Category: Entertainment

  • बीमारी पर टिप्पणी से भड़कीं हिना खान, शिल्पा शिंदे के बयानों का दिया करारा जवाब, रॉकी जायसवाल ने भी पुराने विवाद उठाकर लगाए गंभीर सवाल

    बीमारी पर टिप्पणी से भड़कीं हिना खान, शिल्पा शिंदे के बयानों का दिया करारा जवाब, रॉकी जायसवाल ने भी पुराने विवाद उठाकर लगाए गंभीर सवाल

    नई दिल्ली ।टेलीविजन जगत की दो चर्चित अभिनेत्रियों हिना खान और शिल्पा शिंदे के बीच शुरू हुआ विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। हाल ही में शिल्पा शिंदे द्वारा हिना खान की कैंसर से जुड़ी यात्रा पर की गई टिप्पणी के बाद दोनों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। इस पूरे मामले में हिना खान ने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति की गंभीर बीमारी पर सवाल उठाना या उसका मजाक बनाना संवेदनशीलता की कमी को दर्शाता है। उनके साथ पति रॉकी जायसवाल ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कई गंभीर सवाल उठाए।

    विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब शिल्पा शिंदे ने हिना खान की कैंसर से जुड़ी सार्वजनिक जानकारी पर सवाल उठाए। उन्होंने यह टिप्पणी की कि बीमारी को लेकर जिस तरह से बातें सामने आईं, उस पर उन्हें संदेह है और उन्होंने यह भी पूछा कि इलाज इतनी जल्दी कैसे पूरा हो गया। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस शुरू हो गई, जिसके बाद हिना खान ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए स्पष्ट किया कि किसी की स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों पर बिना पूरी जानकारी के टिप्पणी करना उचित नहीं है।

    हिना खान ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से गुजरने वाले लोगों की मानसिक और शारीरिक स्थिति को समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान केवल संबंधित व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उन सभी मरीजों को भी प्रभावित कर सकते हैं जो इसी तरह की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि सार्वजनिक मंचों पर किसी की बीमारी को लेकर गैर-जिम्मेदार टिप्पणी करने से बचना चाहिए।

    इस विवाद के दौरान हिना खान और रॉकी जायसवाल ने शिल्पा शिंदे के पुराने यौन उत्पीड़न मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने उस प्रकरण को गंभीर बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में लगाए गए आरोपों का समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। हिना ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए जाएं और बाद में वे गलत साबित हों, तो इससे वास्तविक पीड़ितों के लिए न्याय की प्रक्रिया और अधिक कठिन हो सकती है।

    हिना ने यह भी कहा कि यौन उत्पीड़न जैसे मामलों में अत्यधिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी निर्दोष व्यक्ति की प्रतिष्ठा या मानसिक स्थिति ऐसे आरोपों से प्रभावित हो जाए तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। उनके अनुसार ऐसे मामलों में तथ्यों की पुष्टि और जिम्मेदार व्यवहार बेहद आवश्यक है।

    रॉकी जायसवाल ने भी इस पूरे विवाद में अपनी राय रखते हुए कहा कि किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति को दूसरे की व्यक्तिगत परिस्थितियों पर टिप्पणी करने से पहले तथ्यों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक प्रभाव रखने वाले लोगों के बयान लाखों लोगों तक पहुंचते हैं, इसलिए शब्दों का चयन सोच-समझकर किया जाना चाहिए।

    हिना खान ने यह भी हैरानी जताई कि पुराने विवादों के बावजूद संबंधित पक्षों के बीच बाद में दोबारा पेशेवर सहयोग कैसे हुआ। उनका कहना था कि यदि किसी मामले में इतने गंभीर आरोप लगाए गए थे, तो बाद की परिस्थितियां स्वाभाविक रूप से कई प्रश्न खड़े करती हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि रियलिटी शो के दौरान इस विषय का उल्लेख नहीं किया गया था, जबकि बाद में इसे सार्वजनिक रूप से सामने लाया गया।

    फिलहाल दोनों अभिनेत्रियों के बयानों के बाद यह विवाद मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि अब तक इस विवाद को लेकर किसी पक्ष की ओर से कानूनी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन दोनों के सार्वजनिक बयानों ने इस मुद्दे को नई बहस का विषय बना दिया है।

  • सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर बढ़ी देशभर की चिंता, अभय देओल ने जताया समर्थन, 17वें दिन की भूख हड़ताल ने आंदोलन को फिर सुर्खियों में पहुंचाया

    सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर बढ़ी देशभर की चिंता, अभय देओल ने जताया समर्थन, 17वें दिन की भूख हड़ताल ने आंदोलन को फिर सुर्खियों में पहुंचाया

    नई दिल्ली । सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। 17 दिनों से जारी इस आंदोलन के बीच उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। इसी क्रम में फिल्म अभिनेता अभय देओल ने सोशल मीडिया के माध्यम से वांगचुक के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है। इससे पहले अभिनेत्री जीनत अमान भी उनकी मांगों और स्वास्थ्य को लेकर चिंता जता चुकी हैं। लगातार मिल रहे सार्वजनिक समर्थन के कारण यह आंदोलन एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया है।

    अभय देओल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल से सोनम वांगचुक की एक तस्वीर साझा की। उन्होंने किसी विस्तृत टिप्पणी के बजाय टूटे हुए दिल का प्रतीक साझा कर उनकी बिगड़ती सेहत पर अपनी चिंता व्यक्त की। इसके साथ उन्होंने फिल्म 3 Idiots के चर्चित गीत का भी उल्लेख किया, जिसे कई लोगों ने सोनम वांगचुक से जुड़ी प्रेरणा की ओर संकेत के रूप में देखा। अभय देओल की यह प्रतिक्रिया सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस विषय पर चर्चा तेज हो गई।

    इससे पहले अभिनेत्री जीनत अमान ने भी एक विस्तृत संदेश साझा करते हुए सरकार से वांगचुक की मांगों पर संवाद शुरू करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध का सम्मान किया जाना चाहिए और ऐसे मामलों में बातचीत के जरिए समाधान तलाशना अधिक उचित होता है। उन्होंने यह भी कहा कि सोनम वांगचुक शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में लंबे समय से उल्लेखनीय कार्य करते रहे हैं और उनके योगदान को गंभीरता से देखा जाना चाहिए।

    सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल जंतर-मंतर पर जारी है। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि लंबे अनशन के कारण उनका स्वास्थ्य लगातार कमजोर हो रहा है और वजन में भी उल्लेखनीय कमी आई है। समर्थकों का कहना है कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, वहीं विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों द्वारा भी आंदोलन के प्रति समर्थन व्यक्त किया जा रहा है। बढ़ती चिंता के बीच उनके स्वास्थ्य को लेकर चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं।

    आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संगठन ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की अपील की है। प्रदर्शनकारियों की ओर से शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कदम उठाने तथा संबंधित मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिए जाने की मांग भी आंदोलन का हिस्सा बताई जा रही है। प्रदर्शनकारी इन मांगों को लेकर लगातार शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।

    आंदोलन से जुड़े संगठन ने घोषणा की है कि संसद के मानसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकाला जाएगा। इस प्रस्तावित मार्च को लेकर तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। सोनम वांगचुक की सेहत, उनकी भूख हड़ताल और आंदोलन की दिशा पर देशभर की निगाहें बनी हुई हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों, सार्वजनिक हस्तियों और आम नागरिकों की प्रतिक्रियाओं के बीच यह मुद्दा लगातार राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बना हुआ है। आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच किसी संभावित संवाद की संभावना पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

  • अदनान शेख के बयान पर उर्फी जावेद का तीखा पलटवार, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस …

    अदनान शेख के बयान पर उर्फी जावेद का तीखा पलटवार, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस …


    नई दिल्ली ।
    सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अदनान शेख की एक टिप्पणी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। एक पॉडकास्ट के दौरान विधवा और तलाकशुदा महिलाओं पर दिए गए उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। कई लोगों ने उनकी भाषा और शब्दों के चयन पर आपत्ति जताई, जबकि अभिनेत्री और सोशल मीडिया हस्ती उर्फी जावेद ने भी इस मामले में खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद यह मुद्दा इंटरनेट पर व्यापक चर्चा का विषय बन गया।

    विवाद उस समय शुरू हुआ जब एक बातचीत के दौरान अदनान शेख से इस्लाम में चार शादियों से जुड़े विषय पर सवाल पूछा गया। जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति विधवा या तलाकशुदा महिला से विवाह करना चाहता है तो समाज को इसका विरोध नहीं करना चाहिए। हालांकि अपनी बात समझाने के दौरान उन्होंने महिलाओं के लिए एक ऐसा शब्द इस्तेमाल किया, जिसे बड़ी संख्या में लोगों ने अपमानजनक और असंवेदनशील माना। बयान सामने आने के बाद उसका वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

    वीडियो वायरल होने के बाद अभिनेत्री उर्फी जावेद ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए वीडियो साझा करते हुए सवाल उठाया कि इस तरह की भाषा बोलने की अनुमति ऐसे लोगों को क्यों मिलनी चाहिए। उर्फी ने महिलाओं के सम्मान और गरिमा का मुद्दा उठाते हुए बयान की आलोचना की। उनकी प्रतिक्रिया के बाद यह विवाद और अधिक चर्चा में आ गया तथा सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी राय व्यक्त की।

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई उपयोगकर्ताओं ने भी अदनान शेख के बयान पर आपत्ति दर्ज कराई। लोगों का कहना है कि किसी भी महिला के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग स्वीकार्य नहीं हो सकता। कई प्रतिक्रियाओं में यह भी कहा गया कि यदि उनका उद्देश्य विधवा और तलाकशुदा महिलाओं के पुनर्विवाह का समर्थन करना था, तब भी अपनी बात सम्मानजनक और संवेदनशील भाषा में रखी जानी चाहिए थी। वहीं कुछ लोगों ने सार्वजनिक मंचों पर जिम्मेदारी के साथ बयान देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

    यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब सोशल मीडिया पर सार्वजनिक व्यक्तियों के बयानों को लेकर जवाबदेही और संवेदनशीलता पर लगातार चर्चा होती रही है। किसी भी टिप्पणी का प्रभाव लाखों लोगों तक पहुंचता है, इसलिए शब्दों के चयन को लेकर अधिक सतर्क रहने की अपेक्षा की जाती है। विशेष रूप से महिलाओं से जुड़े सामाजिक मुद्दों पर दिए गए बयान व्यापक सामाजिक प्रतिक्रिया का कारण बन सकते हैं।

    फिलहाल इस पूरे मामले में अदनान शेख की ओर से विवाद को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर यह बहस जारी है कि सार्वजनिक मंचों पर व्यक्त किए जाने वाले विचारों में भाषा की मर्यादा और सामाजिक संवेदनशीलता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि प्रभावशाली व्यक्तियों के सार्वजनिक बयान समाज में किस तरह का संदेश छोड़ते हैं और उनकी जिम्मेदारी कितनी महत्वपूर्ण होती है।

  • सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की रेनोवेशन के खिलाफ याचिका, 'मन्नत' में प्रस्तावित बदलावों को मिली कानूनी मंजूरी; नियमों के तहत निर्माण पर लगी मुहर

    सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की रेनोवेशन के खिलाफ याचिका, 'मन्नत' में प्रस्तावित बदलावों को मिली कानूनी मंजूरी; नियमों के तहत निर्माण पर लगी मुहर

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान और उनकी पत्नी गौरी खान को उनके मुंबई स्थित प्रतिष्ठित बंगले ‘मन्नत’ के रेनोवेशन मामले में महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें बंगले के प्रस्तावित पुनर्विकास और अतिरिक्त निर्माण को चुनौती दी गई थी। शीर्ष अदालत के इस फैसले के बाद अब रेनोवेशन योजना के तहत प्रस्तावित बदलावों और दो नई मंजिलों के निर्माण का मार्ग पूरी तरह साफ हो गया है। यह फैसला लंबे समय से चल रही कानूनी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

    मामला मुंबई के बांद्रा स्थित शाहरुख खान के बंगले ‘मन्नत’ में प्रस्तावित निर्माण से जुड़ा था। योजना के अनुसार इमारत में सातवीं और आठवीं मंजिल जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया था। इसके लिए संबंधित वैधानिक प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति भी प्राप्त की गई थी। हालांकि, इस मंजूरी को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें निर्माण को तटीय क्षेत्र से जुड़े नियमों के विरुद्ध बताया गया था। याचिकाकर्ता का तर्क था कि प्रस्तावित निर्माण पर्यावरणीय मानकों और नियामकीय प्रक्रियाओं के अनुरूप नहीं है।

    इससे पहले यह विवाद राष्ट्रीय हरित अधिकरण तक भी पहुंचा था। वहां याचिका पर विस्तृत सुनवाई के बाद अधिकरण ने संबंधित प्राधिकरणों द्वारा दी गई अनुमति को वैध मानते हुए चुनौती को खारिज कर दिया था। इसके बाद इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की गई, जहां मामले की दोबारा सुनवाई हुई। शीर्ष अदालत ने उपलब्ध रिकॉर्ड, अनुमति प्रक्रिया और संबंधित नियमों का परीक्षण करने के बाद हस्तक्षेप से इनकार कर दिया।

    सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने स्पष्ट किया कि जब सक्षम प्राधिकरण निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत अनुमति दे चुके हैं और रिकॉर्ड में किसी स्पष्ट कानूनी त्रुटि का आधार नहीं है, तब न्यायालय के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं बनती। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति की लोकप्रियता या सार्वजनिक पहचान न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करती। न्यायालय का निर्णय केवल उपलब्ध तथ्यों, कानून और नियमों के आधार पर लिया गया है।

    इस फैसले के साथ अब ‘मन्नत’ के रेनोवेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य भवन की संरचना और उपयोगिता को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना बताया गया है। आवश्यक अनुमतियों के अनुरूप निर्माण कार्य किए जाने की संभावना है। हालांकि, संबंधित सभी गतिविधियां निर्धारित नियमों और स्वीकृत शर्तों के अनुसार ही पूरी की जाएंगी।

    मुंबई के प्रमुख स्थलों में शामिल ‘मन्नत’ केवल एक निजी आवास नहीं, बल्कि शाहरुख खान के प्रशंसकों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र है। अभिनेता के जन्मदिन सहित कई अवसरों पर देश और विदेश से बड़ी संख्या में प्रशंसक उनके निवास के बाहर पहुंचते हैं। वर्षों से यह बंगला मुंबई के सबसे चर्चित और पहचान वाले स्थलों में शामिल रहा है और फिल्म प्रेमियों के बीच इसकी अलग पहचान बनी हुई है।

    इस बीच शाहरुख खान अपने आगामी फिल्मी प्रोजेक्ट्स को लेकर भी चर्चा में हैं। अभिनेता जल्द ही निर्देशक सिद्धार्थ आनंद की फिल्म ‘किंग’ में नजर आएंगे। ऐसे समय में ‘मन्नत’ से जुड़े मामले में मिला यह कानूनी फैसला उनके लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। अदालत के निर्णय के बाद अब रेनोवेशन परियोजना को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त हो गई है और निर्धारित योजना के अनुरूप आगे की प्रक्रिया पूरी किए जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

  • पाकिस्तानी दर्शकों पर चढ़ा भारतीय फिल्मों का सुरूर, नेटफ्लिक्स पर हफ्तों से टॉप ट्रेंड में बनी हुई हैं ये 6 बेहतरीन मूवीज

    पाकिस्तानी दर्शकों पर चढ़ा भारतीय फिल्मों का सुरूर, नेटफ्लिक्स पर हफ्तों से टॉप ट्रेंड में बनी हुई हैं ये 6 बेहतरीन मूवीज


    नई दिल्ली ।
    पड़ोसी देश पाकिस्तान में भारतीय फिल्मों और डिजिटल कंटेंट के प्रति दीवानगी लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। सांस्कृतिक और भौगोलिक सीमाओं को दरकिनार करते हुए, पाकिस्तानी दर्शक इस समय ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर भारतीय सिनेमा को बेहद चाव से देख रहे हैं। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, नेटफ्लिक्स पाकिस्तान की टॉप 10 सूची में छह भारतीय फिल्मों ने अपनी मजबूत पकड़ बना रखी है। इनमें से कुछ फिल्में तो ऐसी हैं जो पिछले कई हफ्तों से लगातार ट्रेंडिंग चार्ट में शीर्ष पर बनी हुई हैं, जिससे साफ पता चलता है कि दोनों देशों के बीच कला और मनोरंजन के स्तर पर जुड़ाव कितना गहरा है।

    इस सूची में जो फिल्म सबसे ज्यादा ध्यान आकर्षित कर रही है, वह है अभिनेता रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म का अनकट वर्जन ‘धुरंधर: रॉ और अनदेखा’। यह फिल्म अपनी रिलीज के समय से ही काफी विवादों में घिरी रही थी, लेकिन इसके बावजूद पिछले आठ हफ्तों से यह पाकिस्तान में नेटफ्लिक्स की टॉप 10 सूची में नौवें स्थान पर बनी हुई है। सेंसर बोर्ड की कैंची के बिना, पूरी तरह से अनसेंसर्ड और अनकट फॉर्मेट में रिलीज की गई इस थ्रिलर फिल्म को देखने के लिए दर्शकों में भारी उत्सुकता देखी जा रही है और विवादों के बाद भी इसका ट्रेंड में बने रहना बेहद चौंकाने वाला है।

    ट्रेंडिंग चार्ट में दूसरे नंबर पर दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज कलाकार अर्जुन सरजा की फिल्म ‘ब्लास्ट’ का कब्जा है। सुभाष के राज के निर्देशन में बनी यह फिल्म थियेटरों में अपनी सफलता का परचम लहराने के बाद अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी कमाल कर रही है। फिल्म में प्रीति मुखुंधन और अभिरामी जैसे कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं और इसे पाकिस्तानी दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। इसके ठीक बाद तीसरे स्थान पर बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार और वामिका गब्बी की हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘भूत बंगला’ काबिज है। निर्देशक प्रियदर्शन की इस फिल्म को दर्शकों द्वारा खूब सराहा जा रहा है।

    पारिवारिक मनोरंजन की श्रेणी में कॉमेडी-ड्रामा फिल्म ‘दादी की शादी’ इस सूची में चौथे स्थान पर ट्रेंड कर रही है। इस फिल्म में कपिल शर्मा, नीतू कपूर और सादिया खातीब जैसे कलाकारों की जुगलबंदी लोगों को खूब हंसा रही है। वहीं, अभिनेता रितेश देशमुख की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म ‘राजा शिवाजी’ छठे नंबर पर अपनी जगह बनाने में कामयाब रही है। इस फिल्म की खास बात इसमें सलमान खान का कैमियो रोल और संजय दत्त, विद्या बालन तथा अभिषेक बच्चन जैसे बड़े सितारों की मौजूदगी है, जिसने दर्शकों को अपनी ओर खींचा है।

    इस सूची को पूरा करती है सुरेश त्रिवेनी के निर्देशन में बनी ब्लैक कॉमेडी थ्रिलर फिल्म ‘मां बहन’, जो आठवें स्थान पर काबिज है। माधुरी दीक्षित, तृप्ति डीमरी और रवि किशन जैसे बेहतरीन कलाकारों से सजी इस फिल्म को इसके अनोखे विषय और सस्पेंस के कारण काफी पसंद किया जा रहा है। कुल मिलाकर, नेटफ्लिक्स का यह मौजूदा ट्रेंड यह साबित करता है कि कहानी कहने का बेहतरीन अंदाज और दमदार अभिनय हर तरह की सीमाओं को पार कर दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना ही लेता है।

  • सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने बयां किया आर्म्स एक्ट की सजा के वक्त का पूरा कोर्ट रूम ड्रामा

    सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने बयां किया आर्म्स एक्ट की सजा के वक्त का पूरा कोर्ट रूम ड्रामा

    नई दिल्ली । वर्ष 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले ने देश के साथ-साथ पूरे फिल्म जगत को हिलाकर रख दिया था। इस ऐतिहासिक मुकदमे में सबसे चर्चित चेहरा रहे बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त की सजा और उनके अदालती संघर्ष की कहानियां आज भी लोगों के जेहन में ताजा हैं। हाल ही में इस संवेदनशील मामले के विशेष सरकारी अभियोजक रहे वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम ने एक साक्षात्कार में उस वक्त के अदालती माहौल और फैसले के दिन संजय दत्त की मानसिक स्थिति को लेकर बेहद चौंकाने वाले और अनसुने खुलासे किए हैं। निकम ने बताया कि फैसला सुनाए जाने के वक्त अभिनेता किस कदर डरे हुए थे और सजा का ऐलान होते ही अदालत कक्ष के भीतर वह पूरी तरह टूट गए थे।

    मुंबई की विशेष टाडा अदालत में चल रहे इस लंबे मुकदमे के दौरान पूरे देश की निगाहें संजय दत्त पर टिकी हुई थीं। उज्ज्वल निकम के अनुसार, फैसला आने वाले दिन अदालत कक्ष के भीतर भारी तनाव और सन्नाटा पसरा हुआ था। संजय दत्त को उस समय सबसे बड़ा डर इस बात का था कि क्या उन पर देशद्रोह या आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का ठप्पा लगेगा। जब अदालत ने उन्हें टाडा यानी आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियां अधिनियम के तहत लगे गंभीर आरोपों से बरी कर दिया, तो उनके चेहरे पर कुछ पल के लिए राहत जरूर दिखी थी। लेकिन इसके तुरंत बाद जब गैर-कानूनी हथियार रखने के आरोप में आर्म्स एक्ट के तहत उन्हें दोषी ठहराया गया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

    उज्ज्वल निकम ने बताया कि टाडा के आरोपों से मुक्ति मिलने के बाद संजय दत्त को लगा था कि शायद वे पूरी तरह बच जाएंगे या उन्हें प्रोबेशन का लाभ मिल जाएगा। लेकिन कानून अपनी राह पर चल रहा था। जैसे ही न्यायाधीश ने आर्म्स एक्ट के तहत सजा की अवधि का ऐलान करना शुरू किया, संजय दत्त के शरीर में कंपन होने लगा। निकम ने उस दृश्य को याद करते हुए साझा किया कि अभिनेता के हाथ-पैर कांप रहे थे और वह अदालत में खड़े होने की स्थिति में भी नहीं दिख रहे थे। उनकी आंखें आंसुओं से भर गईं और वह पूरी तरह लाचार नजर आने लगे थे। एक ऐसा अभिनेता जिसे स्क्रीन पर हमेशा कड़े और मजबूत किरदारों में देखा गया था, वह कानून के सामने पूरी तरह बेबस खड़ा था।

    अभियोजन पक्ष के रूप में उज्ज्वल निकम ने संजय दत्त के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत कड़ी सजा की वकालत की थी क्योंकि देश की सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रतिबंधित हथियार रखना एक अक्षम्य अपराध था। निकम ने खुलासा किया कि सजा के बाद संजय दत्त ने उनकी तरफ देखा था और उनकी आंखों में अपने भविष्य को लेकर एक गहरा डर और असमंजस साफ दिखाई दे रहा था। इस ऐतिहासिक मामले में संजय दत्त को पांच साल के कारावास की सजा सुनाई गई थी, जिसके बाद उन्हें यरवदा जेल भेजा गया। उज्ज्वल निकम का यह संस्मरण न केवल एक वीआईपी आरोपी की न्यायिक प्रक्रिया के दौरान की मनोवैज्ञानिक स्थिति को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि कानून की नजर में कोई भी व्यक्ति अपने प्रभाव या शोहरत के बल पर बच नहीं सकता।

  • दीपिका और होने वाले दूसरे बच्चे के लिए काम से लेंगे ब्रेक रणवीर सिंह ने चुना परिवार पहले फिर प्रलय की शूटिंग

    दीपिका और होने वाले दूसरे बच्चे के लिए काम से लेंगे ब्रेक रणवीर सिंह ने चुना परिवार पहले फिर प्रलय की शूटिंग


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह इन दिनों अपने करियर और निजी जिंदगी दोनों के बेहद खास दौर से गुजर रहे हैं। एक ओर उनकी फिल्मों को शानदार सफलता मिल रही है तो दूसरी ओर वह अपने परिवार के साथ नए सदस्य के स्वागत की तैयारियों में भी जुटे हैं। इसी बीच रणवीर सिंह को लेकर बड़ी खबर सामने आई है कि वह अपनी आगामी बिग बजट फिल्म प्रलय की शूटिंग के बीच पैटरनिटी लीव लेने वाले हैं ताकि पत्नी दीपिका पादुकोण और अपने परिवार के साथ इस खास समय को पूरी तरह जी सकें।

    रिपोर्ट्स के अनुसार रणवीर सिंह अगस्त 2026 से फिल्म प्रलय की शूटिंग शुरू करेंगे। फिल्म का शुरुआती शेड्यूल करीब दो महीने तक चलेगा। इसके बाद दीपिका पादुकोण की दूसरी डिलीवरी का समय करीब आने पर रणवीर अपने सभी पेशेवर कामों से कुछ समय के लिए दूरी बना लेंगे। बताया जा रहा है कि वह दिवाली के आसपास पैटरनिटी लीव पर जाएंगे और इस दौरान पत्नी दीपिका बेटी दुआ तथा परिवार के नए सदस्य के साथ पूरा समय बिताएंगे। फिल्म की बाकी शूटिंग उनकी वापसी के बाद वर्ष 2027 में फिर शुरू होगी।

    रणवीर सिंह हमेशा से अपने परिवार को प्राथमिकता देने के लिए जाने जाते हैं। बेटी दुआ के जन्म के बाद भी उन्होंने निजी जीवन को भरपूर समय दिया था। अब दूसरी बार पिता बनने की खुशी के बीच उन्होंने एक बार फिर परिवार को सबसे ऊपर रखने का फैसला किया है। उनके इस निर्णय की सोशल मीडिया पर भी काफी सराहना हो रही है जहां प्रशंसक इसे एक जिम्मेदार पिता की मिसाल बता रहे हैं।

    दूसरी ओर फिल्म प्रलय भी रणवीर सिंह के करियर की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में गिनी जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 300 करोड़ रुपये के भारी भरकम बजट में तैयार हो रही यह फिल्म अत्याधुनिक विजुअल इफेक्ट्स से लैस होगी। फिल्म की कहानी एक डिस्टोपियन जॉम्बी थ्रिलर पर आधारित बताई जा रही है जिसमें बड़े स्तर पर वीएफएक्स का इस्तेमाल किया जाएगा। इसकी शूटिंग भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में की जाएगी जिससे यह अंतरराष्ट्रीय स्तर की भव्य फिल्म बनने की ओर बढ़ रही है।

    रणवीर सिंह के लिए पिछले कुछ वर्ष बेहद सफल रहे हैं। उनकी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है और उन्हें लगातार बड़े प्रोजेक्ट्स मिल रहे हैं। ऐसे समय में भी उन्होंने अपने परिवार के लिए काम से ब्रेक लेने का फैसला कर यह संदेश दिया है कि निजी जीवन और परिवार की खुशियां भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं जितनी पेशेवर सफलता।

    उधर दीपिका पादुकोण भी इन दिनों अपने दूसरे बच्चे के स्वागत की तैयारियों में व्यस्त हैं। अभिनेत्री फिलहाल फिल्मों से ब्रेक लेकर परिवार के साथ समय बिता रही हैं और बेटी दुआ की देखभाल पर पूरा ध्यान दे रही हैं। माना जा रहा है कि अक्टूबर या नवंबर 2026 में उनके घर नए मेहमान की किलकारी गूंज सकती है।

    ऐसे में आने वाले महीनों में रणवीर सिंह एक तरफ अपनी मेगा बजट फिल्म प्रलय को लेकर चर्चा में रहेंगे तो दूसरी ओर दूसरी बार पिता बनने की खुशी भी उनके जीवन का सबसे खास पल बनने वाली है।

  • जेठालाल कहीं नहीं जा रहे तारक मेहता के मेकर्स ने अफवाहों पर लगाया विराम दिलीप जोशी रहेंगे शो का हिस्सा

    जेठालाल कहीं नहीं जा रहे तारक मेहता के मेकर्स ने अफवाहों पर लगाया विराम दिलीप जोशी रहेंगे शो का हिस्सा


    नई दिल्ली । फिल्मों की शूटिंग के दौरान कलाकारों की सुरक्षा के लिए बॉडीगार्ड रखना आम बात है लेकिन हॉलीवुड की एक चर्चित फिल्म के सेट पर ऐसा भी दौर आया जब एक अभिनेता की सुरक्षा नहीं बल्कि उससे बाकी कलाकारों और पूरी यूनिट को बचाने के लिए बॉडीगार्ड तैनात करने पड़े। यह दिलचस्प और हैरान करने वाला किस्सा साल 1987 में रिलीज हुई सुपरहिट साइंस फिक्शन एक्शन फिल्म प्रिडेटर की शूटिंग से जुड़ा है।

    इस फिल्म में हॉलीवुड स्टार अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर मुख्य भूमिका में थे। फिल्म की शूटिंग मैक्सिको के दूरदराज जंगलों में बेहद कठिन परिस्थितियों में की जा रही थी। भीषण गर्मी उमस और चुनौतीपूर्ण लोकेशन के बीच कलाकारों और तकनीकी टीम के लिए काम करना आसान नहीं था। लंबे समय तक कठिन माहौल में शूटिंग होने से पूरी यूनिट मानसिक और शारीरिक दबाव से गुजर रही थी।

    इसी दौरान फिल्म में बिली का किरदार निभाने वाले अभिनेता सॉनी लैंडहम का व्यवहार लगातार बदलने लगा। बताया जाता है कि वह सेट पर असहज महसूस करने लगे थे। फिल्म में कई लंबे और मजबूत कदकाठी वाले कलाकार मौजूद थे और इसी वजह से सॉनी लैंडहम खुद को असुरक्षित और हीन भावना से घिरा हुआ महसूस करने लगे। धीरे धीरे इसका असर उनके व्यवहार पर भी दिखाई देने लगा।

    रिपोर्टों के अनुसार सॉनी लैंडहम कई बार शूटिंग के दौरान सहयोग नहीं करते थे और गुस्से में साथी कलाकारों व क्रू के सदस्यों के साथ आक्रामक रवैया अपनाने लगते थे। स्थिति तब और गंभीर हो जाती थी जब वह जरूरत से ज्यादा शराब पी लेते थे। उनके गुस्से और अनियंत्रित व्यवहार से पूरी यूनिट में तनाव का माहौल बनने लगा था।

    हालात इतने बिगड़ गए कि फिल्म के निर्माताओं और प्रोडक्शन टीम को सुरक्षा के लिहाज से बड़ा फैसला लेना पड़ा। उन्होंने सॉनी लैंडहम के साथ हर समय एक विशेष बॉडीगार्ड तैनात कर दिया। यह बॉडीगार्ड उनकी सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि इस बात का ध्यान रखने के लिए रखा गया था कि यदि अभिनेता का व्यवहार बेकाबू हो जाए तो वह तुरंत स्थिति संभाल सके और बाकी कलाकारों व क्रू को सुरक्षित रखे।

    बताया जाता है कि मेकर्स ने इसके लिए करीब 6 फुट 8 इंच लंबे और बेहद मजबूत व्यक्ति को चुना था। उसका काम चौबीसों घंटे सॉनी लैंडहम के साथ रहना और किसी भी अप्रिय स्थिति में हस्तक्षेप करना था। यह फैसला इसलिए लिया गया ताकि फिल्म की शूटिंग बिना किसी बड़े विवाद या हादसे के पूरी की जा सके।

    हालांकि तमाम मुश्किलों के बावजूद प्रिडेटर सफलतापूर्वक पूरी हुई और रिलीज के बाद जबरदस्त हिट साबित हुई। अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर की यह फिल्म आज भी हॉलीवुड की सबसे प्रतिष्ठित एक्शन फिल्मों में गिनी जाती है। दूसरी ओर सॉनी लैंडहम का यह किस्सा फिल्म इंडस्ट्री के उन दुर्लभ घटनाक्रमों में शामिल हो गया जिसमें किसी अभिनेता की वजह से पूरी यूनिट की सुरक्षा के लिए अलग से बॉडीगार्ड नियुक्त करने पड़े।

  • फिल्म के हीरो नहीं बने सबसे बड़ी चुनौती इस अभिनेता की हरकतों से परेशान होकर मेकर्स ने उठाया बड़ा कदम

    फिल्म के हीरो नहीं बने सबसे बड़ी चुनौती इस अभिनेता की हरकतों से परेशान होकर मेकर्स ने उठाया बड़ा कदम


    नई दिल्ली । फिल्मों की शूटिंग के दौरान कलाकारों की सुरक्षा के लिए बॉडीगार्ड रखना आम बात है लेकिन हॉलीवुड की एक चर्चित फिल्म के सेट पर ऐसा भी दौर आया जब एक अभिनेता की सुरक्षा नहीं बल्कि उससे बाकी कलाकारों और पूरी यूनिट को बचाने के लिए बॉडीगार्ड तैनात करने पड़े। यह दिलचस्प और हैरान करने वाला किस्सा साल 1987 में रिलीज हुई सुपरहिट साइंस फिक्शन एक्शन फिल्म प्रिडेटर की शूटिंग से जुड़ा है।

    इस फिल्म में हॉलीवुड स्टार अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर मुख्य भूमिका में थे। फिल्म की शूटिंग मैक्सिको के दूरदराज जंगलों में बेहद कठिन परिस्थितियों में की जा रही थी। भीषण गर्मी उमस और चुनौतीपूर्ण लोकेशन के बीच कलाकारों और तकनीकी टीम के लिए काम करना आसान नहीं था। लंबे समय तक कठिन माहौल में शूटिंग होने से पूरी यूनिट मानसिक और शारीरिक दबाव से गुजर रही थी।

    इसी दौरान फिल्म में बिली का किरदार निभाने वाले अभिनेता सॉनी लैंडहम का व्यवहार लगातार बदलने लगा। बताया जाता है कि वह सेट पर असहज महसूस करने लगे थे। फिल्म में कई लंबे और मजबूत कदकाठी वाले कलाकार मौजूद थे और इसी वजह से सॉनी लैंडहम खुद को असुरक्षित और हीन भावना से घिरा हुआ महसूस करने लगे। धीरे धीरे इसका असर उनके व्यवहार पर भी दिखाई देने लगा।

    रिपोर्टों के अनुसार सॉनी लैंडहम कई बार शूटिंग के दौरान सहयोग नहीं करते थे और गुस्से में साथी कलाकारों व क्रू के सदस्यों के साथ आक्रामक रवैया अपनाने लगते थे। स्थिति तब और गंभीर हो जाती थी जब वह जरूरत से ज्यादा शराब पी लेते थे। उनके गुस्से और अनियंत्रित व्यवहार से पूरी यूनिट में तनाव का माहौल बनने लगा था।

    हालात इतने बिगड़ गए कि फिल्म के निर्माताओं और प्रोडक्शन टीम को सुरक्षा के लिहाज से बड़ा फैसला लेना पड़ा। उन्होंने सॉनी लैंडहम के साथ हर समय एक विशेष बॉडीगार्ड तैनात कर दिया। यह बॉडीगार्ड उनकी सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि इस बात का ध्यान रखने के लिए रखा गया था कि यदि अभिनेता का व्यवहार बेकाबू हो जाए तो वह तुरंत स्थिति संभाल सके और बाकी कलाकारों व क्रू को सुरक्षित रखे।

    बताया जाता है कि मेकर्स ने इसके लिए करीब 6 फुट 8 इंच लंबे और बेहद मजबूत व्यक्ति को चुना था। उसका काम चौबीसों घंटे सॉनी लैंडहम के साथ रहना और किसी भी अप्रिय स्थिति में हस्तक्षेप करना था। यह फैसला इसलिए लिया गया ताकि फिल्म की शूटिंग बिना किसी बड़े विवाद या हादसे के पूरी की जा सके।

    हालांकि तमाम मुश्किलों के बावजूद प्रिडेटर सफलतापूर्वक पूरी हुई और रिलीज के बाद जबरदस्त हिट साबित हुई। अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर की यह फिल्म आज भी हॉलीवुड की सबसे प्रतिष्ठित एक्शन फिल्मों में गिनी जाती है। दूसरी ओर सॉनी लैंडहम का यह किस्सा फिल्म इंडस्ट्री के उन दुर्लभ घटनाक्रमों में शामिल हो गया जिसमें किसी अभिनेता की वजह से पूरी यूनिट की सुरक्षा के लिए अलग से बॉडीगार्ड नियुक्त करने पड़े।

  • हीरो नंबर 1 की वापसी तय गोविंदा ने नई फिल्म रूपा का किया ऐलान नई एक्ट्रेस रानी स्वर्णकार के साथ आएंगे नजर

    हीरो नंबर 1 की वापसी तय गोविंदा ने नई फिल्म रूपा का किया ऐलान नई एक्ट्रेस रानी स्वर्णकार के साथ आएंगे नजर


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के हीरो नंबर 1 के नाम से मशहूर गोविंदा ने आखिरकार अपने प्रशंसकों को वह खुशखबरी दे दी जिसका लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। कई वर्षों तक बड़े पर्दे से दूर रहने के बाद गोविंदा अब एक बार फिर फिल्मों में वापसी करने जा रहे हैं। उन्होंने आधिकारिक तौर पर अपनी नई फिल्म रूपा का ऐलान किया है। खास बात यह है कि इस फिल्म में वह सिर्फ मुख्य अभिनेता के रूप में ही नहीं बल्कि निर्माता की जिम्मेदारी भी संभालते नजर आएंगे। उनके साथ इस फिल्म में नई अभिनेत्री रानी स्वर्णकार बॉलीवुड में कदम रखेंगी।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गोविंदा ने अपने फिल्मी सफर के उतार चढ़ाव पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि उनके करियर में कई ऐसे मौके आए जब उन्हें नजरअंदाज किया गया और लोगों ने यह तक कह दिया कि अब उनकी वापसी संभव नहीं है। हालांकि उन्होंने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी। गोविंदा ने कहा कि उन्होंने एक नई शुरुआत करने का फैसला किया है और उन्हें विश्वास है कि उनकी नई फिल्म दर्शकों का दिल जीतने में सफल होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह फिल्म खासतौर पर युवा दर्शकों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है और उन्हें उम्मीद है कि थिएटर में इसे देखने वाले दर्शकों को एक नया अनुभव मिलेगा।

    गोविंदा ने बातचीत के दौरान अपनी जिंदगी में अंक 14 के महत्व का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह न्यूमरोलॉजी में विश्वास करते हैं और 14 हमेशा उनके लिए बेहद शुभ साबित हुआ है। उनके अनुसार 14 वर्ष की उम्र से ही उनकी जिंदगी में इस अंक का खास महत्व रहा है। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने सिर्फ एक सप्ताह में 14 फिल्में साइन की थीं और इसके बाद करीब 14 वर्षों तक लगातार सुपरस्टारडम का दौर देखा। बाद में वह 14वीं लोकसभा के सदस्य भी बने। उन्होंने अपने संघर्ष के वर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि हर कठिन दौर के बाद उन्हें नई शुरुआत करने का मौका मिला और अब एक बार फिर वह उसी विश्वास के साथ फिल्मों में लौट रहे हैं।

    गोविंदा ने यह भी कहा कि इस बार उन्होंने ज्यादा इंतजार नहीं किया और तय कर लिया कि अब फिर से अभिनय की दुनिया में सक्रिय होना है। उन्होंने भगवान का आशीर्वाद मिलने की बात कहते हुए उम्मीद जताई कि फिल्म रूपा उनके करियर का नया अध्याय साबित होगी। उनके प्रशंसकों के लिए भी यह वापसी बेहद खास मानी जा रही है क्योंकि लंबे समय से दर्शक उन्हें बड़े पर्दे पर देखने का इंतजार कर रहे थे।

    हाल ही में गोविंदा अपनी पत्नी सुनीता आहूजा का समर्थन करने के लिए रियलिटी शो लॉकअप 2 में भी पहुंचे थे। वहां उन्होंने अपनी चिरपरिचित कॉमिक टाइमिंग से सभी का मनोरंजन किया। शो के दौरान फराह खान के साथ उनकी मजेदार नोकझोंक और सुनीता आहूजा को लेकर किए गए हास्यपूर्ण संवाद सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में रहे। इससे साफ है कि गोविंदा आज भी अपनी सहज हास्य शैली और शानदार स्क्रीन प्रेजेंस से दर्शकों का मनोरंजन करने का हुनर रखते हैं।

    अब फिल्म रूपा के जरिए गोविंदा की वापसी पर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि यह फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतरती है तो एक बार फिर बॉलीवुड को अपना चहेता हीरो नंबर 1 पुराने अंदाज में बड़े पर्दे पर देखने का मौका मिलेगा।