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  • बस कंडक्टर से सुपरस्टार तक: रजनीकांत@75 – प्यार, संघर्ष और थलाइवा बनने की अनसुनी कहानी

    बस कंडक्टर से सुपरस्टार तक: रजनीकांत@75 – प्यार, संघर्ष और थलाइवा बनने की अनसुनी कहानी


    नई दिल्ली। साल 1975 में तमिल सिनेमा में एक ऐसे कलाकार ने कदम रखा जिसने आने वाले दशकों में भारतीय फिल्म इंडस्ट्री का चेहरा बदल दिया। यह कलाकार कोई और नहीं बल्कि सुपरस्टार रजनीकांत थे-एक ऐसा नाम जिसकी स्टाइल अदाकारी और व्यक्तित्व ने उन्हें ‘थलाइवा’ का दर्जा दिलाया। लेकिन इस महानायक की शुरुआत बेहद साधारण थी। बेंगलुरु में कुली का काम करते हुए और बस कंडक्टर की नौकरी करते हुए वह जिंदगी की जद्दोजहद में उलझे थे लेकिन उनके भीतर एक चमक थी जिसे सबसे पहले उनकी गर्लफ्रेंड ने पहचाना।

    रजनीकांत की दोस्ती बैंगलोर में पढ़ने वाली मेडिकल स्टूडेंट निर्मला से हुई। एक प्ले में उनका दमदार अभिनय देखकर निर्मला ने उनसे कहा-आपको हीरो बनना चाहिए। एक्टिंग का जुनून पहले से था इसलिए उन्होंने मद्रास फिल्म इंस्टीट्यूट में दाखिला लेने का फैसला कर लिया। घर की आर्थिक हालत खराब थी लेकिन उनके दोस्त राज बहादुर ने साथ दिया और रजनीकांत का एडमिशन हो गया। वहीं एक्टिंग कोर्स के दौरान मशहूर निर्देशक के. बालाचंदर की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने शर्त रखी कि रजनी तमिल भाषा सीख लें तो उन्हें पहली फिल्म का मौका मिलेगा। रजनीकांत ने तेजी से तमिल सीख ली और 1975 में उन्हें अपूर्वा रागंगल में पहला रोल मिला। शुरुआत में खलनायक के किरदार ही मिले लेकिन रजनीकांत के अंदाज ने हर छोटे रोल को यादगार बना दिया। धीरे-धीरे वे दर्शकों के दिलों में जगह बनाने लगे और एक बस कंडक्टर से तमिल सिनेमा के उभरते स्टार बन गए।

    करियर के दमदार किरदार

    थलपति 1991- – सूर्या
    सूर्या का किरदार गरीबी भावनाओं और वफादारी से भरा हुआ था। परिस्थितियों से मजबूर होकर अपराध की दुनिया में जाने वाले इस किरदार को रजनीकांत ने अपने स्टाइल और तीखे संवादों से अमर कर दिया। उनका डायलॉग-
    मित्रता का कानून बहुत कठोर है
    आज भी फैंस की जुबां पर है।

    बाशा 1995- माणिक बाशा
    इस फिल्म ने रजनीकांत को ‘मास एंटरटेनर’ का असली खिताब दिया। एक साधारण ऑटो ड्राइवर से गैंगस्टर तक की उनकी यात्रा और उनका प्रसिद्ध डायलॉग-मैं एक बार कह दूं तो यह सौ बार कहने के बराबर है।आज भी तमिल सिनेमा का कल्ट मोमेंट माना जाता है।

    शिवाजी: द बॉस 2007- – शिवाजी
    एनआरआई इंजीनियर शिवाजी का किरदार समाज सुधार और भ्रष्टाचार विरोध की कहानी कहता है। शंकर के निर्देशन और ए. आर. रहमान के संगीत के साथ रजनी की यह फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई।

    एंथिरन/रोबोट 2010- वसीकरन और चिट्टी
    डबल रोल में रजनीकांत का जलवा अलग ही था। वैज्ञानिक वसीकरन और सुपर-रोबोट चिट्टी का किरदार फैंस को इतना पसंद आया कि यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी साइंस-फिक्शन फिल्मों में शामिल हो गई।

    कबाली 2016- कबाली
    एक बूढ़े गैंगस्टर की भावनात्मक कहानी में रजनीकांत ने गजब की गहराई दिखाई। अपने खोए परिवार की तलाश में निकले इस किरदार ने दर्शकों को भावुक कर दिया।

    काला 2018- काला
    मुंबई की झुग्गियों में गरीबों के हक के लिए लड़ने वाले काला का किरदार सामाजिक संदेशों से भरा था। यह रजनीकांत के सबसे मजबूत राजनीतिक-सामाजिक भूमिकाओं में से एक माना जाता है।

    लिंगा 2014- राजा लिंगेश्वरन
    ऐतिहासिक और आधुनिक दोनों भूमिकाओं में रजनीकांत ने दोहरा जादू दिखाया। राजा का संवाद-मुझे अपना शहर देश संस्कृति और भगवान पसंद है… बहुत चर्चित रहा।

    दरबार 2020- आदित्य अरुणाचलम
    कानून तोड़कर भी न्याय दिलाने वाले इस आक्रामक पुलिस ऑफिसर का किरदार रजनीकांत की मास अपील को फिर साबित करता है।

    फैंस की दीवानगी के किस्से

    रजनीकांत की लोकप्रियता सिर्फ सिनेमा तक सीमित नहीं। वे अपने फैंस के दिलों में देवता की तरह बसते हैं। 2017 में एक फैन ने उनकी अनुपस्थिति की खबर सुनकर जहर खा लिया था। एक कैंसर पीड़ित फैन फिल्म लिंगा देखने चोरी-छिपे थिएटर पहुंचा और वहीं उसकी मौत हो गई। 2021 में रजनीकांत के स्वस्थ होने पर फैंस ने 108 नारियल फोड़कर उनका आभार जताया।
    संघर्ष और वापसी की कहानी
    रजनीकांत की शुरुआत संघर्षों से भरी थी। पिता के रिटायरमेंट के बाद घर चलाने की जिम्मेदारी उन पर आ गई जिसके लिए उन्होंने कुली का काम किया फिर बस कंडक्टर बने। इसी दौरान उन्होंने प्ले करना शुरू किया और उनकी पहचान बढ़ने लगी। 70 के दशक के आखिर में जब उनकी कई फिल्में फ्लॉप हुईं तो उन्होंने एक्टिंग छोड़ने का फैसला कर लिया। लेकिन तभी उन्हें अमिताभ बच्चन की डॉन की तमिल रीमेक बिल्ला मिली और यह फिल्म सुपरहिट हुई। रजनीकांत ने अपनी वापसी कुछ ऐसे की कि वे तमिल सिनेमा के सबसे बड़े स्टार बन गए। पहले 10 सालों में ही 100 फिल्में करने का उनका रिकॉर्ड आज भी चकित कर देता है। रजनीकांत का सफर सिर्फ सफलता की कहानी नहीं बल्कि संघर्ष दृढ़ता और स्टाइल का ऐसा मेल है जिसने उन्हें सिनेमा का ‘थलाइवा’ बनाया। 75 साल की उम्र में भी उनकी चमक पहले जैसी है-और उनका स्टारडम आज भी दुनिया भर में लोगों को प्रेरित करता है।

  • Kis Kisko Pyaar Karoon 2 X Review दर्शकों ने कहा 'फुल ऑन कपिल शर्मा शो'फिल्म को मिला मिला-जुला रिस्पॉन्स

    Kis Kisko Pyaar Karoon 2 X Review दर्शकों ने कहा 'फुल ऑन कपिल शर्मा शो'फिल्म को मिला मिला-जुला रिस्पॉन्स



    नई दिल्ली ।
    कॉमेडियन और अभिनेता कपिल शर्मा की फिल्म किस किसको प्यार करूं 2 आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। इस फिल्म का प्रीमियर लंबे समय से चर्चा में थाऔर अब जब यह सिनेमाघरों में पहुंची हैदर्शकों ने अपनी राय साझा करनी शुरू कर दी है। कपिल शर्मा के साथ इस फिल्म में हीरा वरीनात्रिधा चौधरीपारुल गुलाटीआयशा खानऔर मनजोत सिंह जैसे कलाकार मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म का निर्देशन एक बार फिर से कॉमेडी और ड्रामा से भरपूर हैजो दर्शकों को एक हल्के-फुल्के मनोरंजन का वादा करता है।

    फिल्म की कहानी

    किस किसको प्यार करूं 2 2015 में आई कपिल शर्मा की फिल्म किस किसको प्यार करूं का सीक्वल हैहालांकि दोनों फिल्मों के बीच कोई खास लिंक नहीं है। फिल्म की कहानी मोहन कपिल शर्मा के इर्द-गिर्द घूमती हैजो एक हिंदू लड़का है और अपनी मुस्लिम गर्लफ्रेंड सानिया हीरा वरीना से शादी करता है। लेकिन कहानी में कई ट्विस्ट्स आते हैंजिसके कारण मोहन को तीन और शादियां करनी पड़ती हैंऔर वो भी अलग-अलग धर्म की लड़कियों से। इस तरह फिल्म में ड्रामारोमांस और कॉमेडी का अच्छा मिश्रण देखने को मिलता है।

    सकारात्मक रिव्यू
    एक यूजर ने फिल्म को 5 में से 3 स्टार देते हुए लिखा KKPK2 शुरू से अंत तक पूरी तरह से कपिल शर्मा का शो है। कपिल शर्मा ने अपनी खास कॉमेडी शैली और एक्टिंग से फिल्म को अपने कंधों पर संभाला है। मनजोत सिंह ने भी कुछ शानदार संवाद बोले हैं जो फिल्म के मनोरंजन को और बढ़ाते हैं। दूसरे यूजर ने फिल्म को 5 में से 4 स्टार देते हुए कहा”यह फिल्म 2 घंटे 22 मिनट की पूरी तरह से मनोरंजक फिल्म है। इसमें कॉमेडी और मस्ती से भरी हुई है। पूरी कास्ट लाजवाब है और निर्देशन भी शानदार है।”

    नकारात्मक रिव्यू

    हालांकिकुछ दर्शकों ने इसे बोरिंग बताया। एक यूजर ने टिप्पणी की”फिल्म में कोई नई बात नहीं है। पुराने स्टीरियोटाइप और बेहतरीन कॉमेडी की कमी महसूस हुई। फिल्म को ज्यादा रोमांचक बनाने के बजाय इसे अधिक ड्रामा में घसीट लिया गया।

    फिल्म का अंदाज

    कुछ दर्शकों ने इसे कपिल शर्मा के शो जैसा अनुभव बतायाजिसमें हर संवाद और हर सीन में उनकी कॉमेडी स्टाइल देखने को मिलती है। कपिल के फैंस के लिए यह फिल्म एक अच्छे कॉमेडी अनुभव की तरह हो सकती हैलेकिन कुछ दर्शकों के लिए यह फिल्म सिर्फ सामान्य मनोरंजन से ज्यादा कुछ नहीं है।

    किस किसको प्यार करूं 2 को दर्शकों से मिला-जुला रिस्पॉन्स मिल रहा है। अगर आप कपिल शर्मा के फैन हैं और उनकी कॉमेडी स्टाइल को पसंद करते हैंतो यह फिल्म आपको जरूर पसंद आएगी। लेकिन यदि आप कुछ नया और गहरा देखना चाहते हैंतो शायद यह फिल्म आपकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरेगी। हालांकियह एक हल्की-फुल्की मनोरंजन फिल्म हैजो कुछ दर्शकों को मनोरंजन का अच्छा अनुभव दे सकती है।

  • रजनीकांत के 75वें जन्मदिन पर भावुक संदेश धनुष ने लिखा थलाइवा मेरे लिए प्रेरणा स्टालिन बोले चार्म उम्र से आगे

    रजनीकांत के 75वें जन्मदिन पर भावुक संदेश धनुष ने लिखा थलाइवा मेरे लिए प्रेरणा स्टालिन बोले चार्म उम्र से आगे


    नई दिल्ली । सुपरस्टार रजनीकांत ने बुधवार को अपना 75वां जन्मदिन धूमधाम से मनायाऔर इस मौके पर उनके फैंस से लेकर तमिल फिल्म इंडस्ट्री और राजनीतिक हस्तियों ने उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं दीं। रजनीकांत की उम्र बढ़ी हैलेकिन उनकी स्टारडम और लोकप्रियता अब भी बरकरार हैजो उन्हें आज भी अपराजेय बनाती है।

    इस खास मौके पर रजनीकांत के पूर्व दामाद और अभिनेता धनुष ने सोशल मीडिया पर बेहद स्नेहपूर्ण और भावुक संदेश साझा किया। धनुष ने लिखा”हैप्पी बर्थडे थलाइवा इस सरल संदेश में कई इमोजी जोड़कर उन्होंने रजनीकांत के प्रति अपना प्यार और सम्मान व्यक्त किया। धनुष ने कई बार सार्वजनिक मंचों पर रजनीकांत को अपनी प्रेरणा और आदर्श बताया हैऔर उनके साथ रिश्ते में बदलाव के बावजूद उनका स्नेह और सम्मान आज भी वैसा ही है।

    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भी रजनीकांत को जन्मदिन की बधाई दी और एक पोस्ट के साथ लिखा रजनीकांत का ऐसा चार्म है जो उम्र से ज्यादा चमकता है स्टालिन ने रजनीकांत की लंबी सफलता और उनके प्रति जनता के प्यार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा”उनकी जीत का झंडा यूं ही लोगों के प्यार से लहराता रहे।

    रजनीकांत के 75वें जन्मदिन पर फिल्म इंडस्ट्री ने भी उन्हें विशेष सम्मान दिया। फिल्म निर्माता और अभिनेता एस.जे. सूर्या ने रजनीकांत के 50 साल के फिल्मी करियर की यादगार झलकियों के साथ एक वीडियो साझा कियाजबकि अभिनेत्री और राजनेता खुशबू सुंदर ने रजनीकांत के साथ अपनी पुरानी तस्वीर पोस्ट की और उन्हें भारतीय सिनेमा का इकलौता सुपरस्टार बताया।

    रजनीकांत इन दिनों फिल्मी दुनिया में काफी सक्रिय हैं। हाल ही में उन्हें 2024 की फिल्म वेट्टैयान में देखा गयाऔर इसके अलावा उन्होंने अपनी बेटी ऐश्वर्या के निर्देशन में बनी फिल्म लाल सलाम में भी एक महत्वपूर्ण कैमियो किया। 2025 में वे कुली फिल्म में भी दिखाई देंगेऔर फिलहाल वे अपनी बहुचर्चित फिल्म जेलर के सीक्वल की शूटिंग में व्यस्त हैं। इसके अलावारजनीकांत कमल हासन की एक नई फिल्म में भी नजर आने वाले हैं।रजनीकांत का प्रभाव और स्टारडम आज भी युवा सितारों को कड़ी टक्कर देता हैऔर उनके फैंस हमेशा कहते हैं रजनीकांत इज़ एटरनल

  • बिग बॉस फाइनलिस्ट तान्या मित्तल विवादों में! स्टाइलिस्ट ने बकाया पेमेंट और आउटफिट पर साधा निशाना

    बिग बॉस फाइनलिस्ट तान्या मित्तल विवादों में! स्टाइलिस्ट ने बकाया पेमेंट और आउटफिट पर साधा निशाना


    नई दिल्ली। बिग बॉस 19′ की तीसरी रनर-अप और स्पिरिचुअल इन्फ्लुएंसर तान्या मित्तल अब फिनाले के बाद विवादों में घिर गई हैं। उनके खिलाफ उनकी स्टाइलिस्ट रिद्धिमा शर्मा ने सोशल मीडिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रिद्धिमा ने दावा किया कि तान्या और उनकी टीम ने महंगे आउटफिट वापस नहीं किए, बकाया भुगतान नहीं किया और इंडस्ट्री के पेशेवरों के साथ दुर्व्यवहार किया।

    स्टाइलिस्ट ने खोला राज़:
    रिद्धिमा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर तान्या के टीम के व्यवहार पर गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने कहा कि एक तरफ वे लगातार तान्या का समर्थन करती रहीं, लेकिन दूसरी तरफ उनके साथ बुरा बर्ताव किया गया। रिद्धिमा ने बताया कि उन्होंने बिग बॉस के दौरान एक पूरे सप्ताह के लिए महंगे साड़ी और लहंगे भेजे थे, जिनमें से अभी तक कई आउटफिट्स वापस नहीं लौटाए गए हैं। उन्होंने कहा, “सिर्फ कल का लहंगा ही ₹58,000 का था।”

    पेमेंट और धमकी का मामला:
    स्टाइलिस्ट ने आरोप लगाया कि एक बार जब वह किसी अन्य शहर में होने के कारण तुरंत आउटफिट नहीं भेज पाईं, तो तान्या की टीम ने धमकी दी कि अगर आउटफिट समय पर नहीं आया तो पेमेंट नहीं होगा। हालांकि, इसके 10 मिनट के भीतर एक सप्ताह का भुगतान ₹50,000 कर दिया गया। लेकिन रिद्धिमा ने सवाल उठाया कि पिछले दो ‘वीकेंड वॉर’ के आउटफिट और ग्रैंड फिनाले में तान्या के भाई के आउटफिट का भुगतान अभी भी लंबित है।

    स्टाइलिस्ट का गुस्सा और संदेश:
    रिद्धिमा ने तान्या और उनकी टीम पर निशाना साधते हुए कहा, “यह एटीट्यूड साफ दिखाता है कि वह कैसी हैं। कम से कम स्टाइलिस्ट, दर्जी और डिजाइनरों के लिए सम्मान रखें।”

    बिग बॉस में चर्चा का विषय:
    तान्या मित्तल बिग बॉस हाउस में अपनी 800 साड़ियों के दावे और स्टाइल को लेकर पहले ही सुर्खियों में थीं। अब फिनाले के बाद यह विवाद उनकी छवि और इंडस्ट्री में भुगतान और व्यवहार के मुद्दों को लेकर नई बहस खड़ा कर रहा है।

  • सलमान खान रेड सी फिल्म फेस्टिवल में चमके, हॉलीवुड स्टार्स के साथ शेयर किया फ्रेम; फैंस बोले -‘भाई फिर से जवान हो गए’

    सलमान खान रेड सी फिल्म फेस्टिवल में चमके, हॉलीवुड स्टार्स के साथ शेयर किया फ्रेम; फैंस बोले -‘भाई फिर से जवान हो गए’


    नई दिल्ली/:सलमान खान ने बुधवार को रेड सी फिल्म फेस्टिवल के गोल्डन ग्लोब्स गाला डिनर में अपने स्टाइलिश लुक से सभी को प्रभावित किया। काले रंग के शार्प सूट में पहुंचे सलमान ने हॉलीवुड स्टार्स इड्रिस एल्बा और एडगर रामिरेज़ के साथ पोज़ दिया। इस दौरान की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं।

    ग्लोबल आइकॉन्स के साथ पावरहाउस फ्रेम:
    फेस्टिवल के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर तस्वीरें साझा की गईं। एक तस्वीर में सलमान बीच में खड़े हैं, जिन्होंने मैचिंग शर्ट और टाई के साथ ऑल-ब्लैक सूट पहना था। उनके बाईं ओर एडगर रामिरेज़ काले वेलवेट जैकेट और डार्क शर्ट में दिखे, जबकि दाईं ओर इड्रिस एल्बा ने व्हाइट टी-शर्ट के साथ ब्लैक डबल-ब्रेस्टेड जैकेट पहना था।

    फैंस अपनी खुशी रोक नहीं पाए और सलमान की उम्र से परे दिखती ऊर्जा की तारीफ की। एक फैन ने लिखा, “भाई, समय के साथ पीछे जा रहे हैं-बिल्कुल 2000 के दशक जैसे दिख रहे हैं!” जबकि दूसरे ने मजाकिया अंदाज में कहा, “सलमान खान और इड्रिस एल्बा-मेरे 2025 के बिंगो कार्ड पर कभी नहीं सोचा था।”

    सलमान ने की सऊदी अरब की तारीफ, आलिया भट्ट को दी बधाई:
    रेड कार्पेट पर बातचीत के दौरान सलमान ने सऊदी अरब और वहां की संस्कृति की सराहना की। उन्होंने कहा कि उन्हें यह जगह बहुत पसंद है और वह अक्सर यहां आते रहते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने अभिनेत्री आलिया भट्ट को सम्मानित किए जाने पर बधाई दी और इसे अद्भुत उपलब्धि बताया। सलमान ने कहा, “हां, आलिया भट्ट, यह अद्भुत है! केवल सऊदी ही इसे संभव कर सकता है। वे बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और मुझे यह पसंद है कि वे अपनी सर्वश्रेष्ठ चीज़ों को हमारी संस्कृति के साथ जोड़ रहे हैं।”

    अगली फिल्म -‘बैटल ऑफ गलवान’:
    सलमान खान की 2025 की फिल्म ‘सिकंदर’ को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली थी। अब वह निर्देशक अपूर्व लाखिया की एक्शन-ड्रामा फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ में नजर आएंगे। यह फिल्म 2020 की गलवान घाटी झड़प पर आधारित है, जिसमें भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हाथ से हाथ लड़ाई दिखाई जाएगी, जिसमें हथियारों का इस्तेमाल नहीं हुआ था। फिल्म में चित्रांगदा सिंह भी मुख्य भूमिका में हैं।

    सलमान ने हाल ही में आर्यन खान द्वारा निर्देशित वेब शो ‘द बार्ड्स ऑफ बॉलीवुड’ में कैमियो किया है और बिग बॉस 19 होस्ट करते भी दिख रहे हैं।

    ‘बैटल ऑफ गलवान’ – बहादुरी की कहानी:
    ‘बैटल ऑफ गलवान’ सलमान खान की एक बड़ी परियोजना है, जो स्वतंत्रता के बाद भारतीय सेना के लिए सबसे खतरनाक संघर्षों में से एक को दर्शाती है। फिल्म में दिखाया जाएगा कि सैनिक अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करते हुए सिर्फ लाठी, पत्थर और हाथों का इस्तेमाल करके लड़ते हैं। सलमान इस झड़प में शहीद हुए 16 बिहार रेजिमेंट के कर्नल बी. संतोष बाबू की भूमिका निभा सकते हैं। यह कहानी शिव अरूर और राहुल सिंह की किताब India’s Most Fearless 3 के एक अध्याय से प्रेरित है। इस चुनौतीपूर्ण किरदार के लिए सलमान ने कठोर शारीरिक प्रशिक्षण लिया। फिल्म 2026 में बड़े पर्दे पर रिलीज़ होने की उम्मीद है।

  • सिद्धार्थ शुक्ला: वह ‘वन मैन आर्मी’ जिसने टीवी को ग्लोबल स्टेज दिया! जन्मदिन पर याद किए जा रहे हैं ‘बालिका वधू’ के शिव

    सिद्धार्थ शुक्ला: वह ‘वन मैन आर्मी’ जिसने टीवी को ग्लोबल स्टेज दिया! जन्मदिन पर याद किए जा रहे हैं ‘बालिका वधू’ के शिव


    नई दिल्ली/ आज, 12 दिसंबर को दिवंगत अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला का जन्मदिन है। मॉडलिंग से लेकर टेलीविजन और बॉलीवुड तक के उनके बहुमुखी करियर ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। आज उनके फैंस और उद्योग उनके योगदान और यादों को सलाम कर रहे हैं।

    मॉडलिंग से ग्लोबल स्टारडम तक

    सिद्धार्थ शुक्ला ने अपने करियर की शुरुआत कॉलेज के दिनों में मॉडलिंग से की थी। उन्होंने तुर्की में आयोजित ‘वर्ल्ड्स बेस्ट मॉडल’ प्रतियोगिता जीतकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन किया। इस प्रतियोगिता में उन्होंने 40 से अधिक प्रतियोगियों को पीछे छोड़ा। यह उपलब्धि उन्हें इंडस्ट्री में एक प्रतिष्ठित नाम के रूप में स्थापित करने वाली साबित हुई।

    ‘बालिका वधू’ -घर-घर का प्रिय अभिनेता

    टीवी में सिद्धार्थ का बड़ा ब्रेक ‘बालिका वधू’ से आया, जिसमें उन्होंने शिव का किरदार निभाया। उनका दमदार और संवेदनशील अभिनय दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ। इसके बाद ‘दिल से दिल तक’ में पार्थ भानुशाली के रूप में उनकी भूमिका ने उनकी लोकप्रियता और बढ़ा दी।

    ‘बिग बॉस 13’ – वन मैन आर्मी का अवतार

    सिद्धार्थ शुक्ला का करियर का सबसे बड़ा मोड़ ‘बिग बॉस 13’ था। इस रियलिटी शो में उन्होंने अपनी स्पष्टवादिता और ईमानदारी से सभी का ध्यान आकर्षित किया। उन्हें ‘वन मैन आर्मी’ के रूप में देखा गया और होस्ट सलमान खान ने उनके व्यवहार की लगातार सराहना की।

    इस शो में उनकी जोड़ी शहनाज़ गिल के साथ, जिसे फैंस ने ‘सिडनाज़’ (SidNaaz) नाम दिया, एक सांस्कृतिक प्रतीक बन गई। सिद्धार्थ ने ट्रॉफी ही नहीं जीती, बल्कि करोड़ों दिलों को भी जीत लिया।

    बॉलीवुड और ओटीटी में भी नाम

    सिद्धार्थ ने बॉलीवुड में भी अपने कदम रखा। करण जौहर की ‘हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया’ से उन्होंने डेब्यू किया और डेब्यू एक्टर अवॉर्ड भी जीता। इसके अलावा, वेब सीरीज़ ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल 3’ में उनकी भूमिका ने उन्हें ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आलोचकों की सराहना दिलाई।

    सिद्धार्थ शुक्ला की विरासत

    ‘बिग बॉस’ और टीवी शो के बाद उनकी लोकप्रियता ने उन्हें टाइम्स मोस्ट डिज़ायरेबल मेन ऑन टीवी 2020 की सूची में शीर्ष स्थान दिलाया। आज उनकी जयंती पर फैंस उन्हें ‘भुला दूंगा’, ‘हैबिट’ जैसे संगीत वीडियो और उनकी करिश्माई उपस्थिति के लिए याद कर रहे हैं।

    सिद्धार्थ शुक्ला की विरासत यही है कि एक कलाकार जाने के बाद भी अपने काम और अपने रिश्तों के ज़रिए अपने फैंस के बीच हमेशा ज़िंदा रहता है।

  • सर्दियों में घूमने के लिए भारत के 5 खूबसूरत और कम भीड़ वाले झरने

    सर्दियों में घूमने के लिए भारत के 5 खूबसूरत और कम भीड़ वाले झरने


    नई दिल्ली । भारत में सर्दियों के मौसम में घूमने के लिए झरने एक बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं। ये झरने न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता से आकर्षित करते हैं बल्कि शांत वातावरण कम भीड़ और रोमांचक दृश्य भी प्रदान करते हैं। क्रिसमस और न्यू ईयर के दौरान जब छुट्टियों का माहौल होता है ऐसे में आपको ऐसे झरनों की तलाश होती है जहां आप प्रकृति के करीब हो और शांति का अनुभव कर सकें। यहाँ हम आपको भारत के 5 ऐसे झरनों के बारे में बता रहे हैं जो भीड़ से दूर और सर्दियों में अपने सौंदर्य के चरम पर होते हैं।

    नूरानांग फॉल्स अरुणाचल प्रदेश

    अरुणाचल प्रदेश के तवांग रूट पर स्थित नूरानांग फॉल्स लगभग 100 मीटर की ऊंचाई से गिरता है। यह झरना सर्दियों में धुंध और पहाड़ी ठंडक के कारण बेहद खूबसूरत लगता है। यहां का शांत वातावरण और कम भीड़ इस स्थान को विशेष बनाते हैं जो एडवेंचर प्रेमियों के लिए आदर्श है। नॉर्थ-ईस्ट भारत का यह झरना प्रकृति के प्रेमियों के लिए एक शांतिपूर्ण और अद्वितीय अनुभव प्रदान करता है।

     जोग फॉल्स कर्नाटक

    कर्नाटक का जोग फॉल्स भारत के सबसे ऊंचे और प्रसिद्ध झरनों में से एक है। शिमोगा जिले में स्थित यह झरना लगभग 253 मीटर की ऊंचाई से गिरता है। यह चार धाराओं में गिरता है जिसकी तेज आवाज और दृश्य रोमांचक होते हैं। सर्दियों में यहां हल्की धुंध से झरने का ‘स्मोक इफेक्ट’ उत्पन्न होता है जो इसे और भी रहस्यमय बना देता है। यहां तक पहुंचने के लिए 400-500 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं जो यात्रा को और रोमांचक बनाती हैं।

     नोहकलिकाई फॉल्स मेघालय

    मेघालय के चेरापूंजी में स्थित नोहकलिकाई फॉल्स एशिया का सबसे ऊंचा प्लंज फॉल है। इस झरने से गिरने वाली जलधारा एक नीले तालाब में गिरती है जो इसकी सुंदरता को और बढ़ाता है। सर्दियों में यहां का सफर आसान और आरामदायक होता है। हालांकि बारिश के मौसम में यहां का रास्ता चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यह झरना न केवल खूबसूरत है बल्कि इसके बारे में कई रोमांचक और रहस्यमयी कथाएँ भी जुड़ी हुई हैं।

     अठिराप्पिली फॉल्स केरल

    केरल के अठिराप्पिली फॉल्स को ‘भारत का नियाग्रा’ भी कहा जाता है। यह झरना घने जंगलों के बीच स्थित है और इसकी सुंदरता सर्दियों में और भी निखर जाती है। यहां पहुंचना काफी आसान है जो इसे परिवारों और कपल्स के बीच एक लोकप्रिय स्थल बनाता है। अठिराप्पिली फॉल्स की हरी-भरी वादियां और ताजगी से भरपूर हवा इसे सर्दियों में एक आदर्श पर्यटन स्थल बनाती हैं। कई फिल्मों की शूटिंग यहाँ हुई है जिससे इसकी प्रसिद्धि और भी बढ़ी है।

     दूधसागर वॉटरफॉल गोवा कर्नाटक सीमा

    दूधसागर फॉल्स गोवा और कर्नाटक की सीमा पर स्थित है और यह भारत के सबसे सुंदर झरनों में से एक माना जाता है। मांडवी नदी पर स्थित इस झरने का दृश्य बहुत ही अद्भुत होता है खासकर सर्दियों में जब यह सफेद झाग की तरह गिरता है जिससे इसका नाम ‘दूधसागर’ पड़ा। दूधसागर का दृश्य बहुत प्रसिद्ध है खासकर ट्रेन ट्रैक से इसका दृश्य देखने पर यह एक फिल्मी सीन जैसा लगता है। यह झरना उन यात्रियों के लिए आदर्श है जो प्राकृतिक सुंदरता और शांति का अनुभव करना चाहते हैं।

    अगर आप इस सर्दी में एक ऑफबीट ट्रिप पर जाना चाहते हैं तो भारत के इन झरनों का दौरा आपके सफर को रोमांचक और यादगार बना सकता है। इन झरनों के पास का शांत वातावरण ठंडी हवा और पहाड़ी नज़ारे आपके मन को शांति और सुकून देंगे। इन स्थानों पर जाकर न केवल आप प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकते हैं बल्कि उन झरनों के अद्भुत दृश्यों का भी अनुभव कर सकते हैं जो आपकी यात्रा को एक नई दिशा देंगे।

  • यशस्वी जायसवाल का बड़ा खुलासा: कोहली नहीं, शुभमन गिल को बताया टीम का सबसे मेहनती खिलाड़ी

    यशस्वी जायसवाल का बड़ा खुलासा: कोहली नहीं, शुभमन गिल को बताया टीम का सबसे मेहनती खिलाड़ी


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने विराट कोहली की तारीफ के बावजूद टीम का सबसे मेहनती खिलाड़ी कोई और बताया। यशस्वी ने इंटरव्यू में कहा कि शुभमन गिल अपनी फिटनेस, डाइट और स्किल्स पर लगातार मेहनत करते हैं और उनकी कंसिस्टेंसी और अनुशासन कमाल का है।

    जायसवाल ने लिया गिल का नाम

    यशस्वी ने बताया, “शुभमन गिल को मैंने बहुत करीब से देखा है। हर ट्रेनिंग सेशन और मैच में वे पूरी मेहनत लगाते हैं। उनका अनुशासन और टीम के लिए समर्पण प्रेरणादायक है। इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में उनका बल्लेबाजी प्रदर्शन शानदार और जिम्मेदाराना था। हमें पूरा भरोसा था कि वे हर परिस्थिति में रन बनाएंगे।”

    टी20 से बाहर, लेकिन वनडे में चमके यशस्वी

    हालांकि यशस्वी फिलहाल टी20 टीम से बाहर हैं, उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ निर्णायक वनडे में नाबाद 116 रन बनाकर भारत को 9 विकेट की आसान जीत दिलाई। पहले दो मैचों में उनके 18 और 22 रन के स्कोर के बाद यह शतक उनके लिए बड़ा आत्मविश्वास साबित हुआ।

    गिल की मेहनत, टीम के लिए प्रेरणा

    विराट कोहली की मेहनत भारतीय क्रिकेट के लिए बेंचमार्क रही है, लेकिन यशस्वी के अनुसार मौजूदा समय में शुभमन गिल की तैयारी और समर्पण उन्हें टीम का सबसे हार्डवर्किंग खिलाड़ी बनाता है।

    टीम इंडिया के युवा खिलाड़ियों में मेहनत और अनुशासन की नई मिसाल कायम करते हुए गिल और जायसवाल ने अपने प्रदर्शन से दिखा दिया कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य उज्जवल है।

  • रणवीर की ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस हिट, ऋतिक रोशन ने राजनीतिक पहलुओं पर उठाए सवाल

    रणवीर की ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस हिट, ऋतिक रोशन ने राजनीतिक पहलुओं पर उठाए सवाल


    नई दिल्ली। रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर’ ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया है। फिल्म की कहानी और सिनेमैटिक प्रस्तुति की सुपरस्टार ऋतिक रोशन ने खुले दिल से तारीफ़ की, लेकिन इसके राजनीतिक संदेश पर उन्होंने असहमति जताई।

    ऋतिक ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि उन्हें फिल्म की कहानी और स्क्रीन प्रेजेंटेशन शानदार लगी, लेकिन राजनीति से जुड़े पहलुओं पर वे सहमत नहीं हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।

    फिल्म को पहले ही अक्षय कुमार और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी सराहा। अक्षय ने इसे “बेहतरीन कहानी और शानदार प्रस्तुति” बताया, जबकि स्मृति ने इसे देश की सुरक्षा में लगे लोगों की भावनाओं को दिखाने वाली फिल्म करार दिया।

    ‘धुरंधर’ की कहानी पाकिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ भारतीय ऑपरेशनों पर आधारित है। रणवीर सिंह ने भारतीय अंडरकवर एजेंट की भूमिका निभाई है, जबकि आर. माधवन, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, अक्षय खन्ना और अन्य दिग्गज कलाकार फिल्म को और प्रभावी बनाते हैं।

    फिल्म की सफलता को देखते हुए मेकर्स ने ‘धुरंधर 2’ की तैयारी भी शुरू कर दी है, जो अगले साल 19 मार्च को रिलीज़ होगी।

    हालांकि, फिल्म केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रही। इसके राजनीतिक पहलुओं को लेकर सोशल मीडिया और फिल्म जगत में बहस तेज है। ऋतिक रोशन की संतुलित प्रतिक्रिया ने इस बहस में नया आयाम जोड़ दिया है।

  • संजय कपूर की वसीयत पर विवाद प्रिय‍ ,सचदेव कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट में विदेशी संपत्तियों पर दलील दी

    संजय कपूर की वसीयत पर विवाद प्रिय‍ ,सचदेव कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट में विदेशी संपत्तियों पर दलील दी


    नई दिल्ली। उद्योगपति संजय कपूर की बहु-करोड़ की संपत्ति को लेकर उनके परिवर में कनूनी विवद तेज हो गय है। उनकी विधव पत्नी प्रिय‍। सचदेव कपूर और उनके नबलिग बेटे ने मंगलवर को दिल्ली हई कोर्ट में यह दलील दी कि ब्रिटेन और अमेरिक में स्थित उनकी संपत्तियों पर दिल्ली हई कोर्ट क कोई अधिकर क्षेत्र नहीं है। यह ममल संजय कपूर की वसीयत के करण उठ हैजिसे लेकर परिवर के सदस्य एक-दूसरे पर आरोप लग रहे हैं।

    यह विवद तब शुरू हुआ जब संजय कपूर की पहली पत्नी और बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्म कपूर के बच्चे समयर और कियनअपनी मं को अभिभवक बनकर अदलत पहुंचे। उन्होंने आरोप लगय कि प्रिय‍। कपूर ने संजय की वसीयत को फर्जी तरीके से तैयर किय हैऔर वह इस वसीयत के आधर पर विदेशों में स्थित करोड़ों रुपये की संपत्तियों पर मलिकन हक जतन चहती हैं।

    दिल्ली हई कोर्ट में सुनवई और दलीलें

    मंगलवर को दिल्ली हई कोर्ट में सुनवई के दौरन प्रिय‍। कपूर और उनके नबलिग बेटे के वकील ने यह दलील दी कि विदेशों में स्थित अचल संपत्तियों को लेकर किसी भी प्रकर क आदेश विदेशी न्ययलयों के अधिकर क्षेत्र में आत है। ऐसे में दिल्ली हई कोर्ट इन संपत्तियों पर कोई स्टेटस-को य प्रतिबंध लगने क आदेश नहीं दे सकती। इस पर न्ययमूर्ति ज्योति सिंह ने सभी पक्षकरों की दलीलें सुनीं और सभी को लिखित जवब दखिल करने क निर्देश दिय। कोर्ट ने ममले को 22 दिसंबर के लिए सूचीबद्ध कियजब यह तय किय जएग कि दिल्ली हई कोर्ट विदेशी संपत्तियों पर कोई अंतरिम रहत दे सकती है य नहीं।

    करिश्म कपूर के बच्चों क पक्ष

    इस दौरन करिश्म कपूर के बच्चों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्त महेश जेठमलनी ने अदलत से अनुरोध किय कि यदि कोर्ट सीधे विदेशी संपत्तियों पर आदेश नहीं दे सकतीतो कम से कम प्रिय‍ कपूर को फर्जी वसीयत क इस्तेमल करके विदेशों में स्थित संपत्तियों क मलिकन हक लेने से रोक जए। करिश्म के बच्चों क आरोप है कि संजय कपूर द्वर तैयर की गई कथित वसीयत में लगभग 30000 करोड़ रुपये की संपत्तियों क उल्लेख हैऔर इस वसीयत की सत्यत पर गंभीर सवल उठए ज रहे हैं।

    AIPL में शेयरों क विवद

    प्रिय‍। कपूर के नबलिग बेटे के वकील अखिल सिब्बल ने कोर्ट में यह स्पष्ट किय कि प्रिय‍ कपूर क में स्थित शेयरों को बेचने क कोई इरद नहीं है। उनके अनुसरये शेयर संजय कपूर की मृत्यु के बद कनूनी रूप से प्रिय‍ के नम ट्रंसफर हुए हैं। यह विवद केवल विदेशों में स्थित अचल संपत्तियों के संबंध में हैजिन पर दिल्ली हई कोर्ट कोई आदेश नहीं दे सकती।

    संजय कपूर क परिवर और संपत्ति क विवद

    इस ममले में केवल करिश्म कपूर के बच्चे ही नहींबल्कि संजय कपूर की मं और बहन भी वसीयत की प्रमणिकत पर सवल उठ चुकी हैं। संजय कपूरजो Sona Comstar के चेयरमैन थेइस वर्ष जून में लंदन में एक पोलो मैच के दौरन निधन हो गए थे। संजय की शदी पहले करिश्म कपूर से 2003 से 2016 तक रहीऔर फिर 2017 में प्रिय‍ सचदेव कपूर से हुई थी।

    आने वली सुनवई और संभवित कनूनी मोड़

    22 दिसंबर को अदलत यह तय करेगी कि क्य दिल्ली हई कोर्ट विदेशी संपत्तियों के संबंध में कोई अंतरिम रहत दे सकती हैय फिर इस ममले को संबंधित विदेशी न्ययलयों के अधिकर क्षेत्र में भेज जएग। यह ममल संजय कपूर की संपत्ति को लेकर कनूनी दंव-पेच क हिस्स बन चुक है और कपूर परिवर को कई हिस्सों में बंटने वल है। आने वले दिनों में यह ममल और भी महत्वपूर्ण कनूनी मोड़ ले सकत हैजिससे परिवर के रिश्तों और संपत्तियों की भविष्यवणी करन मुश्किल हो सकत है। संपत्ति विवदों के इस जटिल ममले ने कपूर परिवर में दररें पैद कर दी हैं और यह पूरी कनूनी लड़ई न केवल एक परिवरबल्कि भरतीय फिल्म इंडस्ट्री के एक प्रमुख परिवर के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।