Category: Entertainment

  • अगर सस्पेंस थ्रिलर पसंद है तो मिस न करें 'जुबली', 8.3 IMDb रेटिंग वाली दमदार सीरीज

    अगर सस्पेंस थ्रिलर पसंद है तो मिस न करें 'जुबली', 8.3 IMDb रेटिंग वाली दमदार सीरीज


    नई दिल्ली । अगर आप ऐसी वेब सीरीज की तलाश में हैं जिसमें सिर्फ एक्शन या गोलीबारी नहीं, बल्कि दमदार कहानी, शानदार अभिनय और लगातार बना रहने वाला सस्पेंस हो, तो ‘जुबली’ आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है। साल 2023 में रिलीज हुई यह पीरियड ड्रामा-सस्पेंस सीरीज दर्शकों और समीक्षकों दोनों की सराहना बटोर चुकी है।

    अमेजन प्राइम वीडियो पर उपलब्ध इस 10 एपिसोड की सीरीज की कहानी भारत की आजादी से ठीक पहले और उसके बाद के दौर की फिल्म इंडस्ट्री के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें 1940 और 50 के दशक की मुंबई, फिल्म स्टूडियो, पुरानी कारें और उस दौर की चमक-दमक को बेहद बारीकी से पर्दे पर उतारा गया है।

    क्या है कहानी?

    कहानी की शुरुआत मशहूर रॉय टॉकीज स्टूडियो से होती है, जहां एक नए हीरो की तलाश चल रही है। इसी दौरान फिल्मी दुनिया के रिश्ते, महत्वाकांक्षा, प्यार, विश्वासघात और सत्ता की राजनीति कहानी को अप्रत्याशित मोड़ों तक पहुंचा देती है।

    एक तरफ स्टूडियो का मालिक अपनी प्रतिष्ठा बचाने की कोशिश करता है, तो दूसरी ओर एक साधारण लैब असिस्टेंट हालात के चलते अपनी पहचान बदलने का सपना देखने लगता है। इसी के समानांतर कराची से आया एक शरणार्थी युवक फिल्म निर्देशक बनने का सपना लेकर मुंबई पहुंचता है, जबकि लखनऊ से आई एक डांसर भी अपनी किस्मत बदलने की जद्दोजहद में जुट जाती है।

    इन सभी किरदारों की किस्मत एक-दूसरे से इस तरह जुड़ती है कि साजिश, धोखा और महत्वाकांक्षा की परतें धीरे-धीरे खुलती जाती हैं। सीरीज का क्लाइमेक्स कई दर्शकों के लिए अप्रत्याशित साबित होता है।

    क्यों देखें यह सीरीज?

    ‘जुबली’ सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री की कहानी नहीं है, बल्कि यह बताती है कि सफलता पाने की चाह इंसान को किस हद तक बदल सकती है। इसकी सिनेमैटोग्राफी, बैकग्राउंड म्यूजिक और पीरियड सेट डिजाइन इसकी सबसे बड़ी खूबियों में शामिल हैं। कहानी धीरे-धीरे आगे बढ़ती है और हर एपिसोड के साथ रोमांच बढ़ता जाता है।

    स्टारकास्ट और रेटिंग

    सीरीज में प्रोसेनजीत चटर्जी, अपारशक्ति खुराना, सिद्धांत गुप्ता, अदिति राव हैदरी, वामिका गब्बी और राम कपूर ने दमदार अभिनय किया है। IMDb पर इसे 8.3/10 की रेटिंग मिली है, जो इसे हाल के वर्षों की चर्चित भारतीय वेब सीरीज में शामिल करती है।

    ओटीटी प्लेटफॉर्म: अमेजन प्राइम वीडियो

  • रियलिटी शो में छिड़ा जुबानी युद्ध: पुराने विवादों को लेकर घिरीं एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे, बेबाक अंदाज में जवाब देकर गोविंदा की पत्नी सुनीता ने बटोरीं सुर्खियां

    रियलिटी शो में छिड़ा जुबानी युद्ध: पुराने विवादों को लेकर घिरीं एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे, बेबाक अंदाज में जवाब देकर गोविंदा की पत्नी सुनीता ने बटोरीं सुर्खियां

    नई दिल्ली । रियलिटी टीवी शो ‘लॉकअप सीजन 2’ इन दिनों दर्शकों के बीच जबरदस्त चर्चा का केंद्र बना हुआ है। शो में कंटेस्टेंट्स के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा और व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप ने मनोरंजन के पारे को काफी बढ़ा दिया है। इस शो में मशहूर अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा अपने प्रवेश के बाद से ही अपने बेबाक और स्पष्टवादी अंदाज के लिए लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। उन्होंने शो के दौरान अपनी व्यक्तिगत जिंदगी से जुड़े कई अहम और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिससे दर्शक उनकी तरफ काफी आकर्षित हुए हैं।

    इसी बीच शो में वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट के रूप में शामिल हुईं टेलीविजन अभिनेत्री शिल्पा शिंदे के आने से माहौल और भी गरमा गया है। ‘बिग बॉस’ जैसे बड़े रियलिटी शो का हिस्सा रह चुकीं शिल्पा शिंदे ने जेल में एंट्री लेते ही अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई, लेकिन बहुत ही कम समय में उनका मुकाबला सुनीता आहूजा के साथ हो गया। दोनों के बीच हुई इस तीखी भिड़ंत का एक नया प्रोमो वीडियो भी सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर आते ही तहलका मचा दिया है।

    इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब शिल्पा शिंदे ने सुपरस्टार गोविंदा की विशाल फैन फॉलोइंग का हवाला देते हुए सुनीता आहूजा पर उनके बयानों को लेकर सवाल उठाए। शिल्पा ने सीधे तौर पर सुनीता को घेरते हुए पूछा कि वह सार्वजनिक मंच पर गोविंदा के बारे में इस तरह की बातें कैसे कह सकती हैं और क्या उनके फैसले पूरी तरह से उनके अपने होते हैं। शिल्पा के इन तीखे सवालों का सुनीता आहूजा ने बेहद कड़े और बेबाक लहजे में जवाब दिया। सुनीता ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब किसी पर खुद ऐसी परिस्थितियां गुजरती हैं, तभी सच्चाई का अहसास होता है, इसलिए बिना सोचे-समझे बकवास करने की जरूरत नहीं है।

    सुनीता आहूजा द्वारा बिना समय गंवाए शिल्पा शिंदे को दिए गए इस करारे जवाब को सोशल मीडिया पर दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है। इंटरनेट यूजर्स सुनीता के इस व्यावहारिक और आक्रामक दृष्टिकोण की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कमेंट सेक्शन में लोग सुनीता के समर्थन में उतर आए हैं और उनका मानना है कि शिल्पा को इस तरह का कड़ा जवाब मिलना बेहद जरूरी था। दर्शकों का एक बड़ा वर्ग सुनीता की इस बेबाकी को सही ठहरा रहा है और उनके आत्मविश्वास की सराहना कर रहा है।

    इस पूरे विवाद के बीच शिल्पा शिंदे के पुराने बयानों को लेकर भी सोशल मीडिया पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। हाल ही में शिल्पा शिंदे अपने उस कबूलनामे के कारण विवादों में घिर गई थीं, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया था कि अतीत में एक मशहूर टीवी शो के निर्माता पर लगाए गए उनके यौन उत्पीड़न के आरोप पूरी तरह से असत्य और मनगढ़ंत थे। इस खुलासे के बाद से ही जनता का एक बड़ा हिस्सा उनके प्रति नाराजगी जता रहा है।

    दर्शकों का कहना है कि किसी भी प्रतिष्ठित सार्वजनिक मंच पर इस तरह के गंभीर और झूठे आरोप लगाने वाले व्यक्ति को जगह नहीं मिलनी चाहिए। यही कारण है कि शो के भीतर जब सुनीता आहूजा ने शिल्पा को आड़े हाथों लिया, तो दर्शकों ने इसे एक सही कार्रवाई के रूप में देखा। फिलहाल इस शो में दोनों के बीच की यह जंग आने वाले दिनों में क्या नया मोड़ लेती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

  • 1982 फिल्मफेयर में हुआ बड़ा उलटफेर, नसीरुद्दीन शाह के आगे फीके पड़े अमिताभ और राजेश खन्ना

    1982 फिल्मफेयर में हुआ बड़ा उलटफेर, नसीरुद्दीन शाह के आगे फीके पड़े अमिताभ और राजेश खन्ना


    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के इतिहास में 1982 का फिल्मफेयर अवॉर्ड समारोह उन यादगार मौकों में गिना जाता है, जब स्टारडम से ज्यादा अभिनय को महत्व मिला। उस दौर में अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना, कमल हासन और दिलीप कुमार जैसे सितारों का दबदबा था, लेकिन बेस्ट एक्टर का पुरस्कार नसीरुद्दीन शाह ने अपनी दमदार अदाकारी के दम पर जीत लिया।

    साल 1981 में अमिताभ बच्चन की ‘नसीब’, ‘लावारिस’ और ‘याराना’ जैसी सुपरहिट फिल्में रिलीज हुई थीं। वहीं राजेश खन्ना, कमल हासन और अन्य बड़े सितारों की फिल्में भी दर्शकों के बीच खूब पसंद की गईं। इसके बावजूद 29वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में नसीरुद्दीन शाह ने फिल्म ‘चक्र’ के लिए बेस्ट एक्टर का सम्मान अपने नाम किया।

    उस वर्ष बेस्ट एक्टर की दौड़ में अमिताभ बच्चन को ‘लावारिस’ और ‘सिलसिला’, राजेश खन्ना को ‘दर्द’ तथा कमल हासन को ‘एक दूजे के लिए’ के लिए नामांकन मिला था। हालांकि निर्णायकों ने नसीरुद्दीन शाह के यथार्थवादी और प्रभावशाली अभिनय को सर्वश्रेष्ठ माना।

    सिर्फ नसीरुद्दीन शाह ही नहीं, स्मिता पाटिल ने भी फिल्म ‘चक्र’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता। उन्होंने हेमा मालिनी, जया बच्चन, रेखा और राखी जैसी दिग्गज अभिनेत्रियों को पीछे छोड़ दिया। ‘चक्र’ को कुल छह श्रेणियों में नामांकन मिला था, जिनमें से तीन पुरस्कार फिल्म ने अपने नाम किए। दिलचस्प बात यह रही कि अमिताभ बच्चन की चर्चित फिल्मों को उस वर्ष कोई फिल्मफेयर अवॉर्ड नहीं मिला।

    समाज का आईना थी ‘चक्र’

    निर्देशक रवींद्र धर्मराज की फिल्म ‘चक्र’ मुंबई की झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले गरीब परिवारों के संघर्ष को बेहद यथार्थवादी अंदाज में दिखाती है। फिल्म में स्मिता पाटिल ने ‘अम्मा’ का किरदार निभाया है, जो पति की मौत के बाद अपने बेटे का पालन-पोषण करने के लिए संघर्ष करती है। इसी दौरान उसकी मुलाकात नसीरुद्दीन शाह द्वारा निभाए गए ‘लुक्का’ के किरदार से होती है। गरीबी, सामाजिक असमानता और जीवन के कठोर यथार्थ को दिखाने वाली इस फिल्म को भारतीय समानांतर सिनेमा की महत्वपूर्ण फिल्मों में गिना जाता है।

    आज भी ‘चक्र’ को नसीरुद्दीन शाह और स्मिता पाटिल के करियर की बेहतरीन फिल्मों में शामिल किया जाता है। अभिनय की बारीकियों और मजबूत कहानी के कारण यह फिल्म समय के साथ एक क्लासिक का दर्जा हासिल कर चुकी है।

  • 'बिग बॉस' ने बदल दी जुबैर खान की जिंदगी, डिप्रेशन और आत्महत्या के विचारों का किया खुलासा

    'बिग बॉस' ने बदल दी जुबैर खान की जिंदगी, डिप्रेशन और आत्महत्या के विचारों का किया खुलासा


    नई दिल्ली । रियलिटी शो ‘बिग बॉस 11’ के पूर्व प्रतियोगी जुबैर खान ने एक बार फिर शो के बाद अपनी जिंदगी में आए कठिन दौर को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने दावा किया कि शो में हुई घटनाओं और उसके बाद पैदा हुए विवादों का उनकी मानसिक, सामाजिक और पेशेवर जिंदगी पर गहरा असर पड़ा।

    साल 2017 में प्रसारित हुए ‘बिग बॉस 11’ में जुबैर खान ने बतौर कंटेस्टेंट हिस्सा लिया था। शो के दौरान उन्होंने खुद को अंडरवर्ल्ड से जुड़े परिवार का सदस्य बताया था, जिसके बाद वह सुर्खियों में आ गए। बाद में साथी प्रतियोगी अर्शी खान के साथ उनकी तीखी बहस और अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर विवाद हुआ।

    वीकेंड का वार एपिसोड में शो के होस्ट सलमान खान ने जुबैर खान की कड़ी आलोचना की थी। इसके बाद जुबैर की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भी भेजा गया। बाद में कम वोट मिलने के कारण वह शो से बाहर हो गए।

    शो से बाहर आने के बाद जुबैर ने सलमान खान के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि शो में हुई घटनाओं के कारण उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा और उन्हें काम मिलना बंद हो गया।

    हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में जुबैर खान ने कहा कि शो के बाद वह लंबे समय तक डिप्रेशन से जूझते रहे। उनके अनुसार, निजी जीवन भी प्रभावित हुआ और पारिवारिक रिश्तों में दूरियां आ गईं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस दौर में उन्हें कई बार आत्महत्या के विचार आए और मानसिक तनाव से उबरने के लिए उन्हें दवाइयों का सहारा लेना पड़ा।

    जुबैर ने कहा कि एक टीवी एपिसोड के आधार पर लोगों ने उनके बारे में धारणा बना ली, जिससे उनकी सामाजिक और पेशेवर छवि को भारी नुकसान पहुंचा। उनका कहना है कि उन्होंने इस पूरे विवाद में बहुत कुछ खोया, लेकिन हासिल कुछ नहीं हुआ।

    हालांकि, यह जुबैर खान के व्यक्तिगत दावे हैं। इन दावों पर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग समय पर अपनी प्रतिक्रियाएं भी सामने आती रही हैं। यदि किसी व्यक्ति को डिप्रेशन, आत्महत्या के विचार या गंभीर मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा हो, तो उसे तुरंत किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, विश्वसनीय परिजन या स्थानीय हेल्पलाइन से सहायता लेनी चाहिए।

  • 'सतलुज' हटने पर पंजाब में सियासी संग्राम, दिलजीत दोसांझ की फिल्म की बहाली को BJP, कांग्रेस, AAP और अकाली दल एकजुट

    'सतलुज' हटने पर पंजाब में सियासी संग्राम, दिलजीत दोसांझ की फिल्म की बहाली को BJP, कांग्रेस, AAP और अकाली दल एकजुट

    नई दिल्ली । अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म ‘सतलुज’ को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद पंजाब में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक बहस छिड़ गई है। रिलीज के कुछ ही समय बाद फिल्म के भारत में उपलब्ध नहीं रहने से विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और कानूनी विशेषज्ञों ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। कई नेताओं ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और ऐतिहासिक तथ्यों से जुड़े विमर्श का विषय बताते हुए फिल्म को तत्काल बहाल करने की मांग की है।

    फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके संघर्ष पर आधारित है। इसमें पंजाब में उग्रवाद के दौर के दौरान कथित मानवाधिकार उल्लंघनों और अवैध हत्याओं से जुड़े मामलों को दर्शाया गया है। इसी कारण फिल्म के अचानक हटने के बाद यह मामला केवल मनोरंजन जगत तक सीमित न रहकर राजनीतिक मुद्दा बन गया है।

    पंजाब के विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस निर्णय पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल सहित कई दलों के नेताओं ने अलग-अलग बयान जारी कर फिल्म को दोबारा उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित किसी रचना को सार्वजनिक विमर्श से हटाना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं माना जा सकता।

    कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा ने कहा कि फिल्म में जिन घटनाओं का उल्लेख किया गया है, उनसे जुड़े कई मामलों पर न्यायिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उनके अनुसार इस प्रकार की फिल्म को हटाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से फिल्म को पुनः उपलब्ध कराने की मांग की।

    शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भी इस कदम पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इतिहास से जुड़े संवेदनशील विषयों पर खुली चर्चा लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अकाली दल के वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा ने भी कहा कि फिल्म एक मानवाधिकार कार्यकर्ता के जीवन पर आधारित है और इस मामले पर संबंधित पक्षों को स्पष्ट स्थिति सामने रखनी चाहिए।

    आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भी फिल्म हटाने के निर्णय पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि कला और रचनात्मक अभिव्यक्ति को स्वतंत्र वातावरण मिलना चाहिए तथा ऐसे मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है। वहीं शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रतिनिधियों ने भी ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित फिल्मों को सार्वजनिक चर्चा का माध्यम बताते हुए प्रतिबंध के बजाय संवाद की आवश्यकता पर बल दिया।

    इस विवाद पर कानूनी क्षेत्र से भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जसवंत सिंह खालड़ा से जुड़े मामलों में कार्य कर चुके कुछ वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कहा कि फिल्म में प्रस्तुत कई घटनाएं न्यायिक और जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड का हिस्सा रही हैं। उनके अनुसार किसी फिल्म को हटाने से इतिहास से जुड़े प्रश्न समाप्त नहीं होते, बल्कि सार्वजनिक बहस और अधिक तेज हो सकती है।

    दूसरी ओर कुछ पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से भी इस विषय को देखने की जरूरत बताई है। उनका मानना है कि संवेदनशील विषयों पर आधारित सामग्री के प्रसारण के दौरान सामाजिक शांति और सार्वजनिक व्यवस्था को भी ध्यान में रखना आवश्यक होता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ऐसे विषयों पर तथ्यात्मक चर्चा लोकतांत्रिक समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    फिल्म की रिलीज से पहले भी इसे लंबी सेंसर प्रक्रिया से गुजरना पड़ा था। बताया जाता है कि शुरुआती चरण में फिल्म के शीर्षक और सामग्री को लेकर कई स्तरों पर विचार-विमर्श हुआ था। बाद में संशोधित शीर्षक के साथ इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जारी किया गया, लेकिन कुछ ही समय बाद भारत में इसकी उपलब्धता समाप्त हो गई, जिससे विवाद और गहरा गया।

    फिल्म हटाए जाने के बाद दिलजीत दोसांझ ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसी भी ऐतिहासिक व्यक्तित्व और उनके संघर्ष से जुड़े विचारों को दबाया नहीं जा सकता। इस पूरे घटनाक्रम के बाद ‘सतलुज’ एक फिल्म से आगे बढ़कर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, ऐतिहासिक विमर्श और सार्वजनिक संवाद से जुड़ा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है।

  • 'मुख्यमंत्री का बेटा होने' का टैग तोड़ने में लगे 23 साल, रितेश देशमुख ने साझा किया संघर्ष और सफलता का सफर

    'मुख्यमंत्री का बेटा होने' का टैग तोड़ने में लगे 23 साल, रितेश देशमुख ने साझा किया संघर्ष और सफलता का सफर

    नई दिल्ली । अभिनेता रितेश देशमुख ने अपने फिल्मी करियर के शुरुआती दौर से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें लंबे समय तक इस धारणा का सामना करना पड़ा कि उन्हें फिल्मों में अवसर केवल इसलिए मिलते हैं क्योंकि उनके पिता महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके थे। उन्होंने कहा कि इस सोच को बदलने और अपनी अलग पहचान बनाने में उन्हें कई वर्षों की लगातार मेहनत करनी पड़ी।

    रियलिटी शो के दौरान एक प्रतियोगी की बात पर प्रतिक्रिया देते हुए रितेश ने बताया कि किसी भी व्यक्ति पर लगने वाला टैग केवल उसके आत्मविश्वास को ही नहीं, बल्कि उसके पेशेवर सफर को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा था, तब अक्सर यह कहा जाता था कि उनकी सफलता का कारण उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि है, न कि उनकी मेहनत या प्रतिभा।

    रितेश ने कहा कि उन्होंने इन धारणाओं का जवाब शब्दों से नहीं, बल्कि अपने काम से दिया। वर्षों तक लगातार अलग-अलग तरह की फिल्मों में अभिनय करने और विविध भूमिकाएं निभाने के बाद लोगों की सोच बदली। उन्होंने बताया कि आज दो दशक से अधिक लंबे करियर और दर्जनों फिल्मों के बाद उन्हें संतोष है कि उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर अपनी अलग पहचान स्थापित की है।

    उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी कलाकार के लिए दर्शकों का विश्वास सबसे बड़ी उपलब्धि होता है। शुरुआत में लोगों की राय बदलना आसान नहीं होता, लेकिन लगातार अच्छा प्रदर्शन और ईमानदारी से किया गया काम अंततः अपनी जगह बना ही लेता है। उनका मानना है कि समय और मेहनत ऐसे हर पूर्वाग्रह को समाप्त कर सकते हैं।

    रितेश ने शो के प्रतियोगी को भी यही संदेश दिया कि किसी भी नकारात्मक पहचान या आरोप से घबराने के बजाय धैर्य और निरंतर प्रयास पर भरोसा रखना चाहिए। उनके अनुसार कुछ टैग जल्दी नहीं टूटते, लेकिन यदि व्यक्ति अपने लक्ष्य पर कायम रहे तो एक दिन उसकी मेहनत ही उसकी असली पहचान बन जाती है।

    फिल्मी करियर की बात करें तो रितेश देशमुख ने रोमांटिक, कॉमेडी, ड्रामा और नकारात्मक किरदारों सहित कई अलग-अलग भूमिकाओं में अपनी अभिनय क्षमता का प्रदर्शन किया है। हिंदी सिनेमा के साथ-साथ उन्होंने मराठी फिल्मों में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। अभिनेता के अलावा उन्होंने निर्देशन और निर्माण के क्षेत्र में भी अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई है।

    इन वर्षों में रितेश ने कई लोकप्रिय फिल्मों के माध्यम से दर्शकों का मनोरंजन किया है और अपनी सहज अभिनय शैली के कारण अलग पहचान बनाई है। उनकी हालिया परियोजनाओं को भी दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने अपनी प्रतिभा के बल पर उद्योग में मजबूत स्थान बनाया है।

    रियलिटी शो में साझा किए गए उनके अनुभव को संघर्ष, धैर्य और आत्मविश्वास का उदाहरण माना जा रहा है। रितेश का कहना है कि सफलता का वास्तविक मूल्य तब और बढ़ जाता है, जब वह किसी पूर्वाग्रह या धारणा को पीछे छोड़कर केवल अपनी मेहनत और प्रदर्शन के दम पर हासिल की जाए।

  • आज दुल्हन बनेंगी अंशुला कपूर, मुंबई में रोहन ठक्कर संग लेंगी सात फेरे, परिवार और करीबी मेहमान होंगे शामिल

    आज दुल्हन बनेंगी अंशुला कपूर, मुंबई में रोहन ठक्कर संग लेंगी सात फेरे, परिवार और करीबी मेहमान होंगे शामिल

    नई दिल्ली। कपूर परिवार में आज जश्न का माहौल है। फिल्म निर्माता बोनी कपूर की बेटी और अभिनेता अर्जुन कपूर की बहन अंशुला कपूर सोमवार को अपने मंगेतर रोहन ठक्कर के साथ विवाह बंधन में बंधने जा रही हैं। दोनों की शादी मुंबई के प्रतिष्ठित ताज लैंड्स एंड होटल में होगी। समारोह को पूरी तरह निजी रखा गया है, जिसमें केवल परिवार के सदस्य, करीबी रिश्तेदार और चुनिंदा मेहमान ही शामिल होंगे। शादी को लेकर कपूर परिवार में पिछले कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं।

    जानकारी के अनुसार शादी की सभी रस्में एक ही दिन में पूरी की जाएंगी। विवाह समारोह के बाद मेहमानों के लिए एक विशेष कॉकटेल पार्टी का भी आयोजन किया गया है। दोनों परिवार इस मौके को बेहद सादगी और गरिमापूर्ण तरीके से मनाना चाहते हैं। शादी में आधुनिक भारतीय थीम को ध्यान में रखते हुए मेहमानों के लिए विशेष ड्रेस कोड भी तय किया गया है, जिससे पूरे समारोह में एक जैसी सांस्कृतिक और पारंपरिक झलक दिखाई दे।

    अंशुला कपूर की शादी से पहले हुए प्री-वेडिंग समारोह भी चर्चा में रहे। मेहंदी, चूड़ा और माता की चौकी जैसी पारंपरिक रस्मों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए, जिन्हें लोगों ने काफी पसंद किया। परिवार के सदस्यों और करीबी दोस्तों ने इन कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर शादी की खुशियों को साझा किया। समारोह की सजावट और तैयारियों को भी पारंपरिक और आधुनिक शैली का मिश्रण बताया जा रहा है।

    अंशुला कपूर और रोहन ठक्कर की प्रेम कहानी भी काफी दिलचस्प रही है। दोनों की मुलाकात वर्ष 2022 में एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। समय के साथ दोनों की दोस्ती गहरे रिश्ते में बदल गई और पिछले वर्ष जुलाई में न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में रोहन ने अंशुला को शादी के लिए प्रपोज किया था। सगाई की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं और प्रशंसकों ने इस जोड़ी को भरपूर शुभकामनाएं दी थीं।

    रोहन ठक्कर पेशे से लेखक हैं और उन्होंने अमेरिका के लॉस एंजिल्स में फिल्म और स्क्रीनराइटिंग की पढ़ाई की है। मनोरंजन जगत से जुड़े होने के बावजूद उन्होंने हमेशा निजी जीवन को सार्वजनिक चर्चा से दूर रखा है। यही वजह है कि दोनों ने अपनी शादी को भी सीमित लोगों की मौजूदगी में आयोजित करने का फैसला किया है।

    शादी में फिल्म जगत के कई जाने-माने चेहरों के शामिल होने की संभावना है। हालांकि समारोह निजी होने के कारण मेहमानों की सूची सार्वजनिक नहीं की गई है। कपूर परिवार की ओर से भी पूरे आयोजन को सादगी और पारिवारिक माहौल में संपन्न कराने पर जोर दिया गया है।

    अंशुला कपूर लंबे समय से सामाजिक कार्यों और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े अभियानों में सक्रिय रही हैं। वहीं रोहन ठक्कर भी रचनात्मक क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुके हैं। ऐसे में दोनों की शादी को कपूर परिवार के लिए एक खास और यादगार अवसर माना जा रहा है। विवाह समारोह के बाद नवविवाहित जोड़े की पहली आधिकारिक तस्वीरों का भी प्रशंसकों को बेसब्री से इंतजार रहेगा।

  • भारी बारिश के बीच भी हर रविवार निभाई परंपरा, अमिताभ बच्चन ने फैंस से मुलाकात कर कहा- आपका स्नेह मुझे हर बार भावुक कर देता है

    भारी बारिश के बीच भी हर रविवार निभाई परंपरा, अमिताभ बच्चन ने फैंस से मुलाकात कर कहा- आपका स्नेह मुझे हर बार भावुक कर देता है


    नई दिल्ली ।
    मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच भी महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने प्रशंसकों से मिलने की वर्षों पुरानी परंपरा को कायम रखा। हर रविवार की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में फैंस उनके आवास ‘जलसा’ के बाहर पहुंचे, जहां बिग बी ने उनका अभिवादन स्वीकार किया। खराब मौसम के बावजूद प्रशंसकों का उत्साह और समर्पण देखकर अभिनेता भावुक नजर आए। उन्होंने अपने आधिकारिक ब्लॉग के माध्यम से सभी का आभार व्यक्त करते हुए लोगों से बारिश के दौरान सावधानी बरतने की अपील भी की।

    अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि मौसम चाहे धूप का हो, ठंड का हो या फिर तेज बारिश का, उनके प्रशंसक हर सप्ताह उसी उत्साह और प्रेम के साथ उनसे मिलने आते हैं। उन्होंने कहा कि यह स्नेह और अपनापन उन्हें हर बार भावुक कर देता है। उन्होंने बताया कि वह हाथ जोड़कर, हाथ हिलाकर और ऑटोग्राफ देकर अपने प्रशंसकों के प्रति आभार व्यक्त करने का प्रयास करते हैं, लेकिन उनके प्रेम का मूल्य शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं है।

    मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश को लेकर भी अभिनेता ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बारिश जहां जलस्रोतों और झीलों के लिए लाभदायक है, वहीं दूसरी ओर कई इलाकों में लोगों की दैनिक जिंदगी प्रभावित हो रही है। जलभराव, यातायात में बाधा और सामान्य जनजीवन पर पड़ रहे असर को देखते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि स्थिति जल्द सामान्य होगी और लोगों को राहत मिलेगी।

    अमिताभ बच्चन ने अपने संदेश में सभी नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि मौसम की गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए लोग केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। उन्होंने सभी से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। अभिनेता ने कहा कि केवल मुंबई ही नहीं, बल्कि जहां भी भारी बारिश का असर है, वहां रहने वाले सभी लोग सावधानी बरतें क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति का जीवन अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें अमिताभ बच्चन के बंगले ‘जलसा’ के बाहर जमा बारिश का पानी परिसर के भीतर तक पहुंचता दिखाई दिया। लगातार बारिश और जल निकासी की समस्या के कारण आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई थी। इस वीडियो के सामने आने के बाद शहर में बारिश से उत्पन्न चुनौतियों पर भी व्यापक चर्चा हुई।

    इसके बावजूद अभिनेता ने अपने प्रशंसकों से मिलने की परंपरा को नहीं तोड़ा। बड़ी संख्या में पहुंचे फैंस ने बारिश की परवाह किए बिना अपने पसंदीदा अभिनेता की एक झलक पाने का इंतजार किया। अमिताभ बच्चन ने भी उन्हें निराश नहीं किया और घर के बाहर आकर हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन किया। यह दृश्य एक बार फिर उनके और उनके प्रशंसकों के बीच वर्षों से बने गहरे भावनात्मक रिश्ते का प्रतीक बन गया।

    अमिताभ बच्चन लंबे समय से हर रविवार अपने आवास के बाहर फैंस से मुलाकात करते रहे हैं। देश और विदेश से आने वाले प्रशंसकों के लिए यह मुलाकात किसी विशेष अवसर से कम नहीं होती। खराब मौसम जैसी परिस्थितियां भी इस परंपरा और प्रशंसकों के उत्साह को प्रभावित नहीं कर सकीं। अभिनेता का यह व्यवहार उनके प्रशंसकों के प्रति सम्मान और आत्मीयता को दर्शाता है।

    फिल्मी मोर्चे पर भी अमिताभ बच्चन आने वाले समय में एक बड़े प्रोजेक्ट के साथ दर्शकों के बीच नजर आएंगे। वह फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ के सीक्वल ‘कल्कि 2’ में एक बार फिर अश्वत्थामा के अपने चर्चित किरदार को निभाते दिखाई देंगे। इस फिल्म में उनके साथ प्रभास और कमल हासन सहित कई प्रमुख कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही काफी उत्सुकता बनी हुई है।

  • 'वाराणसी' से महेश बाबू का कथित राम अवतार लुक वायरल, सोशल मीडिया पर रणबीर कपूर की 'रामायण' से शुरू हुई तुलना

    'वाराणसी' से महेश बाबू का कथित राम अवतार लुक वायरल, सोशल मीडिया पर रणबीर कपूर की 'रामायण' से शुरू हुई तुलना


    मुंबई।
    निर्देशक एसएस राजामौली की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘वाराणसी’ एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह फिल्म की कहानी या आधिकारिक घोषणा नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक कथित तस्वीर है। दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर फिल्म के सेट से लीक हुई है, जिसमें अभिनेता महेश बाबू भगवान राम के स्वरूप से मिलते-जुलते परिधान में नजर आ रहे हैं। हालांकि फिल्म निर्माताओं या कलाकारों की ओर से इस तस्वीर की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    वायरल तस्वीर में महेश बाबू पीले और भगवा रंग के वस्त्र पहने दिखाई दे रहे हैं। उनके परिधान और लुक को देखकर सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे भगवान राम के वनवास काल से प्रेरित बताया है। हालांकि इंटरनेट पर तस्वीर को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यह फिल्म के सेट से लीक हुई वास्तविक तस्वीर है, जबकि कई यूजर्स इसे फैन-आर्ट या कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार की गई इमेज भी बता रहे हैं। आधिकारिक पुष्टि के अभाव में तस्वीर की प्रामाणिकता स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर महेश बाबू के इस कथित लुक की तुलना अभिनेता रणबीर कपूर के आगामी प्रोजेक्ट ‘रामायण’ में उनके भगवान राम वाले किरदार से की जाने लगी। कई प्रशंसकों ने दोनों कलाकारों के संभावित स्क्रीन लुक पर अपनी राय साझा की, जबकि कुछ ने राजामौली की भव्य फिल्म निर्माण शैली की भी चर्चा की। सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

    एसएस राजामौली की यह फिल्म पहले से ही अपने बड़े पैमाने और स्टारकास्ट के कारण चर्चा में है। फिल्म में महेश बाबू मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, जबकि अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा लंबे समय बाद भारतीय सिनेमा में वापसी कर रही हैं। इसके अलावा अभिनेता पृथ्वीराज सुकुमारन भी महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगे। उनके किरदार को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हैं, हालांकि निर्माताओं ने अभी तक किसी भी भूमिका का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है।

    फिल्म से जुड़ी अधिकांश जानकारी फिलहाल गोपनीय रखी गई है। राजामौली की फिल्मों की तरह इस प्रोजेक्ट को लेकर भी निर्माताओं ने कहानी और पात्रों से जुड़े विवरण सार्वजनिक नहीं किए हैं। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर सामने आने वाली हर तस्वीर और दावे को लेकर उत्सुकता बढ़ जाती है। हालांकि आधिकारिक घोषणा से पहले किसी भी वायरल सामग्री की पुष्टि नहीं की जा सकती।

    बताया जा रहा है कि फिल्म वर्ष 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती है। फिलहाल इसकी शूटिंग विभिन्न स्थानों पर जारी है। दर्शकों के बीच इस प्रोजेक्ट को लेकर पहले से ही काफी उत्साह है और अब कथित लीक तस्वीर ने चर्चा को और तेज कर दिया है। फिल्म से जुड़े आधिकारिक पोस्टर, टीजर या कलाकारों के लुक सामने आने तक वायरल तस्वीरों को केवल अपुष्ट दावों के रूप में ही देखा जा रहा है।

  • आमिर से पहले शाहरुख निभाने वाले थे लाला अमरनाथ का किरदार, कोविड के चलते अधूरी रह गई राजकुमार हिरानी की योजना

    आमिर से पहले शाहरुख निभाने वाले थे लाला अमरनाथ का किरदार, कोविड के चलते अधूरी रह गई राजकुमार हिरानी की योजना

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी लाला अमरनाथ के जीवन पर आधारित फिल्म एक बार फिर चर्चा में है। अभिनेता आमिर खान और निर्देशक आशुतोष गोवारिकर इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर साथ काम करने जा रहे हैं। हालांकि अब सामने आई जानकारी के अनुसार, इस फिल्म की शुरुआती योजना कई वर्ष पहले अभिनेता शाहरुख खान और निर्देशक राजकुमार हिरानी के साथ बनाई गई थी, लेकिन परिस्थितियों के चलते वह परियोजना कभी शुरू नहीं हो सकी।

    बताया जा रहा है कि शाहरुख खान और राजकुमार हिरानी ने लाला अमरनाथ की जीवन यात्रा को बड़े पर्दे पर उतारने की योजना बनाई थी। उस समय दोनों इस विषय को लेकर गंभीरता से विचार कर रहे थे और फिल्म की प्रारंभिक रूपरेखा पर भी चर्चा हुई थी। शाहरुख को कहानी और किरदार दोनों पसंद आए थे तथा वे इस ऐतिहासिक भूमिका को निभाने के लिए उत्साहित बताए जाते थे।

    फिल्म से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह योजना उस दौर में बनी थी जब शाहरुख खान और राजकुमार हिरानी अपनी-अपनी फिल्मों के बाद नए प्रोजेक्ट पर विचार कर रहे थे। इसी दौरान लाला अमरनाथ की बायोपिक का विचार सामने आया। हालांकि विभिन्न कारणों से परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी और बाद में कोविड-19 महामारी के कारण फिल्म उद्योग की गतिविधियां भी लंबे समय तक प्रभावित रहीं। इसके बाद यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया और दोनों ने आगे चलकर दूसरी फिल्म पर साथ काम किया।

    अब वर्षों बाद यह कहानी नए रूप में दर्शकों के सामने आने की तैयारी में है। आमिर खान और आशुतोष गोवारिकर ने इस बायोपिक के लिए हाथ मिलाया है। दोनों इससे पहले एक सफल ऐतिहासिक फिल्म में साथ काम कर चुके हैं और अब एक बार फिर इस महत्वाकांक्षी परियोजना के जरिए साथ लौट रहे हैं। फिल्म में आमिर खान लाला अमरनाथ का किरदार निभाते नजर आएंगे।

    बताया जा रहा है कि फिल्म की कहानी केवल एक खिलाड़ी के क्रिकेट करियर तक सीमित नहीं होगी, बल्कि भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौर, उस समय के सामाजिक परिवेश और भारतीय क्रिकेट के शुरुआती इतिहास को भी प्रमुखता से प्रस्तुत करेगी। इससे दर्शकों को लाला अमरनाथ के संघर्ष, उपलब्धियों और उनके दौर की महत्वपूर्ण घटनाओं को समझने का अवसर मिलेगा।

    फिल्म के निर्माण से जुड़े रचनात्मक पक्ष में भी अनुभवी नाम शामिल हैं। निर्माण की जिम्मेदारी फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी संभालेंगे, जबकि पटकथा लेखन में राजकुमार हिरानी और अभिजात जोशी की भूमिका रहेगी। इससे परियोजना को मजबूत रचनात्मक आधार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    लाला अमरनाथ भारतीय क्रिकेट इतिहास के उन खिलाड़ियों में गिने जाते हैं जिन्होंने देश के शुरुआती क्रिकेट दौर में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके जीवन पर आधारित यह फिल्म खेल, इतिहास और व्यक्तिगत संघर्ष के कई पहलुओं को एक साथ प्रस्तुत करने का प्रयास करेगी। अब दर्शकों की नजर इस बात पर है कि आमिर खान और आशुतोष गोवारिकर की यह नई प्रस्तुति भारतीय क्रिकेट के इस ऐतिहासिक अध्याय को बड़े पर्दे पर किस तरह जीवंत करती है।