Category: Entertainment

  • आमिर खान की तीसरी शादी पर धार्मिक विवाद गहराया, गैर-मुस्लिम जीवनसाथी से विवाह को लेकर शाही चीफ मुफ्ती की आपत्ति

    आमिर खान की तीसरी शादी पर धार्मिक विवाद गहराया, गैर-मुस्लिम जीवनसाथी से विवाह को लेकर शाही चीफ मुफ्ती की आपत्ति

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान अपनी तीसरी शादी के बाद एक नए विवाद के केंद्र में आ गए हैं। गैर-मुस्लिम गौरी स्प्रैट से उनके विवाह को लेकर मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता के शाही चीफ मुफ्ती मौलाना इब्राहिम हुसैन ने सार्वजनिक रूप से आपत्ति जताई है। उन्होंने इस्लामी शरीयत की अपनी व्याख्या के आधार पर कहा है कि किसी मुस्लिम पुरुष का गैर-मुस्लिम महिला से विवाह करना तब तक स्वीकार्य नहीं माना जाता, जब तक संबंधित महिला इस्लाम धर्म स्वीकार न कर ले। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया और सार्वजनिक विमर्श में इस विषय पर चर्चा तेज हो गई है।

    मौलाना इब्राहिम हुसैन का कहना है कि इस्लामी धार्मिक नियमों के अनुसार मुस्लिम पुरुष के लिए गैर-मुस्लिम महिला से विवाह करना उचित नहीं है। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में उन्होंने इसे शरीयत के विरुद्ध बताते हुए कहा कि ऐसा विवाह धार्मिक दृष्टि से मान्य नहीं माना जाता। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग ऐसे विवाह करते हैं, उन्हें अपने धार्मिक कर्तव्यों और मान्यताओं के प्रति उत्तरदायी होना चाहिए। उनके बयान को कई माध्यमों में फतवा जारी किए जाने के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

    मौलाना ने अपने वक्तव्य में केवल अंतरधार्मिक विवाह ही नहीं, बल्कि बार-बार विवाह और तलाक के मुद्दे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति वैवाहिक जिम्मेदारियों का निर्वहन सही तरीके से नहीं कर सकता, तो उसे बार-बार विवाह करने से बचना चाहिए। हालांकि उन्होंने अपने बयान में सीधे तौर पर आमिर खान का नाम नहीं लिया, लेकिन हाल ही में एक फिल्म अभिनेता द्वारा गैर-मुस्लिम महिला से तीसरी शादी किए जाने का उल्लेख किया, जिसे आमिर खान से जोड़कर देखा जा रहा है।

    इस पूरे घटनाक्रम के बीच आमिर खान या उनकी टीम की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है। इसलिए इस विवाद पर अभिनेता का पक्ष सामने आना बाकी है। वहीं सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और कानूनी अधिकार का विषय बता रहे हैं, जबकि कुछ धार्मिक दृष्टिकोण से इस पर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।

    जानकारी के अनुसार आमिर खान ने 5 जुलाई 2026 को गौरी स्प्रैट से स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत निजी समारोह में रजिस्टर्ड विवाह किया था। गौरी स्प्रैट बेंगलुरु की रहने वाली हैं और ब्यूटी एवं वेलनेस क्षेत्र से जुड़ा व्यवसाय संचालित करती हैं। उनकी पिछली शादी से एक पुत्र भी है। स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत भारत में अलग-अलग धर्मों के वयस्क नागरिक कानूनी रूप से विवाह कर सकते हैं।

    आमिर खान के निजी जीवन की बात करें तो यह उनका तीसरा विवाह है। उन्होंने पहला विवाह वर्ष 1986 में रीना दत्ता से किया था, जिनसे उनके दो बच्चे हैं। दोनों का वर्ष 2002 में तलाक हो गया। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2005 में फिल्म निर्माता किरण राव से विवाह किया। दोनों का एक पुत्र है और वर्ष 2021 में उन्होंने आपसी सहमति से अलग होने का निर्णय लिया था। अब गौरी स्प्रैट के साथ उनका नया वैवाहिक जीवन चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल धार्मिक टिप्पणी और सार्वजनिक बहस के बीच सभी की नजर आमिर खान की संभावित प्रतिक्रिया और आगे के घटनाक्रम पर बनी हुई है।

  • जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को मिला बॉलीवुड का समर्थन, स्वरा भास्कर पहुंचीं धरना स्थल, आंदोलन में जताई एकजुटता

    जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को मिला बॉलीवुड का समर्थन, स्वरा भास्कर पहुंचीं धरना स्थल, आंदोलन में जताई एकजुटता


    नई दिल्ली ।
    नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। आंदोलन के 18वें दिन बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर प्रदर्शन स्थल पहुंचीं और सोनम वांगचुक से मुलाकात कर उनके आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने आंदोलन से जुड़े लोगों से भी बातचीत की और प्रदर्शन में शामिल होकर अपनी एकजुटता दिखाई। वांगचुक की गिरती सेहत के बीच इस मुलाकात को आंदोलन के लिए महत्वपूर्ण समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।

    जंतर-मंतर पर चल रहा यह आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित कर रहा है। सोनम वांगचुक पिछले 18 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। वह कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन में शामिल होकर परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर अपनी आवाज उठा रहे हैं। आंदोलन से जुड़े लोग शिक्षा व्यवस्था में सुधार और संबंधित मांगों पर सरकार से कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं। लंबे समय से जारी इस अनशन के कारण वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर भी लगातार चिंता व्यक्त की जा रही है।

    प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं स्वरा भास्कर ने आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों से मुलाकात की और अपने समर्थन का संदेश साझा किया। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से भी आंदोलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। स्वरा ने आंदोलन से जुड़े लोगों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह भविष्य की पीढ़ियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाने का प्रयास है। उन्होंने सोनम वांगचुक के लंबे संघर्ष की प्रशंसा करते हुए उनके प्रति सम्मान और समर्थन व्यक्त किया।

    आंदोलन से जुड़े लोगों के अनुसार सोनम वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं। लगातार अनशन के कारण उनकी शारीरिक स्थिति प्रभावित हो रही है। संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी उनकी सेहत को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि लंबे समय से भोजन नहीं लेने के कारण उनके शरीर पर इसका असर दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी है और संगठन अपनी मांगों पर सकारात्मक पहल की उम्मीद कर रहा है।

    सोनम वांगचुक के समर्थन में केवल स्वरा भास्कर ही नहीं बल्कि फिल्म और साहित्य जगत की कई अन्य हस्तियां भी सामने आई हैं। लेखिका अरुंधति रॉय, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, फिल्मकार संजय काक सहित कई लोगों ने वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की है। इन हस्तियों ने आंदोलन से जुड़े पक्षों से संवाद के माध्यम से समाधान निकालने और वांगचुक की भूख हड़ताल समाप्त कराने की अपील भी की है। इसके अलावा अभिनेता ओमी वैद्य ने भी वीडियो संदेश जारी कर लोगों से इस मुद्दे पर जागरूक होने और अपनी आवाज उठाने का आग्रह किया है।

    आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जुलाई को संसद मार्च निकालने की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर, सोनम वांगचुक की लगातार बिगड़ती सेहत को देखते हुए आंदोलन से जुड़े लोग और समर्थक उनकी चिकित्सकीय निगरानी तथा जल्द समाधान की उम्मीद जता रहे हैं। यह आंदोलन अब सामाजिक, शैक्षणिक और सार्वजनिक विमर्श का महत्वपूर्ण विषय बन चुका है।

  • कार के अंदर तक कैमरा पहुंचने पर नाराज हुईं मौनी रॉय, पैपराजी से बोलीं- 'कितनी बार कहूं, बंद करो'

    कार के अंदर तक कैमरा पहुंचने पर नाराज हुईं मौनी रॉय, पैपराजी से बोलीं- 'कितनी बार कहूं, बंद करो'


    नई दिल्ली ।
    अभिनेत्री मौनी रॉय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें वह पैपराजी की लगातार रिकॉर्डिंग से असहज नजर आ रही हैं। मुंबई में दोस्तों के साथ डिनर के बाद जब वह अपनी कार में बैठीं तो फोटोग्राफर्स लगातार कार की खिड़की से उनकी तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करते रहे। इस दौरान मौनी ने कई बार कैमरा बंद करने का इशारा करते हुए रिकॉर्डिंग रोकने की अपील की। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और निजी जीवन की गोपनीयता को लेकर एक नई बहस भी छेड़ रहा है।

    घटना मंगलवार रात की बताई जा रही है, जब मौनी रॉय अपने दोस्तों के साथ डिनर के लिए एक रेस्टोरेंट पहुंची थीं। बाहर निकलने के बाद उन्होंने सामान्य तरीके से पैपराजी के लिए तस्वीरें खिंचवाईं। इसके बाद जैसे ही वह अपनी कार में बैठीं, कुछ फोटोग्राफर्स कार के शीशे से लगातार वीडियो रिकॉर्ड करने लगे। इस दौरान मौनी ने हाथ और उंगली के इशारे से कई बार ‘बंद करो’ कहते हुए रिकॉर्डिंग रोकने का अनुरोध किया। उनके चेहरे पर नाराजगी और असहजता साफ दिखाई दे रही थी।

    वीडियो में मौनी ब्लैक स्लीवलेस आउटफिट में नजर आ रही हैं। वह शांत रहने की कोशिश करती दिखीं, लेकिन लगातार कैमरा उनकी ओर किए जाने के कारण उन्होंने स्पष्ट रूप से अपनी नाराजगी जाहिर की। कुछ ही देर बाद उनकी कार वहां से रवाना हो गई। सोशल मीडिया पर यह वीडियो सामने आने के बाद लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों ने निजी जीवन और व्यक्तिगत सीमा का सम्मान किए जाने की बात कही, जबकि कुछ ने इसे सेलिब्रिटी और पैपराजी के बीच सामान्य स्थिति बताया।

    उस शाम मौनी रॉय अपनी करीबी दोस्त अनुषा दांडेकर और अभिनेता अर्जुन बिजलानी के साथ डिनर पर गई थीं। रेस्टोरेंट के बाहर तीनों ने एक-दूसरे से मुलाकात की और कुछ समय साथ बिताया। डिनर के बाद बाहर निकलते समय भी फोटोग्राफर्स ने उनकी तस्वीरें लीं, लेकिन कार में बैठने के बाद भी रिकॉर्डिंग जारी रहने से अभिनेत्री असहज महसूस करती दिखाई दीं।

    हाल के दिनों में मौनी रॉय अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी चर्चा में रही हैं। उनके व्यक्तिगत जीवन से जुड़ी खबरों ने भी सोशल मीडिया पर काफी ध्यान आकर्षित किया था। ऐसे में सार्वजनिक स्थानों पर उनकी हर गतिविधि पर पैपराजी और सोशल मीडिया की नजर बनी रहती है। हालांकि, इस ताजा घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि सार्वजनिक हस्तियों की निजी सीमाओं का सम्मान किस हद तक किया जाना चाहिए।

    मौनी रॉय ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत टेलीविजन से की थी और कई लोकप्रिय धारावाहिकों के जरिए उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। बाद में उन्होंने फिल्मों का रुख किया और कई चर्चित परियोजनाओं में अभिनय किया। आज वह टेलीविजन और फिल्म दोनों माध्यमों की प्रमुख अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। उनका यह वायरल वीडियो फिलहाल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और पैपराजी संस्कृति तथा निजता के अधिकार को लेकर लोगों के बीच विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

  • पिता के निधन के सदमे से टूटकर जब मुंबई छोड़ ऋषिकेश भागे थे अभिनेता संजय मिश्रा, ढाबे पर 150 रुपये में बर्तन धोने और ऑमलेट बनाने को हुए थे मजबूर

    पिता के निधन के सदमे से टूटकर जब मुंबई छोड़ ऋषिकेश भागे थे अभिनेता संजय मिश्रा, ढाबे पर 150 रुपये में बर्तन धोने और ऑमलेट बनाने को हुए थे मजबूर

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा जगत में अपनी बेमिसाल और सधे हुए अभिनय कला के दम पर ‘वध’, ‘भूल भुलैया’, ‘धमाल’ और ‘गोलमाल’ जैसी कई ब्लॉकबस्टर तथा कल्ट फिल्मों को सुपरहिट बनाने वाले मशहूर अभिनेता संजय मिश्रा आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। वे पर्दे पर अपने हर एक किरदार में इस कदर जीवंतता भर देते हैं कि दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ जाते हैं। वर्तमान समय में एक बेहद सफल, लोकप्रिय और करोड़ों की संपत्ति के मालिक होने के बावजूद संजय मिश्रा के जीवन में एक ऐसा अंधकारमय और हृदयविदारक दौर भी आया था, जब वे अपनी व्यक्तिगत समस्याओं से पूरी तरह टूट चुके थे। उस कठिन समय में उन्होंने मायानगरी मुंबई और अभिनय जगत को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था और मानसिक शांति व सुकून की खोज में उत्तराखंड के ऋषिकेश चले गए थे।

    अपने जीवन के उस अत्यंत संवेदनशील और संघर्षपूर्ण अध्याय को साझा करते हुए अभिनेता ने बताया कि एक समय वे शारीरिक रूप से बेहद गंभीर बीमारी की चपेट में आ गए थे। उनकी स्वास्थ्य स्थिति इस कदर बिगड़ चुकी थी कि चिकित्सकों को आपातकालीन चिकित्सा प्रक्रिया के तहत उनके पेट से लगभग 15 लीटर पस (मवाद) बाहर निकालना पड़ा था। उस दौरान उनकी स्थिति इतनी नाजुक थी कि डॉक्टरों ने उनके परिवार को स्पष्ट रूप से सचेत कर दिया था कि यदि यह जटिल ऑपरेशन सफल नहीं रहा, तो उनके जीवित बचने की संभावनाएं बेहद कम हैं। वे अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे थे और किसी तरह इस गंभीर सर्जरी से उबरने में सफल रहे।

    शारीरिक पीड़ा के इस दौर से बाहर निकलते ही अभिनेता के जीवन पर दुखों का एक और पहाड़ टूट पड़ा। जैसे ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली, उसके तुरंत बाद उनके पूजनीय पिता का अचानक देहांत हो गया। इस दोहरी मानसिक और शारीरिक त्रासदी ने उन्हें भीतर से पूरी तरह झकझोर कर रख दिया था। पिता को खोने का दुख इस कदर गहरा था कि वे मानसिक रूप से पूरी तरह असंतुलित महसूस कर रहे थे और उनका दिमाग काम करना बंद कर चुका था। जीवन से पूरी तरह से निराश और थका हुआ महसूस करने के कारण वे बिना किसी को बताए चुपचाप ऋषिकेश की ओर पलायन कर गए, जहां वे गंगा नदी के पावन तट पर एकांत में रहने लगे।

    ऋषिकेश में अपने प्रवास के दौरान उन्होंने अपनी पहचान पूरी तरह छुपाकर आजीविका चलाने के लिए गंगा किनारे स्थित एक साधारण से ढाबे पर कार्य करना प्रारंभ कर दिया। वहां वे ग्राहकों के लिए ऑमलेट बनाने का काम करने लगे। ढाबे के संचालक ने उनके सामने एक कठिन शर्त रखी थी कि उन्हें प्रतिदिन कम से कम 50 कप और बर्तन धोने होंगे, जिसके बदले में उन्हें पारिश्रमिक के रूप में मात्र 150 रुपये प्रतिदिन दिए जाएंगे। मानसिक अशांति से जूझ रहे संजय मिश्रा उस समय किसी भी प्रकार के शारीरिक श्रम के लिए सहर्ष तैयार हो गए क्योंकि वे अपने दिमाग को दुनिया भर की चिंताओं से मुक्त रखना चाहते थे।

    अपने पिता को याद करते हुए अभिनेता ने उनके साथ हुई अपनी अंतिम और भावुक बातचीत का भी स्मरण किया। उन्होंने बताया कि निधन से कुछ समय पूर्व उनके पिता ने उनसे कहा था कि वे तीन दिन पुराना चिकन क्यों खा रहे हैं, जिस पर उन्होंने अज्ञानतावश और झुंझलाहट में उत्तर दिया था कि उन्हें इस प्रकार की नसीहतों की कोई आवश्यकता नहीं है। पिता के साथ हुई यह अंतिम तीखी बहस आज भी उनके मन में एक मलाल की तरह कचोटती है। अभिनेता ने स्वीकार किया कि वे आज भी जब कभी अत्यधिक तनाव या मानसिक अशांति महसूस करते हैं, तो वे अचानक आध्यात्मिक शहरों की ओर निकल जाते हैं और सभी से संपर्क तोड़कर अपने मस्तिष्क को स्वतंत्र रखने का प्रयास करते हैं।

    वर्तमान समय की बात करें तो संजय मिश्रा अपने उस बुरे दौर को पीछे छोड़कर मनोरंजन जगत में एक बहुत बड़ा नाम बन चुके हैं। वे न केवल रूपहले पर्दे पर बल्कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर भी अपनी बेहतरीन अदाकारी का लोहा मनवा रहे हैं। आज वे एक बेहद आलीशान और लैविश लाइफस्टाइल जीते हैं तथा करोड़ों रुपये मूल्य के भव्य बंगले के स्वामी हैं। उनका यह जीवन वृत्त इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और आंतरिक शांति के बल पर मनुष्य जीवन के सबसे गहरे संकटों और दुखों से उबरकर पुनः सफलता के सर्वोच्च शिखर को प्राप्त कर सकता है।

  • फिल्म 'वाराणसी' में स्लो-मोशन एक्शन और डांस का तड़का लगाएंगी प्रियंका चोपड़ा, एसएस राजामौली के भव्य निर्देशन की जमकर की तारीफ

    फिल्म 'वाराणसी' में स्लो-मोशन एक्शन और डांस का तड़का लगाएंगी प्रियंका चोपड़ा, एसएस राजामौली के भव्य निर्देशन की जमकर की तारीफ


    नई दिल्ली ।
    वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना चुकीं जानी-मानी अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा एक लंबे अंतराल के बाद भारतीय सिनेमा जगत में अपनी दमदार वापसी करने जा रही हैं। वे जल्द ही दिग्गज फिल्मकार एसएस राजामौली द्वारा निर्देशित बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘वाराणसी’ में मुख्य भूमिका निभाती हुई नजर आएंगी। इस बड़े प्रोजेक्ट को लेकर अभिनेत्री के भीतर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है और हाल ही में उन्होंने अपने इस नए सिनेमाई सफर और राजामौली के भव्य निर्देशन कौशल की जमकर सराहना की है। यह पैन-इंडिया फिल्म अगले साल अप्रैल महीने में दुनियाभर के सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

    अभिनेत्री ने एक लोकप्रिय अंतरराष्ट्रीय पॉडकास्ट ‘हे जोनास’ के दौरान राजामौली के साथ काम करने के अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए। बातचीत के दौरान प्रियंका ने बताया कि वे इस महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट ‘वाराणसी’ पर पिछले लगभग 14 महीनों से निरंतर काम कर रही हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि एसएस राजामौली फिल्म निर्माण में अपने परफेक्शन और समय लेने के लिए जाने जाते हैं। अभिनेत्री ने कहा कि जब राजामौली ने उन्हें इस प्रोजेक्ट के लिए संपर्क किया, तो उन्हें महसूस हुआ कि यह फिल्म दुनिया भर के विभिन्न स्थानों और समय के साथ एक जबरदस्त एडवेंचर होने वाली है। उन्होंने खुलासा किया कि इस फिल्म में उन्होंने कई शानदार और चुनौतीपूर्ण स्लो-मोशन जंप सीक्वेंस भी किए हैं।

    एक अन्य अंतरराष्ट्रीय पत्रिका ‘वैरायटी’ के साथ बातचीत में प्रियंका चोपड़ा ने फिल्म की भव्यता और निर्देशक की दूरदृष्टि पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह फिल्म उनके अब तक के पूरे करियर में की गई सभी फिल्मों से बिल्कुल अलग और अनूठी है। फिल्म की शूटिंग के दौरान टीम ने अंटार्कटिका जैसे दुर्गम और खूबसूरत स्थानों की भी यात्रा की है। राजामौली की प्रशंसा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे जिस तरह की सिनेमाई दुनिया का निर्माण करते हैं, वह अत्यंत भव्य और अविश्वसनीय होती है। अभिनेत्री का मानना है कि वर्तमान समय में फिल्म निर्माण के क्षेत्र में राजामौली जैसा अनूठा विजन शायद ही किसी अन्य निर्देशक के पास हो।

    प्रियंका चोपड़ा ने फिल्म साइन करने के दौरान हुई एक दिलचस्प घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब वे भारतीय सिनेमा में अपनी वापसी को लेकर राजामौली से चर्चा कर रही थीं, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से एक विशेष शर्त रखी थी। अभिनेत्री ने निर्देशक से मजाकिया अंदाज में कहा था कि चूंकि वे लंबे समय बाद इंडियन फिल्मों में लौट रही हैं, इसलिए उन्हें एक शानदार डांस नंबर करना है। प्रियंका ने राजामौली से जोर देकर कहा था कि वे उनसे फिल्म में डांस जरूर करवाएं, क्योंकि भारतीय दर्शक उन्हें उस अवतार में देखना काफी पसंद करते हैं।

    फिल्म के निर्माण से जुड़े नवीनतम अपडेट साझा करते हुए निर्देशक एसएस राजामौली ने हाल ही में बताया है कि फिल्म के अधिकांश मुख्य एक्शन दृश्य पहले ही सफलतापूर्वक फिल्माए जा चुके हैं। वर्तमान योजना के अनुसार, इस साल के अक्तूबर महीने तक फिल्म की पूरी शूटिंग संपन्न होने की प्रबल उम्मीद है। इस भव्य फिल्म में प्रियंका चोपड़ा के साथ साउथ सिनेमा के सुपरस्टार महेश बाबू और प्रतिभाशाली अभिनेता पृथ्वीराज सुकुमारन भी अत्यंत महत्वपूर्ण किरदारों में नजर आने वाले हैं। यह फिल्म अप्रैल 2027 में बड़े पर्दे पर रिलीज होकर दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार है।

  • ‘हेरा फेरी 3’ के सस्पेंस के बीच ‘भागम भाग 2’ की तैयारी, निर्देशक राज शांडिल्य और परेश रावल ने सोशल मीडिया पर दिए बड़े संकेत

    ‘हेरा फेरी 3’ के सस्पेंस के बीच ‘भागम भाग 2’ की तैयारी, निर्देशक राज शांडिल्य और परेश रावल ने सोशल मीडिया पर दिए बड़े संकेत

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा जगत में कल्ट क्लासिक का दर्जा हासिल कर चुकी अभिनेता अक्षय कुमार और परेश रावल की प्रसिद्ध कॉमेडी फिल्म ‘भागम भाग’ के सीक्वल को लेकर मनोरंजन उद्योग में हलचल तेज हो गई है। ‘हेरा फेरी 3’ के निर्माण को लेकर चल रहे विवादों और अनिश्चितताओं के बीच, प्रसिद्ध निर्देशक राज शांडिल्य ने इस सुपरहिट कॉमेडी फ्रेंचाइजी के दूसरे भाग का निर्माण करने का एक बड़ा परोक्ष संकेत दिया है। इस घोषणा के बाद से ही सिनेमा प्रेमियों और प्रशंसकों के बीच भारी उत्सुकता देखी जा रही है, जो लंबे समय से इस प्रसिद्ध जोड़ी को दोबारा पर्दे पर देखने का इंतजार कर रहे हैं।

    इस नए घटनाक्रम की शुरुआत उस समय हुई जब निर्देशक राज शांडिल्य ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक अत्यंत उत्सुकता बढ़ाने वाला संदेश साझा किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि प्रशंसकों को बस थोड़ा और इंतजार करने की आवश्यकता है, क्योंकि जल्द ही सारे ‘सिग्नल’ खुलने वाले हैं। उल्लेखनीय है कि ‘सिग्नल’ शब्द का प्रयोग वर्ष 2006 में आई मूल फिल्म ‘भागम भाग’ के एक अत्यंत लोकप्रिय और सुपरहिट गीत के संदर्भ में किया गया था। इस मूल गीत को प्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम चक्रवर्ती ने तैयार किया था, जिसे रेमो फर्नांडीस और सुजैन डी’मेलो ने अपनी आवाज दी थी।

    इस पूरे मामले में प्रशंसकों की उत्सुकता और सिनेमाई गलियारों में चर्चा तब और अधिक बढ़ गई, जब फिल्म के मुख्य अभिनेता परेश रावल ने स्वयं इस पोस्ट पर अपनी त्वरित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने निर्देशक राज शांडिल्य के संदेश को रीपोस्ट करते हुए सकारात्मक लहजे में सहमति जताई। इस बात की पूरी संभावना व्यक्त की जा रही है कि इस बहुप्रतीक्षित सीक्वल में अक्षय कुमार मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। हालांकि, मूल फिल्म में उनके साथ सह-अभिनेता के रूप में धमाल मचाने वाले प्रसिद्ध अभिनेता गोविंदा इस नए प्रोजेक्ट का हिस्सा होंगे या नहीं, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो प्रसिद्ध निर्देशक प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी मूल फिल्म ‘भागम भाग’ ने अपने बेहतरीन स्क्रीनप्ले और हास्य दृश्यों के दम पर दर्शकों के दिलों में एक अमिट छाप छोड़ी है। इस फिल्म की मुख्य कहानी एक ड्रामा थिएटर ग्रुप के तीन कलाकारों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक नाटक के मंचन के सिलसिले में लंदन की यात्रा पर जाते हैं। वहां की यात्रा के दौरान वे अनजाने में एक बेहद पेचीदा और हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में फंस जाते हैं, जिसके बाद फिल्म में पैदा होने वाली परिस्थितियां दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर देती हैं।

    व्यावसायिक स्तर पर इस फिल्म के दूसरे भाग यानी ‘भागम भाग 2’ को धरातल पर उतारने से पहले कुछ बेहद पेचीदा कानूनी और व्यावसायिक अड़चनों का सामना करना पड़ा था। वर्ष 2026 के मार्च महीने में जब राज शांडिल्य को आधिकारिक तौर पर इस फिल्म के निर्देशन की कमान सौंपी गई, तब एक बड़ा अनुबंधात्मक विवाद सामने आया। राज शांडिल्य ने पूर्व में प्रसिद्ध फिल्म निर्माता एकता कपूर के प्रोडक्शन हाउस के साथ तीन फिल्मों का एक विशेष अनुबंध साइन किया था, जबकि यह नई फिल्म उस बैनर के अंतर्गत नहीं बन रही थी।

    इस कारण निर्माता कंपनी की ओर से उन पर अनुबंध के उल्लंघन और अग्रिम राशि न लौटाने के आरोप लगाए गए थे, क्योंकि उन्होंने अन्य प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी प्राप्त नहीं किया था। हालांकि, फिल्म जगत के लिए राहत की बात यह रही कि मई 2026 में दोनों पक्षों ने आपसी बातचीत के माध्यम से इस पूरे कानूनी विवाद को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लिया। दोनों फिल्मकारों ने सोशल मीडिया पर एक साथ तस्वीरें साझा कर इस विवाद के समाप्त होने की पुष्टि की थी, जिसके बाद अब इस कल्ट कॉमेडी फिल्म के निर्माण का मार्ग पूरी तरह से प्रशस्त हो गया है।

  • अस्पताल के बिस्तर पर एसडी बर्मन ने सुनी थी किशोर कुमार की आखिरी आवाज, 'बड़ी सूनी सूनी है जिंदगी' गाने के निर्माण की भावुक दास्तां

    अस्पताल के बिस्तर पर एसडी बर्मन ने सुनी थी किशोर कुमार की आखिरी आवाज, 'बड़ी सूनी सूनी है जिंदगी' गाने के निर्माण की भावुक दास्तां

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    नई दिल्ली ।भारतीय सिनेमा जगत में वर्ष 1975 में प्रदर्शित हुई अभिनेता अमिताभ बच्चन और अभिनेत्री जया बच्चन की प्रसिद्ध फिल्म ‘मिली’ को न केवल उसकी उत्कृष्ट कहानी बल्कि उसके सदाबहार संगीत के लिए भी याद किया जाता है। इस फिल्म की पटकथा एक ऐसी युवती के इर्द-गिर्द घूमती है जो एक लाइलाज बीमारी से पीड़ित होने के बावजूद जीवन को जिंदादिली से जीती है। इस फिल्म में कई मनोरंजक और चुलबुले गीत शामिल थे, परंतु इसका एक गीत ऐसा भी है जिसने न केवल दर्शकों को भावुक किया बल्कि उसके निर्माण की पृष्ठभूमि भी गहरे दुखों और आंसुओं से भरी हुई है। यह गीत था ‘बड़ी सूनी सूनी है जिंदगी’, जिसकी रिकॉर्डिंग के दौरान भारतीय संगीत जगत के एक महान अध्याय का अंत होने की शुरुआत हो चुकी थी।

    इस कालजयी गीत के संगीत निर्देशन की जिम्मेदारी महान संगीतकार सचिन देव बर्मन संभाल रहे थे, जिन्हें फिल्मी दुनिया में लोग आदर से सचिन दा या एसडी बर्मन कहकर पुकारते थे। जब इस विशिष्ट गीत की रिहर्सल उनके निवास स्थान पर चल रही थी, तब फिल्म के मुख्य गायक किशोर कुमार वहां गीत की बारीकियों को समझने में व्यस्त थे। इसी अभ्यास सत्र के दौरान अचानक सचिन देव बर्मन को पैरालिसिस अर्थात लकवे का एक गंभीर अटैक आया। वहां उपस्थित परिजनों और सहयोगियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तुरंत चिकित्सालय ले जाने का आग्रह किया, परंतु अपने काम के प्रति अत्यधिक समर्पित सचिन दा ने जाने से साफ मना कर दिया। उनका तर्क था कि वे एक बेहद महत्वपूर्ण गीत पर काम कर रहे हैं जिसकी रिकॉर्डिंग अगले ही दिन निर्धारित है।

    ऐसी नाजुक परिस्थिति में जब सचिन दा किसी भी कीमत पर चिकित्सालय जाने के लिए तैयार नहीं हो रहे थे, तब गायक किशोर कुमार ने स्थिति को संभालने के लिए एक संवेदनशील झूठ का सहारा लिया। उन्होंने सचिन दा के समक्ष जाकर अत्यंत सहजता से कहा कि वर्तमान में उनका गला खराब है और वे आज गायन करने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने संगीतकार से आग्रह किया कि जब तक वे चिकित्सालय से प्राथमिक उपचार कराकर लौटेंगे, तब तक उनका गला भी पूरी तरह से ठीक हो चुका होगा। किशोर कुमार की इस आत्मीय बात को मानकर सचिन दा अंततः चिकित्सालय जाने के लिए राजी हो गए और उन्हें तुरंत भर्ती कराया गया।

    अगले दिन जब स्टूडियो में इस गीत की रिकॉर्डिंग शुरू हुई, तब किशोर कुमार अपने मार्गदर्शक और पिता समान संगीतकार के बिना पूरी तरह से अकेले थे। अपने गुरु के अस्वस्थ होने के कारण वे अत्यधिक मानसिक तनाव और व्यक्तिगत दुख से गुजर रहे थे। जब उन्होंने माइक के सामने खड़े होकर ‘बड़ी सूनी सूनी है जिंदगी’ गाना शुरू किया, तो उनके भीतर का सारा व्यक्तिगत दर्द और व्याकुलता अनायास ही उनकी आवाज के माध्यम से बाहर आ गई। स्टूडियो के भीतर उपस्थित सभी सह-कलाकार और तकनीशियन किशोर कुमार के इस अत्यंत भावुक और जीवंत गायन को सुनकर स्तब्ध रह गए थे, क्योंकि उस आवाज में अभिनय नहीं बल्कि वास्तविक पीड़ा साफ महसूस हो रही थी।

    गीत की रिकॉर्डिंग सफलतापूर्वक संपन्न होने के अगले दिन सचिन देव बर्मन के सुपुत्र और प्रसिद्ध संगीतकार राहुल देव बर्मन उस रिकॉर्डेड गीत का टेप लेकर सीधे चिकित्सालय पहुंचे। चिकित्सालय के बिस्तर पर गंभीर अवस्था में लेटे हुए सचिन दा को वह गीत सुनाया गया। किशोर कुमार की मर्मस्पर्शी आवाज को सुनकर सचिन दा के चेहरे पर एक आत्मसंतोष की मुस्कान तैर गई। उन्होंने बेहद धीमे शब्दों में अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि किशोर कुमार ने इस रचना को बिल्कुल उसी रूप और भावना के साथ गाया है जैसा वे स्वयं चाहते थे। यह गीत आगे चलकर भारतीय संगीत इतिहास के सबसे सफल और लोकप्रिय गीतों में शुमार हुआ।

    चिकित्सालय के बिस्तर पर सुना गया यह गीत दुर्भाग्य से सचिन देव बर्मन के जीवन का अंतिम गीत साबित हुआ। इसके तुरंत बाद उनकी स्थिति और अधिक बिगड़ती चली गई और वे गहरे कोमा में चले गए। चिकित्सा विशेषज्ञों के तमाम प्रयासों के बावजूद वे कभी भी उस बिस्तर से उठ नहीं सके और कुछ समय पश्चात उनका निधन हो गया। किशोर कुमार द्वारा गाया गया यह दर्दभरा गीत आज भी जब गूंजता है, तो श्रोताओं को संगीत के प्रति दो महान विभूतियों के समर्पण और एक अमर गुरु-शिष्य परंपरा की याद दिला जाता है।

  • शोहरत खोने के डर से बेखौफ शहनाज गिल ने किया रिजेक्शन और मानसिक तनाव का सामना, इम्तियाज अली संग काम करने की जताई इच्छा

    शोहरत खोने के डर से बेखौफ शहनाज गिल ने किया रिजेक्शन और मानसिक तनाव का सामना, इम्तियाज अली संग काम करने की जताई इच्छा

    नई दिल्ली । हिंदी और पंजाबी सिनेमा जगत में अपनी विशेष पहचान बना चुकीं अभिनेत्री शहनाज गिल ने हाल ही में फिल्म उद्योग में अपने व्यक्तिगत अनुभवों, मानसिक चुनौतियों और करियर के प्रति अपने दृष्टिकोण पर खुलकर बात की है। अभिनेत्री ने स्वीकार किया है कि ग्लैमर की इस दुनिया में वे दैनिक स्तर पर अकेलेपन का सामना करती हैं। उनके अनुसार, फिल्म जगत की व्यस्तताओं के बावजूद एक कलाकार के जीवन में यह अकेलापन बेहद स्वाभाविक है क्योंकि यहां लोग आते-जाते रहते हैं और अंततः इंसान को अपने दम पर ही परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।

    शहनाज गिल ने अकेलेपन को एक नकारात्मक तत्व के रूप में देखने के बजाय इसे आत्ममंथन का एक माध्यम माना है। उनका मानना है कि एकांत के इन क्षणों में उन्हें विभिन्न विषयों पर गहराई से सोचने का अवसर मिलता है। हालांकि अधिक सोचने और मानसिक तनाव से उन्हें अपने काम को बेहतर करने में मदद मिलती है, लेकिन जीवन में एक ऐसे मार्गदर्शक की कमी हमेशा खलती है जो संकट या गुस्से के समय उन्हें शांत कर सके। इस चकाचौंध भरी दुनिया में वे आज भी किसी ऐसे सच्चे साथी की तलाश में हैं जो भीड़ में भी उनके अस्तित्व को समझ सके।

    फिल्म इंडस्ट्री में अपने सामाजिक दायरे पर बात करते हुए अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि बॉलीवुड में उनके करीबी दोस्तों की संख्या बेहद सीमित है। उन्होंने माना कि फिल्म जगत के बदलते समीकरणों के कारण उन्हें लोगों पर भरोसा करने में कठिनाई होती है, जिसे आमतौर पर ट्रस्ट इश्यूज कहा जाता है। यहां दोस्त बहुत जल्दी बनते और बिगड़ते हैं, जिसके कारण एक वास्तविक संबंध को पहचान पाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। उनके लिए किसी भी रिश्ते या दोस्ती में आपसी सम्मान और एक-दूसरे को बिना किसी स्वार्थ के समर्थन देना सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता है।

    करियर के मोर्चे पर बात करते हुए शहनाज गिल ने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में मिलने वाले रिजेक्शंस यानी अस्वीकृतियों के प्रति एक बेहद परिपक्व दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि वे रिजेक्शन से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ने में विश्वास रखती हैं। एक कुशल अभिनेता के रूप में खुद को स्थापित करने के लिए वे आलोचनाओं को बेहद सकारात्मक तरीके से स्वीकार करती हैं। उनका स्पष्ट मानना है कि यदि कोई उनके सीधेपन या प्रेम का गलत फायदा उठाने का प्रयास करता है, तो वे स्थिति को नियंत्रित करना और खुद को संभालना बखूबी जानती हैं।

    आगामी परियोजनाओं को लेकर अभिनेत्री ने यह साफ कर दिया है कि वे केवल संख्या बढ़ाने के लिए फिल्मों का चयन नहीं करेंगी, बल्कि उनका पूरा ध्यान गुणवत्तापूर्ण कार्यों पर केंद्रित रहेगा। वे केवल उन्हीं स्क्रिप्ट्स को स्वीकार करेंगी जो एक कलाकार के रूप में उनकी क्षमताओं को चुनौती दें। अपनी भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए उन्होंने प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली के साथ काम करने की तीव्र इच्छा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वे इस अवसर को हासिल करने के लिए लगातार सकारात्मक प्रयास कर रही हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि वे एक दिन उनकी फिल्म की मुख्य अभिनेत्री के रूप में नजर आएंगी।

    आमतौर पर फिल्म सितारों में लोकप्रियता और फेम खोने का एक अनजाना डर देखा जाता है, लेकिन शहनाज गिल ने इस धारणा को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने बेहद तार्किक रूप से कहा कि लोकप्रियता एक अस्थायी पहलू है, जो आज है और कल समाप्त हो सकता है। वे इस वास्तविकता को पूरी तरह स्वीकार करती हैं कि शोहरत के पीछे भागने के बजाय अपने काम के प्रति ईमानदार रहना ज्यादा जरूरी है। फिलहाल वे अपनी अपकमिंग पंजाबी फिल्म ‘इश्कनामा’ को लेकर चर्चा में हैं और उनका पूरा ध्यान सिनेमाई पर्दे पर बेहतरीन प्रदर्शन करने पर केंद्रित है।

  • 7 साल बाद बड़े पर्दे पर लौटेंगे गोविंदा, नई फिल्म 'रूपा' से करेंगे दमदार कमबैक; बोले- लोगों ने खत्म मान लिया था,

    7 साल बाद बड़े पर्दे पर लौटेंगे गोविंदा, नई फिल्म 'रूपा' से करेंगे दमदार कमबैक; बोले- लोगों ने खत्म मान लिया था,

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता गोविंदा ने लंबे अंतराल के बाद अपने प्रशंसकों को बड़ी खुशखबरी दी है। करीब सात वर्षों तक फिल्मों से दूर रहने के बाद उन्होंने अपनी नई फिल्म ‘रूपा’ का ऐलान कर दिया है। इस फिल्म के जरिए वह एक बार फिर बड़े पर्दे पर वापसी करेंगे। खास बात यह है कि गोविंदा इस परियोजना में केवल अभिनेता के रूप में ही नहीं, बल्कि निर्माता के तौर पर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। फिल्म की घोषणा के दौरान उन्होंने अपने करियर, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।

    फिल्म की घोषणा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में गोविंदा ने कहा कि समय-समय पर लोगों ने यह मान लिया था कि अब उनकी फिल्मी यात्रा समाप्त हो चुकी है। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले कुछ वर्षों में उनके करियर में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी। अभिनेता ने विश्वास जताया कि ‘रूपा’ उनके करियर में एक नई शुरुआत साबित होगी और दर्शकों को एक अलग अनुभव देने में सफल रहेगी। उन्होंने कहा कि हर कलाकार के जीवन में चुनौतीपूर्ण दौर आता है, लेकिन मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर वापसी हमेशा संभव होती है।

    गोविंदा ने बताया कि ‘रूपा’ केवल मनोरंजन तक सीमित फिल्म नहीं होगी, बल्कि इसमें ऐसा संदेश भी होगा जो विशेष रूप से युवा पीढ़ी को प्रेरित करेगा। उनके अनुसार फिल्म की कहानी सपनों, संघर्ष और आत्मविश्वास के इर्द-गिर्द बुनी गई है। उन्होंने कहा कि यदि युवा अपने लक्ष्य पर विश्वास बनाए रखें और लगातार प्रयास करें तो सफलता अवश्य मिलती है। इसी सोच को फिल्म के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

    फिल्म की एक और खास बात नई अभिनेत्री रानी स्वर्णकार का बॉलीवुड में पदार्पण है। गोविंदा ने उन्हें फिल्म की मुख्य अभिनेत्री के रूप में प्रस्तुत करते हुए कहा कि नए कलाकारों को अवसर देना भी इस परियोजना का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। उन्होंने विश्वास जताया कि रानी अपने अभिनय से दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाने में सफल होंगी। फिल्म के जरिए एक अनुभवी अभिनेता और एक नई प्रतिभा की जोड़ी पहली बार बड़े पर्दे पर नजर आएगी।

    कार्यक्रम के दौरान गोविंदा ने अपनी जिंदगी में अंक 14 के महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यह संख्या उनके जीवन में कई बार शुभ साबित हुई है। अभिनेता के अनुसार कम उम्र से ही उनका इस अंक पर विश्वास रहा है और करियर के कई महत्वपूर्ण पड़ाव इससे जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता और संघर्ष दोनों का दौर आया, लेकिन हर अनुभव ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। अब वह नए उत्साह और सकारात्मक सोच के साथ अपने फिल्मी सफर की नई शुरुआत कर रहे हैं।

    गोविंदा ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत वर्ष 1986 में की थी और इसके बाद उन्होंने हिंदी सिनेमा को कई यादगार फिल्में दीं। अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग, दमदार अभिनय और बेहतरीन डांस शैली के कारण उन्होंने लंबे समय तक दर्शकों के दिलों पर राज किया। 1990 के दशक में वह हिंदी फिल्म उद्योग के सबसे लोकप्रिय सितारों में गिने जाते थे और उनकी कई फिल्में व्यावसायिक रूप से बड़ी सफल रहीं। हालांकि, बाद के वर्षों में उनकी फिल्मों की संख्या कम होती गई और वह लंबे समय तक बड़े पर्दे से दूर रहे।

    अब ‘रूपा’ के साथ गोविंदा की वापसी को उनके प्रशंसकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। अभिनेता को उम्मीद है कि यह फिल्म न केवल उनके करियर को नई दिशा देगी, बल्कि दर्शकों के बीच भी एक सकारात्मक संदेश छोड़ने में सफल होगी। लंबे अंतराल के बाद उनकी वापसी को लेकर फिल्म प्रेमियों में उत्सुकता बढ़ गई है और अब सभी की निगाहें इस नई परियोजना की रिलीज पर टिकी हैं।

  • रणबीर कपूर का पुणे में बड़ा निवेश, 16.42 करोड़ रुपये में खरीदी 25 एकड़ से अधिक जमीन, रियल एस्टेट पोर्टफोलियो को मिला नया विस्तार

    रणबीर कपूर का पुणे में बड़ा निवेश, 16.42 करोड़ रुपये में खरीदी 25 एकड़ से अधिक जमीन, रियल एस्टेट पोर्टफोलियो को मिला नया विस्तार

    नई दिल्ली ।बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर ने फिल्मों के साथ-साथ रियल एस्टेट निवेश के क्षेत्र में भी एक बड़ा कदम उठाया है। अयोध्या में जमीन खरीदने के बाद अब उन्होंने महाराष्ट्र के पुणे जिले के मुलशी तालुका में करीब 25.7 एकड़ भूमि खरीदकर अपने निवेश पोर्टफोलियो का विस्तार किया है। इस सौदे की कुल कीमत 16.42 करोड़ रुपये बताई गई है। यह निवेश ऐसे समय में सामने आया है जब देश के प्रमुख शहरों और पर्यटन क्षेत्रों के आसपास भूमि निवेश को लेकर रुचि लगातार बढ़ रही है।

    उपलब्ध पंजीकरण दस्तावेजों के अनुसार यह भूमि पुणे के मुलशी तालुका स्थित पिंपरी गांव में खरीदी गई है। इस पूरी डील का पंजीकरण 30 अप्रैल 2026 को कराया गया था। खरीदी गई संपत्ति चार अलग-अलग लेकिन आपस में जुड़े भूखंडों से मिलकर बनी है। इन सभी प्लॉटों का कुल क्षेत्रफल लगभग 1,04,000 वर्ग मीटर है, जो करीब 25.7 एकड़ के बराबर है। एक साथ जुड़े हुए इन भूखंडों को भविष्य की संभावित विकास योजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    दस्तावेजों के अनुसार सबसे बड़ा भूखंड लगभग 43,800 वर्ग मीटर का है, जिसकी खरीद 7.07 करोड़ रुपये में की गई। दूसरा प्लॉट करीब 29,900 वर्ग मीटर का है और इसकी कीमत 4.62 करोड़ रुपये दर्ज की गई है। तीसरे भूखंड का क्षेत्रफल लगभग 21,400 वर्ग मीटर है, जिसे 3.31 करोड़ रुपये में खरीदा गया। वहीं सबसे छोटा 8,900 वर्ग मीटर का प्लॉट 1.39 करोड़ रुपये में खरीदा गया। चारों भूखंड एक-दूसरे से जुड़े होने के कारण यह सौदा एकीकृत भूमि निवेश के रूप में देखा जा रहा है।

    इस खरीद के लिए रणबीर कपूर ने 82.13 लाख रुपये का स्टाम्प शुल्क भी अदा किया है। हालांकि इस पूरे लेनदेन को लेकर अभिनेता या उनकी टीम की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है। ऐसे में इस भूमि के संभावित उपयोग को लेकर किसी प्रकार की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी केवल संपत्ति पंजीकरण से जुड़े आधिकारिक दस्तावेजों तक सीमित है।

    रणबीर कपूर इससे पहले भी रियल एस्टेट में निवेश कर चुके हैं। उन्होंने अयोध्या में विकसित हो रही एक प्रीमियम टाउनशिप में लगभग 3.31 करोड़ रुपये का प्लॉट खरीदा था। यह भूमि सरयू नदी के निकट विकसित की जा रही परियोजना का हिस्सा है, जहां आधुनिक आवासीय सुविधाओं और लाइफस्टाइल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की योजना बनाई गई है। लगातार दूसरे बड़े भूमि निवेश ने यह संकेत दिया है कि अभिनेता दीर्घकालिक संपत्ति निवेश पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।

    वर्कफ्रंट की बात करें तो रणबीर कपूर अपनी आगामी फिल्म ‘रामायण’ को लेकर भी लगातार चर्चा में हैं। इस बहुप्रतीक्षित फिल्म में वह भगवान राम की भूमिका निभाते नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन नितेश तिवारी कर रहे हैं और इसमें साई पल्लवी, यश, सनी देओल तथा रवि दुबे भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे। यह फिल्म दो भागों में रिलीज होगी, जिसमें पहला भाग दीपावली 2026 और दूसरा भाग दीपावली 2027 के अवसर पर सिनेमाघरों में प्रदर्शित किया जाएगा। ऐसे में एक ओर जहां उनका फिल्मी करियर नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर रियल एस्टेट क्षेत्र में उनका बढ़ता निवेश भी चर्चा का विषय बना हुआ है।