ बीते दिनों की यादों का सैलाब लेकर आती है और उन्हें अपने पुराने दोस्तों के साथ बिताए गए वे पागलपन भरे पल आज भी याद आते हैं।

    दिव्यांका की प्रोफेशनल लाइफ की बात करें तो उन्होंने टीवी इंडस्ट्री में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है। उन्हें सबसे ज्यादा लोकप्रियता Banoo Main Teri Dulhann में निभाए गए विद्या और दिव्या के डबल रोल से मिली। इसके बाद Yeh Hai Mohabbatein में डॉ. इशिता भल्ला के किरदार ने उन्हें हर घर का पसंदीदा चेहरा बना दिया।

    वहीं Vivek Dahiya भी टीवी इंडस्ट्री का जाना-पहचाना नाम हैं और दोनों की जोड़ी को फैंस ने हमेशा खूब प्यार दिया है। दोनों की केमिस्ट्री रियलिटी शो Nach Baliye 8 में भी देखने को मिली, जहां इस कपल ने शानदार परफॉर्मेंस देते हुए ट्रॉफी अपने नाम की थी।

    दिव्यांका और विवेक की लव स्टोरी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। दोनों की मुलाकात Yeh Hai Mohabbatein के सेट पर हुई थी, जहां से उनकी दोस्ती प्यार में बदली। 16 जनवरी 2016 को दोनों ने सगाई की और उसी साल 8 जुलाई को शादी के बंधन में बंध गए।

    आज यह जोड़ी टीवी की दुनिया की सबसे क्यूट और प्रेरणादायक जोड़ियों में से एक मानी जाती है। अगर यह खबर सच साबित होती है, तो यह उनके जीवन का एक नया और बेहद खूबसूरत अध्याय होगा।  इस खबर की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन इतना तय है कि इस कपल के घर आने वाली खुशियां उनके चाहने वालों के लिए भी किसी जश्न से कम नहीं होंगी।