Category: Entertainment

  • शाहरुख खान की फिल्म 'किंग' के 450 करोड़ के भारी-भरकम बजट पर निर्देशक सिद्धार्थ आनंद ने तोड़ी चुप्पी, सोशल मीडिया पर दिया करारा जवाब

    शाहरुख खान की फिल्म 'किंग' के 450 करोड़ के भारी-भरकम बजट पर निर्देशक सिद्धार्थ आनंद ने तोड़ी चुप्पी, सोशल मीडिया पर दिया करारा जवाब

    नई दिल्ली । बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान की आने वाली फिल्म ‘किंग’ को लेकर इन दिनों सिनेमा जगत और सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा बनी हुई है। इस फिल्म को शाहरुख खान के पूरे फिल्मी करियर की अब तक की सबसे महंगी और भव्य फिल्म बताया जा रहा था। मीडिया और सिनेमाई गलियारों में लगातार यह दावा किया जा रहा था कि इस मेगा-प्रोजेक्ट का कुल बजट लगभग 450 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। इन तमाम कयासों और बड़ी खबरों के बीच अब फिल्म के निर्देशक सिद्धार्थ आनंद ने खुद सामने आकर सच्चाई बयां की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इन दावों को पूरी तरह से सिरे से खारिज करते हुए एक बड़ा बयान दिया है, जिसने फैंस के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है।

    फिल्म ‘किंग’ की रिलीज का प्रशंसक काफी समय से बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इस फिल्म के जरिए शाहरुख खान लगभग तीन साल के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर मुख्य भूमिका में बड़े पर्दे पर धमाकेदार वापसी करने जा रहे हैं। इसी भारी उत्सुकता के बीच एक हालिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि यह फिल्म बजट के मामले में भारतीय सिनेमा के पिछले कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ देगी और इसका निर्माण 450 करोड़ रुपये की अभूतपूर्व लागत से किया जा रहा है। बजट की यह खबर जैसे ही इंटरनेट पर वायरल हुई, वैसे ही फिल्म को लेकर तरह-तरह की वित्तीय चर्चाएं शुरू हो गईं।

    मध्य प्रदेश। इन तमाम उड़ती खबरों और दावों के बीच बुधवार रात को फिल्म के निर्देशक सिद्धार्थ आनंद ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक बेहद संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली ट्वीट किया। उन्होंने बजट से जुड़ी खबरों की ओर इशारा करते हुए अपने ट्वीट में सिर्फ एक शब्द लिखा— ‘गलत’। इसके अलावा सिद्धार्थ ने अपने पोस्ट में कोई अन्य स्पष्टीकरण या विस्तृत जानकारी साझा नहीं की। हालांकि, उनका यह एक शब्द का साफ जवाब इंटरनेट यूज़र्स और समीक्षकों के लिए यह समझने के लिए काफी था कि शाहरुख खान की फिल्म ‘किंग’ का वास्तविक बजट 450 करोड़ रुपये नहीं है और मीडिया में चल रहे आंकड़े महज कोरी अफवाह हैं।

    अगर शाहरुख खान की अब तक की सबसे महंगी फिल्मों के इतिहास पर नजर डालें, तो उनके करियर में साल 2023 में रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘जवान’ इस सूची में सबसे ऊपर काबिज है। इस एक्शन-थ्रिलर फिल्म का कुल निर्माण बजट लगभग 400 करोड़ रुपये आंका गया था। वहीं, उनके करियर की दूसरी सबसे बड़ी और महंगी फिल्म ‘पठान’ मानी जाती है, जिसका कुल बजट 350 करोड़ रुपये के आसपास दर्ज किया गया था। यही वजह थी कि कयास लगाए जा रहे थे कि आगामी फिल्म ‘किंग’ इन दोनों ही फिल्मों के बजट रिकॉर्ड को आसानी से पार कर जाएगी, लेकिन निर्देशक के ट्वीट ने इन अटकलों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है।

    फिल्म के जॉनर और मेकिंग की बात करें तो ‘किंग’ एक हाई-ऑक्टेन एक्शन और स्टंट-बेस्ड फिल्म होने वाली है, जिसमें शाहरुख खान एक बार फिर अपने खतरनाक एक्शन अवतार में दिखाई देंगे। फिल्म की भव्यता को बढ़ाने के लिए इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टंट्स और कई शानदार विजुअल इफेक्ट्स (वीएफएक्स) सीक्वेंसेज का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिस पर मेकर्स पानी की तरह पैसा बहा रहे हैं। यही कारण है कि फिल्म के बजट को लेकर इतनी बड़ी-बड़ी रिपोर्ट्स सामने आ रही थीं।

    बजट के अलावा यह फिल्म अपनी बेहतरीन और कद्दावर स्टार कास्ट को लेकर भी लगातार सुर्खियों बटोर रही है। इस फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी यह है कि इसमें शाहरुख खान पहली बार अपनी बेटी सुहाना खान के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर करते हुए नजर आने वाले हैं। इसके अलावा फिल्म की मुख्य स्टार कास्ट में बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री रानी मुखर्जी, दीपिका पादुकोण, जयदीप अहलावत, अभिषेक बच्चन और अनिल कपूर जैसे प्रतिभावान और बड़े सितारे भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे, जो इस प्रोजेक्ट को इस साल की सबसे बड़ी मल्टीस्टारर फिल्म बनाते हैं।

    फिल्म की रिलीज टाइमलाइन को लेकर जो जानकारियां सामने आ रही हैं, उसके मुताबिक शाहरुख खान की यह बहुप्रतीक्षित फिल्म इस साल के अंत में बड़े पर्दे पर दस्तक दे सकती है। मेकर्स इसे दिसंबर के महीने में क्रिसमस के खास और बड़े मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज करने की पूरी योजना बना रहे हैं। फिलहाल, निर्देशक सिद्धार्थ आनंद के इस तीखे खंडन के बाद अब फैंस और ट्रेड एक्सपर्ट्स के बीच इस बात की नई बहस छिड़ गई है कि अगर फिल्म का बजट 450 करोड़ रुपये नहीं है, तो आखिर असल लागत कितनी है।

  • रोहित शेट्टी के शो 'खतरों के खिलाड़ी 15' की रिलीज डेट टली, अब इस नई तारीख से शुरू होगा डर का सफर

    रोहित शेट्टी के शो 'खतरों के खिलाड़ी 15' की रिलीज डेट टली, अब इस नई तारीख से शुरू होगा डर का सफर


    नई दिल्ली ।
    टेलीविजन के सबसे चर्चित और रोमांचक स्टंट बेस्ड रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ का बेसब्री से इंतजार कर रहे दर्शकों को बड़ा झटका लगा है। मशहूर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के इस शो की रिलीज डेट को ऐन वक्त पर आगे बढ़ा दिया गया है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह रियलिटी शो इसी महीने 25 जुलाई से ऑन-एयर होने वाला था, लेकिन कुछ तकनीकी और प्रशासनिक कारणों के चलते मेकर्स ने इसे पोस्टपोन करने का फैसला लिया है। अब यह शो अगस्त के पहले हफ्ते से दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए टेलीविजन स्क्रीन पर दस्तक देगा। इस अचानक हुए बदलाव की वजह से फैंस को अपने पसंदीदा सितारों को हैरतअंगेज स्टंट करते देखने के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा।

    शो की रिलीज डेट टलने के पीछे मुख्य वजह देश में चल रहा ‘टीआरपी ब्लैकआउट’ बताया जा रहा है। दरअसल, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल को कड़े निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक जब तक टीवी चैनल्स और शोज को नया लाइसेंस प्राप्त नहीं हो जाता और वे नई टेलीविजन रेटिंग्स पॉलिसी 2026 के सभी नियमों का पूरी तरह पालन नहीं करने लगते, तब तक शोज की टीआरपी रेटिंग्स सार्वजनिक नहीं की जाएंगी। इस प्रशासनिक गतिरोध और तकनीकी बदलाव के कारण ही चैनल और मेकर्स ने शो की लॉन्चिंग को कुछ दिनों के लिए टालना ही बेहतर समझा।

    चैनल की ओर से जारी किए गए नए आधिकारिक प्रोमो के साथ अब शो की नई रिलीज डेट का भी ऐलान कर दिया गया है। ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ अब 1 अगस्त से हर शनिवार और रविवार रात 9 बजे प्रसारित किया जाएगा। नए प्रोमो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए मेकर्स ने कैप्शन में लिखा है कि ‘लगेगी जान की बाजी, क्योंकि शुरू हो रहा है डर का नया दौर।’ इस नए प्रोमो के सामने आने के बाद दर्शकों के बीच शो को लेकर उत्साह और ज्यादा बढ़ गया है। यह शो इस बार कलर्स टीवी के साथ-साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार पर भी स्ट्रीम किया जाएगा।

    मध्य प्रदेश। इस बीच शो से जुड़ी एक राहत भरी खबर यह है कि ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ की पूरी शूटिंग सफलता के साथ पूरी हो चुकी है। इस बार रोमानिया की खूबसूरत और खतरनाक लोकेशंस पर कंटेस्टेंट्स ने रोहित शेट्टी के कड़े इम्तिहानों का सामना किया है। इस सीजन की सबसे खास बात यह है कि इसमें कुछ बिल्कुल नए चेहरों के साथ-साथ शो के इतिहास के कुछ बेहद मजबूत पुराने कंटेस्टेंट्स की भी वापसी कराई गई है। नए और पुराने खिलाड़ियों के बीच होने वाली यह सीधी टक्कर इस सीजन को बेहद दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण बनाने वाली है।

    इस साल डर का सामना करने वाले कन्फर्म कंटेस्टेंट्स की बात करें तो शो में गौरव खन्ना, इंटरनेट सेंसेशन ओरी, स्टैंडअप कॉमेडियन हर्ष गुजराल, अविका गौर, विशाल आदित्य सिंह, शगुन शर्मा, पूर्व विनर रुबीना दिलैक, जैस्मिन भसीन, फरहाना भट्ट, रितविक धनजानी, अविनाश मिश्रा और करण वाही जैसे बड़े नाम शामिल हैं। सभी कंटेस्टेंट्स अपना-अपना सफर पूरा करके भारत वापस लौट चुके हैं। सोशल मीडिया पर इन खिलाड़ियों के अनुभव और स्टंट्स को लेकर अभी से कई तरह की चर्चाएं और कयास लगाए जाने शुरू हो गए हैं।

    इंटरनेट पर लीक हुई कुछ शुरुआती रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि इस सीजन में अविनाश मिश्रा, फरहाना भट्ट और रितविक धनजानी ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर टॉप 3 में जगह बना ली है, जबकि टीवी के मशहूर अभिनेता करण वाही चौथे नंबर पर रहे हैं। वहीं, कुछ दूसरी मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो फिनाले का मुख्य मुकाबला करण वाही और फरहाना भट्ट के बीच देखने को मिलेगा और यही दोनों इस सीजन के टॉप 2 कंटेस्टेंट्स बनकर उभरे हैं। हालांकि, इन दावों पर अभी तक मेकर्स या चैनल की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    पिछले सीजन की याद दिलाते हुए बताते चलें कि ‘खतरों के खिलाड़ी 14’ की ट्रॉफी अभिनेता करणवीर मेहरा ने अपने नाम की थी, जिन्होंने बाद में बिग बॉस के घर में भी अपनी जीत का परचम लहराया था। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि नई रेटिंग्स पॉलिसी के दौर में शुरू हो रहा यह नया सीजन दर्शकों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है और इस बार रोहित शेट्टी के खतरनाक स्टंट्स को मात देकर कौन सा खिलाड़ी सीजन 15 का अल्टीमेट विनर बनता है।

  • रियालिटी शो 'लॉकअप 2' में गौरव खन्ना की धमाकेदार एंट्री, पत्नी आकांक्षा चमोला को सामने देख छलके आंसू

    रियालिटी शो 'लॉकअप 2' में गौरव खन्ना की धमाकेदार एंट्री, पत्नी आकांक्षा चमोला को सामने देख छलके आंसू

    नई दिल्ली । ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के मशहूर और विवादित रियलिटी शो ‘लॉकअप 2’ का आगामी एपिसोड बेहद धमाकेदार और भावनाओं से भरपूर होने वाला है। शो के मेकर्स द्वारा जारी किए गए नए प्रोमो वीडियो ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। इस वीडियो में टीवी जगत के मशहूर अभिनेता गौरव खन्ना विजिटर के तौर पर अपनी पत्नी आकांक्षा चमोला से मिलने के लिए जेल के भीतर दाखिल होते हुए नजर आ रहे हैं। पिछले काफी समय से अपनी निजी जिंदगी और आपसी मतभेदों को लेकर चर्चा में चल रहे इस कपल का शो के भीतर आमना-सामना होते ही माहौल पूरी तरह से भावुक हो गया। लंबे समय बाद एक-दूसरे को अपने सामने पाकर दोनों ही कलाकार अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए।

    गौरव खन्ना की इस शो में एंट्री को बेहद फिल्मी और भव्य अंदाज में फिल्माया गया है। प्रोमो में गौरव खन्ना का चेहरा सामने आने से पहले बैकग्राउंड में उनकी ही आवाज में एक बेहद दर्दभरी और दिल छू लेने वाली शायरी गूंजती है। गौरव कहते हैं कि एक समंदर है जो काबू में है, लेकिन एक कतरा है जो मुझसे संभाला नहीं जाता। एक उम्र बितानी है उसके बगैर और एक लम्हा है जो मुझसे गुजारा नहीं जाता। इस बेहद भावुक शायरी के बाद गौरव खन्ना सीधे कैदियों की सेल की तरफ कदम बढ़ाते हैं और अपनी पत्नी आकांक्षा की सेल के पास जाकर रुक जाते हैं। आकांक्षा को देखते ही उनके मुंह से पहला वाक्य निकलता है कि ‘बैंड बजा दिया तूने’, जिसे सुनकर आकांक्षा खुद को संभाल नहीं पाती हैं।

    दरअसल, गौरव खन्ना के जेल में पहुंचने से ठीक पहले वाले एपिसोड में आकांक्षा चमोला का एक बेहद उग्र और हिंसक रूप दर्शकों को देखने को मिला था। जेल के अंदर सह-प्रतियोगी श्रेया कालरा और आकांक्षा चौधरी के बीच किसी बात को लेकर तगड़ी बहस शुरू हो गई थी। यह आपसी विवाद देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि इस हाथापाई के दौरान आकांक्षा के चेहरे पर गंभीर चोट लग गई। चेहरे पर चोट लगते ही आकांक्षा ने पूरी तरह से अपना आपा खो दिया और जेल के नियमों को ताक पर रखकर भारी बवाल काट दिया। उन्होंने गुस्से में आकर श्रेया का पूरा बिस्तर बेड से उठाकर नीचे फेंक दिया और वहां मौजूद माधुरी के बेड को भी पानी डालकर पूरी तरह गीला कर दिया।

    आकांक्षा का यह हिंसक और आक्रामक रवैया देखकर जेल में मौजूद अन्य सभी कैदी और टीवी दर्शक पूरी तरह हैरान रह गए। इतना ही नहीं, उन्होंने शिल्पा शिंदे और श्रेया पर बेहद तीखे पर्सनल अटैक भी किए। आकांक्षा ने शिल्पा के अतीत पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर उनके खुद के बच्चे होते तो उन्हें समझ आता कि एक मां पर क्या बीतती है। वहीं दूसरी तरफ, उन्होंने श्रेया को खुलेआम धमकी देते हुए कहा कि वह उनके सारे राज दुनिया के सामने खोल देंगी और उनके बाहरी संबंधों का पर्दाफाश कर देंगी। जेल में मचे इस अभूतपूर्व उपद्रव के बाद जब शो की होस्ट फराह खान वहां पहुंचीं, तो उन्होंने सभी कैदियों को कड़ी फटकार लगाई और साफ किया कि इस दुर्व्यवहार के लिए उन्हें बख्शा नहीं जाएगा और इसका फैसला जजमेंट डे पर होगा।

    मध्य प्रदेश। जेल के भीतर मचे इस भारी बवाल के तुरंत बाद गौरव खन्ना की एंट्री ने इस शो के रोमांच को दोगुना कर दिया है। दर्शक इस कड़वे मोड़ पर गौरव के आने से बेहद उत्साहित हैं, क्योंकि इसी शो के दौरान आकांक्षा ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया था कि वह और गौरव खन्ना पिछले एक साल से एक-दूसरे से अलग रह रहे हैं। आकांक्षा ने शो के सह-प्रतियोगी राम कपूर से बात करते हुए यह भी साफ कर दिया था कि गौरव से तलाक लेने के बाद वह अपनी पूरी जिंदगी अकेले गुजारेंगी और दोबारा कभी शादी नहीं करेंगी। उन्होंने राम कपूर से इंडस्ट्री में दोबारा काम शुरू करने के लिए मार्गदर्शन और मदद भी मांगी थी, जिस पर राम कपूर ने उन्हें पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया था।

    अब जब गौरव खन्ना खुद इस शो का हिस्सा बनकर आकांक्षा के सामने आ चुके हैं, तो हर कोई यह जानने के लिए बेताब है कि वह अपनी टूटती शादी और तलाक के फैसले पर क्या रुख अपनाते हैं। क्या इस शो के मंच पर दोनों के बीच की कड़वाहट दूर होगी या फिर दूरियां और ज्यादा बढ़ जाएंगी, यह आने वाले एपिसोड में साफ हो जाएगा। फिलहाल, गौरव को अपनी सेल के सामने खड़ा देखकर आकांक्षा बुरी तरह टूट गईं और रोते हुए अपने आंसू पोंछती नजर आईं। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे और पारिवारिक इमोशन्स के कॉम्बिनेशन ने ‘लॉकअप 2’ की टीआरपी और दर्शकों की उत्सुकता को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।

  • मराठी फिल्म 'देऊल बंद 2' के डीसीपी बिल माफी को लेकर विवादों में आए शाहरुख खान, डायरेक्टर बोले- "अच्छा इंसान सिर्फ इंसान होता है"

    मराठी फिल्म 'देऊल बंद 2' के डीसीपी बिल माफी को लेकर विवादों में आए शाहरुख खान, डायरेक्टर बोले- "अच्छा इंसान सिर्फ इंसान होता है"


    नई दिल्ली ।
    बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान इन दिनों एक मराठी फिल्म की मदद करने को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों के निशाने पर आ गए हैं। हाल ही में रिलीज हुई सुपरहिट मराठी फिल्म ‘देऊल बंद 2’ के डिजिटल सिनेमा पैकेज (डीसीपी) के लाखों रुपये के बिल को अपनी कंपनी के माध्यम से माफ करने के बाद शाहरुख खान को ट्रोल किया जा रहा है। कुछ कट्टरपंथी यूज़र्स ने सोशल मीडिया पर यह सवाल उठाने शुरू कर दिए कि एक मुस्लिम अभिनेता ने हिंदू देवता और संस्कृति पर आधारित फिल्म की वित्तीय सहायता क्यों की। इस पूरे विवाद और बढ़ती बहस को देखते हुए अब फिल्म के निर्देशक प्रवीण तारडे खुलकर शाहरुख खान के समर्थन में आ गए हैं और उन्होंने नफरत फैलाने वालों को करारा जवाब दिया है।

    यह कोई पहला मौका नहीं है जब शाहरुख खान को इस फिल्म से जुड़े किसी मामले में निशाना बनाया गया हो। इससे पहले जब फिल्म के डायरेक्टर प्रवीण तारडे ने एक इंटरव्यू के दौरान सुपरस्टार की इस दिलदारी और आर्थिक मदद का पहली बार खुलासा किया था, तब भी सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर काफी हंगामा हुआ था कि आखिर शाहरुख को इस फिल्म की सफलता का श्रेय क्यों दिया जा रहा है। अब एक बार फिर जब यह मुद्दा सोशल मीडिया पर गरमाया, तो प्रवीण तारडे ने एक पॉडकास्ट के जरिए ट्रोल्स की क्लास लगाते हुए अभिनेता का बचाव किया और फिल्म उद्योग के भीतर के भाईचारे को सर्वोपरि बताया।

    प्रवीण तारडे ने एक प्रसिद्ध पॉडकास्ट में बात करते हुए साफ शब्दों में कहा कि इस पूरे मामले में हिंदू और मुस्लिम का मुद्दा कहां से आ जाता है। उन्होंने कहा कि शाहरुख खान भी इसी फिल्म इंडस्ट्री का एक सम्मानित हिस्सा हैं और वह खुद भी इसी बिरादरी से आते हैं। तारडे ने फिल्म के निर्माण के समय आए आर्थिक संकट का जिक्र करते हुए बताया कि जब फिल्म रिलीज के लिए तैयार थी, तब उनकी टीम के पास सिर्फ 12 से 13 लाख रुपये ही बचे थे, जबकि तकनीकी काम का कुल बिल लगभग 43 लाख रुपये के आसपास पहुंच गया था। ऐसी विकट स्थिति में वे मदद की उम्मीद लेकर शाहरुख खान की कंपनी के पास पहुंचे थे।

    डायरेक्टर ने आगे बताया कि जब यह मामला शाहरुख खान के सामने आया, तो उन्होंने सबसे पहले अपनी तकनीकी टीम से फिल्म की गुणवत्ता और उसकी कहानी के बारे में फीडबैक मांगा। टीम की ओर से फिल्म को बेहद शानदार बताए जाने के बाद शाहरुख ने बिना किसी देरी के अपनी टीम को आदेश दिया कि फिल्म की डीसीपी तुरंत निर्माताओं को सौंप दी जाए ताकि फिल्म की रिलीज में कोई बाधा न आए। शाहरुख ने साफ कहा था कि पैसों का हिसाब-किताब बाद में आराम से देख लिया जाएगा। प्रवीण तारडे ने सवाल किया कि क्या किसी संकटग्रस्त फिल्म निर्माता के लिए ऐसा सोचना और तुरंत मदद करना एक बड़े दिल वाले इंसान की दरियादिली को नहीं दर्शाता है।

    ट्रोल्स को आड़े हाथों लेते हुए प्रवीण तारडे ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति इतने बड़े और साफ दिल से किसी की मदद के लिए आगे आता है, तो क्या सिर्फ उसकी जाति या मजहब देखकर उसकी भलाई और अच्छाई को नजरअंदाज कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे समय पर मदद करने वाले इंसान का शुक्रिया अदा करना हर किसी का नैतिक कर्तव्य बनता है। जहां तक हिंदुत्व या अपनी विचारधारा का सवाल है, उन्हें समाज में किसी भी व्यक्ति के सामने खुद को सही साबित करने की कोई आवश्यकता नहीं है। शाहरुख खान का आभार व्यक्त करने का उनकी व्यक्तिगत विचारधारा से कोई टकराव नहीं है, क्योंकि एक अच्छा इंसान हमेशा अच्छा इंसान ही रहता है।

    गौरतलब है कि तमाम विवादों और सोशल मीडिया पर चल रही नकारात्मकता के बावजूद फिल्म ‘देऊल बंद 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया है। धार्मिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि पर आधारित इस मराठी फिल्म ने दुनिया भर के सिनेमाघरों में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगभग 100 करोड़ रुपये का ग्रॉस बिजनेस किया है। इसके साथ ही यह फिल्म मराठी सिनेमा के इतिहास की सबसे सफल और सबसे ज्यादा कमाई करने वाली चुनिंदा फिल्मों की सूची में शामिल हो गई है। फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला है, जिसने यह साबित कर दिया है कि कला और अच्छी कहानी को दर्शकों के बीच किसी भी प्रकार के विवाद से प्रभावित नहीं किया जा सकता।

  • पीएम मोदी के भाषण में गूंजा 'कुछ कुछ होता है', जकार्ता से वायरल हुआ वीडियो, करण जौहर बोले- यह मेरे लिए गर्व और सम्मान का क्षण

    पीएम मोदी के भाषण में गूंजा 'कुछ कुछ होता है', जकार्ता से वायरल हुआ वीडियो, करण जौहर बोले- यह मेरे लिए गर्व और सम्मान का क्षण

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे के दौरान दिया गया एक बयान सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बन गया है। जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने हिंदी सिनेमा की लोकप्रिय फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ का उल्लेख किया और भारत तथा इंडोनेशिया के सांस्कृतिक संबंधों को उसी संदर्भ में जोड़ते हुए एक संदेश दिया। उनके संबोधन का यह हिस्सा सामने आने के बाद वीडियो तेजी से साझा किया जाने लगा और फिल्म निर्माता करण जौहर ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

    अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का लोकप्रिय गीत ‘कुछ कुछ होता है’ इंडोनेशिया में भी काफी पसंद किया जाता है। उन्होंने इसी संदर्भ का इस्तेमाल करते हुए कहा कि जब भारत और इंडोनेशिया मिलकर आगे बढ़ते हैं तो केवल “कुछ कुछ” नहीं बल्कि “बहुत कुछ” होता है। प्रधानमंत्री का यह संदेश दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग, सांस्कृतिक जुड़ाव और साझा विरासत को रेखांकित करने के रूप में देखा जा रहा है।

    प्रधानमंत्री के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर तेजी से वायरल हुआ। कई लोगों ने इसे भारतीय सिनेमा की वैश्विक लोकप्रियता और सांस्कृतिक कूटनीति का प्रभावी उदाहरण बताया। उनके संबोधन में बॉलीवुड का उल्लेख होने से भारतीय समुदाय के साथ-साथ फिल्म जगत में भी इसे लेकर उत्साह देखा गया।

    फिल्म निर्माता और निर्देशक करण जौहर ने भी प्रधानमंत्री के इस उल्लेख पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि यह उनके लिए गर्व और सम्मान का विषय है कि उनकी पहली निर्देशित फिल्म का जिक्र अंतरराष्ट्रीय मंच पर किया गया। उन्होंने कहा कि प्रेम ऐसी भाषा है जो सीमाओं से परे होती है और इस गीत को वर्षों तक लोगों के दिलों में जीवित रखने के लिए उन्होंने आभार व्यक्त किया।

    ‘कुछ कुछ होता है’ वर्ष 1998 में रिलीज हुई थी और यही करण जौहर के निर्देशन की पहली फिल्म थी। फिल्म ने रिलीज के समय बॉक्स ऑफिस पर उल्लेखनीय सफलता हासिल की थी और बाद के वर्षों में भी हिंदी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय फिल्मों में अपनी जगह बनाए रखी। इसकी कहानी, संगीत और संवाद आज भी दर्शकों के बीच याद किए जाते हैं।

    फिल्म में शाहरुख खान, काजोल और रानी मुखर्जी ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। इसके अलावा सलमान खान, फरीदा जलाल, अनुपम खेर, जॉनी लीवर, सना सईद और रीमा लागू सहित कई कलाकारों की भूमिकाओं को भी दर्शकों ने सराहा था। फिल्म का संगीत और इसके गीत आज भी भारतीय सिनेमा की पहचान माने जाते हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन में इस फिल्म का उल्लेख यह भी दर्शाता है कि भारतीय सिनेमा विश्व के अनेक देशों में सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। भारत और इंडोनेशिया के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों के बीच बॉलीवुड का प्रभाव भी दोनों देशों के लोगों को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनकर सामने आया है। जकार्ता में दिया गया यह संदेश केवल एक फिल्म के संदर्भ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सांस्कृतिक जुड़ाव और द्विपक्षीय मित्रता को रेखांकित करने वाला प्रतीकात्मक संदेश भी बन गया।

  • राजकुमार राव बने 'दादा', सौरव गांगुली की बायोपिक का दमदार पहला पोस्टर जारी, लॉर्ड्स की ऐतिहासिक जीत का पल फिर होगा जीवंत

    राजकुमार राव बने 'दादा', सौरव गांगुली की बायोपिक का दमदार पहला पोस्टर जारी, लॉर्ड्स की ऐतिहासिक जीत का पल फिर होगा जीवंत


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली कप्तानों में शामिल सौरव गांगुली की जीवन यात्रा अब बड़े पर्दे पर दिखाई जाएगी। उनके जन्मदिन के अवसर पर बहुप्रतीक्षित बायोपिक ‘दादा: द सौरव गांगुली स्टोरी’ का पहला पोस्टर जारी किया गया, जिसने क्रिकेट और सिनेमा प्रेमियों के बीच उत्साह बढ़ा दिया है। फिल्म में अभिनेता राजकुमार राव सौरव गांगुली की भूमिका निभा रहे हैं और उनका पहला लुक सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।

    जारी पोस्टर में राजकुमार राव को गांगुली के करियर के सबसे यादगार क्षणों में से एक को दोहराते हुए दिखाया गया है। पोस्टर में वह वर्ष 2002 के नेटवेस्ट सीरीज फाइनल में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद लॉर्ड्स की बालकनी में शर्ट लहराकर जश्न मनाते नजर आते हैं। यह दृश्य भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे प्रतिष्ठित पलों में गिना जाता है और आज भी प्रशंसकों के बीच विशेष पहचान रखता है।

    राजकुमार राव ने फिल्म का पहला पोस्टर साझा करते हुए सौरव गांगुली को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। पोस्टर में बड़े अक्षरों में ‘DADA’ शीर्षक के साथ फिल्म का उपशीर्षक ‘The Sourav Ganguly Story’ भी दिखाई देता है। इसके साथ दी गई टैगलाइन इस बात का संकेत देती है कि फिल्म केवल एक खिलाड़ी की कहानी नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट में आए बदलाव की यात्रा को भी दर्शाएगी।

    सौरव गांगुली ने भी इस पोस्टर को अपने सोशल मीडिया मंच पर साझा करते हुए खुशी जाहिर की। उन्होंने इसे अपने लिए अब तक का सबसे खास जन्मदिन का उपहार बताया और राजकुमार राव को पर्दे पर अपना प्रसिद्ध कवर ड्राइव खेलते देखने की उत्सुकता भी व्यक्त की। उनके इस संदेश को प्रशंसकों ने भी काफी पसंद किया।

    फिल्म में सौरव गांगुली की पत्नी डोना गांगुली की भूमिका अभिनेत्री तान्या मानिकतला निभाएंगी। तान्या इससे पहले कई चर्चित फिल्मों और वेब सीरीज में अपने अभिनय का प्रभाव छोड़ चुकी हैं। फिल्म के अन्य कलाकारों को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन निर्माता जल्द ही आगे की घोषणाएं कर सकते हैं।

    इस बायोपिक का निर्देशन विक्रमादित्य मोटवाने कर रहे हैं, जिन्हें अलग विषयों पर प्रभावशाली फिल्में बनाने के लिए जाना जाता है। फिल्म का निर्माण लव रंजन और अंकुर गर्ग के बैनर तले किया जा रहा है। निर्माताओं का उद्देश्य सौरव गांगुली के शुरुआती संघर्ष, भारतीय टीम में उनकी एंट्री, कप्तानी के दौर, युवा खिलाड़ियों को अवसर देने की सोच और भारतीय क्रिकेट को नई पहचान दिलाने वाले उनके योगदान को बड़े पर्दे पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करना है।

    सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट के उस कप्तान के रूप में याद किया जाता है जिन्होंने टीम में आक्रामक सोच, आत्मविश्वास और जीत का नया जज्बा पैदा किया। उनके नेतृत्व में कई युवा खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई और भारतीय टीम ने विदेशी धरती पर भी मजबूत प्रदर्शन करना शुरू किया। यही कारण है कि उनकी जीवन यात्रा पर आधारित इस फिल्म को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में विशेष उत्सुकता बनी हुई है।

    निर्माताओं ने घोषणा की है कि ‘दादा: द सौरव गांगुली स्टोरी’ 14 मई 2027 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म से जुड़ी आगामी झलकियों और ट्रेलर का इंतजार अब दर्शकों के बीच और भी बढ़ गया है।

  • तलाक के बाद नई शुरुआत को तैयार आकांक्षा चमोला, 'लॉक अप 2' में बताया क्यों नहीं करेंगी दूसरी शादी

    तलाक के बाद नई शुरुआत को तैयार आकांक्षा चमोला, 'लॉक अप 2' में बताया क्यों नहीं करेंगी दूसरी शादी


    नई दिल्ली ।
    अभिनेत्री आकांक्षा चमोला ने अपने वैवाहिक जीवन के बाद शुरू होने वाले नए सफर को लेकर पहली बार विस्तार से अपनी सोच साझा की है। रियलिटी शो ‘लॉक अप 2’ में बातचीत के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि अब वह अपनी जिंदगी अपने फैसलों के साथ जीना चाहती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल दोबारा शादी करने की उनकी कोई इच्छा नहीं है और वह अपने जीवन के इस नए अध्याय को पूरी तरह आत्मनिर्भर होकर आगे बढ़ाना चाहती हैं।

    शो के दौरान एक बातचीत में आकांक्षा ने बताया कि उन्होंने काफी कम उम्र में विवाह किया था। उनके अनुसार उस समय वह केवल 24 वर्ष की थीं। जीवन के विभिन्न अनुभवों से गुजरने के बाद अब उनकी प्राथमिकताएं बदल चुकी हैं और वह अपने भविष्य को अलग नजरिए से देख रही हैं। उन्होंने कहा कि अब वह स्वयं को बेहतर तरीके से समझ चुकी हैं और जीवन में स्वतंत्र पहचान बनाने पर ध्यान देना चाहती हैं।

    बातचीत के दौरान जब उनसे भविष्य में नया जीवनसाथी मिलने की संभावना का जिक्र किया गया तो उन्होंने बिना किसी झिझक के कहा कि वह दोबारा शादी नहीं करना चाहतीं। उनके अनुसार अब वह उस पड़ाव से आगे बढ़ चुकी हैं और फिलहाल अपना जीवन अकेले और अपनी शर्तों पर जीने में ही संतुष्टि महसूस करती हैं। उन्होंने संकेत दिया कि उनके लिए व्यक्तिगत स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता इस समय सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।

    आकांक्षा ने यह भी बताया कि यह उनके जीवन का ऐसा दौर होगा जब वह पहली बार पूरी तरह अपने दम पर रहेंगी। उन्होंने कहा कि अब वह न तो अपने माता-पिता के घर में रहेंगी और न ही पति के घर में, बल्कि अपने स्वयं के घर में नई शुरुआत करेंगी। उनके मुताबिक यह बदलाव उनके लिए केवल रहने की जगह बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास और व्यक्तिगत पहचान को मजबूत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

    इससे पहले शो के प्रीमियर एपिसोड में आकांक्षा ने अपने वैवाहिक जीवन को लेकर भी खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि वह और गौरव खन्ना पिछले लगभग एक वर्ष से अलग रह रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों के रिश्ते में किसी प्रकार की कटुता नहीं है और अलग होने का फैसला आपसी सहमति से लिया गया है। उन्होंने कहा कि आज भी दोनों के बीच सम्मान और संवाद बना हुआ है।

    आकांक्षा के इस खुलासे के बाद गौरव खन्ना ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि अलग होने के बावजूद दोनों के बीच सम्मान, स्नेह और एक-दूसरे के प्रति सहयोग की भावना बरकरार है। उनके बयान से यह स्पष्ट हुआ कि दोनों ने अपने निजी निर्णय को परिपक्वता और आपसी समझ के साथ स्वीकार किया है।

    आकांक्षा चमोला के ताजा बयान को उनके प्रशंसक जीवन की नई शुरुआत के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने जिस आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य की योजनाओं और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर जोर दिया है, उससे यह संदेश भी सामने आता है कि जीवन में बड़े बदलावों के बाद भी सकारात्मक सोच और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ा जा सकता है। फिलहाल वह अपने करियर और व्यक्तिगत जीवन के नए अध्याय पर पूरा ध्यान केंद्रित करने की तैयारी में हैं।

  • अंशुला कपूर-रोहन ठक्कर के वेडिंग रिसेप्शन में सजा बॉलीवुड का भव्य जमावड़ा, रेखा से जाह्नवी कपूर तक सितारों ने बिखेरा ग्लैमर

    अंशुला कपूर-रोहन ठक्कर के वेडिंग रिसेप्शन में सजा बॉलीवुड का भव्य जमावड़ा, रेखा से जाह्नवी कपूर तक सितारों ने बिखेरा ग्लैमर

    नई दिल्ली । अंशुला कपूर और रोहन ठक्कर की शादी के बाद मुंबई स्थित ताज लैंड्स एंड में आयोजित वेडिंग रिसेप्शन बॉलीवुड सितारों की मौजूदगी से बेहद खास बन गया। कपूर परिवार के इस समारोह में फिल्म जगत के कई दिग्गज कलाकार, निर्माता और अन्य चर्चित हस्तियां शामिल हुईं। पारंपरिक परिधानों और आकर्षक अंदाज में पहुंचे मेहमानों ने शाम की रौनक बढ़ा दी। नवविवाहित जोड़े ने भी सभी मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत किया और पैपराजी के सामने मुस्कुराते हुए तस्वीरें खिंचवाईं।

    रिसेप्शन में अंशुला कपूर लाल बनारसी साड़ी और एमराल्ड ज्वेलरी में बेहद आकर्षक नजर आईं। उनके पारंपरिक लुक ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। वहीं रोहन ठक्कर ब्लैक शेरवानी में दिखाई दिए और दोनों की जोड़ी समारोह का मुख्य आकर्षण रही। दोनों ने पूरे आत्मविश्वास और खुशी के साथ मेहमानों का अभिवादन किया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में हैं।

    बेटी के इस खास अवसर पर बोनी कपूर भी अलग अंदाज में नजर आए। उन्होंने कोरल पिंक रंग का सूट पहना और पूरे समारोह के दौरान मेहमानों का स्वागत करते दिखाई दिए। उनके चेहरे पर बेटी की शादी की खुशी साफ झलक रही थी। परिवार के अन्य सदस्यों ने भी समारोह में सक्रिय भागीदारी निभाई और नवविवाहित जोड़े के साथ यादगार पल साझा किए।

    रिसेप्शन में जाह्नवी कपूर ने पेस्टल रंग की साड़ी और पारंपरिक आभूषणों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं शनाया कपूर ग्लैमरस लहंगे में नजर आईं और उनका स्टाइल भी चर्चा का विषय बना रहा। दोनों के फैशन लुक को समारोह में मौजूद लोगों और फोटोग्राफरों ने खासा पसंद किया। कपूर परिवार की नई पीढ़ी के इन सितारों ने अपने सादगीपूर्ण लेकिन आकर्षक अंदाज से महफिल में अलग पहचान बनाई।

    दिग्गज अभिनेत्री रेखा भी नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएं देने पहुंचीं। उनकी मौजूदगी ने समारोह की भव्यता को और बढ़ा दिया। इसके अलावा रितेश देशमुख और जेनेलिया डिसूजा ने साथ में एंट्री कर सभी का ध्यान आकर्षित किया। दोनों ने मुस्कुराते हुए फोटोग्राफरों को पोज दिए और नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएं दीं। अभिनेता जैकी श्रॉफ अपने खास अंदाज में पहुंचे और उन्होंने उपहार के रूप में एक पौधा भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

    इस समारोह में जावेद अख्तर और शबाना आजमी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। दोनों ब्लैक आउटफिट में नजर आए और उन्होंने नवदंपति को शुभकामनाएं दीं। इसके अलावा अनिल कपूर, संजय कपूर, जहान कपूर, बॉबी देओल, चंकी पांडे, भावना पांडे, रकुल प्रीत सिंह, जैकी भगनानी, हिमेश रेशमिया, सोनिया, नूपुर सेनन और स्टेबिन बेन समेत फिल्म जगत की कई जानी-मानी हस्तियां भी समारोह का हिस्सा बनीं। सितारों से सजे इस वेडिंग रिसेप्शन ने एक बार फिर बॉलीवुड के पारिवारिक रिश्तों और आपसी जुड़ाव की झलक पेश की, जबकि समारोह की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं।

  • 'क्वीन 2' पर रिलीज से पहले कानूनी संकट, फैंटम स्टूडियोज ने 250 करोड़ के दावे के साथ फिल्म पर रोक लगाने की मांग की

    'क्वीन 2' पर रिलीज से पहले कानूनी संकट, फैंटम स्टूडियोज ने 250 करोड़ के दावे के साथ फिल्म पर रोक लगाने की मांग की

    नई दिल्ली । कंगना रनौत की चर्चित फिल्म ‘क्वीन 2’ रिलीज से पहले ही बड़े कानूनी विवाद में फंस गई है। फिल्म के अधिकारों को लेकर शुरू हुआ यह मामला अब बॉम्बे हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। वर्ष 2014 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म ‘क्वीन’ का निर्माण करने वाले फैंटम स्टूडियोज ने जियोस्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ याचिका दायर करते हुए फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने और 250 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। इस विवाद ने फिल्म उद्योग में बौद्धिक संपदा अधिकारों और सीक्वल निर्माण से जुड़े नियमों पर नई चर्चा शुरू कर दी है।

    फैंटम स्टूडियोज का दावा है कि पहली फिल्म के निर्माण के समय दोनों पक्षों के बीच एक औपचारिक समझौता हुआ था। इस समझौते के अनुसार यदि भविष्य में ‘क्वीन’ से जुड़ा कोई सीक्वल, प्रीक्वल या संबंधित प्रोजेक्ट बनाया जाता है तो उसके अधिकार दोनों पक्षों के बीच समान रूप से साझा किए जाएंगे। कंपनी का आरोप है कि ‘क्वीन 2’ के निर्माण और विकास की प्रक्रिया में उनकी सहमति नहीं ली गई, जो समझौते का स्पष्ट उल्लंघन है।

    याचिका में यह भी कहा गया है कि फैंटम स्टूडियोज ने मई 2025 से इस विषय पर जियोस्टार से लगातार संपर्क करने की कोशिश की थी। कंपनी का कहना है कि उसने अपने अधिकारों और समझौते के पालन को लेकर कई बार संवाद स्थापित करने का प्रयास किया, लेकिन अपेक्षित जवाब नहीं मिला। इसके बाद कानूनी रास्ता अपनाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई।

    दूसरी ओर जियोस्टार ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए इन आरोपों को खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि ‘क्वीन 2’ मूल फिल्म का सीक्वल नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह नई कहानी और अलग अवधारणा पर आधारित फिल्म है। जियोस्टार के अनुसार नई फिल्म का पहली ‘क्वीन’ के पात्रों, कहानी, घटनाक्रम या रचनात्मक सामग्री से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है, इसलिए इसे सीक्वल की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।

    कंपनी ने यह तर्क भी दिया है कि ‘Queen’ अंग्रेजी भाषा का एक सामान्य शब्द है और किसी एक संस्था का इस शब्द पर विशेष अधिकार नहीं हो सकता। इसलिए केवल शीर्षक के आधार पर इसे मूल फिल्म का विस्तार या सीक्वल मानना उचित नहीं होगा। अदालत में दोनों पक्षों के तर्क अब इस बात पर केंद्रित हैं कि नई फिल्म वास्तव में मूल कृति का विस्तार है या पूरी तरह स्वतंत्र रचना।

    साल 2014 में रिलीज हुई ‘क्वीन’ को दर्शकों और समीक्षकों दोनों से व्यापक सराहना मिली थी। सीमित बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर उल्लेखनीय सफलता हासिल की थी। फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था और कंगना रनौत को उनके अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। इसी सफलता के कारण ‘क्वीन’ का नाम आज भी हिंदी सिनेमा की चर्चित फिल्मों में शामिल किया जाता है।

    फिलहाल ‘क्वीन 2’ की स्टारकास्ट और रिलीज डेट को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन कानूनी विवाद के कारण फिल्म एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। अब फिल्म का भविष्य काफी हद तक बॉम्बे हाईकोर्ट के आगामी निर्णय पर निर्भर करेगा। अदालत के फैसले से न केवल इस फिल्म की रिलीज प्रभावित हो सकती है, बल्कि भविष्य में फिल्मों के सीक्वल, रीमेक और बौद्धिक संपदा अधिकारों से जुड़े मामलों के लिए भी महत्वपूर्ण कानूनी दिशा तय हो सकती है।

  • दिलजीत दोसांझ की प्रतिबंधित फिल्म 'सतलुज' के लेखक ने तोड़ी चुप्पी; सीबीएफसी और सिस्टम की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल

    दिलजीत दोसांझ की प्रतिबंधित फिल्म 'सतलुज' के लेखक ने तोड़ी चुप्पी; सीबीएफसी और सिस्टम की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल

    नई दिल्ली । अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ की मुख्य भूमिका वाली फिल्म ‘सतलुज’ इन दिनों देश के सिनेमा जगत और दर्शकों के बीच गंभीर चर्चा का विषय बनी हुई है। ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘ज़ी5’ पर रिलीज होने के महज दो दिनों के भीतर ही इस फिल्म को अचानक प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया, जिसके बाद से इसके कंटेंट और प्रतिबंध को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हनी त्रेहन के निर्देशन में बनी इस फिल्म का नाम पहले ‘पंजाब 95’ रखा गया था, जिसे सेंसर बोर्ड की आपत्तियों के बाद बदलकर ‘सतलुज’ किया गया था। अब इस फिल्म के सह-लेखक निरेन भट्ट ने फिल्म को बिना किसी स्पष्ट कारण के हटाए जाने पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

    फिल्म के सह-लेखक निरेन भट्ट ने हाल ही में एक मीडिया साक्षात्कार में फिल्म को हटाए जाने की प्रक्रिया और सिस्टम की कार्यप्रणाली की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि सिस्टम में बैठे कुछ लोगों को इस फिल्म की कहानी से बहुत बड़ी दिक्कत है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि इस पूरे मामले पर संबंधित विभागों की ओर से बातचीत का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। उन्होंने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी सीबीएफसी की तरफ से साधी गई लंबी चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि बोर्ड कभी यह स्पष्ट नहीं करता कि उन्हें फिल्म के किस हिस्से से आपत्ति है या ये फैसले आखिर किस स्तर पर लिए जा रहे हैं।

    प्रशासनिक हलकों और रिपोर्ट्स में यह अंदेशा जताया गया था कि इस संवेदनशील फिल्म को भारत विरोधी तत्वों द्वारा एक एजेंडे या प्रोपेगैंडा के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इस तर्क को पूरी तरह खारिज करते हुए निरेन भट्ट ने देश में हाल ही में रिलीज हुई अन्य राजनीतिक और संवेदनशील फिल्मों का उदाहरण दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि देश में ‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘द केरला स्टोरी’ जैसी फिल्में बिना किसी रुकावट के रिलीज हो सकती हैं, तो उन्हें अंतरराष्ट्रीय ताकतों का हथियार क्यों नहीं माना गया। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि सिर्फ एक बायोग्राफी को दबाने के लिए काल्पनिक आशंकाओं के आधार पर फैसला लेना बिल्कुल अतार्किक है।

    उल्लेखनीय है कि फिल्म ‘सतलुज’ की कहानी पंजाब के प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के वास्तविक जीवन और उनके संघर्षों पर आधारित है। जसवंत सिंह खालड़ा पेशे से एक बैंक कर्मचारी थे, जिन्होंने साल 1984 से 1994 के बीच पंजाब के अशांत दौर में मारे गए और लापता घोषित किए गए लगभग 25 हजार लोगों के लावारिस अंतिम संस्कार के मामलों की स्वतंत्र जांच शुरू की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि इन लोगों को फर्जी पुलिस मुठभेड़ों में मारा गया था। मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में मानवाधिकारों को लेकर काम करने वाले संगठनों के बीच यह मामला हमेशा से बेहद संवेदनशील रहा है क्योंकि इस मामले की जांच के दौरान ही खालड़ा रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे और बाद में उनका शव सतलुज नदी से बरामद हुआ था।