Category: Entertainment

  • विजय सेतुपति की दमदार वापसी काट्टान ने ओटीटी पर मचाया तहलका

    विजय सेतुपति की दमदार वापसी काट्टान ने ओटीटी पर मचाया तहलका


    नई दिल्ली । साउथ सिनेमा के सुपरस्टार विजय सेतुपति एक बार फिर अपनी दमदार एक्टिंग के साथ दर्शकों के सामने आए हैं उनकी नई वेब सीरीज काट्टान इन दिनों ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जबरदस्त ट्रेंड कर रही है और रिलीज के कुछ ही दिनों में यह टॉप 10 में अपनी जगह बनाने में कामयाब रही है 27 मार्च 2026 को रिलीज हुई यह एक्शन ड्रामा सीरीज दर्शकों को एक रहस्यमयी और गहराई से भरी कहानी में ले जाती है

    सीरीज की शुरुआत तमिलनाडु के एक शांत गांव से होती है जहां लंबे समय से कोई अपराध नहीं हुआ है हालात ऐसे हैं कि गांव का पुलिस स्टेशन तक बंद होने की कगार पर पहुंच जाता है लेकिन कहानी में असली मोड़ तब आता है जब एक दिन पहाड़ी पर एक कटा हुआ सिर मिलता है यह सिर मुथु का होता है जिसका किरदार विजय सेतुपति निभा रहे हैं इसके बाद कहानी एक गहरे सस्पेंस और जांच के जाल में उलझती चली जाती है और हर एपिसोड के साथ नए रहस्य सामने आते हैं

    काट्टान की सबसे बड़ी ताकत इसकी कहानी का ट्रीटमेंट और विजय सेतुपति की शानदार एक्टिंग है उन्होंने अपने किरदार में ऐसी गहराई और इमोशनल इंटेंसिटी डाली है जो दर्शकों को पूरी तरह बांधे रखती है सीरीज में सस्पेंस को धीरे धीरे बढ़ाया गया है जिससे हर एपिसोड के साथ उत्सुकता और भी ज्यादा बढ़ जाती है इसके अलावा सपोर्टिंग कास्ट ने भी अपने किरदारों के साथ पूरा न्याय किया है जिससे कहानी और भी प्रभावी बन जाती है

    हालांकि यह सीरीज हर तरह के दर्शकों के लिए नहीं है क्योंकि इसकी गति काफी धीमी है यह एक स्लो बर्न ड्रामा है जिसमें कहानी को धीरे धीरे खोला जाता है अगर आप तेज रफ्तार वाली थ्रिलर सीरीज के शौकीन हैं तो शुरुआती एपिसोड आपको थोड़े लंबे लग सकते हैं इसके अलावा कहानी में कुछ ऐसे पारिवारिक और छोटे छोटे सबप्लॉट्स भी शामिल किए गए हैं जो मुख्य कहानी से ध्यान भटका सकते हैं

    सीरीज की एक और खास बात यह है कि इसकी कहानी अलग अलग समय अवधि में चलती है जिसमें 90 के दशक से लेकर 2017 तक की घटनाओं को जोड़ा गया है ऐसे में दर्शकों को पूरी कहानी समझने के लिए ध्यान से देखना जरूरी है वरना कुछ कड़ियां छूट सकती हैं

    कुल मिलाकर काट्टान  एक ऐसी वेब सीरीज है जो सस्पेंस और इमोशनल ड्रामा का बेहतरीन मिश्रण पेश करती है यह उन दर्शकों के लिए खास तौर पर बनाई गई है जो गहराई वाली कहानी और मजबूत अभिनय को पसंद करते हैं अगर आप विजय सेतुपति के फैन हैं और एक गंभीर रहस्यमयी कहानी देखना चाहते हैं तो यह सीरीज आपके वीकेंड को खास बना सकती है

  • हेरा फेरी 3 पर संकट के बादल राइटर के बयान ने बढ़ाई फैंस की बेचैनी

    हेरा फेरी 3 पर संकट के बादल राइटर के बयान ने बढ़ाई फैंस की बेचैनी

    नई दिल्ली । हेरा फेरी 3 को लेकर फैंस की उम्मीदें एक बार फिर झटका खाती नजर आ रही हैं लंबे समय से इस फिल्म को लेकर बनते बिगड़ते हालात अब और उलझते दिख रहे हैं अक्षय कुमार सुनील शेट्टी और परेश रावल की आइकॉनिक तिकड़ी को फिर से बड़े पर्दे पर देखने का सपना अभी दूर होता नजर आ रहा है फिल्म के राइटर रोहन शंकर के ताजा बयान ने इस अनिश्चितता को और गहरा कर दिया है

    जब से हेरा फेरी 3 की घोषणा हुई है तब से यह फिल्म विवादों में घिरी रही है शुरुआत में जब तीनों सितारे साथ नजर आए तो फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला लेकिन इसके बाद अचानक परेश रावल के फिल्म से अलग होने की खबर ने सबको चौंका दिया मामला यहीं नहीं रुका बल्कि अक्षय कुमार जो इस फिल्म के प्रोड्यूसर भी हैं उन्होंने इस मुद्दे को लेकर कानूनी कदम तक उठा लिया बाद में परेश रावल के वापस आने की खबर आई जिससे उम्मीद जगी कि अब फिल्म जल्द शुरू होगी लेकिन अब तक शूटिंग शुरू नहीं हो सकी

    इसी बीच राइटर रोहन शंकर ने जो बात कही है उसने फैंस की धड़कनें और बढ़ा दी हैं उन्होंने साफ किया कि फिलहाल वह इस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं हैं हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर डायरेक्टर प्रियदर्शन इस फिल्म से जुड़े रहते हैं तो वह भी इसमें शामिल हो सकते हैं उन्होंने बताया कि बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी थी और सब कुछ लगभग तय हो गया था लेकिन कानूनी पचड़ों की वजह से मामला अटक गया

    रोहन शंकर ने प्रियदर्शन के व्यस्त शेड्यूल का भी जिक्र किया उन्होंने कहा कि प्रियदर्शन लगातार काम करने वाले फिल्ममेकर हैं हाल ही में उन्होंने भूत बंगला और हैवान जैसी फिल्मों की शूटिंग पूरी की है और अब भी उनके पास कई प्रोजेक्ट लाइन में हैं इसके अलावा वह मोहनलाल के साथ उनकी सौवीं फिल्म पर भी काम करने वाले हैं ऐसे में उनके पास समय की कमी भी एक बड़ी चुनौती बन रही है

    उन्होंने यह भी कहा कि प्रियदर्शन और अक्षय कुमार दोनों ही काम के प्रति बेहद समर्पित हैं और लगातार एक के बाद एक प्रोजेक्ट में व्यस्त रहते हैं ऐसे में यह तय कर पाना मुश्किल है कि हेरा फेरी 3 कब शुरू हो पाएगी और इसके सामने खड़ी कानूनी दिक्कतें कब तक सुलझेंगी

    फिल्म के भविष्य को लेकर पूछे जाने पर रोहन शंकर ने उम्मीद जरूर जताई लेकिन साफ जवाब देने से बचते नजर आए उन्होंने कहा कि अगर सारी समस्याएं जल्द सुलझ जाती हैं तो प्रियदर्शन इस फिल्म को जरूर बनाएंगे लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए कुछ भी निश्चित तौर पर कहना मुश्किल है

    फिलहाल इतना जरूर है कि हेरा फेरी 3 को लेकर फैंस का इंतजार लंबा खिंचता जा रहा है और हर नई अपडेट के साथ उम्मीद और निराशा के बीच झूलता यह प्रोजेक्ट अब बॉलीवुड की सबसे चर्चित लेकिन अनिश्चित फिल्मों में से एक बन चुका है

  • हनुमान बन सकते थे शाहरुख खान लेकिन एक कमी ने छीन लिया बड़ा मौका

    हनुमान बन सकते थे शाहरुख खान लेकिन एक कमी ने छीन लिया बड़ा मौका


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के किंग कहे जाने वाले शाहरुख खान से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा इन दिनों फिर चर्चा में है जब उन्हें एक हॉलीवुड फिल्म में भगवान हनुमान का किरदार निभाने का ऑफर मिला था लेकिन उन्होंने इस बड़े मौके को ठुकरा दिया था यह खुलासा उन्होंने खुद एक पुराने इंटरव्यू में किया था जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है

    यह मामला साल 2011 का है जब शाहरुख अपनी सुपरहीरो फिल्म रा.वन का प्रमोशन कर रहे थे उसी दौरान फिल्म क्रिटिक तरण आदर्श ने उनसे सुपरहीरो किरदारों को लेकर सवाल पूछा था इस पर शाहरुख ने एक पुराना अनुभव साझा करते हुए बताया कि हॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर टोनी स्कॉट ने उन्हें एक खास कॉन्सेप्ट फिल्म के लिए अप्रोच किया था

    शाहरुख के मुताबिक उस फिल्म का विचार काफी अलग और दिलचस्प था निर्देशक भगवान हनुमान को एक सुपरहीरो की तरह पेश करना चाहते थे ठीक वैसे जैसे पश्चिमी दुनिया में सुपरमैन या बैटमैन को दिखाया जाता है फिल्म की कहानी में हनुमान का किरदार आधुनिक अंदाज में होता और एक खास बात यह थी कि उनकी पूंछ केवल लड़ाई के समय ही दिखाई देती

    इतना बड़ा और अनोखा ऑफर मिलने के बावजूद शाहरुख खान ने इसे स्वीकार नहीं किया इसकी वजह भी उन्होंने साफ तौर पर बताई उन्होंने कहा कि उस समय उनकी अंग्रेजी उतनी मजबूत नहीं थी और उन्हें लगा कि वह उस किरदार के साथ पूरी तरह न्याय नहीं कर पाएंगे उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि अगर उन्हें उस समय कोई ऐसा किरदार मिलता जिसमें बोलना कम होता तो शायद वह इसे कर लेते

    इस बातचीत में शाहरुख ने अपनी एक दिली इच्छा भी जाहिर की उन्होंने कहा कि वह भारतीय पौराणिक कथाओं को आधुनिक सुपरहीरो स्टाइल में पेश करना चाहते हैं खासकर Mahabharata को एक्स मैन जैसी शैली में बनाना उनका सपना रहा है हालांकि उन्होंने यह भी माना कि ऐसा करने पर विवाद हो सकता है और लोग नाराज भी हो सकते हैं

    शाहरुख ने अपनी फिल्म रा वन का उदाहरण देते हुए कहा कि उसमें भी रामायण की झलक देखने को मिलती है उनके अनुसार जी वन और रा वन के किरदारों के जरिए उन्होंने बच्चों को हमारी पौराणिक कहानियों से जोड़ने की कोशिश की ताकि नई पीढ़ी अपने इतिहास और संस्कृति को समझ सके

    यह किस्सा न सिर्फ शाहरुख खान के करियर का एक अनोखा पहलू दिखाता है बल्कि यह भी बताता है कि कभी कभी बड़े मौके भी सही समय और आत्मविश्वास के बिना हाथ से निकल जाते हैं हालांकि आज शाहरुख जिस मुकाम पर हैं उसे देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि उन्होंने अपने फैसलों से ही अपनी अलग पहचान बनाई है

  • ‘रामायण’ में राम के रोल के लिए रणबीर कपूर ही क्यों? नितेश तिवारी ने बताई खास वजह

    ‘रामायण’ में राम के रोल के लिए रणबीर कपूर ही क्यों? नितेश तिवारी ने बताई खास वजह


    नई दिल्ली।इस साल की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शामिल Ramayan को लेकर फैंस का उत्साह चरम पर है। गुरुवार को Hanuman Jayanti के शुभ अवसर पर फिल्म का टीजर रिलीज होने जा रहा है, जिसे ‘राम’ नाम दिया गया है। इस खास मौके को और भी यादगार बनाने के लिए मेकर्स ने टीजर लॉन्च का प्लान किया है।

    क्यों चुने गए रणबीर कपूर ‘भगवान राम’ के लिए

    फिल्म के निर्देशक Nitesh Tiwari ने न्यूयॉर्क में मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि उन्होंने राम के किरदार के लिए Ranbir Kapoor को ही क्यों चुना। उनके मुताबिक, भगवान राम का व्यक्तित्व बेहद शांत, संयमित और गहराई से भरा हुआ है।

    नितेश ने कहा कि राम कम बोलने वाले थे, लेकिन उनका प्रेम असीम था। उनका दर्द शब्दों में नहीं बल्कि एहसास में झलकता है। साथ ही, इस किरदार के लिए भावनात्मक गहराई के साथ-साथ मजबूत शारीरिक क्षमता भी जरूरी है। उन्होंने साफ कहा कि रणबीर इस जटिल और चुनौतीपूर्ण भूमिका के लिए सबसे उपयुक्त अभिनेता हैं।

    फिल्म में नहीं होगा कोई ‘मॉडर्न ट्विस्ट’

    Nitesh Tiwari ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने इस फिल्म में किसी तरह का आधुनिक बदलाव नहीं किया है। उनका मानना है कि रामायण की असली ताकत उसके मूल्यों में है, जो हर दौर में प्रासंगिक और सार्वभौमिक हैं।

    उन्होंने कहा कि आज की दुनिया इन मूल्यों से दूर होती जा रही है, और यह फिल्म दर्शकों को उन्हीं मूल सिद्धांतों की याद दिलाने का प्रयास है, जिससे समाज को बेहतर दिशा मिल सके।

    शानदार स्टारकास्ट से सजी है फिल्म

    इस मेगा बजट फिल्म में Ranbir Kapoor भगवान राम की भूमिका में नजर आएंगे, जबकि Sai Pallavi माता सीता का किरदार निभा रही हैं। Ravi Dubey लक्ष्मण के रोल में होंगे और Sunny Deol हनुमान के रूप में दिखाई देंगे।

    वहीं, रावण का दमदार किरदार Yash निभाते नजर आएंगे। इसके अलावा Kajal Aggarwal, Rakul Preet Singh, Arun Govil और Lara Dutta भी अहम भूमिकाओं में शामिल हैं।

    दो पार्ट में रिलीज होगी ‘रामायण’

    फिल्म को दो भागों में बनाया गया है। पहला पार्ट इस साल दिवाली पर रिलीज होगा, जबकि दूसरा भाग Diwali 2027 पर सिनेमाघरों में आएगा। मेकर्स का लक्ष्य इस महाकाव्य को भव्य और विस्तृत रूप में पेश करना है।

    4000 करोड़ बजट के साथ बनेगी इतिहास

    फिल्म के प्रोड्यूसर Namit Malhotra ने खुलासा किया है कि दोनों पार्ट्स का कुल बजट करीब 4000 करोड़ रुपये है। इसी के साथ यह फिल्म भारतीय सिनेमा की अब तक की सबसे महंगी फिल्म बनने जा रही है।

    क्यों खास है ‘रामायण’

    भव्य स्टारकास्ट, विशाल बजट और भारतीय संस्कृति की गहराई को दर्शाती यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक अनुभव देने का वादा करती है। दर्शकों को उम्मीद है कि यह फिल्म भारतीय सिनेमा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाएगी।

  • OTT पर 3 अप्रैल का धमाका: एक साथ 12 फिल्में और सीरीज होंगी रिलीज

    OTT पर 3 अप्रैल का धमाका: एक साथ 12 फिल्में और सीरीज होंगी रिलीज


    नई दिल्ली। अप्रैल की शुरुआत ही मनोरंजन के तगड़े डोज के साथ हो रही है। 3 अप्रैल को OTT प्लेटफॉर्म्स पर फिल्मों और वेब सीरीज की भरमार लगने वाली है। अगर आप वीकेंड पर घर बैठे बिंज-वॉच का प्लान बना रहे हैं, तो यह आपके लिए परफेक्ट मौका है। इस दिन कॉमेडी, क्राइम, थ्रिलर और ड्रामा से भरपूर कुल 12 नई रिलीज़ दर्शकों का इंतजार कर रही हैं। खास बात यह है कि ये सभी कंटेंट अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स जैसे Netflix, Amazon Prime Video, ZEE5 और Apple TV+ पर उपलब्ध होंगे।

    कॉमेडी और ड्रामा का डबल डोज

    टीवी के लोकप्रिय शो पर बनी फिल्म ‘भाभीजी घर पर हैं: फन ऑन द रन’ अब थिएटर के बाद OTT पर दस्तक दे रही है। यह फिल्म अपनी हल्की-फुल्की कॉमेडी और मजेदार किरदारों के कारण दर्शकों को हंसाने के लिए तैयार है। वहीं, कोर्टरूम ड्रामा और हास्य का मिश्रण ‘मामला लीगल है सीजन 2’ भी वापसी कर रहा है, जिसमें नए केस और मजेदार ट्विस्ट देखने को मिलेंगे।

    क्राइम और थ्रिलर का बढ़ेगा रोमांच

    क्राइम ड्रामा पसंद करने वालों के लिए ‘वध 2’ बड़ी रिलीज मानी जा रही है। पहले पार्ट की सफलता के बाद इस फिल्म से भी काफी उम्मीदें हैं। इसके अलावा स्पेनिश सीरीज ‘गैंग्स ऑफ गैलिसिया सीजन 2’ और कोरियन एक्शन सीरीज ‘ब्लडहाउंड्स सीजन 2’ में अपराध की दुनिया और भी खतरनाक रूप में दिखाई जाएगी। सस्पेंस से भरपूर एक पत्रकार की कहानी भी नई थ्रिलर फिल्म में देखने को मिलेगी।

    इमोशन और इंस्पिरेशन का तड़का

    सितारे जमीन पर जैसी इमोशनल फिल्म अब OTT पर रिलीज हो रही है, जो रिश्तों और संवेदनाओं की गहराई को दर्शाती है। वहीं, ‘मां का सम’ जैसी अनोखी कहानी में एक बेटा अपनी मां के लिए परफेक्ट जीवनसाथी खोजने के लिए गणित का सहारा लेता है, जो इसे बाकी फिल्मों से अलग बनाती है।

    इंटरनेशनल कंटेंट का भी जलवा

    विदेशी कंटेंट के शौकीनों के लिए भी यह दिन खास रहेगा। ‘हाई टाइड्स सीजन 3’ और ‘यॉर फ्रेंड्स एंड नेबर्स सीजन 2’ जैसे शोज़ अपने नए सीजन के साथ रिश्तों, रहस्यों और हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल की परतें खोलेंगे।

    साउथ और एक्सपेरिमेंटल सिनेमा का तड़का

    दक्षिण भारतीय फिल्मों का क्रेज लगातार बढ़ रहा है। इसी कड़ी में ‘संप्रदायिनी सुप्पिनी सुद्दापूसनी’ और ‘वडम’ जैसी फिल्में भी रिलीज हो रही हैं, जो क्राइम, एक्शन और ग्रामीण जीवन की कहानियों को दर्शाती हैं।

    कहां देखें क्या? (OTT प्लेटफॉर्म्स)
    भाभीजी घर पर हैं: फन ऑन द रन – ZEE5
    वध 2 – Netflix
    सितारे जमीन पर – Sony LIV
    मामला लीगल है सीजन 2 – Netflix
    गैंग्स ऑफ गैलिसिया सीजन 2 – Netflix
    ब्लडहाउंड्स सीजन 2 – Netflix
    हाई टाइड्स सीजन 3 – Netflix
    यॉर फ्रेंड्स एंड नेबर्स सीजन 2 – Apple TV+
    मां का सम – Amazon Prime Video
    अन्य फिल्में – Netflix व Sun NXT
    क्यों खास है 3 अप्रैल का OTT लाइनअप?

    इस बार खास बात यह है कि हर तरह के दर्शकों के लिए कुछ न कुछ मौजूद है। चाहे आप हंसी-मजाक पसंद करते हों, सस्पेंस में दिलचस्पी रखते हों या फिर इमोशनल कहानियों के शौकीन हों—यह दिन पूरी तरह एंटरटेनमेंट से भरपूर रहने वाला है।

  • ‘रामायण’ में रणबीर कपूर निभा रहे ट्रिपल रोल, नितेश तिवारी की इस फिल्‍म का है बड़ा बजट, जाने पूरी बातें

    ‘रामायण’ में रणबीर कपूर निभा रहे ट्रिपल रोल, नितेश तिवारी की इस फिल्‍म का है बड़ा बजट, जाने पूरी बातें

    नई दिल्ली। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘रामायण’ में रणबीर कपूर ट्रिपल रोल निभा सकते हैं। वे राम के किरदार के अलावा भगवान विष्णु और महर्षि परशुराम की भूमिका में भी नजर आएंगे। खास बात यह है कि भगवान परशुराम के लुक में उन्हें पहचान पाना मुश्किल होगा। उनका यह ट्रिपल रोल भगवान विष्णु के अवतारों के संबंध को दर्शाने के लिए होगा।

    बड़ी स्टार कास्ट
    फिल्म में एक बड़ी स्टार कास्ट दिखाई देगी। रणबीर कपूर लीड रोल में राम का किरदार निभाएंगे, वहीं साई पल्लवी सीता की भूमिका में होंगी। सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में नजर आएंगे। साउथ स्टार यश रावण की भूमिका निभाएंगे। राघव जुयाल मेघनाद के रूप में नजर आ सकते हैं, जबकि काजल अग्रवाल मंदोदरी और रकुल प्रीत सिंह सुर्पनखा के रोल में दिखाई दे सकती हैं। इसके अलावा भी फिल्म में कई बॉलीवुड और साउथ स्टार्स के कैमियो की संभावना है।

    भव्य सेट और हैवी बजट
    ‘रामायण’ भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्मों में से एक मानी जा रही है, जिसका कुल बजट ₹4000 करोड़ से ज्यादा बताया गया है। अयोध्या और लंका के लिए विशाल सेट बनाए गए हैं। फिल्म के सिनेमैटिक अनुभव और हॉलीवुड लेवल के वीएफएक्स के लिए ऑस्कर विजेता कंपनी ‘डबल नेगेटिव’ (DNEG) काम कर रही है।

    म्यूजिक में दो दिग्गज
    रणबीर कपूर और साई पल्लवी की इस फिल्म के लिए ऑस्कर विजेता हंस जिमर और ए.आर. रहमान ने संगीत तैयार किया है। दोनों का साथ फिल्म की एक्साइटमेंट को और बढ़ा रहा है।

    एक्शन के लिए इंटरनेशनल एक्सपर्ट्स
    फिल्म के एक्शन सीन्स के लिए हॉलीवुड के दिग्गज स्टंट एक्सपर्ट्स को चुना गया है। ‘एवेंजर्स: एंडगेम’ के स्टंट को-ऑर्डिनेटर टेरी नोटरी और ‘थॉर: लव एंड थंडर’ के स्टंट डायरेक्टर गाइ नॉरिस फिल्म में एक्शन को इंटरनेशनल लेवल पर ले जाने के लिए काम कर रहे हैं।

  • हॉलीवुड से बॉलीवुड तक रोशन सेठ: नेहरू का किरदार और वेब सीरीज़ में दमदार प्रदर्शन

    हॉलीवुड से बॉलीवुड तक रोशन सेठ: नेहरू का किरदार और वेब सीरीज़ में दमदार प्रदर्शन


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा पर राज करने के बाद अभिनेता वैश्विक पहचान बनाने के लिए हॉलीवुड जाते हैं लेकिन एक भारतीय-ब्रिटिश मूल के अभिनेता ने हॉलीवुड छोड़ भारत में अपनी पहचान बनाने का फैसला किया। हम बात कर रहे हैं जवाहर लाल नेहरू का किरदार निभाकर लोकप्रियता पाने वाले रोशन सेठ का।

    अभिनेता 2 अप्रैल को अपना 84वां जन्मदिन मनाएंगे। बिहार के पटना में जन्मे रोशन सेठ को नहीं पता था कि बड़े होकर वे हॉलीवुड और बॉलीवुड में पहचान बनाने वाले हैं। अभिनेता की मां एंग्लो-मुस्लिम थी जबकि पिता हिंदू थे। देश के विभाजन से पहले जन्मे रोशन सेठ के पिता पटना मेडिकल कॉलेज में बायोकेमिस्ट्री के प्रोफेसर थे और रोशन को भी उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजना चाहते थे। अभिनेता ने पहले अपनी शुरुआती पढ़ाई दून स्कूल से की और फिर सेंट स्टीफन कॉलेज में जाकर आगे की पढ़ाई की। साल 1965 में रोशन ने लंदन एकेडमी ऑफ म्यूजिक एंड ड्रामेटिक आर्ट में ट्रेनिंग ली और अपनी कला को निखारने का काम किया।

    वहीं विदेश में रहकर उन्होंने कई थिएटर किए और यहीं से उनकी अभिनय की नींव मजबूत हुई। हालांकि एक ही किरदार करते-करते अभिनेता थक चुके थे और यही कारण रहा कि साल 1970 के बाद उन्होंने यूके छोड़ भारत आने का फैसला लिया। वे भारत में पत्रकार बनने के लिए आए और कुछ साल इसी फील्ड में काम किया।

    साल 1980 में अभिनेता ने भारत में रहकर ‘गांधी’ फिल्म से कमबैक किया और इस फिल्म में जवाहर लाल नेहरू का किरदार निभाया। उनका अभिनय इतना नेचुरल था कि इसके लिए उन्हें बाफ्टा अवॉर्ड में बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के लिए नॉमिनेट भी किया गया लेकिन वे अवॉर्ड लेने से चूक गए लेकिन फिल्म को ऑस्कर से नवाजा गया। ‘गांधी’ के बाद अभिनेता को हिंदी सिनेमा में पहचान मिली थी और उन्होंने बैक-टू-बैक कई फिल्मों में काम किया।

    साल 1998 में ‘भारत एक खोज’ में भी अभिनेता जवाहर लाल नेहरू के किरदार में दिखे। उन्होंने ‘इंडियाना जोंस एंड द टेम्पल ऑफ डूम,’ ‘माइ ब्यूटीफुल लॉन्डरेट और स्ट्रीट फाइटर जैसी विदेशी फिल्मों में भी काम किया, जिसके बाद वे सलमान खान की ‘एक था टाइगर,’ ‘गुरु,’ ‘मानसून वेडिंग,’ ‘सच: अ लॉन्ग जर्नी’, और ‘बॉम्बे बॉयेज़’ जैसी फिल्मों में काम किया। अभिनेता की साल 2021 में बिहाइंड हर आईज नाम की नेटफ्लिक्स की सीरीज में काम किया था, जिसमें वे एक मनोवैज्ञानिक डॉक्टर के किरदार में दिखे थे। इस सीरीज के बाद अभिनेता पर्दे से गायब हैं।

  • बॉक्स ऑफिस से आगे बढ़ा क्रेज हांगकांग में धुरंधर मैराथन ने रचा नया इतिहास

    बॉक्स ऑफिस से आगे बढ़ा क्रेज हांगकांग में धुरंधर मैराथन ने रचा नया इतिहास


    नई दिल्ली । धुरंधर 2 का जलवा अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा बल्कि दुनियाभर में इस फिल्म ने अपनी धाक जमा दी है। खासकर हांगकांग में इस फिल्म को लेकर जो दीवानगी देखने को मिल रही है वह अपने आप में एक नया रिकॉर्ड बनाती नजर आ रही है। रणवीर सिंह की इस स्पाई थ्रिलर ने विदेशी बाजारों में भी ऐसा असर छोड़ा है कि दर्शक इसे बार बार देखने के लिए तैयार हैं।

    हांगकांग में फिल्म के इसी जबरदस्त क्रेज को देखते हुए एक अनोखा इवेंट आयोजित किया जा रहा है जिसे धुरंधर मैराथन नाम दिया गया है। इस खास आयोजन में धुरंधर और धुरंधर 2 को बैक टू बैक दिखाया जाएगा। दोनों फिल्मों का कुल रनटाइम करीब 8 घंटे का है जो किसी भी दर्शक के लिए एक लंबा लेकिन रोमांचक सिनेमाई अनुभव साबित होने वाला है। दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस मैराथन स्क्रीनिंग के दौरान तीन ब्रेक भी रखे गए हैं ताकि लोग आराम से इस सफर का आनंद ले सकें।

    इस मैराथन को हांगकांग में फिल्म के डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा प्लान किया गया है। सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा करते हुए बताया गया कि यह फैसला वहां मिल रहे जबरदस्त रिस्पॉन्स के कारण लिया गया है। यह साफ दिखाता है कि फिल्म ने दर्शकों के दिलों में कितनी गहरी जगह बना ली है।

    अगर बॉक्स ऑफिस की बात करें तो धुरंधर 2 ने हांगकांग में भी शानदार प्रदर्शन किया है। खास बात यह है कि बिना चीनी सबटाइटल्स के ही इस फिल्म ने वहां 1 मिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर लिया जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। यह पहली भारतीय फिल्म बन गई है जिसने इस तरह का रिकॉर्ड बनाया।

    इतना ही नहीं महज 12 दिनों के अंदर फिल्म 2 मिलियन डॉलर के करीब पहुंच गई है और यह पूरी कमाई सिर्फ दो थिएटर्स से हुई है। यह आंकड़ा बताता है कि दर्शकों में फिल्म को लेकर कितना उत्साह है। अब जब फिल्म के लिए चीनी सबटाइटल्स भी उपलब्ध हो गए हैं तो उम्मीद की जा रही है कि इसका कलेक्शन और तेजी से बढ़ेगा।

    वैश्विक स्तर पर भी धुरंधर 2 का प्रदर्शन शानदार रहा है। ओवरसीज मार्केट में फिल्म 37 मिलियन डॉलर यानी करीब 350 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर चुकी है। यह इसे दुनिया की सबसे सफल भारतीय फिल्मों में शामिल करता है।

    इस पूरी सफलता से यह साफ हो जाता है कि अब भारतीय सिनेमा की पहुंच और प्रभाव पहले से कहीं ज्यादा बढ़ चुका है। धुरंधर 2 जैसी फिल्में न सिर्फ भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दर्शकों को आकर्षित कर रही हैं।

    हांगकांग में आयोजित हो रही यह 8 घंटे की मैराथन स्क्रीनिंग सिर्फ एक इवेंट नहीं बल्कि इस बात का प्रमाण है कि जब कंटेंट दमदार हो तो भाषा और देश की सीमाएं मायने नहीं रखतीं। रणवीर सिंह की यह फिल्म अब एक ग्लोबल फेनोमेनन बन चुकी है और आने वाले समय में इसके और भी बड़े रिकॉर्ड देखने को मिल सकते हैं

  • बॉर्डर पार की हकीकत सामने पाकिस्तान से ही मिल रही खुफिया जानकारी कर्नल भूपिंदर शाही का दावा

    बॉर्डर पार की हकीकत सामने पाकिस्तान से ही मिल रही खुफिया जानकारी कर्नल भूपिंदर शाही का दावा


    नई दिल्ली । हाल ही में रिलीज हुई फिल्म धुरंधर 2 के बाद भारत में जासूसी और खुफिया एजेंसियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। फिल्म में रणवीर सिंह द्वारा निभाया गया हमजा का किरदार लोगों को काफी आकर्षित कर रहा है और इसी के साथ असली जासूसी दुनिया को लेकर भी जिज्ञासा बढ़ी है। इसी बीच फिल्म से जुड़े मिलिट्री कंसल्टेंट कर्नल भूपिंदर शाही ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं जो पारंपरिक सोच को पूरी तरह बदल देते हैं।

    कर्नल भूपिंदर शाही के अनुसार आज के दौर में हमजा जैसे जासूसों को दुश्मन देश में भेजने की जरूरत पहले जैसी नहीं रह गई है। उन्होंने एक बातचीत में बताया कि अब हालात ऐसे बन गए हैं जहां पाकिस्तान के अंदर से ही भारत को अहम जानकारियां मिल जाती हैं। उनके मुताबिक पाकिस्तान के कई लोग अपने सिस्टम से परेशान हैं और यही वजह है कि वे खुद आगे आकर जानकारी साझा करने के लिए तैयार हो जाते हैं।

    उन्होंने यह भी बताया कि भारत के विभिन्न बॉर्डर क्षेत्रों जैसे पंजाब जम्मू कश्मीर गुजरात और राजस्थान से खुफिया इनपुट लगातार मिलते रहते हैं। जरूरत पड़ने पर संपर्क में आए लोगों को बॉर्डर के पास बुलाकर उनसे जानकारी ली जाती है और फिर उन्हें सुरक्षित वापस भेज दिया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में स्थानीय नेटवर्क और भरोसे का बड़ा रोल होता है।

    जब उनसे पूछा गया कि आखिर कोई पाकिस्तानी नागरिक भारत के लिए जासूसी क्यों करेगा तो उन्होंने साफ कहा कि इसके पीछे कई कारण होते हैं। सबसे बड़ा कारण आर्थिक तंगी है। जिन लोगों के पास रोजगार नहीं है और परिवार की जिम्मेदारी है वे पैसों के लिए यह जोखिम उठाने को तैयार हो जाते हैं। इसके अलावा कुछ लोग व्यक्तिगत कारणों बदले या असंतोष के चलते भी ऐसा कदम उठाते हैं।

    कर्नल शाही ने यह भी संकेत दिया कि एक बार नेटवर्क बन जाने के बाद वही लोग आगे और संपर्क तैयार करते हैं जिससे खुफिया तंत्र मजबूत होता जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सीमावर्ती इलाकों में काम करने वाले सामान्य पेशे के लोग जैसे मजदूर मोची नाई आदि भी इस नेटवर्क का हिस्सा बन सकते हैं क्योंकि उनकी पहुंच और स्थानीय जानकारी बेहद उपयोगी होती है।हालांकि उन्होंने कुछ दावे ऐसे भी किए जिन्हें लेकर सावधानी बरतना जरूरी है ।

    जैसे कि प्रसिद्ध लोगों के शामिल होने या अंडरवर्ल्ड से जुड़े नामों के बारे में उन्होंने केवल संभावना जताई न कि पुष्टि की। कर्नल शाही के अनुसार पाकिस्तान में आंतरिक अस्थिरता और लोगों में असंतोष भी एक बड़ा कारण है जिससे वहां के कुछ लोग भारत के साथ सहयोग करने को तैयार हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि अलग अलग कारणों से लोग जासूसी करते हैं कोई पैसों के लिए कोई विचारधारा के लिए तो कोई निजी कारणों से।

    यह पूरा परिदृश्य दिखाता है कि आधुनिक समय में जासूसी का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब यह केवल गुप्त एजेंट भेजने तक सीमित नहीं रहा बल्कि यह नेटवर्क और मानव संपर्कों पर आधारित एक जटिल प्रणाली बन चुका है। कर्नल भूपिंदर शाही की बातों से यह साफ होता है कि खुफिया दुनिया में असली ताकत जानकारी के स्रोत और भरोसेमंद नेटवर्क में छिपी होती है न कि सिर्फ किसी एक जासूस में

  • संघर्ष से सफलता तक आची मनोरमा की कहानी जिसने नौकरानी से बनकर रचा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

    संघर्ष से सफलता तक आची मनोरमा की कहानी जिसने नौकरानी से बनकर रचा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड


    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा की दुनिया में कई कलाकार आए और गए लेकिन कुछ नाम ऐसे होते हैं जो अपने संघर्ष और उपलब्धियों की वजह से हमेशा याद किए जाते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है आची मनोरमा की जिन्होंने जीवन की बेहद कठिन परिस्थितियों से निकलकर सफलता का ऐसा मुकाम हासिल किया जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह जाता है।

    एक समय था जब उनके परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि दो वक्त का खाना जुटाना भी मुश्किल हो जाता था। हालात इतने बिगड़ गए कि उन्हें अपनी पढ़ाई तक छोड़नी पड़ी और कम उम्र में ही दूसरों के घरों में नौकरानी का काम करना पड़ा। यह दौर उनके जीवन का सबसे कठिन समय था लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और परिस्थितियों से लड़ते रहने का हौसला बनाए रखा।

    कहते हैं किस्मत भी उसी का साथ देती है जो कोशिश करता है और यही बात मनोरमा के जीवन में भी सच साबित हुई। एक दिन उनके गांव में एक ड्रामा मंडली आई और अचानक एक कलाकार की तबीयत खराब हो गई। इस मौके पर मनोरमा को मंच पर आने का अवसर मिला और यहीं से उनके जीवन ने नया मोड़ ले लिया। महज 12 साल की उम्र में उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

    शुरुआती दौर में उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। फिल्मों में मौके मिले लेकिन कुछ प्रोजेक्ट पूरे नहीं हो सके। इसी दौरान उन्हें एक ड्रामा कंपनी के मैनेजर से प्यार हुआ और दोनों ने शादी भी कर ली लेकिन यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं टिक सका और पति ने उन्हें छोड़ दिया। इस व्यक्तिगत आघात ने उन्हें तोड़ा जरूर लेकिन खत्म नहीं किया।

    उन्होंने खुद को संभाला और फिर से थिएटर की दुनिया में लौट आईं। धीरे धीरे उनका करियर आगे बढ़ा और साल 1958 में फिल्म मलयित्ता मंगाई से उन्होंने सिनेमा में डेब्यू किया। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार काम करती रहीं।

    आची मनोरमा ने अपने लंबे करियर में न सिर्फ हजारों किरदार निभाए बल्कि राजनीति और सिनेमा दोनों क्षेत्रों के बड़े नामों के साथ भी काम किया। उन्होंने सी एन अन्नादुरई एम करुणानिधि एम जी रामाचंद्रन जे जयललिता और एन टी रामाराव जैसे पांच मुख्यमंत्रियों के साथ काम कर एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया।

    उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होना। आची मनोरमा ने 1500 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और लगभग 5000 स्टेज शो का हिस्सा रहीं। यह उपलब्धि उन्हें भारतीय सिनेमा की सबसे मेहनती और समर्पित अभिनेत्रियों में शामिल करती है।

    हालांकि जीवन के अंतिम वर्षों में उनकी सेहत कमजोर होने लगी और 2013 के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन से दूरी बना ली। अंततः 2015 में उनका निधन हो गया लेकिन उनकी विरासत आज भी जिंदा है।

    आची मनोरमा की कहानी सिर्फ एक अभिनेत्री की सफलता की कहानी नहीं है बल्कि यह संघर्ष धैर्य और आत्मविश्वास की मिसाल है जो यह सिखाती है कि चाहे हालात कितने भी कठिन क्यों न हों अगर इरादे मजबूत हों तो इंसान किसी भी ऊंचाई को छू सकता है