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  • भ्रामक विज्ञापन मामले में सलमान खान को बड़ी राहत… इस आयोग ने गैर-जमानती वारंट पर लगाई रोक

    भ्रामक विज्ञापन मामले में सलमान खान को बड़ी राहत… इस आयोग ने गैर-जमानती वारंट पर लगाई रोक


    जयपुर।
    राजस्थान उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (Rajasthan Consumer Disputes Redressal Commission) ने अभिनेता सलमान खान (Actor Salman Khan.) को एक बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट (Non-bailable warrant) पर रोक लगा दी है। यह मामला एक पान मसाला कंपनी के भ्रामक विज्ञापन (Misleading Advertisement) से जुड़ा है। राज्य आयोग ने सलमान खान और कंपनी की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। राजस्थान उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने शुक्रवार को एक पान मसाला कंपनी और सलमान खान की ओर से दायर पुनरीक्षण याचिकाओं पर सुनवाई की।


    क्या दलील?

    सलमान खान के वकील ने सुनवाई के दौरान राज्य आयोग को बताया कि जिला उपभोक्ता आयोग ने बिना समन जारी किए ही जमानती वारंट जारी किया था। अब गैर-जमानती वारंट जारी करने की प्रक्रिया में है। यही नहीं जमानती वारंट रद्द करने का अनुरोध की एक अर्जी भी जिला उपभोक्ता आयोग जयपुर-द्वितीय के समक्ष लंबित है।


    आयोग ने दी राहत

    इसे ध्यान में रखते हुए राज्य आयोग ने जमानती वारंट तामील होने तक गैर-जमानती वारंट जारी करने से रोक दिया। यही नहीं जिला आयोग को लंबित अर्जी पर जल्द से जल्द सुनवाई करने का भी निर्देश दिया। बता दें कि जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग जयपुर-द्वितीय ने अभिनेता के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था और उन्हें छह फरवरी को पेश होने का निर्देश दिया था।


    क्या है मामला?

    यह आदेश शिकायतकर्ता योगेंद्र सिंह द्वारा दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया गया था। शिकायतकर्ता ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि आयोग की ओर से छह जनवरी को अंतरिम रोक के बावजूद एक पान मसाला कंपनी के विज्ञापन अब भी दिखाए जा रहे हैं। दलील दी गई कि यह तो आयोग के आदेश की अवमानना है।


    क्या आरोप?

    मूल शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पान मसाला कंपनी और उसके ब्रांड एंबेसडर अभिनेता सलमान खान भ्रामक विज्ञापन कर रहे हैं। इस शिकायत पर आयोग ने 6 जनवरी को उत्पाद के प्रचार और विज्ञापन पर अंतरिम रोक लगा दी थी। शिकायतकर्ता ने बाद में अवमानना याचिका दायर की। फिर दावा किया कि रोक के बावजूद 9 जनवरी को कोटा में नयापुरा स्टेडियम के पास उक्त विज्ञापन वाला एक साइन बोर्ड लगाया गया।

  • एआर रहमान को 'एंटी-नेशनल' बताने पर भड़के प्रकाश राज, कंगना की 'इमरजेंसी' को बताया प्रोपेगेंडा

    एआर रहमान को 'एंटी-नेशनल' बताने पर भड़के प्रकाश राज, कंगना की 'इमरजेंसी' को बताया प्रोपेगेंडा


    नई दिल्ली । भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के दो दिग्गज कलाकार कंगना रनौत और प्रकाश राज एक बार फिर आमने-सामने हैं। विवाद की शुरुआत तब हुई जब दिग्गज संगीतकार एआर रहमान ने एक इंटरव्यू में अपनी फिल्म ‘छावा’ और इंडस्ट्री में मिल रहे काम को लेकर कुछ बेबाक टिप्पणियां की थीं। रहमान के इसी बयान पर पलटवार करते हुए कंगना रनौत ने उन्हें ‘एंटी-नेशनल’ करार दिया था जिस पर अब प्रकाश राज ने बेहद तल्ख टिप्पणी की है।

    प्रकाश राज का कड़ा प्रहार प्रकाश राज ने एआर रहमान का बचाव करते हुए कहा कि रहमान जैसे कलाकार जिन्होंने ‘मां तुझे सलाम’ और ‘जय हो’ जैसे गीतों से देश का मान बढ़ाया और दो ऑस्कर जीते वह काम के लिए भीख नहीं मांग रहे हैं। उन्होंने जो कहा वह सच है। कंगना पर निशाना साधते हुए प्रकाश राज ने कहा कि इस मुद्दे पर लोगों का भौंकना शुरू हो गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक महिला निर्देशक और अभिनेत्री महज इसलिए किसी को ‘एंटी-नेशनल’ कह रही हैं क्योंकि उस संगीतकार ने उनके साथ काम करने से मना कर दिया। प्रकाश राज यहीं नहीं रुके उन्होंने कंगना की फिल्म ‘इमरजेंसी’ को एक प्रोपेगेंडा मूवी करार दिया।

    कंगना और रहमान के बीच क्या था विवाद? दरअसल एआर रहमान ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें उनके धर्म की वजह से इंडस्ट्री में भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें पर्याप्त काम नहीं मिल रहा है। इस पर कंगना ने सोशल मीडिया पर भड़ास निकालते हुए लिखा था कि वह रहमान को अपनी फिल्म ‘इमरजेंसी’ की कहानी सुनाना चाहती थीं लेकिन रहमान उनसे मिले तक नहीं। कंगना ने आरोप लगाया कि रहमान ने उनकी फिल्म को ‘प्रोपेगेंडा’ कहकर ठुकरा दिया था। कंगना ने लिखा कि रहमान जी मैंने आपसे ज्यादा नफरत से भरा इंसान आज तक नहीं देखा।

    सियासी रंग लेता विवाद प्रकाश राज ने कंगना के दावों को खारिज करते हुए कहा कि रहमान का अपना एक कद है और किसी फिल्म का हिस्सा न बनने का मतलब यह नहीं है कि कोई देशद्रोही हो गया। प्रकाश राज के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। एक तरफ कंगना के समर्थक उन्हें राष्ट्रवादी बता रहे हैं तो दूसरी तरफ प्रकाश राज के समर्थक इसे अभिव्यक्ति की आजादी और कलाकार के सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल इस मुद्दे पर न तो एआर रहमान की कोई नई प्रतिक्रिया आई है और न ही कंगना ने प्रकाश राज के ‘भौंकने’ वाले बयान पर कोई जवाब दिया है।

  • 'धुरंधर' देख छलक उठा सुनील शेट्टी का दर्द: आदित्य धर की इस महाफिल्म के बंद होने का आज भी है मलाल

    'धुरंधर' देख छलक उठा सुनील शेट्टी का दर्द: आदित्य धर की इस महाफिल्म के बंद होने का आज भी है मलाल


    नई दिल्ली । इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर निर्देशक आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर’ का जबरदस्त डंका बज रहा है। फिल्म की अपार सफलता के बाद अब इसके दूसरे भाग ‘धुरंधर 2’ का टीजर भी रिलीज हो चुका है जिसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। इसी बीच बॉलीवुड के ‘अन्ना’ यानी सुनील शेट्टी ने आदित्य धर के साथ काम न कर पाने को लेकर अपनी निराशा जाहिर की है। सुनील शेट्टी ने खुलासा किया कि वह आदित्य धर की उस फिल्म का अहम हिस्सा थे जिसका इंतजार पूरी दुनिया को था लेकिन अफसोस कि वह फिल्म कभी बड़े पर्दे तक नहीं पहुंच पाई।

    हाथ से निकली ‘द इम्मोर्टल अश्वत्थामा’ हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में सुनील शेट्टी ने बताया कि वह आदित्य धर की मेगा-बजट फिल्म ‘द इम्मोर्टल अश्वत्थामा’ में काम करने वाले थे। इस फिल्म में उनके साथ विक्की कौशल लीड रोल में थे। सुनील ने भारी मन से खुलासा किया कि बजट की सीमाओं और मार्केट बिहेवियर में आए बदलाव के कारण आदित्य धर को इस प्रोजेक्ट को बंद करने का कठिन फैसला लेना पड़ा। सुनील शेट्टी ने कहा कि ‘धुरंधर’ देखने के बाद मुझे महसूस हुआ कि आदित्य एक शानदार विजन वाले निर्देशक हैं और मुझे उनके साथ काम न कर पाने का अफसोस है।

    रणवीर सिंह को बताया सबसे बड़ा परफॉर्मर फिल्म ‘धुरंधर’ के कलाकारों की तारीफ करते हुए सुनील शेट्टी ने बेहद बेबाक राय रखी। जहाँ पूरी दुनिया अक्षय खन्ना के अभिनय की मुरीद है वहीं सुनील शेट्टी का मानना है कि रणवीर सिंह और आदित्य धर ने उनसे भी बेहतर काम किया है। उन्होंने तर्क दिया कि अक्षय खन्ना के किरदार को बैकग्राउंड म्यूजिक और शानदार प्रेजेंटेशन की वजह से काफी माइलेज मिला लेकिन रणवीर सिंह के पास ऐसा कोई सहारा नहीं था फिर भी वह पर्दे पर अपनी चमक छोड़ने में कामयाब रहे। सुनील के मुताबिक रणवीर एक जन्मजात परफॉर्मर हैं।

    आदित्य धर के विजन के कायल हुए ‘अन्ना’ फिल्म मेकिंग की बारीकियों पर चर्चा करते हुए सुनील ने कहा कि आदित्य धर ने दर्शकों की नब्ज को बखूबी पहचाना है। आज के दौर में जहाँ लोगों का अटेंशन स्पैन कम होता जा रहा है वहाँ आदित्य ने 3 घंटे 40 मिनट की लंबी फिल्म बनाने का जोखिम उठाया और सफल रहे। सुनील शेट्टी ने कहा कि आदित्य जानते थे कि कोरोना काल के बाद लोग लंबी वेब सीरीज देखने के आदी हो चुके हैं और इसी आदत को उन्होंने सिनेमाई अनुभव में तब्दील कर दिया। उनका यह आत्मविश्वास ही उन्हें एक महान निर्देशक बनाता है।

  • यूट्यूबर और बिग बॉस OTT 2 के विजेता एल्विश यादव की हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया।

    यूट्यूबर और बिग बॉस OTT 2 के विजेता एल्विश यादव की हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया।


    नई दिल्ली । यूट्यूबर और बिग बॉस OTT 2 के विजेता एल्विश यादव की हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। पोस्ट में ऐसा लग रहा था कि उन्होंने जिया शंकर से सगाई कर ली है, लेकिन अब फैंस ने इसका सच सामने ला दिया है।

    दरअसल, गुरुवार को एल्विश यादव ने जिया शंकर के साथ एक तस्वीर शेयर की, जिसमें दोनों एक-दूसरे का हाथ पकड़े हुए हैं और जिया की उंगली में बड़ी हीरे की अंगूठी दिखाई दे रही है। एल्विश ने इसे रोमांटिक कैप्शन के साथ पोस्ट किया और जिया को टैग किया। यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई।

    हालांकि, Reddit और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर फैंस ने स्पष्ट किया कि एल्विश और जिया की सगाई की यह अफवाह सही नहीं है। यह तस्वीर उनके नए रियलिटी शो “Engaged Season 2” के प्रमोशन का हिस्सा है, जिसे JioHotstar पर स्ट्रीम किया जाएगा। दोनों केवल अच्छे दोस्त हैं और तस्वीर केवल शो के प्रचार के लिए ली गई थी।

    Engaged: Roka Ya Dhokha
    यह डेटिंग रियलिटी शो है, जिसमें कंटेस्टेंट्स को विभिन्न रोमांचक और फ्लर्टी टास्क दिए जाते हैं, ताकि उनके रिश्तों की सच्चाई सामने आ सके। पहले सीजन को उर्फी जावेद और हर्ष गुजराल ने होस्ट किया था। अब दूसरा सीजन 14 फरवरी 2026 को रिलीज़ होगा।

    एल्विश और जिया की मुलाकात:
    दोनों की पहली मुलाकात बिग बॉस OTT 2 के सेट पर हुई थी। एल्विश वाइल्डकार्ड के रूप में शो में शामिल हुए थे, जबकि जिया शुरुआत में मौजूद थीं। शो के दौरान उनके बीच हुई विवादास्पद टास्क की घटना भी काफी चर्चा में रही।

    सगाई की अफवाहों का अंत:
    हाल ही में जिया के अभिषेक मल्हान से सगाई की अफवाहें भी सामने आई थीं, लेकिन उन्होंने इसे खारिज किया था। एल्विश और जिया की वायरल पोस्ट केवल टीवी शो और पब्लिसिटी का हिस्सा है।
    इस समय एल्विश यादव लाफ्टर शेफ्स सीजन 3 में भी नजर आ रहे हैं, जिसे भारती सिंह और शेफ हरपाल सिंह सोखी होस्ट कर रहे हैं। इस शो में कई जाने-माने कलाकार भी शामिल हैं।

  • गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा बालाजी मोशन पिक्चर्स के साथ करेंगी बॉलीवुड डेब्यू

    गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा बालाजी मोशन पिक्चर्स के साथ करेंगी बॉलीवुड डेब्यू

    गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा अपने बेबाक अंदाज और हाजिरजवाबी के लिए अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। अब वह आधिकारिक तौर पर अभिनय की दुनिया में कदम रखने जा रही हैं। लंबे समय तक परिवार और निजी जीवन को प्राथमिकता देने के बाद सुनीता ने एकता कपूर के प्रोडक्शन हाउस बालाजी मोशन पिक्चर्स के साथ अपनी पहली हिंदी फिल्म साइन कर ली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक वह इस फिल्म में एक अहम भूमिका निभाती नजर आएंगी।

    सूत्रों के अनुसार, 58 वर्षीय सुनीता इस अनटाइटल्ड फिल्म की करीब 20 दिनों तक शूटिंग करेंगी। हालांकि वह पहले भी टीवी शोज़, इवेंट्स और इंटरव्यू में दिखाई देती रही हैं, लेकिन यह प्रोजेक्ट उनके करियर की आधिकारिक बॉलीवुड शुरुआत माना जा रहा है। खास बात यह है कि सुनीता ने अब तक ग्लैमर इंडस्ट्री की चकाचौंध से दूरी बनाए रखी थी और कभी भी अपने पति की लोकप्रियता का सहारा लेकर फिल्मी करियर शुरू करने की कोशिश नहीं की।

    पिछले कुछ समय से सुनीता सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी मौजूदगी से नई पहचान बना चुकी हैं। उनके पॉडकास्ट इंटरव्यू, सार्वजनिक कार्यक्रमों में बेबाक बयान और यूट्यूब चैनल ने उन्हें दर्शकों के बीच अलग पहचान दिलाई है। माना जा रहा है कि उनकी इसी लोकप्रियता को देखते हुए एकता कपूर ने उन्हें अपनी फिल्म का हिस्सा बनाया।

    वहीं हाल ही में गोविंदा भी अपनी शादीशुदा जिंदगी को लेकर फैली अफवाहों को लेकर चर्चा में रहे। उन्होंने इन खबरों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें एक साजिश बताया और कहा कि उनकी चुप्पी को गलत तरीके से लिया जा रहा था। अब सुनीता की फिल्मी पारी की शुरुआत के साथ यह स्टार कपल एक बार फिर सकारात्मक वजहों से खबरों में है।

  • दिशा पाटनी के साथ रिश्ते की खबर पर तलविंदर ने चुप्पी तोड़ी

    दिशा पाटनी के साथ रिश्ते की खबर पर तलविंदर ने चुप्पी तोड़ी

    बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी अक्सर अपनी फिल्मों से ज्यादा निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में रहती हैं। टाइगर श्रॉफ के साथ उनके रिश्ते ने एक समय खूब सुर्खियां बटोरी थीं, लेकिन बाद में दोनों अलग हो गए। अब हाल के दिनों में दिशा का नाम पंजाबी गायक तलविंदर के साथ जोड़ा जा रहा है। दोनों के डेटिंग की खबरें सोशल मीडिया से लेकर एंटरटेनमेंट गलियारों तक छाई हुई हैं। इस बीच तलविंदर ने पहली बार इन चर्चाओं पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है।

    एक इंटरव्यू के दौरान तलविंदर ने दिशा के साथ अपने रिश्ते की अफवाहों पर बात करते हुए कहा कि (नुपुर सेनन और स्टेबिन बेन) से शादी पहले उनकी आपसी जान-पहचान बढ़ी थी, लेकिन अचानक सामने आई इन खबरों ने उन्हें भी हैरान कर दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे किसी भी तरह के दबाव या अफवाहों के आगे झुकना नहीं चाहते और फिलहाल एक-दूसरे को समझने की कोशिश कर रहे हैं। गायक ने आगे जोड़ा, अगर लोग अफवाह फैलाना चाहते हैं, तो मैं इसे अफवाह ही रहने दूंगा।

    प्यार और रिश्तों पर अपने विचार शेयर करते हुए तलविंदर ने कहा, मैं हर दिन प्यार में पड़ जाता हूं, मैं अभी भी प्यार में पड़ रहा हूं। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान ने फैंस की दिलचस्पी और बढ़ा दी है।

    गौरतलब है कि उदयपुर में नुपुर सैनन और स्टेबिन बेन की शादी के दौरान दिशा और तलविंदर को पहली बार साथ देखा गया था, जिसके बाद से दोनों के रिश्ते को लेकर कयासों का दौर जारी है।

  • ओटीटी फिल्म ''घूसखोर पंडत'' विवादों में घिरी, एनएचआरसी का आइबी मिनिस्ट्री को नोटिस

    ओटीटी फिल्म ''घूसखोर पंडत'' विवादों में घिरी, एनएचआरसी का आइबी मिनिस्ट्री को नोटिस


    नई दिल्ली। ओटीटी प्लेटफार्म पर रिलीज होने वाली आगामी फिल्म ”घूसखोर पंडत” के नाम को लेकर मिली शिकायत के मद्देनजर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग एनएचआरसी ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को नोटिस जारी किया है।नेटफ्लिक्स की क्राइम थ्रिलर घूसखोर पंडत की कहानी एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी के इर्द-गिर्द घूमती है। जेम्स ऑफ बॉलीवुड के संस्थापक संजीव नेवार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि फिल्म में जातिवादी और भेदभावपूर्ण सामग्री है।
    नेटफ्लिक्स की ओर से इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।तीन फरवरी को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में दायर शिकायत के अनुसार, यह नाम सीधे तौर पर एक विशेष जाति को भ्रष्टाचार और अनैतिक व्यवहार से जोड़ता है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि फिल्म का शीर्षक जातिगत तनावों के प्रति पहले से ही संवेदनशील समाज में सामाजिक शत्रुता को बढ़ावा दे सकता है।
    फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का टीजर देख भड़के उज्जैन के ब्राह्मण
    इंटरनेट माध्यम पर अभिनेता मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का टीजर जारी होने के बाद उज्जैन के ब्राह्मण आग बबूला हो गए हैं। ब्राह्मणों ने फिल्म के टाइटल का जमकर विरोध किया है। उनका कहना है कि देश में ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य को अपमानित करने का प्रचलन बढ़ रहा है। अगर शीर्षक नहीं बदला गया तो, फिल्म बनाने वालों के मुंह पर कालिख पोतेंगे।

    उज्जैन के तीर्थ पुरोहित पं. अमर डब्बावाला ने भी फिल्म का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि फिल्म के माध्यम से पंडितों को अपमानित करने का प्रयास किया जा रहा है। सेंसर बोर्ड को समाज में वैमनस्यता पैदा करने वाली फिल्मों पर रोक लगाना चाहिए।फिल्म घूसखोर पंडत प्रसारित होने से पहले ही विवादों में घिर गई है। जयपुर और दिल्ली के बाद अब उज्जैन में भी इसके शीर्षक को लेकर विवाद छिड़ गया है।

    फिल्म के नाम में ही पुजारी, पुरोहित व ब्राह्मणों का अपमान है

    अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज के संस्थापक पं. महेश पुजारी ने फिल्म के शीर्षक को ब्राह्मणों का अपमान बताया है। उन्होंने कहा कि देश में सवर्ण समाज को अपमानित किया जा रहा है। इस फिल्म के नाम में ही पुजारी, पुरोहित व ब्राह्मणों का अपमान है। हम इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। फिल्म के निर्माता अगर हमारे सामने आएंगे तो मुंह पर कालिख पोती जाएगी।
  • कवि प्रदीप : शब्दों से राष्ट्रभावना जगाने वाले अमर गीतकार (शरद जोशी, रतलाम)

    कवि प्रदीप : शब्दों से राष्ट्रभावना जगाने वाले अमर गीतकार (शरद जोशी, रतलाम)


    नई दिल्ली । भारतीय फिल्म संगीत और हिंदी काव्य जगत में कवि प्रदीप का नाम अत्यंत श्रद्धा, सम्मान और गौरव के साथ लिया जाता है। वे उन विरले रचनाकारों में से थे, जिनके शब्द केवल गीत नहीं बने, बल्कि राष्ट्र की आत्मा की आवाज़ बने।

    6 फ़रवरी 1915 को मध्यप्रदेश के उज्जैन ज़िले के बड़नगर में जन्मे कवि प्रदीप का वास्तविक नाम रामचंद्र नारायण द्विवेदी था। बचपन से ही उनमें काव्य प्रतिभा के स्पष्ट संकेत दिखाई देने लगे थे। उनकी साहित्यिक क्षमता से प्रभावित होकर महान कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला ने उन्हें प्रदीप उपनाम दिया-जो आगे चलकर उनकी स्थायी पहचान बना।

    कवि प्रदीप के जीवन का एक महत्वपूर्ण और अपेक्षाकृत कम चर्चित पक्ष रतलाम से जुड़ा है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा रतलाम में उनके ननिहाल में हुई। यहाँ वे अपने नाना कामदार रामलाल जी जोशी के सान्निध्य में रहे, प्रदीप जी रिश्ते में लेखक के ताऊ थे।
    रतलाम की सामाजिक-सांस्कृतिक चेतना ने उनके विचारों को गहराई प्रदान की।

    बड़नगर के विद्यालय में अध्ययन के दौरान वे उस समय के मेधावी विद्यार्थियों में गिने जाते थे। उल्लेखनीय है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी उसी विद्यालय में उनके सहपाठी रहे-जो इस शैक्षणिक परिवेश की ऐतिहासिक महत्ता को दर्शाता है।

    कवि प्रदीप ने हिंदी सिनेमा को केवल गीत नहीं दिए, बल्कि जनभावनाओं को स्वर दिया। उन्होंने लगभग 85 से अधिक फिल्मों के लिए 1800 से ज्यादा गीत लिखे और कई गीत स्वयं भी गाए। उनकी रचनाएँ मनोरंजन से आगे बढ़कर समाज, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति चेतना जगाने का कार्य करती रहीं।

    जागृति’ नास्तिक किस्मत जय संतोषी’ माँ हरिश्चंद्र तारामती पैगाम संबंध जैसी फिल्मों में उनके गीतों ने भक्ति, नैतिकता और सामाजिक जागरण को नई ऊँचाइयाँ दीं। स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में लिखे गए
    चल चल रे नौजवान और दूर हटो ऐ दुनिया वालों, हिंदुस्तान हमारा है देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई भगवान कितना बदल गया इंसान  जैसे गीतों ने देशवासियों के हृदय में राष्ट्रप्रेम की ज्वाला प्रज्ज्वलित की।

    1962 के भारत-चीन युद्ध के पश्चात रचित ऐ मेरे वतन के लोगों भारतीय इतिहास का अमर गीत बन गया। जब इस गीत को लता मंगेशकर ने स्वर दिया, तो तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू भी भावुक होकर आँसू नहीं रोक सके। यह गीत आज भी शहीदों के बलिदान का जीवंत स्मारक है।

    कवि प्रदीप समाज की पीड़ा और नैतिक पतन के भी संवेदनशील कवि थे।
    देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई भगवान जैसा गीत समाज के आत्ममंथन का सशक्त दस्तावेज़ है। उनकी लेखनी की सबसे बड़ी विशेषता थी-सरल शब्दों में गहन भावों की अभिव्यक्ति।

    उनके अमूल्य योगदान के लिए उन्हें अनेक सम्मानों से नवाज़ा गया, जिनमें भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान दादा साहेब फाल्के पुरस्कार प्रमुख है11 दिसंबर 1998 को वे इस दुनिया से विदा हो गए, किंतु उनके गीत आज भी जीवित हैं। हर राष्ट्रीय पर्व, सांस्कृतिक आयोजन और भावनात्मक अवसर पर उनके शब्द गूंजते हैं।

    कवि प्रदीप की सांस्कृतिक विरासत आज भी उनके परिवार के माध्यम से जीवंत है। उनके दो बेटियां थी सरगम और मितुल परिवार में अब अकेली रह गई पुत्री मितुल प्रदीप मुंबई के विले पार्ले क्षेत्र में तूलिका आर्ट्स सेंटर के माध्यम से फाइन आर्ट्स की कक्षाएँ संचालित कर रही हैं। वे चित्रकला के माध्यम से नई पीढ़ी को कला, संवेदना और सृजनशीलता का संस्कार दे रही हैं-यह उनके पिता की सांस्कृतिक चेतना की ही निरंतरता है।कवि प्रदीप केवल एक गीतकार नहीं थे, बल्कि वे राष्ट्रभावना, भक्ति और सामाजिक चेतना के अमर स्वर थे। उनकी रचनाएँ आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेंगी।

  • कमिटमेंट हो तो ऐसा! 102 डिग्री बुखार में तप रहे थे नाना पाटेकर, इंजेक्शन लगवाकर पूरा किया 'ओ रोमियो' का एक्शन सीन

    कमिटमेंट हो तो ऐसा! 102 डिग्री बुखार में तप रहे थे नाना पाटेकर, इंजेक्शन लगवाकर पूरा किया 'ओ रोमियो' का एक्शन सीन

    नई दिल्ली ।बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अपनी बेमिसाल अदाकारी के साथ-साथ अपने कड़े अनुशासन और काम के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में फिल्म निर्देशक विशाल भारद्वाज ने उनकी इसी प्रतिबद्धता का एक हैरान कर देने वाला किस्सा साझा किया है। शाहिद कपूर स्टारर फिल्म ‘ओ रोमियो’ की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने यह साबित कर दिया कि एक महान कलाकार के लिए काम से बढ़कर कुछ नहीं होता।

    द फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, विशाल भारद्वाज ने बताया कि फिल्म के एक महत्वपूर्ण एक्शन सीक्वेंस की शूटिंग एक ट्रेन सेट पर चल रही थी। उसी दौरान उन्हें पता चला कि नाना पाटेकर की तबीयत काफी खराब है और उनका शरीर 102 डिग्री बुखार से तप रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत डॉक्टर को सेट पर बुलाया गया। डॉक्टर ने नाना की हालत देख उन्हें एक इंजेक्शन लगाया और सख्त हिदायत दी कि वह शूटिंग न करें और तुरंत आराम करें।

    हालांकि, नाना पाटेकर ने डॉक्टर की सलाह को दरकिनार कर दिया। विशाल भारद्वाज ने इस पल को याद करते हुए बताया, “नाना सर आखिर नाना पाटेकर हैं! उन्होंने साफ कह दिया कि वह शूट कैंसिल नहीं करेंगे। उनका मानना था कि वह यह बोझ अपने सिर पर नहीं ले सकते कि उनकी वजह से पूरी यूनिट का काम रुके या लोकेशन का नुकसान हो।” नाना की इसी जिद के आगे पूरी टीम को झुकना पड़ा और अगले चार घंटों तक उन्होंने लगातार शूटिंग जारी रखी।

    विशाल भारद्वाज ने नाना के जज्बे की तारीफ करते हुए कहा कि उनका शरीर बुखार से इतना गर्म था कि छूने मात्र से तपिश महसूस हो रही थी। शॉट्स के बीच के समय में वह ट्रेन के सेट पर ही लेट जाते थे, लेकिन जैसे ही कैमरा रोल होता और परफॉर्म करने की बारी आती, उन्हें देखकर कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकता था कि वह बीमार हैं। एक महान कलाकार की यही पहचान होती है कि वह अपनी शारीरिक तकलीफ को अपने हुनर के आड़े नहीं आने देता। बता दें कि शाहिद कपूर और नाना पाटेकर स्टारर ‘ओ रोमियो’ इसी महीने 13 फरवरी को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है।

  • अभिषेक बच्चन का छलका दर्द: पिता अमिताभ की तारीफों और फिल्मी असफलताओं पर खुलकर बोले जूनियर बी

    अभिषेक बच्चन का छलका दर्द: पिता अमिताभ की तारीफों और फिल्मी असफलताओं पर खुलकर बोले जूनियर बी


    नई दिल्ली ।भारतीय सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन अक्सर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर अपने बेटे अभिषेक बच्चन के अभिनय और उनकी मेहनत की सराहना करते नजर आते हैं। पिता का यह स्नेह जहां प्रशंसकों को पसंद आता है, वहीं कई बार अभिषेक को इसके कारण आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ता है। हाल ही में एक साक्षात्कार के दौरान अभिषेक बच्चन ने इन तमाम पहलुओं पर अपनी बेबाक राय रखी और बताया कि एक ‘सुपरस्टार’ पिता के साये में रहकर अपनी पहचान बनाना कितना चुनौतीपूर्ण होता है।

    साल 2000 में फिल्म ‘रिफ्यूजी’ से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अभिषेक ने स्वीकार किया कि 25 साल बीत जाने के बाद भी पिता से उनकी तुलना का दबाव कम नहीं हुआ है। अब 50 वर्ष के हो चुके अभिनेता ने माना कि लगातार मिलती सार्वजनिक असफलताएं और आलोचनाएं किसी भी इंसान को मनोवैज्ञानिक रूप से प्रभावित करती हैं। उन्होंने कहा कि जब आप हफ्ते दर हफ्ते जनता के बीच असफल साबित होते हैं, तो नकारात्मकता से दूर रहना और निराशावादी न होना बेहद मुश्किल हो जाता है। हालांकि, उन्होंने कड़वाहट पालने के बजाय हमेशा अपने काम पर ध्यान देने और अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की है।

    अमिताभ बच्चन द्वारा उनकी प्रशंसा किए जाने पर अभिषेक ने बहुत ही मानवीय दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने कहा कि दुनिया अक्सर उनके पिता को एक ‘लार्जर देन लाइफ’ व्यक्तित्व के रूप में देखती है और मानती है कि उन्हें एक सामान्य इंसान की तरह व्यवहार करने की अनुमति नहीं है। लेकिन वास्तविकता यह है कि वह भी एक इंसान हैं, एक पिता हैं और एक दादा हैं। उन्हें भी अपने बच्चों की उपलब्धि पर गर्व महसूस करने और एक सामान्य माता-पिता की तरह प्रतिक्रिया देने का पूरा हक है।

    अभिषेक ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके माता-पिता, अमिताभ और जया बच्चन, उनके बॉक्स ऑफिस आंकड़ों के बजाय उनकी मेहनत और प्रयासों पर गर्व करते हैं। उनके लिए सफलता का पैमाना हिट फिल्में नहीं, बल्कि ईमानदारी से किया गया काम है। वर्कफ्रंट की बात करें तो हाल ही में ‘हाउसफुल 5’ में नजर आए अभिषेक अब बड़े पर्दे पर धमाका करने को तैयार हैं। वह शाहरुख खान और सुहाना खान की बहुचर्चित फिल्म ‘किंग’ में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते दिखेंगे, जिससे दर्शकों को काफी उम्मीदें हैं।